I'm proud. In the face of crisis, India rose, sending vaccines worldwide and bringing back our citizens safely from conflict zones: PM Modi
Today, there's an ample and uninterrupted supply of urea, marking a significant improvement for farmers: PM Modi at Pilibhit rally
CAA stands to benefit numerous families in Pilibhit, yet Congress and Samajwadi Party oppose it: PM Modi taking a jibe at the Opposition
On this auspicious first day of Navratri, as we commence the worship of Shakti, let's remember how the INDI Alliance vows to eradicate this divine force: PM Modi
The BJP government has diligently tackled the issues faced by sugarcane farmers: PM Modi in Pilibhit

भारत माता की... भारत माता की...
साथियों,
आज देश के विभिन्न हिस्सों में नव वर्ष मनाया जा रहा है। आज विक्रम संवत ‘दो हजार इक्यासी’ का पहला दिन है। मैं समस्त देशवासियों को गुडी पडवा, उगाडी, चेटी चंड, नवरेह, नवरेह के साथ-साथ ‘साजिबु चेरोबा’, नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज से चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो गई है, देशभर में शक्ति की उपासना उसकी धूम मची हुई है। नवरात्रि का पर्व हो, हरकोई उसकी भक्ति में डूबा हुआ हो, शक्ति उपासना से जुड़ा हुआ हो, ऐसे समय इतनी बड़ी रैली, ये अपनेआप में एक अजूबा है। क्योंकि मेरा जब कार्यक्रम बन रहा था तो मैंने कहा भाई नवरात्रि है लोग कैसे आएंगे? उन्होंने कहा साहब बस आप बस डेट दे दीजिए। और इतने कम समय में नवरात्रि के पावन पर्व पर भी इतनी बड़ी तादाद में आप मुझे आशीर्वाद देने आए। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में शक्ति स्वरुपा माताएं-बहनें-बेटियां भी हमें आशीर्वाद दे रही हैं। मैं सभी सिख गुरुओं को भी नमन करता ङूं। कुछ ही दिन में बैसाखी भी आने वाली है। मैं आपको बैसाखी की भी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यहां पीलीभीत के साथ ही बरेली की जनता-जनार्दन के दर्शन का भी सौभाग्य मिला है। और सब ओर एक ही संदेश है और बहुत ही स्पष्ट संदेश है- एक गूंज सुनाई दे ही है... फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार....

साथियों
हम बचपन से सुनते आए हैं..."सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं" ये बोल भारत की वीर परंपरा के प्रतीक हैं। ये बोल दिखाते हैं कि लक्ष्य कितना ही कठिन क्यों ना हो, भारत अगर ठान लेता है, तो सफलता हासिल करके रहता है। आज इसी प्रेरणा से, इसी ऊर्जा से भारत के हम लोग विकसित भारत के संकल्प पर काम कर रहे हैं। सारी दुनिया की मुश्किलों के बीच, भारत ये दिखा रहा है कि उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। आप मुझे बताइए साथियों, भारत जब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत बना, तो आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? हमारे चंद्रयान ने जब चांद पर तिरंगा फहराया, तो आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? भारत में हुए भव्य G-20 सम्मेलन की पूरी दुनिया में वाहवाही हुई, प्रशंसा हुई, आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? कभी कांग्रेस सरकारें दुनिया से मदद मांगते थीं। लेकिन कोरोना के महासंकट में भारत ने पूरी दुनिया में वैक्सीन भेजी, दवाइयां भेंजी। इसको सुनकर आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ? दुनिया में कहीं भी युद्ध का संकट आया, हम एक-एक भारतीय को सुरक्षित वापस लाए।
अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहब के पवित्र स्वरूपों को भी पूरी श्रद्धा के साथ भारत लाए। आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,
जब देश मज़बूत होता है, तो दुनिया उसकी सुनती है। आप मुझे बताइए, दुनिया में भारत का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है? चारों तरफ डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है? दुनिया के हर कोने में डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है? ये कैसे हुआ? ये किसने किया? ये कैसे हुआ? किसने किया? किसने किया? किसने किया? आपका जवाब गलत है। ये मोदी ने नहीं किया ये आपके एक वोट ने किया है। ये आपके एक वोट की ताकत है। आपके एक वोट से मज़बूत सरकार बनी, निर्णायक सरकार बनी, सशक्त सरकार बनी और काम करने वाली सरकार बनी। और बीजेपी सरकार ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत किसी से भी कम नहीं है।

