Maharashtra will lead the vision of a ’Viksit Bharat’, and the BJP and Mahayuti are working with this commitment: PM Modi in Panvel
Congress has always worked on the agenda of keeping the poor poor: PM Modi while addressing a large gathering in Panvel

जय भवानी// जय शिवाजी//
जय माता महाकाली//
‘जय सेवालाल’//
‘जय बिरसा’
छत्रपती शिवाजी महाराजांच्या //या पवित्र भूमीला //मी //हृदयपूर्वक नमस्कार करतो. //
स्वराज्य आची //राजधानीतील //रायगड वासियान्ना //माझा नमस्कार।

मेरा सौभाग्य है कि आज एक बार फिर मुझे रायगढ़ की इस मिट्टी को नमन करने का अवसर मिल रहा है। रायगढ़ से मेरा एक आत्मीय संबंध है। एक भावनात्मक संबंध है। 2013 में जब भाजपा ने मुझे पीएम पद का उम्मीदवार बनाया था। तब मैंने रायगढ़ किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया था। जैसे कोई भक्त भगवान की मूर्ति के आगे बैठता है, वैसे ही छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के सामने बैठकर मैंने राष्ट्रसेवा के लिए उनसे आशीर्वाद मांगे थे। रायगढ़ एक ऐसी पवित्र जगह है, जो देश की भावनाओं से जुड़ी है। अभी कुछ ही दिन पहले 31 अक्टूबर को गुजरात में सरदार पटेल जयंती निमित्त, हर वर्ष एक बड़ा कार्यक्रम होता है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर। देशभर के पुलिस की एक परेड होती है वहां, एकता परेड, उस एकता परेड के मुख्य कार्यक्रम में, उसकी पृष्ठभूमि में रायगढ़ के किलों को वहां बनाया गया था। और, आज जब इतनी बड़ी संख्या में रायगढ़ के लोगों का आशीर्वाद हमें मिल रहा है। ये बता रहा है कि महाराष्ट्र को अब विकास की नई ऊँचाइयाँ छूने से कोई नहीं रोक सकता।

साथियों,

एक प्रकार से ये शहरी क्षेत्र बन गया है और शहरी क्षेत्र में दोपहर के 2 बजे से 3 बजे से लोगों का आना और इतनी बड़ी विराट रेली करना। मेरी नजर जहां पहुंचती है, ऐसा लग रहा है जैसे केसरिया समंदर लहरा रहा है। ये दृश्य अपने आप में 23 तारीख को नतीजे क्या आने वाले हैं। उसकी गारंटी यहां दिखाई दे रही है। आज महाराष्ट्र के कोने-कोने से एक ही आवाज आ रही है-
भाजपा-महायुति //आहे//
तर गति आहे//
महाराष्ट्राची// प्रगति आहे//

साथियों,

आज क्रांतिगुरू लहुजी वस्ताद सालवे जी की जन्म जयंती भी है। मै उनको नमन करता हूँ। आज इस अवसर पर मैं महाराष्ट्र के सपूत लोकनेता दि.बा.पाटिल जी को भी श्रद्धांजलि देता हूं। उनका त्याग और बलिदान, उनका परिश्रम हमें महाराष्ट्र के संकल्पों को पूरा करने के लिए नित नयी ऊर्जा देता है।

