Tamil Nadu’s Kongu region represents India’s growth story with its vibrant textile and industry hubs: PM Modi
In 2024, Tamil Nadu is set to create history as the epicenter of the politics of development in India: PM Modi
Annamalai’s dedication reflects our mantra of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas & Sabka Vishvas’: PM Modi
‘Modi’s Guarantee’ ensures free grains, smoke-free households, and housing for rural families: PM Modi
BJP’s vision for a developed India contrasts with INDI Alliance’s family-centered politics: PM Modi

वणक्कम !
Coming to पल्लडम् and being with all of you is a great pleasure. This Kongu region of Tamil Nadu represents India’s growth story in many ways. It is one of India’s most vibrant textile and industry hubs. It also contributes to our country’s wind energy capacity. This region is also known for its spirit of enterprise. Our risk-taking entrepreneurs and MSMEs play a role in making us the fastest growing economy.

साथियों
आज जहां भी मेरी नजर पहुंच रही है, लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे मानव केसरिया समंदर, इतना बड़ा विराट ये सम्मेलन आप सब इतनी बड़ी तादाद में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। जो लोग दिल्ली के एयरकंडिशंड कमरों में बैठकर देश को टुकड़ों में देखने की कोशिश करते हैं, देश को टुकड़ों में बांटने की कोशिश करते हैं वो जरा आकर के देख लें, तमिलनाडु हिंदुस्तान का भाग्य बनाने वाला ये राज्य आज आपके आंखों के सामने है। जो राजनीति के समीकरण बनाते हैं वे लिख लें कि इस बार देश का भाग्य पक्का करने में तमिलनाडु सबसे आगे होगा। मैं तमिलनाडु का जितना आभार व्यक्त करूं, मेरे पास शब्द कम पर जाएंगे।

साथियों,
2024 में आज तमिलनाडु की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। क्योंकि, तमिलनाडु देश में विकास की राजनीति का, नई राजनीति का सबसे नया वाइब्रेंट सेंटर बनने जा रहा है। 2024 में तमिलनाडु एक नया इतिहास रचने जा रहा है। जो ऐतिहासिक ‘एन् मण् एन् मक्कल’ पदयात्रा आज पूरी हुई है, वो इसका सबसे बड़ा सबूत है। मेरे तमिल भाइ-बहनों ने ‘एन् मण् एन् मक्कल’ यात्रा को जो समर्थन दिया है, वो अभूतपूर्व है।

साथियो,
‘एन् मण् एन् मक्कल’ यात्रा अपने नाम की वजह से भी बेहद खास रही है। हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए इस मिट्टी का कण-कण ईश्वर के समान है। हर भाजपा Nation-First के संकल्प के साथ समाज की सेवा में जुटा है। मैंने भी देखा है, कैसे समाज के हर एक वर्ग ने इस यात्रा के दौरान बीजेपी के लिए अपना समर्थन, अपना आशीर्वाद दिया है। मैं विशेष रूप से अपने युवा और ऊर्जावान सहयोगी भाई अन्नामलाई जी को अनेक शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने इस यात्रा से सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ये मंत्र घर-घर तक पहुंचाया है।

