ମହାମାନ୍ୟ,

ମୋର ପ୍ରିୟ ମିତ୍ର ରାଷ୍ଟ୍ରପତି ଭ୍ଲାଦିମିର ପୁଟିନ୍‌, ଏକବିଂଶତମ ଭାରତ –ଋଷ ବାର୍ଷିକ ଶିଖର ସମ୍ମିଳନୀରେ ଆପଣଙ୍କୁ ହୃଦୟର ସହିତ ବହୁତ ବହୁତ ସ୍ୱାଗତ ଜଣାଉଛି, ଆପଣଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧିମଣ୍ଡଳୀଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ ମୁଁ ସ୍ୱାଗତ କରୁଛି । ମୁଁ ଜାଣିଛି ଯେ, ବିଗତ ଦୁଇ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ କରୋନା ସମୟରେ ଏହା ଆପଣଙ୍କର ଦ୍ୱିତୀୟ ଥର ପାଇଁ ବିଦେଶ ଯାତ୍ରା ଅଟେ । ଯେଉଁ ଭଳି ଭାବେ ଆପଣଙ୍କର ଭାରତ ପ୍ରତି ଶ୍ରଦ୍ଧାଭାବ ରହିଛି, ଆପଣଙ୍କର ଯେଉଁ ନିଜସ୍ୱ ପ୍ରତିବଦ୍ଧତା ରହିଛି, ଏହା ତାହାର ଏକ ପ୍ରତୀକ ଅଟେ ଏବଂ ଭାରତ – ରୁଷିଆ ସମ୍ପର୍କ କେତେ ମହତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଟେ, ଏହା ସେଥିରୁ ସ୍ପଷ୍ଟ ଭାବେ ଜଣା ପଡେ ଏବଂ ଏଥିପାଇଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କ ନିକଟରେ ବହୁତ କୃତଜ୍ଞ ଅଟେ । 

କୋଭିଡ୍‌ର ଆହ୍ୱାନ ପରେ ମଧ୍ୟ ଭାରତ ଏବଂ ଋଷ୍‌ର ସମ୍ବନ୍ଧର ବେଗରେ କୌଣସି ପରିବର୍ତନ ଆସିନାହିଁ । ଆମର ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଏବଂ ବିଶେଷ ରଣନୀତିପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗୀଦାରୀତା (ସ୍ପେସିଆଲ୍ ଆଣ୍ଡ ପ୍ରିଭିଲେଜ୍‌ଡ ଷ୍ଟ୍ରାଟେଜିକ୍ ପାର୍ଟନରଶିପ୍‌) କ୍ରମାଗତ ଭାବେ ସୁଦୃଢ଼ ହେବାରେ ଲାଗିଛି । କୋଭିଡ୍ ବିରୁଦ୍ଧରେ ଲଢ଼େଇରେ ମଧ୍ୟ ଦୁଇ ଦେଶ ମଧ୍ୟରେ ବହୁତ ଭଲ ସହଯୋଗ ରହିଛି, ଟୀକା ପରୀକ୍ଷଣ ହେଉ, କିମ୍ବା ଉତ୍ପାଦନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ହେଉ, ମାନବୀୟ ସହାୟତା ନିମନ୍ତେ, କିମ୍ବା ଦୁଇ ଦେଶର ନାଗରିକମାନେ ନିଜ ଦେଶକୁ ଫେରି ଆସିବା ନିମନ୍ତେ ବ୍ୟବସ୍ଥା ହେଉ । 

ମହାମାନ୍ୟ,

୨୦୨୧ ବର୍ଷ ଆମର ଦ୍ୱିପାକ୍ଷିକ ସମ୍ବନ୍ଧ ନିମନ୍ତେ ଅନେକ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣରୁ ମହତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଟେ । ଏହି ବର୍ଷ ୧୯୭୧ର ଶାନ୍ତି ବୁଝାମଣା, ବନ୍ଧୁତା ଏବଂ ସହଯୋଗର ପାଂଚ ଦଶନ୍ଧି ଏବଂ ଆମର ରଣନୀତିପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗୀଦାରୀତାର ଦୁଇ ଦଶନ୍ଧି ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ହୋଇଛି । ଏହି ବିଶେଷ ବର୍ଷରେ ଆପଣଙ୍କ ସହିତ ପୁନର୍ବାର ଏକାଠି ହେବା ମୋ ନିମନ୍ତେ ବହୁତ ଖୁସିର ବିଷୟ, କାରଣ ଆମର ରଣନୀତିପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗୀଦାରୀତାରେ ବିଗତ ୨୦ ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଯେଉଁ ସବୁ ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ପ୍ରଗତି ହୋଇଛି, ତାହାର ମୁଖ୍ୟ ସୂତ୍ରଧର ଆପଣ ହିଁ ରହିଛନ୍ତି ।

