We have spent the last five years in infusing vigour and strength in our armed forces and developing a coherent policy on national security that ensures greater security for all Indians: PM Modi
We conducted surgical strikes and air strikes against Pakistan-based terrorists to send our message to the world that India is well capable of defending itself: PM Modi in Haryana
The BJP government in Haryana has been continuously carrying out development and providing a clean and transparent government for every community in the state: PM Modi

भारत माता की… जय, भारत माता की… जय।
आज इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित अकाली दल के अध्यक्ष और मेरे बहुत परम मित्र, पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री श्रीमान सुखबीर जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ नेता गण। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार और विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हुए मेरे प्यारे भाइयो-बहनो।

यहां सिरसा के साथ-साथ हिसार और दूसरे हिस्सों से भी बड़ी संख्या में साथी आए हैं, आप सभी का मैं बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। मेरा सौभाग्य है की आज गुरुओं और गुरुद्वारों की धरती में आप सभी के बीच आने का अवसर मिला है। मैं सभी संतों को और सभी गुरुओं को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। भाइयो-बहनो, देश में वोटिंग के पांच चरण हो चुके हैं और अब स्थिति पूरी तरह साफ हो चुकी है। देश के आशीर्वाद से जब 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे, 23 मई शाम तक पता चल जाएगा, फिर एक बार… मोदी सरकार, फिर एक बार… मोदी सरकार। कांग्रेस हो या फिर उसके महामिलावटी साथी, सभी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। दिल्ली में खिचड़ी वाली मजबूर सरकार बनाने के, उनके सारे मंसूबे ध्वस्त हो गए हैं। साथियो, आपका ये चौकीदार देश को जिताने के लिए, भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए दिन-रात आपकी सेवा में जुटा है। 2014 में जो मजबूत सरकार दिल्ली में आप सब के आशीर्वाद से, मुझे सेवा करने का मौका मिला उसके कारण ही दुनिया में आज हिंदुस्तान का डंका बज रहा है।

साथियो, मुझे बताइए की राष्ट्र अपनी रक्षा नीति को मजबूत किए बिना विश्व शक्ति बन सकता है क्या? जो राष्ट्र अपनी रक्षा नहीं कर पाता, क्या दुनिया उसकी बात सुनेगी क्या? नए भारत की रक्षा नीति क्या हो, कांग्रेस या दूसरे महामिलावटी अपनी सभाओं में एक बार भी, उन्होंने इस विषय में एक भी बात बताई है क्या? भाइयो-बहनो, ये नहीं बताएंगे क्योंकि इनका अतीत ऐसा है की राष्ट्र रक्षा पर ये कुछ नहीं बोल पाते हैं। साथियो, 2014 से पहले आए दिन पाकिस्तान हमारे जवानों के साथ बर्बरता करता था लेकिन केंद्र में बैठी कांग्रेस की सरकार सिर्फ और सिर्फ बयान देती थी। आए दिन आतंकी हमले होते थे लेकिन कांग्रेस की कमजोर सरकार सिर्फ और सिर्फ बयान देती थी। आपने और मैं विशेष रूप से देशवासियों को हमेशा, आदरपूर्वक स्मरण करता हूं। आपने जो मजबूत सरकार दिल्ली में बनाई उसने अपने शूरवीरों की भुजाओं में नई ताकत दे दी, उनके हाथ खोल दिए। अब हमारे सपूत पाकिस्तान के भीतर आतंकियों के अड्डे में घुसकर मारते हैं। पहली सर्जिकल स्ट्राइक में हम जमीन से गए और जब दूसरा एयर स्ट्राइक किया तो एयर स्ट्राइक करके हमने दुश्मनों को घर में घुसकर मारा है। जो आतंकी कभी हमें डराते थे वो आज दुबक कर के बैठे हुए हैं।

