TMC's narrative against the CAA has been fuelled by appeasement politics: PM Modi in Barasat
The Calcutta High Court's verdict has unmasked TMC's deception towards the OBCs in Bengal: PM Modi
Bengal was first looted by Congress and then Left. Now, TMC is looting it with both hands: PM Modi in Barasat

नमस्कार !

केमन आछेन बारासात बासी, बशीरहाट बासी? आपनादेर सकोलके आमार बिनम्रो श्रध्या, प्रणाम आर भालोबासा ! सबसे पहले तो मैं मां काली को प्रणाम करता हूं, उनके आशीर्वाद से हम सबने मिलकर साइक्लोन का मुकाबला किया है। साइक्लोन पर लगातार भारत सरकार की नजर थी। मैं भी लगातार संपर्क में था। हमारी NDRF और दूसरी टीमों ने अच्छा काम किया है। केंद्र सरकार हर प्रकार से, हर संभव मदद राज्य सरकार को दे रही है।

भाइयों और बहनों,

आज भारत विकसित होने के रास्ते पर चल पड़ा है। इस विकास का सबसे मज़बूत पिलर हमारा पूर्वी भारत है। पिछले 10 साल में बीजेपी सरकार ने जितना पूर्वी भारत पर खर्च किया है, उतना पिछले 60-70 साल में नहीं हुआ था। (जरा एसपीजी और कैमरामैन ये कुछ बच्चे बहुत बढ़िया-बढ़िया तस्वीर बनाकर लाए हैं। इधर भी एक बेटी कब से खड़ी है जरा ले लीजिए। आपने एड्रेस लिखा है पीछे, अपना नाम एड्रेस लिख देना, मैं आपको जरूर चिट्ठी भेजूंगा। भारत माता की, भारत माता की, जय श्री राम, जय श्री राम।) आप देखते हैं जब से आपने मुझे सेवा करने का मौका दिया हमने रेलवे, एक्सप्रेसवे, वॉटरवे, एयरपोर्ट, हर तरह से पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए काम किया है। कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ये निवेश, पूर्वी भारत में रोजगार और स्वरोजगार के भी नए मौके बना रहा है।

साथियों,

यहां पश्चिम बंगाल के एक हिस्से में कोयला और दूसरी खनिज संपदा है। तो दूसरी तरफ एक बड़ी कोस्टल - लाइन है। यहां डायमंड हार्बर जैसा ट्रेडिंग सेंटर है। आजादी के पहले एक समय वो भी था जब बंगाल लाखों देशवासियों को रोजगार देता था। आज बंगाल में ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद हैं। यहां से नौजवान पलायन करने के लिए मजबूर हैं। मैं जरा आपसे पूछना चाहता हूं। ये बंगाल की दुर्दशा हुई है। बंगाल की बर्बादी हुई है। ये हाल किसने किया? मैं आपसे जानना चाहता हूं यह बर्बादी कौन लाया? यहां पर पहले बंगाल को कांग्रेस ने लूटा, फिर लेफ्ट ने लूटा और अब टीएमसी दोनों हाथों से लूट रही है। कांग्रेस, CPM और TMC तीनों ही पश्चिम बंगाल की गुनहगार हैं। लोग यह भी जानते हैं कि सीपीएम को दिया हर वोट ये टीएमसी के खाते में जाएगा। ये पर्दे के पीछे टीएमसी और लेफ्ट वो एक ही सिक्के की दो बाजू है और यहां के मुख्यमंत्री ने घोषणा भी कर दी है वो दिल्ली में इनका सहयोग करेगी। इसलिए अब बंगाल पर्दे के पीछे चलने वाले सारे खेल समझ चुका है। और इसलिए पश्चिम बंगाल हर कोने से एक ही आवाज आ रही है। फिर एक बार, फिर एक बार, फिर एक बार, आबार एकबार, मोदी शोरकार।

