PM Modi takes dig at the BJD, says June 4 'expiry date' of incumbent state government
If a BJP chief minister becomes the CM of Odisha who understands, lives and is proud of Odia culture, then your problems will be solved quickly: PM
BJD government did not allow the Ayushman Bharat Yojana to get implemented in Odisha, says PM Modi
People of 'rich' Odisha remained poor due to Congress and BJD, says PM Modi in Berhampur

जय जगन्नाथ.. जय जगन्नाथ.. जय जगन्नाथ। जय श्री राम.. जय श्री राम.. जय श्री राम। साबू, दादा, भाई, मां औ बाहें मनकू मोर नमस्कार। इस चुनाव में जो एमएलए का चुनाव लड़ रहे जरा आगे आ जाएं, जो एमएलए का चुनाव लड़ रहे हैं और जो लोकसभा का लड़ रहे दोनों आगे आ जाएं और हमारे प्रदेश अध्यक्ष भी आगे आ जाएं। जय जगन्नाथ, भारत माता की। 

कल मैं प्रभु राम की नगरी अयोध्या में था, वहां रामलला और अयोध्यावासियों के दर्शन किए। आज यहां महाप्रभु जगन्नाथ की धरती पर हूं। आपके आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं। आज हमारे रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं। ये आपको मालूम है, ये भव्य राम मंदिर कैसे बना है? किसने बनाया? किसने बनाया? किसने बनाया? किसने बनाया? आपका जवाब गलत है, ये प्रभु रामलला का भव्य मंदिर मोदी ने नहीं, आपके एक वोट ने बनाया, ये आपके एक वोट की ताकत है कि रामलला का भव्य मंदिर बना है। ये रामलला का मंदिर मतलब 500 साल का इंतजार, 500 साल का इंतजार खत्म हुआ। मैं उड़ीसा के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

भाइयों और बहनों,

उड़ीसा में इस बार दो यज्ञ एक साथ हो रहे हैं। एक यज्ञ- देश में, हिंदुस्तान के लिए मज़बूत सरकार बनाने के लिए है और दूसरा यज्ञ- उड़ीसा में भाजपा के नेतृत्व वाली मजबूत राज्य सरकार बनाने का है और मैं आपके जोश, आपके उत्साह में एक ही भावना देख रहा हूं। उड़ीसा में पहली बार, डबल इंजन सरकार।

साथियों, 

मैं आज उड़ीसा भाजपा को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उड़ीसा भाजपा ने उड़ीसा की आकांक्षाओं को, यहां के युवा सपनों को ध्यान में रखते हुए यहां की बहनों-बेटियों के सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए बहुत ही विजनरी संकल्प पत्र जारी किया है, मेनिफेस्टो कल जारी किया है। इसमें युवाओं-महिलाओं के लिए रोजगार भी है। इसमें बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य भी है। इसमें उड़ीसा की महान संस्कृति, यहां पर पर्यटन के विकास के लिए अहम घोषणाएं भी हैं। धान किसानों के लिए, ‘केंदु पत्र’ के लिए भी बीजेपी के संकल्प पत्र में बहुत ही बड़ी घोषणाएं की गई हैं और आप तो जानते हैं बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है। और इसलिए यहां सरकार बनने के बाद हम पूरी शक्ति से इन घोषणाओं पर अमल करेंगे और ये मोदी की गारंटी है और लिख लीजिए 4 जून, 4 जून पर यहां बीजेडी सरकार की एक्सपायरी डेट लिखी हुई है। भाइयों- बहनों, आज 6 मई है, 6 जून को बीजेपी के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तय होगा। 10 जून को भुवनेश्वर में बीजेपी के मुख्यमंत्री का शपथ समारोह होगा और मैं आज आप सबको भाजपा के सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह के लिए निमंत्रण देने आया हूं।

