The trust of 140 crore Indians is our greatest strength and responsibility: PM Modi at the NDA Leaders’ Conclave
From "Fragile Five" to one of the world's fastest-growing major economies: PM on India’s stability and transformation
The aspirations of youth, women, farmers and the middle class continue to drive the nation's development: PM Modi at the NDA Leaders’ Conclave
PM Modi says India's economic momentum accelerated under the NDA government led by former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee

देवियो और सज्जनों,

आज का दिन आप सभी ने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया है। मैं अभिभूत हूं। कृतज्ञ हूं। चैरेवेति-चैरेवेति के मंत्र का जाप करते हुए इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए एक दिन यह पड़ाव भी आएगा। मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर, इसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं। आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया। इतना मान दिया। इसके लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।

साथियों,

इतने लंबे समय तक मां भारती की सेवा का सौभाग्य मिलना, ये ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव हो सकता है। और मेरे लिए तो जनता-जनार्दन ही ईश्वर का रूप है। और इसलिए मैंने इस सेवा कार्य को हमेशा एक साधना के रूप में ही देखा है। और ये साधना भी एकाकी नहीं रही है। ये एक सामूहिक यज्ञ है, जिसमें आप सब ने और अनेकों साथियों ने कर्त्तव्य भाव से अपना योदगान दिया है। मैं आज इस यात्रा के ऐसे सभी साथियों के प्रति भी अपना आभार प्रकट करता हूं।

साथियों,

इस अवसर पर एनडीए परिवार के सदस्यों ने एक resolution भी पेश किया है। ये आप सबकी आत्मीयता और उदारता है। क्योंकि, मैं इस यात्रा को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानता हूँ। ये हर दृष्टिकोण से, हम सबकी सामूहिक उपलब्धि है। ये NDA के हर घटक दल की एक समान उपलब्धि है। इसलिए, मैं इस प्रस्ताव को आप सभी को, भाजपा समेत हमारे NDA परिवार के सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित करता हूँ।

साथियों,

भारत की जनता का नीर-क्षीर विवेक हमेशा अद्भुत रहा है। देश की जनता ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक स्थिरता का महत्व समझा है।
ये जनता-जनार्दन की परिपक्वता ही है...कि उसने लंबे समय तक मुझे इस तरह जनता की सेवा का अवसर दिया। 2014 के पहले के कई दशक...बहुत अस्थिरता और उथल-पुथल से भरे हुए थे। इसका देश को बहुत नुकसान भी उठाना पड़ा। लेकिन अब देश की जनता...एक स्थिर सरकार का काम भी देख रही है और उसकी निर्णायक क्षमताओं की प्रशंसक भी है। मैं आज देश की महान जनता को भी नमन करता हूं...जनता-जनार्दन का आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

साल 2014 में जब NDA की जीत हुई थी... तब मैंने कहा था कि आज देश के सामान्य मानवी में एक नई आशा का उदय हुआ है। इस आशा का, इस उम्मीद का संरक्षण...हम सभी का बहुत बड़ा दायित्व था। देश के लोगों ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद...अपना भरोसा हमें सौपा था। मुझे आज संतोष है...गर्व है...की एनडीए परिवार के तौर पर हमने देश के विश्वास को हमेशा और मजबूत किया है। 2014 में आशा का उदय होता सूरज..आज नए आत्मविश्वास के प्रकाशपुंज में बदल गया है। भारत के लोगों ने पहली बार ये देखा है कि जब सही नीयत से सरकार चलती है...तो तेज गति से विकास भी होता है। एनडीए सरकार के इन 12 वर्षों में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों का गरीबी से बाहर निकलना...ये दिखाता है कि हमारी नीतियां सही हैं, हमारी दिशा सही है। ये सफलता आज देश के हर उस व्यक्ति को एक भरोसा देती है... कि एक दिन उसका संघर्ष भी खत्म होगा...एक दिन उसके सपने भी पूरे होंगे। और मैं मानता हूं...कल जो गरीब था...आज जो नियो मिडिल क्लास बना है...उसे अब हमें पीछे नहीं होने देना है। इसलिए सरकार के नाते जनप्रतिनिधि के नाते...हमें दिन रात काम करना है, परिश्रम की पराकाष्ठा करनी है। इस संकल्प के साथ...कि 140 करोड़ का ये देश हमसे जो उम्मीदें लगाए बैठा है...वो जरूर पूरी हों। भारत का युवा...भारत की नारीशक्ति...भारत का मध्यम वर्ग...भारत के किसान...सबकी आकांक्षाएं..उनकी Aspirations हमें पूरी करनी हैं। आज देश का हर नागरिक विकसित भारत के सपने से भरा हुआ है। विकसित भारत का सपना अब किसी एक व्यक्ति का नहीं रहा। किसी सरकार का नहीं रहा। किसी दल का नहीं रहा। देश के जन-जन का सपना बन चुका है। संकल्प बन चुका है। और इस सपने की पूर्ति के लिए हमें अपना हर पल समर्पित करना है।

