NDA Govt has ensured peace and stability in Assam: PM Modi in Bokakhat

Published By : Admin | March 21, 2021 | 12:11 IST
Modern bridges are being built on the Brahmaputra during the service of NDA, old incomplete bridges are being completed: PM Modi in Assam
Today I can respectfully say to all that we have worked hard to fulfil the responsibility & expectations with which you elected the BJP govt: PM Modi in Assam
NDA govt has put the rhino hunters in jails. We are working on both safety of animals as well as facilities for the people of Assam: PM Modi
PM Modi says in the last five years, Assam has witnessed a growth in forest cover. It increases the opportunities for tourism and economic activities
NDA govt ensures peace and stability in Assam: PM Modi at Assam's Bokakhat public rally
Congress has kept the Tea Garden workers in neglect for years. BJP govt has taken all steps for Padhai, Kamai & Dawai of the Tea Workers: PM Modi

जोकुलु राइजोक मूर नोमोस्कार जनईसु!
अपुनालुक जोकोलुए भाले आशेन?

मैं कल दोपहर को ही असम आ गया था। चबुआ में रैली थी। फिर, जोरहाट गया, वहां बहुत-से लोगों से मिलना भी हो गया। और, नॉर्थ ईस्ट की सुबह का तो अपना ही एक आनंद होता है, एक अलग ही अनुभव होता है। और, आज मैं अभी आपके सामने यहां बोकाखाट में आपके आशीर्वाद लेने पहुंचा हूं। इस दौरान असम के लोगों का जो स्नेह मिला, जो आशीर्वाद मिले, यह हमारे लिए बहुत बड़ी ऊर्जा है, बहुत बड़ी प्रेरणा है, यह अपने-आप में अद्भुत अनुभूति है। यहां भी आप इतनी बड़ी संख्या में बीजेपी को, एनडीए को, हमारे सभी साथियों को आशीर्वाद देने के लिए आए हैं। और, इसलिए भी मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
अब यह तय हो गया है-

असम में दूसरी बार- बीजेपी की सरकार।
असम में दूसरी बार- एनडीए की सरकार।
असम में दूसरी बार- डबल इंजन की सरकार।

भाइयो और बहनो,
बोकाखाट सहित ये पूरा क्षेत्र अपने-आप में शिव और शक्ति का केंद्र है। यहां माता अपने अलग-अलग स्वरूपों में वास करती हैं। काकोगोसानी थान, बूढ़ीमाई थान, बाबा थान, ऐसे पावन स्थलों का वंदन करते हुए मैंने यहां माताओं-बहनों से परिवर्तन का आग्रह किया था। माताओं-बहनों ने कोई कसर नहीं छोड़ी और भाजपा के नेतृत्व में असम में एनडीए की सरकार सुनिश्चित की। आज मैं यहां बैठी माताओं, बहनों, बेटियों को आदरपूर्वक नमन के साथ कह सकता हूं कि आपने जिस जिम्मेदारी के साथ, जिन उम्मीदों के साथ बीजेपी की सरकार चुनी थी, उसे पूरा करने के लिए हमने जी-जान से मेहनत की है। एनडीए की डबल ईंजन की सरकार ने टॉयलेट हो, एलपीजी गैस हो, बिजली हो, मुफ्त इलाज हो, ऐसी अनेक सुविधाएं आप तक पहुंचाई हैं। अब हर घर जल पहुंचाने के लिए हम पूरी ईमानदारी से, पूरी ताकत से जुटे हैं। कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी सरकार ने बहनों के जनधन खाते में सैकड़ों करोड़ रुपए सीधे भेजे, गैस सिलेंडर मुफ्त दिए, ताकि आपको घर चलाने में असुविधा कम से कम हो।