भाइयों और बहनों,

उड़ीसा में बीजेडी अस्त है, कांग्रेस पस्त है और लोग बीजेपी पर आश्वस्त है और सिर्फ भाजपा उम्मीदों का नया सूरज बनकर आयी है। उड़ीसा में पहले करीब 50 साल कांग्रेस और फिर 25 साल से बीजेडी सरकार रही है, लेकिन हुआ क्या? उड़ीसा के पास भरपूर पानी भी है, उड़ीसा के पास भरपूर उपजाऊ जमीन भी है, उड़ीसा के पास जमीन के नीचे खनिज का खज़ाना भी है, इतना लंबा समुद्री तट भी है, बेरहामपुर जैसा ट्रेड सेंटर भी है, ये तो सिल्क सिटी भी है और खाद्य की राजधानी भी है। यहां इतिहास भी है, संस्कृति की धरोहर भी है, सबकुछ है परमात्मा ने इतना दिया है, इतना दिया है। मैं हर बार कहता हूं फिर ऐसा क्या हुआ कि इतने अमीर उड़ीसा की, मेरी बात समझना इतने अमीर उड़ीसा की जनता गरीब रह गई। उड़ीसा अमीर है, जनता गरीब है, इसका जवाब है ये पाप किसने किया? ये पाप किसने किया? ये पाप किसने किया? इसका जवाब है पहले कांग्रेस और फिर बीजेडी के नेताओं की लूट। उड़ीसा में बीजेडी के छोटे- छोटे नेता भी बड़े- बड़े बंगले के मालिक हो गए हैं। आखिर क्यों मुख्यमंत्री के इस क्षेत्र से सबसे ज्यादा श्रमिक दादन करते हैं, पलायन करते हैं? आखिर क्यों यहां ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टर के पद खाली हैं? आखिर क्यों यहां बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं? हिंजिली में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज तक नहीं है, पानी की बेहतर सुविधा नहीं है। 

साथियों,

मोदी ने उड़ीसा के विकास के लिए कभी बजट की कमी नहीं रखी। (मैं एक आंकड़ा बताता हूं, ये आंकड़ा याद रखोगे आप जरा सबके सब बताओ मैं एक आंकड़ा दे दूं याद रखोगे, पक्का आंकड़ा है याद रखोगे। घर-घर जाके बताओगे अगर याद नहीं रहता तो बैठे-बैठे लिख लेना, मोबाइल में टाइप कर देना, ठीक है) देखिए, आप जानते हैं जब केंद्र में 10 साल सोनिया जी की रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी, मनमोहन सिंह जी को प्रधानमंत्री पद पर बिठाया हुआ था तो उन्होंने सिर्फ उड़ीसा को एक लाख करोड़ रुपया उड़ीसा को दिए थे। 10 साल में कितना? 10 साल में कितना? जरा याद करके बोलिए 10 साल में कितना? और जोर से बोलिए 10 साल में कितना? और मोदी ने कितने दिए, बताऊं..बताऊं, याद रखोगे। 10 साल में मोदी ने साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए से ज्यादा उड़ीसा को दिए। लेकिन साथियों, आप भी जानते हैं सिर्फ पैसा भेजने से काम नहीं चलता है यहां पर अच्छी सरकार भी तो चाहिए। ये दिल्ली से आपके लिए पैसा भेजता है, आपके लिए योजनाएं बनाता है लेकिन बीजेडी सरकार या तो उनको लागू नहीं करती या फिर उनपर अपना स्टीकर लगा देती है, अपना लेवल लगा देती है और ऊपर से लूटपाट करती है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए उड़ीसा को दिए। कितने? ऐसा नहीं आंकड़ा याद रखना पड़ेगा भाई, कितने दिये? 10 हजार करोड़, कितने दिये? कितने दिये? उस पैसे का 10 हजार करोड़ बीजेडी सरकार ने क्या किया, वो पैसे यहां की सरकार सही से खर्च ही नहीं कर पाई। मोदी गांव में सड़कें बनाने के लिए पैसा भेजता है, लेकिन यहां गांवों में सड़कों की हालत खराब है। मोदी दिल्ली से मुफ्त चावल के लिए पैसा भेजता है, लेकिन बीजेडी सरकार क्या करती है? वो इस योजना पर भी अपनी फोटो चिपका देती है, मुफ्त चावल का बैग अपने नाम से आपको देती है। ये उनको बेईमानी क्यों करनी पड़ती है, क्योंकि खुद ने कुछ किया ही नहीं है अगर खुद करते तो मोदी के काम पर खुद की फोटो लगानी पड़ती क्या? लगानी पड़ती क्या? खुद ने कुछ किया ही नहीं।