ବିଗତ କିଛି ଦଶନ୍ଧିରେ ବ୍ୟବସାୟ ବାଣିଜ୍ୟ ସ୍ତରରେ ଅନେକ ମୌଳିକ ପରିବର୍ତନ ହୋଇଛି । କେତେ ପ୍ରକାରର ଭୌଗୋଳିକ – ରାଜନୈତିକ ସମୀକରଣ ମୁଣ୍ଡ ଟେକିଛି । କିନ୍ତୁ ଏହି ସମସ୍ତ ବିଭିନ୍ନତା ମଧ୍ୟରେ ଭାରତ –ଋଷ୍ ମିତ୍ରତା ସ୍ଥିର ରହିଛି । ଦୁଇ ଦେଶ କେବଳ ପରସ୍ପର ସହିତ ନିସଙ୍କୋଚ ସହଯୋଗ କରିନାହାନ୍ତି, ତାହା ସହିତ ପରସ୍ପରର ସମ୍ବେଦନଶୀଳତାକୁ ମଧ୍ୟ ଧ୍ୟାନରେ ରଖିଛନ୍ତି । ଏହା ସତରେ ଆନ୍ତଃ-ରାଷ୍ଟ୍ର ବନ୍ଧୁତାର ଏକ ସ୍ୱତନ୍ତ୍ର ଏବଂ ବିଶ୍ୱସ୍ତ ମଡେଲ୍ ଅଟେ । 

ମହାମାନ୍ୟ,

୨୦୨୧ ଆମର ରଣନୀତିପୂର୍ଣ୍ଣ ଭାଗୀଦାରୀତା ନିମନ୍ତେ ବିଶେଷ ବର୍ଷ ଅଟେ । ଆଜି ଆମର ବିଦେଶ ଏବଂ ରକ୍ଷାମନ୍ତ୍ରୀମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ୨+୨ ଡାଏଲଗ୍‌/ ବାର୍ତାଳାପର ପ୍ରଥମ ବୈଠକ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଛି । ଏହା ଫଳରେ ଆମର ବ୍ୟବହାରିକ ସହଯୋଗକୁ ବୃଦ୍ଧି କରିବା ନିମନ୍ତେ ଏକ ନୂତନ କ୍ରିୟାବିଧି ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି । 

ଆଫଗାନିସ୍ତାନ ଏବଂ ଅନ୍ୟାନ୍ୟ କ୍ଷେତ୍ରୀୟ ପ୍ରସଙ୍ଗ ଉପରେ ମଧ୍ୟ ଆମେ ନିରନ୍ତର ସମ୍ପର୍କରେ ରହିଛେ । ପୂର୍ବ ଆର୍ôଥକ ମଂଚ (ଇଷ୍ଟର୍ଣ୍ଣ ଇକୋନୋମିକ୍ ଫୋରମ୍‌) ଏବଂ ଭ୍ଲାଦିଭୋସ୍ତକ ସମ୍ମିଳନୀରେ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିବା ଆଂଚଳିକ ଭାଗୀଦାରୀତା ଆଜି ରୁଷିଆର ପୂର୍ବ ଦୂରଦୂରାନ୍ତ ଅଂଚଳ ଏବଂ ଭାରତର ରାଜ୍ୟମାନଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ବାସ୍ତବିକ ସହଯୋଗରେ ପରିବର୍ତିତ ହେଉଛି ।

