For the BJP, it is always Nation First: PM Modi
Social justice is not means of political sloganeering but an “Article of Faith for us: PM Modi
BJP has led to the emergence of a new political culture free of dynastic politics, casteism, regionalism, narrow-mindedness, and small achievements, says PM

नमस्कार,
कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय जेपी नड्डा जी, पार्टी के अन्य सभी पदाधिकारीगण, देश-विदेश में उपस्थित भाजपा के कोटि-कोटि कार्यकर्ता, देवियों और सज्जनों,

आज हम सभी अपनी पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं। मां भारती की सेवा में समर्पित प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को इस शुभ अवसर पर बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भाजपा की स्थापना से लेकर आज तक जिन महान विभूतियों ने अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा है, पार्टी को संवारा है, पार्टी को समृद्ध किया है, पार्टी को सशक्त किया है, देश के कोटि-कोटि जनों की आवाज को बुलंद किया है, उन सभी को छोटे-छोटे कार्यकर्ता से लेकर के वरिष्ठ पद से पार्टी और देश की सेवा करने वाले सभी महानुभावों का मैं आज शीश झुकाकर के प्रणाम करता हूं।

साथियों,
आज हम देश के कोने-कोने में भगवान हनुमान जी जन्मजयंती मना रहे हैं। बजरंग बली के नाम का घोष चारों तरफ गूंज रहा है। हनुमान जी का जीवन, उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग, आज भी हमें भारत की विकास यात्रा में प्रेरणा देते हैं, पुरुषार्थ के लिए प्रेरित करते हैं, और हमारी सफलताओं में कहीं-कहीं उन महान शक्ति के आशीर्वाद प्रतिबिंबित होते हैं। हनुमान जी के पास असीम शक्ति है, लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल वो तभी कर पाते हैं, जब स्वयं पर से उनका संदेह समाप्त होता है। 2014 से पहले भारत की भी तो यही स्थिति थी। अथाह सामर्थ्य से भरपूर, लेकिन अनेक संदेहों से घिरा हुआ देश का नागरिक।

आज, भारत, उस बजरंग बली की तरह से, उस बजरंग बली की महाशक्ति की तरह अपने अंदर सुप्त शक्तियों का आभास कर चुका है। आज भारत, समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने, उनका मुकाबला करने में पहले से कहीं ज्यादा सक्षम है। हनुमान जी के ऐसे ही कई गुणों से, हम सभी भाजपा कार्यकर्ता, हमारी पार्टी निरंतर प्रेरणा पाते हैं। हनुमान जी सब कुछ कर सकते हैं, सबके लिए करते हैं, लेकिन अपने लिए कुछ नहीं करते।

इदम् रामाय, इदम् न मम्।
यही तो भाजपा की प्रेरणा है- इदम् राष्ट्राय, इदम् न मम्! भाजपा हनुमान जी की एक और बात से भी बहुत बड़ी प्रेरणा मिलती रहती है हमें। जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा तो वो उतने ही कठोर भी हो गए थे। इसी तरह जब भ्रष्टाचार की बात आती है, परिवारवाद की बात आती है, कानून व्यवस्था की बात आती है, तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है, मां भारती को इन बुराइयों से मुक्ति दिलाने के लिए। कठोर होना पड़े तो कठोर भी हो। और हमारे लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा क्या है, आज की माडर्न परिभाषा में जिन बातों का बार-बार जिक्र किया जाता है। और वो है ‘Can do’ attitude’. अगर हनुमान जी का पूरा जीवन देखें, डगर-डगर पर, पल-पल, हनुमान जी के भीतर की ‘Can do’ attitude’, ‘Can do’ संकल्प शक्ति, उनको हर प्रकार की सफलता लाने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करती है।
कहा भी गया है-
कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहि होइ तात तुम्ह पाहीं।।
यानी, ऐसा कोई भी काम नहीं है, जो पवनपुत्र हनुमान कर नहीं सकते। इसलिए जब लक्ष्मण जी पर संकट आया तो हनुमान जी संजीवनी बूटी के लिए पूरा पर्बत ही उठा कर के ले आए। भाजपा भी इसी प्रेरणा से परिणाम लाने में, लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती रही है, करते रहना है, करते रहेंगे। इसलिए साथियों, आज के पवित्र अवसर पर हमें फिर स्मरण करना है- "राम काज कीन्हे बिनु, मोहि कहां विश्राम!"