साथियों,
मेरे लिए तमिल भाषा और तमिल संस्कृति बहुत विशेष रही है। संयुक्त राष्ट्र, यूनए में मैंने जो तमिल कविता पढ़ी थी, उसके बारे में विदेशों तक में पूछा जाता है। मैंने मेरे संसदीय क्षेत्र काशी में ‘काशी तमिल संगमम्’ करवाया, उसे लेकर भी लोग सवाल पूछते हैं। मैंने इस देश की महान परंपरा का सम्मान करते हुए तमिलनाडु की महान परंपरा उसका सम्मान करते हुए पवित्र सेंगोल को देश की संसद में सबसे ऊंचे मंच पर स्थापित किया, इसे लेकर भी लोगों को इसके बारे में जानने की नई जिज्ञासा पैदा हुई है। तमिलनाडु से मेरा रिश्ता राजनीति का नहीं है, ये रिश्ता दिल का है, और दशकों पुराना है। मुझे तमिलनाडु की मिट्टी ने हमेशा असीम प्रेम दिया है। करीब 32 साल पहले, 1991 में मैंने जब एकता यात्रा निकाली थी, उसकी शुरुआत भी तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। और वो यात्रा दो मकसद लेकर के चली थी.. एक श्रीनगर के लालचौक में आतंकवादियों की गोलियों के बीच भी जाऊंगा और तिरंगा झंडा फहराकर के रहूंगा। और दूसरा संकल्प था आर्टिकल 370 हमेशा-हमेशा के लिए मिटा के रहूंगा। और इसलिए कन्याकुमारी से तमिलनाडु की मिट्टी को माथे पर चढ़ाकर निकला था और आज, आज वो दोनों काम लाल चौक में शान से तिरंगा फहरा रहा है, और आज आर्टिकल 370 इतिहास के पन्नों में बंद हो चुकी है। अब एन् मण् एन् मक्कल यात्रा तमिलनाडु को एक नए पथ पर ले जा रही है।

साथियों,
बीजेपी तमिलनाडु में भले ही कभी सत्ता में न रही हो, लेकिन, तमिलनाडु हमेशा बीजेपी के दिल में रहा है। ये बात आज हर तमिल भाई-बहन जानता है, हर तमिल भाई-बहन समझ रहा है। इसीलिए, जिन्होंने दशकों तक तमिलनाडु को लूटा, वो लोग बीजेपी की बढ़ती ताकत से घबराये हुये हैं। वो लोग झूठ बोलकर, जनता को आपस में बांटकर, लोगों को लड़वाकर अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं। लेकिन, तमिलनाडु के लोग दिल से जितने पवित्र होते हैं, उतने ही समझदार भी होते हैं। इनकी सच्चाई सामने आ चुकी है। इनकी पोल खुल चुकी है। इसलिए अब तमिलनाडु के लोग बीजेपी पर भरोसा जता रहे हैं। ये नजारा कह रहा है।

साथियों,
केंद्र में बीजेपी सरकार ने तमिलनाडु के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी है। 2004 से 2014 के बीच तमिलनाडु को केंद्र सरकार से Tax Devolution की जितनी राशि मिली थी, बीजेपी सरकार ने उससे तीन गुना ज्यादा राशि तमिलनाडु को दी है। और तब दिल्ली में तमिलनाडु से डीएमके के लोग सरकार में बैठे थे मलाई खा रहे थे लेकिन तमिलनाडु का भला करने के लिए कुछ भी नहीं करते थे। पिछले 10 साल में बीजेपी सरकार ने तमिलनाडु को विकास के कार्यों के लिए पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा पैसे दिए हैं। और आप ये भी याद रखिए कि DMK और कांग्रेस लंबे समय से एक दूसरे के सहयोगी हैं।
2004 से 2014 तक डीएमके के लोग कांग्रेस की UPA सरकार के बड़े मंत्रालयों में बड़े-बड़े मंत्री बनकर बैठे थे थे। लेकिन इसके बाद भी इन लोगों ने तमिलनाडु के लोगों के विकास को प्राथमिकता नहीं दी।

साथियों,
मोदी जब काम करता है तो सबके लिए करता है और इसमें भी सबसे गरीब सबसे ऊपर रहते हैं। इसीलिए, आज भारत के हर गरीब के पास है- मोदियिन् गारंटी तमिलनाडु में मोदियिन् गारंटी का अर्थ है- साढ़े तीन करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज। मोदियिन् गारंटी का मतलब है- तमिलनाडु की 40 लाख से अधिक महिलाओं को धुएँ से आज़ादी, उनके लिए एलपीजी सिलेंडर! मोदियिन् गारंटी का मतलब है- तमिलनाडु के 6 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों के लिए पीएम आवास। और आज पूरा देश जानता है कि ये मोदियिन् गारंटी अब अगले कई सालों तक और चलने वाली है।

