The energy here today, especially among the youth, says it all - ‘Phir Ek Baar, NDA Sarkar’: PM Modi while addressing the rally in Nawada
Congress or RJD - both are just family-run parties. One is Bihar’s most corrupt family, the other is the country’s most corrupt: PM Modi
RJD stole the CM’s post from Congress. Now both are fighting among themselves: PM Modi on the Mahagathbandhan rift

भारत माता की ...

भारत माता की...

भारत माता की...


हंडिया सूर्य मंदिर के ई पवित्र भूमि के हम नमन करइयै!

संकट मोचन तथा गुनियाजी तपोभूमि आ बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बाबू श्रीकृष्ण सिंह जी के...ई वैभवशाली धरती पर अपने सबके अभिनन्दन करी हीयो

साथियों,

ये मगही पान की धरती है...और मैं तो बनारस का सांसद हूं...

मगही पान और बनारस का संबंध…हम लोगों से ज्यादा अच्छा अब कौन जानेगा? नवादा हो, गया जी हो, नालंदा हो...औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल हो...यहां अद्भुत सामर्थ्य है। इस क्षेत्र के नायक… बिहार केसरी श्रीकृष्ण बाबू जी ने बिहार के विकास की जो नींव रखी...वो आज भी हम सबके लिए प्रेरणा देती है। ये धरती...लोकनायक जयप्रकाश नारायण… और भोला सिंह जी जैसे जनसेवकों की कर्मभूमि रही है।

मगध की मिट्टी...ने इतिहास में अनेक महान संतानें देश को दी हैं।

साथियों,

मगध...पुरातन भारत की शान रहा है...अब हमें, मगध को, बिहार को...फिर वही पुराना गौरव लौटाना है। हमें इस क्षेत्र को फिर से वैश्विक ज्ञान-विज्ञान का केंद्र बनाना है....विकसित बिहार बनाना है। इसलिए आज मैं, NDA के सभी उम्मीदवारों के लिए, आप सभी का आशीर्वाद मांगने आया हूं। और यहां जो उत्साह है...जो जोश है... उसका एक ही संदेश है...

फिर एक बार...NDA सरकार!
फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...
बिहार में फिर से...सुशासन सरकार !

साथियों,

यहां बहुत बड़े स्तर पर खेती-किसानी होती है... अनेक परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। आजादी के बाद की सरकारों ने छोटे किसानों के हितों को प्राथमिकता नहीं दी। इस वजह से छोटे किसान हमेशा संकटों से घिरे रहे। लेकिन ये मोदी है... जिसे किसी ने नहीं पूछा...मोदी उन्हें पूजता है।

 

साथियों,

बीते 11 वर्षों में हमारी सरकार, छोटे किसानों को कृषि नीति के केंद्र में लाई है। आज़ाद भारत में पहली बार ऐसा हुआ है। छोटे किसानों के लिए बैंक के दरवाज़े तक बंद थे। मोदी ने छोटे किसानों के बैंक खाते खुलवाए। आज किसान के उसी बैंक खाते में पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा जमा होता है। यहां बिहार के किसानों को अब तक करीब 30 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। ये मैं आंकड़ा सिर्फ बिहार के किसानों का बताता हूं। और इतना ही नहीं हमारे नवादा जिले का भी आंकड़ा हमसब का गौरव बढ़ाने वाला है। यहां के दो लाख किसानों के खाते में 650 करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। और मेरे भाइयों और बहनों.. याद रखिए ये सारा का सारा पैसा बिना कट-कमीशन और करप्शन के किसान के खाते में जमा हुआ है। अगर जंगलराज वाले होते....उनके साथी कांग्रेस वाले होते तो आपके हक का ये सारा का सारा पैसा लूटकर अपनी तिजोरी भर लेते। और ये मैं नहीं कह रहा हूं, कांग्रेस के ही एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर दिल्ली से एक रूपया निकलता है तो गांव जाते-जाते 15 पैसे रह जाता है। रास्ते में ये कौन सा पंजा था जो रूपये को पिस करके 15 पैसा बना देता था। साथियों, बिहार के लिए NDA का जो घोषणापत्र आया है... उसमें तो किसानों और पशुपालकों को डबल उपहार मिला है। अभी किसानों को केंद्र सरकार, दिल्ली की सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के छह हज़ार रुपए उनके खाते में जमा कराती है । अब बिहार NDA ने ये घोषणा की है... कि यहां फिर सरकार बनने के बाद, भारत सरकार जो देती है उसके उपरांत तीन हज़ार रुपए अतिरिक्त... हमारे किसान साथियों को दे दिया जाएगा।

