What our scientists at ISRO have achieved is a historic feat and puts us at the centre of global space power: PM Modi in Wardha
The Congress-NCP take turns in hibernating once they assume power. They come to power, accumulate money from the honest taxpayers and public and then use them for personal gains: PM Modi
The people of Maharashtra will never be fooled by the opportunist Congress-NCP alliance which is formed not to serve the people of the state but to serve the dynasts: Prime Minister Modi

सबसे पहले मैं देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को आदरपूर्वक बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। हमारे लिए गर्व की बात है कि इसरो ने अब से कुछ देर पहले एक बड़ी ऐतिहासिक सिद्धी हासिल की है और इस सिद्धी के लिए, उपलब्धि के लिए, मैं हमारे अंतरिक्ष के सभी वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं। आज जब आप घर जाएंगे तो टीवी पर देखेंगे PSLV-C45 को सफलतापूर्वक लॉन्च करके पांच देशों की दो दर्जन से ज्यादा सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया है। जब पहले इस प्रकार के प्रयोग होते थे, सैटेलाइट लॉन्च करने की प्रक्रिया होती थी तो उसकी दीर्घा गैलरी में कुछ सिलेक्टेड लोगों को आने की सुविधा होती थी, वही उसको देख पाते थे लेकिन देश में विज्ञान की और रुचि बढ़े, हमारे वैज्ञानिकों के प्रति आदरभाव बढ़े, इसे ध्यान में रखते हुए हमने एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण फैसला लिया कि अब जब इस प्रकार के सैटेलाइट लॉन्च होंगे तो सामान्य नागरिकों के वहां बैठने की व्यवस्था की जाएगी। उनको उस परिसर में आने के लिए सुविधा दी जाएगी और हमारे वैज्ञानिकों की और देश की इस महान सिद्धी को वे भी अपनी आंखों से देख पाएं, आज उसकी भी शुरुआत हुई। सैकड़ों की तादाद में आज वहां लोग मौजूद थे और उन्होंने भारत के इस कीर्तिमान को अपनी आंखों से देखा है। मैं इस उपलब्धि के लिए देशवासियों की तरफ से सबसे पहले अपने वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं।

मंच पर विराजमान सभी महानुभावों के नामों का मैं उल्लेख नहीं करता हूं क्योंकि हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान देवेंद्र जी ने विस्तार से सबका परिचय करवा दिया है और इसलिए मैं दोहराता नहीं हूं।

साथियो, ये मेरा सौभाग्य है कि वर्धा की इस महान भूमि से मुझे महाराष्ट्र में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करने का अवसर मिला है। इससे पहले मैं वर्धा और चंद्रपुर और गढ़चिरौली समेत विदर्भ के सभी बहनो-भाइयो का आभार व्यक्त करता हूं। जो एयरकंडिशन में बैठ कर के देश को सलाह दे रहे हैं इनको पता नहीं होगा कि 40-42 गर्मी में ये जन सैलाब हमें आशीर्वाद देने आया है। जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है, मैं लोग ही लोग देख रहा हूं, अभी तो पोलिंग में दस दिन बाकी हैं उसके बावजूद भी इस क्षेत्र के लोगों ने ये जो ताकत दिखाई है ये जो प्रेम दिखाया है पता नहीं कांग्रेस-एनसीपी का आज रात क्या होगा, सो पाएंगे कि नहीं सो पाएंगे। हमारे यहां के सांसद रामदास जी का आज जन्मदिन है, मैं भी आपके साथ उनको अनेक-अनेक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।

भाइयो-बहनो, इन पांच वर्षों में जो कुछ भी मैं इस पूरे क्षेत्र और महाराष्ट्र के लिए कर पाया हूं, उसके पीछे आप सभी की शक्ति है, आप सभी का समर्थन है, आप सभी के आशीर्वाद हैं और आप ही मेरी प्रेरणा हैं।

