Civil Aviation Policy gives wings to the aspirations of a new India: PM Modi

Published By : Admin | April 27, 2017 | 10:37 IST
The lives of the middle class are being transformed & their aspirations are increasing. Given the right chance they can do wonders: PM
The aviation sector in India is filled with opportunities: PM Modi
Earlier aviation was considered to be the domain of a select few. That has changed now: PM
Our Civil Aviation Policy caters to aspirations of the people of India: PM Modi
Tier-2 & Tier-3 cities are becoming growth engines. If aviation connectivity is enhanced in these places, it will be beneficial: PM

मेरे प्‍यारे देश वासियों बहुत तेजी से भारत के मध्‍यमवर्गीय जीवन में एक नये expressions नये सपने नये संकल्‍प और कुछ करने की हिम्‍मत देश महसूस कर रहा है। एक ऐसा वर्ग है जिन्‍हें अगर अवसर मिले तो देश को विकास की नई ऊंचाइयों को ले जाने में कल्‍पना बहार के उत्‍तम परिणाम दे सकते हैं।

विशेषकर इस जो युवा है 1st generation रिस्क टेकिंग capacity जिसकी सबसे ज्‍यादा है ये बहुत बड़ा वर्ग है। अगर इन युवाओं को अवसर मिलेगा तो वो देश की तकदीर भी बदल देंगें, देश की तस्‍वीर भी बदल देंगें। पूरा विश्‍व ये मानता है कि भारत में हवाई यात्रा के लिए Aviation के लिए विश्‍व में सबसे ज्‍यादा अवसर कहीं है तो भारत में है। बहुत पहले ये हमारी सोच ये बनी थी, हवाई यात्रा , ये राजाओं महाराजाओं का ही विषय है और इसलिए हमारी Airlines के साथ जो logo जुड़ा था वो भी महाराजा का जुडा़ था और जब अटल जी सरकार थी वो हमारे राजीव प्रताप रूड़ी Aviation Ministry में थे तो मैंने एक दिन तब तो मैं पार्टी का काम करता था और हिमाचल में ही रहता था तो मैं एक बार उनसे मिला मैंने कहा भाई क्‍या ये logo नहीं बदल सकते क्‍या? पूछे क्‍या? मैंनें कहा कि इससे लग रहा है कि हवाई जहाज और हवाई यात्रा ये एक ही वर्ग के लोगों के लिए है तो उन्‍होंने कहा कि क्‍या करें मैंने कहा कुछ मत करिए cartoonist Laxman का जो common man है उसी logo में लगा लीजिए उसकी permission ले लीजिए और मुझे खुशी है कि अटल जी की सरकार के समय उस common man को भी समाविष्‍ट किया गया था |

उस समय जबकि मैं किसी राजनीतिक पद पर नहीं था मैं संगठन का काम करता था लेकिन उस समय मेरी समझ में आता था कि ये जो सोच है राजा महाराजाओं के साथ जुड़ी हुई है उसको बदलना है और उसमें से हमारे विभाग से मैंने आग्रह किया कि एक तो देश में एक सबसे बड़ी कमी है कि हमारी कोई Aviation Policy नहीं है। इतना बड़ा देश है, इतनी संभावनाए है, विश्‍व का ध्‍यान है एक Aviation Policy बनाएं, कसौटी पर कसे। सारे स्‍टेट होल्‍डर को उसमें विश्‍वास में लें और नीति के आधार पर इसके expansion की एक design तैयार करें। मुझे खुशी है कि आजादी के बाद पहली बार देश में Aviation Policy बनाने का सौभाग्‍य हमारी सरकार को मिला। अब उस समय मैंने पहली मिटिंग में कहा था कि Aviation को मैं किस रूप में देखता हूं हमारे देश में गरीब व्‍यक्ति की एक पहचान है कि वो हवाई चप्‍पल पहनता है और मैंने उस मिटिंग में कहा था कि मैं चाहता हूं कि हवाई जहाज में हवाई चप्‍पल वाले लोग दिखाई दें। और आज ये संभव हो रहा है ...आज शिमला और दिल्‍ली को हवाई यात्रा से नांदेड़ और हैदराबाद को, हमारे नड्डा जी यहां है वो यहां हिमाचल के हैं , शिमला से जुड़ने का आनंद उनको विशेष है। और मैं दिल्‍ली से आया हूं तो मुझे और ज्‍यादा आनंद है।