साथियों,
आज जब मैं तमिलनाडु आया हूं, तो आदरणीय MGR जी को भी याद कर रहा हूं। श्रीलंका की यात्रा के दौरान मुझे MGR की जन्मभूमि कैंडी जाने का अवसर मिला था। मैंने वहां के लोगों से उनकी बात की थी। आज मैं उनकी कर्मभूमि पर आया हूं। MGR ने परिवारवाद की परंपरा से हटकर सुशासन की महान परंपरा को स्थापित किया था। उन्होंने क्वालिटी एजुकेशन और हेल्थकेयर के लिए काम किया। और यही कारण था कि समाज के नौजवान और महिलाएं उनका इतना सम्मान करते हैं। यही कारण है कि आज भी समाज के गरीब तबके के लोग उन्हें अपना सबसे बड़ा नेता कहते हैं। MGR ने परिवार के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिभाओं के आधार पर लोगों को आगे बढ़ाया। लेकिन दुर्भाग्य से आज तमिलनाडु में DMK के कारण जो राजनीति हो रही है, वो MGR साहब के लिए अपमान जैसा है। अगर MGR के बाद कोई था, तो वो अम्मा जयललिता जी थीं...जिन्होंने तमिलनाडु के जनहित और जनकल्याण के लिए अपना पूरा जीवन दिया। अभी कुछ समय पहले उनकी जन्मजयंती थी। आज तमिलनाडु की इस भूमि से मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देता हूं। मेरा सौभाग्य है कि मैंने काफी समय तक जयललिता जी के साथ काम किया था। मैं जानता हूं कि वो किस तरह तमिलनाडु के लोगों के साथ दिल से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने जीवन भर MGR के सिद्धांतों पर चलकर तमिलनाडु के लोगों के विकास और उनके हित के लिए काम किया। और यही कारण है कि आज भी तमिलनाडु के घर-घर में लोग उन्हें याद करते हैं।

साथियों,
मोदी जब देश के विकास की गारंटी लेता है, तो ये भी सुनिश्चित करता है कि तमिलनाडु भी उसी रफ्तार से आगे बढ़े। तमिलनाडु के लोगों ने हमेशा देश को सबसे ऊपर रखा है। इसीलिए, आज अगर देश में दो डिफेंस कॉरिडॉर बनते हैं, तो उनमें से एक तमिलनाडु में बनाया जाता है। आज देश जब टेक्सटाइल की फील्ड में संभावनाओं के लिए काम करता है, तो तमिलनाडु को उसका भरपूर फायदा मिलता है।

साथियों,
विपक्ष मैं बैठे हुए इंडी एलायंस के लोग और आज जो इंडी एलायंस के साथियों ने आज तमिलनाडु को जकड़ा हुआ है, वो कभी तमिलनाडु का विकास नहीं होने देंगे। आप पहले का समय याद करिए, जो काँग्रेस डिफेंस के सौदों में हजारों करोड़ रुपए की दलाली खाती थी, वो कांग्रेस क्या तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडॉर बनने देती? आज डिफेंस सेक्टर में देश जो कई गुना निर्यात कर रहा है, उससे युवाओं को जो रोजगार मिल रहा है, क्या कांग्रेस ये होने देती क्या? हमने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए PLI स्कीम शुरू की। उसका परिणाम है कि, 20 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 2 लाख करोड़ के करीब टर्नओवर इससे होगा। इसके अलावा यहां विरुधुनगर में एक पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क भी बनाया जा रहा है। इससे आने वाले समय में लाखों नौकरियों के अवसर बनने वाले हैं। मुद्रा लोन के जरिए भी तमिलनाडु के उद्यमियों को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग दी गई है। आप मुझे बताइये, काँग्रेस सरकार में क्या ये मुमकिन हो सकता था? मोदी तमिलनाडु के विकास के लिए काम कर रहा है, और इसलिए इंडी एलायंस वाले पूरी गैंग मोदी से इतना परेशान हैं।

