4 May will mark BJP’s victory in Bengal… “mithai bhi bategi aur jhalmuri bhi”: PM Modi in Krishnanagar rally
PM Modi outlines 10 guarantees for women in Bengal, promises their fulfilment

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं मेरा भाषण प्रारंभ करूं... उसके पहले मैं देख रहा हूं... बहुत सारे मेरे बाल मित्र, मेरे कलाकार मित्र, हमारी बेटियां बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं। कुछ लोगों ने मेरी मां का भी चित्र बनाया है। मैं आप सबसे प्रार्थना करता हूं कि आप मेरे एसपीजी के लो इन्हें कलेक्ट कर लेंगे.. आप उनको दे दीजिए ये मुझे पहुंच जाएगा और अगर पीछे आपने अपना नाम पता लिका है एड्रेस लिखा है तो मैं जरूर आपको धन्यवाद की चिट्ठी भेजूंगा। और मैं एसपीजी के लोगों को भी कहूगा.. सारे कलेक्ट कर लीजिए... जल्दवाजी मत कीजिए.. भारत माता की... भारत माता की ... भारत माता की... जो इस चुनाव में उम्मीदवार है उनसे मेरा आग्रह है जो कैंडिडेट हैं वो जरा आगे आ जाएं.. जो उम्मीदवार हैं इस चुनाव में.. ऐसेंबली का चुनाव जो लड़ रहे हैं... मैं जरा हमारे उन उम्मीदवारों को मिलकर के आता हूं... बोलिए भारत माता की...

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...

हरे कृष्णा...कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे...हरे रामा...रामा-रामा हरे-हरे...

जय गौरांग महाप्रभु! आमार शोकल बांगाली भाई ओ बोनेदेर…

आमार ओन्तोरिक शुभेच्छा!

साथियों,

आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग चल रही है। आज तमिलनाडु में भी मतदान हो रहा है...मैं सभी मतदाता साथियों का अभिनंदन करता हूं। मेरा सभी मतदाताओं से आग्रह है कि इस बार मतदान के नए रिक़ॉर्ड बनने चाहिए। लोकतंत्र का ये उत्सव...हमें पूरे जोश से मनाना है। और मैं देख रहा हूं... मैं जब से राजनीति में आया हूं, मैं शायद कह सकता हूं ये पहला ऐसा चुनाव है पिछले 50 साल में। पिछले 50 साल में पहला चुनाव ऐसा है, जिसमें हिंसा कम से कम हुई है। वरना हर हफ्ता किसी को फांसी पर लटका देते थे और बोलते थे आत्महत्या कर ली। यानि एक प्रकार से गुंडाराज चलता था। मैं एलेक्शन कमीशन का हृदय से अभिनंदन करता हूं, उन्होंने लोकतंत्र की फिर से एक बार बंगाल की धरती पर प्रतिष्टा की है। शांतिपूर्ण मतदान करवाने में इलेक्शन कमीशन की सफलता ये बहुत बड़ी सिद्धी है। मैं यहां के सरकारी कर्मचारियों का भी अभिनंदन करता हूं कि वे भी इस बार शांतिपूर्ण मतदान कराने में बहुत जिम्मेवारी पूर्वक अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। और अब तक जो मुझे जानकारी मिली है मतदान भी पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

साथियों,

नादिया, भक्ति की धरती है...शक्ति, क्रांति और संस्कृति की धरती है। और आज इस धरती पर...मैं पोरिबोर्तन की आंधी देख रहा हूं। ये परिबोर्तन की आंधी है। कृष्णानगर में आज, भॉय पर भरोसे की विजय का विश्वास दिख रहा है। ये उत्साह, ये उमंग... ये जोश भरोसे का है। भय जा रहा है भरोसा आगे बढ़ रहा है। बरसों से जिनकी आवाज़ को दबाकर रखा गया था...वो अब एक सुर में बोल रहे हैं... गांव-गांव बोल रहे है... गली-गली बोल रहे हैं.... स्त्री-पुरुष सब बोल रहे हैं...युवा-बुजुर्ग सब बोल रहे हैं... एक ही आवाज... पालटानो दोरकार… पालटानो दोरकार… पालटानो दोरकार… पालटानो दोरकार… पालटानो दोरकार…

