‘Seva, Sangathan, and Samarpan’, PM Modi says Assam’s BJP karyakartas embody the true spirit of the organisation
When every booth becomes strong, victory becomes certain, and Assam’s future becomes brighter: PM Modi lauding the efforts of BJP karyakartas
The importance of protecting Assam’s identity and tackling issues like illegal infiltration is not just a political issue but one of security, culture and justice: PM Modi
Over a dozen key peace agreements have brought lasting stability, especially in regions like Bodoland: PM Modi

नमस्कार साथियों।

मुझे पक्का विश्वास है हर बूथ पर बहुत बड़ी मात्रा में बड़े उत्साह के साथ कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। सबसे पहले तो मां कामाख्या को नमन करते हुए मां कामाख्या मोह सेवा जनालु जॉय आई होम ओ के नमस्कार जोनैशु।

ब्रह्मपुत्र घाटी से लेकर बराक वैली तक पहाड़ से लेकर पठार तक असम बीजेपी के सभी कार्यकर्ता साथियों का मैं अभिनंदन करता हूं। मैं भी आपकी तरह एक कार्यकर्ता ही हूं और पार्टी जो दायित्व सौंपती है उसे निभाने के लिए जो भी मुझसे हो सकता है मैं करता हूं। मुझे असम में आपके बीच आकर काम करना होता है। इस दौरान आप में से बहुत सारे साथियों के दर्शन का सौभाग्य मिलता है। आज बूथ के स्तर पर काम करने वाले आप सभी कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत का अवसर मिला है। और मैं जानता हूं कि आप सभी आज-कल बहुत व्यस्त हैं। हर कार्यकर्ता के मन में एक ही भाव, एक ही संकल्प है। मोर बूथ सभा तो के मजबूत, यानी मेरा बूथ सबसे मजबूत। असम में बीजेपी एनडीए की हैट्रिक लगे। इसके लिए आप सभी जबरदस्त मेहनत कर रहे हैं।

दूसरी तरफ यह बोहाग बिहू और अन्य उत्सवों का भी समय है। इनसे जुड़ी तैयारियां भी रहती हैं। मैं जानता हूं असम में बीजेपी एनडीए को लेकर बहुत अधिक समर्थन है। लेकिन आप लोग जमीन पर जो अनुभव कर रहे हैं, जो आपके विचार हैं, मैं उन्हें जानने के लिए बहुत उत्सुक हूं। तो चलिए बातचीत शुरू करते हैं। सबसे पहले कौन बात करेंगे मेरे साथ?

पंकज हजारिका- नमस्कार। मैं पंकज हजारिका असम के सुनीतपुर जिले के नौद विधानसभा क्षेत्र से मैं बोल रहा हूं।

पीएम- पंकज जी नमस्कार। मुझे बहुत अच्छा लगा। आपसे बात करने का मौका मिला। अच्छा पंकज जी मैं जाना चाहता हूं। असम ने अस्थिरता और अशांति का एक लंबा दौर देखा। बीते दशक में स्थिति बिल्कुल बदल गई है। जब आप पुराने लोगों से मिलते हैं तो वह इसको लेकर क्या कहते हैं?

पंकज हजारिका- मैं मानता हूं कि सन 2016 से पहले असम में जो हुआ वो बहुत एक दुखजनक माहौल चल रहा था। बाद में जब भाजपा गवर्नमेंट आया उस समय पर असम में एक नया परिवर्तन देख रहा है। सभी किसानों, व्यवसायियों और शिक्षक सभी जनों के लिए एक आमूल परिवर्तन हुआ। जैसे एक प्रगति का दौर नया दौर चल रहा है। अभी-अभी किसानों ने व्यवसायियों ने अपने काम आराम से धूमधाम से शांति से कर रहा है। अभी प्रगति के एक नया दौर आसाम में दिख रहा है सभी जनों के लिए और किसान का आय बढ़ गया। किसान का मन में शांति आ गया। इसी माहौल से गांव-गांव से लोग बहुत खुश है।

पीएम- जब लोगों से मिलते हैं तो लोग आपसे क्या पूछते हैं? आपको क्या बताते हैं लोग, पुराने लोग जब मिलते हैं ?

पंकज हजारिका- पुराने लोगों को एक प्रकार से मुक्ति मिल गया, जब से भाजपा गवर्नमेंट आई है। जो भाजपा गवर्नमेंट आने वाली है.. टेन इयर्स आसाम में भाजपा गवर्नमेंट को हुआ है। पहले तो आसाम में लूटपाट, घर्षण, उग्रवाद से शांति का कोई उपाय नहीं मिला। जब से टेन इयर्स असम में गवर्नमेंट भाजपा का हुआ है। अभी सभी एक शांति से प्रगति से उन्नयन से एक नया धारा, एक नया दिशा बन गया। ये बोल रहा है सर।

पीएम- यह जो नए वोटर है उनका तो उस समय जन्म भी नहीं हुआ होगा या अगर होंगे तो पांच सात आठ 10 के साल के उम्र के होंगे। उनको तो उस समय का कुछ पता नहीं होगा। तो उन सबको कौन बताता है?