भाइयो-बहनो, मैं आज आपसे कुछ मांगू, उससे पहले, मैं आज पूज्य बापू की तपस्वी भूमि से, आचार्य विनोबा जी की कर्म-भूमि से पूरे महाराष्ट्र के नागरिकों का और इसी वर्धा की पवित्र भूमि से, पूरे हिन्दुस्तान के नागरिकों का सबसे पहले आभार व्यक्त करना चाहता हूं क्योंकि आप लोगों ने पांच साल पहले मुझे इस देश के नागरिकों की सेवा करने का सौभाग्य दिया था। इसलिए आपकी प्रेरणा से जो मैंने काम किया है, उसका हिसाब तो देता ही हूं लेकिन ये काम करने का अवसर आपने दिया इसके लिए सबसे पहले दोनों हाथ जोड़ कर के आप सबका धन्यवाद करता हूं।

भाइयो और बहनो, गांधी जी और विनोबा जी का स्वच्छता के प्रति जो आग्रह था, उसे आप अच्छी तरह जानते हैं। कांग्रेस ने उनकी बातों का अनुसरण किया, इसकी सच्चाई भी आप जानते हैं। साथियो, स्थिति ये है कि अब कांग्रेस वर्षों से साफ-सफाई के काम में जुटे, स्वच्छता के चौकीदारों का आज अपमान कर रही है। दो दिन पहले कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा कि मोदी ने सिर्फ शौचालय की चौकीदारी की है। अब आप बताइए, वर्षों से जो साफ-सफाई के काम में जुटे हैं, जो स्वच्छता के चौकीदार हैं। ये भाषा क्या मेरे उन भाई-बहनों का अपमान है कि नहीं है? मैं कांग्रेस के नेताओं से कहना चाहता हूं, शौचालयों की मैंने चौकीदारी की है ये बात कह कर के आप मेरा अपमान करना चाहते होंगे, मैं इसे गर्व के साथ स्वीकार करता हूं, आपकी गाली मेरे लिए गहना है क्योंकि जब मैं शौचालय का चौकीदार बनता हूं तब मैं हिन्दुस्तान की करोड़ों माताओं-बहनों की इज्जत का भी चौकीदार बनता हूं। आपको पता नहीं है गांव में माताओं-बहनों को अगर शौचालय की जरूरत हो, शौच जाना हो तो सूरज उगने से पहले, अंधेरे में उन्हें जंगलों में जाना पड़ता था और दिन-भर तकलीफ हुई तो सहना पड़ता था, सूरज ढलने का इंतजार करना पड़ता था, अंधेरा होने बाद वो शौच जा पाती थीं। इन माताओं-बहनों की इज्जत पर खतरे होते थे, ये शौचालय आपके लिए मजाक का विषय होगा, मेरे लिए तो माताओं-बहनों का इज्जतघर है और मैं इस इज्जतघर का चौकीदार हूं इसका मुझे गर्व है। क्या ये गांधी जी और विनोबा जी, बाबा आम्टे जी ने, इन महापुरुषों ने जो संदेश दिया, क्या ये कांग्रेस के लोग उनका अपमान कर रहे हैं कि नहीं कर रहे हैं? काम का, श्रम का अपमान करने वाले ऐसे जातिवादी लोगों को जवाब मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए? ऐसे लोगों को कड़ी सजा दोगे कि नहीं दोगे?

