ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ସେପ୍ଟେମ୍ବର ୯ ଓ ୧୦ ତାରିଖରେ ନୂଆଦିଲ୍ଲୀରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହେବାକୁ ଥିବା ଜି-୨୦ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀରେ ଯୋଗ ଦେବା ପାଇଁ ପହଞ୍ଚିଥିବା ନେତାମାନଙ୍କୁ ଭବ୍ୟ ସ୍ୱାଗତ କରିଛନ୍ତି ।  

ମରିସସ୍ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ଶ୍ରୀ ମୋଦୀ ଏକ୍ସ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

"ଭାରତକୁ ସ୍ୱାଗତ, ମୋର ବନ୍ଧୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ପ୍ରବିନ୍ଦ କୁମାର ଜଗନ୍ନାଥ । ଆମର ବୈଠକକୁ ଅପେକ୍ଷା କରିଛି।

 

ଅନ୍ତର୍ଜାତୀୟ ମୁଦ୍ରା ପାଣ୍ଠିର ପରିଚାଳନା ନିର୍ଦ୍ଦେଶକଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଲକ୍ସେ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

"ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସହମତ, କ୍ରିଷ୍ଟାଲିନା ଜର୍ଜିଏଭା। ଆମେ ସମସ୍ତେ ମିଳିମିଶି କାର୍ଯ୍ୟ କରିବା ଏବଂ ଆମ ସମୟର ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଆହ୍ୱାନଗୁଡ଼ିକୁ ହ୍ରାସ କରିବା ଏବଂ ଆମର ଯୁବକମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଏକ ଉନ୍ନତ ଭବିଷ୍ୟତ ସୁନିଶ୍ଚିତ କରିବା । ଆପଣ ଦିଲ୍ଲୀ ରେ ପହଞ୍ଚିବା ପରେ ଆମ ସଂସ୍କୃତି ପ୍ରତି ଆପଣ ଯେଉଁ ସ୍ନେହ ଦେଖାଇଛନ୍ତି ତାହାକୁ ମଧ୍ୟ ମୁଁ ପ୍ରଶଂସା କରୁଛି।’’

 

 

ୟୁରୋପୀୟ ସଂଘ ଆୟୋଗର ସଭାପତିଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଏକ୍ସେ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

‘‘ଜି-୨୦ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀ ପାଇଁ ଉର୍ସୁଲା ଭନ୍ ଡେର୍ ଲେଏନ୍ ଆପଣଙ୍କୁ ଦିଲ୍ଲୀରେ ଦେଖି ଆନନ୍ଦିତ। ଇୟୁ କମିଶନଙ୍କ ସମର୍ଥନ ଏବଂ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା ପାଇଁ ଧନ୍ୟବାଦ । ସାମୂହିକ ଭାବରେ, ଆମେ ସମ୍ମୁଖୀନ ହେଉଥିବା ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଆହ୍ୱାନର ମୁକାବିଲା କରିବୁ । ଫଳପ୍ରଦ ବିଚାର ବିମର୍ଶ ଓ ସହଯୋଗୀ ପଦକ୍ଷେପ ପାଇଁ ମୁଁ ଅପେକ୍ଷା କରିଛି।’’

 

 

ବ୍ରିଟେନର ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ଶ୍ରୀ ମୋଦୀ ଏକ୍ସେ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

"ଋଷି ସୁନକଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ! ଏକ ଫଳପ୍ରଦ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀ ପାଇଁ ମୁଁ ଅପେକ୍ଷା କରିଛି ଯେଉଁଠାରେ ଆମେ ଏକ ଉତ୍ତମ ପୃଥିବୀ ପାଇଁ ଏକାଠି କାମ କରିପାରିବା।’’

ସ୍ପେନର ପ୍ରତିନିଧି ଦଳକୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ସ୍ପେନର ରାଷ୍ଟ୍ରପତିଙ୍କୁ ସମ୍ବୋଧିତ କରି ଏକ୍ସ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

‘‘ଆପଣଙ୍କ ଉତ୍ତମ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ଏବଂ ଶୀଘ୍ର ଆରୋଗ୍ୟ କାମନା କରୁଛି ପେଡ୍ରୋ ସାଞ୍ଚେଜ୍ । ଆଗାମୀ ଜି-୨୦ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀ ରେ ଆମେ ଆପଣଙ୍କ ମତାମତକୁ ହରାଇବୁ । ଏଥିସହିତ ଭାରତ ଆସିଥିବା ସ୍ପେନ୍ ପ୍ରତିନିଧି ଦଳକୁ ଭବ୍ୟ ସ୍ୱାଗତ।’’

 

 

ଆର୍ଜେଣ୍ଟିନାର ରାଷ୍ଟ୍ରପତିଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଏକ୍ସେ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

‘‘ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ଆଲବର୍ଟ ଫର୍ଣାଡେଜ ଭାରତ ଆପଣଙ୍କୁ ଭବ୍ୟ ସ୍ବାଗତ କରୁଛି, ଜି-୨୦ ସମ୍ମିଳନୀ ଅବସରରେ ଆପଣଙ୍କ ମତାମତ ଅପେକ୍ଷରେ ରହିଛୁ’’

 

 

ଆମେରିକାର ରାଷ୍ଟ୍ରପତିଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଏକ୍ସେ ରେ ଲେଖିଛନ୍ତି:

୭, ଲୋକ କଲ୍ୟାଣ ମାର୍ଗରେ ଆମେରିକାର ରାଷ୍ଟ୍ରପତିଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ କରି ବହୁତ ଖୁସି । ଆମର ବୈଠକ ବହୁତ ଫଳପ୍ରଦ ହୋଇଛି । ଆମେ ଅନେକ ବିଷୟ ଉପରେ ଆଲୋଚନା କରିବାକୁ ସକ୍ଷମ ହୋଇଥିଲୁ ଯାହା ଭାରତ ଏବଂ ଆମେରିକା ମଧ୍ୟରେ ଅର୍ଥନୈତିକ ଏବଂ ଲୋକମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସଂଯୋଗକୁ ଆହୁରି ଆଗକୁ ବଢାଇବ | ବିଶ୍ବର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ ଆମ ଦୁଇ ଦେଶ ମଧ୍ୟରେ ବନ୍ଧୁତା ଏକ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିବ। ”

 

 

Welcoming the President of Argentina, the Prime Minister wrote on X:

“India is glad to welcome you, President Alberto Fernandez. Looking forward to your insightful views during the G20 Summit proceedings.

 

Welcoming the President of the United States of America, the Prime Minister wrote on X:

“Happy to have welcomed
President Of The United States Joe Biden to 7, Lok Kalyan Marg. Our meeting was very productive. We were able to discuss numerous topics which will further economic and people-to-people linkages between India and USA. The friendship between our nations will continue to play a great role in furthering global good.”

 

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।