ଆର୍ôଥକ କ୍ଷେତ୍ରରେ ମଧ୍ୟ ପରସ୍ପର ମଧ୍ୟରେ ଥିବା ସମ୍ପର୍କକୁ ଆହୁରି ଘନିଷ୍ଠ କରିବା ନିମନ୍ତେ ଆମେ ଏକ ଦୀର୍ଘକାଳୀନ ଲକ୍ଷ୍ୟ/ ଦୃଷ୍ଟିକୋଣ ଆପଣେଇଛେ । ଆମେ ୨୦୨୫ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ୩୦ ବିଲିୟନ୍ ଡଲାରର ବାଣିଜ୍ୟ ଏବଂ ୫୦ ବିଲିୟନ୍ ଡଲାରର ନିବେଶ ଲକ୍ଷ୍ୟ ରଖିଛେ । ଏହି ଲକ୍ଷ୍ୟସ୍ଥଳରେ ପହଂଚିବା ନିମନ୍ତେ ଆମକୁ ଆମର ବ୍ୟବସାୟିକ ସମୁଦାୟଗୁଡିକୁ ମାର୍ଗଦର୍ଶନ କରାଇବାକୁ ପଡିବ । 

ବିଭିନ୍ନ କ୍ଷେତ୍ରରେ ଆଜି ହୋଇଥିବା ବିଭିନ୍ନ ବୁଝାମଣାରୁ ଏଥିରେ ସହଯୋଗ ମିଳିବ । ମେକ୍ ଇନ୍ ଇଣ୍ଡିଆ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅନୁସାରେ ବିକାଶ କ୍ଷେତ୍ରରେ ସହଭାଗୀତା ଏବଂ ସହ- ଉତ୍ପାଦନ ଫଳରେ ଆମର ପ୍ରତିରକ୍ଷା ସହଯୋଗ ଆହୁରି ଅଧିକ ସୁଦୃଢ଼ ହେବାରେ ଲାଗିଛି । ମହାକାଶ ଏବଂ ବେସାମରିକ ପରମାଣୁ କ୍ଷେତ୍ରରେ ମଧ୍ୟ ଆମର ସହଯୋଗ ଆଗକୁ ବଢ଼ିବାରେ ଲାଗିଛି । 

ଏନଏଏମ୍ (ନାମ୍‌) ରେ ଅବଜର୍ଭର/ ପର୍ଯ୍ୟବେକ୍ଷକ ଏବଂ ଆଇଓଆର୍‌ଏରେ ସଂଳାପ ସହଯୋଗୀ (ଡାଲଲଗ୍ ପାର୍ଟନର) ହେବା ନିମନ୍ତେ ୠଷକୁ ବହୁତ ବହୁତ ଶୁଭେଚ୍ଛା ଜଣାଉଛି । ଏହି ଦୁଇଟି ମଂଚରେ ଋଷ୍‌ର ଉପସ୍ଥିତିକୁ ସମର୍ଥନ କରିବା ଆମ ପାଇଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଖୁସିର କଥା । ପ୍ରତ୍ୟେକ କ୍ଷେତ୍ରୀୟ ଏବଂ ବ୍ୟବସାୟ ବାଣିଜ୍ୟ ପ୍ରସଙ୍ଗଗୁଡିକ ଉପରେ ଉଭୟ ଭାରତ ଏବଂ ଋଷ୍‌ର ମତ ହେଉଛି ସମାନ । ଆଜିର ବୈଠକରେ ଆମକୁ ଏହା ଉପରେ ଚର୍ଚ୍ଚା କରିବା ନିମନ୍ତେ ଅବସର ମିଳିବ ।

ମହାମାନ୍ୟ,

ପୁଣି ଥରେ ଭାରତରେ ଆପଣଙ୍କୁ ସ୍ୱାଗତ ଜଣାଉଛି, ଆପଣଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧି ମଣ୍ଡଳୀଙ୍କୁ ମଧ୍ୟ ସ୍ୱାଗତ କରୁଛି । ଏତେ ବ୍ୟସ୍ତତା ଭିତରେ ମଧ୍ୟ ଆପଣ ଭାରତ ଆସିବା ନିମନ୍ତେ ସମୟ ବାହାର କରିଛନ୍ତି, ତାହା ଆମ ପାଇଁ ମହତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଟେ । ମୋର ବିଶ୍ୱାସ ଯେ, ଆଜିର ଆଲୋଚନା ଆମର ସମ୍ପର୍କ ନିମନ୍ତେ ବହୁତ ଉଲ୍ଲେଖନୀୟ ହେବ । 