साथियो, विदर्भ की इस धरती पर आपका ये स्नेह, आपका ये आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपके इसी आशीर्वाद ने अच्छे-अच्छों के हौसले पस्त कर दिए हैं। साथियो, ये हमारे शरद पवार साहब देश के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में से एक रहे हैं और उनके विषय में कहा जाता है कि वो कोई भी काम बिना सोचे-विचारे कभी नहीं करते हैं। एक समय था जब वो सोचते थे कि वो भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने ऐलान भी किया था कि वो चुनाव लड़ेंगे लेकिन अचानक एक दिन बोले नहीं, मैं तो राज्यसभा में ही खुश हूं, मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। शरद पवार जी भी जानते हैं कि हवा का रुख किस तरफ है। इस बार देश की जनता ने अच्छे-अच्छों को मैदान छुड़ा कर के भगाया है, मतदान के पहले ही भगा दिया है। खैर शरद पवार जी की समस्या ये भी है कि NCP में इस समय बहुत बड़ा पारिवारिक युद्ध चल रहा है, पार्टी उनके हाथ से निकलती जा रही है और स्थिति ये है कि पवार साहब के भतीजे धीरे-धीरे पार्टी पर कब्जा करने के लिए सोख्टी (जाल) बिछा रहे हैं। इसी वजह से NCP को टिकट बंटवारे में भी दिक्कत आ रही है, पवार परिवार के लोग इसी बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि कौन सी सीटों से लड़ें और कहां छोड़ दें। इस वजह से दूसरों का धैर्य भी समाप्त हो रहा है।
साथियो, महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP का गठबंधन कुंभकरण जैसा है। जब वो सत्ता में होते हैं तो 6-6 महीने के लिए सोते हैं, 6 महीने में कोई एक उठता है और जनता का पैसा खाकर फिर सोने चला जाता है। पैसे की ये भूख मिटाने के लिए सिंचाई, स्टैंप, रियल एस्टेट, सड़क परियोजना, सरकारी टेंडर, जहां से बन पड़ता है, जैसे बन पड़ता है, करोड़ों-अरबों रुपए, होता है कि नहीं होता है, इतिहास गवाह है कि नहीं है? मत भूलिए महाराष्ट्र का किसान, अजीत पवार से बांधों में पानी के बारे में सवाल करने गया था तो उन्हें क्या जवाब मिला था, याद है ना क्या कहा था? यहां से मैं दोहरा सकता हूं, कोई फिर से बोल भी सकता है ऐसी भाषा? मत भूलिए जब मावल के किसान अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे तो पवार परिवार ने उन पर गोली चलाने के आदेश दिए थे।

साथियो, खुद एक किसान होने के बावजूद, शरद पवार किसानों को भूल गए, उनकी चिंताओं को भूल गए, उनके कार्यकाल में ही कितने किसानों को खुदकुशी के लिए मजबूर होना पड़ा लेकिन पवार साहब ने कोई परवाह नहीं की। उनका ध्यान किसानों की स्थिति पर ही नहीं था। अब आज पवार साहब को लोगों ने ही बोल्ड कर दिया है, उनके झूठ, उनके झूठे वादों की पोल खुल चुकी है और वो खुद भतीजे के हाथों हिट-विकट हो चुके हैं। इतना ही नहीं शरद पवार द्वारा वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा दिए जाने की वजह से ज्यादातर NCP नेताओं को रिटायर करने की कोशिश हो रही है ताकि उनका रास्ता आसान हो जाए। साथियो, अब समय आ गया है कि महाराष्ट्र ऐसे विकास विरोधी, जनता विरोधी लोगों को पूरी तरह खारिज करे।

