ଆହ୍ୱାନକୁ ଅତିକ୍ରମ କରି ଆତ୍ମବିଶ୍ୱାସର ସହ ପ୍ରତିଭା ଏବଂ ରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଗୌରବ ପ୍ରଦର୍ଶନ କରିଥିବାରୁ ଖେଳାଳିଙ୍କୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ପ୍ରଶଂସା
କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କ୍ରୀଡ଼ା ମଇଦାନ ସହିତ ଜୀବନରେ ମଧ୍ୟ ସଫଳତାକୁ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିଥାଏ: ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ
ଟିମର ଏହି ଉପଲବ୍ଧି ସମସ୍ତଙ୍କୁ ପ୍ରେରଣା ଦେବା ସହ ଦେଶର ଯୁବପିଢ଼ିଙ୍କ ଶକ୍ତି ଓ ଦୃଢ଼ତାକୁ ଉଜାଗର କରୁଛି: ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ

ଖେଳାଳି - ମହାଶୟ, ଆପଣ କିପରି ଜାଣିଲେ ଯେ ସେ ଗାଆନ୍ତି ବୋଲି ?

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ -  ମୁଁ ଆପଣ ସମସ୍ତଙ୍କର ବିଷୟରେ ଅବଗତ ।

ଖେଳାଳି - ମହାଶୟ, ଆପଣଙ୍କ ସହିତ କଥା ହେବା ପରେ ମୁଁ ବହୁତ ଖୁସି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ମୁଁ ମଧ୍ୟ ବହୁତ ଖୁସି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ଆପଣମାନେ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରୁଛନ୍ତି । ଆପଣ ନିଜ ପାଇଁ ଏକ ପରିଚୟ ସୃଷ୍ଟି କରିପାରିଛନ୍ତି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ଆପଣଙ୍କ ପାଖରେ ସମସ୍ତଙ୍କର  ଦସ୍ତଖତ ଅଛି କି?

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ମୋତେ ଏଥିରେ ଦସ୍ତଖତ କରିବାକୁ ପଡିବ।

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ଦେଖନ୍ତୁ, ବନ୍ଦେ ମାତରମ୍ ଗାନ ହେବାର ୧୫୦  ବର୍ଷ ବିତିଗଲାଣି।

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ତେଣୁ ମୁଁ "ବନ୍ଦେ ମାତରମ୍" ଲେଖିଲି।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ -  ଆପଣମାନେ ବହୁତ ଭଲ ଗାଉଥିବା ଆମେ ଶୁଣିଛୁ।

 

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ। ଗଙ୍ଗାଧର ଶଙ୍କର କରୁଣା କରା, ମାମାଭା ଭାବସାଗର ତାରକା, ଭୋ ଶମ୍ଭୁ, ଶିବ ଶମ୍ଭୁ ସ୍ୱୟଂଭୁ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ବାହ। ତେବେ ଆପଣ ଜାଣନ୍ତି ଯେ ମୁଁ କାଶୀର ସାଂସଦ, ସେଥିପାଇଁ ମୁଁ ଶମ୍ଭୁଙ୍କୁ ମନେ ପକାଇଲି।

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ଖେଳାଳି - ମହାଶୟ, ଆମ ଦଳର ସମସ୍ତେ ଜଣେ ଜଣେ ଅଲରାଉଣ୍ଡର।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ହଁ, ଆପଣ ସମସ୍ତେ ଜଣେ ଜଣେ ଅଲରାଉଣ୍ଡର, ଏହା ରାଜନୀତି ପରି। ଯେମିତି ରାଜନୀତିରେ ସମସ୍ତେ ଜଣେ ଜଣେ ଅଲରାଉଣ୍ଡର। କେତେବେଳେ ସେମାନେ ମନ୍ତ୍ରୀ ହୁଅନ୍ତି, କେତେବେଳେ ବିଧାୟକ, କେତେବେଳେ ସାଂସଦ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ଜୟ ଜଗନ୍ନାଥ!

ଖେଳାଳି - ଜୟ ଜଗନ୍ନାଥ। ମୁଁ ମୋଦୀ ସାଙ୍କ ସହ ଫଟୋ ଉଠାଇବାକୁ ଯାଇଥିଲି, ଆପଣ ଗୀତ ଗାଆନ୍ତି। ହଠାତ୍ ସେ ପଚାରିଲେ, ଆପଣ କିପରି ଜାଣିଲେ ମହାଶୟ, ମୁଁ ଜାଣିନାହିଁ, ଏବଂ ମୁଁ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟ ହୋଇଗଲି।

 

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ: କାବ୍ୟା, ପ୍ରଥମେ ଆପଣ  ଆସନ୍ତୁ।

ଖେଳାଳି: ଧନ୍ୟବାଦ।

ଖେଳାଳି – ମହାଶୟ, ଆପଣ କିପରି ଜାଣିଲେ ଯେ ସେ ଗୀତ ଗାଆନ୍ତି ବୋଲି ?