भाइयों और बहनों,

10 साल पहले जब आपने मुझे अवसर दिया था तो मैंने गारंटी दी थी- ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। याद है न। मैंने केंद्रीय स्तर पर 10 साल में एक भी घोटाला नहीं होने दिया। अब मोदी देश को एक और बड़ी गारंटी दे रहा है। पहले मैंने गारंटी दी थी ना खाऊंगा ना खाने दूंगा। अब मेरी गारंटी है जिसने खाया है उससे बाहर निकालूंगा और जिसका खाया है उसको मैं लौटाउंगा। ये मोदी की गारंटी है। TMC के नेताओं के पास से नोटों के जो ये पहाड़ निकले हैं, एक-एक रुपये का हिसाब होगा। जिसका लूटा है उसको ये वापस कैसे मिले इसके मैं लिए कानूनी रास्ते बना रहा हूं। जो लोगों से लूटा गया था, अब तब लगभग 17 हजार करोड़ रुपए मैं लौटा चुका हूं। बंगाल में भी आपका लूटा हुआ धन, आपको वापस मिले, मैं उसके लिए पूरी कोशिश कर रहा हूं। इंडी वाले गरीब और मध्यम वर्ग की कमाई का एक्स-रे करने की बात करते हैं। अब मोदी इन भ्रष्टाचारियों की, काले धन की, गंदी कमाई की अब मैं उसका एक्स-रे निकालूंगा। ऐसा एक्स-रे कि इनकी आने वाली पीढ़ियां भी भ्रष्टाचार करने से पहले 100 बार सोचेंगी।

साथियों,

आपका ये प्यार, आपका ये उत्साह, आपका ये आशीर्वाद मेरी जिंदगी की बहुत बड़ी ऊर्जा है। मैं देख रहा हूं यहां आपके पास खड़े रहने की जगह नहीं है। बारिश के कारण तकलीफ हुई कल और आज इतना बड़ा कार्यक्रम कर रहे हैं आप। लोग छत पर खड़े हैं और अभी मैं हेलीपैड से आया साढ़े किलोमीटर दोनों तरफ ऐसी ही भीड़ थी। यानी ये प्यार, ये उत्साह, आपका यह कर्ज है ना वो बंगाल का विकास करके कर्ज चुकाऊंगा।

भाइयों और बहनों,

TMC और इंडी गठबंधन को आपके विकास से कोई मतलब नहीं है। इनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है- अपने वोटबैंक का तुष्टिकरण। देश में संविधान-संविधान, तानाशाही-तानाशाही चिल्लाने वालों की जो जमात है न वो पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है, ज़रा यहां आकर देखे, आपकी बोलती बंद हो जाएगी। बंगाल में TMC ने OBC को जो धोखा दिया, उसकी कलई कोर्ट ने खोल दी है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि 77 मुसलमान जातियों को ओबीसी घोषित करना ये गैरकानूनी है, असंवैधानिक है, संविधान के खिलाफ है। यानि TMC ने लाखों OBC नौजवानों का जो हक मिला था उनको। संविधान ने दिया था। बाबा साहेब अंबेडकर ने दिया था। देश की पार्लियामेंट ने दिया था। वो OBC का जो हक था, रातों-रात ये वोट जिहाद वालों को मदद करने के लिए इन्होंने लूट लिया है। और आप देख रहे हैं कि कोर्ट के इस फैसले के बाद TMC की सीएम का क्या रवैया है। मैं तो हैरान हूं, यहां जजों की नीयत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हमारी न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हमारी न्यायपालिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं TMC से पूछना चाहता हूं, अब क्या जजों के पीछे भी अपने गुंडे छोड़ दोगे क्या? पूरा देश देख रहा है कि कैसे TMC बंगाल में न्यायपालिका का गला घोंट रही है।