साथियों,

बिहार की इस मिट्टी ने आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ पैदा किए। बिहार की जनता का अंकगणित भी अच्छा है और सामान्य ज्ञान में भी उसका कोई मुकाबला नहीं। ये चारे वाले सोचते हैं कि बिहार की जनता को चरा जाएंगे। जबकि इनकी रग-रग की सच्चाई ये बिहार की जनता भलीभांति जानती है।

साथियों,

आरजेडी हो या कांग्रेस... ये सिर्फ दो परिवारों के ही इर्दगिर्द सिमटी हुई पार्टियां हैं। एक बिहार का सबसे भ्रष्ट परिवार.... दूसरा देश का सबसे भ्रष्ट परिवार... और अब इनके दो परिवारों में ही बड़ा घमासान छिड़ गया है। यहां एक जंगलराज के युवराज है.. उन्हें लगता है कि कांग्रेस के युवराज की पद-यात्रा ने उन्हें ही पैदल कर दिया है। और सोचिए... जंगलराज के युवराज को पैदल तो किया ही... सीएम पद के नाम पर कांग्रेस ने हामी तक नहीं भरी। इसके बाद RJD ने भी कांग्रेस को सबक सिखाने की ठान ली। फिर पूरे देश ने देखा है कि कैसे RJD ने बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष के खिलाफ ही...अपना उम्मीदवार उतार दिया।

साथियों,

आजकल ये दोनों दल एक-दूसरे के बाल नोचने में लगे हुए हैं। अब तो खबर ये है कि...हर बूथ पर कांग्रेस ने लोगों ने RJD को हराने की ठान ली है। आप देखिएगा... 11 तारीख को दूसरे चरण का मतदान खत्म होते ही... कांग्रेस-आरजेडी....एक-दूसरे का क्या हाल करते हैं। माथा फोड़ना शुरू कर देंगे।

साथियों,

बिहार का तेज विकास...एक-जुट NDA ही कर सकता है। आज बिहार में नीतीश जी का शानदार नेतृत्व है.. साथ में हमारे पूर्व मुख्यमंत्री मांझी जी हैं, उपेंद्र कुशवाहा जी हैं, मेरे युवा साथी चिराग बाबू हैं, दिलीप जायसवालजी हैं, सम्राट चौधरी हैं, विजय सिन्हा हैं... ऐसी एक सशक्त टीम हमारे पास है। NDA सबको अवसर देता है...सबको सम्मान देता है। जबकि जंगलराज वालों के लिए सिर्फ और सिर्फ अपना परिवार सबसे ऊपर है।

साथियों,

जो पिछड़ा है...वो हमारी प्राथमिकता है। NDA सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में ये साफ-साफ दिखता है। हर गरीब को पक्का घर मिले...ये मोदी का संकल्प है। हमारी सरकार ने गरीबों के लिए देश में 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनवाए है... ये 4 करोड़ घर ये आंकड़ा छोटा नहीं है। यहां बिहार के भी 60 लाख परिवारों को पक्के घर मिले... ये घर किसको मिले हैं? इन घरों के लाभार्थी गरीब, दलित-महादलित, पिछड़े-अतिपिछड़े परिवार के ही लोग हैं।

साथियों,

नल से जल हो, गैस कनेक्शन हो, शौचालय हो, बिजली कनेक्शन हो...इसका सबसे बड़ा लाभार्थी भी वंचित समाज ही है। NDA सरकार मुफ्त अनाज और मुफ्त इलाज की भी सुविधा दे रही है... ताकि गरीब की, वंचित की...चिंता कम हो। साथियों, यही तो सामाजिक न्याय की सच्ची परिभाषा है...और ये परिभाषा बिहार ने देश को दी थी... लेकिन इन भ्रष्ट परिवारों ने अपने स्वार्थ के लिए ही इसका उपयोग किया। मैं बिहार NDA की टीम को बधाई दूंगा... कि आपने सच्चे सामाजिक न्याय के संकल्प को लगातार मजबूती दी है।