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ହଁ, ମୁଁ ଆପଣ ସମସ୍ତଙ୍କ ବିଷୟରେ ଅବଗତ ।

ଖେଳାଳି – ମୋ ବାପାଙ୍କର ମଧ୍ୟ ଏକ ବଡ଼ ସ୍ୱପ୍ନ ଥିଲା। ସେ ଖେଳକୁ ବହୁତ ପସନ୍ଦ କରୁଥିଲେ। କିନ୍ତୁ ମୋ ବାପା ଏବେ  ନାହାନ୍ତି, କିନ୍ତୁ ମୁଁ ମନେ ମନେ ଭାବୁଛି ଯେ ଯଦି ସେ  ଏହା ଦେଖିଥାନ୍ତେ, ତେବେ ସେ ବହୁତ ଖୁସି ହୋଇଥାନ୍ତେ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ଏହାର ଅର୍ଥ ନୁହେଁ ଯେ ଖାଇବା ପାଇଁ ଏତିକି ହିଁ ଅଛି, ଆହୁରି ବହୁତ କିଛି ଅଛି। ଆସନ୍ତୁ  ଜାମ୍ମୁ ଏବଂ କାଶ୍ମୀର ଖେଳାଳିଙ୍କୁ ଖାଇବାକୁ ଦେବା, ଯିଏ କି  ଅଲରାଉଣ୍ଡର। ଏହା ହେଉଛି ମଧ୍ୟପ୍ରଦେଶ।

ଖେଳାଳି – ସେମାନେ ସାରା ଗାଁରେ କଥାବାର୍ତ୍ତା ହୁଅନ୍ତି, "ତୁମେ ଅନ୍ଧ, ତୁମେ କଣ କରିବ ? ତୁମେ କିଛି କର ନାହିଁ। ଏମିତି ସେମାନେ ସବୁବେଳେ  କଥାବାର୍ତ୍ତା କରନ୍ତି ଏବଂ ଆମର ପିତାମାତା ଯେତେବେଳେ ସେମାନଙ୍କ ସହିତ କଥାବାର୍ତ୍ତା କରନ୍ତି ଏ ଭଳି କଥା ଶୁଣି  ସେମାନେ ମନ କଷ୍ଟ ହୁଏ  ।"

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ଏବେ, ଗାଁ ଲୋକେ ନିଶ୍ଚିତ ଭାବରେ   କଥାବାର୍ତ୍ତା ଆରମ୍ଭ କରିଥିବେ?

ଖେଳାଳି –"ହଁ, ମହାଶୟ। ହଁ, ମହାଶୟ। ପ୍ରଥମ ଥର ପାଇଁ ତାଙ୍କ ହାତରୁ ମିଠା ଖାଇବା ଭଲ ଲାଗିଲା। ତେଣୁ, ଏହା ଏକ ବହୁତ ଭଲ ଅନୁଭବ ଥିଲା, ମୁଁ ଏହାକୁ ବର୍ଣ୍ଣନା ମଧ୍ୟ କରିପାରିବି ନାହିଁ। ମୋର ଏକ ସ୍ୱପ୍ନ ଥିଲା, ମୁଁ, ମୋର ସ୍ୱପ୍ନ ସତ ହୋଇଛି।”

 

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ: ଏବେ ତୁମେ କୁହ ଦୀପିକା । ତୁମକୁ  ଏହା ପସନ୍ଦ ନୁହେଁ  କି?