साथियो,
कांग्रेस राज में असम के सामने सवाल था कि असम को लुटने से कैसे बचाएं? ये सवाल था कि नहीं था? कांग्रेस के समय यह हर असमिया के मुंह से निकलता था। NDA के सेवाकाल में आज असम पूरे सामर्थ्य के साथ नई बुलंदियां छूने के लिए आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस राज में सवाल था कि ब्रह्मपुत्र के दोनों किनारों के बीच आपस में कनेक्टेविटी कैसे बढ़े? NDA के सेवाकाल में ब्रह्मपुत्र पर आधुनिक पुल बन रहे हैं, पुराने अधूरे पुलों को पूरा किया जा रहा है। कांग्रेस के राज में सवाल था कि दशकों से अशांत चल रहे असम में कभी शांति आएगी क्या, आएगी या नहीं आएगी? NDA के सेवाकाल में आज असम में शांति स्थापित हुई है और स्थिरता भी आई है। कांग्रेस के राज में एक और सवाल था कि असम और देश की शान, यहां राइनो को कांग्रेस द्वारा पाले-पोसे गए शिकारी गिरोहों से कैसे बचाया जाएगा? मुझे बताइए, राइनो को बचाने का सवाल था कि नहीं था? हम सबकी चिंता का विषय था कि नहीं था? मैं जब-जब इस क्षेत्र में आया, इस विषय की चर्चा हुई कि नहीं हुई? यहां भाजपा की, एनडीए की सरकार ने राइनो के दुश्मन शिकारियों को जेल के पीछे पहुंचाया है। कांग्रेस जिन अवैध कब्जाधारियों को प्रोत्साहन देती थी, उनसे भी काजीरंगा को मुक्त कर दिया है।

साथियो,
हमारी सरकार जानवरों की सुरक्षा और लोगों की सुविधा, दोनों को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। इसलिए, गोहपुर से नुमालीगढ़ के लिए ब्रह्मपुत्र के ऊपर ब्रिज और बाइपास बनाकर कनेक्टिविटी देने का प्रयास चल रहा है। इससे Upper Assam की गुवाहाटी के साथ फोर लेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी। भाइयो और बहनो, काजीरंगा सहित हमारे तमाम अभयारण्य, हमारे वनक्षेत्र, हमारी धरोहर भी हैं, पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी हैं और रोजी-रोटी के साधन भी हैं। मुझे खुशी है कि बीते 5 साल में असम में वनक्षेत्र में वृद्धि हुई है। जब असम ज्यादा हरा-भरा होता है, तो यहां टूरिज्म के लिए, रोजगार के लिए संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हमारी सरकार की कोशिश है कि भारत दुनिया में प्राकृतिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धरोहरों से जुड़े टूरिज्म में अग्रणी देशों में शामिल हो। असम के पास ये सब कुछ मौजूद है। असम की भाषा-बोली, संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, असम के मेले-त्योहार, ये सब हर हिन्दुस्तानी का गर्व है, हर हिन्दुस्तानी को अभिमान करना चाहिए, ऐसी विरासत आपके पास है। ऐसे में, असम दर्शन के तहत 9 हजार से ज्यादा सत्रों, नामघरों और आस्था से जुड़े दूसरे स्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के काम के लिए मैं हृदय से यहां के राज्य सरकार को बधाई देता हूं, भाजपा-एनडीए सरकार को बधाई देता हूं कि इतना बड़ा निर्णय करके यहां कि विरासत को उन्होंने शानदार-जानदार बनाने का प्रयास किया है।

भाइयो और बहनो,

ये गोलाघाट जिला तो असमिया इतिहास और संस्कृति का एक स्वर्णिम पृष्ठ है। इस क्षेत्र ने स्वर्गदेउ चाउलुंग चुकाफा और सती साधनी जैसी अनेक प्रेरक विभूतियां हमें दी हैं। इस मिट्टी ने आइदेउ हेंदिक और मोहिनी राजकुमारी जी के रूप में असमिया कला की साधक हमें दी हैं। इस धरती ने बेजा बौरी, कमला मीरी, जैसे स्वतंत्रता सेनानी देश को दिए हैं। इस धरा ने असम को, भारत को बाहरी आक्रांताओं से बचाने वाले देश की महान संतानों में से एक, अहोम गौरव के प्रतीक, लचित बोरफुकन की शौर्य परंपरा हमें दी है।

