PM lays foundation stone for IARI in Assam, says agriculture needs to be developed in line with the requirements of the 21st century
Farmers must benefit from the changing technology: PM Modi
PM highlights "Panch Tatva" - five elements to boost connectivity in the North-East

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଆଜି ଆସାମର ଗୋଗମୁଖଠାରେ ପ୍ରସ୍ତାବିତ ଭାରତୀୟ କୃଷି ଗବେଷଣା ପ୍ରତିଷ୍ଠାନର ଆଧାରଶିଳା ରଖିଛନ୍ତି ।

ଏହି ଅବସରରେ ଏକ ବିଶାଳ ଜନ ସମାବେଶରେ ଉଦ୍ବୋଧନ ଦେଇ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ରାଜ୍ୟରେ ଚାଲିଥିବା ଉତ୍ତମ ଜନକଲ୍ୟାଣ କାର୍ଯ୍ୟ ଲାଗି ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀ ସର୍ବାନନ୍ଦ ସୋନୋୱାଲ ଏବଂ ତାଙ୍କ ସରକାରଙ୍କୁ ଅଭିନନ୍ଦନ ଜଣାଇଥିଲେ ।

ସେ କହିଥିଲେ ଯେ, ଆଜି ଯେଉଁ କୃଷି ଗବେଷଣା ପ୍ରତିଷ୍ଠାନର ଶିଳାନ୍ୟାସ କରାଗଲା ତାହା ସମଗ୍ର ଅଞ୍ଚଳରେ ଏକ ସକାରାତ୍ମକ ପ୍ରଭାବ ପକାଇବାରେ ମହତ୍ଵପୂର୍ଣ୍ଣ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିବ । ଏକବିଂଶ ଶତାବ୍ଦୀର ଆବଶ୍ୟକତାକୁ ଦୃଷ୍ଟିରେ ରଖି କୃଷି କ୍ଷେତ୍ରକୁ ବିକଶିତ କରିବାକୁ ପଡିବ । ପରିବର୍ତ୍ତିତ ଟେକ୍ନୋଲଜି ଦ୍ଵାରା ଚାଷୀକୁ ସୁଫଳ ମିଳିବାକୁ ପଡିବ ।

ବିଭିନ୍ନ ଅଞ୍ଚଳର ସ୍ଵତନ୍ତ୍ର ଆବଶ୍ୟକତାକୁ ଦୃଷ୍ଟିରେ ରଖି ଆଧୁନିକ କୃଷି ପ୍ରଣାଳୀ ଓ ପ୍ରଯୁକ୍ତି କୌଶଳର ପ୍ରୟୋଗ କରାଯିବା ଉପରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଗୁରୁତ୍ଵ ଦେଇଥିଲେ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ, 2022ରେ ଦେଶ ସ୍ଵତନ୍ତ୍ରତାର 75 ବର୍ଷ ପାଳନ କରିବ । ଏହି ସମୟ ବେଳକୁ ଚାଷୀଙ୍କର ଆୟ ଦୁଇଗୁଣ କରିବା ପାଇଁ ପ୍ରୟାସ ହେଉଛି ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ଯେ, ଗତ ତିନି ବର୍ଷ ମଧ୍ୟରେ ଚାଷୀଙ୍କ କଲ୍ୟାଣ ଲାଗି ଅନେକ ପଦକ୍ଷେପ ଗ୍ରହଣ କରାଯାଇଛି । ବିଶେଷକରି ମୃତ୍ତିକା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କାର୍ଡ, ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କୃଷି ସିଞ୍ଚାଇ ଯୋଜନା, ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଫସଲ ବୀମା ଯୋଜନା ଏହା ମଧ୍ୟରେ ଅନ୍ୟତମ । ଦେଶର ବିଭିନ୍ନ ସ୍ଥାନରେ ଚାଷୀଙ୍କୁ ମୃତ୍ତିକା ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ କାର୍ଡ ଦେବା ଲାଗି ଆଧୁନିକ ବିଜ୍ଞାନାଗାରମାନ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରାଯାଉଛି । ଏବେ ଚାଷୀଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଫସଲ ବୀମା ଯୋଜନାର ଆଦର ବଢୁଛି ।

କୃଷି କ୍ଷେତ୍ରରେ ମୂଲ୍ୟ ସମବର୍ଦ୍ଧନକୁ (Value Addition)କୁ ଗୁରୁତ୍ଵ ଦେବା ଲାଗି ସମ୍ପଦ ଯୋଜନା ଆରମ୍ଭ କରାଯାଉଛି ବୋଲି ସେ କହିଥିଲେ ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଦେଶର ଉତ୍ତର-ପୂର୍ବାଞ୍ଚଳରେ ଯୋଗାଯୋଗ ବ୍ୟବସ୍ଥାର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ “ପଞ୍ଚତତ୍ଵ”ର ବିକାଶ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ଵ ଦେଇଥିଲେ । ଏହି ପଞ୍ଚତତ୍ଵ ହେଲା – ରେଳପଥ, ରାଜପଥ, ଜଳପଥ, ସୂଚନାପଥ ଓ ବିମାନପଥ (ବିମାନସେବା)। ଏହି ସେବାଗୁଡିକୁ ବିକଶିତ କରି ଉତ୍ତର-ପୂର୍ବାଞ୍ଚଳରେ ବ୍ୟାପକ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଓ ପ୍ରଗତି ଆଣିବାକୁ ତାଙ୍କ ସରକାର ଚାହାନ୍ତି ବୋଲି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ କହିଥିଲେ ।

Explore More
ଶ୍ରୀରାମ ଜନ୍ମଭୂମି ମନ୍ଦିର ଧ୍ଵଜାରୋହଣ ସମାରୋହରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣ

ଲୋକପ୍ରିୟ ଅଭିଭାଷଣ

ଶ୍ରୀରାମ ଜନ୍ମଭୂମି ମନ୍ଦିର ଧ୍ଵଜାରୋହଣ ସମାରୋହରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ଅଭିଭାଷଣ
India to outpace global growth despite uncertainty, says IMF chief Georgieva

Media Coverage

India to outpace global growth despite uncertainty, says IMF chief Georgieva
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Let us together make the India-Austria partnership innovation-centric and future-ready: PM Modi at the India-Austria Joint Press Meet
April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।