साथियों,

TMC से सच बर्दाश्त नहीं होता। जो कोई भी TMC के गुनाह सामने लाता है, TMC उनको टारगेट करती है। आपने भी देखा है कि TMC के MLA ने साफ-साफ कहा कि हिंदुओं को भगीरथी में बहा देंगे। इस पर बंगाल के संतों ने TMC को रिक्वेस्ट की कि जरा आप अपनी गलती सुधार लीजिए। और बड़ी नम्रता से रिक्वेस्ट की। लेकिन TMC ने हमारे संत समाज को ही दनादन गालियां देनी शुरु कर दी। इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ ये ऐसी महान संस्थाएं है, दुनिया में उनकी प्रतिष्ठा है, उनके संतों को अपमानित करना। भाइयों-बहनों, ये सब अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए, वोट जिहाद को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। यहां संदेशखाली की बहनों ने इंसाफ मांगा तो TMC ने उनको ही टारगेट किया। बशीरहाट से उम्मीदवार हमारी बहन रेखा पात्रा अभी यहां मंच पर ही हैं। और क्या बढ़िया भाषण किया उन्होंने। ये मीडिया वालों का ध्यान गया कि नहीं ये मुझे मालूम नहीं। TMC के पास एक नेता ऐसा नहीं होगा जो बहन रेखा पात्रा जी जैसा भाषण कर सके। देश देख रहा है कि कैसे एक गरीब की बेटी को बीजेपी ने देश की संसद में सम्मानपूर्वक पहुंचाने के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है। और मुझे विश्वास है ये एक पवित्र कार्य है, ये नारी शक्ति के सम्मान की लड़ाई लड़ रही है। अगर रेखा पात्रा ताकतवर होगी तो हिंदुस्तान की महिलाओं की आवाज वो हिंदुस्तान की संसद में उठाएगी। मैं उनके साहस की, उनकी हिम्मत की सराहना करूंगा। वो टीएमसी की इतनी बड़ी सत्ता से टकरा रही है। वो खुद मां दुर्गा की सच्ची पुजारी लगती है। बंगाल में शाहजहां शेख जैसे अत्याचारियों का हौसला और ऐसे एक दो नहीं हैं, हर गली मोहल्ले में ऐसे लोग बैठे हैं। इनका हौसला ना बढ़े इसलिए बहन रेखा पात्रा को जिताना बहुत जरूरी है।

साथियों,

मां-माटी-मानुष की बात कहने वाली TMC ने मां को भय दिया है, माटी का अपमान किया है। यहां तक कि महिला MLA जो TMC के अंदर गुंडागर्दी के खिलाफ बोलती हैं, उनको भी टारगेट किया जा रहा है। मैं पश्चिमी मेदिनीपुर में केशपुर की माताओं-बहनों का वीडियो देख रहा था। वो भी TMC के गुंडों से बचाने की गुहार लगा रही हैं। ऐसी TMC को अपने वोट की ताकत से सजा देना बहुत जरूरी है।

साथियों,

तुष्टिकरण की राजनीति के कारण, appeasement की पॉलिटिक्स के कारण TMC ने CAA के खिलाफ भी झूठ फैलाया है। CAA के खिलाफ झूठ फैलाने से पहले CAA को रोकने की कोशिश की। मोदी डरा नहीं, मोदी झुका नहीं, मोदी ने कहा मैं सही समय देख कर के ले आऊंगा। मैं लाया। अब उनको हाथ पैर पछाड़ रहे। पहले कहते थे लागू नहीं करूंगी, लागू हो गया। यहां के लोगों को नागरिकता मिलने लगी अब वो झूठ फैला रही है, भ्रम फैला रही है लेकिन आज पूरा देश देख रहा है कि सैकड़ों शरणार्थियों को नागरिकता मिल चुकी है। किसी से कुछ नहीं छीना गया, बल्कि उन्हें नागरिकता देकर के मां भारती के बेटे के रूप में, बेटी के रूप में सम्मान दिया है। इसलिए, मतुआ साथियों को भी मैं आज यहां आया हूं तो बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको अब भारत की नागरिकता से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती है। और मोदी काम शुरू कर चुका है, नागरिकता देना चल रहा है और कुछ ही महीनों काम पूरा भी हो जाएगा। ये नागरिकता देश का संविधान, हमारा constitution दे रहा है। और मैं आपको एक और गारंटी दूंगा। TMC तो क्या, दुनिया की कोई भी ताकत मोदी के इस संकल्प को ना हिला सकती है ना डुला सकती है। और ना ही कोई रोक सकता है।