साथियों,
जब नीयत सही होती है, हौसले बुलंद होते हैं, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। आज हम चारों तरफ विकसित भारत का निर्माण होते हुए देख रहे हैं। कहीं फोर लेन, सिक्स लेन, eight lane के हाईवे बन रहे हैं। कहीं भव्य रेलवे स्टेशन बन रहे हैं। कहीं वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें चल रही हैं। पीलीभीत-भोजीपुरा और पीलीभीत से टनकपुर तक रेलवे के ब्रॉडगेज होने से, एक्सप्रेस ट्रेन भी चलने लगी है। धनारा घाट पर 250 करोड की लागत से पुल बनाने का काम भी शुरू होने वाला है। इससे शारदा नदी के किनारे रह रहे हजारों लोगों को आसानी होगी। ये जो सुविधाएं बन रही हैं, ये किसानों और नौजवानों दोनों के लिए नए अवसर लेकर के आती है। पुरानी सरकारों के दौरान जो उद्योग यहां बंद पड़ गए थे, जो फैक्ट्रियां यहां बंद हो गई थीं, उनको भी इससे नई ऊर्जा मिलेगी। पीलीभीत में एक तरफ बांसुरी की सुरीली आवाज है तो दूसरी तरफ टाइगर की दहाड़ भी है। हमारी सरकार पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की ख्याति को भी देश और दुनिया के कोने-कोने में ले जाने का काम कर रही है। यहां इको-टूरिज्म का नया इकोसिस्टम बन रहा है। यहां के नौजवानों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।

साथियों,
पीलीभीत और ये पूरा क्षेत्र खेती किसानी के लिए भी जाना जाता है।
आप याद कीजिए 10 वर्ष पहले तक किसानों की क्या स्थिति थी?
महंगे यूरिया की कालाबाजारी होती थी और किसानों को लाठियां खानी पड़ती थीं। आज यूरिया भी पर्याप्त मिलता है और लगातार मिलता है। जो बोरी दुनिया में 3 हज़ार रुपए में मिलती है, वो हमारी सरकार सिर्फ 300 रुपए से भी कम कीमत पर यूरिया की बोरी किसानों को देती है। यहां यूपी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत करीब 70 हज़ार करोड़ रुपए भी मिले हैं। ये आंकड़ा छोटा नहीं है। किसानों के बैंक खातों में 70 हजार करोड़ रुपया ये मोदी सरकार ने पहुंचाया है। और इसमें से करीब साढ़े 800 करोड़ रुपए यहां पीलीभीत के किसानों के बैंक खाते में पहुंचे हैं।

साथियों,
कांग्रेस और सपा के राज में गन्ना किसानों को कैसे अपने ही पैसे के लिए तरसाया जाता था, ये आपसे अच्छा और कौन जानता है। भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों की परेशानी को कम करने के लिए पूरी ताकत से काम किया है। और योगी जी ने तो पहले ही दिन से गन्ना किसानों की मूसीबतें दूर करने के लिए अनेक कदम उठाए। कई चीनी मिलें खुलीं है कई का विस्तार हुआ है और ये काम लगातार किया जा रहा है। सपा-बसपा-कांग्रेस के 14 साल में जितने रुपए गन्ना किसानों को मिले थे, उससे ज्यादा पैसे बीजेपी ने यहां योगी जी की सरकार ने अपने 7 साल में गन्ना किसानों को दे दिए हैं। देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर जो बड़ा अभियान चल रहा है, उससे भी पीलीभीत के किसानों को बहुत फायदा होने वाला है। गांव के पास अनाज भंडारण की, दुनिया की सबसे बड़ी योजना भी शुरू हो चुकी है। इस योजना के तहत देश में लाखों नए गोदाम बनाए जा रहे हैं। इसका भी लाभ पीलीभीत के किसानों को मिलने वाला है। आने वाले 5 वर्षों में हम ड्रोन से खेती का नया विस्तार देखेंगे। हमारे युवा ड्रोन बनाएंगे और गांव की हमारी माताएं-बहनें, ड्रोन पायलट बनेंगी।
गांव-गांव में 3 करोड़ महिलाएं ये हमारी लखपति दीदी बनेंगी- ये मोदी की गारंटी है। पक्के घर, हर घर नल से जल, ऐसी हर सुविधा तेज़ी से हर बहन, हर परिवार तक पहुंचे, ये मोदी की गारंटी है। और आप जानते हैं, मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरी होने की गारंटी।