पंकज हजारिका- हमलोगों का जो कार्यकर्ता है जो सभी लोगों के लिए एक नया माहौल बना रहा है। मेरा बूथ सबसे मजबूत हर बूथ में हर घर-घर में जाकर हम हमारा जो कार्यकर्ता है सभी लोग उस दिशा में एक नया रास्ता दिखाया और बुजुर्गों ने वो बच्चा लोगों को बताया कि पहले तो असम का क्या व्यवस्था है क्या माहौल चल रहा है वो नया यूथ को वो रास्ता दिखा दिया।

पीएम- पंकज जी आपने बिल्कुल सही कहा। हमने वह समय देखा है जब अस्रम का एक बड़ा बड़ा हिस्सा हिंसा की आग में झुलस रहा था। लेकिन आज ब्रह्मपुत्र की लहरों में एक नया आत्मविश्वास है, क्योंकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने स्थायी शांति के लिए प्रयास किए हैं। पिछले 10 वर्षों में 12 बड़े शांति समझौते हो चुके हैं। साथियों यह जो पुराने दिन है वो असम के बूढ़े, बड़े और बुजुर्गों को याद है। लेकिन जो 18-20-22 साल के युवा है जो फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं इनके दिमाग में बीते 10 साल की शांति ही है। वैसे ही हमारी माताओं बहनों को भी बार-बार इन चीजों को याद कराना चाहिए। इसलिए एक सक्रिय बूथ कार्यकर्ता होने के नाते आपका दायित्व और बढ़ जाता है। यह जरूरी है कि फर्स्ट टाइम वोटर्स को कांग्रेस के पुराने दिनों की याद दिलाएं और बताएं कि जरा सी गलती असम को फिर से उस दौर में गिरा सकती है, वापस ले जा सकती है। आप अपनी बात परिवार के उदाहरण से भी समझा सकते हैं। जब घर में शांति होती है तो घर के लोग भी आगे बढ़ते हैं। वैसे ही राज्य के डेवलपमेंट के लिए शांति पहली जरूरत होती है और यही बीजेपी एनडीए सरकार कर रही है। मेरा एक और काम करिएगा। जब आप युवाओं से मिले तो आप पुराने अखबारों की कटिंग 10 साल पहले के फोन पर पुराने वीडियो ये सब जरूर उनको दिखाना चाहिए। आपके मोबाइल फोन पर सब रेडी रहना चाहिए और जब कोई देखता है ना तो फिर उसको मानता है और आज-कल जो एआई के द्वारा जो फालतू चीजें बना करके सर्कुलेट की जाती है उससे भी बचने के लिए उनको समझाना चाहिए।

साथियों,

आपको लोगों को कांग्रेस की नीति भी याद दिलानी है। कांग्रेस कागज पर तो समझौता करती थी, ताकि अखबारों में छप जाए लोग गुमराह हो जाए और गलती से वोट भी डाल दे। लेकिन जैसे ही कांग्रेस सरकार बनती थी समझौते कूड़े कचरे के ढेर में चले जाते थे। कोई समझौता आगे बढ़ता नहीं था। फिर दंगे फसाद में असम हमारा फंस जाता था। हमारी नई पीढ़ी फंस जाती थी। जबकि बीजेपी मीडिया में जगह पाने के लिए काम नहीं करती। शांति स्थापित करने के लिए काम करती है। आपके बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए काम करती है। और हम ईमानदारी से शांति के लिए समझौते कर रहे हैं। और असम के लोगों ने भी देखा है 10 साल में करके दिखाया। आप अपने बूथ पर फर्स्ट टाइम वोटर्स के लिए विशेष कार्यक्रम करिए। जैसे त्योहारों का मौसम है। इसमें आप भजन संध्याएं या ऐसी कोई आयोजन बूथ पर कर सकते हैं। इसमें विरासत का उत्सव भी होगा और विकसित असम बनाने के लिए बीजेपी क्या कर रही है? इस पर भी अच्छी चर्चा हो सकती है। पंकज जी बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके। चलिए आगे बढ़ते हैं.. अब कौन मेरे साथ बात करेंगे?

धनेश्वर जी- नमस्ते माननीय मोदी जी।

पीएम- नमस्ते

धनेश्वर जी- नमस्ते मोदी जी, मैं तामलपुर जिले के क्षेत्र के 43 नौ तामलपुर विधानसभा क्षेत्र से धनेश्वर बासुमतारी बोल रहा हूं सर।

पीएम- धानेश्वर जी आपके जिम्मे अभी क्या है।

धनेश्वर जी- मेरा मैं अभी 2016 से भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं और वर्तमान में शक्ति केंद्र प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहा हूं।

पीएम- और आप व्यवसाय क्या करते हैं जीवन में?

धनेश्वर जी- - जीवन में मैं एक व्यवसायी हूं। मेरा कपड़ों का एक छोटा सा व्यवसाय है। जिसे सीएम ट्रिपल ए योजना की मदद से शुरू किया था। इसके साथ हमारे घर में पाट और मुगा उद्योग भी है, जहां हम कपड़े तैयार करते हैं।

पीएम- तो आपके पिता-माता ने आपका नाम धनेश्वर रखा है, तो सचमुच में धनेश्वर है क्या आप?