साथियों,
आज बीजेपी अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल में विकसित भारत के निर्माण की बात कह रही है। बीजेपी अपने तीसरे कार्यकाल में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की बात कह रही है। लेकिन दूसरी तरफ केवल मोदी से नफरत के नाम पर एकजुट हुए इंडी गठबंधन के लोग अनाप शनाप बोलते रहते हैं! क्या आप ने इनके एक भी दल को विकास पर, अर्थव्यवस्था पर, इंडस्ट्री पर, शिक्षा पर, एग्रिकल्चर पर, लेबरर्स पर फिशरमैन पर बात करते सुना है क्या? इन्हें बस एक ही चिंता है कि कैसे इनके परिवार की दुकान चलती रहे! अपने परिवार को बढ़ावा देकर ये तमिलनाडु के हर युवा का विकास रोके हुए हैं।

साथियों,
इंडी गठबंधन के ये लोग केंद्र में तो अपनी हार मान चुके हैं। लेकिन इनकी कोशिश है कि कैसे तमिलनाडु जैसे राज्यों में लूटने का लाइसेन्स बना रहे। लेकिन, 2024 में जनता ने मन बना लिया है कि इनकी लूट की हर दुकान पर ताला डालना है। तमिलनाडु में ‘एन् मण् एन् मक्कळ्’ यात्रा ने इस ताले का इंतजाम कर दिया है। अब तमिलनाडु में भी भाजपा भ्रष्टाचार की राजनीति का अंत करने के लिए तैयार हो रही है। मैं, हमारे सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहूँगा, आपको जनता का आशीर्वाद लेकर पूरी ऊर्जा के साथ तमिलनाडु में सेवा करनी है। आपको तमिलनाडु के घर-घर तक बीजेपी के तीसरे कार्यकाल के संकल्प को पहुंचाना है। जो मैंने यहाँ कहा है, उसे आपको जन-जन तक लेकर जाना है। मैं फिर एक बार इस विशाल जनसमुदाय को और तमिलनाडु के ये उज्ज्वल भविष्य की गारंटी लेकर के आए हैं, ये तमिलनाडु के युवाओं के भाग्य को बदलने की गारंटी मैं देख रहा हूं। ये युवा तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा की गारंटी आज मैं देख रहा हूं। और मोदी आपकी गारंटी के लिए आपके साथ खड़ा है।

दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय... भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय.. भारत माता की... जय..
वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम वंदे...मातरम... वंदे...मातरम... वंदे...मातरम...
बहुत बहुत धन्यवाद।

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June 20, 2026
I extend my heartfelt birthday greetings to President Smt. Droupadi Murmu Ji, I wish her long life and excellent health: PM
Pahadpur village will now be rapidly developed as a solar village, that is, solar power will be ensured in every home here: PM
The vision of the Central Government is the development of India through the development of Eastern India: PM
To uplift tribal society, we are connecting tribal youth with opportunities for education and employment: PM
These children should get better facilities for studies; for this, around 500 Eklavya Model Schools have been opened across the country: PM

जॉय जगन्नाथ! जॉय मां किचकेश्वरी! मोर सबू भाई,भौणी,मां,मौसी मानंकु मोर नमोस्कार।

माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, राज्यपाल श्री हरि बाबु जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी, उप मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव जी, प्रवती परीदा जी, ओडिशा के मंत्री गणेश सिंह खूंटिया जी, कृष्ण चंद्र महापात्र जी, सांसद नबा चरण माझी जी, मनमोहन सामल जी, बैजयंत पांडा जी, अन्य महानुभाव, भाइयों और बहनों।

