I appeal to my voters to ensure maximum turnout from your state during these elections and give the BJP a resounding majority so that we can revive the economy here: PM Modi in West Bengal
With the support that I witness here, I am certain that the people of West Bengal are all set to give a major jolt to the TMC and its Mahamilawati allies in these elections: PM Modi
Prior to 2014, Congress had created a record in the number of scandals that happens under its nose. Now, the TMC is following the Congress’ footsteps in both widespread corruption and crime: Prime Minister Modi

भारत माता की... जय
भारत माता की... जय।

वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी नेतागण, हमारे उम्मीदवार जी और विशाल संख्या में पधारे हुए, उत्साह और उमंग से भरे हुए, लोकतंत्र के प्रति संपूर्ण समर्पण रखने वाले मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

आसनसोल और वर्धमान-दुर्गापुर के मेरे साथियो, आप सच में कमाल कर रहे हैं। इस बार आपने जो पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने का जो कमाल किया है, आपने जो ठानी है, आज पूरे देश में ये चर्चा है। बंग भूमि से उठी बदलाव की इस लहर से बड़े-बड़े पॉलिटिकल पंडित भी परेशान हैं। पश्चिम बंगाल के लोग इस बार महामिलावटी दलों को जो झटका देने जा रहे हैं वो एक नया इतिहास बनाएगा। जो लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश करती हो ऐसी तृणमूल को सबक सिखाने का मन पश्चिम बंगाल ने बना लिया है। जो खुलेआम बूथ लूटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को भड़काते हैं उनको यहां की जनता ने अब ठीक करना शुरू कर दिया है। स्पीड ब्रेकर दीदी, उनकी ये बौखलाहट, चुनाव आयोग पर भड़कना और मोदी को गालियां देना, ये सब आप देख रहे हैं ना। दीदी की ये बौखलाहट तब और बढ़ जाती है, जब मैं कहता हूं जो भ्रष्ट है उसे ही मोदी से कष्ट है।

साथियो, आसनसोल की धरती से मैं भारतीय जनता पार्टी के एक-एक सिपाही को बधाई देना चाहता हूं। यहां के मतदाताओं के सामने सर झुकाकर नमन करना चाहता हूं। पहले दो चरणों में जिस तरह आपने, अपने बूथ की रक्षा की है, सामान्य जन के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की है, इसके लिए आप कोटि-कोटि बधाई के पात्र हैं। बड़े से बड़ा देश इस भावना के साथ, आप जिस समर्पण भाव से यहां तृणमुल के अत्याचार के खिलाफ लड़ रहे हैं, उसका परिणाम मिल रहा है। आपका पसीना, आपका बलिदान पश्चिम बंगाल के हर उस व्यक्ति को शक्ति देने वाला है जिसकी आवाज को बरसों से दबाया गया, जिसके हक को गुंडों ने छीन लिया, जिसकी कमाई को जगाई-मथाई के गठबंधन ने लूट लिया। भाइयो-बहनो, 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार ने देश के इतिहास में घोटालों के रिकॉर्ड बना दिए थे। आज टीएमसी की सरकार घोटालों के विषय में कांग्रेस को पूरी टक्कर दे रही है। आप का प्यार मेरे सर-आंखों पर। करप्शन हो या क्राइम, ये दो ही ऐसी चीजें हैं जो टीएमसी के राज में नॉन-स्टॉप है, बाकी हर चीज के लिए स्पीडब्रेकर दीदी तो है ही।

भाइयो-बहनो, ये बात किसी से छिपी है क्या, की टीएमसी की फूल-पत्ती कोयले के काले माल से खिलती है। साथियो, नारदा, शारदा, रोजवैली ये सिर्फ घोटाले नहीं हैं, गरीब के जीवन के साथ किया गया बहुत बड़ा अपराध है। और इसके तार कहां तक पहुंच रहे हैं ये भी आप जानते हैं। एक राज्य का मुख्यमंत्री जब सरेआम गरीबों को लूटने वाले पक्ष में खड़ा हो जाए तो स्थिति आप समझ ही सकते हैं। भाइयो-बहनो, पाकिस्तान के कितने आतंकवादी मारे गए इस बात का तो उनको सबूत चाहिए लेकिन गरीबों की कमाई को किसने लूटा उसके सबूतों को मिटाने का ये दिन-रात षड़यंत्र करते रहते हैं। साथियो, आज दीदी जगह-जगह कहती फिर रही है की वो देश को अपनी पार्टी वाला डेवलपमेंट देने वाली है, आखिर क्या है दीदी का डेवलपमेंट मॉडल।