भाइयों और बहनों,

मगध की इस धरती ने हर उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैं यहां के सभी नौजवान साथियों को बहुत सतर्क रहने के लिए कहूंगा। मेरे नौजवान साथियों, मेरी बात गौर से सुनिए और अपने परिवार के जो बड़े लोग है जरा उनसे मेरी बात की चर्चा कीजिए, आप सोचिए जब आपके दादा-दादी, नाना-नानी ने...श्री कृष्ण बाबू जी का दौर देखा। उस दौरान, बिहार नई उम्मीदों, नए भविष्य की तरफ आगे बढ़ रहा था... शिक्षण संस्थान बन रहे थे... छोटी बड़ी मिलें, फैक्ट्रियां लग रही थीं। लेकिन अगली पीढ़ी...यानि आपके दादा-दादी, नाना-नानी की बाद वाली पीढ़ी मतलब कि आपके माता-पिता वाली पीढ़ी और जब आपके माता-पिता वाली पीढ़ी के जिम्मेवारी का समय आया, तो आपके दादा-दादी, नाना-नानी ने जो देखा था उनके सारे सपने आपके माता-पिता के आते-आते चूर-चूर हो गए। क्योंकि तब बिहार में जंगलराज ने पैर रख दिए थे।

साथियों,

RJD के जंगलराज की एक ही पहचान थी...और जैसे ही ये बात मैं बोलूंगा आप हरेक को लगेगा कि आपका मोदी सही बोल रहा है। उनकी यहां की पहचान थी कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन। यही था कि नहीं भाई, यही उनकी पहचान थी कि नहीं थी... हर गली मोहल्ले में कट्टा चलता था कि नहीं चलता था... आज इन कट्टों का.. नहीं होता था। जंगलराज की इन निशानियों ने मगध के गौरव पर नरसंहार का, समाज में बंटवारे का दाग लगा दिया। हालात तो ये थी कि किसी कर्मचारी का वेतन बढ़ता था तो वो परेशान हो जाता था। दिल्ली में एयरकंडीशन कमरे में बैठने वालों को समझ नहीं आएगा... अगर बिहार में किसा का वेतन बढ़ना था तो वो परेशान हो जाता था... क्योंकि ज्यादा वेतन का मतलब था...RJD को ज्यादा रंगदारी देना। उस दौर में स्कूल वीरान हो गए... क्योंकि अध्यापकों के, उनके परिवारों के अपहरण होने लगे थे। माताएं-बहनें जब तक शाम को स्कूल का समय पूरा होने के बाद दरवाज़े के बाहर टिकटिकी नजर से देख रही थी, इंतज़ार करती थीं... कि मेरा बेटा-बेटी शाम को वापस घर लौट न आए। जंगलराज के उस दौर में 10-20 नहीं...करीब-करीब 37 हजार अपहरण हुए थे।

साथियों,

नीतीश जी ने बहुत मुश्किल से बिहार को उस दौर से बाहर निकाला है। आप बताइए साथियों... क्या आप, मै नौजवानों आप से पूछता हूं... मैं माताओ-बहनों से पूछता हं... आप मुझे बताइए... क्या जंगलराज को फिर से बिहार में लौटने देंगे? क्या आप जंगलराज को बिहार में आने देंगे.. क्या आप...कट्टा, दु-नाली और रंगदारी के उस दौर को लौटने देंगे?

साथियों,

बिहार के लोगों ने दशकों तक जंगलराज के साथ ही नक्सली हिंसा का डबल अटैक सहा है। आपने 2005 में नीतीश जी की सरकार बनाई... तो पक्का कर दिया था कि बिहार को जंगलराज से मुक्ति मिलेगी। और फिर जब आपने 2014 में मोदी को सेवा का मौका दिया था तो ये पक्का कर दिया कि बिहार को नक्सलवाद-माओवादी आतंक से भी मुक्ति मिलकर रहेगी। और हमने बिहार को माओवादी आतंक से मुक्त कराने के लिए दिन-रात एक कर दिया। आजकल आप देख रहे हैं... सैकड़ों की संख्या में नक्सली लोग हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। देश का संविधान जीत रहा है... शांतिप्रिय देश जीत रहा है। और शहरो में बैठे हुए ये जो अर्बन नक्सल है ना उनकी रातों की नींद खराब हो गई। क्योंकि वे भी अब इन आतंकियों का कभी माओवादी आतंकी हाथों में हथियार लेकर चलते थे, और आज जब उनके हाथ में संविधान देखते हैं...तो अर्बन-नक्सलियों की नींद उड़ जाती है।