साथियों,

मोदी ने पूरे देश में गरीबों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी दी है, 5 लाख रुपए (भाई जरा इधर ध्यान दीजिए आप लोग अरे लोग तो अब आ रहे क्या करेंगे भाई लोगों का उत्साह है आयेंगे अब क्या करेंगे? मुझे आगे जाना है) देशभर में 6 करोड़ से ज्यादा लोग ये मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं। लेकिन इसका उड़ीसा के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला, क्योंकि बीजेडी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को यहां लागू ही नहीं होने दिया। उनको लगता है लोग बीमार रहे तो रहे मुझे क्या? ऐसा सोचने वाली यहां सरकार, इतना ही नहीं ऐसे में जो साथी काम के लिए दूसरे राज्य गए हैं उनको वहां मुफ्त इलाज नहीं मिल पाता। इसकी गुनहगार कौन है? इसकी गुनहगार कौन है? इसकी गुनहगार कौन है? यहां की बीजेडी सरकार। कौन है गुनहगार? कौन है गुनहगार? कौन है गुनहगार? अब तो मोदी ने एक और गारंटी दी है। 10 जून को भुवनेश्वर में जैसे ही बीजेपी का मुख्यमंत्री शपथ लेगा उसी दिन आप सब में जो गरीब परिवार के लोग हैं उनको पांच लाख रुपया मुफ्त इलाज का काम शुरू हो जाएगा और जो 70 साल से ऊपर के बुजुर्ग भाई-बहन हैं उनको भी किसी भी परिवार से हो, किसी भी जाति से हो, किसी भी समाज से हो आपके घर में 70 से ऊपर जो भी हैं, हर एक के इलाज का खर्चा अब आपको नहीं ये भगवान जगन्नाथ का बेटा करेगा, मोदी करेगा..मोदी। और इससे बुजुर्गों का ही नहीं, परिवार के युवाओं का भी फायदा होगा, उन्हें अपने माता-पिता के इलाज की चिंता से मुक्ति मिलेगी। अब आपके माता-पिता की चिंता मोदी करेगा, अपने बच्चों की चिंता आप करना। ठीक है। इसके लिए यहां उड़ीसा में भी भाजपा सरकार बनना बहुत जरूरी है। 