धनेश्वर जी- थैंक यू। थैंक यू सर। सर

पीएम- अच्छा धनेश्वर जी मैं कुछ समय पहले ही बोडोलैंड में आया था। वहां जो बदलाव हो रहा है वह सचमुच में बहुत अद्भुत है। आज बोडोलैंड विकास के नए रास्ते पर है। आप तो इसी क्षेत्र के निवासी हैं। जब आप लोगों से मिलते हैं लोगों से बात करते हैं और स्वाभाविक है जहां भी जाते होंगे चुनाव की चर्चा होती होगी और आप भाजपा वाले हैं तो ज्यादा करते होंगे। तो लोग इन सारे बातों पर यह जो बोडोलैंड में बदलाव आया है क्या बातें करते हैं?

धनेश्वर जी- बोडोलैंड शांति समझौते के बाद पूरे क्षेत्र में बहुत ही सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां इस इलाके में संघर्ष और अस्थिरता की बात होती थी। आज वहां विकास और शांति की बात हो रही है। सड़क, शिक्षा और रोजगार के अवसर पहले से काफी बढ़ रहे हैं। जिससे लोगों की जिंदगी में सुधार आया है। जब हम बोडो समाज के लोगों से बात करते हैं तो वे बताते हैं कि अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर भरोसा और उम्मीद महसूस होती है। खासकर युवा को कि सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब वे हिंसा की बजाय शिक्षा, कौशल और अपने काम धंधे पर ध्यान दे रहे हैं। यह बदलाव ना केवल बदलन बल्कि पूरे उत्तर पूर्व के लिए एक प्रेरणा है।

पीएम- अच्छा ये जो बागुरूंबा का कार्यक्रम इतना बड़ा गुवाहाटी में हुआ और पूरी दुनिया में उसकी चर्चा चल रही है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों के साथ लोग उसकी तुलना करते हैं। यह सब देखकर के बोडोलैंड के लोगों को क्या लगता है?

धनेश्वर जी- बोडो समाज के लोग बहुत उत्साह हुआ कि मोदी जी ने हमारे बोडो समाज की बागुरूंब को विश्व दरबार में जो लेके गया ये हमारे लिए बहुत प्रेरणादायक है ये आपको बहुत बोडो समाज ने धन्यवाद ज्ञापन किया सर आपको बहुत लोगों ने

पीएम- धनेश्वर जी आप सच्चे अर्थ में धनेश्वर भी बनें, दिल के भी धनेश्वर बने, विचारों के भी धनेश्वर बने और असम को भी धनेश्वर बनाए। आपने बहुत अच्छी तरह से बताया है। जिस बोडोलैंड की संस्कृति इतनी समृद्ध है उसके साथ दशकों तक कांग्रेस ने धोखा किया। मुझे इस बात को लेकर बहुत संतोष होता है कि आज वहां शांति और समृद्धि आ रही है। एक समय बोडोलैंड में कर्फ्यू ही ज्यादा रहता था। बम बारूद के ही धमाके सुनाई देते थे। आज वहां खाम और सिफुंग की धुनें फिर से गूंज रही है। और जैसा आपने कहा आज दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक और मैं तो कहता हूं दुनिया में बागुरंबा की अद्भुत छटा का ही जलवा दिखता है। ये देश के हर उस क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा मॉडल है। जहां अतीत में अशांति रही है। वहां आज शांति का सूरज निकला है।

धनेश्वर जी मैं सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा कि बोडोलैंड के मेरे बूथ कार्यकर्ता साथी चुनाव से पहले अपनेपने बूथ पर ऐसे कार्यक्रम करें जहां वह साथी शामिल हो, जिन्होंने बंदूके छोड़ी है। फिर उनके अनुभव सुने और लोगों को सुनाए और इतना ही नहीं जिन माताओं के बेटे घर वापस आए हैं। वह माताएं बहने बहुत आशीर्वाद देती है। जब मैं 2014 के बाद एक कार्यक्रम में बोले आया था और सब माताओं को मैंने कहा कि मुझे आपके बच्चे वापस लाने हैं और आज मुझे संतोष है वो सारे संतान वापस आए बंदूक छोड़कर के कलम को हाथ लगाए हैं। कई ऐसे साथी भी होंगे जो बरसों तक जंगलों में रहे हैं। और अब पहली बार वोट दे रहे हैं। उनका विशेष अभिनंदन हो। ऐसे समारोह भी रखे जा सकते हैं। आपके बूथ में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के जो लाभार्थी हैं उनसे तो बार-बार मिलना है। उन्हें कहना है कि वोटिंग के दिन टोली बनाकर एक साथ ही वोट डालने चले। गाजे बाजे हुए साथ निकलना चाहिए। जैसे उत्सव है ना वैसा माहौल बनाना चाहिए। बोल में आज बहुत बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर का काम हो रहा है। ऐसा हर काम जो आपके बूथ में आपके ब्लॉक में हो रहा है। उसके क्या फायदा होंगे? यह विस्तार से बताना है। जिनको गैस का सिलेंडर मिला होगा। जिनको बिजली का कनेक्शन मिला होगा। जिनको पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा मिला होगा। जिनको पीएम आवास योजना का घर मिला होगा। ऐसे कई काम है। इन सब के लोगों की लिस्ट बनानी चाहिए। किसको क्या-क्या मिला है और उन सब से बात करनी चाहिए। और आप एक काम कर सकते हैं शांति की दीवार वाल आर्ट ऐसा कुछ कर सकते हैं क्या? जैसे बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन में गांवों में स्थानीय कलाकारों से दीवारों पर बोडो लोक कला में पहले और अब का चित्रण करवाएं। हो सके तो अपने अपने बूथ के युवा साथियों को भी इसे जोड़ें और मैं मानता हूं कि वहां तो हमारे एनडीए के साथी भी चुनाव लड़ रहे हैं। उनके भी सबको विजय बनाना है। हर बूथ पर एनडीए के सब साथियों को मिलकर काम करना है। और यह बीजेपी की जिम्मेवारी ज्यादा है कि अन्य दलों के लोगों को भी साथ लेकर के उनके साथ काम करना है। चलिए धनेश्वर जी मुझे बहुत अच्छा लगा। अब किसी और एक साथी से सुनते हैं। हां जी.. बताइए कौन है हमारे साथ?

