India is no longer held hostage by terrorists and their sympathizers, this India now responds strongly against any attacks made against it: PM Modi
The ‘Mahamilawat’ of SP-BSP ruined the rich heritage and ethos of Uttar Pradesh and made the state a stage for promoting nepotism and enriching themselves: PM Modi in U.P. 
Since 2014, India has shown the world what it is capable of achieving with an efficient government at its helm: Prime Minister Modi 

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

जय गंगा मैया, जय यमुना मैया, जय सरस्वती मैया, जय प्रयागराज

प्रयागराज के सभी साथियो को प्रणाम, एक बार फिर आपके बीच आने का सौभाग्य मुझे मिला है। मैं आज चुनाव में आशीर्वाद मांगने को आया हूं। उन युवा साथियों को शुभकामनाएं भी देने आया हूं। जो आने वाले दिनों में तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम में बैठने वाले है। ये पहला अवसर होने वाला है, जब सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों से आने वाले युवा साथियों को भी आरक्षण की सुविधा मिलने वाली है। भाइयो-बहनो, मुझे विश्वास है कि परीक्षाओं की तैयारी से थोड़ा सा समय निकालकर नए भारत के महायज्ञ में अपना योगदान अवश्य करेंगे। ये इसलिए जरूरी है क्योंकि 21वीं सदी का भारत आपकी इच्छा और आकांक्षाओं को परिलक्षितक करने वाला होगा। 20वीं सदी में जो कुछ भी हुआ वो हो चुका है। जैसा सिस्टम बना वो बन चुका, लेकिन अब हमें मिलकर नए भारत का निर्माण करना है। इसलिए आपको जरूर वोट करना है।

साथियो, आपको वोट करना है, पुरानी राजनीति सोच को बदलने के लिए, आपको वोट करना है चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए। आपको वोट करना है दिल्ली में एक निर्णय लेने वाली नेक और मजबूत सरकार के लिए। क्योंकि स्थिर और मजबूत सरकार ही इस ग्लोबल हो चुकी व्यवस्था में मजबूती से भारत के हितों की रक्षा कर पाएगी। भाइयो-बहनो, पांच वर्ष पहले तक भारत की सरकार शांति के तथाकथित काल में सीमा पार करने की सोचती भी नहीं थी। उस दौरान चुपचाप आतंकियों से मिले घाव और पाकिस्तान के नखरे हिंदुस्तान और हिंदुस्तान की सरकार सहती ररहती थी। पहले नवंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और अब फरवरी 2019 की एयर स्ट्राइक। भारत की रक्षा नीति में मिल का पत्थर है। अब आतंकियों को हमलावरों को यहां मार कर के आएंगे। सीमा पार घुसकर भी वार करेंगे।

साथियो, कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी देश की सुरक्षा नीति को गंभीरता से नहीं लिया। कांग्रेस शासन में कुछ लोग भारत का खाकर आतंकियों के गीत गाते थे। और फिर भी आराम से जीवन रह रहे हैं। हमने इस परंपरा को भी खत्म कर दिया है। अब भारत में रहते हुए आतंकवादी और आतंकवाद को समर्थन देना नहीं सहा जाएगा। साथियो, कांग्रेस के राज में भ्रष्टाचार को भी शिष्टाचार बना दिया गया। भ्रष्टाचारियों के लिए, भारत को लूटने वालों के लिए अब कोई भी सीमा कोई भी सरहद छोटी है। भ्रष्टाचार करेंगे और फिर दुनिया के किसी दूसरे देश में आराम से रहेंगे। ऐसा अब संभव नहीं है। भारत को धोखा देने वाले को उठा उठा कर भारत लाया जाएगा, और उसको कानूनी कटघरे में खड़ा किया जाएगा। साथियो, 2014 से पहले की स्थिति को भी याद कर लीजिए, भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए ये दुनिया को भारत के खिलाड़ियों की क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर था। लेकिन ये खेल भारत द्वारा जीते गए पदकों की संख्या से ज्यादा कांग्रेस के भ्रष्टाचार के लिए याद किया जाता है। उस समय पूरी दुनिया में भारत की छवि दागदार हुई, तारतार हुई। साथियो, एक तरफ कांग्रेस का कॉमनवेल्थ घोटाला है, और दूसरी तरफ हमारा प्रयागराज का कुंभ का मेला है।