साथियों,

मैं बिहार के युवाओं से, मेरी बहनों-बेटियों से कहूंगा... आपकी जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। आप RJD के लोगों का चुनाव प्रचार देखिए... पूत के पांव पालने में ही दिख रहे हैं... ये RJD वाले अभी से कैसी-कैसी धमकियां दे रहे हैं। चुनाव के मैदान में रंगदारी के रंग से, माओवादी आतंक के लाल रंग से... मेरे भाइयों-बहनो हमें बिहार को बचाना है... और ये हर नौजवान की जिम्मेदारी है। हर मां-बहन की जिम्मेदारी है...

साथियों,

विकसित बिहार...विकसित भारत ये हमारी प्राथमिकता है। NDA के सुशासन का फायदा आप हर तरफ अनुभव कर रहे हैं। 2005 से पहले बिहार में बिजली का भी हाल बेहाल था। लोग बिजली के तार तो लगे थे, लेकिन, लोग सोचते थे कि ये तो कपड़े सुखाने के लिए रस्सी लगी हुई है। और बिहार में ये लोग बिजली के तार पर कपड़ा सुखाते थे, वो हाल था। ये हमारी सरकार है जिसने बिहार के गांव-गांव में बिजली पहुंचाने का इंतजाम किया। मैं आप लोगों से एक आग्रह करूंगा... आपमें से जितने लोगों के पास मोबाइल है...जरा मोबाइल फोन निकालिए... और अपने मोबाइल फोन की लाइट चालू कीजिए.. लाइट ऑन कीजिए ,, सबके सब लोग... अपने मोबाइल फोन की लाइट ऑन कीजिए.. सब लोग हां यहां सब लोग... अब मुझे बताइए भैया... जब आपकी हथेली में इतनी तेज रोशनी है तो लालटेन की जरूरत है क्या? लालटेन की जरूरत है क्या? ये रोशनी है कि नहीं है... आपकी हथेली में है कि नहीं है.. आपका भाग्य आपकी हथेली में है कि नहीं हैं..

साथियों,

छठ पूजा के समय... अब मोबाइल नीचे करिए भैया... आपका प्यार हमें मंजूर है... साथियों छठ पूजा के समय हम प्रकृति की...सूर्य देव की पूजा करते हैं। ये RJD-कांग्रेस के लोग...छठी मैया की पूजा को नौटंकी, ड्रामा बताते हैं ड्रामा। छठी मैया का अपमान करते हैं... इन लोगों को, सूर्यदेव की शक्तियों का भी अंदाजा नहीं है। ये हमारी सरकार है जो सूर्यदेव की ऊर्जा से बिजली बनाने में जुटी है। नवादा जिले में ही बिहार का सबसे बड़ा तैरता हुआ बिजली घर बनकर तैयार है। और जो दिल्ली से बड़े-बड़े शहरों से... ये चुनाव की खुशबू लेने आए हैं ना... उनको भी मैं कहूंगा जरा नवादे का ये तैरता हुआ सोलर प्लांट भी देखते हुए जाइए... लिखिए या ना लिखिए देखकर के तो जाइए... हम बिहार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का भी विस्तार करने में जुटे हैं। इसके तहत हर लाभार्थी परिवार को... छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए, पचहत्तर से अस्सी हज़ार रुपए सरकार दे रही है.. एक एक परिवार को 75 से 80 हजार रुपये हर परिवार को दिया जाता

साथियों,

जिन घरों में ये सोलर प्लांट लग रहा है.... वहां का बिजली बिल ज़ीरो हो गया है। बिजली का बिल जीरो हुआ है इतना ही नहीं अतिरिक्त बिजली बेचकर के कमाई भी हो रही है... साथियों, बिहार में फिर से NDA सरकार बनने के बाद... इस अभियान को और भी तेज किया जाएगा।

