The unwavering support of Karnataka for the BJP has given the corruption-ridden I.N.D.I alliance, sleepless nights
Congress & the I.N.D.I alliance possess no roadmap, agenda or vision for the development of India
Karnataka is a state where there is CM in waiting, Super CM, Shadow CM, Future CM Aspirant & Collection Master to facilitate scams & loot
The I.N.D.I alliance has proclaimed to end the concept of ‘Shakti’ that has not only disrespected the Hindu Dharma but the Nari Shakti of India
BJP has always prioritized the empowerment of SC-ST-OBC and the safe evacuation of the members of the ‘Hakki-Pikki’ tribe through ‘Operation Kaveri’ is a testimony to the same

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

शिवमोग्गा-दा जनतेगे नन्ना नमस्कारागड़ु

मैं शक्ति स्वरूपा, सिगन्दूरु चौडेश्वरि देवी के चरणों में श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं।

हम सभी के लिए आपका ये प्यार और आशीर्वाद, जनसमर्थन की ये लहर, कर्नाटका के कोने-कोने में बीजेपी को मिल रहा अपार जनसमर्थन, ये दृश्य...ये ऊर्जा अपने आप में…ऐसा लग रहा है कि पूरा मैदान ऊर्जा से भरा हुआ है। दूसरी तरफ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण में डूबे इंडी अलायंस की नींद उड़ गई होगी। और, शिवमोगा तो खास तौर पर ऐसी भूमि है, जनसंघ के जमाने में जब हमें कोई जानता नहीं था। कोई हमारा म्यूनिसिपालिटी का मेंबर नहीं होता था। ऐसे समय येदुरप्पा जी ने अपनी पूरी जवानी यहां खपा दी थी। ये उनकी तपोभूमि रही है। इस क्षेत्र की, कर्नाटका की हर सीट से मोदी के development ambassador को दिल्ली भेजना है। आपको कर्नाटका की 28 की 28 सीटें BJP-NDA को देने के लिए मैं आज आपको प्रार्थना करने आया हूं। 4 जून को 400 पार। ‘4 जून को 400 पार के मिशन’ में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। और इसलिए... आखिरकार हम 400 सीटों की बात क्यों कर रहे हैं हम। ये 400 सीटें क्यों। विकसित भारत के लिए...400 पार! विकसित भारत के लिए...400 पार! विकसित भारत के लिए...400 पार! विकसित कर्नाटका के लिए...400 पार! विकसित कर्नाटका के लिए...400 पार! गरीबी कम करने के लिए...400 पार! गरीबी कम करने के लिए...400 पार! आतंक पर प्रहार के लिए...400 पार! भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के लिए...400 पार! किसानों की समृद्धि के लिए...400 पार! युवाओं को नए अवसर देने के लिए...400 पार! ई बारी…नानूरु मीरी ! ई बारी…नानूरु मीरी !

साथियों,
पिछले 10 वर्षों में देश ने बीजेपी का काम देखा है। बीजेपी की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं- विकास, गरीब कल्याण और सामर्थ्यवान भारत! वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है। कांग्रेस के पास विकास का एजेंडा नहीं, इसलिए वो तरह-तरह के हथकंडे आजमाती है। कांग्रेस का पहला हथकंडा है- झूठ बोलो! बड़े-बड़े झूठ बोलो! बार-बार झूठ बोलो। जहां जाओ वहां झूठ बोलो। सुबह-शाम झूठ बोलो। कांग्रेस का दूसरा हथकंडा है- अपने झूठ को ढकने के लिए, नए झूठ बोलो। कांग्रेस का तीसरा हथकंडा है- जब पकड़े जाओ, तो अपनी करतूतों का ठीकरा दूसरों के सर पर फोड़ दो। हर चुनाव से पहले कांग्रेस के लोग बड़े-बड़े झूठे वादे करने में एक्सपर्ट हो गए हैं। यहां कर्नाटका में भी कांग्रेस ने यही किया। और अब सरकार बनने के बाद, कांग्रेस फिर झूठ पर झूठ बोले जा रही है। कभी वो केंद्र को जिम्मेदार बता रही है, कभी मोदी पर आरोप लगा रही है, तो कभी दूसरी पार्टियों पर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ रही है। क्योंकि, कांग्रेस की मंशा कभी काम की नहीं होती। कांग्रेस का केवल एक ही इरादा होता है- लोगों को लूटना, अपनी जेब भरना! इसीलिए, कांग्रेस को जब से कर्नाटका में मौका मिला है, तो इन्होंने कर्नाटका को अपना ATM बना लिया है। यहां इनकी लूट इतनी बढ़ गई है कि सरकार चलाने के लिए पैसे तक नहीं बचे हैं। और इस लूट में भागीदार बनने की होड़ मची हुई है। कोई यहां ‘CM in Waiting’ है। कोई यहां ‘Future CM Aspirant’ है। कोई यहां ‘Super CM’ है, कोई यहां ‘Shadow CM’ है। और इतने सारे CM के बीच एक दिल्ली के 'Collection Minister,' भी हैं। कांग्रेस की इस करतूत का नुकसान, कर्नाटका के लोगों को उठाना पड़ रहा है। कुछ ही महीनों में कांग्रेस की सरकार ने कर्नाटका की साख को बहुत बड़ा धक्का लगा दिया है। मैं कांग्रेस के प्रति कर्नाटका के लोगों का आक्रोश देख रहा हूं, उनका गुस्सा समझ रहा हूं। कांग्रेस सरकार के ऐसे रवैये के बीच बहुत जरूरी है कि कर्नाटका की लोकसभा की हर सीट पर BJP-NDA को विजय मिले। BJP-NDA के सांसद, कर्नाटका के लोगों की सेवा के लिए काम करेंगे, यहां केंद्र की योजनाओं को अच्छी तरह लागू करने में मदद करेंगे।