भाइयो और बहनो,

ये अटल जी की NDA सरकार ही थी, जब नेशनल डिफेंस अकेडमी में लचित बोरफुकन जी के नाम से गोल्ड मेडल देने का सिलसिला शुरू हुआ। असम की सरकार ने भी उनके जन्मदिवस को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाने का फैसला किया है। साथियो, सिर्फ नाम को ही नहीं, बल्कि हमारी सरकार अपने काम से भी लचित बोरफुकन जी के सपने को पूरा कर रही है। लचित बोरफुकन जी की मिलिट्री स्ट्रैटेजी स्वदेशी थी, आत्मनिर्भर थी। उन्होंने ब्रह्मपुत्र की जलशक्ति का अपनी सैन्य ताकत के रूप में उपयोग किया। आज भारत भी सैन्य साजो-सामान के मामले में आत्मनिर्भर होने की राह पर चल रहा है। आज हम देश के नदी जलमार्गों को भी भारत की आर्थिक समृद्धि के कॉरिडोर्स के रूप में विकसित कर रहे हैं। इसमें से असम में भी बहुत बड़े नदी जलमार्गों पर काम चल रहा है।

भाइयो और बहनो,

असम की एक और बहुत बड़ी ताकत है, पेट्रोलियम और इससे जुड़े उद्योग। लेकिन दशकों तक कांग्रेस असम के इस सामर्थ्य पर भी बैठी रही। बीते 6 साल में सिर्फ ऑयल एंड गैस के सेक्टर में ही असम में 40 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया गया है। आज असम से होकर एक गुवाहाटी-बरौनी नेचुरल गैस पाइपलाइन जा रही है। इस पाइपलाइन से असम के भी अनेक घरों में पाइप से सस्ती गैस पहुंचेगी, सीएनजी आधारित ट्रांसपोर्ट सुविधा तैयार होगी और उद्योगों को पर्याप्त गैस उपलब्ध हो पाएगी। नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आपलोग जानते हैं , कोई बात आपसे छिपी नहीं है। डबल इंजन की सरकार ने इस रिफाइनरी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपए का निवेश सुनिश्चित किया है। इतना ही नहीं, 13 सौ करोड़ रुपए से इसमें बायो-रिफाइनरी लगाई गई है। यहां बैम्बू से और बैम्बू वेस्ट से इथेनॉल बनाया जाएगा। इससे यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय लोगों को लाभ होगा।

साथियो,

आज असम की ताकत को पहचानकर उससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यहां के बैंबू प्रोडक्ट्स देश ही नहीं दुनिया में भी धूम मचा सकते हैं। इसके लिए सरकार आपकी छोटी-छोटी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। साथियो, आज से 90 साल से भी पहले अग्रेजों ने एक कानून बनाकर बैंबू को वृक्ष की कैटेगरी में डाल दिया था, ट्री की कैटेगरी में डाल दिया था। ये कानून प्राइवेट जमीन पर उगाए गए बैंबू को काटने, उनके ट्रांसपोर्टेशन पर रोक लगाता था। आजादी के बाद भी 70 साल तक ये कानून ऐसे ही चला। इस वजह से किसानों को, ट्रेडर्स को, बैंबू इंडस्ट्रीज को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। हमारी सरकार ने आपकी इन परेशानियों को समझा और ये कानून बदल दिया। इसका बहुत बड़ा लाभ असम में बैंबू क्राफ्ट से जुड़े लोगों को, किसानों को, उद्यमियों को हुआ है। अब बैंबू का प्लांटेशन हो, वैल्यू चेन बनाना हो, बैंबू-बेस्ड प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग हो, सरकार सभी में सहयोग कर रही है। असम सरकार ने भी बैंबू और केन के लिए विशेष पॉलिसी भी बनाई है और इससे जुड़े छोटे उद्योगों के लिए विशेष जोन बनाने के लिए पहल की है। यही तो है डबल इंजन की सरकार की ताकत!