साथियों,

कुछ दिनों पहले असम, केरलम और पुडुचेरी में भी मतदान संपन्न हुआ है। वहां भी रिकॉर्ड मतदान हुआ है। पहले भी हमने देखा है...देश में जहां-जहां भारी मतदान हुआ है...वहां बीजेपी को प्रचंड विजय मिली है। प्रचंड विजय मिली है… बेटे गिर जाओगे... बैठो बेटा… परमात्मा आपको सुखी रखे… बैठो बेटा गिर जाओगे... आपके हाथ में जो कमल वो खिलने वाला है… बैठो बेटा... ऐसा है आप बैठिए अपनी जगह पर, कहीं चोट लग जाएगी.. साथियों जहां-जहां ये स्थिति बनी विजय प्राप्त हुआ। इसलिए बीजेपी-NDA की विजय का परचम पूरी शक्ति से लहराना है, ये लहराने वाला है। कमल खिलना तय है। 4 मई को बंगाल में भी बीजेपी की विजय का जश्न होगा...मिठाई भी बंटेगी....और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी...वैसे मैंने सुना है...झालमुरी ने भी कुछ लोगों को झन्नाटेदार झटका दिया है। झालमुरी मैंने खाई..लेकिन झाल टीएमसी को लगी है !

साथियों,

यहां तो टीएमसी के विधायकों, मंत्रियों...लोकल नेताओं और इनके सिंडिकेट के खिलाफ इतना गुस्सा है...इतना गुस्सा है...कि कई जिलों में टीएमसी का खाता तक नहीं खुलेगा। मैं बिल्कुल विश्वास से कहता हूं। मैंने इस बार बंगाल में बहुत दौरा किया है और जो उत्साह देखा है, माताओं-बहनों में जो जुनून देखा है और इसलिए… तृणमूलेर जावा निश्चितो !

साथियों,

15 साल पहले वाम के विरुद्ध जनता ने बिगुल फूंका था। आज तृणमूल के जंगलराज के विरुद्ध...बंगाल की जनता हर गली-मोहल्ले में शंख फूंक रही है, जनता-जनार्दन मैदान में है। मैं देख रहा हूं ये चुनाव हमलोग नहीं लड़ रहे हैं। ना मोदी लड़ रहा है ना मेरे साथी लड़ रहे हैं। इस बार बंगाल का चुनाव बंगाल की जनता-जनार्दन लड़ रही है। चुनाव का नेतृत्व बंगाल की जनता-जनार्दन के हाथ में है। मैं जहां भी जा रहा हूं, लोग एक ही बात कहते हैं...कि अब बहुत हो गया.. एनफ इज एनफ
आर नॉय... अनेक होलो… आर नॉय ! 15 साल बाद ये साफ-साफ दिख रहा है...बंगाल के किसान, खेत से लेकर मंडी तक, हर भॉय से मुक्ति के लिए वोट दे रहे हैं। बंगाल के सरकारी कर्मचारी, TMC के भॉय से बाहर निकलने के लिए वोट दे रहे हैं। बंगाल के डॉक्टर भॉय से मुक्त होकर, एक बेहतर सिस्टम के लिए वोट दे रहा है। यहां के वकील, सच्चा न्याय दिलाने के लिए वोट दे रहे हैं। शिक्षक, भॉयमुक्त स्कूल-कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए मतदान कर रहे हैं। दुकानदार, रिक्शा वाले -टैक्सी वाले...TMC के सिंडिकेट से मुक्ति के लिए वोट कर रहे हैं। और बंगाल की पुलिस भी...गुंड़ों से आदेश लेने के बजाय जनता की की सेवा के लिए वोट डाल रहे है। यानि बंगाल में हर क्षेत्र, हर वर्ग...अब BJP के भरोसे को, एक मौका देना चाहता है। हर कोई कह रहा है... भॉय OUT…भोरशा-IN… भरोसा... भरोसा.. बीजेपी को भोट दीन !

साथियों,

TMC की निर्मम सरकार की पहचान है- झूठ बोलो, झांसा दो। 15 साल के इनके हर वादे...आधे-अधूरे हैं... आप इनके महाझूठ देख लीजिए... इन्होंने हर ब्लॉक में मॉडल रेजीडेंशियल स्कूल बनाने की घोषणा की थी। लेकिन हुआ क्या? बंगाल में सैकड़ों स्कूल बंद हो गए।

साथियों,

TMC ने घर-घर पाइप से पानी पहुंचाने का वायदा किया था। हर घर नल तो नहीं पहुंचा...लेकिन जल-भराव का गंदा पानी आपके घर-द्वार तक ज़रूर आ गया। साथियों,TMC ने 10 लाख MSMEs और हज़ारों बड़े उद्योग लगाने का वायदा किया था। लेकिन बीते सालों में यहां हज़ारों फैक्ट्रियां बंद हो गईं... जूट मिलों में ताले लगा दिए गए।

साथियों,

यहां आप सभी को अस्पताल से जुड़ी कितनी सारी परेशानियां हैं। TMC की दुर्नीति ऐसी है...कि इन्होंने कल्याणी एम्स के लिए भी कदम-कदम पर रुकावटें डालीं। लेकिन बीजेपी सरकार ने इसके बावजूद एम्स पूरा किया... और आज ये एम्स आपको अपनी सेवाएं दे रहा है। लेकिन साथियों, तृणमूल ने धुबुलिया के टीबी अस्पताल के साथ क्या किया... ये आप सभी जानते हैं। हर चुनाव में इस अस्पताल को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन आज तक वो वादे पूरे नहीं हुए।