डिंपी जी - नमस्कार। मैं दीपी दास

पीएम- डिंपी दास जी नमस्ते…अपने बारे में बताइए..

डिंपी जी - नमस्कार मैं भारतीय युवा मसा की नौगांव जिले का वाइस प्रेसिडेंट हूं। असम के नौगांव जिले का रहा विधानसभा समष्टि के अंतर्गत खाही भांतिपुरी की रहने वाली हूं।

पीएम- डिंपी जी आप और भी कुछ काम करती हैं भाजपा के सिवाय

डिंपी जी- मैं 9 साल से बीजेपी से समाज सेवा के कार्य में जुड़ी हुई हूं। मेरे परिवार में मेरी मां जी, मेरा छोटा भाई, ताऊ जी, ताई जी और चाचू रहते हैं। उसके साथ में मैं अपने आपके द्वारा जो एक स्कीम मिली थी मुझे पीएमएमएसवाई का उसी को लेके मैंने कुछ जमीन लीज पे लेके एक न्यू पोंड का जो फिश फार्मिंग है वो शुरू किया और उसी के साथ में बच्चों को पढ़ाती भी हूं और युवाओं के साथ में मिलकर ये भारतीय जनता पार्टी के साथ में जुड़ी हुई हूं और बाकी जन कल्याण का कार्य कर रही हूं।

पीएम- डिंपी जी आप इतनी बढ़िया हिंदी कैसे बोलती है?

डिंपी जी- मैं कोशिश करती हूं।

पीएम - बहुत बढ़िया बोल रही हैं आप।

डिंपी जी- धन्यवाद।

पीएम- आप भाषण भी करती हैं क्या?

डिंपी जी- कभी-कभी कर लेती हूं।

पीएम- अच्छा चलिए मुझे कभी आपका भाषण सुनना पड़ेगा। अच्छा मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि हमारी कार्यकर्ता बहनें देर रात तक बिना डर प्रचार कर रही है। देर-देर रात तक लोगों के घर जा रही हैं। 10 साल पहले तक यह संभव नहीं था। यह जो डर भय खत्म हुआ है इसको लेकर असम की बहनें क्या कह रही है?

डिंपी जी- जी आज असम में सब लोग महिलाएं बहुत सुरक्षित है। क्योंकि पहले आज की भाजपा सरकार जो हर महिलाओं के ऊपर आने वाली परेशानियों को आने ही नहीं देती है। उसी वजह से सब लोग बहुत सेफ हैं और पहले हमारी लड़की लोग महिलाएं लोग रात क्या दिन में भी सुरक्षित नहीं थे लेकिन आज जब से भाजपा सरकार बनी हुई है तब से लेके हर महिलाएं बहुत सुरक्षित है और रात में देर तक कार्य कर सकती हैं। कोई डर नहीं है और मैं भी सुरक्षित हूं। इसलिए मैं दिल से कहती हूं कि एक बार फिर से मोदी सरकार क्योंकि ये जो आज के दिनों की परिस्थिति है और पहले जो कांग्रेस सरकार के दिन में लड़की लोग और मैं भी उस टाइम में एकदम ही सेफ नहीं थे। दिन में भी सेफ नहीं थी। रात की बात तो बहुत दूर की बात थी। लेकिन आज सब लोग बहुत सुरक्षित है, कुशल है और मैं फिर से भगवान से भी विनती करती हूं और कि फिर से भाजपा सरकार बने। आने वाले और सालों तक मतलब ऐसे ही सुरक्षित महिलाएं रहें।

पीएम- देखिए हम राजनीतिक दल के नेताओं के लिए तो जनता जनार्दन ही हमारा भगवान है। बूथ में जो परिवार है वही हमारे भगवान हैं। हमें उनकी सेवा करनी है। उनको जीवन में सब सुख मिलेंगे तो भगवान अपने आप प्रसन्न हो जाएगा।

डिंपी जी आपने बहुत अच्छे तरीके से बताया। मुझे बहुत संतोष हुआ। आपकी बातों से मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि आप केंद्र और राज्य की योजनाओं को प्रभावी तरीके से रख रहेंगे। नारी शक्ति का आत्मविश्वास ही नए असम की ताकत है। बीजेपी की डबल इंजन सरकार तो पूरे देश की बहनों की पहली पसंद है। असम में भी हम यही अनुभव कर रहे हैं। अच्छा मैं कुछ काम बताने चाहता हूं। सारे बूथ के कार्यकर्ताओं को बताता हूं। डिंपी जी के माध्यम से बताता हूं।