साथियों, 

आज उड़ीसा में जो सरकार है, उसे महिलाओं के हितों की परवाह ही नहीं है। (एक काम करिए भाई एसपीजी वाले ये दो छोटे-छोटे बच्चे चित्र लेकर आए हैं वो एक नौजवान लेके आया है, ये जरा ले लीजिए भाई और पीछे अपना अता- पता लिख दीजिए, मैं चिट्ठी भेजूंगा आपको। पीछे अपना नाम-पता लिख दीजिए। आपका ये प्यार आपका ये आशीर्वाद, ये हमारा उड़ीसा तो कला का धाम है, कलाकारों का स्वर्ग है ये। आप दे दीजिए हमारे एसपीजी को मैं जरूर जाकर देखूंगा। बच्चे आपका जो प्यार है ना वो मेरी बहुत बड़ी पूंजी है शाबाश, इतना प्यार से आप लोग रात- रात जग करके बनाते हैं सारी चीजें। हां, उस बच्ची से भी ले लीजिए भाई, उधर उस नौजवान से ले लीजिए अरे उधर से देखो भाई एसपीजी। हां, देखिए इधर हमारी मां का चित्र लेके आई है एक बहन, उनसे भी ले लीजिए भाई। वो दो-तीन लोग है वहां। आप सब अपना अता- पता लिख दीजिए मैं आपको चिट्ठी लिखूंगा और मैं उड़िया में चिट्ठी लिखूंगा, मैं आपके मुख्यमंत्री जैसा नहीं हूं। मैं तो आपके दिलों में राज करता हूं मुझ पर तो जगन्नाथ भगवान का आशीर्वाद है। देखिए, उधर से भी एक नौजवान से ले लीजिए भाई। ये इतने प्यार से बना करके लाए हैं मैं इनको मना नहीं कर सकता जी। शाबाश, अभी अब और किसी के पास रह गया है तो मुझे डाक में भेज देना, ठीक है। बोलिए, भारत माता की.. भारत माता की.. उड़ीसा के कलाकारों की.. उड़ीसा के लोगों की मेहनत की.. उड़ीसा के लोगों के प्यार की.. शाबाश) देखिए, केंद्र सरकार हर गर्भवती महिला को 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दे रही है, जो प्रेग्नेंट वीमेन है ना, गर्भवती मातायें हैं उनको मोदी सरकार 6 हजार रुपए भी देती है ताकि उसके गर्भ में स्वस्थ बच्चा उसको पोषण मिले। आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि उड़ीसा सरकार ने यहां इतनी पवित्र योजना माताओं-बहनों की सेवा करने की योजना, अरे भगवान जगन्नाथ प्रसन्न हो जाएं ऐसी पूजा लेकिन ये बीजेडी सरकार ने उसपर भी ताला लगा दिया, लागू नहीं की भाई। कोई मां ये बीजेडी वालों को माफ करेगी क्या? उड़ीसा की कोई माता ये बीजेडी वालों को माफ करेगी क्या? साथियों, वहीं भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उड़ीसा बीजेपी की ‘सुभद्रा योजना’, आपको पता नहीं होगा बाद में बताएंगे ये लोग, ये बहुत महत्वपूर्ण योजना ये उड़ीसा बीजेपी वाले लेके आएं हैं, ‘सुभद्रा योजना’ महिला सशक्तिकरण योजना है यहां महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी। उड़ीसा बीजेपी ने यहां स्वयं सहायता समूहों की 25 लाख बहनों-बेटियों को लखपति दीदी बनाने का भी संकल्प किया है, उड़ीसा के गांव में 25 लाख लखपति दीदी भाई अरे ताली बजाओ इससे बड़ा काम क्या हो सकता है? जो बुजुर्ग महिलाएं हैं, बेसहारा हैं उन्हें भी अलग से आर्थिक मदद दी जाएगी। 