साथियों,

NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश काँग्रेस के कुचक्र से आज़ाद हुआ है। काँग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीनभावना के गर्त में गिरा दिया था। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है...भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है। और बड़ी ही चतुराई से, इस धीमी विकास को एक नाम दिया था- हिंदू ग्रोथ रेट! यानी, कार्यशैली काँग्रेस की...दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की...लेकिन, कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया। जबकि, असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था- कांग्रेस ग्रोथ रेट! इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में ना गवर्नेंस थी...ना नीति...ना नीयत और ना ही निर्णय!

साथियों,

जब पहली बार अटल जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आई... तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है... लेकिन, दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में...और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। विकास तो दूर की बात है...देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में घसीट दिया।

साथियों,

देश का भाग्य फिर तब बदला... जब 2014 में NDA की सरकार बनी। देश ने देखा कि...जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं...तो विकास की गति कैसी होती है। देश ने देखा कि जो काम दशकों में होते थे, वो काम महीनों में होने लगे हैं। 2014 में 74 एयरपोर्ट थे... 2026 में 160 से अधिक एयरपोर्ट तक...2014 में एक हजार किलोमीटर एक्सप्रेसवे से...2026 में छह हजार सात सौ किलोमीटर एक्सप्रेसवे तक...2014 में सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो से... 2026 में 20 से ज्यादा शहरों में मेट्रो तक। 2014 में 700 करोड़ रुपये डिफेंस एक्सपोर्ट से...2026 में 23 हजार करोड़ रुपये के डिफेंस एक्सपोर्ट तक...देश ने बहुत लंबी यात्रा तय की है।

साथियों,

2014 में देश में केवल 25 करोड़ इंटरनेट यूज़र थे। आज 100 करोड़ से अधिक यूज़र इंटरनेट से जुड़े हैं। 2014 में डिजिटल पेमेंट्स ना के बराबर थे। आज भारत डिजिटल ट्रांजैक्शन में नंबर 1 देश है। 2014 में भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर मोबाइल बाहर से मंगाता था। आज भारत 33 करोड़ से अधिक मोबाइल हैंडसेट खुद बनाता है। 2014 में सोलर क्षमता केवल ढाई गीगावॉट थी। आज यह 150 गीगावॉट से अधिक है। 2014 में एथेनॉल ब्लेंडिंग केवल डेढ़ प्रतिशत थी। आज यह 20 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 2014 में देश में एक भी सेमीकंडक्टर यूनिट नहीं थी। आज देश में बन रही 10 से ज्यादा सेमीकंडक्टर यूनिट्स...भारत को आधुनिकता की तरफ ले जा रही हैं।