देखिए कुछ काम तो करने ही करने हैं। आप सभी कार्यकर्ता Namo ऐप में जरूर जाए। आपका मोबाइल में Namo ऐप तो होना ही चाहिए। वहां बहुत विस्तार से आपको हर वो जानकारी मिलेगी जो हमारी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कर रही है। डबल इंजन सरकार का क्या फायदा होता है? यह आप जरूर लोगों को बताएं। जैसे असम की हमारी सरकार अरुणोदय योजना चला रही है। इसके तहत 40 लाख बहनों को आर्थिक सहायता दी है। ऐसे ही केंद्र सरकार लखपति दीदी अभियान चला रही है। इसके तहत देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बन चुकी है। इनमें असम में भी अनेक बहने लखपति बन चुकी हैं। और अब हमने 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। 3 करोड़ और बनाने का। आप एक काम यह भी कीजिएगा कि आपके बुथ में जो लखपति दीदी है उनके वीडियो रिकॉर्ड कीजिए। उनका अनुभव सुनाइए और औरों को भी प्रेरित करेगा। उसको सोशल मीडिया पर डालिए। डिजिटल जमाना है तो क्या हम लाभार्थी बहनों के साथ कोई शॉर्ट वीडियो वगैरह बना सकते हैं? जिसमें हमारी बहनें अपना एक्सपीरियंस शेयर करें और वीडियो हम जन-जन तक पहुंचाएं। साथियों आने वाले दिनों में किसी महिला कार्यकर्ता के घर पर मोहल्ले की सभी महिलाओं की छोटी-छोटी बैठक हो। हमें ऐसे प्रयास करना चाहिए। हमारी बहुत सारी बहनें हस्तशिल्प से जुड़ी हैं। बिहू के अवसर पर तो गमोसा और अन्य पारंपरिक वस्त्रों का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे पारंपरिक वस्त्रों को उपहार में देने का विशेष अभियान हमें चलाना चाहिए। यह वोकल फॉर लोकल के प्रति बीजेपी के कमिटमेंट को भी आगे बढ़ाएगा। एक आग्रह मुझे बूथ की सभी बहनों से करना है। उन्हें कहना है कि वे जिम्मेदारी ले कि वोटिंग के दिन परिवार का हर सदस्य बूथ पर पहुंच जाए। वोटिंग से जुड़ी पर्ची और अन्य जरूरी दस्तावेज भी समय पर तैयार रहे। सुनिश्चित करने के लिए भी बहनें उनको प्रोत्साहित करना चाहिए। और मैंने जैसा कहा जब पोलिंग के जाए ना तो 20-20 25-25 लोगों के जुलूस निकाल के जाना चाहिए। गाने बजाने चाहिए, ढोल बजाने चाहिए। एक उत्सव का माहौल बनाना चाहिए। चलिए डिंपी जी बहुत अच्छा लगा। अब आगे बढ़ते हैं। कौन बात करेंगे?

देवराज जी- नमस्कार आदरणीय प्रधानमंत्री जी। मैं देवराज सिग्नार बात कर रहा हूं।

पीएम- देवराज जी, आपको बहुत- बहुत नमस्कार। क्या करते हो बताइए जरा।

देवराज जी- मैं 108 बोकाजन कंस्टिच्युएंसी जिला कारबंग से बात कर रहा हूं। और मैं पिछले 15 सालों से बीजेपी के कार्यकर्ता हूं। और मैं अभी हम मेरा खुद एक इंजीनियर हू और मैं अभी इलेक्शन का माहौल है। मैं जोरों शोरों से भाजपा के लिए दिन रात करके मैं मेहनत कर रहा हूं।

पीएम- अच्छा देवराज जी अभी इन दिनों घुसपैठियों का विषय असम के लिए तो जीवन मरण का इशू बन चुका है। कांग्रेस ने किस प्रकार से घुसपैठियों को जमीन पर कब्जे करने दिए। बट हमारी कोशिश है कि हमारे नौजवानों के रोजगार कोई आकर के छीन ना ले। हमारी कोशिश है कि हमारे गरीब आदिवासी भाई बहनों के दलित भाई बहनों की जमीन कोई छीन ना ले आकर के विदेशों से। हमारी कोशिश ये है कि हमारी माताओं बहनों के सम्मान को कोई लूट ना ले। और इसलिए घुसपैठियों से देश को मुक्त करना बहुत जरूरी है। और सरकार लगातार कोशिश कर रही है। सरकार यह जो प्रयास कर रही है उसका लोगों में क्या चर्चा है? जी बताइए..