भाइयों बहनों,
भाजपा वो पार्टी है जिसके लिए राष्ट्र सदैव सर्वोपरि रहा है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ जिसकी आस्था का मूल मंत्र रहा है। जब जनसंघ का जन्म हुआ था, तो हमारे पास न ज्यादा सियासी अनुभव था, न साधन थे, न संसाधन थे! लेकिन हमारे पास मातृभूमि के प्रति भक्ति, हमारे पास लोकतन्त्र की शक्ति थी। जो देश लोकतन्त्र की जननी हो- Mother of Democracy हो, उसकी जनता के नीर-क्षीर-विवेक पर प्रारंभ से हमारी आस्था रही है और दिनोंदिन वो आस्था और मजबूत होती जा रही है। इसलिए जन भावना, जन आकांक्षाओं को ही हमने भाजपा की चेतनाशक्ति बनाया। हमने राष्ट्र प्रथम- Nation First के मंत्र को अपना आदर्श बनाया। भाजपा ने लोकतन्त्र की कोख से जन्म लिया, भाजपा लोकतन्त्र के अमृत से पोषित है, और भाजपा देश के लोकतन्त्र को, देश के संविधान को मजबूत करते हुए, समर्पण भाव से दिन रात देश के लिए काम कर रही है। साथियों, हमारा समर्पण है मां भारती को, हमारा समर्पण है देश के कोटि-कोटि जनों को, हमारा समर्पण है देश के संविधान को।

साथियों,
आज भाजपा विकास का पर्याय है, विश्वास का पर्याय है, नए विचार का पर्याय है और देश की विजय यात्रा का भी एक मूक सेवक बनकर के अपनी भूमिका निभाता रहा है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम कर रही है। भाजपा की कार्यशैली सर्वसमावेशी है, सर्वस्पर्शी है, सर्वजन का हित करने वाली है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को हमने हमेशा अपने हृदय में, अपनी कार्यशैली में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सामाजिक न्याय, ये हमारे लिए राजनीतिक नारेबाजी का हिस्सा नहीं, ये हमारे लिए आर्टिकल आफ फेथ है। बीते वर्षों में बहुत सारे दल सामाजिक न्याय के नाम पर राजनीति का दिखावा करते रहे हैं। इन दलों ने, उनके मुखिया अपने परिवार का भला कर लेते हैं, अपने समाज का कतई नहीं। जबकि भाजपा, सामाजिक न्याय को जीती है, उसकी भावना का अक्षरश: पालन करती है।

80 करोड़ गरीबों को बिना भेदभाव मुफ्त राशन मिलना, सामाजिक न्याय का ही प्रतिबिंब है। 50 करोड़ गरीबों को बिना भेदभाव 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलना, सामाजिक न्याय की सशक्त अभिव्यक्ति है। 45 करोड़ गरीबों के बिना भेदभाव जनधन बैंक खाते खोलना, सामाजिक न्याय का इनक्लूसिव एजेंडा का जीता जागता उदाहरण है। 11 करोड़ गरीबों को बिना भेदभाव शौचालय मिलना, यही तो सामाजिक न्याय है। यही तो सामाजिक न्याय के प्रति हमारी भक्ति है। बिना भेदभाव, बिना तुष्टिकरण, बिना स्वार्थ, बिना वोटबैंक की राजनीति किए, भाजपा आज सामाजिक न्याय का भी सच्चे अर्थ में धरती पर इरादों को साकार करने वाला, देश के दबे कुचले समाज के लिए आशा की किरण बना हुआ, एक पर्याय बनकर के उभरा है।