साथियों,

हमने देश की जरूरतों को अपनी नीतियों और निर्णयों का आधार बनाया। नई सोच से नए फैसले लिए। हमने युवाओं के लिए skill development ministry बनाई। सहकारी क्षेत्र को मजबूती देने के लिए अलग cooperative ministry बनाई। हमारे मछुवारे भाई-बहनों के लिए अलग फिशरीज मिनिस्ट्री बनाई... हमारा फोकस क्लियर था- विकास की इस दौड़ में कोई पीछे ना छूटे..।

साथियों,

हमने दिव्यांगजनों के लिए कानून बनाया। आदिवासियों के लिए जनमन जैसी योजनाएं शुरू कीं। पशुपालकों और मछुवारों को पहले किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ नहीं मिलता था। हमने उन्हें भी इस सुविधा से जोड़ा। और इतना ही नहीं....हमारी सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों को भी स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी।

साथियों,

सवाल यह है कि अगर 12 साल में इतना कुछ हो सकता है…तो फिर दशकों तक क्यों नहीं हुआ? ये कांग्रेस ग्रोथ रेट और NDA ग्रोथ रेट का अंतर है। एक व्यवस्था लोगों को इंतज़ार कराती थी। आज की व्यवस्था परिणाम दिखाती है। एक व्यवस्था काम अटकाती-भटकाती थी। आज की व्यवस्था कहती है… काम अभी होगा...समय पर होगा, और बड़े पैमाने पर होगा।

और इसलिए साथियों,

2014 से 2026 की कहानी केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है। यह उस भारत की कहानी है जिसने पहली बार अपनी पूरी क्षमता के साथ दौड़ना शुरू किया है। वो भारत...जो अब बड़े लक्ष्य तय कर रहा है... और उन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है।


साथियों,

NDA के 12 वर्षों की उपलब्धियां की एक और विशेषता है। हमें ये उपलब्धियां... वैश्विक अस्थिरता और अशांति के दौर में हासिल हुई हैं। एक स्थिर सरकार होने का लाभ क्या होता है ये बार-बार इस दौर ने साबित किया है। कोरोना के समय को हम कभी नहीं भूल सकते... जब हर तरफ हाहाकार मचा था। लेकिन भारत उस हालात का मुकाबला करते हुए भी सफलता से आगे बढ़ा।

साथियों,
आज दुनिया के बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाएं संघर्ष कर रही हैं। तब भी, 2025-26 में भारत ने “सेवन प्वाइंट सेवन परसेंट” की ग्रोथ रेट हासिल की है। और पिछला क्वार्टर तो..जो 31 मार्च को खत्म हुआ, उसमें भी भारत की ग्रोथ “सेवन प्वाइंट एट परसेंट” रही है। ये सफलता इतनी आसान नहीं है दोस्तो। हम फ्रैजाइल फाइव के कठघरे के बाहर निकलकर...आज दुनिया की तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन चुके हैं।

साथियों,

कल के विकसित भारत की गारंटी है- आज का आकांक्षी भारत! आकांक्षी भारत के गर्भ में विकसित भारत पल रहा है। आज के भारत की आकांक्षाएँ बड़ी हैं, सपने बड़े हैं। इसीलिए, उसके संकल्प और लक्ष्य भी उतने ही बड़े हैं। देश की इन आकांक्षाओं का वाहक हमारा मिडिल क्लास है...नियो मिडिल क्लास है। इसीलिए, हमारी सरकार मध्यम वर्ग की aspirations को पूरा करने में लगी है। मिडिल क्लास की ease of living… उसकी quality of life... उसके लिए नए अवसर, और नई संभावनाएं...हमने हर फ्रंट पर काम किया है।

साथियों,

2014 से पहले, मिडिल क्लास कानून की उलझनों का सबसे बड़ा शिकार था। जटिल टैक्स सिस्टम...आमदनी के सीमित स्रोत और टैक्स का बड़ा बोझ... खराब गवर्नेंस की मार....ये सब सामान्य मानवी के लिए डेली लाइफ की चुनौतियाँ होती थीं। लेकिन, हमने मिडिल क्लास की परेशानियों को समझा...हमने मिडिल क्लास की आकांक्षाओं को समझा। और इसलिए...आज 12 लाख रुपए तक की आमदनी पूरी तरह से टैक्स फ्री है। आज देश में सरल और फेसलेस टैक्स सिस्टम है। अच्छे इनफ्रास्ट्रक्चर से उनका जीवन आसान हुआ है।

साथियों,

बीते 12 वर्षों में मिडिल क्लास परिवार के बच्चों के लिए हर क्षेत्र में नए अवसर बने हैं। मध्यम वर्ग के घर का सपना पूरा हो सके, सरकार इसमें भी मदद कर रही है। घर में इलाज के खर्च का बोझ कम हो... इसके लिए आयुष्मान भारत योजना में, बिना आय सीमा के, बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है। GST reform का भी बहुत बड़ा लाभ देश के मध्यम वर्ग को हुआ है। उसके लिए हेल्थ insurance सस्ता हुआ है। उसके सपनों से जुड़ी चीजें सस्ती हुई हैं। इन प्रयासों का परिणाम है कि आज देश का मिडिल क्लास अनिश्चितताओं से मुक्त हो रहा है। वो भरपूर आत्मविश्वास के साथ देश की विकास यात्रा को गति दे रहा है।

साथियों,

हमारे लिए दल से हमेशा, अगर बड़ा कुछ है तो हमारा देश है। दल से बड़ा देश है। और जब नेशन फर्स्ट, देश प्रथम की भावना से काम होता है...तो कोई भी निर्णय कठिन नहीं होता। इसलिए, ऐसे फैसले जिन्हें पहले असंभव समझा जाता था...जो देश के सुरक्षित भविष्य के लिए अनिवार्य थे...हमने बहुत ही सधे हुए तरीके से उन फैसलों को भी लिया। पहले सरकारें आर्टिकल 370 की बात तक करने से डरती थीं। हमने उसे खत्म करके पूरे देश में एक संविधान लागू किया। पहले नॉर्थ ईस्ट से बम-बंदूक और ब्लॉकेड जाने का नाम नहीं लेते थे। हमने नॉर्थ ईस्ट में शांति भी लौटाई, और स्थिरता भी लेकर आए। पहले भारत आतंकी हमलों के बाद चुपचाप दर्द सहता रहता था। हमने आतंकवादियों पर सर्जिकल स्ट्राइक की...एयर स्ट्राइक की। ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने भारत का सामर्थ्य देखा।

साथियों,

पहले ये मान लिया गया था कि नक्सलवाद-माओवाद अब कभी नहीं खत्म होने वाले। कभी खत्म हो ही नहीं सकते। हमने देश को नक्सलवाद-माओवाद के उस जहर से मुक्त करके दिखाया है।

साथियों,

महिलाओं को आरक्षण...तीन तलाक के खिलाफ कानून...CAA का कानून...भारतीय न्याय संहिता...सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन...NDA सरकार राष्ट्रहित में कोई भी काम करने से पीछे नहीं रही। और हम सभी को इस बात पर गर्व है। मैं आज देश को फिर आश्वस्त करूंगा...देशहित के बड़े फैसलों का ये सिलसिला और भी तेज होगा। तेजज गति से आगे बढ़ेगा।

साथियों,

बीते 12 वर्षों में देश ने जो कुछ हासिल किया, वो दुनिया देख रही है। लेकिन अब हमें अपनी दृष्टि आगे की ओर रखनी है। हमें 2047 के लक्ष्य को देखते हुए, उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपनी स्पीड को और बढ़ानी होगी। हमारा बेंचमार्क अब ये होना चाहिए...कि बीते 12 वर्षों में जो स्पीड और स्केल हमारी रही है...उसको हम और अधिक बड़ा और व्यापक कैसे बना सकते हैं। आज ग्लोबल ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इसलिए, भारत को अब ग्लोबल पैरामीटर्स, ग्लोबल कंपीटिशन और ग्लोबल परस्पेक्टिव देखना है। दुनिया भारत से सोल्यूशन चाहती है...दुनिया, भारत में वैश्विक सप्लाई चेन का एक भरोसेमंद पार्टनर देख रही है। और हमें दुनिया की इन अपेक्षाओं पर खरा उतरकर दिखाना है। हमें ये समय गंवाना नहीं है। और मैं बार-बार कहता हूं, यही समय है-सही समय है।

साथियों,

हमें फ्यूचरिस्टिक टेक्नॉलॉजी में खुद को श्रेष्ठ रखना है। हमें सिर्फ दुनिया जैसा नहीं करना, हमें दुनिया से एक कदम आगे रहना है। अब जैसे एनर्जी सिक्योरिटी है...बीते 12 वर्षों में हमने ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के लिए अभूतपूर्व काम किया। मैंने लाल किले से समुद्र मंथन अभियान की घोषणा की थी। ये बहुत ही महत्वकांक्षी मिशन है। बीते दिनों में ऑयल एंड गैस के एक्सप्लोरेशन को लेकर काफी पॉजिटिव खबरें आ रही हैं। यानि आने वाला समय अनेक संभावनाओं से भरा हुआ है। और हमें हर संभावना का पूरा फायदा उठाना है।

साथियों,

अब हमें 500 गीगावॉट, रीन्युएबल एनर्जी के टारगेट को जल्द से जल्द पूरा करना है। सोलर एनर्जी को लेकर तो काम तेज़ी से चल रहा है...लेकिन अब हमें...न्यूक्लियर एनर्जी के लक्ष्यों को भी तेज़ी से हासिल करना है। अभी हमने दुनिया को दिखाया है...कि भारत फास्ट ब्रीडर रिएक्टर टेक्नॉलॉजी में कितना आगे पहुंच गया है। ये टेक्नॉलॉजी, हमें न्यूक्लियर एनर्जी में आत्मनिर्भरता की तरफ ले जाएगी। इसी तरह...ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के मामले में, भारत बहुत तेज़ी से काम कर रहा है। आने वाले समय में ये टेक्नॉलॉजी...भारत को ग्लोबल ग्रीन एनर्जी मैप में सबसे प्रमुख नाम बना पाएगी। और ये नाम बनना पक्का है।

साथियों,

आज बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स का अनुभव है...कि जिन देशों ने मैन्युफेक्चरिंग के पूरे इकोसिस्टम पर 80-90 के दशक में काम किया...उन्हें उसका फायदा, इस सदी में मिलना शुरु हुआ। भारत ने 10-12 वर्ष पहले जिस इकोसिस्टम पर काम करना शुरु किया...उसका लाभ अब देश को मिलना शुरू हो गया है। 2014-15-16 के कालखंड में जो बात नींव डाली गई थी, उसके फल अब दिखाई देने लगे हैं। भारत तेजी से दुनिया का मैन्युफेक्चरिंग पावरहाउस बनने की ओर आगे बढ़ रहा है।

साथियों,

एनर्जी, मिनरल्स, चिप, बैटरी स्टोरेज, स्पेस...ड्रोन...डेटा सेंटर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस......ऐसे हर सेक्टर, हर टेक्नॉलॉजी एक दूसरे से जुड़ी हुई है...य़े एक दूसरे की पूरक हैं। भारत इनके लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रह सकता। क्योंकि ये भारत की आर्थिक और स्ट्रीटिजिक, हर प्रकार की सिक्योरिटी से जुड़े विषय हैं। तभी भारत, सेमीकंडक्टर इकोसिट्म पर इतना फोकस कर रहा है। तभी, क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर मिशन मोड पर काम चल रहा है...

साथियों,

शिपिंग सेक्टर में भारत आत्मनिर्भरता के नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ा है। हम एक ऐसे फ्यूचर की तरफ बढ़ रहे हैं...जहां हम मेड इन इंडिया शिप्स पर ट्रेड करेंगे...और कंटेनर भी मेड इन इंडिया होंगे...शिप मैंटेनेस और रिपेयर से लेकर स्क्रैपिंग तक की सर्विसेज भी भारत देगा। यही विजन हमारा एविएशन सेक्टर के लिए है। आज हम मेड इन इंडिया ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बना रहे हैं...वो दिन दूर नहीं...जब भारत मेड इन इंडिया सिविल एयरक्राफ्ट भी बनाएगा। देशवासी मेड इन इंडिया विमान में ही यात्रा करेंगे। वो दिन में देख रहा हूं दोस्तो।

साथियों,

ये सदी, टेक्नॉलॉजी की है, डेटा की है। आज विश्व के सबसे बड़े और आधुनिक डेटा सेंटर्स में एक सेंटर्स भारत में बन रहे हैं। यही भारत को ग्लोबल सप्लाई और वैल्यू चेन का मजबूत पिलर बनाएगी। हमने UPI के माध्यम से दुनिया को दिखाया है...कि भारत कम से कम और कम से कम समय में टेक्नॉलॉजी का इतना विस्तार कर सकता है...हमने दिखाया है कि हमारे युवाओं का सामर्थ्य क्या है। अब AI, Deep Tech और Advanced Technologies में हमारे युवा नया दमखम दिखाने के इरादे से आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

आने वाले समय में दो और सेक्टर्स में भारत का सामर्थ्य पूरी दुनिया देखेगी। ये सेक्टर हैं, टूरिज्म और स्पोर्ट्स। ये दोनों भारत की इकॉनॉमी के भी मजबूत पिलर बनेंगे। विशेष रूप से कॉन्फ्रेंस, एग्जिबिशन और कॉन्सर्ट के मामले में भारत, एक ग्लोबल डेस्टिनेशन बनने के लिए अब पूरी तरह सज रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से इस सेक्टर को बहुत पुश मिलेगा। और स्पोर्ट्स में तो भारत के युवा कमाल का प्रदर्शन कर रहे हैं। और हर दिन, उनकी परफॉर्मेंस निखरती ही जा रही हैं। भारत, दुनिया की biggest sports लीग की धरती बनता जा रहा है। आने वाले सालों में हमारी ये ख्याति और बुलंद होगी। ओलंपिक्स के लिए हमारी तैयारियां भी...भारत की एस्पिरेशन का ही प्रतिबिंब है। हमें छोटा नहीं सोचना है...हमें लक्ष्य ऊंचे रखने हैं...और उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरी ताकत लगा देनी है।

साथियों,

आज भारत रिफॉर्म एकेसप्रेस पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे लिए Reform कोई Compulsion नहीं है। Reform हमारा Conviction है। और देश भी निरंतर रिफॉर्म्स को सपोर्ट कर रहा है।

साथियों,

देशवासियों की सहभागिता भी हमारी बहुत बड़ी शक्ति है। ये 12 वर्ष सरकार और समाज की सहभागिता का उत्सव मनाने वाले रहे हैं। बीते 12 वर्षों में मैंने जो भी सहयोग देश से मांगा...देशवासियों ने दिल खोलकर के साथ दिया है। मैंने स्वच्छता का आग्रह किया...तो पूरा देश निकल पड़ा। मैंने देश से डिजिटल पेमेंट अपनाने का आवाहन किया। तो भारत रियल टाइम ट्रांजैक्शन में दुनिया में सबसे आगे निकल गया। मैंने कोरोना महामारी के दौरान एकजुटता का...संयम का आग्रह किया... तो देश ने एकजुट होकर उस महामारी का सामना किया। जनता ने कभी हमें निराश नहीं किया।

