Every citizen of Delhi is saying – AAP-da Nahin Sahenge…Badal Ke Rahenge: PM Modi
When Delhi was fighting for oxygen and medicines, AAP-da leader’s focus was on ‘sheesh mahal’: PM
Delhi deserves a government that listens, cares, and acts. Only BJP can make that vision a reality: PM

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।

मैं देख रहा हूं दो बहनें यहां चित्र बनाकर के ले आई हैं। कोई छोटा बच्चा गुलदस्ता लेकर आया है। जरा हमारे साथियों से आग्रह करूंगा उनसे ले लीजिए। आप अपना अता-पता इस पर लिख देना मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। कोई इनको कलेक्ट कर लीजिए भाई ताकि... वह कब से अपना हाथ ऊपर करके खड़े हैं। भारत माता की।

मैं अभी दिल्ली के विकास से जुड़ी हज़ारों करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करके यहां आया हूं। दिलवालों की दिल्ली का ये उत्साह, ये उमंग, ये हौसला वाकई अद्भुत है। आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन !

साथियों,

हम 2025 में हैं। 21वीं सदी को पच्चीस साल बीत चुके हैं…यानि एक चौथाई सदी गुज़र चुकी है। इस दौरान, दिल्ली में नौजवानों की शायद दो या तीन पीढ़ी जवान हो चुकी है। अब आने वाले 25 साल, भारत के भविष्य के लिए, दिल्ली के भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। ये 25 साल भारत को विकसित राष्ट्र बनते हुए देखेंगे। अपनी आंखों के सामने विकसित भारत की ये यात्रा हम देख पाएंगे, हम उसके भागीदार होंगे। ये भारत को आधुनिकता के एक नए दौर से गुज़रते हुए देखेंगे। विकसित भारत के इस सफर का एक बहुत बड़ा पड़ाव जल्द ही आने वाला है। जब भारत, दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। इस गौरवशाली यात्रा में, देश की राजधानी...हमारी दिल्ली का कदम से कदम मिलाकर चलना बहुत ज़रूरी है। हमें अपनी दिल्ली को, विकसित भारत की राजधानी के रूप में डवलप करना है। करना है न, करेंगे, मेरे साथ जुड़ जाएंगे। ये दिल्ली के हर नागरिक की इच्छा है, हम सभी का सपना है। और इसलिए, इक्कीसवीं सदी के इस पड़ाव पर, मैं दिल्ली के लोगों से एक विशेष आग्रह करने आया हूं। मैं दिल्लीवासियों से दिल्ली के उज्जवल भविष्य के लिए, आपके संतानों के उज्जवल भविष्य के लिए भाजपा को अवसर देने का आग्रह करने आया हूं। ये भाजपा ही है जो दिल्ली का विकास कर सकती है।

