'Nataka' in Karnataka is full of emotions and revenge: PM Modi

Published By : Admin | April 18, 2019 | 12:07 IST
The rapid strides that our country has taken during the last five years have been made possible by every precious vote supporting the BJP in 2014: PM Modi
The condition of Karnataka today has become just like the condition of the country in 2014 when corruption was endemic and governance had come to a total halt: PM Modi
I urge the people to not let the divisive agenda of the Congress and its allies prevail over our nationalist values: Prime Minister Modi

भारत माता की…जय
भारत माता की…जय

यहां विशाल संख्या में पधारे हुए पूज्य संतगण को मैं प्रणाम करता हूं। ये मंदिरों मठों की धरती है, ये सभी आराध्य देवी देवताओं को, गुरुजनों को मैं नमन करता हूं। ये वो भूमि है, जिसने बसवन्ना का वरदान देश को दिया, बसवन्ना ने अनुभव मंडप की ऐसी धारा देश को दी जो हमारे संस्कारों में रची बसी है, लोकतंत्र और जन भागीदारी का जो मंत्र बसवन्ना ने हमें दिया उसी के अनुरूप चलने का प्रयास इस प्रधान सेवक ने किया है।

भाइयो और बहनो, पिछले 5 वर्षों में भारत ने विकास और आत्मविश्वास की जो भी सीढ़ियां चढ़ी हैं, उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ आपका आशीर्वाद है। मोदी ने सिर्फ आपके सेवक के नाते, आपके चौकीदार के नाते अपना काम किया है, कर्तव्य निभाया है। बीते 5 वर्ष कड़े और बड़े फैसलों के रहे हैं। जो आपका ही आशीर्वाद से संभव हो पाया है।

साथियो, आज दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ केयर स्कीम आयुष्मान भारत, हमारे देश में चल रही है, कर्नाटक सहित देश के 50 करोड़ गरीबों को हर वर्ष 5 लाख रूपए तक का इलाज मुफ्त मिल रहा है। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को पहली बार 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल पाया है, वो भी किसी दूसरे का हक छीने बिना। 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम को हमने टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया है और आजादी के इतिहास में पहली बार सीमा पार घुसकर आतंकवादियों पर भारत ने प्रहार किया है। ये सारे काम अगर संभव हो पाए हैं तो इसके पीछे सिर्फ साफ नीयत और स्पष्ट नीति रही है। आपका मजबूत साथ और सहयोग रहा है।

साथियो, साल भर पहले मैं जामखंडी आया था, आपका आशीर्वाद लेने के लिए आया था, आपने भरपूर प्यार दिया। जमकर आशीर्वाद दिया लेकिन सब लोग मांगते थे, बस हो गया , हो गया और क्या हुआ थोड़े से के लिए पीछे रह गए। तब मैं कर्नाटक के विकास का एजेंडा लेकर आप से बीजेपी के लिए आदेश लेने आया था।

आज मैं नए भारत के लिए, सहयोग मांगने आपके बीच आया हूं। आपने 5 वर्ष की मजबूत सरकार का काम भी देखा है और आप एक मजबूर सरकार का काम अभी यहां कर्नाटक में अनुभव कर रहे हैं। मजबूत सरकार क्या होती है? वो देखना है, तो दिल्ली की तरफ देखो और मजबूर सरकार क्या होती है? अगर वो देखना है तो बंगलुरु की तरफ देखो।

बीते 1 वर्ष से यहां नेताओं का जो नाटक चल रहा है, वो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। और ये नाटक भी ऐसा है जिसमें इमोशन है, रिवेंज है और इमोशन तो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर कुछ दिनों के बाद, हर कुछ हफ्ते में किसी न किसी रैली या प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमोशन बह जाता है। क्या आपने ऐसे ही कर्नाटक के बारे में सोचा था? क्या ऐसे ही कर्नाटक के बारे में सोचा था क्या? अरे फिर जमकर के बताओ ना, इस नाटक के चक्कर में कर्नाटक में विकास के काम पूरी तरह ठप रहे हैं। आप मुझे बताइए, किसान की कर्जमाफी का क्या हुआ? क्या हुआ सिंचाई की योजनाओं का क्या हुआ? सूखा राहत का क्या हुआ? गन्ना किसानों की चिंता करने की तो फुर्सत ही यहां की सरकार को नहीं हैं।

