A strong wave of change is visible across Bengal, driven by women and youth; the state is ready to reject corruption, fear and syndicate raj: PM Modi in Mathurapur
PM Modi promised better infrastructure, cold storage, fish export hubs and modern technology support in Mathurapur rally, Bengal

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं अपना भाषण शुरू करूं... उससे पहले मैं देख रहा हूं... कुछ कलाकार साथी बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं। जो लोग ये पेंटिंग लेकर के आए हैं अगर आपने अपने पेंटिंग के पीछे अपना नाम पता लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद का पत्र भेजूंगा। और मेरे एसपीजी के लोगों आ रहे हैं.. उनको आप दे दीजिए मुझे पहुंच जाएगा। सारे कलेक्ट कर लीजिए... जल्दवाजी मत कीजिए.. भारत माता की...आपका पता होगा तो मेरा पत्र आपको जरूर मिलेगा। बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत मता की... अब मैं भाषण शुरू करने से पहले इस चुनाव में जो हमारे कैंडिडेट हैं, और आपलोग अपना वोट देकर जिनको एमएलए बनाने वाले हो मैं उन सबसे आग्रह करता हूं उम्मीदवारों को.. वे उम्मीदवार थोड़े आगे आ जाएं खड़े हो जाएं... जितने उम्मीदवार है वो जरा आगे आ जाएं... बहुत आगे मत जाइए भाई.. मेरे साथ बोलिए भारत माता की... मैं इनके पास जाकर के आता हूं बाद में...

जय मां गंगा…

जय मां गंगा…

जय कपिल मुनि…

आप सबाई भालो आछेन? आज काशी और गंगा के इस सेवक को...फिर से गंगा सागर आने का सौभाग्य मिला है। मैं इस पुण्यभूमि से माँ गंगा को प्रणाम करता हूँ। यहां मथुरापुर के अलावा डायमंड हार्बर, जयनगर और दूसरी जगह से भी उत्साही नागरिक भाई-बहन आए हैं। आपने यहाँ आकर अपना फैसला भी सुना दिया है। आपने ये तय कर दिया है कि....4 मई को केवल परिणाम नहीं, परिवर्तन आएगा। TMC का भय हारेगा, बीजेपी का भरोसा जीतेगा। बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... मुझे अभी मेरे मित्र राकेश जी बता रहे थे कि सुबह 9-10 बजे से लोग आ गए हैं। इतना उत्साह... और मैं देख रहा हूं जितने लोग अंदर है उससे कही ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। ये अद्भुत दृश्य है... .ये उत्साह... ये उमंग... और माताओ-बहनों की हाजिरी...नवजवानों की हाजिरी... चारों तरफ से एक ही आवाज आ रही है। गांव से, शहर से, गली से, मोहल्ले से, माताएं बोले... नौजवान बोले... हर कोई कह रहा है... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... बंगाल में परिवर्तन की आंधी चल रही है। आज पहले चरण की वोटिंग में...जिस तरह बंगाल की महिलाओं ने...बंगाल के युवाओं ने...TMC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है..वो आज पूरा देश देख रहा है। बंगाल में हो रहा बंपर मतदान...दिखा रहा है कि भय हार रहा है और भरोसे की जीत पककी है। ठीक दस दिन बाद जब वोटों की गिनती होगी...तो मुझे विश्वास है... हर तरफ कमल ही कमल खिला होगा। मैं बंगाल के लोगों से कहूंगा...खासकर के फर्स्ट टाइम वोटर्स से कहूंगा...बंगाल की निर्मम सरकार को उखाड़ फेंकने का...यही समय है...सही समय है।

साथियों,

इस विशाल जनसमूह में… इतनी बड़ी संख्या में मेरी माताएँ-बहनें हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आई है। आपकी उपस्थिति टीएमसी की नींद उड़ाने वाली है। ये आपका प्यार मेरे सिर-आंखों पर... मैं साफ देख रहा हूं बंगाल में इस बार, परिवर्तन की कमान बंगाल की बहनों ने ही संभाल रखी है। क्योंकि, निर्मम सरकार की सबसे बड़ी अगर कोई शिकार रही है तो ये हमारी महिलाएं ही रही है हमारी बेटियां रही हैं। आए दिन बलात्कार...आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाएँ....बलात्कारियों और गुंडों को TMC का खुला संरक्षण....हमारी बहन-बेटियाँ को जिस प्रकार से परेशान किया गया है। ये मेरी बहनें, ये मेरी बेटियां... बंगाल की एक-एक बेटी कभी नहीं भूल सकती।