हमारा ओडिशा इन दिनों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, पिछले हफ्ते ही धूमधाम से मनाया गया है। महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथ यात्रा की तैयारियां भी पुरजोश चल रही है। मयूरभंज के बारीपदा रथ यात्रा को लेकर भी उत्साह का माहौल है। और, इस सबके बीच ही लोकतन्त्र का विकास का उत्सव भी चल रहा है। ओडिशा की बीजेपी सरकार ने अपने 2 साल भी पूर्ण किए हैं। इस मौके पर, आप सबके बीच आना, मयूरभंज आने का ये सौभाग्य, और इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति, ये अवसर मेरे लिए बहुत खास है। आपका अपनापन मुझे बार-बार यहां खींच लाता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूँ। और ओडिशा की जनता को डबल इंजन सरकार में विकास यात्रा की भी बधाई देता हूँ, शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, इस अवसर पर मैं पंडित रघुनाथ मुर्मू जी, डॉ. दमयंती बेश्रा जी, और श्री चरण हेम्ब्रम जी जैसी विभूतियों को भी नमन करता हूँ। रघुनाथ मुर्मू जी ने संथाली भाषा के लिए ओल चिकी लिपि का निर्माण किया था। हमारी सरकार ने संथाली भाषा में भारत के संविधान को प्रस्तुत किया है। ओडिशा की संतानों को पद्म सम्मान देकर सम्मानित किया है। पिछले 2 वर्षों में ओडिशा सरकार भी इन सभी विभूतियों के सपनों को पूरा करने में दिन रात पुरुषार्थ कर रही है।

साथियों,

आज का ये अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि मयूरभंज की धरती पर पली-बढ़ीं, ओडिशा की बेटी, माननीय राष्ट्रपति जी हमारे बीच उपस्थित हैं। आज उनका जन्मदिन भी है। मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकमानाएं देता हूं, मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। जनगन्नाथ जी भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूं। ओडिशा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुंची हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं, ये हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व, उनका उदार और सहृदय स्वभाव, राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए उनका अटल समर्पण, उन्होंने मयूरभंज ही नहीं, पूरे ओडिशा की पहचान सशस्त की है। मैं इस अवसर पर, उनका विशेष रूप से अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

ये कार्यक्रम जब बना, तो इसमें मूल कारण तो लॉजिस्टिक था, लंबे अर्से से यहां आने के लिए चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई तालमेल नहीं बैठता था। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कोलकाता में तय हुआ, तो फिर मैंने कहा अच्छा है, आज बंग दिवस भी है, तो क्यों न मैं सुबह मयूरभंज होकर के शाम को फिर कोलकाता के कार्यक्रम में जाऊं। और इसके कारण ये 20 जून तय हुई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिसकी मंगल कामनाएं ईश्वरआधीन होती हैं, और इसलिए आज एक शुभ मंगल हो गया, कि राष्ट्रपति का जन्मदिन भी, मुझे आज उनके गांव में जाकर के, उनको शुभकामनाएं देने का अवसर मिला।

साथियों,

आज मैं राष्ट्रपति जी के साथ पहाड़पुर भी गया था। मैं इस क्षेत्र के बच्चों के लिए उनके द्वारा बनवाए गए स्कूल भी गया। बच्चों के साथ कुछ यादगार समय बिताने का अवसर मुझे मिला। मैं देख रहा था, बच्चों के चेहरों की चमक, राष्ट्रपति जी की उपस्थिति और आत्मीयता, वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा, किसी बच्चे को ये लगा हो कि राष्ट्रपति जी आई हैं, हर बच्चे को लगता था उनकी मां आई है। वे बच्चे भी बहुत भाग्यवान हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरीब, वंचित और आदिवसी समाज के बच्चों को प्रेरणा मिल रही है, उन्हें देश के लिए कुछ बड़ा करने का आत्मविश्वास मिल रहा है। मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि उन्होंने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर दिया। ये मेरा दिन, एक प्रकार से मेरी शिक्षा का दिवस था, कुछ सीखने का अवसर था मेरे लिए।