साथियों,

बिहार के नौजवानों को बिहार में ही अच्छी शिक्षा मिले... इस पर हमारा बहुत जोर है। नीतीश जी के नेतृत्व में जो सुशासन आया है... उससे बिहार शिक्षा और कौशल विकास के केंद्र के रूप में उभर रहा है। आज बिहार में बहुत बड़ी संख्या में, स्कूल-कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज बन रहे हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा हमारे बिहार के युवाओं को हो रहा है। अब उनके सामने पढ़ने के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी नहीं है। साथियों, आने वाले समय में... ये क्षेत्र...अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का महत्वपूर्ण केंद्र होने जा रहा है। हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश यहां होने वाला है। आने वाले सालों में यहां सैकड़ों उद्योग लगेंगे। बिहार का नौजवान... मेरे नौजवान साथियों, ये मोदी की गारंटी है लिखकर के रख लीजिए.. आने वाले समय में बिहार के नौजवान बिहार में ही काम करेगा..बिहार का नौजवान बिहार में ही काम करेगा.. बिहार का नाम करेगा। वो दौर दूर नहीं जब बिहार में...मोबाइल फोन बनेंगे, इलेक्ट्रिक वीकल बनेंगे... यहां बने कपड़े दुनियाभर में निर्यात होंगे।


साथियों,

मैं जब भी बिहार की धरती पर आता हूं... तो सबसे ज्यादा ऊर्जा, सबसे ज्यादा उत्साह हमारी बहनों-बेटियों में देखने को मिलता है। आप बहनों की ये विशाल उपस्थिति बताती है... कि अब बिहार की महिलाएं...प्रगति की सच्ची शक्ति बन चुकी हैं। कोई जीविका दीदी बनकर गांव की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रही है, कोई लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है, कोई कृषि सखी, बैंक सखी, या नमो ड्रोन दीदी बनकर...विकसित बिहार की कहानी लिख रही हैं।

साथियों,

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। अभी तक...बिहार की एक करोड़ तीस लाख बहनों के खाते में दस-दस हज़ार रुपया पहुंच चुका है। एक करोड़ तीस लाख बहनों के खाते में.. NDA के घोषणापत्र में...इसको लेकर भी बहुत बड़ी घोषणा की गई है। मैं आप सभी बहनों को भरोसा देता हूं...मैं बिहार की सभी माताओ-बहनों और महिलाओं को भरोसा देता हूं कि हमारी सरकार कदम-कदम पर आपके साथ खड़ी रहेगी।

साथियों,

बिहार के पास संस्कृति की...विरासत की भी बहुत बड़ी शक्ति है। ये क्षेत्र जैन परंपरा, बौद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। ये माता जानकी और लव-कुश की धरती है.. हम रामायण सर्किट के तहत...तीर्थों का विकास कर रहे हैं। हम बौद्ध सर्किट के निर्माण पर निवेश कर रहे हैं। हमारा प्रयास यही है कि बिहार में ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्री आए...विदेशी पर्यटक आएं। साथियों, पर्यटन के साथ-साथ खेल भी रोजगार का एक बहुत बड़ा माध्यम है। बिहार, देश में खेलों का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। बीते सालों में बिहार इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मैप पर आया है। राजगीर में भी शानदार स्टेडियम बन चुका है। अब स्पोर्ट्स में भी बिहार के बेटे-बेटी तिरंगे की शान बढ़ाएंगे।

साथियों,

छह नवंबर के लिए अब कुछ ही समय शेष हैं... इस बार हमने देखा है... छठ महापर्व के लिए पहले से कहीं ज्यादा साथी अपने गांव आए हैं... मैं उनसे आग्रह करुंगा क्योंकि लोकतंत्र में मतदान करना ये हमारा अधिकार भी है और हमारी जिम्मेदारी भी है ... और इसलिए जो लोग बिहार आए हुए हैं और जिनका कि यहां की मतदाता सूची में नाम है... उन्हें अपने इस अधिकार का पूरा उपयोग करना चाहिए... मतदान किए बिना वापस नहीं जाना चाहिए...मतदान करके ही एपने क्षेत्र में जाए...

साथियों,

विकसित बिहार के लिए आपका एक-एक वोट बहुत जरूरी है। साथियों, आप इतनी विशाल संख्या में.. जो उम्मीदवार है उनसे मेरी प्रार्थना है कि आगे आ जाएं... सब खड़े हो जाइए.. मैं आप सबसे मिलना चाहता हूं.. इतनी विशाल संख्या में हमारे साथियों को आशीर्वाद देने आप सब पहुंचे है आप सबका आशीर्वाद इन्हें मिले ये आपके प्रतिनिधि बने और विकसिता बिहार का सपना पूरा करे.. दोनों मुट्ठी बंद करके मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...
वंदे... वंदे... वंदे.. वंदे....

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.