साथियों,
कल मुंबई में शिवाजी मैदान में इंडी अलायंस की तरफ से खुला ऐलान किया गया। वो लोग हिंदू धर्म में समाहित शक्ति को समाप्त करना चाहते हैं। हिंदू शक्ति को समाप्त करने का उन्होंने बीड़ा उठाया है। हिंदू समाज जिसे शक्ति मानता है, उस शक्ति के विनाश का उन्होंने एलान कर दिया है। अगर शक्ति के विनाश का उनका एलान है तो शक्ति की उपासना का हमारा भी एलान है। मैं जब सार्वजनिक जीवन में आया, जब मैंने अपने समय का पल-पल और शरीर का कण-कण लोगों की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया तो मुझे इसी शक्ति ने ऊर्जा दी। आज भी मैं शक्ति की उपासना करता हूं, देश के कोटि-कोटि लोग हिंदू धर्म की इस शक्ति के उपासक हैं। और मैं तो हैरान हूं... कल शिवाजी पार्क में शक्ति के विनाश का एलान हो रहा है, जब मैंने सुना तो मैं सोच रहा था कि बाला साहेब ठाकरे जी, उनकी आत्मा को कितना दुख पहुंचा होगा। शिवाजी पार्क में शक्ति के विनाश का एलान किया जाए, वो भी शिवाजी पार्क में। और उस भूमि पर जहां का बच्चा-बच्चा जन्म से जय भवानी, जय शिवाजी का मंत्र लेकर के बड़ा होता है। छत्रपति शिवाजी महाराज, दुर्गा भवानी से आशीर्वाद लेकर के हिंदवी स्वराज की स्थापना के लिए निकल पड़े थे। वे शक्ति के उपासक थे और उसी शिवाजी पार्क में शक्ति के विनाश का ऐलान किया जाता है। और कौन लोग मंच पर बैठे थे, पता नहीं बाला साहब की आत्मा को क्या होता होगा। शक्ति का विनाश करने की सोच।