साथियो, स्पीडब्रेकर दीदी का ये डेवलपमेंट मॉडल किस चीज पर आधारित है? ये आधारित है तृणमूल तोलाबाजी टैक्स पर, उनका मॉडल आधारित है कोल माफिया, बालू माफिया, ऑयरन माफिया और जमीन माफिया पर। उनका मॉडल है, पहले घुसपैठियों को आने का रास्ता दो और फिर पश्चिम बंगाल के साधनों में उन्हें लूट का हिस्सा दो। भाइयो-बहनो, नौजवानों के लिए, उनके लिए भी स्पीडब्रेकर दीदी ने एक अलग सा डेवलपमेंट मॉडल विकसित किया है। पहले तो यहां नौकरी की दिक्कत, नौकरी मिलती है तो वेतन नहीं मिलता, जिनको वेतन मिलता है उनको इंक्रीमेंट नहीं मिलता, वेतन में बढ़ोतरी होती नहीं। जिनकी तनख्वा कुछ बढ़ती है उनको डीए का लाभ नहीं मिलता, ममता दीदी के राज में यही हो रहा है। आप मुझे जवाब देंगे, मेरे सवाल का जवाब देंगे? क्या दीदी वाला ऐसा मॉडल देश को चाहिए क्या?

साथियो, ये वो धरती है जिसके वीर-सपूतों ने अत्याचार पर आवाज उठाई है, ये भूमि आचार्य रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि है तो ये शहीद सूर्यसेन की भी भूमि है। ये भूमि स्वामी विवेकानंद की भी भूमि है तो शहीद जतीन्द्रनाथ दास की भी भूमि है। ये भूमि नजरुल इस्लाम की है तो नेता जी सुभाष चंद्र बोस की भी है। आज भी इस प्रदेश के युवक और युवतियों में अनेकों रवीद्रनाथ, अनेकों नेताजी, अनेकों जतीन्द्रनाथ, उनके भीतर आज भी जिंदा है। विशेष तौर पर वो बेटे-बेटीयां जो 21वीं सदी में पैदा हुए हैं, जो इस बार, पहली बार लोकसभा के लिए मतदान करने वाले हैं, वो पश्चिम बंगाल में नई राजनीति की शुरूआत करने वाले हैं। हिंसा, आतंक, घुसपैठ, तस्करी की राजनीतिक विरासत के साथ वो नहीं रहना चाहते, उनको नया हिंदुस्तान चाहिए, नया पश्चिम बंगाल चाहिए। उनको एक ऐसा पश्चिम बंगाल चाहिए जो विकास की पंचधारा बहे, जो विकास की पंचधारा से आगे बढ़े। यानी जहां बच्चों को पढ़ाई, युवा को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई हो। लेकिन साथियो, मुट्ठी भर सीटों पर लड़कर हमारी दीदी प्रधानमंत्री बनने का सपना भी देख रही है। अगर ऑक्शन से प्रधानमंत्री का पद मिल जाता तो कांग्रेस और दीदी, दोनों ऑक्शन में जो माल लूटा है उसको लेकर के आ जाते। दीदी ये प्रधानमंत्री पद ऑक्शन में नहीं है, जो शारदा-नारदा के पैसों से खरीदा जा सकता है। ये प्रधानमंत्री पद 130 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद से मिलता है, ये प्रधानमंत्री पद, सामान्य मानवी की जिंदगी से जुड़ा हुआ होता है। लेकिन दीदी आपको ये भी तो बताना चाहिए की आप पाकिस्तान से आप अपनी रोज-वैली से लाए फूल देकर संबंध बनाओगी क्या? क्या ये रोज-वैली के फूलों से पाकिस्तान मान जाएगा? क्या आप आतंकियों से ये कहोगी की अपने आतंकी होने का सबूत लाओ? और आप लोगों को ये भी बताइए की जम्मू-कश्मीर के लिए, दीदी कोलकाता में हाथ पकड़-पकड़ कर नाच रहे थे आप लोग। जम्मू-कश्मीर के भी बाप-बेटे आए थे, दीदी जरा बताइए, ये कोलकाता में जिनके हाथ पकड़ कर के सारे नेता उछल-कूद कर रहे थे। अब वो कह रहे हैं की जम्मू-कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री चाहिए। इसी धरती की संतान डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया था। इस देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे और आज जम्मू-कश्मीर में अलग प्रधानमंत्री की बात हो रही है और वो आपके साथ मंच पर बैठ कर के हाथ उठाकर के मोदी हटाने के लिए नारे लगा रहे थे। क्या दीदी आप भी चाहती हो की देश में दो प्रधानमंत्री हों?