साथियो, कांग्रेस को ऐसी ही मजबूर सरकार पसंद आती है। ऐसे ही मजबूर मुख्यमंत्री उनको पसंद आते हैं और उनको प्रधानमंत्री भी ऐसा ही मजबूर बिठाना हैं। मजबूर मुख्यमंत्री रो रहा है, मंत्री और नेता घोटाले पर घोटाले करते जा रहे हैं और उनको मालूम है की अब उनकी सरकार का भविष्य लंबा नहीं है और इसीलिए उनको लगता है की जितना माल पांच साल में मरना चाहिए वो जितना जल्दी हो मार लो पता नहीं घर कब चले जाएंगे। आपका काम इसीलिए ठप पड़ा है क्योंकि आपके हक के पैसे से चुनाव लड़ा जा रहा है।

भाइयो-बहनो 2014 से पहले जो मजबूर सरकार दिल्ली में भी थी, तब भी यही स्थिति थी जो आज कर्नाटक की आप देख रहे हैं। 2014 से पहले प्रधानमंत्री की कितनी पूछ थी, उनको कोई पूछता था क्या? वो कोई निर्णय कर सकते थे क्या? ये देश का बच्चा-बच्चा जनता है, रिमोट कंट्रोल से सरकार चलती थी। कोई हेलीकॉप्टर घोटाला कर रहा था, कोई 2जी घोटाला करता था, कोई कोयले की खानों में माल खाता था, कोई कॉमनवेल्थ में से रूपए मरता था, कोई कर्जमाफी में रूपए कमाता था। पिछली सरकार घोटालों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही थी। स्थिति ये थी की दुनिया में भारत की बदनामी हो रही थी, विकास थम गया था और भारत में कोई भी पैसा लगाना नहीं चाहता था। इसी स्तिथि को बदलने के लिए आपने 3 दशक बाद एक मजबूत सरकार दिल्ली में बनाई थी। चौकीदार की मजबूत सरकार और इस चौकीदार की मजबूत सरकार ने कांग्रेस के कुशासन को बदलने का ईमानदार प्रयास किया हैं।

साथियो, खोखले वादे वाली भ्रष्ट सरकार और मजबूत इरादों वाली ईमानदार सरकार में अंतर क्या होता है? इसका मैं एक और उदाहरण मैं आपको देता हूं, आप याद कीजिए कांग्रेस ने 2014 में अपनी बड़ी उपलब्धि ये बताई थी की उन्होंने एक साल में हर परिवार को 12 सिलिंडर दिए, गैस के 12 सिलिंडर दिए ये उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि वो बताते थे, कांग्रेस ने ये भी वादा किया था वो गरीब परिवारों को पर्याप्त मिट्टी का तेल देंगे।

भाइयो और बहनो आपके इस चौकीदार ने क्या किया? फर्क पता चलेगा आपको, वो 12 सिलेंडर में अटके थे और चौकीदार ने क्या किया। जिन गरीब, दलित, वंचित, पिछड़ी बहनों को ये पर्याप्त मिट्टी का तेल देना चाहता था, उनको इस प्रधान सेवक ने एलपीजी गैस का सिलिंडर, मुफ्त में गैस कनेक्शन दे दिया। बागलकोट बीजापुर सहित कर्नाटक की 26 लाख से अधिक गरीब परिवारों को, उनके किचन में आज एलपीजी पर खाना पक रहा है। इतना ही नहीं, आपकी जरूरत पूरी करने के लिए जितने भी सिलेंडर चाहिए वो समय पर आपको आज मिल रहे हैं। ये फर्क होता है सही नीयत और बदनीयत वाली सरकारों के बीच। साथियो, इसी तरह मजबूत इरादों वाली दमदार सरकार और डरने वाली मजबूर सरकार का अंतर भी आपको मैं बता दूं। 2009 में मुंबई के आतंकी हमले के बाद चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने तब अपने ढकोसला पत्र में उन्होंने जो अपना मेनिफेस्टो निकला ना वो ढकोसला पत्र है और कुछ नहीं है। तब उन्होंने अपने ढकोसला पत्र में सबसे बड़ी उपलब्धि क्या बताई थी? आप भी भूल गए होंगे, कांग्रेस वाले भी भूल गए होंगे और मीडिया के कुछ मित्रों को तो कांग्रेस के लिए कुछ कहने की हिम्मत ही नहीं होती है।