साथियों,
आज भाजपा देश में एक नए Political Culture का भी नेतृत्व कर रही है। कांग्रेस और उनके जैसी पार्टियों का कल्चर, उन पार्टियों की पहचान क्या है... ये उन्हीं के कल्चर में से पैदा हुई है, उन पार्टियों की पहचान है, पार्टी का नाम लेते ही एक ही बात दिखती है, सारी पार्टियों के अंदर देख लीजिए... परिवारवाद, वंशवाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद का बंधक हैं ये सारे लोग। जबकि भाजपा का Political Culture, प्रत्येक देशवासी को साथ लेकर चलने का है। कांग्रेस और उसके जैसी पार्टियों का कल्चर, छोटा-छोटा सोचना, छोटे सपने देखना और उससे भी कम हासिल करके खुशियां मनाना बस। और खुशी... एक-दूसरे की पीठ थपथपाना। भाजपा का Political Culture है, बड़े सपने देखने और

उससे भी ज्यादा हासिल करने के लिए जीजान से खप जाना। शरीर का कण-कण समय का पल-पल खपाने का हौसला रखते हैं।
कांग्रेस और उसके जैसी पार्टियों का कल्चर, महिलाओं की समस्याओं, उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों की परवाह ही नहीं करता है। जबकि भाजपा का Political Culture, महिलाओं के जीवन को आसान बनाने, उनके सपनों को साकार करने को, निर्णय प्रक्रिया में उनको भागीदारी देने को प्राथमिकता देता है। इसीलिए आज के युवा हों या फिर देश की माताएं-बहनें-बेटियां, भाजपा के साथ हम पल-पल अनुभव कर रहे हैं। हमारी माताओं-बहनों के आशीर्वाद बढ़ते चले जा रहे हैं। जुड़ाव महसूस करती हैं, अपनापन महसूस करती हैं। इसलिए आज ये सभी भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

साथियों,
आज स्थापना दिवस के इस शुभ अवसर पर हम सब के लिए अपने सपनों को, अपने संकल्पों को, मां भारती की सेवा के लिए समर्पित अपने हर कार्यकर्ता के जीवन को देखते हुए, बहुत सी बातों को बार-बार समझने की आवश्यकता होती है। 2014 में जो हुआ, वो केवल सत्ता परिवर्तन नहीं था। 2014 में भारत के लोगों ने, भारत के पुनर्जागरण की नई यात्रा का शंखनाद कर दिया है। आठ सौ साल से ज्यादा की गुलामी से बाहर निकलकर, एक राष्ट्र अब अपना खोया हुआ गौरव पाने के लिए फिर से उठ खड़ा हुआ है। और इस प्रक्रिया में, दशकों से चली आ रही बुराइयां, चुनौतियां, धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जा रही हैं। अब देश पंच-प्राणों की शक्ति से आगे बढ़ रहा है।

साथियों,
सन सैंतालीस में अंग्रेज भले चले गए लेकिन जनता को गुलाम रखने की मानसिकता यहीं पर कुछ लोगों के जहन में बोकर के चले गए, यहीं छोड़ गए थे। इसलिए आजादी के बाद के वर्षों में, देश में ऐसा वर्ग खूब फला-फूला जो सत्ता को अपना जन्मजात हक समझता था। इन लोगों की बादशाही मानसिकता ने देश की जनता को हमेशा अपना गुलाम माना। 2014 में इस दबे-कुचले, शोषित-वंचित वर्ग ने अपनी आवाज़ बुलंद की। बादशाही मानसिकता के लोग इस वर्ग की आवाज सुनने की बात तो छोड़ दीजिए, पल-पल कुचलते रहते थे। इसलिए हमारी सरकार के पहले कार्यकाल में ही बादशाही मानसिकता वाले इन लोगों ने इन शोषितों-वंचितों-दलितों-पिछड़ों, कोई मौका नहीं छोड़ा, उनकी मजाक उड़ाने में, हर पल उनकी मजाक उड़ाते रहे। हमारी योजनाओं को, हमारे कार्यक्रमों को निम्न स्तर का बताने की होड़ लगाई गई। जब मैंने लाल किले से स्वच्छ भारत अभियान की चर्चा की, गांवों को, गरीब को, मेरी माताओं-बहनों को इज्जतघर देना, शौचालय की सुविधा देने की बात जब मैंने की, तो यही लोग क्या-क्या नहीं कहते थे। जब मैंने डिजिटल इंडिया की बात की, तो इन्होंने अपनी ताकत, पूरी ताकत उसे खारिज करने में, देश के लोगों में भ्रम पैदा करने में, निराशा पैदा करने में पूरी शक्ति झोंक दी। ये तर्क दिए जाने लगे और ये कहने लगे कि देश में बड़ी आबादी अनपढ़ है, अनजान है, वो कैसे डिजिटल इंडिया का लाभ ले पाएगी?