साथियो, पश्चिम बंगाल जानना चाहता है, एयर स्ट्राइक, ये सर्जिकल स्ट्राइक के समय दीदी पाकिस्तान के पक्ष में आपने जो आंसू बहाए, वही उनकी नीति है क्या? साथियो, ये आसनसोल म्यूनिसिपालिटी का चुनाव नहीं है, ये 130 करोड़ के भाग्य का निर्माण करने वाला चुनाव है। देश की सुरक्षा के मुद्दे महत्व रखते हैं इसलिए ममता दीदी आपको इन सवालों के जवाब देने ही होंगे। महामिलावट की हांडी पर अपनी खिचड़ी पकाने से बात बनने वाली नहीं है। अरे नीयत भी स्पष्ट होनी चाहिए और नीति भी साफ होनी चाहिए। वैसे साथियो, ममता दीदी की जमीन खिसक चुकी है। अब उनका सूरज तपता नहीं है वो अस्त होने लगा है और इस बात का अंदाजा उनको भी है। टीएमसी की आज ये स्थिति हो गई है की रैलियों में लोग नहीं आ रहे हैं तो विदेशों से फिल्मी कलाकार बुलाने पड़ रहे हैं, बड़ी दया आती है दीदी आप पर, बड़ी दया आती है। और हां दीदी क्या कर दिया, ये बंगाल की वीर जनता ने आपका। भाइयो-बहनो, दीदी ने पहले घुसपैठ करा कर अपना कैडर बनाया और अब प्रचारक भी वो विदेश से बुला रही है लेकिन आपका ये चौकीदार दो टूक कहना चाहता है। घुसपैठियों के दम पर पश्चिम बंगाल में अब राजनीति नहीं चलेगी, दीदी के भाड़े के गुंडों के दम पर शासन की जो परंपरा चलाई है वो भी अब खत्म हो कर के रहेगी। अब पश्चिम बंगाल का भाग्य और देश की दिशा भारत माता की जय कहने वाले ही तय करेंगे।

भाइयो-बहनो, नया हिंदुस्तान बनाने की जिम्मेदारी, नया भारत बनाने की जिम्मेदारी, आपकी और हम सब की है। नया हिंदुस्तान, सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला नेतृत्व चाहता है, नया हिंदुस्तान एक विजन वाली सरकार चाहता है, डिवीजन वाले परिवार नहीं चाहता। नया हिंदुस्तान सुरक्षा की गारंटी चाहता है, सम्मान चाहता है। अपने त्यौहार के समय पूजा की, यात्राएं निकालने की आजादी चाहता है। नया हिंदुस्तान, दुनिया में भारत का दबदबा चाहता है, बुलंद आवाज वाला देश चाहता है, अपनी बात मजबूती से रख सके ऐसा लीडर चाहता है। नया हिंदुस्तान आतंकवाद पर प्रहार चाहता है, राष्ट्रहित में फैसले लेने वाली सरकार चाहता है। नए हिंदुस्तान की इन भावनाओं को, ये दर्जन भर महामिलावटी लोग पूरा कर सकते हैं क्या? पूरी ताकत से बताइए, एक में भी दम है क्या? ये आपके सपने पूरे कर सकते हैं क्या? आप मुझे बताइए, ईमानदारी से बताएंगे? नए हिंदुस्तान के संकल्प को कौन पूरा कर सकता है? आपको भरोसा है, पूरा विश्वास है? जी नहीं, मोदी अकेले नहीं, आपका एक वोट कर सकता है। आपके वोट की ताकत है की सेना के जवान सर्जिकल स्ट्राइक कर सकते हैं। आपके वोट की ताकत है की सेना के जवान एयर स्ट्राइक कर सकते हैं। आपके वोट की ताकत है की तीन मिनट में अंतरिक्ष में जा कर के हमारी मिसाइल दुश्मन के सैटेलाइट को गिरा सकती है।

भाइयो-बहनो, आतंकवाद खत्म होना चाहिए कि नहीं खत्म होना चाहिए? चुन-चुन के साफ होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? और इसके लिए दिल्ली में मजबूत सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए? और मजबूत सरकार चलाने के लिए मजबूत चौकीदार चाहिए कि नहीं चाहिए? हम सभी को मिलकर नया हिंदुस्तान बनाना है। साथियो, ये चौकीदार हमेशा 130 करोड़ हिंदुस्तानियों की बात करता है। सबका साथ-सबका विकास हमारा मंत्र है, सबको सुरक्षा-सबको सम्मान ये हमारी प्रतिज्ञा है। हमने ही गरीब सामान्य वर्ग के लोगों को दस फीसदी आरक्षण देने के लिए संवैधानिक संशोधन किया, जिसका लाभ सभी को मिलेगा। हमने ही दलितों के हित की रक्षा के लिए कदम उठाए, हमने ही ओबीसी के लिए पिछड़े आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाया। ये हमारी ही सरकार है जो देश की विकास की दौड़ में पिछड़ चुके उत्तर-पूर्वी और पूर्वी भारत के लिए विशेष योजनाएं पूरा कर रही है। मुझे याद है की सरकार बनने के 6 महीने के भीतर ही मैंने यहां के सैल के आधुनिकीकरण के प्रोजेक्ट को देश को समर्पित किया था।