देवराज जी- ये डिस्ट्रिक्ट बॉर्डर जैसे हमारे कारग जिला में घुसपैठ हमेशा से लोगों की बहुत बड़ी चिंता रही है। पहली बात तो यह है कि घुसपैठिये जितने भी यहां कारबिंग जिला में हमारे यहां डिस्ट्रिक्ट में जितने भी यहां पे घुसपैठिए घुसे हैं ये ये कांग्रेसियों ने पिछले 15 सालों से अपना वोट बैंक बना के रखा है। तो जैसे हमारे जो मुख्यमंत्री हेमंत जी ने जो पांच सालों से जो कोशिश है घुसपैठियों को यहां से खदेड़ने के लिए या बाहर निकालने के बांग्लादेशियों को वापस भेजने की जो कोशिश है उसमें हम सब जितने भी यहां पे असमिया लोग है हम लोग दिन-रात मेहनत करके उनको अपना सर्वस्व मानते हैं इसको। जैसे कि हम लोगों का जमीन पे ये लोग कब्जा करते ये हमारे जमीन को छीन रहे हैं। हमारे रोटी मकान को छीन रहे हैं। हर चीज को मतलब कि हिस्सा मांग रहे हैं। तो इस चीज को हम लोग कभी एक्सेप्ट नहीं कर सकते।

पीएम- देवराज जी आपने बहुत अच्छे से स्थिति को समझाया और पुरानी परिस्थितियां कैसी थी लेकिन इसको अभी भी नई पीढ़ी को बताना पड़ेगा और इससे क्या-क्या संकट आने वाले हैं यह भी समझाना होगा। यह जो घुसपैठियों का मुद्दा है यह सिर्फ चुनाव का मुद्दा नहीं है। यह असम की पहचान, असम की सुरक्षा देश की सुरक्षा का मुद्दा है। एक किसानों की जमीन, आदिवासियों की, गरीबों की रोजीरोटी, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। आप देखिए कांग्रेस ने बीते दशकों में जो अवैध कब्जे होने दिए, इससे असम में कितनी परेशानी हुई है। हमारे आस्था के, सांस्कृति के स्थानों तक को उन्होंने छोड़ा नहीं है। किसानों की जमीनों को नहीं छोड़ा गया। जहां घुसपैठिए बढ़ जाते हैं, वह मेहनत मजदूरी के काम पर कब्जा कर लेते हैं। इसलिए जरूरतमंद लोगों को काम मिलना कम हो जाता है।

साथियों,

मैं असम के सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा, आपके पास इनके इलाके के अपने ब्लॉक, अपने जिले में जो अवैध कब्जे हैं उनकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। उससे क्या क्या असर वहां बीते दशकों में हुआ है। इस के विषय में विस्तार से लोगों को बताया जाए। आपके क्षेत्र में घुसपैठियों से जो पीड़ित लोग रहे उनके वीडियो आप शेयर कर सकते हैं। हमें लोगों को बताना है कि कांग्रेस ने अतिक्रमण दिया और बीजेपी अधिकार दे रही है। और मैं पक्का मानता हूं असम के लोग अतिक्रमण से मुक्ति चाहते हैं और अधिकार पाना चाहते हैं। आप सभी को एक काम और करना है। उन लोगों की सूची बनानी है जो वोटर तो हैं लेकिन जिन्हें बूथ तक जाने में असुविधा हो सकती है। ऐसे लोगों को बूथ तक पहुंचाने के लिए आपको व्यवस्था करनी होगी। जो युवा वोटर्स अपने गृह क्षेत्र से बाहर हैं। उन्हें घर आकर वोट देने के लिए प्रेरित करना है। कई साथी कामकाज के लिए भी अन्य राज्यों में गए होंगे या गांव से शहर गए होंगे। उनको भी अभी से संपर्क करके बुलाना है और उनके परिवार को भी कहना चाहिए कि वो बच्चों बाहर है तो फोन करें, चिट्ठी लिखें, बुलाएं। चलिए मुझे बहुत अच्छा लगा। देवराज जी आपसे बात कर करके आइए। अब हमारे साथ कौन बात करेगा?

अर्जुन जी- नमस्कार मोदी जी मैं अर्जुन ग्वाला बोल रहा हूं।

पीएम- अर्जुन जी नमस्ते बताइए अर्जुन जी अपने विषय में पहले तो जानना चाहूंगा।

अर्जुन जी- मोदी जी मैं अर्जुन गोवाला असम 86 तिनसुकिया विधानसभा अलकादा चाय बागान के निवासी हूं। मैं संघ से जुड़ा हुआ व्यक्ति हूं। बचपन से ही मैं संघ से प्यार करता हूं। और वर्तमान में बीजेपी तिनसुकिया किसान मोर्चा का सेक्रेटरी हूं और माकुम विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी हूं। और मेरा घर चाय बागान में है। और मैं छोटा सा एक गसरी दुकान है और छोटा सा एक चाय बागान है। चाय का खेती करता हूं।

पीएम- बच्चे पढ़ते हैं अर्जुन जी।

अर्जुन जी- हां, मेरा दो बच्चा है। एक सिक्स में गया है और एक छोटा है मोदी जी। एक साल दो महीना हुआ है। अच्छा।

पीएम- लेकिन बच्चों को पढ़ाना पक्का। हां। बीजेपी का काम भी करना है लेकिन घर को भी संभालना है और बच्चों को तो जरूर पढ़ाना है। अच्छा, अर्जुन जी श्री कृष्ण को ग्वाला कहते थे। आप तो अर्जुन गोवाता है। यह हमारे जो चाय बागान के साथी हैं। उनसे मेरी भी कई बार बात हुई है। पिछले दिनों गुवाहाटी में भी मुझे कई लोगों से मिलने का मौका मिला। भूमि के पट्टे मिलने से बहुत खुश है। और मैं मानता हूं जब जमीन का पट्टा मिल जाता है ना तो जीवन का एक बहुत बड़ा आधार मिल जाता है। घर को पता मिल जाता है। जिंदगी को पता मिल जाता है। और पूरी परिवार की भावी पीढ़ी के लिए एक सुरक्षा का कवच बन जाता है। यह कोई एक टुकड़ा नहीं है। यह आपके बच्चों के भविष्य का एक मजबूत नीव है। आप जब हमारे चाय बागान के लोगों को मिलते हैं तो उनके अंदर इन विषयों की क्या चर्चा होती है? वो क्या कहते हैं?