साथियों,

बीते 10 साल में दिल्ली ने जिस तरह की राज्य सरकार देखी है...वो किसी आप-दा से कम नहीं है। ये ऐहसास आज दिल्लीवालों को अच्छे से हो चुका है। इसलिए अब दिल्ली में एक ही आवाज़ गूंज रही है- आप-दा नहीं सहेंगे...बदल के रहेंगे ! आप-दा नहीं सहेंगे... आप-दा नहीं सहेंगे... आप-दा...। अब दिल्ली, विकास की धारा चाहती है। और मुझे खुशी है कि दिल्ली का विश्वास भाजपा पर है। भाजपा पर ये विश्वास इसलिए है क्योंकि भाजपा सुशासन लाने वाली पार्टी है। भाजपा सपनों को पूरा करने वाली पार्टी है। भाजपा राष्ट्र प्रथम के भाव पर चलने वाली पार्टी है। भाजपा विकास के लिए समर्पित भाव से जन-जन का कल्याण करते हुए आगे बढ़ने वाली पार्टी है। इसलिए, देश भी भाजपा पर इतना विश्वास जता रहा है, बार-बार अवसर दे रहा है। बीते वर्षों में दिल्ली के लोगों ने देखा है, नॉर्थ ईस्ट में कमल खिला। पूर्वी भारत में, ओडिशा में कमल खिला। अभी हाल में ही देखिए, पड़ोस में हरियाणा ने लगातार तीसरी बार भाजपा को पूर्ण बहुमत से चुना है। महाराष्ट्र ने भाजपा को इतिहास का सबसे बड़ा जनादेश दिया है। देश के लोगों ने भी लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाई है। इसमें दिल्ली ने भी एक बार फिर हमारे सभी सांसदों को अपना आशीर्वाद दिया। और अब मुझे विश्वास है, दिल्ली विधानसभा में भी कमल खिलने वाला है! मैं दिल्ली भाजपा के सभी कर्मठ कार्यकर्ताओं से कहूंगा, पूरी निष्ठा के साथ, दिल्ली के हर मतदाता से मिलिए। उन्हें आने वाले वर्षों के लिए भाजपा के संकल्प से परिचित कराइए, उन्हें विकास का रोडमैप बताइए। ये भाजपा ही है, जो दिल्ली को दुनिया की बेहतरीन राजधानी का गौरव दिला सकती है। दिल्ली में भाजपा ने अपने बेहतरीन उम्मीदवार उतारे हैं। मैं सभी उम्मीदवारों से भी कहूंगा कि ये दिल्ली का दिल जीतने का सबसे स्वर्णिम अवसर है। जुट जाइए, खूब मेहनत करिए और दिल्ली को आप-दा से मुक्ति दिलाइए।

साथियों,

अपनी दिल्ली को दुनिया के बेस्ट शहरों में एक बनाना हमारा संकल्प है। दिल्ली गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के सपनों को पूरा करने वाला शहर बने। दिल्ली नौजवानों के लिए नए भविष्य के निर्माण का शहर बने। दिल्ली में स्पोर्ट्स से लेकर स्टार्ट अप्स तक, नौजवानों के लिए खुला मैदान हो, अवसरों का असीम आसमान हो, इसके लिए भाजपा पूरे समर्पण के साथ काम करने में जुटी है। पिछले साल केंद्र की भाजपा सरकार ने दिल्ली की सुरक्षा के लिए, स्वास्थ्य के लिए, विकास कार्यों के लिए 75 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दिए हैं।

साथियों,

हम दिल्ली को दुनिया की एक ऐसी राजधानी बनाना चाहते हैं, जिसमें भारत की विरासत का विराट स्वरूप दिखे, जो नए वर्ल्ड ऑर्डर के हिसाब से बनने वाली नई वैश्विक व्यवस्थाओं का सेंटर हो। दिल्ली को ऐसे विकास की ज़रूरत है, जो दुनिया के लिए अर्बन डवलपमेंट का मॉडल बने। ये तभी हो सकता है, जब दिल्ली में केंद्र और राज्य, दोनों में भाजपा की सरकार काम करे। जिस आपदा सरकार के पास दिल्ली के लिए कोई विजन ना हो, जिसे दिल्ली की परवाह ना हो, वो दिल्ली के लोगों का विकास नहीं कर सकती।

साथियों,

आज भी दिल्ली को आधुनिक बनाने के लिए जितने भी काम हैं, वो केंद्र की भाजपा सरकार ही कर रही है। दिल्ली में जो बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, संस्थान और संस्थाएं हैं, उनका जिम्मा केंद्र सरकार के पास है। अब जैसे दिल्ली मेट्रो चप्पे-चप्पे तक पहुंची, तो ये काम भाजपा की केंद्र सरकार ने किया। बीते एक दशक में, दिल्ली-NCR में मेट्रो नेटवर्क दोगुने से भी अधिक हो चुका है। आज, जनकपुरी और कृष्णा पार्क के लिए भी मेट्रो शुरु हो चुकी है। रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर पर भी काम शुरु हुआ है। ये जो नमो रेल प्रोजेक्ट है, ये भी केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली और आसपास में ये six lane, eight lane की सड़कें भी केंद्र सरकार बना रही है। दिल्ली में जाम की परेशानी कम करने के लिए ही भाजपा सरकार, 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट यहां लाई है। DDA के माध्यम से गरीब और मिडिल क्लास के लिए घर बनाने का काम भी केंद्र सरकार कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर बनाने के लिए पैसा भी केंद्र सरकार देती है।