आज मैं याद कराना चाहता हूं, कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में अपनी उपलब्धि बताई थी की उन्होंने, यानि मुंबई के बम धमाकों की बात की बात करता हूं। ताज के अंदर सैकड़ों लोगों मार देने की इतनी भयंकर घटना के बाद, कांग्रेस पार्टी क्या लिख रही है, वो मैं बताता हूं। उन्होंने कहा की उन्होंने पाकिस्तान को ये मानने पर मजबूर कर दिया कि धमाकों में पाकिस्तान के नागरिक शामिल है। इतनी सी बात को कांग्रेस ने अपनी बहुत बड़ी सिद्धि माना था, बहुत बड़ी जीत बताया था। अब बताइए पाकिस्तान ने माना की आतंकी उसके हैं और उसके बाद फिर डंके की चोट पर धमाका कराता रहा , भारत को ही नुक्लियर बम की धमकी देता रहा।

भाइयो और बहनो, कांग्रेस की मजबूर सरकार के दौरान पाकिस्तान खुले आम कहता था कि ये उनके जेहादी हैं, कर लो क्या कर सकते हो? और कांग्रेस की मजबूर सरकार दुनिया में जा के रोती रहती थी, रोती रहती थी। ये दृश्य था कांग्रेस का मजबूर सरकार का और अब दूसरा दृश्य आपके सामने है। 2014 में जो मजबूत सरकार बनाई, अपने जो मजबूत सरकार दी उसका परिणाम है कि आज हम पाकिस्तान के भीतर जाकर आतंकवादियों को मारते हैं और पाकिस्तान दुनिया भर में रोता फिर रहा है, रोता फिरता है। आज पाकिस्तान से एक ही आवाज आती है दुनिया में जहां जाता है वहां बचाओ, बचाओ ,बचाओ, बचाओ ये मोदी मारता है , मोदी मारता है, मोदी मारता है।

लेकिन साथियो, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जो हमारे सुपूतों ने की है, उसको कांग्रेस स्वीकार करने को तैयार नहीं, उसको जीत मानने को तैयार नहीं। भाइयो और बहनो, सच्चाई यही है की कांग्रेस हो, जेडीएस हो, ये सारे महामिलावटी राष्ट्रहित में नहीं सिर्फ अपने वोट बैंक के हित में सोचते हैं। यहां के मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा की पाकिस्तान के बालाकोट पर एयरस्ट्राइक को ज्यादा ना उछाला जाए, उनका वोटबैंक नाराज हो जाएगा। आप बताइए, आप बताइए कांग्रेस और जेडीएस का वोट बैंक बागलकोट में है या फिर बालाकोट में। ये कांग्रेस, जेडीएस को तय करना है और आपको भी उनसे यह सवाल करने हैं। भाइयो-बहनो, और मुझे बराबर याद है जब रात में एयर स्ट्राइक हुई, पाकिस्तान सोया हुआ था और हमारे जवानों ने रात के 3 बजे, हनुमान कुदका का लगाया। कल हनुमान जयंती है ना और सब कुछ। और पाकिस्तान ने सुबह-सुबह दुनिया को बताया 5 बजे ट्वीट कर के की बालाकोट में हमला हुआ।