ଖେଳାଳି: ହଁ ମୁଁ ଏହାକୁ ପସନ୍ଦ କରେ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ଆପଣ କେବଳ ମିଠା ଖାଆନ୍ତି।

ଖେଳାଳି – ମହାଶୟ, ଆପଣଙ୍କ ସହିତ କଥା ହେବା ପରେ ମୋର ମନ ପୁରା ଆନନ୍ଦିତ  ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ମୁଁ ବି ଆନନ୍ଦିତ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ଯେଉଁମାନେ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରନ୍ତି ସେମାନେ କେବେ ସଫଳତା ପାଇବାରେ ବିଫଳ ହୁଅନ୍ତି ନାହିଁ। କେବଳ କ୍ରୀଡ଼ା କ୍ଷେତ୍ରରେ ନୁହେଁ, ଜୀବନରେ ମଧ୍ୟ। ତେଣୁ, ଆପଣମାନେ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରିଥିବା ଲୋକ। ଆପଣ ନିଜ ପାଇଁ ଏକ ପରିଚୟ ସୃଷ୍ଟି କରିଛନ୍ତି, ଏବଂ ଏବେ ଆପଣ ଦେଖନ୍ତୁ, ଆପଣଙ୍କର ଆତ୍ମବିଶ୍ୱାସ ମଧ୍ୟ ବହୁତ ବଢ଼ିଯାଇଛି।

ଖେଳାଳି – ହଁ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ପୂର୍ବରୁ, ଯଦି ଆପଣଙ୍କୁ ଗାଁରେ ଜଣେ ଶିକ୍ଷକଙ୍କ ସହିତ କଥା ହେବାକୁ ପଡ଼େ, ଆପଣ ଭାବିଥାନ୍ତେ ଯେ କଥା ହେବେ କି ନାହିଁ।  ଆଜି, ଆପଣ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସହିତ କଥା ହେଉଛନ୍ତି।

ଖେଳାଳି – ହଁ, ମହାଶୟ। ଆପଣ ଆମ ସହିତ ଏତେ ଭଲ ଭାବରେ କଥା ହେଉଛନ୍ତି,  ଆମେ ସମସ୍ତେ ମୁକ୍ତ... ଆହୁରି  କଥା ହେବାକୁ ଇଚ୍ଛା ହେଉଛି।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ – ଆପଣ ସମସ୍ତେ  ମୋର ନିଜର , ତେଣୁ ମୁଁ ଆପଣମାନଙ୍କ  ସହିତ ଏପରି କଥା ହେବି।

 

ଖେଳାଳି – ତାଙ୍କ ନେତୃତ୍ୱରେ, ଆମର କ୍ରୀଡ଼ା ବହୁତ ଭଲ ଭାବରେ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଛି। ସେ ପ୍ରତ୍ୟେକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ବହୁତ ଭଲ କରୁଛନ୍ତି। ଅନେକ ଦଳ ବହୁତ ଭଲ ଭାବରେ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଛନ୍ତି।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ଯେତେବେଳେ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଭେଟିଥାଏ, ମୁଁ ମଧ୍ୟ ଭାବେ, ବାଃ, ଆମ ଦେଶ କେତେ ଆଗକୁ ବଢ଼ୁଛି, ଏହି ପିଲାମାନଙ୍କର କେତେ ସାହସ ଅଛି। ଯେପରି ଆମେ ନିର୍ବାଚନ ଲଢ଼ୁ।

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ତେଣୁ ଯେତେବେଳେ ପ୍ରତିପକ୍ଷର ସୁରକ୍ଷା ଜମା ଜବତ ହୁଏ, ଲୋକମାନେ କୁହନ୍ତି, ଆପଣ କି ପ୍ରକାରର ଲୋକ, ଆପଣ ତାଙ୍କ ସୁରକ୍ଷା ଜମା ମଧ୍ୟ ଖାଇଦେଲେ। ଏଥର ଖେଳରେ, ଆପଣମାନେ ୧୦  ଓଭରରେ ଜଣଙ୍କୁ ପ୍ୟାଭିଲିୟନକୁ ଫେରାଇ ଦେଇଥିଲେ।

ଖେଳାଳି - ମହାଶୟ, ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ତିନି ଓଭରରେ ଫେରାଇ ପଠାଇଥିଲି।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ - ତେବେ, ଆପଣ ଏତେ ନିଷ୍ଠୁରତା କାହିଁକି କରୁଛନ୍ତି? ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଅଭିନନ୍ଦନ। ତୁମେ ଦେଶ ପାଇଁ ଗୌରବ ଆଣିଛ, ଏବଂ ଏହା ଦେଶର ସମସ୍ତଙ୍କୁ ପ୍ରେରଣା ଦେବ।

ଖେଳାଳି - ହଁ, ମହାଶୟ।

ଖେଳାଳି - ଧନ୍ୟବାଦ, ମହାଶୟ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ -  କେବଳ ଦିବ୍ୟାଙ୍ଗମାନେ ନୁହେଁ, ଅନ୍ୟମାନେ ମଧ୍ୟ ପ୍ରେରଣା ପାଇବେ।

 

 