और साथियों,

अभी दो दिन पहले मैं अशोक विहार में था। वहां स्वाभिमान अपार्टमेंट झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को दिए। आप मेरा एक काम करेंगे दोस्तों। पूरी ताकत से बताइए करेंगे, जरा हाथ ऊपर करके बताए करेंगे। आप एक काम कीजिए दिल्ली के जिस-जिस इलाके में झुग्गी-झोपड़ी कच्ची आबादी जहां-जहां है। ये स्वाभिमान अपार्टमेंट की फोटो लेकर के जाइए। स्वाभिमान अपार्टमेंट के लोग जो मैसेज दे रहे हैं वह वीडियो लेकर के जाइए। और हर झुग्गी-झोपड़ी को बताइए कि मोदी की गारंटी है आपको भी ऐसा ही पक्का मकान मिलेगा। बताएंगे? हर परिवार को बताएंगे? गरीब से गरीब मिडिल क्लास के लोग जिसके पास पक्का घर नहीं है उसको गारंटी देकर के आइए। मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं।

साथियों,

यहां दिल्ली में देश के बड़े-बड़े अस्पताल हैं। डीयू, JNU, IIT जैसे अनेक बड़े शिक्षण संस्थान हैं। ये भी केंद्र सरकार के ज़िम्मे हैं। ऐसे अनेक काम हैं, जिन्हें केंद्र सरकार संभाल रही है। पूरी दिल्ली को भारत मंडपम पर गर्व है, यशोभूमि पर गर्व है, कर्तव्य पथ पर नेशनल वॉर मेमोरियल पर आज दिल्ली के कितने ही परिवार, यानि एक प्रकार से वहां भरा रहता है। हजारों की तादाद में लोग आते हैं वहां। यानि दिल्ली में जितने भी बड़े-बड़े काम हो रहे हैं, जो बहुत बड़ा खर्च होता है, बजट लगाया जाता है, वो यहां केंद्र सरकार करती है। और मुझे ये देखकर दुख होता है कि यहां आपदा वालों ने दिल्ली के 10 साल बर्बाद कर दिए। आपदा वालों को कोई भी दायित्व मिलने का मतलब है, दिल्ली के लोगों को दंड मिलना। आप जैसे ही मेट्रो से उतरते हैं, नेशनल हाईवे से अंदर कॉलोनियों की तरफ रिक्शा लेते हैं, तो हालत खराब हो जाती है। रोड में गड्ढे, गलियों में बहता सीवर का गंदा पानी, चारों तरफ गंदगी, दिल्ली का ये हाल बनाकर रख दिया है आपदा वालों ने। यहां पार्किंग के अभाव में, आए दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं, आस-पड़ोस का माहौल खराब होता है, तनाव रहता है। दिल्ली के अनेक इलाके हैं, जहां कैब वाले, ऑटो वाले जाने से बचते हैं क्योंकि लंबा-लंबा जाम रहता है। इससे सामान्य नागरिक तो परेशान होते ही हैं, दिल्ली में जो लाखों दुकानदार हैं, जो व्यापारी-कारोबारी हैं, वे साथी भी आप-दा से तंग आ चुके हैं।

साथियों,

दिल्ली पर आप-दा लाने वाले ये झूठा आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार उन्हें काम नहीं करने देती, केंद्र सरकार उन्हें पैसे नहीं देती। ये कितने बड़े झूठे हैं, इसका उदाहरण इनका शीशमहल है। आज ही एक बड़े अखबार ने CAG रिपोर्ट के आधार पर शीशमहल पर हुए खर्च का खुलासा किया है। और साथियों, आपको ये जानकर पीड़ा होगी, दर्द होगा, अरे पूरे देश के लोग चौंक जाएंगे। जब दिल्ली के लोग कोरोना से जूझ रहे थे, जब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और दवाओं के लिए भटक रहे थे, तब इन लोगों का पूरा फोकस अपना शीशमहल बनवाने में था। इन्होंने शीशमहल का भारी भरकम बजट बनाया। और आज इस अखबार ने खुलासा किया है कि कैसे इस शीशमहल पर उस बजट से भी तीन गुना ज्यादा पैसे खर्च किए गए। यही इनकी सच्चाई है। इन्हें दिल्ली के लोगों की परवाह नहीं है, दिल्ली के विकास की चिंता नहीं है। इसलिए ही आज हर दिल्लीवाला कह रहा है- आप-दा नहीं सहेंगे...बदल के रहेंगे !