साथियों,

TMC का लूट का मॉडल, यहां की नगरपालिका में सबने देखा है। ये शहर बेहाल है...सड़कें, ड्रैनेज, नदी से होने वाला कटाव...यानि चारों तरफ परेशानियां ही परेशानियां हैं। लेकिन TMC के लोग, सिर्फ लूटने में ही बिज़ी हैं।

साथियों,

कृष्णानगर की पहचान यहां की नदियों से है। जलंगी नदी, जिसे हम प्यार से 'खोरे' कहते हैं...आज बहुत बुरी स्थिति में पहुंच गई है। अंजना नदी को तो 'लैंड माफिया' ने चुरा ही लिया है! निर्मम सरकार में नदियाँ भी सुरक्षित नहीं हैं। साथियों, टीएमसी का ये महा-जंगलराज... अब नहीं चलेगा...‘एई शब.. चलबे ना’! एई शब... एई शब... एई शब....कानून, अत्याचारियों और भ्रष्टाचारियों का पूरा हिसाब करेगा। जिसने आपको लूटा है...उसको लौटाना पड़ेगा।

साथियों,

आप सभी जानते हैं... मोदी का मंत्र है- 'सबका साथ, सबका विकास', और 'निर्मम सरकार कहती है… करती है… 'घुसपैठियों का साथ, घुसपैठियो का विकास। तृणमूल के लोग...घुसपैठियों को फर्ज़ी डॉक्यूमेंट्स बनाने की दुकानें चलाते हैं...घुसपैठ कराते हैं...यहां उनको झुग्गियों में बसाते हैं। TMC की ऐसी हर दुकान को बंद करना ज़रूरी है। सीमा तभी सुरक्षित रहती है...जब पुलिस, सेना, BSF और नागरिक...ये सभी मिलकर काम करते हैं। 4 मई के बाद... बगाल में भी सुरक्षा की नई गारंटी शुरू होने वाली है।

साथियों,

मैं श्री हरीचांद ठाकुर, श्री गुरुचांद ठाकुर और बॉरो माँ को प्रणाम करते हुए...एक भरोसा देने यहां आया हूं। हमारे किसी भी मतुआ परिवार, नामशूद्र परिवार, शरणार्थी परिवार को...तृणमूल से भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है। आपको कोई हाथ भी नहीं लगा सकता है। जो भी शरणार्थी है... जो भी धर्म के आधार पर हुई प्रताड़ना के कारण… मुसीबतों के कारण… अपने धर्म के प्रति स्वाभिमान के कारण भारत आए हैं...मोदी उनके साथ खड़ा है। बंगाल में बीजेपी सरकार बनते ही... CAA के तहत नागरिकता देने का काम और तेज़ होगा।आपको हर वो कागज़ मिलेगा...हर उस योजना का लाभ मिलेगा... जो किसी भी भारतीय को मिलता है। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

TMC के महा-जंगलराज का बहुत बड़ा नुकसान...हमारी बहनों-बेटियों को उठाना पड़ा है। हंसखाली में एक नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप और हत्या...ये TMC के भय वाले मॉडल का ही उदाहरण है। यहां बेटियों की तस्करी की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। इस भय से बंगाल की बेटियों को मुक्ति चाहिए।

साथियों,

टीएमसी बंगाल की बहनों का सच्चा सशक्तिकरण कभी भी नहीं कर सकती... इसका उदाहरण आपने पिछले हफ्ते संसद में भी देखा है। बीजेपी, संसद और विधानसभा में... महिलाओं के लिए तैंतीस परसेंट आरक्षण को लागू करना चाहती है। संसद में इस पर चर्चा हुई। लेकिन टीएमसी नहीं चाहती थी कि बंगाल की बहनों को ज्यादा सीटें मिलें। इसलिए इन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर... संसद में कानून को रोक दिया। बंगाल की हर महिला, TMC को इस अपराध की सज़ा जरूर देगी।

साथियों,

कुछ दिन पहले...मैंने बंगाल के लोगों को 6 गारंटी दी थी। आज मैं बंगाल की बहनों को 10 गारंटी देता हूं।

पहली गारंटी- बंगाल में बहन-बेटियों पर अत्याचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। हर ब्लॉक में महिला थाने बनेंगे... और सड़क पर सुरक्षा के लिए विशेष दस्ते बनाए जाएंगे।

दूसरी गारंटी- बंगाल पुलिस में बेटियों की बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी...