साथियों,
जब हमारा मज़ाक उड़ाकर ये सफल नहीं हुए तो, बादशाही मानसिकता वाले इन लोगों की नफरत और ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने कभी सोचा नहीं था, कि दशकों-दशक से हिंसा से जूझ रहे जम्मू कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में शांति का सूरज उगेगा। इन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि आर्टिकल 370 कभी इतिहास हो जाएगा। जो काम दशकों तक सरकार चलाने वाले नहीं कर सके, वो काम भाजपा सरकार कैसे कर रही है, ये इन्हें पच नहीं रहा है। इसलिए नफरत से भरे हुए ये लोग आज झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। अपने भ्रष्ट कर्मों का खुलासा होते देख, ये बेचैन हैं, हताशा से भर गए हैं। इसलिए अब ये लोग, इतने हताश, इतने निराश हो चुके हैं कि अब एक ही रास्ता उन्हें दिख रहा है, एक ही उपाय दिख रहा है, और वो खुलकर के कहने लगे हैं- मोदी तेरी कब्र खुदेगी। वो कब्र खोदने की धमकी देने लगे हैं। बादशाही मानसिकता वाले इन लोगों को, इन पार्टियों को एक बात पता नहीं है। आज देश का गरीब, देश का सामान्य मानवी, देश का युवा, देश की माताएं-बहनें-बेटियां, दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित-आदिवासी, हर कोई भाजपा के कमल को खिलाने के लिए, भाजपा के कमल की रक्षा करने के लिए वो ढाल बनकर के खड़ा हुआ है।

साथियों,
अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे इन राजनीतिक दलों की हमारे खिलाफ साजिशें चलती रहेंगी। लेकिन हम देशवासियों के सपनों को, देशवासियों की आकांक्षाओं को दबते हुए, बिखरते हुए, सिमटते हुए, मुरझाते हुए नहीं देख सकते। इसलिए हमारा जोर देश के विकास पर है, देशवासियों के कल्याण पर है। हमारे परिश्रम से जो परिणाम मिले हैं, इसकी गवाही वो आंकड़े दे रहे हैं, जो पिछला वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर बीते 15-20 दिनों में सामने आए हैं। और मैं सभी देश और दुनिया में भाजपा के कार्यकर्ताओं को हमेशा हिसाब देने की आदत रखता हूं। काम का ब्योरा हर मौके पर देता रहता हूं। मैं आज सिर्फ दो-तीन सप्ताह की ही झलक दिखा रहा हूं, 15-20 दिन की। इतने छोटे से काल में, हर भारतीय को गर्व हो।

GST लागू होने के बाद से किसी एक वित्तीय वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपए क्लेक्शन का रिकॉर्ड बनाना अभूतपूर्व। इस दौरान, देश के टैक्सपेयर ने भी 16 लाख करोड़ रुपए से अधिक टैक्स देकर नया रिकॉर्ड बनाया। मार्च महीने में ही UPI से 14 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का नया रिकॉर्ड बना। देश के इतिहास में पहली बार हमारा एक्सपोर्ट 750 अरब डॉलर के पार पहुंचा। देश में कोयला उत्पादन ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। देश में स्टील उत्पादन में भी पुराने सारे रिकॉर्ड टूट गए। पहली बार 16 हज़ार करोड़ रुपए का डिफेंस एक्सपोर्ट हुआ। HAL ने रिकॉर्ड रैवेन्यू जेनरेट किया। मोबाइल फोन प्रोडक्शन और मोबाइल एक्सपोर्ट में भी नया रिकॉर्ड बना। एक साल में साढ़े 6 हज़ार किलोमीटर रेल ट्रैक का Electrification करने का रिकॉर्ड भी कुछ दिन पहले ही सामने आया। रेलवे ने डेढ़ हजार मीट्रिक टन से अधिक फ्रेट loading का रिकॉर्ड भी इसी दौरान बनाया। देश के बड़े पोर्ट्स ने एक साल में करीब 800 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडल करने का नया रिकॉर्ड बनाया। लगातार बन रहे विकास के ये रिकॉर्ड, दिखाते हैं कि देश कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मैं एक सांस में जितना बोल पाया, बोल दिया।