प्रयागराज के एक एक व्यक्ति के सहयोग से जो भव्य और दिव्य कुंभ इस बार हुआ है, वो अतुलनीय है। दुनिया भर के करोड़ों लोग आए। आस्था से भरे श्रद्धालु आए। लेकिन प्रयागराज ने ऐसा प्रबंध किया कि दुनिया वाहवाही कर रही है। साफ सफाई हो या फिर ट्रैफिक से जुड़े इंतजाम। हर कोई संतोष के साथ प्रयागराज से घर लौटा है। भाइयो-बहनो, ऐसे आयोजन ही दुनिया में उत्तर प्रदेश की और हिंदुस्तान की छवि बनाते हैं। साथियो, हमारी सरकार ने व्यवस्था में ही नहीं सड़क पर भी सफाई का अभियान चलाया हुआ है। भाइयो-बहनो, स्वच्छता ऐसा विषय है जिसके बारे में ये कहा जाता था कि भारत में सब कुछ हो सकता है। लेकिन साफ-सफाई संभव नहीं है। लेकिन स्वच्छ भारत अभियान को जिस प्रकार से देश की जनता ने हाथों हाथ लिया वो अभूतपूर्वक है। भाइयो-बहनो, मां गंगा की साफ सफाई को लेकर को दशकों से बातें ही की गई थी। अब गंगा जी को निर्मल और अविरल बनाने की तरफ हमारे प्रयास सही दिशा में चल रहे हैं। साथियो, हमारे देश में ये भी सोच लिया गया था कि विकास के काम सिर्फ ज्यादा टैक्स वसूल करने से ही हो सकते हैं। मंहगाई को बढ़ाने से ही हो सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी के पांच साल के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की स्पीड और स्केल डबल रही। और टैक्स हमने घटाया है, बढ़ाया नहीं है। साथियो, जीएसटी आने से पहले चीजों पर तीस प्रतिशत का टैक्स देश चुकता था। आज 99 प्रतिशत सामान और सेवाओं पर सिर्फ 18 प्रतिशत से भी कम टैक्स हमने कर दिया है। ये पहली बार इतिहास में हुआ है जब ईमानदार टैक्स पेयर को सम्मान मिला है, मान मिला है। पांच लाख रुपये तक की टैक्सवल इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है। साथियो, बीते पांच वर्षों में देश ने अनुभव किया है कि जो महंगाई दर 10 प्रतिशत की औसत बढ़ रही थी। वो इस दौरान चार प्रतिशत के आस—पास आ गई है। कम महंगाई दर और सबसे तेज विकास दर का रिकॉर्ड भी हमारी सरकार ने कायम किया है। साथियो, विकास तभी संभव है जब हमारा देश सुरक्षित रहेगा, शहर सुरक्षित रहेगा। आज मुझे खुशी है कि प्रयागराज से सहित पूरे यूपी में योगी जी की सरकार ने गुंडों और बदमाशों पर लगाम लगाई है।

सपा-बसपा के राज में जो गुंडे बेलगाम होकर हमारी बहन बेटियों को डराते थे। हमारे व्यापारी, कारोबारियों को परेशान करते थे वो आज जेलों में बंद पड़े हैं। ये जो ढोल बज रहा है उन्हें अगर बंद करें तो मेहरबानी होगी। 23 तारीख को इतने ढोल बजाने है, इतने ढोल बजाने हैं। यूपी में अब इंफ्रास्ट्रक्टर तो आधुनिक हो ही रहा है। कानून व्यवस्था भी सुधर रही है। यानी अब उद्योगों के लिए, विकास के लिए, एक बेहतर माहौल तैयार है।

यूपी में विकास का डबल इंजन बनाए रखने के लिए अब आपको फिर कमल के फूल पर बटन दबाना है। याद रखिए, न जात पर, न नाम पर, बटन दबेगा काम पर। न जात पर, न नाम पर, बटन दबेगा कमल के निशान पर। भाइयो-बहनो, आपका हर वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाएगा। एक बार फिर आप सभी का बहुत बहुत आभार, मेरे साथ जोर से बोलिए

भारत माता की जय, दोनों मुट्ठी बंद करके, भारत माता की जया, भारत माता की जय, भारता माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.