तीसरी गारंटी- बंगाल बीजेपी के, मातृशक्ति भोरशा कार्ड से...एक साल में 36 हजार रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खाते में भेजे जाएंगे।

चौथी गारंटी- बंगाल बीजेपी सरकार, बेटियों को ग्रेजुएशन के लिए 50 हजार रुपये की मदद देगी।

पांचवीं गारंटी- बंगाल बीजेपी सरकार, गर्भवती माताओं को, 21 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी।

छठी गारंटी- बंगाल बीजेपी सरकार...शिशुओं के बेहतर पोषण के लिए 36 हजार रुपए अतिरिक्त देने वाली है।

सातवीं गारंटी- सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा। किसी भी योजना में जितना ब्याज नहीं मिलता है, इतना ब्याज इस सुकन्या योजना में मिलेगा।

आठवीं गारंटी...-महिलाओं को स्वरोजगार के लिए...20 लाख रुपए तक का मुद्रा लोन दिया जाएगा। और उसकी गारंटी मोदी देगा। साथ ही, लाखों बहनों को लखपति दीदी बनाने के लिए भी मदद दी जाएगी।

नौवीं गारंटी- बंगाल की करोड़ों बहनों-बेटियों को आयुष्मान योजना के तहत... 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। सर्वाइकल कैंसर का मुफ्त टीका और सिकल सेल की मुफ्त जांच भी बेटियों को मिलेगी।

दसवीं गारंटी- पीएम आवास योजना के तहत...बंगाल के गरीब परिवारों की बहनों के नाम पर घर की रजिस्ट्री होगी...मालकिन का हक बहनों को मिलेगा घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए सीधे बैंक खाते में जमा किए जाएंगे। और साथियों…ये मोदी की दस गारंटी और मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी।

साथियों,

यहां कृष्णानगर के घूर्णी के कलाकार का दर्द किसी से छिपा नहीं है।

जिनकी कला की पूरी दुनिया कायल है...जो अपनी कला से मिट्टी में प्राण फूंक देते हैं...उनके बनाए मिट्टी के पुतले आज आंसू बहा रहे हैं... रो रहे हैं। और यहाँ की 'निर्मम सरकार' ने उन्हें क्या दिया? टीएमसी सरकार ने उनके जीवन को बेजान बना दिया है।अपने ऐसे ही भाई-बहनों के लिए हमने पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू करके उन्हें आर्थिक मदद देने का अभियान चलाया है। लेकिन यहां की सरकार, विश्वकर्मा योजना को बंगाल में लागू नहीं होने दे रही।

साथियों,

मोदी ‘One District One Product’ के जरिए लोकल को वोकल और वोकल को ग्लोबल बनाने का प्रयास कर रहा है। वहीं निर्मम सरकार ने पूरे बंगाल में एक ही काम किया है, 15 साल में एक ही काम ‘One District One Syndicate’ ये सिंडिकेट बनाने का उद्योग और सिंडिकेट के द्वारा बंगाल को लूटने का कारोबार।

साथियों,

इस धरती के बारे में कहा जाता है....धोनो धन्नो पुष्पे भोरा अमादेर ई बोशुंधरा... ये सिर्फ गीत के बोल नहीं हैं...ये बीजेपी का संकल्प है। बीजेपी, सही मायने में बंगाल को समृद्धि का प्रदेश बनाना चाहती है। हमारे आलू किसान, हमारे धान किसान... और हमारे जूट किसान, जूट श्रमिक...मैं सभी को भरोसा देता हूं...कि आपकी हर समस्या का ईमानदारी से समाधान किया जाएगा।

साथियों,

कृष्णानगर में ही 'फेडी साहब' की वो कोठियाँ थीं, जहाँ हमारे किसान भाइयों को नील की खेती के लिए जंजीरों से बांधकर कोड़े मारे जाते थे। और मैं आज कृष्णानगर में देख रहा हूं...जैसे हमारे पूर्वजों ने गुलामी की जंजीरें तोड़ी थीं.. वैसे ही बंगाल की जनता निर्मम सरकार की बनाई भय की बेड़ियों को तोड़कर फेंकने जा रही है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं...डबल इंजन सरकार, डबल तेजी से बंगाल का विकास करेगी. इसके लिए, इन सभी साथियों को हर बूथ पर विजयी बनाना होगा। बनाएंगे... हर बूथ पर जाएंगे... एक-एक मतदाता को समझाएंगे... मतदान कराएंगे... बूथ को जीतेंगे... मैं एक बार फिर इतनी विशाल संख्या में आने के लिए आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

दोनों मुट्ठी बंद करके मेरे साथ बोलिए...

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे...

वंदे...

वंदे...

वंदे...

वंदे...

वंदे...

बहुत-बहुत धन्यवाद

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।