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As we build opportunities, we'll put plenty of money to work in India: Blackstone CEO Stephen Schwarzman at Davos

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Text of PM’s address during distribution of appointment letters under Rozgar Mela
January 24, 2026
In recent years, the Rozgar Mela has evolved into an institution and through it, lakhs of young people have received appointment letters in various government departments: PM
Today, India stands among the youngest nations in the world; Our government is consistently striving to create new opportunities for the youth of India, both within the country and across the globe: PM
Today, the Government of India is entering into trade and mobility agreements with numerous countries which will open up countless new opportunities for the youth of India: PM
Today, the nation has embarked on the Reform Express, with the purpose to make both life and business easier across the country: PM

सभी युवा साथियों, आप सबको मेरा नमस्कार! साल 2026 का आरंभ, आपके जीवन में नई खुशियों का आरंभ कर रहा है। इसके साथ ही जब वसंत पंचमी कल ही गई है, तो आपके जीवन में भी ये नई वसंत का आरंभ हो रहा है। आपको ये समय, संविधान के प्रति अपने दायित्वों से भी जोड़ रहा है। संयोग से इस समय देश में गणतंत्र का महापर्व चल रहा है। कल 23 जनवरी को हमने नेताजी सुभाष की जयंती पर पराक्रम दिवस मनाया, और अब कल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस है, फिर उसके बाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। आज का दिन भी विशेष है। आज के ही दिन हमारे संविधान ने ‘जन गण मन’ को राष्ट्रीय गान और ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। आज के इस महत्वपूर्ण दिन, देश के इकसठ हज़ार से ज्यादा नौजवान जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। आज आप सबको सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं, ये एक तरह से Nation Building का Invitation Letter है। ये विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र है। आप में बहुत सारे साथी, देश की सुरक्षा को मज़बूत करेंगे, हमारे एजुकेशन और हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और सशक्त करेंगे, कई साथी वित्तीय सेवाओं और एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूती देंगे, तो कई युवा हमारी सरकारी कंपनियों की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैं आप सभी युवाओं को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार-स्वरोजगार के अवसर देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। सरकारी भर्तियों को भी कैसे मिशन मोड पर किया जाए, इसके लिए रोज़गार मेले की शुरुआत की गई थी। बीते वर्षों में रोज़गार मेला एक इंस्टीट्यूशन बन गया है। इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। इसी मिशन का और विस्तार करते हुए, आज देश के चालीस से अधिक स्थानों पर ये रोजगार मेला चल रहा है। इन सभी स्थानों पर मौजूद युवाओं का मैं विशेष तौर पर अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें। आज भारत सरकार, अनेक देशों से ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है। ये ट्रेड एग्रीमेंट भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं।

साथियों,

बीते समय में भारत ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। इससे कंस्ट्रक्शन से जुड़े हर सेक्टर में रोजगार बहुत बढ़े हैं। भारत के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम का दायरा भी तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। आज देश में करीब दो लाख रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप हैं। इनमें इक्कीस लाख से ज्यादा युवा काम कर रहे हैं। इसी प्रकार, डिजिटल इंडिया ने, एक नई इकॉनॉमी को विस्तार दिया है। एनिमेशन, डिजिटल मीडिया, ऐसे अनेक क्षेत्रों में भारत एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। भारत की क्रिएटर इकॉनॉमी बहुत तेज़ गति से ग्रो कर रही है, इसमें भी युवाओं को नई-नई अपॉरचुनिटीज मिल रही हैं।

मेरे युवा साथियों,

आज भारत पर जिस तरह दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है, वो भी युवाओं के लिए अनेक नई संभावनाएं बना रहा है। भारत दुनिया की एकमात्र बड़ी इकॉनॉमी है, जिसने एक दशक में GDP को डबल किया है। आज दुनिया के सौ से अधिक देश, भारत में FDI के जरिए निवेश कर रहे हैं। वर्ष 2014 से पहले के दस वर्षों की तुलना में भारत में ढाई गुना से अधिक FDI आया है। और ज्यादा विदेशी निवेश का अर्थ है, भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर।