साथियों,

ये भाजपा सरकार ही है, जो दिल्ली को तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जोड़ रही है। केंद्र की भाजपा सरकार की fame योजना की वजह से दिल्ली में 1200 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलने लगी हैं। वहीं आपदा वालों ने दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को तबाह करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी है। ये आपदा वाले बसों की मेनटेन्स पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका नुकसान दिल्ली के सामान्य नागरिकों को उठाना पड़ा है।

साथियों,

जबसे मैंने, आप-दा का कच्चा-चिट्ठा खोला है, तबसे ये आपदा वाले तिलमिलाए हुए हैं। इन लोगों ने 10 साल तक दिल्ली को बेहाल रखा और आज लोग इन्हें आप-दा कहते हैं, तो ये मुझ पर भड़क रहे हैं। देखिए तो सही, क्या हाल बना रखा है दिल्ली का। गर्मी आती है, तो पीने के पानी के लिए मारामारी, बरसात आती है, तो जलभराव से परेशानी, सर्दी आती है, तो प्रदूषित हवा में सांस लेना मुश्किल। दिल्ली के लिए इन लोगों ने हर सीज़न, हर मौसम, आप-दा काल बना दिया है। दिल्ली वालों की ऊर्जा, सालभर, 365 दिन आप-दा से ही निपटने में लगी रहती है। इसलिए, दिल्ली से आप-दा हटेगी, तो ही विकास का, सुशासन का डबल इंजन आएगा।

साथियों,

आप-दा कैसे गरीब और मिडिल क्लास की सुविधा को रोकती है, ये भी दिल्लीवालों के लिए जानना ज़रूरी है। आप-दा सरकार, यहां प्रधानमंत्री आवास योजना तक को ठीक से लागू नहीं कर रही। यानि गरीबों के लिए पक्के घर बनाने में रोड़े अटका रही है। दिल्ली में पुरानी योजनाओं के तहत बने करीब 30 हज़ार घर खाली पड़े हैं। आप-दा वालों ने दिल्ली के लोगों को ये घर आवंटित नहीं किए। भाजपा ने सैकड़ों अनाधिकृत कॉलोनियों को रेगुलर किया। ताकि लाखों लोगों का जीवन आसान हो। लेकिन आप-दा सरकार, इन कॉलोनियों में पानी और सीवर की समस्या का समाधान नहीं कर रही है।

साथियों,

आप-दा तो दिल्लीवालों के जीवन पर भी छाई हुई है। देशभर में करोड़ों परिवारों को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज मिल रहा है। देशभर में हर परिवार के करोड़ों बुजुर्गों को भी मुफ्त इलाज मिलना तय हो चुका है। लेकिन आप-दा वाले, अभी भी अड़े हुए हैं कि आयुष्मान योजना यहां लागू नहीं होने देंगे। ये दिल्ली के हर परिवार का, यहां के हज़ारों बुजुर्गों का बहुत बड़ा नुकसान है, इतना ही नहीं ये हमारे बुजुर्गों का अपमान है।