साथियों,
आज हम सबका सौभाग्य है कि आज एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में हमें आज़ादी के अमृतकाल में देश की सेवा का अवसर मिल रहा है। हमें भविष्य के भारत का निर्माण भी करना है, और मेरे सब कार्यकर्ताओं को, भाजपा के हर सिपाही को हर स्तर पर उसका नेतृत्व भी करना है। हमारे प्रयास में अगले 25 वर्षों का विज़न शामिल होना चाहिए। हमारे हर कार्य में वो ऊर्जा होनी चाहिए जो आने वाले दशकों तक देश की दिशा और दशा हमारे सपनों को मजबूत करने वाली मां भारती के कोटि-कोटि जनों की आजादी से अब तक के संजोये हुए सारे सपनों को सिद्ध करने वाली होनी चाहिए।

साथियों,
आज के इस समय में दुनिया तेजी से बदल रही है। हमें भविष्य के हिसाब से भी अपनी पार्टी को निरंतर विकास करने की, विकसित करने की, सामर्थ्य बढ़ाने की कोशिश कभी भी रुकने नहीं देना है। हम पहले भी करते आए हैं, आगे अब जरा और गति से करना होगा। 6-7 वर्ष बाद, मैं सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं, 6-7 वर्ष बाद, भारतीय जनता पार्टी के 50 वर्ष पूरे होंगे। जब भाजपा के 50 वर्ष पूरे हो उस समय पार्टी का व्याप कितना होगा, स्वरूप कैसा होगा, हमारे लक्ष्य क्या होंगे, ये हमें अभी से तय करना होगा। हमें नए ideas को, नए इनोवेशन्स को अपनाना होगा, पार्टी में उन्हें एक प्रकार से हमारा जीवन का कल्चर का हिस्सा के रूप में जोड़ना होगा, उसे बढ़ाना होगा। जैसे मेरा एक सुझाव है कि हम पार्टी में टेक्नोलॉजी को हर स्तर पर आगे लेकर आएँ। हम विभिन्न स्तरों पर टेक्नोलॉजी सेल्स बना सकते हैं। हम युवाओं की ऐसी टीम बना सकते हैं जो आधुनिक टेक्नोलॉजी को मॉनिटर करें, उसे जनता तक पहुँचने के लिए कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, हम एक्सपर्ट से सुझाव लें, हम सेमिनार करें, एक्सपर्ट को बुलाकर के बदलते हुए विश्व को समझने की कोशिश करें। सोशल मीडिया में भी हमें नए तौर तरीकों के बारे में सोचना होगा। आजकल Reals, You Tube, Twitter-Facebook और Instagram के जमाने में, ज्यादा से ज्यादा युवाओं में, इस युवा पीढ़ी में प्रोफेशनल्स से जुड़ने के लिए हमें राजनीति के नए आयामों को विकसित करना ही है। Communication और Information, भाजपा के निरंतर विस्तार में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं। इसके लिए हमें अपने कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग, पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक, चुने हुए प्रतिनिधियों की ट्रेनिंग के नए प्लेटफॉर्म बनाने होंगे।