साथियो,

वो दिन कौन भूल सकता है जब कांग्रेस सेंटर में भी थी और असम में भी। तब नेग्लेक्ट भी डबल था, क्योंकि असम के लोगों की ना राज्य में सुनवाई थी, ना केंद्र में सुनवाई थी। तब करप्शन भी डबल था, क्योंकि कांग्रेस के स्थानीय नेता को भी कट देना होता था और केंद्र के नेता को भी बंडल के बंडल पहुंचाने पड़ते थे। तब घुसपैठिये भी डबल थे, क्योंकि राज्य सरकार को भी वोट बैंक खड़ा करना था और केंद्र सरकार को भी वोट बैंक की पड़ी थी। अब जब केंद्र में एनडीए सरकार है और राज्य में भी एनडीए सरकार है, तो डबल इंजन की ताकत असम को तेजी से आगे बढ़ा रही है। अब हाईवे बनाने पर डबल ताकत से काम हो रहा है, क्योंकि राज्य सरकार भी असम को देश से जोड़ रही है और केंद्र सरकार भी इस काम में पूरी ताकत लगा रही है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर की स्पीड भी डबल है, क्योंकि राज्य सरकार भी विकास में जुटी है और केंद्र सरकार भी मदद कर रही है। अब 'हर सिर को छत' और 'हर घर जल 'जैसे काम भी डबल फोर्स से हो रहे हैं। केंद्र और राज्य की डबल इंजन की ताकत इसमें मिलकर के काम कर रही है। इसलिए, असम के लोगों को कांग्रेस के लूट के इंजन को दूर ही रखना है। 50 साल से ज्यादा असम पर राज करने वाले लोग आजकल असम को 5 गारंटी दे रहे हैं। असम के लोग इनकी रग-रग से वाकिफ हैं। इन लोगों को झूठे वादे करने की, झूठे घोषणापत्र बनाने की आदत पड़ गई है। गरीब को सिर्फ सपने दिखाओ, झूठ बोलो, उसे आपस में लड़ाओ और राज करो, यही कांग्रेस का हमेशा से सत्ता में रहने का फॉर्मूला रहा है।

आपको याद रखना है-

कांग्रेस मतलब झूठे घोषणापत्र की गारंटी।
कांग्रेस मतलब कंफ्यूजन की गारंटी।
कांग्रेस मतलब अस्थिरता की गारंटी।
कांग्रेस मतलब, बम, बंदूक और ब्लॉकेड की गारंटी।
कांग्रेस मतलब हिंसा और अलगाववाद की गारंटी।
कांग्रेस मतलब भ्रष्टाचार की गारंटी, घोटालों की गारंटी।

भाइयो और बहनो,

भाजपा के नेतृत्व में NDA सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। लेकिन आज के कांग्रेस नेताओं को तो सिर्फ सत्ता से मतलब है, वो चाहे कैसे भी मिले। असल में कांग्रेस का खजाना अब खाली हो गया है, उसे भरने के लिए इन्हें किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए। कांग्रेस की सिर्फ कुर्सी ही दोस्त है, कुर्सी के सिवा उसका कोई दोस्त नहीं है। न विजन है, न संकल्प है, न कुछ करने का इरादा है। बस कुर्सी हथियाना, कुर्सी से दोस्ती, यही उनका कारोबार है। अब देखिए, झारखंड में, बिहार में, महाराष्ट्र में, जिनके साथ इनका गठबंधन है, वो पश्चिम बंगाल में इनके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। केरल में लेफ्ट को गाली देते हैं, पश्चिम बंगाल में कुर्सी की आस में लेफ्ट को गले लगाते हैं। खुद को सेकुलर बताते हैं, लेकिन असम, पश्चिम बंगाल और केरल में संप्रदाय के आधार पर बने दलों के साथ दोस्ती करते हैं। सत्ता के सामने इनको कुछ नहीं दिखता। इसी कारण अब कांग्रेस के लोगों की बातों पर देश में कोई भरोसा नहीं कर रहा है।