साथियों,

राजनीति में नीयत, निर्णय, नीति और निष्ठा- इनका बहुत महत्व होता है। लेकिन आप-दा वालों की नीयत और निष्ठा पर ही सबसे बड़ा सवाल है। आप याद करिए, जनलोकपाल के मुद्दे पर इस पार्टी का जन्म हुआ। भ्रष्टाचार हटाना, ये इनका मुख्य मुद्दा था। लेकिन आज इस पार्टी के ज्यादातर नेताओं पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के मुकदमे हैं। दिल्ली में शराब घोटाला किसने किया? आपदा वालों ने। दिल्ली में स्कूल घोटाला किसने किया? आपदा वालों ने। दिल्ली में गरीबों के इलाज के नाम पर किसने जनता के पैसे लूटे? आपदा वालों ने। दिल्ली में प्रदूषण से लड़ाई के नाम पर किसने करोड़ों का खेल किया? आपदा वालों ने। इनका मूल एजेंडा था। और इसलिए अनैतिकता के साथ कारनामे करने वाले लोग, दिल्ली को आपदा बना करके, दिल्ली में आपदा लाकर के, दिल्ली को आपदा में घेर कर के तबाही की ओर ले जा रहे हैं। लेकिन आज उनकी वो सारी बातें जो पार्टी के जन्म से पहले करते थे सबकुछ धरा का धरा रह गया है। आपदा वालों के काम का कोई हिसाब नहीं है, लेकिन इनके कारनामे बेहिसाब हैं। ये तब होता है जब नीयत में खोट होता है, और निष्ठा जनता के प्रति नहीं होती।

साथियों,

ये आप-दा वाले, दिल्ली चुनाव में अपनी हार सामने देखकर बौखला गए हैं, झूठ फैला रहे हैं। ये दिल्ली वालों को डरा रहे हैं कि बीजेपी आएगी, तो ये बंद हो जाएगा, वो बंद हो जाएगा। लेकिन मैं दिल्ली वालों को विश्वास दिलाने आया हूं। भाजपा सरकार में दिल्ली में जनहित की कोई योजना बंद नहीं होगी, लेकिन उसमें बेईमानों का जो ठेका है उनको निकाला जाएगा। पिछले 10 साल में राज्य सरकार की जो योजनाएं सिर्फ कागज पर चली हैं, जिन योजनाओं में आपदा वालों ने जनता का पैसा लूटा है, उन्हें भी भाजपा सरकार द्वारा पूरी ईमानदारी के साथ, और ये आपदा वालों को भगा करके और ईमानदार लोगों को बिठा करके कल्याण के काम आगे बढ़ाए जाएंगे। बल्कि केंद्र सरकार की जो योजनाएं इन आप-दा वालों ने रोक रखी हैं, जैसे आयुष्मान भारत। ऐसी हर योजना का लाभ भी भाजपा की डबल इंजन की सरकार में दिल्ली के लोगों को मिलेगा।

साथियों,

बीते दशक में भाजपा, देश की माताओं-बहनों-बेटियों की पहली पसंद बनी है। इसके पीछे, भाजपा की नीतियां हैं। महिलाओं के लिए करोड़ों शौचालयों का निर्माण हो, उज्ज्वला गैस का कनेक्शन देना हो, करोड़ों घरों की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर हो, सुकन्या समृद्धि योजना हो, गर्भवती महिला के खाते में 6 हजार रुपए की मदद भेजना हो, महिलाओं के हित में केंद्र सरकार अनेकों योजनाएं चला रही है। भाजपा की अनेक राज्य सरकारें भी माताओं-बहनों के लिए विशेष योजनाएं चला रही हैं। आज दिल्ली के 75 लाख जरूरतमंदों को मुफ्त राशन भाजपा सरकार ही दे रही है। दिल्ली में बनने वाली भाजपा सरकार सुनिश्चित करेगी कि माताओं-बहनों को घर चलाना आसान हो। दिल्ली में बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और नौकरी, ये सहज हो, सुरक्षित हो, दिल्ली वालों की कमाई बढ़े, जेब में बचत अधिक हो, दिल्ली के लोगों का जीवन आसान हो, इसके लिए दिल्ली में भाजपा का मुख्यमंत्री ज़रूरी है।

साथियों,

मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली के लोग, भ्रष्टाचारी और विकास विरोधी आप-दा पर लगाम लगाएंगे। मुझे विश्वास है, दिल्ली के लोग 21वीं सदी की आधुनिक राजधानी बनाने के लिए भाजपा को जरूर अवसर देंगे। एक बार फिर इतनी विशाल संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए यहां आने के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।

मेरे साथ बोलिए... भारत माता की ! दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए... भारत माता की ! भारत माता की ! भारत माता की !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।