साथियों,

छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें स्वराज की शपथ दिलाई थी। हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वराज के साथ-साथ सुराज के संकल्प को आगे बढ़ाना है। और सुराज का संकल्प तब पूरा होगा जब हमारा गरीब आगे बढ़ेगा। इस संकल्प की सिद्धि का काम केवल बीजेपी और महायुति सरकार ही कर सकती है। आप भी जानते हैं काँग्रेस पार्टी ने तो हमेशा गरीब को गरीब बनाए रखने के एजेंडे पर ही काम किया है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये लोग केवल गरीबी हटाओ का झूठा नारा देते रहे। गरीबी हटाओ के नारे के नाम पर कांग्रेस ने गरीबों को ही लूट लिया। इसीलिए, मेरा गरीब जिंदगी की मुश्किलों से बाहर ही नहीं आ पाया! रोटी, कपड़ा, मकान आज़ादी के 70 साल बाद भी देश के ज़्यादातर लोग इसी को पाने में जूझते रहे। पिछले 10 वर्षों में पहली बार ये हालात बदले हैं। पहली बार कोई सरकार 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाई है। हमने 4 करोड़ बेघर लोगों को पहली बार पक्के मकान का सुख दिया, सुरक्षा दी। हमने 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय बनवाकर उन्हें सम्मान से जीने का अधिकार दिया। जल जीवन मिशन चलाकर हमने 12 करोड़ घरों में पहली बार पाइप से पानी पहुंचाया। आज देश में करीब-करीब हर व्यक्ति के पास अपना बैंक खाता है। रेहड़ी पटरी वाला व्यक्ति भी, एक मेहनतकश मजदूर भी अब मोबाइल पर यूपीआई से पेमेंट कर रहा है। गरीब अब खुद भी आगे बढ़ रहा है, देश को भी आगे बढ़ा रहा है। और इन योजनाओं का सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है? इसका सबसे बड़ा लाभार्थी है, हमारा दलित समाज, हमारा आदिवासी समाज, हमारा पिछड़ा समाज, हमारे वंचित समुदाय के लोग। महायुति सरकार की नीतियाँ आज शोषियों-वंचितों की ताकत बन रही हैं।

भाइयों बहनों,

जो काम 10 साल में हुए, वो पहले भी हो सकते थे। लेकिन, काँग्रेस की सरकारों की मंशा ही नहीं थी कि गरीब आगे आकर अपना हक मांगे। इसीलिए, आज भी काँग्रेस ऐसी हर योजना का, जो गरीबों के लिए कल्याणकारी हो, जो नागरिकों के लिए सुविधा की हो, जो मध्यम वर्ग को सुखचैन की जिंदगी देने वाली हो, ऐसी हर योजना का कांग्रेस जमकर विरोध करती है। आप देखिए, हम देश के 80 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन पहुंचा रहे हैं। यहाँ रायगढ़ में भी करीब 18 लाख लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। अब मुझे बताइए भैया इस काम से किसी का भी विरोध हो सकता है क्या। हो सकता है क्या। गरीब के घर चुल्हा जले हमें खुशी होगी की नहीं होगी। मैं आपसे पूछना चाहता हूं। खुशी होगी की नहीं होगी। अगर गरीब का भला होता है तो आपको खुशी होगी की नहीं होगी। लेकिन, काँग्रेस पार्टी को नहीं होती है। कांग्रेस पार्टी क्या कहती है। काँग्रेस कहती है कि जो 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, उन्हें राशन क्यों मिल रहा है? काँग्रेस चाहती है कि इन लोगों का खर्च बढ़े, और ये फिर से गरीबी में चले जाएँ। अगर अघाड़ी वालों को मौका मिला, तो ये महाराष्ट्र में यही करेंगे। इतना ही नहीं हमें तो सवाल पूछा जा रहा है कि गरीबों को मुफ्त राशन क्यों दे रहे हो। लेकिन आज कांग्रेस के एक नेता ने झारखंड में घोषणा की है आप सुनकर की चौंक जाएंगे, उसने झारखंड में घोषणा की है कि वे सस्ते गैस सिलेंडर हिंदुओं को देंगे, मुसलमानों को देंगे और आगे क्या कहते हैं, जो घूसपैठिए हैं उनको भी देंगे। आप मुझे बताइए भाई ये जो घुसपैठियों की आरती उतारते हैं। क्या ऐसे लोगों को देश में कहीं पर भी अवसर मिलना चाहिए क्या। जरा दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, ऐसे लोगों को कहीं पर भी अवसर मिलना चाहिए क्या। खुलेआम उनका एक नेता घोषणा कर रहा है कि जो घुसपैठिए हैं रोहिंग्या हैं, बांग्लादेशी है उनको हम सस्ते में गैस सिलेंडर देंगे। ये वोट पाने के लिए देश के साथ आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ कैसा खेल खेल रहे हैं। इसका ये उदाहरण है। इसलिए हमें ध्यान रखना है कि कांग्रेस वोटबैंक की राजनीति करने में तो अग्रिम है, लेकिन गरीब की दुश्मन है, इसलिए कांग्रेस से रोकने के बड़े जिम्मेदारी भी मेरे गरीब भाई-बहनों की भी है।