साथियों,

तृणमूल और इन सारे दलों का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अभी कुछ दिन पहले संसद में जो कुछ हुआ...आप सबने देखा है। भाई, ये चित्र कोई बच्चा लेके आया है ले लो जरा, ये पीछे भी डिस्टर्ब कर रहा है और मुझे भी डिस्टर्ब कर रहा है। बेटा, मैं आपका बहुत आभारी हूं, आप इतना बढ़िया चित्र बनाकर ले आए हैं, ये छोटी बच्ची साथ में हैं। उसके चेहरे पर जो उत्साह है वो बड़ा गजब का है। इतनी प्यारी बच्ची है ये.. वाह.. उसके चेहरे पर जो उमंग है वो बड़ा अद्भुत है.. थैंक्यू बेटा थैंक्यू.. अगर तुम्हारा माम होगा तो चिट्ठी तेने नाम कर दूंगा। बहुत प्यारी बच्ची है।

साथियों,

बीजेपी सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव लेकर संसद में आई थी। लेकिन, TMC ने इसके खिलाफ वोटिंग की...TMC ने बंगाल की महिलाओं का हक छीन लिया। माताओं बहनों, बंगाल मां दुर्गा को पूजने वालों की धरती है। TMC ने यहाँ महिलाओं के सम्मान को जो ठेस पहुंचाई है....उनके ऊपर जो अत्याचार हुए हैं... आपका एक वोट इसका हिसाब करेगा। अब अन्याय नहीं सहना है। बहुत हो चुका है, 15 साल तक जुल्म करते रहे.. अब नहीं चलेगा.. आर नोय आर नोय एखोन बदोल चाई.. एखोन बदोल चाई.. बदोल चाई

साथियों,

बंगाल ने तीन दशक तक लेफ्ट वालों का कुशासन सहा था। इसीलिए, बंगाल की जनता ने TMC को मौका दिया, लेफ्ट वालों को भगाया। एक बार नहीं, 3-3 बार, 15 साल तक मौका दिया। भाइयों बहनों, एक ओर केंद्र में बीजेपी के 11 साल का कार्यकाल है...दूसरी ओर, बंगाल में TMC के 15 साल हैं। हमने 11 साल में देश के हर गाँव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में 4 करोड़ गरीबों को पीएम-आवास दिया। हमने 11 साल में गरीबों के घर में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए। हमने 11 साल में 55 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक में जनधन खाते खुलवाए। हमने 11 साल में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया। 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज की गारंटी दी। करीब 10 करोड़ किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा। 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला।

साथियों,

ये लिस्ट इतनी लंबी है... अगर मैं गिनाना शुरू करूं तो शाम हो जाएगी

शाम हो जाएगी, लेकिन बीजेपी के कामों की गिनती पूरी नहीं होगी।

लेकिन भाइयों बहनों, 15 साल में TMC ने बंगाल को क्या दिया?

केवल झूठे वादे, और धोखा! बाढ़ से निपटने के लिए TMC ने घाटल मास्टर प्लान लाने का वादा किया था। क्या मिला- धोखा! हर डिस्ट्रिक्ट में एक मेगा फूड पार्क बनाने की घोषणा हुई थी। क्या मिला- धोखा! TMC ने 2 हजार बड़ी इंडस्ट्री लगाने की बात कही थी। क्या मिला- धोखा!

साथियों,

TMC के झूठे वादे उन वादों का सबसे बड़ा भुक्तभोगी ये हमारे मथुरापुर के लोग हैं। यहाँ पूरे देश से लाखों लोग गंगा सागर आते हैं। लेकिन आज भी यहां के लोगों को फेरी पर निर्भर रहना पड़ता है। आज भी गंगा सागर तक एक पक्का पुल नहीं है! हर बार चुनाव के समय वादा....और, चुनाव के बाद गायब! TMC वर्षों से इसी फॉर्मूले पर चल रही है।

साथियों,

नदी के किनारे तटबंध का भी हाल बहुत बुरा है। हर साल यहाँ बाढ़ आती है। लोगों के घर उजड़ते हैं। खेतों में पानी घुसने से फसल बर्बाद हो जाती है। लेकिन, निर्मम सरकार को आपकी तकलीफ से कोई फर्क नहीं पड़ता। भाइयों बहनों, यहाँ TMC सरकार खुद तो कोई काम नहीं करती है... केंद्र सरकार के हर काम में भी रोड़े अटकाती रहती है। बाढ़ और तूफान से राहत के लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपए भेजे थे। आप में से किसी के पास भी एक कानी पाई पहुंची नहीं है। एक रुपया पहुंचा नहीं है। TMC तो केंद्र सरकार का भी पैसा खा जाती है।

साथियों,

बंगाल से ये आफत तभी हटेगी, जब यहां बीजेपी का सीएम होगा... और पीएम तो आपने बीजेपी का बना दिया है।

पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते!