भाइयो-बहनो, आपका ये चौकीदार पूरी ईमानदारी से दिन-रात आपकी मुश्किलों को कम करने में जुटा है। कपास, सोयाबीन, तूर सहित अनेक फसलों का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना बढ़ाने का काम भी इसी चौकीदार ने किया है। इतना ही नहीं, वन उपज की MSP में काफी बढ़ोत्तरी की है। साथियो, किसान सम्मान निधि के तहत महाराष्ट्र के लगभग सवा करोड़ किसानों के बैंक खाते में हजारों रुपए जमा किए जा चुके हैं। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा। भाइयो-बहनो, जिन्होंने 70 साल तक गरीब को गरीब बनाए रखा वो कभी गरीब का भला नहीं सोच सकते, ये वो लोग हैं जो गरीब के नाम पर योजना लाकर, उस योजना के पैसे से अपनी तिजोरी भरने का काम करते हैं। यही काम इन्होंने कर्ज माफी के नाम पर किया, आपके पानी के साथ किया, आपकी सिंचाई परियोजनाओं के साथ किया। कांग्रेस और NCP ने मिलकर सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर यहां के किसानों को लूटा है, इसी का नतीजा है कि दर्जनों सिंचाई परियोजनाएं दशकों तक लटकी रहीं। इन परियोजनाओं को पूरा करने का बीड़ा आपके इस प्रधानसेवक ने उठाया है। महाराष्ट्र और देश के अनेक हिस्सों में सूखे की समस्या से निपटने के लिए ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना बनाई गई थी। इस योजना के तहत लंबे समय से लटकी 99 सिंचाई परियोजनाओं पर काम किया गया, जिसमें से 26 परियोजनाएं सिर्फ महाराष्ट्र की हैं। आप सोचिए, देश में से, जो मैंने खोज कर निकाला, उसमें 25 प्रतिशत महाराष्ट्र की, जबकि महाराष्ट्र के ही कृषि मंत्री बनकर के दस साल दिल्ली में ही बैठे थे शरद पवार। यहां लोअर-वर्धा सिंचाई परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है, इसी तरह वर्धा में जलयुक्त शिवार अभियान से सैकड़ों गांवों को लाभ होना तय हुआ है। साथियो, हम बहुत ईमानदारी से इस क्षेत्र में पानी की दिक्कत को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जो काम बाकी है, जो योजनाएं चल रही हैं उन्हें तय समय पर पूरा करने का काम किया जाएगा ताकि आपकी दिक्कतें और कम हों।

साथियो, विदर्भ का सूखा मौसम के साथ ही कांग्रेस के 70 साल के करप्शन की ही देन है। आपका ये चौकीदार इसको हराने के लिए पूरी तरह समर्पित है, प्रतिबद्ध है। भाइयो-बहनो, महाराष्ट्र के, विदर्भ के, हजारों जवान आज देश की रक्षा में डटे हैं लेकिन कांग्रेस और NCP की महामिलावट, हमारे सपूतों के शौर्य, उनके बलिदान को भी अपमानित करने का काम कर रहे हैं। हमारे वीर-जवानों ने सीमा पार करके, आतंकियों को घर में घुसकर मारने का काम किया तो ये लोग सबूत मांगने लगे। पूरी दुनिया भारत के पक्ष में है लेकिन कांग्रेस और उसके साथी ऐसी बातें कर रहे हैं जो पाकिस्तान के अंदर अच्छी लगती है। मैं आपसे जानना चाहता हूं, मैं आज विदर्भ की धरती से, वर्धा की धरती से आपसे पूछना चाहता हूं। आप को कौन चाहिए? मेरा अगला सवाल जरा बराबर समझ कर बूझ लीजिए। जो हिन्दुस्तान के हीरो हैं उनकी जरूरत है कि जो पाकिस्तान में हीरो बन गए हैं उनकी जरूरत है? आप बताइए आपको सबूत चाहिए या देश के सपूतों पर गर्व चाहिए? सपूतों के शौर्य का सबूत मांगने वालों को सबक सिखाएंगे क्या? देश की सेना पर शक करने वालों को सबक सिखाएंगे क्या? ? देश की सेना को अपमानित करने वालों को सबक सिखाएंगे क्या? शहीदों के परिजनों को इस प्रकार की भाषा से दुख होता होगा कि नहीं होता होगा? साथियो, आप ये भी मत भूलिए, ये वही कांग्रेस-NCP का गठबंधन है जिसने आजाद मैदान में उन्मादी भीड़ को, शहीदों के स्मारक को जूते से रौंदने और हिंसा की खुली छूट दी थी। याद है ना आपको, आजाद मैदान की घटना याद है ना? इतना ही नहीं तब की कांग्रेस-NCP सरकार ने ये भी सुनिश्चित किया था कि आजाद मैदान में हिंसा करने वालों पर कार्रवाई ना हो, आखिर क्यों? इसका जवाब एक ही है, कांग्रेस-NCP की वोट बैंक पॉलिटिक्स।