आज हम टैक्‍सी में जाएं by road एक किलोमीटर का किराया आठ से दस रुपया होता है। दिल्‍ली-शिमला की हवाई यात्रा ज्‍यादा से ज्‍यादा एक घंटे में अगर रोड पर मैं यात्रा करके आता है तो कम से कम नौ घेंटे, अगर रोड मार्ग से आया मैं तो किलोमीटर का हिसाब लगाऊं और दस रुपया हिसाब लगाऊं मैं, और पहाड़ पर दस से तो ज्‍यादा हो जाता है। ये सफर ऐसी है जो समय भी बचाएगी और इसका खर्च टैक्‍सी में अगर किलोमीटर का दस रुपया लगता है तो नई पालिसी के तहत हवाई यात्रा का किलोमीटर का खर्चा सिर्फ छ: या सात रुपया लगेगा। नांदेड़ से आज हैदाराबाद शुरू हो रहा है लेकिन नांदेड़ से मुंबई सबसे पहले इसके बाद शुरू होने वाली व्‍यवस्‍था है और मैं Aviation कंपनियों को एक सीख देना चाहता हूँ और ये जो मैं उनको advice दे रहा हूं इसके लिए मेरी तरफ से कोई Royalty charge नहीं करूंगा। मैं मुफ्त में उनको advice दे रहा हूं अगर Aviation कंपनियां व्‍यापरिक दृष्टि से सोचते है तो सोचे कि नांदेड़ साहिब, अमृतसर साहिब और पटना साहिब अगर हवाई circular route बनाएगें दुनिया भर के सिख यात्री इस हवाई यात्रा का सबसे ज्‍यादा लाभ उठाएगें।

बहुत कम लोगों को मालूम हागा कि जब द्वितीय विश्‍व युद्ध हुआ तो ज्‍यादातर eastern part में बहुत सारी हवाई पट्टियां बनी, सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बहुत सारी हवाई पट्टियां बनी लेकिन कभी उसका अभी उपयोग नहीं हुआ। कुछ तो ऐसी हवाई पट्टिया होंगी जहां से लोग सामान उखाड़ कर के ले गए होंगे। देश आजाद होने के बाद आज हम सत्‍तर साल आजादी के पूरे हो गए लेकिन सिर्फ सत्‍तर-पच्‍चतहर ही एयरपोर्ट ऐसे हैं जो commercial purpose के लिए काम आ रहे हैं। सत्‍तर साल में सत्‍तर-पच्‍चतहर एयरपोर्ट इस नई पालिसी के द्वारा एक साल के भीतर-भीतर इससे ज्‍यादा नये एयरपोर्ट commercial activity के लिए जोड़ दिये जाएगें। भारत के टायर टू cites growth engine बन रहे हैं। विकास के अंदर ऊर्जा भरने की ताकत टायर टू टायर थ्री cites में आ रहे हैं अगर वहां पर air connectivity मिल जाती है तो पूंजी निवेशक Management Experts, Education के लिए quality Man power इन सबको अगर सुविधा connectivity की मिलती है तो उस जगह पर ये भी विकास की संभावनाए बढ़ जाती हैं। दुनिया में सबसे तेज गति से विकास हो रहा है Tourism का लेकिन Tourism में destination पर पहुंचने के बाद यात्री कष्‍ट झेलने को तैयार होता है, उसको पसंद भी आता है मेहनत करना पसंद आता है, पहाड़ चढ़ना पसंद आता है, पसीना बहाना पसंद आता है लेकिन पहुंचने तक वो सबसे ज्‍यादा अच्‍छी सुविधा पसंद करता है उसे अगर air connectivity मिलती है, अगर उसे internet connectivity मिलती है, उसको अगर वाईफाई सुविधा मिलती है तो वो उस destination को पहले पसंद करता है।

वहां जाने के बाद वो कष्‍ट झेलने को तैयार है, risk लेने को तैयार है लेकिन जाने और आने की सुविधा वो पहले पसंद करता है। शिमला में अब ये व्‍यवस्‍था अब फिर से आरंभ हो रही है, बहुत सालों तक ये अटका पडा रहा। मुझे विश्‍वास है कि हिमाचल के Tourism को बहुत बड़ा बल मिलेगा इससे। 2500 रुपया सबसे ज्‍यादा है ऐसी टिकट की व्‍यवस्‍था 2500 और 2500 से कम करना है।

North-East भारत का एक ऐसा भू-भाग है देखते ही बनता है एक बार जो गया उसको बार-बार जाने का मन कर जाये ऐसा हमारा North-East है| प्रकृति का वहां ऐसा वास्तव्य मिलता है जो शायद कहीं और मिलता हो। लेकिन connectivity के अभाव से हिंदुस्‍तान का सामान्‍य नागरिक वहां जुड़ नहीं पाता है ये देश के integration के लिए भी बहुत बढ़ा उत्‍सव होने वाला है। इससे सिर्फ यात्रा की सुविधाएं नहीं, दो भू-भाग, दो कल्‍चर, दो परंपराए बड़ी सहजता से जुड़ जाती हैं। मुझे खुशी है कि देश में हवाई यात्रा की दृष्टि से सामान्‍य नागरिक को और इसका जो उड़ान (UDAN ) नाम है वो उड़े देश का आम नागरिक उस से उड़ान शब्‍द बना है। और जैसा मैंने कहा कि हवाई यात्रा में हवाई चप्‍पल वाला नजर आना चाहिए, और सब उड़ें...सब जुड़ें ।