साथियो, तमाम आतंकी हमलों का गुनहगार मसूद अजहर अब ग्लोबल टेरेरिस्त घोषित हो चुका है। पाकिस्तान अब मजबूर है उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए। लेकिन भाइयो-बहनो, याद रखिए अपनी 5-6 साल की कोशिश करने के बाद भी कांग्रेस सरकार वो नहीं कर पाई, जो हम कर पाए। क्यों नहीं करवा पाई? क्योंकि नीयत नहीं थी, साफ नीति नहीं थी। साथियो, हरियाणा का शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जो अपने बच्चों को देश की सेवा के लिए ना भेजता हो। यहां की वीर माताएं, वीर संतानों को जन्म देती हैं। यहां की वीर माताओं के लिए पूरे हिंदुस्तान को नाज है और इसलिए हरियाणा से मैं आज कुछ सीधे सवाल पूछना चाहता हूं। कांग्रेस कह रही है की अगर दिल्ली में उसकी सरकार बनी, अब सपने देखने के लिए कौन मना कर सकता है भाई लेकिन चलो वो कह रहे हैं उन्होंने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है, अपने ढकोसलापत्र में लिखा है। अगर दिल्ली में उनकी सरकार बनी तो जम्मू-कश्मीर समेत जो हिंसा वाले इलाके है, वहां तैनात सैनिकों से, फौजियों को जो विशेष अधिकार, एक सुरक्षा कवच मिला है फौजियों को, कांग्रेस ने कहा है आकर के उसको छीन लिया जाएगा। यानी जो पत्थरबाज हैं, जो आतंकवाद के समर्थक हैं उनको खुली छूट देने का कांग्रेस सार्वजनिक रूप से बोल रही है।

साथियो, भारत माता की जय बोलने पर एतराज जताने वाली कांग्रेस अब देशद्रोह का कानून हटाने का भी वादा कर रही है। कांग्रेस चाहती है की टुकड़े-टुकड़े गैंग को, भारत को गाली देने वालों को, तिरंगे का अपमान करने वालों, नक्सलवादियों के समर्थकों को खुली छूट मिले। मैं जरा हरियाणा के लोगों से पूछना चाहता हूं। जिस धरती में जवान मातृभूमि के लिए शहीद होते हैं, देश के लिए मर मिटने वाले लोग जिस धरती पर पैदा होते हैं। मैं हरियाणा से पूछना चाहता हूं, मैं आपसे पूछना चाहता हूं। क्या कांग्रेस के ये वादे आपको मंजूर हैं?

भाइयो-बहनो, हमारे घरों के जो बच्चे फौज मे जाते हैं, जो अर्धसैनिकबलों में जाते हैं, पुलिस में जाते हैं। उनको कांग्रेस और उसके साथी किस नजर से देखते हैं, जब आप सुनोगे तो आपका गुस्सा सातवें आसमान पर जाएगा, मैं बताता हूं। इतना गुस्सा आएगा क्योंकि ये ऐसी भाषा बोलते हैं। बोलते हैं इतना ही नहीं, वो इन चीजों को मानते हैं। मैं उनके एक मुख्यमंत्री का बयान बताता हूं, आपको। कर्नाटक में कांग्रेस एक सरकार चलाती है, उस सरकार के मुख्यमंत्री, जिस मुख्यमंत्री के पिता जी कुछ समय के लिए देश के प्रधानमंत्री भी थे। उस मुख्यमंत्री ने एक बयान दिया, बहुत गंभीर बयान। इस एक बयान के कारण देश आने वाले सौ सालों तक कांग्रेस को स्वीकार नहीं कर सकता है, ऐसा बयान दिया है। उन्होंने कहा है की जिन युवकों को दो वक्त खाने के लिए रोटी नहीं मिलती है, जो भूखे होते हैं, वो पेट भरने के लिए सेना में जाते हैं। भाइयो-बहनो, ये सुनकर आपको गुस्सा आया की नहीं आया? आप मुझे बताइए, भाइयो-बहनो, माताएं-नवजवानों बताइए, क्या मेरे हरियाणा के नवजवान, मेरे पंजाब का वीर पुत्र, मेरे हिमाचल के नवजवान सेना में इसलिए जाते हैं की उनको खाने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं मिलती। अरे शर्म आनी चाहिए कांग्रेस के लोगों, आप जिस सरकार को चलाते हो वहां का मुख्यमंत्री इस प्रकार से मेरे देश के वीरों का अपमान करता है। जो दुश्मन से देश की रक्षा करते हैं, जो मां भारती के मान-सम्मान के लिए जान की बाजी लगा देते हैं, उन वीरों के बारे में कांग्रेस और उसके साथी इस प्रकार से सोचें, इससे बड़ा देश का अपमान क्या हो सकता है। इतना ही नहीं, ये कांग्रेस पार्टी हमारे देश के सेनाध्यक्ष को पब्लिकली कहते हैं, ये तो गली का गुंडा है। हमारे वायु सेनाध्यक्ष को कहते हैं, ये झूठा है। ऐसा बोलकर कांग्रेस के नेता अपनी सच्चाई, भाइयो-बहनो, वो बेनकाब हो चुके हैं, ये इस प्रकार के लोग हैं।