भाइयो और बहनो,

असम ने तो इनको बरसों तक परखा है। असम के मूल निवासियों के साथ कांग्रेस का क्या रवैया रहा है, वो आपसे बेहतर कौन जानता है। यहां के मूल निवासी कब से जमीन का अधिकार मांग रहे थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने दिया ही नहीं। ये एनडीए की सरकार है, जिसने सवा 3 लाख से ज्यादा जमीन के पट्टे दे दिए हैं, बाकी भी बहुत जल्द लोगों को मिल जाएंगे। साथियो, कांग्रेस ने चाय बागान में काम करने वाले परिवारों को भी बरसों तक अभाव में रखा। बीते 5 सालों में भाजपा सरकार ने, एनडीए सरकार ने टी गार्डन में काम करने वाले साथियों की पढ़ाई, कमाई और दवाई से जुड़ी जरूरतों के लिए एक के बाद एक कदम उठाए हैं। चाय उनके लिए राजनीति का रास्ता है, चाय पर राजनीति करने की उनकी आदत है, लेकिन यह न भूलें कि चाय जनजाति के साथियों और इस जनजाति से निकली महान विभूतियों को मान-सम्मान और स्वाभिमान का जीवन देने के लिए एनडीए प्रतिबद्ध है, भारतीय जनता पार्टी प्रतिबद्ध है और दिल्ली की सरकार हो, असम की सरकार हो, हमारे लिए प्रतिबद्धता का विषय है। टी गार्डन्स में काम करने वाले श्रमिक साथियों की दैनिक मजदूरी बढ़े, इसके लिए भी असम सरकार पूरी तरह गंभीर है। इस सरकार में 2 बार श्रमिक साथियों की दैनिक मजदूरी बढ़ाई गई है। ये मामला कोर्ट में है. इसलिए कुछ मुश्किलें जरूर आ रही हैं। लेकिन असम में एनडीए की सरकार दोबारा बनने के बाद इस दिशा में और तेजी से कदम उठाए जाएंगे। मैं आपको यही कहूंगा कि जितना काम, असम में चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए बीजेपी सरकार ने किया है, उतना किसी ने भी नहीं किया है। केंद्र सरकार ने भी इस वर्ष के बजट में 1000 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान टी गार्डन में काम करने वाले साथियों के लिए ही किया है।

भाइयो और बहनो,

बीते 5 साल में हमने असम के विकास को नई रफ्तार दी है। इस बार NDA के उम्मीदवारों को, इन सभी साथियों को मिला हर वोट, असम के तेज विकास के लिए वोट होगा। NDA को मिलने वाली ताकत, असम की आत्मनिर्भरता को ऊर्जा देगी। NDA को मिलने वाला हर वोट, यहां उद्योग और रोजगार के अवसरों को और बढ़ाएगा।
अखोमोर समूह राइजोक आगंतुक रोंगाली बिहूर सुवेक्षा अरु उलोग जसीसु!
इतनी कड़ी धूप में इतनी बडी तादाद में आपका आना इस बात का संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी-एनडीए को आपकी पांच साल सेवा करने का दोबारा मौका देना आपने तय कर लिया है।

मैं आपके प्यार के लिए, आपके आशीर्वाद के लिए आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। मैं आपको शुभकामनाएं देता हूं। मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए,
भारत माता की... जय!
भारत माता की... जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Prime Minister speaks with the Amir of Qatar
July 16, 2026
PM conveys heartfelt condolences on the passing of the Father Amir of Qatar
PM recalls the Father Amir’s visionary leadership and his contribution to strengthening India-Qatar relations
The two leaders reaffirm their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.

Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.

Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.

The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.

The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.

They agreed to remain in close touch.