साथियों,
संगठन शक्ति, कार्यकर्ताओं की एकजुटता, ये भाजपा की प्राणशक्ति हैं, हमारा प्राणवायु है। इसे नित-निरंतर ऊर्जा देते रहना भी हम सभी का कर्तव्य है। हमें अपने विस्तार के लिए, दूसरों से सीखने के लिए, देश के भीतर और बाहर, हर तरफ दृष्टि रखनी होगी। हमें विश्व की दूसरी लोकतान्त्रिक पार्टियों के साथ भी समन्वय और संवाद बढ़ाने के बारे में काम करना चाहिए। मेरा आग्रह है, हमारे यूथ विंग्स, महिला विंग्स, दूसरे देशों की उन पार्टियों के इन विंग्स और कार्यकर्ताओं से जुड़ें, अपने अनुभव साझा करें और उनसे सीखें। हमारे सांसदों को भी संवाद...उनके प्रेशर बहुत रहता है, मैं जानता हूं, एक सांसद को इतने प्रकार के काम रहते हैं। लेकिन सांसद के पास जानकारियों के स्रोत भी बहुत रहते हैं। वो कार्यकर्ताओं को बहुत अच्छी तरह गाइड कर सकते हैं। कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने में वो बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। हमारे जन प्रतिनिधि... क्योंकि उनको काफी जानकारियों के लिए अवसर मिलता है। उनका लाभ जितना ज्यादा हमें मिले, पार्टी को मिले, हमें कोशिश करनी चाहिए।

हम पार्टी में अलग-अलग मोर्चों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। जहां जरूरत पड़ेगी, संगठन करेंगे, जहां जरूरत पड़ेगी, लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे, जहां जरूरत पड़ेगी, समर्पण की मात्रा बढ़ाते जाएंगे। लेकिन साथियों, अब हम उस दायरे में पहुंचे हैं... अब समय आ गया है कि सभी मोर्चे समाज की आवाज उठाने के साथ-साथ एक futuristic विज़न के साथ, उनकी हर छोटी-मोटी तकलीफों से मुक्ति के लिए आधुनिक तौर-तरीके अब क्या हो सकते हैं। कम समय में, कम संसाधनों से भी उत्तम से उत्तम परिणाम लाने के तरीके क्या हो, ताकि उनका जीवन बहुत तेजी से बदल सके, और 2047 जब आजादी के 100 साल हो तब विकसित भारत का सपना सिद्ध करने में कोटि-कोटि जनों की भागीदारी बढ़े। हर मोर्चे को सोचना चाहिए कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का स्थायी समाधान कैसे हो। उदाहरण के लिए, हम सभी पहले किसानों की समस्याएँ उठाते थे। किसान मोर्चे इसमें बड़ी भूमिका निभाते थे। हमने किसान सम्मान निधि से लेकर MSP तक कई बड़े फैसले लिए, किसानों की सेवा की। अब किसानों के FPO’s बन रहे हैं, कॉपरेटिव्स बन रहे हैं। इन्हें मजबूत करने का काम भी भाजपा कार्यकर्ता का ही है। इसी तरह, हमने हमेशा झुग्गी में रहने वाले गरीबों की आवाज़ उठाई। जब हमें सेवा का मौका मिला तो हमने उन्हें पक्के मकान दिए, शौचालय दिए, गैस कनेक्शन दिए। हमें इसी तरह आगे के लक्ष्य तय करने हैं। ये समाधान स्थायी होने चाहिए, और फ्युचर रेडी होने चाहिए। इस तरह के प्रयासों के लिए हम पार्टी में नए intellectual सेल्स भी बना सकते हैं। नए विचारों पर सेमीनार्स करने और उन पर आगे बढ़ने की एक व्यवस्था तैयार कर सकते हैं।

साथियों,
जब हमारे सामने 2047 के विकसित भारत जैसा बड़ा लक्ष्य है, तो हमारी ये ज़िम्मेदारी है कि परिश्रम में कोई कमी नहीं छोड़ें। हमें सफलताओं को सेलिब्रेट तो करना है, लेकिन अगले ही पल अगली चुनौती के लिए कमर भी कसनी है। और हमें ये सब बीजेपी की मूल विचारधारा के प्रकाश में ही करना है। भारत के संविधान की सीमाओं में ही रहना है। हमें भारत के समाधान उधार की सोच से नहीं, भारत की जड़ों से ही, भारत की परंपराओं से ही, भारत के कोटि-कोटि जनों के सदियों के अनुभव से ही, उस अमृत से आगे बढ़ना है। इस सोच के साथ हमें भाजपा को 21वीं सदी की, भविष्य की पार्टी बनाना है। हमें दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी अतिआत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है। लोगों ने अभी से ये कहना शुरू कर दिया है कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता। ये बात सही भी है। लेकिन, हमें एक भाजपा कार्यकर्ता के नाते इस देश के हर नागरिक का दिल जीतना है। हमें चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहना है। हमें कोटि-कोटि जनों के दिलों को जीतना... ये हमारा मकसद है। हमें हर चुनाव उसी परिश्रम से लड़ना है, जैसे हम 80 के दशक से अभी तक लड़ते आए हैं।