साथियों,

मैं आपको सरकार का ये निर्णय भी बताना चाहता हूं कि पहाड़पुर गांव को, अब तेजी से सुर्यग्राम, सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। यानी यहां हर घर में सोलर बिजली बने, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। और हम तो बड़ा गर्व के साथ कह सकते हैं कि यही ओडिशा है, जहां कोणार्क में सुर्य मंदिर की एक पहचान है, वैसे ही पहाड़पुर सुर्यग्राम की पहचान बन जाएगा। सुर्यग्राम, से पूरा गांव सोलर विलेज के रूप में पहचाना जाए, इस दिशा में काम तुरंत शुरू हो ऐसा मेरा प्रयास रहेगा। इस अभियान से, पहाड़पुर के लोगों को मुफ्त सोलर बिजली भी मिलेगी और जो ज्यादा बिजली होगी, वो उनकी आय भी बढ़ाएगी।

साथियों,

ओडिशा में डबल इंजन सरकार के 2 साल कई मायनों में ऐतिहासिक रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जी के नेतृत्व में, आज ओडिशा तेज गति से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरीब कल्याण की योजनाओं से सामान्य मानवी का जीवन बदल रहा है। ओडिशा में आर्थिक गतिविधियाँ निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने का सामर्थ्य आज नज़र आ रहा है। यहाँ रोजगार के नए अवसरों के लिए तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

केंद्र सरकार का विज़न है- पूर्वी भारत के विकास से भारत का विकास। इसीलिए, हम पूर्वोदय की नीति पर काम कर रहे हैं। जिस पूर्वी भारत को काँग्रेस के दौर में पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, आज वो प्रगति का प्रवेश द्वार बन रहा है। आज ओडिशा खुद इस बदलाव का साक्षी बन रहा है।

साथियों,

ओडिशा के पास समुद्र है, खनिज संपदा है, कृषि की शक्ति है और सबसे सामर्थ्यवान यहां युवा प्रतिभा है। इस सामर्थ्य का पूरा उपयोग करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं। इसीलिए, आज ओडिशा में रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। नई सड़कें और आर्थिक कॉरिडोर बन रहे हैं। पोर्ट्स का विस्तार हो रहा है। ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक उद्योगों में निवेश आ रहा है। आज भी यहां ओडिशा के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिजली, सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी इन परियोजनाओं से, आप सभी लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है। मैं इन परियोजनाओं के लिए ओडिशा के लोगों को बहुत बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारी सरकार ओडिशा के संसाधनों को, ओडिशा की संभावनाओं में बदल रही है। ओडिशा में बड़ा निवेश आए, यहाँ नए उद्योग लगें, इसके लिए उत्कर्ष ओडिशा जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करीब 20 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की अनेक मेगा परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बने, इसके लिए ओडिशा के समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। पावर सेक्टर में 6 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश हो रहा है। समृद्ध शहर योजना के तहत शहरी विकास को गति दी जा रही है। आने वाले वर्षों में इन प्रयासों का परिणाम हमें देखने को मिलने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन सरकार की बड़ी विशेषता ये है कि वो खुद जनता तक पहुँचती है। हमारा प्रयास है कि सामान्य नागरिक को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़े। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों की अपेक्षाएँ आज पूरी हो रही हैं। आप देखिए, धान खरीद में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल देने का निर्णय लिया गया। सुभद्रा योजना के माध्यम से एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। आयुष्मान भारत को लागू करके ओडिशा के परिवारों के लिए देशभर के अस्पतालों में इलाज का रास्ता खोला गया। आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए माधो सिंह हाथ-खर्चा योजना शुरू की गई। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए श्रीमंदिर के श्रद्धालुओं के लिए सारे द्वार खोल दिए गए, चारों-चार द्वार खोल दिए गए। डबल इंजन की ताकत मिलने से आज यहां चारों दिशाओं में विकास सुनिश्चित हो रहा है।