साथियों,
पीलीभीत की इस धरती पर माता यशवंतरी देवी का आशीर्वाद है। पीलीभीत में आदि गंगा मां गोमती का पवित्र उद्गम स्थल है। आज नवरात्रि के पहले दिन, शक्ति की पूजा के पहले दिन, मैं देश को ये भी याद दिला रहा हूं कि कैसे इंडी गठबंधन ने शक्ति को खत्म करने की सौगंध खाई है। आज देशभर में जिस शक्ति की पूजा हो रही है, उस शक्ति का कांग्रेस ने घोर अपमान किया है। जिस शक्ति के आगे हम शीश झुकाते हैं, उस शक्ति को उखाड़ फेंकने की बात ये कांग्रेस के नेता कर रहे हैं। शक्ति का कोई भी उपासक, इंडी गठबंधन को इस अपमान के लिए माफ नहीं करेगा। माफ करेगा क्या? माफ करेगा क्या?

साथियों,
सपा-कांग्रेस के इंडी-गठबंधन को भारत की विरासत की परवाह भी नहीं है। 500 साल के इंतज़ार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना। हमारे कल्याण सिंह जी ने राम मंदिर के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, अपनी सरकार समर्पित कर दी। देश के हर परिवार ने अपनी-अपनी श्रद्धा के हिसाब से योगदान दिया। पीलीभीत वालों ने भी एक विशाल बांसुरी अयोध्या को भेंट की। लेकिन साथियों,
इन इंडी गठबंधन वालों को राम मंदिर के निर्माण से पहले भी नफरत थी और आज भी नफरत है। चलो भाई आपने मंदिर बनने से रोकने के लिए अदालत में जो करना था कर लिया। आपने मंदिर ना बने इसके लिए लाख कोशिश कर ली। लेकिन जब देश की जनता ने पाई-पाई देकर के इतना भव्य मंदिर बना दिया। जब मंदिरवालों ने आपके सारे गुनाह माफ कर के आपको प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में सम्मान पूर्वक निमंत्रित किया। लेकिन आपने प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया आपने प्रभु राम का अपमान कर दिया। भाइयों बहनों मैं अभी भी नहीं समझ पाता हूं कि इनके मन में इतना जहर भरा है कि उनकी पार्टी से जो प्रतिष्ठा में गए उनको छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। क्या ऐसा कभी हिंदुस्तान में हो सकता है। कोई राम की पूजा करे उसे पार्टी से निकाल दोगे... ये कैसी पार्टी है भाई...ये पाप करनेवालों को कभी भूलिएगा नहीं भाईयों-बहनों। याद रखेंगे ना? याद रखेंगे?