साथियो, इस चुनाव में आपको और आपके साथियों को इस मानसिकता की भी सजा देनी है। भाइयो-बहनो, कांग्रेस कैसे देश की रक्षा करने वालों को धोखा देती है, वो भी आपको याद दिलाता हूं। कांग्रेस ने आपसे वादा किया था की वो वन रैंक-वन पेंशन लागू करेंगे। ये वादा करते-करते उसने 40 साल निकाल दिए, चार दशक निकाल दिए। जब देश के जवानों ने, उनके परिवारों ने दबाव बनाया तो 2013-14 में चुनाव के पहले-पहले जो एक अंतरिम बजट आया, उस बजट में उन्होंने 500 करोड़ रुपया रखा, बजट में, कागज में लिखा, और कह दिया कांग्रेस ने। चारों तरफ ढोल पीटने लगे, उनके नामदार पूर्व सैनिकों के सम्मेलन कर-कर के मालाएं पहनने लगे और कहने लगे हमने वन रैंक-वन पेंशन लागू कर दिया। भाइयो-बहनो, ये कितना बड़ा धोखा था, उन्होंने 500 करोड़ रुपया दिया, कितना झूठ बोलने की इनकी ताकत है, वो देश की जनता को कितना मूर्ख मानते हैं। और देश के जवान जो, मां भारती के लिए मरना यही उसको सिखाया गया है, आप उसके पीठ में छुरा घोंपते हो, आप उसके आंखों में धूल झोंकते हो।

भाइयो-बहनो, सिर्फ 500 करोड़ दे कर के बातें करने वाले लोग और वो भी कागज पर, बजट में से तो कहीं निकला नहीं, एक पैसा नहीं निकला। हम आए, हमने वादा किया था, हम वन रैंक-वन पेंशन लागू करेंगे, मैंने सारी फाइलें निकालीं, कागज निकाले। मैंने कहा भाई, 500 करोड़ रुपए इस बार दे दीजिए। जब हिसाब लगाया, वन रैंक-वन पेंशन के लिए, जब हमने लागू किया तो अब तक 35 हजार करोड़ रुपया सेना के परिवारों में हमने पहुंचाया। कहां 500 करोड़ का झूठा वादा और कहां 35 हजार करोड़ रुपए दे दिए, उनके खाते में जमा हो गए। ये कितना झूठ बोलते हैं और देश की भोली-भाली जनता ने इनके झूठ को सच मान कर के आंखें बंद कर के उनके ठेले भर दिए और उसी के कारण आज देश को रोने की नौबत आई है, भाइयो-बहनो।