मुझे विश्वास है, कार्यकर्ताओं की ताकत और राष्ट्र प्रथम का संकल्प हमें इसी तरह ऊर्जा देता रहेगा। आज के इस शुभ अवसर पर दो पड़ाव, 50 साल जब बीजेपी के होंगे और 100 साल देश की आजादी के होंगे। आइए, एक खाका खींचें, योजना बनाएं, जन-जन के दिलों को जीतते हुए मां भारती के जिन सपनों को लेकर हम चले हैं, उन सपनों को साकार करते रहें। आज हनुमान जयंती पर स्वयं हनुमान दादा भी हम पर आशीर्वाद बरसाएं और जनता-जनार्दन तो ईश्वर का रूप ही होती है, उस जनता-जनार्दन के आशीर्वाद के बिना कुछ नहीं होता है। उन आशीर्वादों को लेकर के भी हम आश्वस्त होकर के आगे बढ़ें।

मैं आप सब को बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं!
पुन: शुभकामनाएं देता हूं।
मेरे साथ बोलिए...
भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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New India is finishing tasks at a rapid pace: PM Modi
February 25, 2024
Dedicates five AIIMS at Rajkot, Bathinda, Raebareli, Kalyani and Mangalagiri
Lays foundation stone and dedicates to nation more than 200 Health Care Infrastructure Projects worth more than Rs 11,500 crore across 23 States /UTs
Inaugurates National Institute of Naturopathy named ‘Nisarg Gram’ in Pune
Inaugurates and dedicates to nation 21 projects of the Employees’ State Insurance Corporation worth around Rs 2280 crores
Lays foundation stone for various renewable energy projects
Lays foundation stone for New Mundra-Panipat pipeline project worth over Rs 9000 crores
“We are taking the government out of Delhi and trend of holding important national events outside Delhi is on the rise”
“New India is finishing tasks at rapid pace”
“I can see that generations have changed but affection for Modi is beyond any age limit”
“With Darshan of the submerged Dwarka, my resolve for Vikas and Virasat has gained new strength; divine faith has been added to my goal of a Viksit Bharat”
“In 7 decades 7 AIIMS were approved, some of them never completed. In last 10 days, inauguration or foundation stone laying of 7 AIIMS have taken place”
“When Modi guarantees to make India the world’s third largest economic superpower, the goal is health for all and prosperity for all”

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

मंच पर उपस्थित गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी मनसुख मांडविया, गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और संसद में मेरे साथी सी आर पाटिल, मंच पर विराजमान अन्य सभी वरिष्ठ महानुभाव, और राजकोट के मेरे भाइयों और बहनों, नमस्कार।

आज के इस कार्यक्रम से देश के अनेक राज्यों से बहुत बड़ी संख्या में अन्य लोग भी जुड़े हैं। कई राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय गवर्नर श्री, विधायकगण, सांसदगण, केंद्र के मंत्रीगण, ये सब इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग से हमारे साथ जुड़े हैं। मैं उन सभी का भी हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एक समय था, जब देश के सारे प्रमुख कार्यक्रम दिल्ली में ही होकर रह जाते थे। मैंने भारत सरकार को दिल्ली से बाहर निकालकर देश के कोने-कोने तक पहुंचा दिया है और आज राजकोट पहुंच गए। आज का ये कार्यक्रम भी इसी बात का गवाह है। आज इस एक कार्यक्रम से देश के अनेकों शहरों में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास होना, एक नई परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। कुछ दिन पहले ही मैं जम्मू कश्मीर में था। वहां से मैंने IIT भिलाई, IIT तिरुपति, ट्रिपल आईटी DM कुरनूल, IIM बोध गया, IIM जम्मू, IIM विशाखापट्टनम और IIS कानपुर के कैंपस का एक साथ जम्‍मू से लोकार्पण किया था। और अब आज यहां राजकोट से- एम्स राजकोट, एम्स रायबरेली, एम्स मंगलगिरी, एम्स भटिंडा, एम्स कल्याणी का लोकार्पण हुआ है। पांच एम्स, विकसित होता भारत, ऐसे ही तेज गति से काम कर रहा है, काम पूरे कर रहा है।