साथियो, वोट बैंक की पॉलिटिक्स के लिए NCP हो या कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है, इस देश के करोड़ों लोगों पर हिन्दू आतंकवाद पर दाग लगाने का प्रयास कांग्रेस ने ही किया है। आप मुझे बताइए, जब आपने हिन्दू आतंकवाद शब्द सुना तो आपको गहरी चोट पहुंची थी कि नहीं पहुंची थी? हजारों साल का इतिहास, हिन्दू कभी आतंकवाद करे, ऐसी एक भी घटना है क्या? अरे अंग्रेज जैसे इतिहासकारों ने भी कभी हिन्दू हिंसक हो सकता है इस बात का जिक्र तक नहीं किया है। हमारी 5 हजार साल से भी ज्यादा पुरानी संस्कृति को बदनाम करने का प्रयास किसने किया? हिन्दू आतंकवाद शब्द कौन लाया, हिन्दुओं को आतंकवादी कहने का पाप किसने किया? भाइयो-बहनो, ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या, ऐसे कांग्रेस के गठबंधन को माफ कर सकते हैं क्या? आप याद कीजिए इसी महाराष्ट्र की धरती से सुशील कुमार शिंदे, जब भारत सरकार में थे तब उन्होंने भाषण कर के कहा था और उन्होंने हिन्दू आतंकवाद शब्द की चर्चा की थी। साथियो, ये विषय आज मैं इसलिए लाया हूं।
भाई आप, जगह है नहीं, ये मैदान छोटा पड़ गया है, आप जहां हैं वहीं रहिए, ये आपका प्यार मेरे सर आंखों पर, एक तरफ भयंकर गर्मी है। आप आगे आने कोशिश मत कीजिए, अब ये मैदान छोटा पड़ गया, आपका प्यार इतना है।

भाइयो-बहनो, अभी कुछ दिन पहले कोर्ट का फैसला आया है और कोर्ट के फैसले से कांग्रेस की ये साजिश, कैसी थी इसकी सच्चाई देश के सामने आ रही है। कांग्रेस ने हिन्दुओं को अपमानित करने का ये जो पाप किया है, देश की मूल धरा को कलंकित करने का प्रयास किया है, कोटि-कोटि देशवासियों को दुनिया की नजरों में नीचा दिखाने का पाप किया है। भाइयो-बहनो, ऐसी कांग्रेस को कभी माफ कर सकते हैं क्या? आपका हर कोने से जवाब आना चाहिए, बहुत बड़ा पाप किया है कांग्रेस ने। ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या? वो चाहे जितनी दौड़ लगा लें, कांग्रेस को इस पाप से कभी मुक्ति नहीं मिल सकती। इस बात को अब कांग्रेस भी समझ रही है कि देश ने उसे सजा देने का मन बना लिया है और इसलिए नेता अब मैदान छोड़ कर भागने लगे हैं। जिसको उन्होंने आतंकवादी कहा है वो अब जाग चुका है और इसलिए जिसको उन्होंने शांति प्रिय हिन्दू समाज को, भाईचारे की जिंदगी जीने वाले हिन्दू समाज को, पूरे विश्व को परिवार मानने वाले हिन्दू समाज को आतंकी कह दिया, आतंकवाद को हिन्दू के साथ जोड़ दिया। इसके कारण अब उनकी हिम्मत नहीं पड़ रही है कि जहां पर मेजॉरिटी के लोग रहते हैं, वहां चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है। ये हिन्दू को आतंकवादी कहने की सजा उनको मिल चुकी है और इसलिए वो भाग कर के जहां मेजॉरिटी, माइनॉरिटी में है वहां शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं।