देश के एक कोने से दूसरे कोने को जोड़ने को एक महा‍अभियान इससे हो रहा है। मेरे लिए खुशी की बात है कि यहां एक दूसरे कार्यक्रम का भी launching हो रहा है उसका शिलान्‍यास हो रहा है। Human Resource development जितना area specific होता है फोकस होता है उतनी हमारे देश की क्षमता बढ़ती है। भारत के पास Hydro Power की बहुत संभावना है अनुमा‍नित कल्‍पना है कि करीब-करीब डेढ़ लाख से ज्‍यादा मेगावाट बिजली हम Hydro से कर सकते हैं उसके लिए human resource चाहिए Man Power चाहिए और उसके लिए dedicated institutions चाहिए। हिमाचल प्रदेश और पूरा हिमालयन प्‍लेट जम्‍मू-कश्‍मीर से लेकर के पूरा वहां पर hydro power project की बहुत संभावना है अगर यहां के नौजवानों को hydro से संबंधित engineering की शिक्षा मिलती है specialize subject उसका तैयार होते हैं र्मैं समझता हूं ये बहुत बड़ी सेवा होगी और इसलिए Mechanical Engineering बाकी सारे विषय भी होंगे। लेकिन special focus hydro power से संबंधित होगा उसकी शिक्षा का एक बहुत बड़ा काम बिलासपुर में होने वाला है उसके शिलान्‍यास का आज अवसर मुझे मिला है। मैं हिमाचल वासियों को और देश की युवा पीढ़ी को ये नजराना देते हुए बड़ा गर्व अनुभव कर रहा हूं और एक प्रकार से आज देश हिमाचल की धरती से air power का भी अनुभव कर रहा है और hydro power का भी अनुभव कर रहा है।

वायु शक्ति और जल शक्ति आज के विकास के अंदर बहुत बड़ी ताकत बनते हैं और जो हम New India का सपना देख रहे हें जिसमें जन-धन का सामर्थ्‍य है, वन-धन का सामर्थ्‍य है, जल-धन का भी उतना ही सामर्थ्‍य है उस सामर्थ्‍य को लेकर के हमें आगे बढ़ना है। मैं फिर एक बार भारत सरकार के इस विभाग को aviation department को उनके सभी अधिकारियो को उनके तमाम मंत्री श्री और उनके नेतृत्‍व को ह्दय से बहुत बधाई देता हूं कि बहुत ही महत्‍वाकांक्षी ये योजना का आरंभ हो रहा है जो बहुत ही कम समय में हिंदुस्‍तान के नये growth center की हवाई उड़ान भरने की ताकत उससे मिलने वाली हैं मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं,

धन्‍यवाद

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PM Modi interacts with Energy Sector CEOs
January 28, 2026
CEOs express strong confidence in India’s growth trajectory
CEOs express keen interest in expanding their business presence in India
PM says India will play decisive role in the global energy demand-supply balance
PM highlights investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government
PM calls for innovation, collaboration, and deeper partnerships, across the entire energy value chain

Prime Minister Shri Narendra Modi interacted with CEOs of the global energy sector as part of the ongoing India Energy Week (IEW) 2026, at his residence at Lok Kalyan Marg earlier today.

During the interaction, the CEOs expressed strong confidence in India’s growth trajectory. They conveyed their keen interest in expanding and deepening their business presence in India, citing policy stability, reform momentum, and long-term demand visibility.

Welcoming the CEOs, Prime Minister said that these roundtables have emerged as a key platform for industry-government alignment. He emphasized that direct feedback from global industry leaders helps refine policy frameworks, address sectoral challenges more effectively, and strengthen India’s position as an attractive investment destination.

Highlighting India’s robust economic momentum, Prime Minister stated that India is advancing rapidly towards becoming the world’s third-largest economy and will play a decisive role in the global energy demand-supply balance.

Prime Minister drew attention to significant investment opportunities in India’s energy sector. He highlighted an investment potential of around USD 100 billion in exploration and production, citing investor-friendly policy reforms introduced by the government. He also underscored the USD 30 billion opportunity in Compressed Bio-Gas (CBG). In addition, he outlined large-scale opportunities across the broader energy value chain, including gas-based economy, refinery–petrochemical integration, and maritime and shipbuilding.

Prime Minister observed that while the global energy landscape is marked by uncertainty, it also presents immense opportunity. He called for innovation, collaboration, and deeper partnerships, reiterating that India stands ready as a reliable and trusted partner across the entire energy value chain.

The high-level roundtable saw participation from 27 CEOs and senior corporate dignitaries representing leading global and Indian energy companies and institutions, including TotalEnergies, BP, Vitol, HD Hyundai, HD KSOE, Aker, LanzaTech, Vedanta, International Energy Forum (IEF), Excelerate, Wood Mackenzie, Trafigura, Staatsolie, Praj, ReNew, and MOL, among others. The interaction was also attended by Union Minister for Petroleum and Natural Gas, Shri Hardeep Singh Puri and the Minister of State for Petroleum and Natural Gas, Shri Suresh Gopi and senior officials of the Ministry.