साथियों,
तुष्टिकरण के दलदल में कांग्रेस इतना डूब गई है कि उससे कभी बाहर नहीं निकल सकती। कांग्रेस ने जो घोषणापत्र बनाया है वो कांग्रेस का नहीं, ऐसा लगता है कि मुस्लिम लीग का घोषणापत्र दिखता है। तुष्टिकरण के दबाव में ही कांग्रेस हो या सपा, CAA का भी विरोध कर रही हैं। विदेशी धरती पर अत्याचार की वजह से भागे, भागने के लिए मजबूर हुए हिंदुओं और सिख भाई बहनों को, आप मुझे बताइए, मेरे इन हिंदू भाइयों-बहनों को, मेरे इन सिख भाई-बहनों को भारत अगर नागरिकता नहीं देगा तो कोई और देगा क्या? नागरिकता देनी चाहिए कि नहीं देनी चाहिए? वो अपने हैं कि नहीं हैं? उनको हमें संभालना चाहिए कि नहीं संभालना चाहिए? CAA का यहां पीलीभीत में रहने वाले अनेक परिवारों को…मेरी आपको गारंटी है, आप अप्लाई कीजिए, आपका हमेशा-हमेशा की मुसीबतों से मुक्ति मिल जाएगी। आप भारत के नागरिक के नाते गर्व से जी पाएंगे। लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस पर भी एतराज जता रही है।

साथियों,
यहां इस सभा में बड़ी संख्या में हमारे शरणार्थी भाई-बहन हैं, हमारे रे सिख भाई-बहन भी हैं। समाजवादी पार्टी आज जिस कांग्रेस के साथ खड़ी है, उस कांग्रेस ने चौरासी में हमारे सिख भाई-बहनों के साथ क्या किया था, वो कोई भूल नहीं सकता। ये भाजपा है जो सिखों के साथ पूरी शक्ति से खड़ी है, उनकी भावनाओं को समझते हुए काम करती है। हमें गर्व होता है जब करतारपुर साहिब कॉरिडोर के द्वारा लाखों श्रद्धालु, दशकों से जो उनके मन में दर्द था, पीड़ा थी, उससे मुक्त होकर के आज करतारपुर साहब जाकर के मत्था टेकर के हमारे लिए आशीर्वाद लेकर के आते हैं। ये भाजपा सरकार है जिसने लंगर की वस्तुओं पर से GST हटाया। हमने श्री हरमिंदर साहब के लिए FCRA रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया, जिससे विदेश के लोगों को भी सेवा करने का अवसर मिले। हमने वीर बाल दिवस मनाकर, साहिबजादों के शौर्य को सम्मान दिया। गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व हो...गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व हो... गुरु गोविंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व हो, भाजपा सरकार ने देश विदेश में सभी पर्व धूमधाम से मनाए।

साथियों,
कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन को, देश की महान विभूतियों का अपमान करने में भी संकोच नहीं होता। कांग्रेस के या समाजवादी पार्टी के बड़े नेता कभी भी सरदार पटेल, इस देश के महापुरुष जिसने देश की एकता के लिए अपनी जिंदगी खपा दी। उनके सम्मान में स्टैच्यू आफ यूनिटी बना हुआ है। दुनिया का सबसे ऊंचा स्टैच्यू, लेकिन कांग्रेस सपा वालों को वहां जाकर के सरदार साहब का सम्मान करने का उनका मन नही करता। ये लोग विदेशों में जाकर के तो घूमकर के आते हैं, लेकिन अपने ही देश में सरदार पटेल की प्रतिमा का दर्शन नहीं करते। जिन सरदार पटेल ने पूरे देश को एक किया, उनका भी ये लोग बहिष्कार करते हैं।

साथियों,
भारत को बांटने की साजिश में जुटे इंडी गठबंधन से और कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए देश की एकता अखंडता के लिए भारतीय जनता पार्टी आपके आशीर्वाद के लिए हम आपके पास आए हैं। आपके आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाएंगे है।
19 अप्रैल को- पीलीभीत से जितिन प्रसाद जी और 7 मई को बरेली से छत्रपाल सिंह गंगवार जी को भारी मतों से जिताने के लिए मैं आप सबसे प्रार्थना करने के लिए आया हूं। आप मेरी बात घर-घर पहुंचाएंगे? हर पोलिंग बूथ में जाएंगे? पोलिंग बूथ जीतने के लिए योजना बनाएंगे? अच्छा मेरा एक काम करोगे? एक मेरा काम करोगे? मेरा पर्सनल काम है करोगे? घर-घर जाना और जाकर के बताना कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे? मेरे साथ बोलिए.. भारत माता की.... भारत माता की... भारत माता की...
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.