भारत के जहाज आ कर के बम गिरा के भाग गए, रोना शुरू कर दिया तो हमारे देश में कुछ लोग ऐसे थे हमला पाकिस्तान में हुआ, लोग पाकिस्तान में मरे और चोट यहां लगी, दर्द उनको हुआ, रोना यहां आया तो वो बैठ गए सुबह गूगल पे और उन्होंने घोषित कर दिया की ये बालाकोट पाकिस्तान वाला नहीं है किसी को तो बागलकोट ही बालाकोट लग गया। किसी को लगा हिन्दुस्तान की सीमा में बालाकोट है। दो -तीन घंटे तक देश में बता दिया की मोदी झूठ बोलता है। ये तो हमारे यहां है, भाई यहां कोई बम गिरता क्या ? बागलकोट को कोई नुकसान गए था क्या? लेकिन उन्होंने बागलकोट और बालाकोट का भी ऐसा झूठ चलाया भाइयो।

साथियो, देश कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों को हिन्दुस्तान भली-भांती पहचान चूका है, कांग्रेस पर जब भी अस्तित्व का संकट आता है। तब वो समाज में बंटवारे का जहर भर देती है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी आपने देखा, कैसे आस्था के आधार पर भाई-भाई में दरार डालने का काम किया। मां के दूध में दरार करने की इन लोगों ने कोशिश की थी। कांग्रेस के मंत्री खुलकर स्वीकार कर चुके हैं की लिंगायत समाज को वोट बांटने के लिए कैसे खतरनाक साजिश इन्होंने रची थी। क्या मां का दूध कभी दो टुकड़ो में बट सकता है क्या? क्या मां के दूध में दीवार बन सकती है क्या? इन्होंने ये पाप किया था। आज भी इसी बात को लेकर इनके मंत्री आपस में लड़-झगड़ रहे हैं।

भाइयो और बहनो, कांग्रेस के बंटवारे वाले खेल से आपको सावधान रहना होगा। जो कांग्रेस, वोट के लिए जम्मू कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री वालों के साथ खड़ी है, आपको मालूम है ना? जम्मू कश्मीर के नेता बोल रहे हैं, और इनके साथी और यहां सपथविधी के बाद सबने मिलकर के फोटो निकाले थे उसमें वो भी थे और वो कह रहे हैं जम्मू कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। क्या देश में दो प्रधानमंत्री होने चाहिए क्या? देश में दो प्रधानमंत्री होने चाहिए क्या? क्या जम्मू कश्मीर का अलग प्रधानमंत्री होगा क्या? जो कांग्रेस देशद्रोहियों को खुली छूट देने की बात करती हो, जो कांग्रेस मोदी को गाली देने के चक्कर में पूरे पिछड़े समाज को ही चोर बताने का काम कर सकती हो, वो वोट के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। भाइयो और बहनो 23 मई, 23 मई को चुनाव के नतीजे आने वाले हैं, याद है न 23 मई को फिर एक बार...

फिर एक बार... मोदी सरकार
फिर एक बार... मोदी सरकार
फिर एक बार... मोदी सरकार

23 मई को फिर एक बार जब आप मोदी सरकार आप बनाएंगे तब हमने देश की आकांक्षाओं को पूरी करने का संकल्प लिया है, हर वर्ग के लिए बड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है। संकल्प ये की भारत को आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्त करेंगे, संकल्प ये की 2022 तक गरीब बेघर को, उसके सर पर पक्का घर होगा, पक्की छत होगी, संकल्प ये की 2022 तक किसानों की आय डबल करेंगे, अभी जो छोटे किसानों के खाते में हर साल 75 हजार करोड़ रूपए जमा कराने की योजना चल रही है सरकार बनने के बाद उसको तो लागू रखेंगे। लेकिन, अभी जो 5 एकड़ का रोक है, नियम है, वो 5 एकड़ का नियम हटा देंगे और सभी किसानों को फायदा देंगे। मैं समझता हूं की लोकसभा चुनाव में, कर्नाटक में, आपका आशीर्वाद यहां की सरकार पर भी दबाव बनाएगा की वो हमे पी एम किसान योजना के लाभार्थियों को पूरी लिस्ट दें, वरना कर्नाटक के लाखों किसान अब भी इसके लाभ से वंचित रखने का षडयंत्र मिलावटी सरकार कर रही है।