साथियों,
मेरे लिए देश की नारीशक्ति, इसी शक्ति का प्रतिबिंब है। इसलिए हमारी सरकार की योजनाओं में सबसे ज्यादा प्राथमिकता नारी शक्ति को दी जाती है। आजादी के बाद आज तक किसी सरकार ने नारीशक्ति पर इतना बल नहीं दिया जितना हमारी सरकार ने दिया है। इसलिए ही जब चंद्रयान वहां पहुंचा जहां कोई नहीं पहुंचा था, तो हमने उस स्थान को शिव-शक्ति प्वाइंट का नाम दिया। कई पॉलिटिकल जानकार कहते रहे हैं कि ये नारीशक्ति मोदी की साइलेंट वोटर है। लेकिन मेरे लिए देश की नारीशक्ति वोटर नहीं बल्कि मां शक्ति स्वरूपा है। नारीशक्ति का यही आशीर्वाद मेरा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। हम तो हमेशा से कहते आ रहे हैं...या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ इसी भावना के साथ हम मां भारती की पूजा करते हैं। इसी भावना के साथ हम मां भारती की शक्ति बढ़ाना चाहते हैं। इसी भावना के साथ हम मां भारती की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं। हमारे राष्ट्रकवि कुवेम्पु ने भी कर्नाटका की इस धरती के लिए क्या कहा था? उन्होंने कहा था- मन्त्र कणा, शक्ति कणा, तायि कणा, देवी कणा। उन्होंने कर्नाटका माता को भी शक्ति के रूप में देखा था। इंडी अलायंस के ये लोग अब इसी शक्ति को कुचलना चाहते हैं, तबाह करना चाहते हैं, समाप्त करना चाहते हैं। इन्हें मां भारती की बढ़ती हुई शक्ति से नफरत हो रही है। इन्हें भारतीय नारी का उत्थान अच्छा नहीं लग रहा है। इन्हें भारतीय नारी का सशक्तिकरण पसंद नहीं आ रहा। शक्ति पर वार का मतलब है- देश की माताओं-बहनों-बेटियों पर वार। शक्ति पर वार का मतलब है- नारी कल्याण की योजनाओं पर वार। शक्ति पर वार का मतलब है- मां भारती की शक्ति पर वार। ये शक्ति ही है, जिसके अवतरण से भारत की भूमि से आतंक और अत्याचार का अंत होता है। इंडी अलायंस ने, कांग्रेस ने इसी शक्ति को ललकारा है। कांग्रेस को इसका जवाब देश की हर महिला-हर बहन- हर बेटी देगी, शक्ति का हर उपासक देगा। 4 जून को इन्हें पता चल जाएगा कि शक्ति को ललकारने का मतलब क्या होता है।

साथियों,
कांग्रेस सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाने वाली पार्टी है। अंग्रेज़ चले गए। लेकिन कांग्रेस ने अंग्रेजियत वाली मानसिकता नहीं छोड़ी। ‘बांटो और राज करो’ वो अपनी विरासत कांग्रेस को देकर गए हैं। कांग्रेस ने पहले देश को बांटा, जाति में बांटा, समुदाय में बांटा, धर्म, क्षेत्र और भाषा के आधार पर लोगों को बांटा। और, सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस ने देश का बंटवारा भी कर दिया। लेकिन फिर भी बांटने की मानसिकता वाली इस कांग्रेस को इतने से संतोष नहीं हो रहा है। अब कांग्रेस फिर से देश को बांटने वाले खतरनाक खेल भी खेलने लगी है। अब ये अपने इस मंसूबे पर भी खुलकर बोलने लगे हैं। अभी हाल ही में, कर्नाटका के कांग्रेस सांसद ने देश को एक बार और बांटने का बयान दिया है। ऐसे सांसद को पार्टी से निकाल फेंकने के बजाय कांग्रेस उसका बचाव कर रही है। कर्नाटका ऐसी राजनीति और ऐसे षडयंत्रों को कभी सफल नहीं होने देगा। कर्नाटका की धरती का ऐसा अपमान करने वाली कांग्रेस को इस लोकसभा चुनाव में चुन-चुन करके साफ कर देना चाहिए। करेंगे न? करेंगे न? जरा दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए करेंगे न? चुन-चुन करके साफ करेंगे न? 26 अप्रैल और 7 मई को आपको इसी संकल्प को लेकर निकलना है। 26 अप्रैल और 7 मई को, आपको अपने वोट से कांग्रेस के विभाजनकारी मंसूबों को ध्वस्त करना है।

साथियों,
आजादी के बाद कांग्रेस ने जो व्यवस्था बनाई उसमें गरीब और गरीब होता गया, कंगाल होता गया और गरीब के अधिकार छिनते रहे। कांग्रेस ने हमेशा देश के गरीब को मूलभूत सुविधाओं को भी तरसा कर रखा। बीते 10 वर्षों में हमने इन हालातों को बदलने के लिए काम किया है। पिछले 10 वर्षों में, भारत के 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। ये इसलिए संभव हुआ, क्योंकि हमने गरीबों की समस्याओं पर फोकस किया। हमने उन्हें मुश्किलों से बाहर निकालने का रास्ता तैयार किया। मैं आपको कर्नाटका का उदाहरण देता हूं कि हमारे काम का स्केल कितना बड़ा है। परिवार में कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए तो गरीब और गरीब हो जाता है। लेकिन हमने आयुष्मान भारत योजना के तहत अकेले कर्नाटका में 60 लाख से ज्यादा लोगों का मुफ्त इलाज कराया है। अकेले शिवमोगा में ही 5 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड धारक हैं। इसी तरह, कर्नाटका में 40 लाख से ज्यादा गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। पूरे कर्नाटका में लगभग 9 लाख परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया है।