अर्जुन जी- मोदी जी पहले तो जो आपके इतिहास जो सिद्धांत है जो चाय बागान के लोग 200 साल से असम में रह रहा था वो आपके ये सिद्धांत के लिए बहुत-बहुत आभारी है और ये जो चाय बागान के मदद भाइयों बहनों को पिता को जो जमीन का अधिकार मिला है उसमें वो लोग बहुत खुश है। कांग्रेस के समय में जब उन लोगों को बगान में जब किसी समस्या का विषय में बोला जाता था तो उस समय में वो लोग बोलता था यह कुंभानी करेंगे हम लोग करने वाला नहीं है। सिर्फ उन लोगों का भूत समय नहीं याद पड़ता था। नहीं तो उन्नयन के दिख में उन उन्नति के दिख में चाहे जनगष्ठी जो आदिवासी भाई बहन है उसको याद नहीं करता था। यह जमीन का जो अधिकार मिला है, इसमें हम लोगों का माता-पिता भाइयों बहनों आपसे बहुत खुश है और आपसे बहुत आभार व्यक्त करते हैं मोदी जी।

पीएम- अर्जुन जी मुझे बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके। आप लोगों को पता ही है कुछ दिन पहले ही जब मैं गुवाहाटी आया था तब एक बड़ा प्रोग्राम हुआ था। उसमें टी गार्डन के साथियों को भूमि पट्टे सौंपने का अवसर मिला था। और जब एक चाय वाले को चाय बागान के लोगों को भूमि के पट्टे देने का जो आनंद होता है ना वह अद्भुत होता है जो मुझे था। अच्छा जब भी हम चाय बागानों के बारे में बात करते हैं तो देश के हर नागरिक को असम की चाय पर गर्व होता है। असम वालों को तो स्वाभाविक है डबल गर्व होता है। इसलिए टी गार्डन में काम करने वाले परिवारों को हम उसी गौरव के भाव से देखते हैं।

साथियों,

अगले कुछ दिनों में आपको एक और काम करना है। चाय बागानों में जो बूथ है वहां के कार्यकर्ता एक दिन किसी चाय के बागान में ही टी गार्डन वर्कर्स की एक टिफिन बैठक करिए या फिर चाय पर चर्चा कीजिए। ये सब क्या कहते हैं? खुलकर के उनको सुनिए। और पुराने उनकी क्या मुसीबतें थी? कैसे उनको असहाय छोड़ दिया गया था। कंपनियों के भरोसे जीने के लिए मजबूर कर दिया था। यह सारी बातें पुराने लोग बताएंगे और उसमें नई पीढ़ी को भी बिठाइए। बीते 10 सालों में सरकार ने बहुत कुछ किया है। लेकिन अभी भी हमसे लोगों को बहुत सारी अपेक्षाएं हैं।

जब आप उनकी बात सुनेंगे और हमें भी उससे नया काम करने का उत्साह मिलेगा। उनको भी विश्वास होगा कि उनकी बात सरकार तक पहुंच रही है और इसके कारण हम कर भी पाएंगे। हमको बताइए कि जो भूमि दस्तावेज है यह केवल कागज का टुकड़ा नहीं है। यह हजारों परिवारों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। यह काम बीजेपी सरकार इसलिए कर रही है ताकि चाय बागान में कठिन परिश्रम करने वाले साथियों को सम्मान का जीवन मिले। इन साथियों को जमीन का पट्टा मिलने से कौन-कौन सी योजना का लाभ मिलेगा? इसकी पूरी सूची उन्हें बताइए। एक काम आप और कर सकते हैं। आप पश्चिम बंगाल में जो टी गार्डन के साथी है उनकी खराब स्थिति के बारे में जानकारी दें। वहां बीजेपी सरकार नहीं है। बंगाल की सरकार तो केंद्र की योजनाओं तक चाय बागान के साथियों तक नहीं पहुंचने देती। पता नहीं उनकी क्या दुश्मनी है। यह दिखाता है कि डबल इंजन की बीजेपी सरकार कितनी जरूरी है। अगर सिर्फ कोई असम के टी गार्डन के काम और बंगाल के टी गार्डन के काम कंपैरिजन करेंगे तो सब कहेंगे कि असम के टी गार्डन के लोगों के लिए बहुत काम हुआ है और बंगाल के टी गार्डन के लोगों के लिए कुछ नहीं हुआ है। तो लोगों को फर्क साफ-साफ नजर आएगा। अर्जुन जी बहुत अच्छा लगा। मैं समझता हूं कि आप लोग चुनाव के काम में बहुत व्यस्त है। मुझे ज्यादा समय लेना नहीं चाहिए। आखिर में कुछ बातें मैं जरूर बताना चाहता हूं और उसके बाद हमारा ये ऑडियो ब्रिज का कार्यक्रम पूरा करेंगे।