ପୁଣି ଥରେ ଆପଣଙ୍କୁ ବହୁତ ବହୁତ ଧନ୍ୟବାଦ ।

Explore More
୭୭ତମ ସ୍ବାଧୀନତା ଦିବସ ଅବସରରେ ଲାଲକିଲ୍ଲା ପ୍ରାଚୀରରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣର ମୂଳ ପାଠ

ଲୋକପ୍ରିୟ ଅଭିଭାଷଣ

୭୭ତମ ସ୍ବାଧୀନତା ଦିବସ ଅବସରରେ ଲାଲକିଲ୍ଲା ପ୍ରାଚୀରରୁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣର ମୂଳ ପାଠ
India's Three-Dimensional Approach Slashes Left Wing Extremism Violence by Over 50%, Reveals MHA Data

Media Coverage

India's Three-Dimensional Approach Slashes Left Wing Extremism Violence by Over 50%, Reveals MHA Data
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The Ashwamedha Yagya organized by the Gayatri Parivar has become a grand social campaign: PM Modi
February 25, 2024
"The Ashwamedha Yagya organized by the Gayatri Parivar has become a grand social campaign"
"Integration with larger national and global initiatives will keep youth clear of small problems"
“For building a substance-free India, it is imperative for families to be strong as institutions”
“A motivated youth cannot turn towards substance abuse"

गायत्री परिवार के सभी उपासक, सभी समाजसेवी

उपस्थित साधक साथियों,

देवियों और सज्जनों,

गायत्री परिवार का कोई भी आयोजन इतनी पवित्रता से जुड़ा होता है, कि उसमें शामिल होना अपने आप में सौभाग्य की बात होती है। मुझे खुशी है कि मैं आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अश्वमेध यज्ञ का हिस्सा बन रहा हूँ। जब मुझे गायत्री परिवार की तरफ से इस अश्वमेध यज्ञ में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, तो समय अभाव के साथ ही मेरे सामने एक दुविधा भी थी। वीडियो के माध्यम से भी इस कार्यक्रम से जुड़ने पर एक समस्या ये थी कि सामान्य मानवी, अश्वमेध यज्ञ को सत्ता के विस्तार से जोड़कर देखता है। आजकल चुनाव के इन दिनों में स्वाभाविक है कि अश्वमेध यज्ञ के कुछ और भी मतलब निकाले जाते। लेकिन फिर मैंने देखा कि ये अश्वमेध यज्ञ, आचार्य श्रीराम शर्मा की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है, अश्वमेध यज्ञ के एक नए अर्थ को प्रतिस्थापित कर रहा है, तो मेरी सारी दुविधा दूर हो गई।

आज गायत्री परिवार का अश्वमेध यज्ञ, सामाजिक संकल्प का एक महा-अभियान बन चुका है। इस अभियान से जो लाखों युवा नशे और व्यसन की कैद से बचेंगे, उनकी वो असीम ऊर्जा राष्ट्र निर्माण के काम में आएगी। युवा ही हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं। युवाओं का निर्माण ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण है। उनके कंधों पर ही इस अमृतकाल में भारत को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है। मैं इस यज्ञ के लिए गायत्री परिवार को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ। मैं तो स्वयं भी गायत्री परिवार के सैकड़ों सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। आप सभी भक्ति भाव से, समाज को सशक्त करने में जुटे हैं। श्रीराम शर्मा जी के तर्क, उनके तथ्य, बुराइयों के खिलाफ लड़ने का उनका साहस, व्यक्तिगत जीवन की शुचिता, सबको प्रेरित करने वाली रही है। आप जिस तरह आचार्य श्रीराम शर्मा जी और माता भगवती जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं, ये वास्तव में सराहनीय है।