साथियो, देश की रक्षा करने वालों से झूठ बोलने, उन्हें सम्मान ना देने की इसी कांग्रेसी सोच के चलते साथ दशक तक हमारे देश में नेशनल वॉर मेमोरियल भी नहीं बना। हमारे देश के जवान कहते रहे की आजादी के बाद हमारे वीरों ने इतना बलिदान दिया है उनका एक नेशनल वॉर मेमोरियल होना चाहिए। अरे अपने परिवार के तो आपने हर गली-मोहल्ले में स्मारक खड़े कर दिए, देश की तिजोरी के अरबों-खरबों खर्च कर दिए लेकिन देश के लिए मरने वाले जवानों के लिए कोई नेशनल वॉर मेमोरियल नहीं। जो काम 70 साल नहीं हुआ, ये काम आपके चौकीदार ने कर दिया और मेरा तो हरियाणा से आग्रह है। जिन-जिन गांवों में आजादी के बाद लोग शहीद हुए हैं, उनके परिवारजनों के लेकर के उस गांव के लोगों को नेशनल वॉर मेमोरियल पर जाना चाहिए और अपने गांव के जो शहीद हैं उसके नाम के सामने एक फूल चढ़ा कर आपको भी आना चाहिए, ये मेरी हरियाणा, पंजाब और हिमाचल के लोगों से विशेष प्रार्थना है क्योंकि ये इलाका है जिसने देश के लिए बहुत बलिदान दिए हैं।

भाइयो-बहनो, एक और बात, कभी-कभी हम लोग मानसिक अवस्था के कारण, ये जो पुलिस के जवान खड़े हैं ना उनको अपमानित करते हैं, उनको नीचा दिखाते हैं, उनको बुरा-भला कहते हैं। सिनेमा वाले भी सिनेमा दिखाएंगे तो पुलिस वालों को सबसे भद्दा बताते हैं। इतना देश का नुकसान हुआ है और एक सत्य कभी बाहर नहीं आया, मुझे इससे बड़ा दर्द होता था और मैंने इसलिए लाल-किले से एक बार बोल दिया था। आप जानकर हैरान हो जाएंगे, कभी-कभी हम इन पुलिस वालों से भिड़ जाते हैं लेकिन कभी सोचा है, ठंड हो पुलिस वाला खड़ा है, गर्मी हो पुलिस वाला खड़ा है। राखी का त्योहार है पुलिस वाला खड़ा है, घर पर शादी-ब्याह है वो ड्यूती पर गया हुआ है। हम इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देते हैं। इससे भी बढ़कर हम सामान्य लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बचाने के लिए, हमारा मोबाइल फोन चोरी हो जाए तो हम तो जा कर सो जाते हैं, वो बेचारा जाग के कैसे मोबाइल फोन वापस लाओ इसके लिए दौड़-धूप करता है। हमारी रक्षा के लिए आजादी के बाद देश के पुलिस जवानों ने, 33 हजार पुलिस शहीद हुए, 33 हजार। ये आंकड़ा छोटा नहीं है, 33 हजार पुलिस वाले शहीद हुए, वो कहते रहे की एक नेशनल पुलिस मेमोरियल बनना चाहिए। ये कांग्रेस के लोगों ने, इन महामिलावटियों ने पुलिस के कंधे पर बंदूकें तो बहुत फोड़ीं लेकिन उनको सम्मान नहीं दिया, ये काम भी एस चौकीदार ने किया है। पुलिस वालों का मान-सम्मान बढ़ाने के लिए मैं पूरी ताकत से लगा हूं। और उसके लिए भी मैं हरियाणा को कहूंगा की आपके क्षेत्र के भी आजादी के बाद कई पुलिस जवान शहीद हुए। आप को जाना चाहिए, जा कर उन पुलिस के परिवारों को आपको जरूर एक फूल चढ़ा के आना चाहिए, भाइयो-बहनो।
भाइयो-बहनो, कांग्रेस को ना तो जवानों के सम्मान की कभी फिक्र रही और ना ही किसानों के सम्मान की। इन्होंने किसानों की जमीन पर भी भ्रष्टाचार की खेती की है, सबूत देश के सामने है, सबूत हरियाणा के सामने है। हरियाणा और दिल्ली में जब भी कांग्रेस की सरकार थी तब कैसे कौड़ियों के दाम पर किसानों की जमीन हथियाने का खेल खेला गया, आप सभी जानते हैं। आप सभी के आशीर्वाद से किसानों को लूटने वालों को ये चौकीदार कोर्ट तक ले गया है। जमानत के चक्कर काट रहे हैं, ईडी के दफ्तर के जूते घिस रहे हैं जी, वो मानते थे हम तो शहंशाह हैं, हमको कोई हाथ नहीं लगा सकता है और अब पीड़ा हो रही है, एक चौकीदार, एक चाय वाला, अब परेशान हैं। भाइयो-बहनो, जेल के दरवाजे तक तो ले गया हूं इस बार आशीर्वाद दीजिए, आने वाले पांच साल में अंदर कर दूंगा। आपका आशीर्वाद चाहिए बस। देश को जिन्होंने लूटा है, उनको लौटाना ही पड़ेगा।