साथियों,

बंगाल की निर्मम सरकार को सिर्फ अपने हितों की चिंता है, उसे आपके सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है। इसका एक उदाहरण है- मथुरापुर का भंग मेला। हमारे मथुरापुर के कारीगरों ने कबाड़ से कंचन बनाने का अभियान चला रखा है। लेकिन भंग मेले को राज्य सरकार से वो सपोर्ट नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। यह मेला राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा सबूत है। साथियों, बीजेपी का संकल्प है, मथुरापुर के इस भंग मेले को हम “स्वच्छ भारत मिशन” का एक गौरव बनाएँगे। हम इस मेले के कारीगरों को डिजिटल स्किल देंगे,... उन्हें सेफ्टी गियर देंगे, और मेला स्थान को एक व्यवस्थित मार्केट हब बनाएँगे।

साथियों,

बंगाल की विरासत और बंगाल का सामर्थ्य पूरी दुनिया जानती है।

लेकिन इस सामर्थ्य पर TMC कुंडली मारकर बैठ गई है। यहां बिना करप्शन के कोई काम नहीं होता। हर काम में TMC को कटमनी चाहिए! हर जगह TMC के सिंडीकेट के लोग बैठे हैं। नौकरी चाहिए... तो भर्ती परीक्षा में करप्शन होता है! नौकरी किसको मिलेगी…. TMC वाले पैसा खाकर तय करते हैं। साथियों, बंगाल में अगर किसी जमीन खरीदनी होती है...तो, उसमें भी बीच में ‘दादा मस्तान’ को पैसा देना पड़ता है! दादा मस्तान के गुंडा टैक्स से गरीब और मिडिल क्लास सबसे ज्यादा परेशान है। घर बनाने में भी सिंडिकेट की मंजूरी लगती है। दोस्तो, अब आगे जगह नहीं है, जहा हैं वहीं रुकिए। आपका ये प्यार ये आशीर्वाद, ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। अब आगे जगह नहीं है आप कहां जाओगे...प्लीज जहां है आप वहीं से मुझे सुनिए आपका प्यार आपका आशीर्वाद ये मेरे सर आंखो पर है। साथियों, राशन लेना हो… तो भी कटमनी देनी पड़ती है। यहां तक कि, खेत में किसान मेहनत करता है, पसीना बहाता है....लेकिन, मथुरापुर मंडी में TMC का सिंडिकेट बैठा है। वहाँ उसको कटमनी देनी पड़ती है।

भाइयों बहनों,

15 साल के इस सिंडिकेट सिस्टम की एक्सपायरी डेट आ गई है। वो एक्सपायरी डेट आप लिखकर रखिए....वो तारीख है- 4 मई...

मैं TMC के गुंडों से भी कहना चाहता हूँ.... 4 मई, ये TMC के सिंडिकेट और महाजंगलराज की एक्सपायरी डेट है। 4 मई के बाद इस लूट का पूरा हिसाब होगा। आर काटमानीर खेला... चोलबे ना, काटमानीर खेला... काटमानीर खेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... चोलबे ना,

साथियों,

मथुरापुर और ये क्षेत्र समुद्र किनारे बसा है। समुद्र से जुड़ी कितनी असीम संभावनाएं इस क्षेत्र के पास हैं। लेकिन, TMC सरकार की वजह से यहाँ का मछुआरा समाज परेशानियों से घिरा हुआ है। यहाँ कोल्ड स्टोरेज की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं, हमारे मछुआरा भाई-बहन इतनी मेहनत करते हैं... उन्हें जो आय हो सकती है, वो नहीं मिलती है।

क्योंकि, समंदर में TMC की प्राथमिकता ही दूसरी है! यहाँ समंदर के जरिए तस्करी और स्मगलिंग के कारोबार चल रहे हैं। गोल्ड की तस्करी... ड्रग्स की तस्करी....अवैध हथियारों की तस्करी...TMC सरकार ऐसे सभी अपराधों को संरक्षण देने में लगी है। इससे इस क्षेत्र की सुरक्षा, यहाँ के बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।