भाइयों और बहनों,

विशेष रूप से हमारी माताओं-बहनों को सशक्त करना मोदी की प्राथमिकता है। तभी तो मोदी आज पक्का घर दे रहा है और वो भी महिलाओं के नाम पक्का घर दे रहा है। और मोदी सिर्फ चार दीवारें ही नहीं देता, जब घर देता है तो घर में टॉयलेट, बिजली, सस्ता सिलेंडर, नल और नल से जल, मुफ्त अनाज, मुफ्त इलाज क्या कुछ नहीं है। जिंदगी जीने के लिए सब कुछ है। इससे हमारी नारीशक्ति को बहुत मदद मिली है। अब तो माताओं-बहनों को चावल की चिंता भी नहीं करनी पड़ती। मोदी आने वाले 5 साल तक मुफ्त चावल देता रहेगा।

साथियों,

अब मोदी ने एक और गारंटी दी है। ये गारंटी, आपका बिजली का बिल ज़ीरो करने की है। मैं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरु कर चुका हूं। इसमें एप्लाई करने वाले परिवार को छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए, मोदी सरकार 75 हज़ार रुपए देगी। इससे मुफ्त बिजली भी मिलेगी और ज्यादा बिजली होगी तो सरकार उसको खरीदेगी, उसकी कमाई भी होगी।

साथियों,
मोदी, हर आयु के लोगों की चिंता कर रहा है। आज हमारे देश में करीब 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी आयु 70 साल से ऊपर की है। ऐसे अनेकों बुजुर्ग यहां बंगाल में भी हैं। मोदी ने तय किया है कि ऐसे सभी साथियों को 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। लेकिन TMC की सरकार यहां आयुष्मान योजना लागू नहीं होने दे रही है। बीजेपी को मिला आपका हर वोट TMC पर इस योजना से जुड़ने का दबाव डालेगा।

साथियों,

देश ने दिल्ली में मोदी सरकार बनाना पक्का कर लिया है। इसलिए 1 जून को बारासात सहित हर सीट पर कमल ही खिलना चाहिए। खिलेगा? घर-घर जाएंगे? मतदान कराएंगे? बारासात से हमारे साथी स्वपन मजूमदार जी को भारी वोटों से जिताकर दिल्ली भेजना है। बशीरहाट से बहादुर बेटी रेखा पात्रा जी को भी आपको ज्यादा से ज्यादा वोटों से जिताना है। इनको मिला हर वोट, कमल के निशान पर बटन दबाएंगे ना तो वह कमल सीधा सधा दिल्ली में मोदी के खाते में जमा हो जाएगा। और इसलिए मोदी को मजबूत करने के लिए इन दोनों को विजयी बनाइए। आप एक मेरा काम करेंगे? आप लोग मेरा एक काम करेंगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे? पक्का करेंगे? अच्छा घर-घर गांव-गांव जाइएगा और वहां जो भी देवस्थान हो, तीर्थ स्थान हो, पूजा स्थान हो मोदी की तरफ से वहां जाकर के मथ्था टेकना। और परमात्मा से आशीर्वाद मांगना कि मोदी जी की तरफ से मैं मथ्था टेक रहा हूं या टेक रही हूं और ईश्वर से आशीर्वाद मांगिए, मोदी के लिए नहीं, मोदी के परिवार के लिए नहीं, हमारे भारत को विकसित भारत बनाने के लिए आशीर्वाद मांगिए। जाएंगे आप लोग घर-घर गांव-गांव जाएंगे।

बोलिए भारत माता की। भारत माता की। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!