साथियो, हमने संकल्प लिया है की सूखे से निपटने के लिए एक जलशक्ति मंत्रालय बनाया जाएगा। इसके तहत पानी के लिए हम मिशन मोड पर काम करने वाले हैं। देश की नदियां, समंदर और बारिश के पानी को तकनीक के माध्यम से जरुरत वाले क्षत्रों में पहुंचाया जाएगा। कर्नाटक में पहले ही अनेक सिंचाई परियोजनाओं पर हम काम कर रहे हैं।
ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीक को सुलभ किया जा रहा है, जिसका लाभ बागलकोट भी उठा रहा है। अलमट्टी डैम की साफ सफाई को लेकर भी हर प्रकार की मदद देने को हम प्रतिबद्ध हैं लेकिन यहां की सरकार को फुर्सत ही नहीं है।

साथियो, गन्ना किसानों की समस्या को देखते हुए हमारी सरकार गन्ने से इथेनॉल बनाने का एक बहुत बड़ा अभियान पहले ही शुरू कर चुकी है। इस कदम से चीनी की अधिक पैदावार होने पर आपका पैसा मिलों में नहीं फसेगा, इथेनॉल बनाने से कीमत भी आपको ज्यादा मिलेगी। भाइयो और बहनो, किसानों के साथ-साथ बुनकरों के लिए भी अनेक काम हमने किए हैं। बागलकोट की साड़ियां बनाने वालों को पेंशन मिले, इसके लिए पी एम श्रमयोगी मानधन योजना बनाई है। इस योजना से जुड़ने पर 60 वर्ष के बाद तीन हजार रूपए हर महीने पेंशन मिलेगा।

साथियो, सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है। और सबको सुरक्षा सबको सम्मान ये हमारा प्रण है, ये प्रण तभी मजबूत होगा जब आप कमल के फूल के सामने बटन दबाएंगे, खुद भी वोट दीजिए और दूसरों को भी वोट देने के लिए लेके जाइए। और आपका एक एक वोट इस चौकीदार के खाते में ही जाएगा।

आज मैं यहां से बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्त्ता को भी कहूंगा की वो पूरी शक्ति से, पूरी जी जान से काम में लग जाए। उनकी तपस्या ही केंद्र में बीजेपी की सरकार बनाएगी, पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाएगी, मजबूत सरकार बनाएगी और आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे ना, आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे तो वोट सीधा- सीधा मोदी के खाते में जाएगा।

भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए आप देश में मजबूत सरकार चाहते हैं? आप देश में मजबूत सरकार चाहते हैं? देश को मजबूत सरकार चाहिए, देश मजबूत होना चाहिए, मजबूत होने के लिए चौकीदार भी चाहिए की नहीं चाहिए? आप मेरे साथ एक संकल्प लेंगे, एक नारा लगाएंगे, मैं जब नारा बुलवाऊंगा, बोलिए मैं भी चौकीदार, बोलेंगे
मैं भी...चौकीदार, मैं भी...चौकीदार, सारा देश चौकीदार। दोनों हाथ ऊपर कर के पूरी ताकत से बोलिए

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बहुत बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister condoles the loss of lives due to a fire mishap in Delhi’s Shahdara district
May 03, 2026
PM announces ex-gratia from PMNRF

Prime Minister Shri Narendra Modi has expressed deep grief over the loss of lives due to a fire mishap in Delhi’s Shahdara district.

The Prime Minister extended his condolences to those who have lost their loved ones in this tragic mishap and prayed for the speedy recovery of the injured.

Shri Modi announced that an ex-gratia of Rs. 2 lakh from the Prime Minister's National Relief Fund (PMNRF) would be given to the next of kin of each of those who lost their lives, and the injured would be given Rs. 50,000.

The Prime Minister posted on X:

"The loss of lives due to a fire mishap in Delhi’s Shahdara district is extremely distressing. Condolences to those who have lost their loved ones. Praying for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each of those who lost their lives. The injured would be given Rs. 50,000: PM"