साथियों,

भाजपा सरकार में समंदर सुरक्षित भी बनेगा… और, बंगाल की समृद्धि का स्रोत भी बनेगा। ये बीजेपी सरकार ही है.... जिसने केंद्र में पहली बार मत्स्य पालन के लिए अलग से मंत्रालय बनाया। हम ब्लू कोनॉमी को आगे बढ़ाने में लगे हैं। हमने मछली पालन से जुड़े भाई-बहनों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा है। समंदर में जाने वाले हमारे मछुआरा भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हो... उन्हें मछ्ली पकड़ने के लिए बेहतर जानकारी मिले...इसके लिए हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। बंगाल में भी, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ‘फिश एक्सपोर्टिंग हब’ बनाने का ऐलान किया है।

साथियों,

बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही मछुआरों की समस्याओं पर फोकस किया जाएगा। हमारा प्रयास यह है कि काकद्वीप का मछुआरा सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, उसकी मछली बड़े शहरों तक पहुंचे, देश के बाहर भी जाए। इससे यहां के हर परिवार की आय बढ़ेगी,  युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।

साथियों,

TMC ने कैसे यहां के समंदर को असुरक्षित कर दिया है...इसका मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं। पिछले दिनों काकद्वीप में अनेक घुसपैठिए मछुआरे पकड़े गए। वो यहाँ आते-जाते रहे, यहां अवैध काम करते रहे… किसके संरक्षण पर? TMC सरकार के संरक्षण पर! वो घुसपैठिए यहाँ किसका हक मार रहे थे? हमारे बंगाल के मछुआरों का, यहाँ के स्थानीय लोगों का हक मार रहे थे। इसका विरोध होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? लेकिन टीएमसी चाहती है कि घुसपैठियों को ना रोका जाए। जब भी मैं घुसपैठियों पर कार्रवाई की बात करता हूं, तो टीएमसी इसका विरोध करती है। एक टीएमसी विधायक ने तो स्वीकार किया है कि पैसे लेकर बांग्लादेशियों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया। आप सोचिए, अपना वोटबैंक बढ़ाने के लिए TMC किस हद तक जा चुकी है। ये बंगाल के लोगों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। ये देश की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है।

साथियों,

भाजपा का संकल्प है कि हम घुसपैठ के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे। बीजेपी सरकार में बंगाली मानुष सुरक्षित और निश्चिंत होकर रहेंगे। साथियों,TMC सरकार, यहां हर दिन लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रही है। कृष्ण चंद्रपुर ग्राम पंचायत में लोकतंत्र की शर्मनाक तस्वीर कोई नहीं भूल सकता। जनता ने जिन्हें चुनकर भेजा, उन विजयी प्रत्याशियों को क्या मिला? उन्हें विकास का मौका नहीं मिला...उन्हें अपहरण का अभिशाप मिला। क्यों? क्योंकि वे सत्ता के दबाव में झुकने को तैयार नहीं थे। मैं मथुरापुर की जनता से पूछना चाहता हूँ... क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं, जो आपके चुने हुए प्रतिनिधि को ही अगवा कर ले? दुर्भाग्य से बंगाल में अभी ऐसी ही सरकार है... जिसे अब आपको मिलकर हटाना ही होगा।

साथियों,

बंगाल की इस धरती ने सदियों पहले राजा प्रताप आदित्य जैसे वीर को जन्म दिया था। इस धरती से तेभागा आंदोलन में किसान और मजदूर अपने अधिकारों के लिए खड़े हुए। जब भी किसी ने अधिकार छीना, यहां के लोगों ने आवाज उठाई। बंगाल को कभी डराया नहीं जा सकता।

बंगाल पूरे भारत को दिशा दिखाने की ताकत रखता है। हमें एक ऐसे बंगाल के लिए वोट देना है...जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो और विकसित हो! मैं आप सबसे अपील करता हूँ....आप बीजेपी के जो हमारे उम्मीदवार है इन सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाइए। आप इतनी बड़ी तादाद में आए, मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत मता की... भारत माता की... भारत माता की.. वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... बहुत-बहुत धन्यवाद।

Explore More
ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਜਨਮ-ਭੂਮੀ ਮੰਦਿਰ ਧਵਜਾਰੋਹਣ ਉਤਸਵ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦਾ ਪੰਜਾਬੀ ਅਨੁਵਾਦ

Popular Speeches

ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਜਨਮ-ਭੂਮੀ ਮੰਦਿਰ ਧਵਜਾਰੋਹਣ ਉਤਸਵ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦਾ ਪੰਜਾਬੀ ਅਨੁਵਾਦ
India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects

Media Coverage

India identifies 102 GWp floating solar potential, eyes new push for reservoir-based projects
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM chairs 11th Governing Council Meeting of NITI Aayog
June 11, 2026
Vision of Viksit Bharat should become the collective resolve of every State, district, block and village: PM
PM calls India's 70 crore youth its asset, urges States to transform this Demographic dividend into Development dividend
PM encourages States to create opportunities for youth and MSMEs and actively attract investments from countries with which India has signed FTAs
States to strengthen ODOP and leverage opportunities in defence manufacturing: PM
PM emphasizes that AI should be viewed as an opportunity and people should be equipped with future ready skills
PM highlights the need for coordinated efforts to address emerging social challenges such as drug abuse and cyber fraud
PM draws attention to concerns arising from El Niño and urges States to conserve water and promote natural farming
CMs/LGs/Administrators congratulate PM Modi on completing 12 years in office
States express solidarity with the Centre to withstand the global geo-political crisis and to strengthen India’s resilience
All States and 5 UTs attend meeting; first time when CMs of all 28 States participate
Theme of meeting : Inclusive Human Development for Viksit Bharat@2047

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 11th Governing Council Meeting of NITI Aayog at Rashtrapati Bhavan Cultural Centre, New Delhi, earlier today. This year’s theme was Inclusive Human Development for Viksit Bharat@2047. It was attended by Chief Ministers, Lt. Governors and Administrators representing 28 States and 5 UTs. This was the first time when Chief Ministers of all 28 States participated in the Governing Council Meeting of NITI Aayog.

Prime Minister noted that at a time when many major economies are facing uncertainty and economic challenges, India’s growth story continues to inspire the world. He emphasized the need to further strengthen the nation’s resolve towards self-reliance and highlighted the importance of adopting and implementing global best practices, particularly in the renewable energy sector.

Underscoring the importance of cooperative federalism, Prime Minister stated that the Centre and the States must work together to achieve the goal of a Viksit Bharat. He stressed that the vision of Viksit Bharat should become the collective resolve of every State, district, block and village.

Highlighting the strength of India’s demographic profile, Prime Minister observed that the country’s youth constitute its greatest asset, with nearly 70 crore Indians below the age of 25 years. Calling this a demographic dividend, he urged States to focus on transforming it into a development dividend through education, skilling and capacity-building initiatives that prepare young people for future opportunities and challenges.

Referring to India’s recently concluded trade agreements with several countries, Prime Minister encouraged States to create opportunities for youth and MSMEs and to equip stakeholders to effectively leverage the benefits arising from these agreements. He also urged States to actively attract investments from partner countries.

Emphasizing women-led development, Prime Minister called upon States to work towards increasing the number of Lakhpati Didis from 3 crore to 6 crore and stressed the importance of ensuring a safe and secure environment for Nari Shakti.

Prime Minister urged States to focus on One District One Product (ODOP) initiatives and develop export-oriented strategies around it. He also identified defence manufacturing as an emerging sector where India is establishing a distinct identity and encouraged States to formulate policies to leverage the opportunities arising from its growth.

Prime Minister highlighted the need for coordinated efforts to address emerging social challenges such as drug abuse and cyber fraud through preventive measures, awareness campaigns and effective governance.

Prime Minister also drew attention to concerns arising from El Niño conditions and appealed to States to promote water conservation and encourage natural and organic farming practices. He noted that the purchase of 11 lakh tonnes of organic manure by farmers during the current Kharif season reflected growing confidence in sustainable agriculture.

Prime Minister emphasized the need to evaluate progress at the district level, particularly through aspirational district parameters. Prime Minister suggested that on similar lines, 100 districts should be identified in the field of agriculture to bring positive results. He urged the States to take lead in this pursuit so that a phenomenal change can be achieved through the aspirational approach.

Prime Minister emphasised the need for a monitoring framework and targeted 100-day and five-year goals towards achieving the vision of Viksit Bharat@2047.

Highlighting the importance of good governance, transparency, and infrastructure for attracting investment, he urged States to focus on branding, ease of doing business, and emerging opportunities in sectors such as data centres and artificial intelligence. He emphasized that AI should be viewed as an opportunity and called for greater efforts to equip people with the skills required for the future economy.

The Chief Ministers/Lt. Governors/Administrators congratulated Prime Minister Modi on completing 12 years in his office. They also expressed solidarity with the Centre to withstand the global geo-political crisis and to strengthen India’s resilience with respect to energy requirements, and sustain its growth trajectory.

Prime Minister noted that the discussions were constructive and reflected the aspirations, hopes, experiences, best practices, and challenges of the States. Prime Minister expressed his gratitude to all the CMs, LGs and Administrators for participating in the meeting and expressed confidence that Together, through cooperation, innovation, and a shared commitment to development, India can accelerate its journey towards a Viksit Bharat by 2047.