साथियों,

भाजपा ने बहुत गौरव से उड़ीसा की मिट्टी में जन्मी, गर्व करना, उड़ीसा की मिट्टी में जन्मी उड़ीसा की बेटी को देश का सबसे बड़ा पद दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी (कोई उड़ीसा का नागरिक है जिसको गर्व होगा कि नहीं होगा, इससे बड़े गर्व की और कोई बात हो सकती है क्या?) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी ये मेरा सौभाग्य है कि वो मुझे लगातार उड़ीसा के विकास के लिए बहुत बारीक, बारीक, बारीक चीजें बताती हैं और मुझे भी लगता है कि द्रौपदी मुर्मु जी के मार्गदर्शन में, मैं भी उड़ीसा के लिए बहुत कुछ कर पाऊंगा। ये दिल्ली में ये भगवान जगन्नाथ का बेटा जो बैठा है ना वो जरूर काम करेगा, जब यहां उड़ीसा में ओड़िया संस्कृति जीने वाला जबतक ये बहुत जरूरी है उड़ीसा में ओड़िया संस्कृति को समझने वाला, ओड़िया संस्कृति को जीने वाला, ओड़िया संस्कृति पर गर्व करने वाला, ओड़िया संस्कृति के लिए समर्पित बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा तो आपकी समस्याओं का तेजी से समाधान होगा और इसलिए भाजपा का मुख्यमंत्री, भाजपा की सरकार इसका शपथ समारोह होना चाहिए और आप सबको शपथ समारोह में आना चाहिए। उड़ीसा के नौजवानों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मैंने तो देखा है मैं तो गुजरात का रहने वाला हूं और मेरा सूरत वो तो आप दो कदम चलोगे तो कोई उड़िया भाषी वाला मिल जाएगा, यहां बहुत लोग होंगे जिनके परिवार वाले सूरत में रहते होंगे, बहुत से लोग होंगे और मैंने उनके काम को देखा है, उनकी मेहनत को देखा है, इनकी शक्ति को जाना है और इसलिए मुझे विश्वास है ये मेरे उड़िया के नौजवान उनको अगर मौका मिल जाए तो उड़ीसा को देश का नंबर वन राज्य बना सकते हैं और भाजपा को सरकार बनाने का मोह ऐसा नहीं जी मैं आपको गारंटी देता हूं एक बार हमें सेवा करने का मौका दीजिए, 5 साल में मैं मेरे उड़ीसा को देश का नंबर वन बना के दूंगा। 

साथियों, 

भाजपा की पहचान सुशासन है, इसलिए भाजपा को जहां भी सेवा का मौका मिलता है, उस राज्य का विकास नई गति पकड़ लेता है। अब मैं आपको उदाहरण देता हूं हमारे उड़िया भाई-बहन कलकत्ता में बहुत बड़ी संख्या में हैं उनको पता है बगल में त्रिपुरा में क्या हो रहा है? मैं त्रिपुरा का उदाहरण देता हूं जैसे त्रिपुरा को 30 साल से ज्यादा के कम्युनिस्ट और कांग्रेस शासन ने तबाह कर दिया। साल 2018 में वहां के लोगों ने भाजपा को जिताया और सब नए थे, सारे एमएलए नए, कोई अनुभव नहीं था जैसे हमारे उड़ीसा में सब मेरे नौजवान साथी चुनाव लड़ रहे हैं, वैसा त्रिपुरा में था। अब त्रिपुरा पांच साल लोगों ने काम किया, इतना काम किया? इतना काम किया? लोगों ने दोबारा जीत करके बिठा दिया और आज त्रिपुरा तेज गति से विकास कर रहा है। ये हमारा उत्तर प्रदेश बदनाम हो चुका था, कानून- व्यवस्था सब, हमें मौका दिया योगी जी बैठे और आज उत्तर प्रदेश धना धन आगे बढ़ रहा है। भाजपा सरकार में अब यूपी की चर्चा रिकॉर्ड निवेश के लिए होती है, विकास कार्यों के लिए होती है। असम में भी वर्षों के कांग्रेस शासन को देखने के बाद लोगों ने भाजपा को चुना, अब असम हिंसा का दौर पीछे छोड़कर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में भी आज भाजपा सरकार की वापसी के बाद विकास कार्यों ने फिर से तेजी पकड़ी है, ऐसे ही उड़ीसा में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद यहां बहुत तेजी से विकास होगा और ये, ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,

उड़ीसा में कार्तिक पूर्णिमा के दौरान एक सप्ताह तक चलने वाली ‘बाली-यात्रा’ यहां के सामुद्रिक सामर्थ्य को दिखाती है और मोदी, उड़ीसा के इस सामुद्रिक सामर्थ्य को भी बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। हमारा फोकस उड़ीसा की कोस्टल इकोनॉमी पर है। हर क्षेत्र में हम बहुत निवेश कर रहे हैं। हमने पहली बार मछली पालन का अलग मंत्रालय बनाया। भारत सरकार में पहली बार अलग फिशरीज मिनिस्ट्री बनी है। हमने बोट को आधुनिक बनाने के लिए सब्सिडी दी। हमने मछुआरों को पहली बार किसान क्रेडिट कार्ड दिया, ताकि कम ब्याज में जब जरुरत पड़े उसको पैसा मिले। यहां उड़ीसा में भी सागरमाला योजना के तहत करोड़ों का काम हुआ है। साथियों, मछुआरों की सुविधा और समृद्धि हमारे लिए सर्वोपरि है। मछुआरों का बीमा या मछुआरों के प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग क्लस्टर, सी-फूड प्रोसेसिंग इन सभी पर तेजी से काम कर रहे हैं। 