साथियो, भाजपा की सरकार देश के किसान के लिए, देश के जवान के सम्मान के लिए समर्पित है। किसानों के हक के लिए आवाज उठाने वाले भारत की कृषि नीति और अपनी छाप छोड़ने वाले सर छोटू राम जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का सौभाग्य मुझे कुछ महीने पहले ही मिला था। साथियो, लेकिन यहां इसी धरती से कुछ हफ्ते पहले सार्वजनिक मंच से एक नेता ने कहा की जो भी देश के गद्दार हैं उन्हें अंग्रेजों ने सर की उपाधि दी थी। भाइयो-बहनो, उसके बाद उनके और एक बड़े नेता ने इसका समर्थन किया। क्या मेरे हरियाणा के लोग सर छोटू राम के इस अपमान को बर्दाश्त करेंगे? अरे सर छोटू राम जैसे हमारे नायकों के आशीर्वाद से ही हम 2022 तक किसानों की आय दो गुना करने का संकल्प पूरा करने वाले हैं।

पीएम किसान सम्मान निधि से छोटे किसानों के बैंक खाते तक सीधी मदद पहुंचनी शुरू हो गई है। हमने ये संकल्प लिया है की 23 मई को जब चुनाव के नतीजे आएंगे, जब फिर एक बार… मोदी सरकार आएगी तब हरियाणा के हर किसान परिवार के खाते में हर वर्ष साल में तीन बार सीधी मदद पहुंचेगी। इतना ही नहीं जो छोटे किसान हैं, खेत मजदूर हैं, छोटे दुकानदार हैं उनको 60 साल के बाद नियमित पेंशन भी करेगी। साथियो, किसान की खेती पर लागत कम हो इसके लिए भंडारण की एक बहुत बड़ी व्यवस्था हम खड़ी करने वाले हैं। गांव के पास ही किसान अपनी उपज का भंडारण कर पाएं, इसके लिए ग्राम भंडारण योजना पर विस्तार से काम किया जाएगा। अन्नदाता अब ऊर्जादाता भी बनें इसके लिए डीजल पंपों को सोलर एनर्जी से चलने वाले सोलर पंपों में बदलने का अभियान हमने छेड़ा है।

भाइयो-बहनो, एक तरफ हम जहां किसानों के हितों के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने झूठ और धोखे की नीति अपना रखी है। कर्जमाफी के नाम पर उसने राजस्थान में, मध्य प्रदेश में किसानों के साथ कैसे छलावा किया, कैसे उनको छला है, अब इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। वहीं स्थिति ये है की किसानों को कोर्ट से नोटिस मिल रहे हैं और उन्हें जेल जाने की नौबत आ गई है। साथियो, जब वजूद खतरे में पड़ जाता है तब झूठ प्रपंच और समाज में बंटवारे का खेल ये कांग्रेस की पुरानी आदत है। कांग्रेस के राज में समाज का कोई वर्ग सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस न्याय की बात करती है लेकिन यहां आपने खुद देखा है की दलित वर्ग से आने वाले अपने अध्यक्ष तक को वो इंसाफ नहीं दिला पाई। साथियो, कांग्रेस की एक और करतूत के बारे में यहां के युवा साथियों को जानना जरूरी है। 1984 में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में हमारे हजारों सिख बहन-भाई, छोटे-छोटे बच्चों को कांग्रेस परिवार और उसके दरबारियों के इशारों पर हत्या की गई, बेरहमी से उनको मारा गया। 34 सालों तक दर्जन भर आयोग बने लेकिन सिखों को इंसाफ नहीं मिला। आपके इस चौकीदार ने सिख समाज से देश से 1984 के गुनहगारों को सजा देने का वादा किया था। मुझे संतोष है की सिखों के गुनहगारों को फांसी और उम्रकैद मिलने का सिलसिला शुरू हो चुका है लेकिन ये बेशर्म कांग्रेस उन लोगों को आज भी इनाम दे रही है जो उस पाप में हिस्सेदार रहे हैं। सिख दंगों में जिस पर सवाल उठे हो उसे मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है की उसे आपकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस का इतिहास ही आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करने का है वरना कोई वजह नहीं थी की आज हमारा पवित्र स्थान, हमारे करतारपुर साहिब आज पाकिस्तान में है। बंटवारे के समय थोड़ा भी जोर लगाया जाता तो करतारपुर साहिब आज भारत की धरती पर होते। मैं अपने इन गुरु के दर्शन के लिए सीमा पार करने का और आने-जाने का सिलसिला कैसे शुरू हो, हम आगे बढ़े हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस के इस अन्याय को सुधारना मुश्किल है लेकिन हमारी सरकार प्रयास कर रही है की करतारपुर साहिब का दर्शन करने जो भक्त जाते हैं उन्हें तकलीफ ना हो। इसके लिए करतारपुर साहिब कोरिडोर विकसित किया जा रहा है।

साथयो, सबको सुरक्षा- सबको सम्मान ये हमारा प्रण है। बीते पांच वर्षों में गरीब हो, दलित हो, वंचित हो, पीड़ित हो हर वर्ग के लिए हमने काम किया है। गरीब को अपना पक्का घर, घर में गैस का चूल्हा, बिजली का कनेक्शन, शौचालय ऐसी अनेक सुविधाएं पहुंचाई हैं। यही कारण है की समाज के हर वर्ग का मुझे भरपूर साथ और सहयोग मिला है। विशेष तौर पर जो साफ-सफाई को काम से जुड़े मेरे साथी हैं, उनके सहयोग के बिना स्वच्छ भारत जैसा मिशन इतना सफल नहीं हो पाता। मुझे बताया गया है, यहां मनोहर लाल जी ने हरियाणा में जो भर्ती अभियान शुरू किया था वो भी बहुत सफल रहा है। जहां पहले हर भर्ती में घोटाले हो जाते हों, वहां इतनी पारदर्शिता के साथ, ईमानदारी के साथ हरियाणा के नवजवानों को नौकरियां देना, हरियाणा की मनोहर लाल जी की सरकार, भाजपा की सरकार अनेक-अनेक साधुवाद के अधिकारी हैं।

साथियो, एक मजबूत भारत के लिए, एक समृद्ध भारत के लिए आपको हरियाणा की सभी सीटों पर कमल खिलाना है। आपका एक-एक वोट मोदी के खाते में आएगा, दिल्ली में एक मजबूत सरकार बनेगी, पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी तो मुझे भी आपकी सेवा करने के लिए खुलकर काम करने का अवसर मिलेगा। एक बार आप सब का इतनी बड़ी तादाद में आ कर के हम सबको आशीर्वाद देने के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए, दोनों हाथ बंद करके मुट्ठी बंद करके बोलना है…
भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 23, 2026
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From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!