साथियों,

यहां बीते दिनों स्वच्छता को लेकर जो विशेष अभियान चला है, उसकी भी मुझे जानकारी मिली है। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में तो सफाई अभियान छाया हुआ है, यानी स्वच्छता से स्वागत, मैं ओडिशा की इस पहल के लिए, यहां के नगारिको का, सरकार का, मुख्यमंत्री जी का, इस प्रशंसनीय पहल के लिए बहुत ही प्रशंसा करता हूं, संतोष व्यक्त करता हूं।

साथियों,

स्वच्छता हमारे जीवन शैली का हिस्सा होनी चाहिए, हर रोज की आदत होनी चाहिए। मैं यहां स्वच्छता अभियान से जुड़े सभी लोगों का हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

मैंने अपने जीवन का कुछ महत्वपूर्ण कालखंड जनजातीय क्षेत्रों में एक वालंटियर के रूप में काम करते हुए बिताया है। माननीय राष्ट्रपति जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौतियां का सामना करती रही हैं। आप और हम जानते हैं कि जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंचती थीं। इसलिए, हमारी सरकार ने जनजातीय विकास को बहुत प्राथमिकता दी है। हमने ऐसे इलाकों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आवास से जुड़े विभाग मिलकर के सर्वागीण विकास के लिए काम कर रहे हैं। ताकि वहां रहने वाले लोगों की कठिनाइयां दूर हो सकें। इसी तरह, पीएम जनमन अभियान तो राष्ट्रपति जी के साथ हुई चर्चाओं का, उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है। ये विशेष रूप से देश के ऐसे जनजातीय समूहों के लिए है, जो जनजातीय समुदाय में भी सबसे पीछे रह गए हैं। ऐसे जनजातीय समुदायों तक अब सरकार स्वयं चलकर उनके गांव, उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।

साथियों,

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए हम आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाई की बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए देश में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। करीब साढ़े सात सौ एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक लेवल पर, डेढ़ करोड़ से अधिक आदिवासी बच्चों को सैकड़ों करोड़ रुपए की स्कॉलर्शिप दी गई है। मुझे ये बताते हुए भी खुशी है कि यहां मयूरभंज में एक और नवोदय विद्यालय बनाने के लिए भी स्वीकृति दे दी गई है।

साथियों,

दूर-दराज इलाकों में रहने के कारण, जनजातीय समाज स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयों का भी शिकार रहा है। सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियाँ एक बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। हमने इनके खिलाफ देश भर में अभियान चलाया, चार करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बांटे, मुफ्त इलाज के लिए करोड़ों आदिवासी लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड दिये। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर साफ पानी पहुंचाया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम आज हमें दिख रहा है। आदिवासी समाज दशकों पुरानी कठिनाइयों से बाहर आ रहा है, और, विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहा है।

साथियों,

आने वाले समय में हमारे सामने दो महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। 2036 में ओडिशा के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। और, 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। यानी, ओडिशा और देश का लक्ष्य एक ही दिशा में है। ओडिशा की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो भारत मजबूत होगा। मुझे ओडिशा के सामर्थ्य पर भरोसा है। हमें मिलकर ओडिशा को विकास की बुलंदियों पर पहुंचाना है।

साथियों,

कल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है। ज्ञान और योग की धरती ओडिशा, योग यहाँ के संस्कारों का हिस्सा रहा है। मैं ओडिशा की धरती से पूरे देश से, पूरी दुनिया के लोगों से आह्वान करता हूँ, आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में योग दिवस में हिस्सा लें। मैं एक बार फिर आप सभी को आज के अवसर, और विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं माननीय राष्ट्रपति जी का विशेष रूप से आभार प्रकट करता हूं, कि मुझे उनके साथ उनकी कर्मभूमि को देखने का मौका मिला। एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।

जय जगन्नथ।