साथियों,
ये जो लाखों, करोड़ों लोगों को हमारी योजनाओं का फायदा मिला है, उनमें से ज्यादातर SC, ST और OBC समुदाय के हैं। आज उन्हें सशक्त बनाकर हम सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछली बार मैं यहां शिवमोगा एयरपोर्ट का उद्घाटन करने आया था। मुझे याद है कि यहां के हक्की पिक्की जनजातीय समुदाय के लोगों से मेरी लंबी चर्चा हुई थी। उन लोगों को ऑपरेशन कावेरी के द्वारा युद्ध संकट में घिरे सुडान से बाहर निकाला गया था। ये इस बात का उदाहरण है कि हम अपने सभी लोगों के लिए काम कर रहे हैं, ये मायने नहीं रखता कि वो कहां हैं। ये इस बात का भी प्रमाण है कि वंचित समुदाय की सेवा के प्रति बीजेपी लगातार समर्पित हैं। आजाद भारत के इतिहास में बीजेपी ही वो पार्टी है जिसने SC और ST दोनों समुदाय के लोगों को राष्ट्रपति बनाया है। इसलिए, जब आप बीजेपी को वोट देंगे, तो आपका वोट सामाजिक न्याय के लिए होगा।

साथियों,
आज पहली बार भारत इस मुकाम पर पहुंचा है कि दुनिया में लोग भारत के आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा कर रहे हैं। भारत की पहचान अब हाइस्पीड वंदेभारत, नमो-भारत ट्रेनों से होती है। भारत की पहचान अब मेट्रो और अंडरवॉटर मेट्रो से हो रही है। भारत की पहचान अब हाइस्पीड इंटरनेट और 5G से होती है। भारत की पहचान अब गांव-गांव में UPI टेक्नालजी से होती है। भारत की पहचान अब ग्रीन कॉरिडॉर और एक्स्प्रेसवेज से होती है। बीजेपी की केंद्र सरकार कर्नाटका में भी इस विकास अभियान को बढ़ावा दे रही है। यहां तुमकुरू और शिवमोगा के बीच नेशनल हाइवे बन रहा है। हमारी सरकार इसके निर्माण पर 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। इससे इस इलाके की पूरी तस्वीर बदल जाएगी। शिवमोगा से बेंगलुरू पहुंचने में लगने वाला समय 2 घंटे कम हो जाएगा। करीब 100 रुपए की लागत से शिवमोगा के पास कोटेगंगूर कोचिंग डिपो भी विकसित किया जा रहा है। शिवमोगा शहर में दो रेलवे ब्रिज भी बनाए गए हैं, जिससे यहां के लोगों को बहुत सुविधा हो गई है। शिवमोगा, सागर जंबागरू और तलगुप्पा स्टेशनों को अमृत स्टेशन भी बनाया गया है। यहां की रेल सुविधाओं का कायाकल्प हो रहा है।

साथियों,
अगले 5 वर्षों में विकास के इस अभियान को और गति मिलने वाली है। अगले 5 वर्ष देश उन फैसलों का गवाह बनेगा, जो पहले कभी नहीं हुये! अगले 5 वर्षों में ही भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा। अगले 5 वर्षों में गरीब कल्याण की योजनाएं शत प्रतिशत लोगों तक पहुंचेंगी। जिसे अब तक पक्का घर नहीं मिला, नल से जल नहीं मिला, आयुष्मान कार्ड नहीं मिला, सबके घर तक NDA सरकार पहुंचेगी। अगले 5 वर्षों में युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। और, ये रास्ता 26 अप्रैल और 7 मई को आपके वोट से पक्का होगा। 26 अप्रैल को उडुपी-चिकमंगलूर सीट पर श्री कोटा श्रीनिवास, दक्षिण कन्नड़ा सीट पर कैप्टन बृजेश चौटा और बेंगलुरु रूरल सीट पर डॉ. सीएन मंजूनाथ के लिए बड़ी संख्या में वोट डालने हैं। इसके बाद 7 मई को शिवमोगा की सीट पर श्री बी वाई राघवेंद्र और दावनगेरे में श्रीमति गायत्री सिद्धेश्वर को भारी मतों से विजयी बनाना है। मुझे विश्वास है कि 4 जून को कर्नाटका की हर सीट पर विकास का कमल खिलेगा। लेकिन इसके लिए… मैंने तो बहुत गारंटी दी, आपको भी मुझे एक गारंटी देनी होगी कि हर पोलिंग बूथ में कमल ही कमल खिलेगा। खिलेगा? खिलेगा? कमल खिलेगा? कमल खिलेगा?

बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.