साथियों,

नशा एक ऐसी लत होती है जिस पर काबू नहीं पाया गया तो वो उस व्यक्ति का पूरा जीवन तबाह कर देती है। इससे समाज का, देश का बहुत बड़ा नुकसान होता है।इसलिए ही हमारी सरकार ने 3-4 साल पहले एक राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की थी। मैं अपने मन की बात कार्यक्रम में भी इस विषय को उठाता रहा हूं। अब तक भारत सरकार के इस अभियान से 11 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए बाइक रैलियां निकाली गई हैं, शपथ कार्यक्रम हुए हैं, नुक्कड़ नाटक हुए हैं। सरकार के साथ इस अभियान से सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं को भी जोड़ा गया है। गायत्री परिवार तो खुद इस अभियान में सरकार के साथ सहभागी है। कोशिश यही है कि नशे के खिलाफ संदेश देश के कोने-कोने में पहुंचे। हमने देखा है,अगर कहीं सूखी घास के ढेर में आग लगी हो तो कोई उस पर पानी फेंकता है, कई मिट्टी फेंकता है। ज्यादा समझदार व्यक्ति, सूखी घास के उस ढेर में, आग से बची घास को दूर हटाने का प्रयास करता है। आज के इस समय में गायत्री परिवार का ये अश्वमेध यज्ञ, इसी भावना को समर्पित है। हमें अपने युवाओं को नशे से बचाना भी है और जिन्हें नशे की लत लग चुकी है, उन्हें नशे की गिरफ्त से छुड़ाना भी है।

साथियों,

हम अपने देश के युवा को जितना ज्यादा बड़े लक्ष्यों से जोड़ेंगे, उतना ही वो छोटी-छोटी गलतियों से बचेंगे। आज देश विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहा है, आज देश आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। आपने देखा है, भारत की अध्यक्षता में G-20 समिट का आयोजन 'One Earth, One Family, One Future' की थीम पर हुआ है। आज दुनिया 'One sun, one world, one grid' जैसे साझा प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए तैयार हुई है। 'One world, one health' जैसे मिशन आज हमारी साझी मानवीय संवेदनाओं और संकल्पों के गवाह बन रहे हैं। ऐसे राष्ट्रीय और वैश्विक अभियानों में हम जितना ज्यादा देश के युवाओं को जोड़ेंगे, उतना ही युवा किसी गलत रास्ते पर चलने से बचेंगे। आज सरकार स्पोर्ट्स को इतना बढ़ावा दे रही है..आज सरकार साइंस एंड रिसर्च को इतना बढ़ावा दे रही है... आपने देखा है कि चंद्रयान की सफलता ने कैसे युवाओं में टेक्नोलॉजी के लिए नया क्रेज पैदा कर दिया है...ऐसे हर प्रयास, ऐसे हर अभियान, देश के युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। फिट इंडिया मूवमेंट हो....खेलो इंडिया प्रतियोगिता हो....ये प्रयास, ये अभियान, देश के युवा को मोटीवेट करते हैं। और एक मोटिवेटेड युवा, नशे की तरफ नहीं मुड़ सकता। देश की युवा शक्ति का पूरा लाभ उठाने के लिए सरकार ने भी मेरा युवा भारत नाम से बहुत बड़ा संगठन बनाया है। सिर्फ 3 महीने में ही इस संगठन से करीब-करीब डेढ़ करोड़ युवा जुड़ चुके हैं। इससे विकसित भारत का सपना साकार करने में युवा शक्ति का सही उपयोग हो पाएगा।

साथियों,

देश को नशे की इस समस्या से मुक्ति दिलाने में बहुत बड़ी भूमिका...परिवार की भी है, हमारे पारिवारिक मूल्यों की भी है। हम नशा मुक्ति को टुकड़ों में नहीं देख सकते। जब एक संस्था के तौर पर परिवार कमजोर पड़ता है, जब परिवार के मूल्यों में गिरावट आती है, तो इसका प्रभाव हर तरफ नजर आता है। जब परिवार की सामूहिक भावना में कमी आती है... जब परिवार के लोग कई-कई दिनों तक एक दूसरे के साथ मिलते नहीं हैं, साथ बैठते नहीं हैं...जब वो अपना सुख-दुख नहीं बांटते... तो इस तरह के खतरे और बढ़ जाते हैं। परिवार का हर सदस्य अपने-अपने मोबाइल में ही जुटा रहेगा तो फिर उसकी अपनी दुनिया बहुत छोटी होती चली जाएगी।इसलिए देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक संस्था के तौर पर परिवार का मजबूत होना, उतना ही आवश्यक है।

साथियों,

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय मैंने कहा था कि अब भारत की एक हजार वर्षों की नई यात्रा शुरू हो रही है। आज आजादी के अमृतकाल में हम उस नए युग की आहट देख रहे हैं। मुझे विश्वास है कि, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान में हम जरूर सफल होंगे। इसी संकल्प के साथ, एक बार फिर गायत्री परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद!