I pay heartfelt tributes to Dr. BR Ambedkar on his birth anniversary: PM Modi in J&K
The people of Jammu and Kashmir are eager to vote in the ongoing elections and strengthen democracy in the state: PM Modi
The alliance of Congress, PDP and NC in J&K is one of opportunism and hunger for power: Prime Minister Modi in Kathua

भारत माता की…जय
भारत माता की...जय

आज हमारे संविधान के निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का जन्मदिन है। मैं उनके लिए एक नारा बुलवाता हूं आप लोग बोलेंगे अमर रहे, अमर रहे।
डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर… अमर रहे, अमर रहे।
डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर… अमर रहे, अमर रहे।
डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर… अमर रहे, अमर रहे।

मंच पर विराजमान सभी वरिष्‍ठ महानुभाव और विशाल संख्‍या में पधारे हुए कठुआ के मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, सबसे पहले आप सभी को बैसाखी की बहुत-बहुत बधाइयां।

जैसा मैंने प्रारंभ में कहा, आज देश के संविधान निर्माता डॉक्टर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती है। बाबा साहब को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं, उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। मैं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता भाई अनिल परिहार और अजीत परिहार जी के बलिदान को भी नमन करता हूं। आतंक के खिलाफ लड़ाई में आपका ये बलिदान पूरे देश को याद रहेगा। श्री चंद्र कांत शर्मा जी, जिन्होंने देश की एकता देश के अखंडता के लिए जीवन समर्पित कर दिया उन्हें भी मैं अपनी श्रद्धांजलि देता हूं, जो अस्पताल हमारी जिंदगी बचाते हैं वहीं पर चंद्रकांत जी को निर्ममता से मारने का पाप किया गया है। जम्मू और कश्मीर में शहीद हुए हर बीजेपी कार्यकर्ता, हर देश भक्त नागरिक और उनके परिवारों को मैं नमन करता हूं, आपके साहस और हौसले से ही भारत का लोकतंत्र और भारत की अखंडता इतनी मजबूत है।

भाइयो और बहनो, भारत के लोकतंत्र की ताकत को आपने पहले चरण में सिद्ध किया है। जम्मू और बारामुला में भारी मतदान कर आपने आतंकियों के आकाओं, पाकपरस्त अवसरवादियों और निराशा में डूबे महामिलावटियों को एक कड़ा झटका दिया है, कड़ा झटका दिया है। और मैं आपको बताऊं, मैं पूरे देश का दौरा कर के आया हूं, पूरे देश का भ्रमण किया और जम्मू में आया और अनेक राज्यों में जाकर कर के आया हूं और मैंने 2014 से भी जबरदस्त लहर देखी है और आपने देखा होगा, जितने सर्वे आ रहे हैं। सर्वे में एक बात साफ है की कांग्रेस को जितनी सीट मिलने की संभावना है, भाजपा को तीन गुणे सीटें मिलने की संभावना है, ये सर्वे वाले कह रहे हैं और इसीलिए अब कांग्रेस का तो बचना मुश्किल है। जम्मू कश्मीर के चप्पे-चप्पे में तैनात सेना के जवानों, केंद्रीय बलों के जवानों, जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को भी मैं प्रणाम करता हूं। आपकी तपस्या और शौर्य के साथ पूरा राष्ट्र खड़ा है।

साथियो, राजनीति अपनी जगह होती है, चुनाव अपनी जगह है, लेकिन ये भी ना भूलें नेता भी आते जाते रहते हैं, लेकिन हमारा ये देश हमेशा-हमेशा रहेगा। ये देश है तभी राष्ट्र रक्षा का भाव और राष्ट्रवाद है। लेकिन, देश में कुछ लोग मोदी के विरोध में इतने मशगूल हो गए हैं की उनको राष्ट्रवाद गाली के रूप में नजर आने लगा है। महामिलावटी और उनके रागदरबारी आए दिन सवाल पूछते हैं की मोदी राष्ट्र रक्षा की बात क्यों करता है।

भाइयो और बहनो, देश की बात करना इसीलिए जरुरी है क्यूंकि तभी ये भी पता चलता है की कुछ लोग देश में क्या चलाना चाहते हैं। जब मैं राष्ट्रभक्ति की बात जोरों-शोरों से करता हूं तो उनका भी नकाब उतर जाता है की वो कहां खड़े हैं। अब देखिए मैं कल की ही बात बताता हूं, हमारे पड़ोस की घटना है। पूरा देश जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 साल पूरे होने पर शहीदों को याद कर रहा था, श्रद्धांजलि दे रहा था लेकिन इस संवेदनशील अवसर पर भी कांग्रेस ने राजनीति कर ही डाली। कल ही देश के उपराष्ट्रपति जो राजनीति में नहीं होते हैं, उपराष्ट्रपति महोदय सरकार अधिकृत कार्यक्रम के लिए जलियांवाला बाग गए थे। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी लेकिन सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री गायब थे उन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। मालूम है क्यों, क्योंकि वो कांग्रेस परिवार की भक्ति में जुटे हुए थे, वो कांग्रेस के नामदार के साथ तो जलियांवाला बाग गए, लेकिन भारत के उपराष्ट्रपति के साथ, भारत सरकार के देश के अधिकृत कार्यक्रम में उन्होंने जाना सही नहीं माना, यही राष्ट्रभक्ति और परिवार भक्ति का फर्क है। भाइयो और बहनो, मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह को बरसों से जानता हूं, मैंने कभी उनकी देशभक्ति पर सवाल खड़ा नहीं किया, मैं समझ सकता हूं की इस परिवार भक्ति के लिए उन पर किस तरह दबाव बनाया गया, पंजाब में किस तरह के दांव पेंच चलाए जा रहे हैं, उसकी वजह से कैप्टन को भी झुकना पड़ गया। क्या कांग्रेस ने जो किया वो जलिआंवाला बाग के शहीदों का अपमान था की नहीं था, ये शहीदों का अपमान है की नहीं है?

भाइयो-बहनो, क्या देश की संविधान संस्था का अपमान नहीं था क्या, उपराष्ट्रपति की गरिमा का अपमान था की नहीं था सरकार के अधिकृत कार्यक्रम का अपमान, ये अपमान था की नहीं था? भाइयो और बहनो, राष्ट्रभक्ति और राष्ट्र रक्षा की बात को कमतर आंकने की कोशिश करने वाले ये वही लोग हैं, जो अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से देशहित को भी पीछे धकेल देते हैं, देशहित से भी समझौता कर लेते हैं।

साथियो, सवाल ये भी है की आखिर कांग्रेस सर्जिकल स्ट्राइक का नाम सुनते ही, एयर स्ट्राइक का नाम सुनते ही इतना घबरा क्यों जाती है, इतना बौखला क्यों जाती है। आप सर्जिकल स्ट्राइक सुनते ही, आपका सीना तन जाता है की नहीं तन जाता है? एयर स्ट्राइक सुनते ही आपका गौरव होता है की नहीं होता है? हर हिंदुस्तानी को अभिमान होता है की नहीं होता है? सेना का मान बढ़ता है की नहीं बढ़ता है? वीरों का नाम बढ़ता है की नहीं बढ़ता है? भाइयो और बहनो, जिस प्रकार से सेना के प्रति कांग्रेस का रवैया रहा है ये देखते हुए मेरा विश्वास पक्का हो गया है की कांग्रेस को कभी भी देश की सेना पर भरोसा नहीं था। हमारे वीर सैनिकों के पराक्रम पर उनकी शक्ति पर, उनके कौशल को हमेशा कांग्रेस ने कम कर के आंका, उस पर उन्होंने संदेह किया इसीलिए कांग्रेस ने सेना को आतंकियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने से रोका। उनको लगता था की सेना को कहेंगे करो और 1962 जैसा हो जाएगा तो फिर कांग्रेस की तो नैया हमेशा डूब जाएगी। और इसीलिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा हमारी सेना कितनी महान है, कितनी सामर्थ्यवान है इस बात को समझा ही नहीं, कांग्रेस ने सेना को, उपयोग क्या किया भाइयो। हम सेना की ताकत राष्ट्रीय रक्षा में लगाते है, कांग्रेस के लिए ये आर्मी क्या है, कांग्रेस के लिए सेना क्या है? सिर्फ और सिर्फ उनके लिए कमाई का साधन है, कमाई का साधन। रक्षा सौदों में,रक्षा सौदों में, चाहे बोफोर्स हो, चाहे सबमरीन हो, चाहे हेलिकाप्टर हो मलाई खाने के सिवाए उनके लिए सेना का कोई महत्व ही नहीं है। दूसरी एक बहुत बड़ी वजह रही कांग्रेस की वोटबैंक पॉलिटिक्स, इसी पॉलिटिक्स की वजह से कांग्रेस ने हमारे वीर सैनिकों के साथ न्याय नहीं किया, देश के साथ न्याय नहीं किया। आज भी जब वो सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं, एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं तो वो अपनी नाकामी छिपा रहे होते हैं, अपना वोट बैंक बचाने की फिराक में होते हैं। उन्हें पता है की जितने सवाल पूछते हैं, जितने झूठे आरोप लगाते हैं उससे देश के लोगों में भ्रम फैलता है, सेना का मनोबल कम होता है लेकिन, इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी राजनीति को राष्ट्र नीति से ऊपर रखने का पाप कर रहे हैं। इनकी सच्चाई, इससे पूरे देश को सतर्क रहना बहुत जरूरी है, ये जिस दिशा की तरफ देश को ले जा रहे थे उस स्तिथि में भारत कभी एक मजबूत राष्ट्र के तौर पर उभर नहीं पाता।

लेकिन साथियो, अब हालात बदल गए हैं वो दिन लद गए, जब धमकियों से भारत की सरकार दुबक जाती थी। ये नया हिंदुस्तान है, ये नया हिंदुस्तान है आतंकियों को घुसकर मरेगा भी और सामने ऐसे लोगों को बेनकाब भी करेगा। भाइयो और बहनो, जम्मू कश्मीर इस बार सिर्फ अपना सांसद ही नहीं चुन रहा, बल्कि नए भारत की नई नीति और नई रीति पर भी मुहर लगाने वाला है।

साथियो, बीते कुछ दिनों में अपने भी देखा की किस तरह कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी की महामिलावट पूरी तरह से एक्सपोज हो गई है, खुलकर सामने आ गई है। भाइयो और बहनो, बरसों से जो इनके मन में था जो वो चाहते थे चोरी-छिपे जिसके लिए काम कर थे वो अब खुलेआम सामने आ गया है। आप देख रहे हैं ना, आए दिन ये जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की धमकी दे रहे हैं, खून-खराबे की धमकी दे रहे हैं, यहां अलग प्रधनमंत्री बनाने की धमकी दे रहे हैं। ये पहले पाकिस्तान भी न्यूक्लियर, न्यूक्लियर, न्यूक्लियर कर के धमकाता रहता था। इनके न्यूक्लियर की हवा निकल गई की नहीं निकल गई? ये भी धमकियां दे रहे हैं दो प्रधान, दो प्रधान, दो प्रधान। मैं इन सभी वंशवादियों से एक बात साफ करना चाहता हूं। जम्मू-कश्मीर का कोई वंशवादी अपनी वसीयत में लिखवा कर नहीं लाया है, जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट अंग है। भाइयो-बहनो, बाबा साहेब आंबेडकर भारत के संविधान निर्माता, 1935-40 के दरमियां यहां पंजाब में उनका भाषण हुआ था, बाद में एक भाषण उनका पुणे में हुआ था और उन्होंने साफ कहा था, ये वंशवाद जो है ना वो लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है। बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था, बाबा साहेब आंबेडकर की सच्ची श्रद्धांजलि, बाबा साहेब आंबेडकर की आज जन्म जयंती है, उनको सच्ची श्रद्धांजलि का मतलब होता है वंशवाद के खिलाफ वोट डालना। जम्मू हो, कश्मीर हो, लेह-लद्दाख हो, यहां का बच्चा-बच्चा भारतीय है। कुछ मुट्ठी भर लोगों की इच्छाओं का यहां का नागरिक गुलाम नहीं हो सकता।

भाइयो-बहनो, यही वो धरती है, यही वो जगह है, यही कठुआ है, जहां पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तिरंगा फहराया था और हम सब के श्रद्धेय प्रेमनाथ डोगरा जी ने उनका साथ दिया था। देश विरोधी हर ताकत को उन्होंने ललकारा था की एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे। श्यामा प्रसाद जी का वो उद्घोष, भारतीय जनता पार्टी के लिए वचनपत्र है, वचनपत्र। पत्थर की वो लकीर है जिसे कोई मिटा नहीं सकता।

भाइयो और बहनो, ये भाजपा का हमेशा से कमिटमेंट रहा है और देश का ये चौकीदार, देश का ये चौकीदार भी इसी भावना पर अटल है और अटल रहेगा। कांग्रेस और उसके साथी जम्मू कश्मीर के वंशवादी परिवार चाहे जितनी कोशिश कर लें मोदी उनके सामने दीवार बन कर के खड़ा है। और मैं तीन-तीन पीढ़ी से यहां पर कब्जा जमाकर बैठे अब्दुल्ला परिवार और मुफ्ती परिवार को कहना चाहता हूं, यह मोदी है न बिकता है, न डरता है, न झुकता है। जम्मू-कश्मीर की इन तीन-तीन पीढ़ियों, इन दो परिवारों ने जो तबाही की है, यहां की तीन पीढ़ियों को इन्होंने नोच लिया है, निचोड़ लिया है।
जम्मू-कश्मीर का उज्वल भविष्य, ये दोनों परिवारों की बिदाई होनी चाहिए दोस्तों और इन दोनों परिवारों को मैं कहता हूं, तुम्हारे पूरे कुनबे को मैदान में उतार दो। चाचा, मामा, भाई, भतीजा, भांजा, साला, जितनी गालियां मोदी को देनी हैं दे दो लेकिन इस देश के टुकड़े नहीं कर पाओगे। भाइयो और बहनो कांग्रेस ने जो पाप किया है स्वतंत्रता के समय की उसने जो गलतियां की है वो भारत आज तक भुगत रहा है। अब वो सत्ता से बाहर है तो वापसी के लिए सारी हदें तोड़ती जा रही है। आप जानते हैं कांग्रेस देश भर में वोट किन मुद्दों पर मांग रही है? कांग्रेस कह रही है, ये गंभीर बात है और आप जाग जाइए। कांग्रेस से सुधरने की कोई आशा मत कीजीए, आजादी के पहले की कांग्रेस अलग थी और गाँधी जी के बिदाई के बाद वाली कांग्रेस अलग थी। उसके खून में, कांग्रेस के खून में ऐसे जर्म्स घुस गए हैं, ऐसे जर्म्स घुस गए हैं और इसिलए कांग्रेस क्या बोल रही है? कांग्रेस कह रही है की वो जम्मू कश्मीर से सेना को हटा देगी। आप सहमत है, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को पूछता हूं सहमत हैं, क्या जम्मू कश्मीर के नागरिकों के इच्छा के बिना ये हो सकता है?

भाइयो बहनो ये आपके साथ धोखा है की नहीं है, ये आपके पीठ में छुरा भोंकने का पाप है की नहीं है?

भाइयो-बहनो, कांग्रेस कह रही है कि पाकिस्तान से पैसे लेकर युवाओं को भड़काने वालों के साथ बिना शर्त बात करेंगे। क्यों रे कांग्रेस के मेहरबान क्या मजबूरी है किस लालच में ये भाषा बोल रहे हो, इस चुनाव में किसने आपको मदद करने का वादा किया है जिस के कारण आप ऐसी भाषा बोल रहे हो, देश जानना चाहता है। क्या कभी कोई देशभक्त ऐसी भाषा बोल सकता है क्या, कोई देशभक्त बोल सकता है? कांग्रेस कह रही है कि AFSPA यहां से लड़ रहे, हमारे जवानों को मिले विशेष अधिकार को भी हटा देगी। क्या आप इससे सहमत है? हटाने देंगे, हमारी सेना को सुरक्षा कवच मिलना चाहिए की नहीं मिलना चाहिए, हमारे पुलिस के जवानों को सुरक्षा कवच मिलना चाहिए की नहीं मिलना चाहिए? हमारे सुरक्षा बलों को कवच मिलना चाहिए की नहीं मिलना चाहिए, क्या हमारे सुरक्षा बलों का सैनिकों का मनोबल तोड़ने की साजिश है की नहीं है? कांग्रेस भारत के पक्ष की बात कर रही है या पाकिस्तान के?

साथियो, कांग्रेस कितनी भी कोशिश कर ले वो देश का विश्वास खो चुकी है। सिर्फ वोट के लिए जो हमारे जम्मू-कश्मीर को संकट में डाल दे, हमारे जवानों को लाचार कर दे ऐसी कांग्रेस पर देश विश्वास नहीं कर सकता। सिर्फ अपने परिवार के विकास के लिए जीने वाले देश के बारे में कितना सोचते हैं आप भी अंदाजा लगा सकते हैं।

भाइयो और बहनो, कांग्रेस की नीतियों के चलते ही मेरे कश्मीरी पंडित भाई-बहनों को अपना ही घर छोड़ना पड़ा। कांग्रेस और उसके साथियों को अपने वोट बैंक की इतनी चिंता थी, कि कश्मीरी पंडितों पर होने वाले अत्याचार उन्होंने देखे लेकिन अनदेखे कर दिए। न्याय का ढोंग करने वाली कांग्रेस, दिन-रत न्याय-न्याय की माला जप रही है, मैं जरा कांग्रेस को कहना चाहता हूं 60 साल तक जो तुमने अन्याय किया हैं। उससे न्याय कौन देगा? कांग्रेस क्या कभी कश्मीरी पंडितों को न्याय दिला पाएगी क्या? क्या कभी 84 के दंगों में मारे गए सिख भाई-बहनों, बहू-बेटियों को कांग्रेस न्याय दिला पाएगी?
भाइयो-बहनो, ये न्याय भी उनका ढकोसला है ढकोसला। कांग्रेस वो पार्टी है जो न्याय दिलाने के नाम पर भी लोगों से धोखा कर जाती है। न्याय के नाम पर भी पीढ़ी दर पीढ़ी देश के लोगों को धोखा देना, कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र है।

भाइयो-बहनो, आज भी भले कांग्रेस कश्मीरी पंडितों का नाम लेने से कतरा रही हो लेकिन ये चौकीदार पूरे सम्मान के साथ उनको अपनी जमीन पर बसाने के लिए प्रतिबद्ध है, ये काम शुरू हो चुका है। इसी तरह साथियो, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से मां भारती में आस्था रखने वाले जो परिवार मजबूरन यहां आए हैं, उनकी नागरिकता का कानून भी बनाने के लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं। 23 मई को चुनाव नतीजा आएगा, 23 मई को चुनाव का नतीजा आएगा।

फिर एक बार... मोदी सरकार
फिर एक बार... मोदी सरकार
फिर एक बार... मोदी सरकार

23 मई को चुनाव नतीजा आएगा फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी तब नागरिकता से जुड़े कानून को पास कराने के लिए फिर से कोशिश की जाएगी।

साथियो, आपका ये चौकीदार, आप सभी की सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान के लिए पूरी ईमानदारी से जुटा है। 2014 में जो वोट आपने दिया था, उसकी वजह से ही सीमा से सटे परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल पाया है, ये जानकारी है न आपको, अब सीमा से सटे लोगों को भी आरक्षण देने का फैसला हमने किया है। आपके एक वोट से, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को भी शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण मिल पाया है। आपके एक वोट से, गरीब परिवार को अपना घर, टॉयलेट, मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन और मुफ्त में बिजली कनेक्शन मिल रहा है। आपके एक वोट से, देश के 12 करोड़ छोटे किसानों के खाते में हर वर्ष 75 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर होना शुरू हुए हैं।

आपके एक वोट से, गरीब परिवार को हर वर्ष 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है आपके एक वोट से, दशकों से लटका शाहरपुर कंडी डैम बनना शुरु हो गया है। आपके एक वोट से, यहां सड़कें, बंकर, पुल, सुरंगें, AIIMS, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे संस्थान बन रहे हैं।

भाइयो और बहनो, 18 अप्रैल को आपका वोट सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान की इस यात्रा को और तेज करेगा। जम्मू कश्मीर में भाजपा का विजय घोष सीमा पार भी कुछ लोगों की नींद उड़ाएगा। आपका एक-एक वोट और माता का आशीर्वाद, इस चौकीदार को मजबूत करेगा। अब आप एक संकल्प लीजिए, लेंगे संकल्प? मैं जो बोलूंगा उसके बाद आपको बोलना है, बोलेंगे, सब के सब बोलेंगे, इधर वाले भी बोलेंगे, कोई गलती तो नहीं करेंगे ना, पक्का बोलेंगे?

मैं जब एक नारा बुलवाऊंगा तो आपको बोलना है, घर घर में है चौकीदार। बोलेंगे, क्या बोलेंगे? घर घर में है चौकीदार।

भ्रष्टाचारियों होशियार घर-घर में है चौकीदार, भगोड़ों पर कानून की मार घर-घर में है चौकीदार, बंद हुआ काला कारोबार घर-घर में है चौकीदार, देशद्रोहियों पर कड़ा प्रहार घर-घर में है चौकीदार, आतंक पर हो आखरी वार घर-घर में है चौकीदार, दुश्मन हो जा खबरदार घर-घर में है चौकीदार, घुसपैठिए भागे सीमा पार घर-घर में है चौकीदार, टूटेगी जात-पात की दीवार घर-घर में है चौकीदार, वंशवाद की होगी हार घर-घर में है चौकीदार, दागदार पर भी भारी है कामदार घर-घर में है चौकीदार।

बहुत बहुत धन्यवाद। मेरे साथ बोलिए…
भारत माता की... जय
भारत माता की... जय
जय भीम, जय भीम, जय भीम।

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Prime Minister pays homage to Dr. Syama Prasad Mookerjee on his Balidan Diwas, shares Sanskrit Subhashitam
June 23, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, paid homage to Dr. Syama Prasad Mookerjee on his Balidan Diwas and remembered his immense contribution to nation-building.

The Prime Minister described Dr. Mookerjee as a distinguished patriot, scholar and statesman who dedicated his life to India’s development. Shri Modi said that Dr. Mookerjee’s unwavering conviction, courage in public life and commitment to national interest continue to inspire generations. He noted that Dr. Mookerjee’s sacrifice remains etched in the collective memory of the nation.

Paying respectful tributes to Dr. Mookerjee, the Prime Minister said that he dedicated his entire life to the selfless service of the nation and society. Shri Modi added that Dr. Mookerjee’s profound thoughts and ideals will continue to inspire every generation of the country to serve the motherland.

On the occasion, the Prime Minister also shared a Sanskrit Subhashitam:

“न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”

The Subhashitam highlights that immortality is attained not through deeds, wealth, or lineage but through sacrifice and complete dedication to noble ideals. Those noble souls who renounce their personal interests for the sake of the nation, society and truth become immortal in the hearts of the people, transcending the limits of time.

The Prime Minister wrote on X;

“On his Balidan Diwas, I pay homage to Dr. Syama Prasad Mookerjee, a distinguished patriot, scholar and statesman who dedicated his life to India’s development. His unwavering conviction, courage in public life and commitment to national interest continue to inspire generations. Dr. Mookerjee’s sacrifice remains etched in our collective memory. We reaffirm our commitment to building a strong and developed India, guided by the values he cherished and served till his last breath.”

“निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”