साथियों, 

हम कोस्टल सर्किट योजना के तहत ‘बीच टूरिज्म’ का भी विस्तार कर रहे हैं। यहां भी अनेक स्थानों में इसके तहत काम चल रहा है। गंजम जिला, देश के सबसे आकर्षक टूरिज्म हब के रूप में जाना जाए, ये हमारा प्रयास है। अब उड़ीसा भाजपा ने भी संकल्प लिया है कि वो उड़ीसा को देश के टॉप तीन पर्यटन वाले राज्यों में लेकर आएगी। इससे यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

साथियों,

आज मोदी विकसित उड़ीसा - विकसित भारत का संकल्प लेकर चल रहा है। यहां मंच पर विधानसभा के अनेक उम्मीदवार मौजूद हैं। उड़ीसा के तेज विकास के लिए आपको भाजपा को जिताना और इसलिए मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपको बेरहामपुर से डॉक्टर प्रदीप कुमार पाणिग्रही और अस्का से बहन अनीता शुभदर्शिनी, इन दोनों को आशीर्वाद दीजिए। ये मुझे दिल्ली में मदद करेंगे, ये एमएलए को आशीर्वाद दीजिए वो मेरा उड़ीसा को महान बनाने का सपना पूरा करेंगे। 

और, भाइयों- बहनों,

आपको देखिए, उत्साह- उमंग सब बराबर है लेकिन चुनाव तो जीतना पड़ता है। पोलिंग बूथ में, पोलिंग बूथ नहीं जीतते हैं तो ना चुनाव जीतते हैं, ना एमएलए जीतते हैं, एमपी जीतते हैं और इसलिए आपका संकल्प चाहिए। पोलिंग बूथ जीतेंगे, पोलिंग बूथ जीतेंगे पोलिंग बूथ जीतेंगे। ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे, सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे। अच्छा मेरा एक और काम करेंगे, कमाल हो यार मैंने कहा मेरा काम करोगे तो आप चुप हो गए ऐसे कैसे लोग हैं। मेरा एक काम करोगे, दोनों हाथ ऊपर करके सबके सब लोग बताओ तो मैं बोलूंगा। देखिए, ये चुनाव का काम नहीं है, ये इन उम्मीदवारों का काम नहीं है, ये भाजपा काम नहीं है। ये मेरा पर्सनल काम है, करोगे.. करोगे, जरा हाथ ऊपर करके बताओ करोगे। तो एक काम करिएगा आप जितने ज्यादा घरों में जा सकते हैं जाइए, जितने ज्यादा घरों में और जाकर के कहियेगा कि मोदी जी आए थे और आप सबको जय जगन्नाथ कहा है, मेरा जय जगन्नाथ पहुंचा दोगे। घर- घर मेरा जय जगन्नाथ पहुंचा दोगे, उनको कहियेगा मोदी जी खुद नहीं आ सके लेकिन उन्होंने आपको खास जय जगन्नाथ कहा है। कह देंगे, देखिए आप जब उनको मेरा जय जगन्नाथ कहेंगे ना तो वो मुझे आशीर्वाद देंगे और जब वो मुझे आशीर्वाद देंगे तो मेरी ऊर्जा बहुत बढ़ जाएगी, मेरी ताकत बहुत बढ़ जाएगी और ये ताकत आपके लिए काम आएगी। मुझे आपके लिए काम करना है फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार.. भारत माता की.. भारत माता की.. बहुत- बहुत धन्यवाद।

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!