साथियों,

बीजेपी और महायुति सरकार के लिए महाराष्ट्र का विकास ही पहली प्राथमिकता है। हम महाराष्ट्र के उज्जवल भविष्य का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों ने जो काम नामुमकिन बना दिये थे, हमने उन्हें धरातल पर उतारकर दिखाया है। मुंबई में अटल सेतु बना। अटल सेतु से रायगढ़ भी नई संभावनाओं से जुड़ गया है। अब रायगढ़ से मुंबई जाना पहले से कहीं आसान हो गया है। इसी तरह 20 हजार करोड़ रुपए की लगात से बन रहा नवी मुंबई एयरपोर्ट, 80 हजार करोड़ की लागत से बन रहा वाढ़वण पोर्ट, लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का समृद्धि महामार्ग, मुंबई कोस्टल हाईवे, मुबई एक्सप्रेसवे, पनवेल से करजत तक के रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम इनसे पूरे महाराष्ट्र की तस्वीर बदल रही है। इनसे पूरे महाराष्ट्र की तकदीर बदल रही है।

भाइयों और बहनों,

आज हमारा रायगढ़, विकास की नई गाथा लिख रहा है।

आप देखिए, तालोजा में 30 हजार करोड़ की लागत से डेटा सेक्टर पार्क एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पार्क बन रहा है। रायगढ़ पनवेल आने वाले दिनों में डेटा और AI का बड़ा केंद्र बनने वाला है। कलम्बोल में सेंटर आफ एक्सिलेंस बनाया जा रहा है। यहाँ स्किल यूनिवर्सिटी भी खुल रही है। पनवेल में सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी बहुत बड़ा निवेश आ रहा है। पालघर पोर्ट और जेएनपीटी पोर्ट से भी नए रास्ते खुलेंगे। यानी, पनवेल, रायगढ़ और ये क्षेत्र भविष्य की संभावनाओं का नया सेंटर बनकर उभर रहा है। इससे महाराष्ट्र के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर बनेंगे। महाराष्ट्र विकसित भारत का सबसे प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।

साथियों,

पनवेल, रायगढ़ का ये पूरा इलाका समुद्री संपदा से भरपूर है। हमारी सरकार कोस्टल इकोनामी को सशक्त कर रही है। अपने मछुआरे भाई बहनों के लिए काम कर रही है। हमारे मछुवारे साथियों की आमदनी बढ़े। उन्हें समुद्र में कम से कम मुश्किलें हों। इसके लिए आधुनिक बोट से लेकर, आधुनिक नैविगेशन तक की व्यवस्था की गयी है। पीएम मत्स्य संपदा योजना के जरिए मछुवारों को हजारों करोड़ रुपए की मदद दी गई है। हमने मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा है। प्रदेश की महायुति सरकार भी महादेव कोली और आगरी समाज के लिए कई योजनाएं चला रही है। लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से कोंकण में 3 नये बंदरगाह भी बनाए जा रहे है। जीवना, हरणाई और साखरनाते में बनाये जा रहे ये बंदरगाह हमारे मछुवारे भाई बहनों की आमदनी बढायेंगे। इन सारे प्रयासों से ब्लू इकॉनॉमी को भी बढ़ावा मिलेगा।

साथियों,

आज हमारा भारत हर क्षेत्र में प्रगति के नए रिकॉर्ड बना रहा है। क्योंकि, आज देश में महिलाओं को आगे बढ़ाने वाली सरकार, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। हमारी सरकार ने गरीबों को घर देने के लिए पीएम आवास योजना शुरू की। हमने तय किया कि इस योजना के तहत मिलने वाले घरों की रजिस्ट्री घर की महिलाओं के नाम भी होगी। हमने देश भर में शौचालय बनवाए। ये काँग्रेस वाले उसका मज़ाक उड़ाते थे। लेकिन, आज वही शौचालय करोड़ों माताओं बहनों के लिए इज्जतघर का काम कर रहे हैं।