साथियों,

आज भारत एक बड़ी मैन्युफेक्चरिंग पावर बनता जा रहा है। Electronics, दवाएं और वैक्सीन, डिफेंस, ऑटो, ऐसे अनेक सेक्टर्स में भारत के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट, दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। 2014 के बाद से भारत की electronics manufacturing में छह गुना वृद्धि हुई है, छह गुना। आज ये 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक की इंडस्ट्री है। हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी चार लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। भारत की ऑटो इंडस्ट्री भी सबसे तेजी से ग्रो करने वाले सेक्टर्स में से एक बन गई है। वर्ष 2025 में टू-व्हीलर की बिक्री दो करोड़ के पार पहुंच चुकी है। ये दिखाता है कि देश के लोगों की खरीद शक्ति बढ़ी है, इनकम टैक्स और GST कम होने से उन्हें अनेक लाभ हुए हैं, ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि देश में बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण हो रहा है।

साथियों,

आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में, देश की वर्कफोर्स में वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब-करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। सरकार की मुद्रा और स्टार्ट अप इंडिया जैसी योजनाओं का, बहुत बड़ा फायदा हमारी बेटियों को हुआ है। महिला स्व-रोजगार की दर में करीब 15 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। अगर मैं स्टार्ट अप्स और MSMEs की बात करूं, तो आज बहुत बड़ी संख्या में वीमेन डायरेक्टर, वीमेन फाउंडर्स हैं। हमारा जो को-ऑपरेटिव सेक्टर है, जो हमारे सेल्फ हेल्प ग्रुप्स गांवों में काम कर रहे हैं, उनमें बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।

साथियों,

आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। GST में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का सभी को फायदा हुआ है। इससे, हमारे युवा आंत्रप्रन्योर्स को लाभ हो रहा है, हमारे MSMEs को फायदा हो रहा है। हाल में देश ने ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स लागू किए हैं। इससे, श्रमिकों, कर्मचारियों और बिजनेस, सबको फायदा होगा। नए लेबर कोड्स ने, श्रमिकों के लिए, कर्मचारियों के लिए, सामाजिक सुरक्षा का दायरा और सशक्त किया है।

साथियों,

आज जब रिफॉर्म एक्सप्रेस की चर्चा हर तरफ हो रही है, तो मैं आपको भी इसी विषय में एक काम सौंपना चाहता हूं। आप याद कीजिए, बीते पांच-सात साल में कब-कब आपका सरकार से किसी न किसी रूप में संपर्क हुआ है? कहीं किसी सरकारी दफ्तर में काम पड़ा हो, किसी और माध्यम से संवाद हुआ हो और आपको इसमें परेशानी हुई हो, कुछ कमी महसूस हुई हो, आपको कुछ न कुछ खटका हो, जरा ऐसी बातों को याद करिए। अब आपको तय करना है, कि जिन बातों ने आपको परेशान किया, कभी आपके माता पिता को परेशान किया, कभी आपके यार दोस्तों को परेशान किया, और वो जो आपको अखरता था, बुरा लगता था, गुस्सा आता था, अब वो कठिनाइयां, आपके अपने कार्यकाल में आप दूसरे नागरिकों को नहीं होने देंगे। आपको भी सरकार का हिस्सा होने के नाते, अपने स्तर पर छोटे-छोटे रिफॉर्म करने होंगे। इस अप्रोच को लेकर के आपको आगे बढ़ना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का भला हो। Ease of living, Ease of doing business, इसको ताकत देने का काम, जितनी नीति से होता है, उससे ज्यादा स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारी की नीयत से होता है। आपको एक और बात याद रखनी है। तेज़ी से बदलती टेक्नॉलॉजी के इस दौर में, देश की ज़रूरतें और प्राथमिकताएं भी तेज़ी से बदल रही हैं। इस तेज़ बदलाव के साथ आपको खुद को भी अपग्रेड करते रहना है। आप iGOT कर्मयोगी जैसे प्लेटफॉर्म का जरूर सदुपयोग करें। मुझे खुशी है कि इतने कम समय में, करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी iGOT के इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर खुद को नए सिरे से ट्रेन कर रहे हैं, Empower कर रहे हैं।

साथियों,

चाहे प्रधानमंत्री हो, या सरकार का छोटा सा सेवक, हम सब सेवक हैं और हम सबका एक मंत्र समान है, उसमें न कोई ऊपर है, न कोई दाएं बाएं है, और हम सबके लिए, मेरे लिए भी और आपके लिए भी मंत्र कौन सा है- ‘’नागरिक देवो भव’’ ‘’नागरिक देवो भव’’ के मंत्र के साथ हमें काम करना है, आप भी करते रहिए, एक बार फिर आपके जीवन में ये जो नई वसंत आई है, ये नया जीवन का युग शुरू हो रहा है और आप ही के माध्यम से 2047 में विकसित भारत बनने वाला है। आपको मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।