सारे प्रदेश के हजारों कार्यकर्ताओं से आज मैं बात कर रहा हूं। जिन पांच साथियों से बात की है, वह एक प्रकार से आपके ही प्रतिनिधि है। मतलब कि मैं असम के हजारे छोटे-मोटे सब कार्यकर्ताओं के साथ बात कर रहा हूं। और आपसे जो बातें सुनी उसमें जो आपने जो विश्वास जताया है. यह सुनने वाले किसी का भी विश्वास और मजबूत कर देता है। और अब यह तय है कि इस बार असम वोटिंग के रिकॉर्ड तो तोड़ेगा ही। हमें विजय के भी नए रिकॉर्ड बनाना है। और विजय के नए रिकॉर्ड बनाना है तो उसकी पहली शर्त है बूथ में नए रिकॉर्ड बनाना। ज्यादा से ज्यादा मतदान का रिकॉर्ड। मतदान करने वाले लोग भाजपा के लिए वोट करें, एनडीए के लिए वोट करें। यह पक्का करना चाहिए। असम के कोने-कोने से एक ही आवाज सुनाई दे रही है। आखो ए बार बीजेपी सरकार

आपने बीते 10 11 वर्षों में बार-बार शानदार काम किया है। बीजेपी के हर कार्यकर्ता ने अपने दायित्व को हर बार अच्छे से निभाया है। एनडीए के हर साथी के साथ मिलकर आपने हर उम्मीदवार को विजय बनाने की भरपूर मेहनत की है। अब मतदान के लिए बहुत कम समय है। इसलिए आने वाले 8-10 दिनों में आपको दिन रात जुड़ना है। पहले मतदान फिर जलपान यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। देखिए साथियों आप ही मेरे हाथ, पैर, कान, नाक आप ही सब है मेरे लिए तो आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा इन दिनों गर्मी बहुत है। पानी बहुत पीजिए। आप कितनी मेहनत क्यों ना करें लेकिन पानी का बोतल साथ ही रखिए। पानी जरूर पीजिए ताकि आप इस समय इस गर्मी में के समय में इतनी दौड़ धूप में कोई कठिनाई पैदा ना हो। एक बार फिर आप सभी को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM chairs 53rd PRAGATI Meeting
August 25, 2026
PM reviews six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors
Projects reviewed span across 9 States with cumulative investment of more than ₹30,000 crore
PM says Infrastructure projects should be viewed as an integrated whole, rather than as individual sections or packages
PM calls for continuous reforms across all stages of project implementation and a proactive work culture across Ministries and States
PM says Speed must go hand-in-hand with quality
While reviewing AgriStack, PM emphasises the need to leverage the latest digital technologies including AI to derive greater value from agricultural data
On cyber fraud and ‘digital arrest’, PM stresses training, public awareness, cyber-safety education and coordinated action

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 53rd meeting of PRAGATI, the ICT-enabled, multi-modal platform for Pro-Active Governance and Timely Implementation, at Seva Teerth earlier today.

During the meeting, Prime Minister reviewed six key infrastructure projects across the Railway, Road and Power sectors, spanning nine States with a cumulative cost of more than ₹30,000 crore. The projects, significant for strengthening connectivity, supporting industrial and economic activity and improving public services, were reviewed with particular emphasis on adherence to timelines, inter-agency coordination, resolution of pending issues and expeditious completion.

Prime Minister emphasised that delays in infrastructure projects have consequences beyond cost escalation, as they also postpone the benefits intended for citizens, businesses and the economy. He said that infrastructure projects should be viewed and monitored as an integrated whole, rather than as isolated sections, stretches or packages. He noted that progress in individual packages should ultimately translate into timely completion and operationalisation of the entire project. Ministries and States were therefore asked to adopt an end-to-end approach, and address critical gaps that could delay the overall commissioning and delivery of benefits. He called for fostering a proactive work culture across Ministries and State Governments, with greater ownership at every level of project implementation.

Prime Minister stressed the need to explore common utility corridors for infrastructure services, wherever feasible, particularly while planning major transport and infrastructure projects. He called upon Ministries and States to examine such integrated approaches at the planning stage itself, keeping in view their technical and economic feasibility.

Prime Minister said that speed of execution must be accompanied by uncompromising quality. He called upon Ministries, States and implementing agencies to adopt modern technologies and strengthen quality assurance and supervision at every stage.

While reviewing AgriStack under the Digital Agriculture Mission, Prime Minister emphasised the need to leverage the latest digital technologies, including Artificial Intelligence, to derive greater value from agricultural data. He stressed that the data ecosystem should be effectively utilised across the agricultural value chain, from input planning to processing, enabling more informed interventions, better targeting and data-driven decision-making. He appreciated the efforts of the States and the Central Government in building the AgriStack ecosystem and called for further strengthening its use for delivering better outcomes for farmers.

During the review of cyber fraud cases, including incidents of digital arrest, Prime Minister said that prevention must be strengthened through a sustained focus on training, awareness and education. He stressed the need for continuous and targeted public-awareness campaigns, particularly for senior citizens, youth and other vulnerable sections, to familiarise them with common fraud techniques, warning signs and safe digital practices. He also called for regular capacity-building of personnel involved so that emerging modes of cyber fraud are identified and acted upon swiftly.