भाइयो-बहनो, बात चाहे आतंक से निपटने की हो या फिर नक्सली हिंसा से पार पाने की, हमारी सरकार ने कड़े कदम भी उठाए हैं, बड़े कदम भी उठाए हैं। सरकार के प्रयासों से देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दायरा भी लगातार कम हो रहा है। साथियो, कांग्रेस ने हमेशा देश को तोड़ने वाली ताकतों को हवा दी है, कांग्रेस का इतिहास किस तरह गरीबों का, दलितों का विरोधी रहा है इसकी गवाह महाराष्ट्र की ये धरती रही है। यहां विदर्भ में कांग्रेस ने बाबा साहब को हराने के लिए क्या-क्या नहीं किया था, सब जानते हैं। कांग्रेस ने बाबा साहब का अपमान किया, उनका मजाक उड़ाया। साथियो, हमेशा अपने परिवार के सामने घुटने टेकने वाली कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ मजबूरी में बाबा साहब का नाम लेती है वरना कांग्रेस का बस चलता तो वो बाबा साहब का नाम भी इतिहास से मिटा देती। बाबा साहब को अगर सम्मान देने का काम किया है, उनके अनुभवों को देश की नीति में डालने का काम किया है तो वो बीजेपी और उसके सहयोगी दल हैं। साथियो, राष्ट्र के नायकों के सम्मान के साथ ही NDA की सरकार देश के विकास पर भी पूरा जोर दे रही है। रायपुर-वर्धा पावर ट्रांसमिशन कॉरिडोर कितने साल से लटका था, उस पर भी अब तेजी से काम किया जा रहा है। वर्धा-नागपुर रेलवे लाइन सहित इस क्षेत्र में कई रेल लाइनों पर काम चल रहा है। गांव-गांव में सड़कें बन रही हैं, हाईवे के चौड़ीकरण का काम हो रहा है। यहीं सिंडी में JNPT का एक ड्राई-पोर्ट बनाया जा रहा है, मल्टीलॉजिस्टिक पार्क बन रहा है। हमारा प्रयास है कि विदर्भ की कनेक्टिविटी मजबूत हो ताकि यहां उद्योग लग पाएं।

साथियो, विकास का ये अभियान, सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान का ये काम, नए भारत का संकल्प पूरा हो इसके लिए मुझे आपके आशीर्वाद की फिर एक बार जरूरत है। मुझे भरोसा है कि 11 अप्रैल को आप महायुती के पक्ष में मतदान करके इस चौकादीर को, हमारे साथियों को आशीर्वाद देंगे।

भाइयो-बहनो, इस बार महाराष्ट्र में शत-प्रतिशत विजय की ओर आगे बढ़ना चाहिए। NCP, कांग्रेस और उनके साथियों को एक भी सीट ना मिले, ये कमाल महाराष्ट्र को कर के दिखाना चाहिए। ये वीरों की भूमि है, ये छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है। भाइयो-बहनो, आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए, मैं आप सबका बहुत-बहुत आभारी हूं। मेरे साथ फिर से एक बार हम बोलेंगे, आज फिर एक बार गांव-गांव जब चौकीदार बन गया है, घर-घर जब चौकीदार बन गया है तो आइए आप भी बोलिए, मैं भी…चौकीदार हूं, मैं भी…चौकीदार हूं, मैं भी…चौकीदार हूं। गांव-गांव…चौकीदार, अमीर-गरीब…चौकीदार, शहर-गांव…चौकीदार, हर जगह…चौकीदार, चारों तरफ…चौकीदार।

देश की रक्षा…चौकीदार करेगा, सीमा पर रक्षा…चौकीदार करेगा, गांव की रक्षा…चौकीदार करेगा, सामान्य मानवी की रक्षा…चौकीदार करेगा, माताओं-बहनों की रक्षा…चौकीदार करेगा। आप सबका बहुत-बहुत आभार, मेरे साथ बोलिए, भारत माता की… जय।

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Prime Minister speaks with the Amir of Qatar
July 16, 2026
PM conveys heartfelt condolences on the passing of the Father Amir of Qatar
PM recalls the Father Amir’s visionary leadership and his contribution to strengthening India-Qatar relations
The two leaders reaffirm their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.

Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.

Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.

The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.

The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.

They agreed to remain in close touch.