साथियों,

हमारी बहनें देश की आर्थिक प्रगति को गति दे रही हैं। केंद्र सरकार की मुद्रा लोन योजना का लाभ भी करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है। अब, हम 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। और 3 करोड़ लखपति दीदी बनने का मतलब ये वन टाइम नहीं है। हर वर्ष उस दीदी की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से ज्यादा हो ऐसी व्यवस्था ये काम 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना है मेरा। ड्रोन जैसी नई टेक्नालजी आज हमारे देश में जिसकी चर्चा है। इसका लाभ भी हमारी महिलाओं को मिले, इसके लिए ड्रोन दीदी योजना का काम चल रहा है। माताओं बहनों, महाराष्ट्र में महायुति सरकार महिलाओं को डबल लाभ दे रही है। इसका उदाहरण है -महाराष्ट्र की माझी लाडकी बहिन योजना! और इससे आपके खर्चों में मदद मिलती है, अपने काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। लेकिन, काँग्रेस और अघाड़ी वाले बहनों के लिए ये जो योजना बनी है, इसका भी विरोध कर रही है। इनके लोग इस योजना को रुकवाने के लिए कोर्ट तक चले गए थे। आप सोचिए., अघाड़ी वालों के इरादे कितने खतरनाक हैं। इसीलिए, मैं माताओं-बहनों को विशेष आग्रह से करता हूं, ये आपके भविष्य के हर चीज को रोकने के लिए इंतजार करते बैठे हुए हैं। और इसलिए अघाड़ी वालों को मौका न मिले, ये महाराष्ट्र की महिलाओं ने ठान लिया है। और मुझे विश्वास है कि जब महिलाएं ठान लेती हैं, तो मैं नहीं मानता हूं कि ये कांग्रेस अघाड़ी वालों के लिए किसी के दरवाजे तक पहुंचने की हिम्मत रहेगी।

साथियों,

देश अब काँग्रेस की सच्चाई जान चुका है। इसीलिए, अब ज़्यादातर राज्य में काँग्रेस का वजूद तक खतरे में है। काँग्रेस अपना वजूद बचाने के लिए, सत्ता पाने के लिए कुछ भी करेगी। इसीलिए, काँग्रेस पार्टी अब समाज में जहर घोलने पर उतर आई है। इन्हें सबसे ज्यादा खतरा ST-SC-OBC के ताकतवर होने से, उनके आगे बढ़ने से कांग्रेस कांप जाती है, गुस्से में आ जाती है। काँग्रेस की मंशा है, दलित, आदिवासी, पिछड़ा जो आज उसकी पहचान बनी है, संगठित ताकत बनी है। वो जातियों में बिखर जाए। जाती-जाती के बीच टक्कर शुरू हो जाए और ओबीसी कमजोर हो जाए! एसटी कमजोर हो जाए! एससी कमजोर हो जाए! कॉंग्रेस फिर से पुराने जमाने की तरह अपनी जड़ें जमा ले! दलित, पिछड़ा, आदिवासी आपस में अगर एक नहीं रहेंगे। अगर कांग्रेस की झूठी बातों में भ्रमित हो गए तो कांग्रेस इन सभी समाजों को तोड़ दे करके, बिखेर दे करके वो सत्ता पाने का मौका ढूंढ लेगी। इनके शहजादे विदेश में कह चुके हैं कि उन्हें मौका मिला तो वो आरक्षण को भी खत्म करेंगे। इसीलिए, आज काँग्रेस ST-SC-OBC की एकता को एकजुटता को तोड़ने में जुटी है। कांग्रेस चाहती है, ST की जातियां आपस में लड़ें। कांग्रेस चाहती है, SC की जातियां आपस में झगड़ा करें, कांग्रेस चाहती है, OBC जातियों में आपस में टकराव हो जाए। इसलिए कांग्रेस आगरी को जाति को माली से लड़वाना चाहते हैं। ये लोग तांडेल जाति को कुंभार से लड़वाने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हर समाज में भी ये जाति के आधार पर विद्वेष पैदा करना चाहते हैं। मेरे प्यारे भाई-बहनों हमें इस षड्यंत्र से सावधान रहना है। हमें याद रखना है- हम एक हैं, तो सेफ हैं। हम एक हैं, तो सेफ हैं। पूरी ताकत से हाथ ऊपर करके बोलिए, ताकी समाज को तोड़ने वालों की नींद हराम हो जाए। हम एक हैं, तो सेफ हैं। हम एक हैं, तो सेफ हैं। हम एक हैं, तो सेफ हैं।

साथियों,

आप इस चुनाव में केवल अपना विधायक नहीं चुनेंगे। बल्कि, आप महाराष्ट्र का भविष्य भी तय करेंगे। महाराष्ट्र का भविष्य महायुति सरकार के हाथों में सुरक्षित है। आपको याद रखना है- महायुतीचीच सरकार पाहिजे. आप इतनी बड़ी तादाद में आए, हमें आशीर्वाद दिया, मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए।

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.