साथियों,

आनेवाले समय में भी इसी जन-विश्वास और जनभागीदारी के साथ हमें आगे बढ़ना है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास ये हमारा मंत्र रहा है। सबका प्रयास ही विकसित भारत के निर्माण की असली ऊर्जा है। हमें हर राज्य, हर शहर, हर गांव को जोड़ना है। अब समय आ गया है कि राज्यों के बीच नई प्रकार की तंदुरुस्त स्पर्धा, स्वस्थ स्पर्धा हो। स्पर्धा इस बात की हो कि कौन सा राज्य सबसे तेज़ी से ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनता है। स्पर्धा इस बात की हो कि कौन सा शहर इनोवेशन का सबसे बड़ा केंद्र बनता है। स्पर्धा इस बात की हो कि कौन सा क्षेत्र रोजगार सृजन में सबसे आगे निकलता है। भारत की प्रगति... राज्यों की ऐसी प्रगति से ही होने वाली है। आइए, अगले दशक को उपलब्धियों के साथ-साथ, श्रेष्ठता का भी दशक बनाएं। आइए, राजनीति की स्पर्धा से ऊपर उठकर विकास की स्पर्धा को राष्ट्रीय संस्कार बनाएं। 12 वर्षों की यात्रा उपलब्धियों की रही है। आने वाले वर्ष और भी नई सिद्धियों के होंगे...और भी बड़ी सिद्धियों के होंगे। इसी विश्वास के साथ, आप सभी का मैं फिर से अंत:करणपूर्वक आपके साथ सहयोग, समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं। मैं सिर झुका करके देश के कोटि-कोटि नागरिकों को नमन करता हूं। उनके आशीर्वाद ने हमें ऊर्जा दी है। शक्ति दी है। प्रेरणा दी है। प्रोत्साहन दिया है। ये जनता-जनार्दन के चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम करते हुए आइए, एक नए विश्वास के साथ, हर संकल्प को पूरा करने के सामर्थ्य को जुटाते हुए हम चल पड़ें। देशवासियों के सपनों को हमारे संकल्प बनाएं। हमारा पल-पल देशवासियों के संकल्पों को साकार करने की यात्रा का अहम पड़ाव बनता चले। इसी भावना के साथ देशवासियों के ऊपर पूरा भरोसा करते हुए आओ निकल पड़ें। बहुत-बहुत धन्यवाद!

Explore More
अयोध्येत श्री राम जन्मभूमी मंदिर ध्वजारोहण उत्सवात पंतप्रधानांनी केलेले भाषण

लोकप्रिय भाषण

अयोध्येत श्री राम जन्मभूमी मंदिर ध्वजारोहण उत्सवात पंतप्रधानांनी केलेले भाषण
Indian Railways creates history with first live heart transport on Vande Bharat Express

Media Coverage

Indian Railways creates history with first live heart transport on Vande Bharat Express
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM to launch ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August
August 01, 2026
Launch to mark Beginning of 100-Week Nationwide Jan Bhagidari Campaign against Substance Abuse

Prime Minister Shri Narendra Modi will launch the ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August 2026 at 11 AM through video conferencing. The initiative aims to inspire youth to stay away from substance abuse and encourage them to become ambassadors of positive social change in their communities

The launch will mark the beginning of a 100-week nationwide Jan Bhagidari campaign against substance abuse. Under this campaign, weekly activities will be organised every Sunday across the country to promote awareness and encourage public participation in building a drug-free society. The activities will include sports events, walkathons, meditation sessions, cultural programmes, awareness campaigns, nukkad nataks, discussion forums, art competitions and community engagement programmes.

The initiative seeks to further strengthen community participation by bringing together educational institutions, youth organisations, civil society groups, industry bodies and spiritual organisations on a common platform to create a collective movement against substance abuse.

The programme will witness participation from youth across the country from over 10,000 locations. MY Bharat Volunteers, MY Bharat National Service Scheme volunteers, youth clubs, schools, colleges, universities, NGOs, youth wings of industry associations and more than 125 partner spiritual organisations will participate in the programme virtually.