साथियो, एक संवेदनशील सरकार लोगों की अपेक्षाओं, लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए काम करती है। ये हमारी ही सरकार है, जिसने बेटियों के साथ रेप, बलात्कार जैसे अपराध में फांसी तक का प्रावधान किया है। बेटियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून बनाए हैं, मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के चंगुल से आजाद करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। भाइयो-बहनो, आज 23 अप्रैल है, 23 मई को इस समय तो देश में चुनाव के नतीजे आ गए होंगे। 23 मई को एक महीने के बाद जब चुनाव के नतीजे आएंगे। 23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार आएगी तब शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून बनाने का भी पूरा प्रयास किया जाएगा। जब फिर मोदी सरकार आएगी तब पश्चिम बंगाल की सरकार पर दबाव बनेगा की वो आयुष्मान योजना यहां लागू करें ताकी यहां के 1 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पूरे देश में कहीं भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिल पाए। जब फिर मोदी सरकार आएगी तो पश्चिम बंगाल के सभी किसानों के खातों में सीधी मदद मिलेगी, जब फिर मोदी सरकार आएगी तब व्यापारियों के लिए एक राष्ट्रीय व्यापारी आयोग बनाया जाएगा। जब फिर मोदी सरकार आएगी तब 2022 तक पश्चिम बंगाल के हर गरीब बेघर के पास अपना पक्का घर होगा, घर में शौचालय होगा, गैस का कनेक्शन होगा, बिजली होगी, दूधिया एलईडी बल्ब होगा।

साथियो, ये सभी संकल्प आपके पश्चिम बंगाल के एक-एक साथी के सहयोग से सिद्ध होने वाले हैं। हम सभी चौकीदारों को अत्याचारियों का डटकर मुकाबला करना है, आपको किसी से डरने की जरूरत नहीं है। ये कांग्रेस-टीएमसी और लेफ्ट मिलकर जो अफवाहें उड़ा रहे हैं उससे भी सतर्क रहिए। खुलकर बूथ तक आइए और अपना वोट डालिए। साथियो, 2014 में मैंने आपसे आकर के वोट मांगा था। बाबुल सुप्रियो और आपने मेरी बात रखी, मैंने आपकी भावनाओं का हृदय से सम्मान किया। भाइयो-बहनो, बाबुल सुप्रियो आपके लिए लड़ते रहे, हमारे सभी कार्यकर्ता आपके लिए लड़ने-मरने वाले कार्यकर्ता हैं। एक बार फिर हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद दीजिए। पहले से ज्यादा भारी बहुमत से जिताइए और आप विश्वास रखिए, आप जब कमल के निशान पर बटन दबाएंगे ना, तो आपका वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा, ये चौकीदार को मिलेगा और आपका वोट एक-एक कमल का फूल ये चौकीदार को मजबूत बनाएगा। भाइयो-बहनो, देश मजबूत होना चाहिए कि नहीं? देश मजबूत होना चाहिए कि नहीं? सरकार मजबूत होनी चाहिए कि नहीं? चौकीदार मजबूत होना चाहिए कि नहीं? हर हिंदुस्तानी चौकीदार होना चाहिए कि नहीं? मैं एक संकल्प दिलवाता हूं, दोनों हाथ ऊपर कर के, मुट्ठी बंद करके, पूरी ताकत से संकल्प लेना है। आपको बोलना है चौकीदार।

गांव-गांव है… चौकीदार, शहर-शहर है… चौकीदार, बच्चा-बच्चा… चौकीदार, बड़े-बुजुर्ग भी… चौकीदार, माता-बहने… चौकीदार, घर-घर में है… चौकीदार, खेत-खलिहान में… चौकीदार, बाग-बगान में… चौकीदार, देश के अंदर… चौकीदार, सरहद पर भी… चौकीदार, डाक्टर-इंजीनियर… चौकीदार, शिक्षक-प्रोफेसर… चौकीदार, लेखक-पत्रकार… चौकीदार, कलाकार भी… चौकीदार, किसान-कामगार… चौकीदार, दुकानदार भी… चौकीदार, वकील-व्यापारी… चौकीदार, छात्र-छत्राएं… चौकीदार, पूरा हिंदुस्तान… चौकीदार।

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम, वंदे मातरम।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।