साथियों,

आज मैं राजकोट आया हूं, तो बहुत कुछ पुराना भी याद आ रहा है। मेरे जीवन का कल एक विशेष दिन था। मेरी चुनावी यात्रा की शुरुआत में राजकोट की बड़ी भूमिका है। 22 साल पहले 24 फरवरी को ही राजकोट ने मुझे पहली बार आशीर्वाद दिया था, अपना MLA चुना था। और आज 25 फरवरी के दिन मैंने पहली बार राजकोट के विधायक के तौर पर गांधीनगर विधानसभा में शपथ ली थी, जिंदगी में पहली बार। आपने तब मुझे अपने प्यार, अपने विश्वास का कर्जदार बना दिया था। लेकिन आज 22 साल बाद मैं राजकोट के एक-एक परिजन को गर्व के साथ कह सकता हूं कि मैंने आपके भरोसे पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की है।

आज पूरा देश इतना प्यार दे रहा है, इतने आशीर्वाद दे रहा है, तो इसके यश का हकदार ये राजकोट भी है। आज जब पूरा देश, तीसरी बार-NDA सरकार को आशीर्वाद दे रहा है, आज जब पूरा देश, अबकी बार-400 पार का विश्वास, 400 पार का विश्वास कर रहा है। तब मैं पुन: राजकोट के एक-एक परिजन को सिर झुकाकर नमन करता हूं। मैं देख रहा हूं, पीढ़ियां बदल गई हैं, लेकिन मोदी के लिए स्नेह हर आयु सीमा से परे है। ये जो आपका कर्ज है, इसको मैं ब्याज के साथ, विकास करके चुकाने का प्रयास करता हूं।

साथियों,

मैं आप सबकी भी क्षमा चाहता हूं, और सभी अलग-अलग राज्यों में माननीय मुख्यमंत्री और वहां के जो नागरिक बैठे हैं, मैं उन सबसे भी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मुझे आज आने में थोड़ा विलंब हो गया, आपको इंतजार करना पड़ा। लेकिन इसके पीछे कारण ये था कि आज मैं द्वारका में भगवान द्वारकाधीश के दर्शन करके, उन्हें प्रणाम करके राजकोट आया हूं। द्वारका को बेट द्वारका से जोड़ने वाले सुदर्शन सेतु का लोकार्पण भी मैंने किया है। द्वारका की इस सेवा के साथ-साथ ही आज मुझे एक अद्भुत आध्यात्मिक साधना का लाभ भी मिला है। प्राचीन द्वारका, जिसके बारे में कहते हैं कि उसे खुद भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था, आज वो समुद्र में डूब गई है, आज मेरा सौभाग्य था कि मैं समुद्र के भीतर जाकर बहुत गहराई में चला गया और भीतर जाकर मुझे उस समुद्र में डूब चुकी श्रीकृष्‍ण वाली द्वारका, उसके दर्शन करने का और जो अवशेष हैं, उसे स्पर्श करके जीवन को धन्य बनाने का, पूजन करने का, वहां कुछ पल प्रभु श्रीकृष्ण का स्मरण करने का मुझे सौभाग्य मिला। मेरे मन में लंबे अर्से से ये इच्छा थी कि भगवान कृष्ण की बसाई उस द्वारका भले ही पानी के भीतर रही हो, कभी न कभी जाऊंगा, मत्था टेकुंगा और वो सौभाग्य आज मुझे मिला। प्राचीन ग्रंथों में द्वारका के बारे में पढ़ना, पुरातत्वविदों की खोजों को जानना, ये हमें आश्चर्य से भर देता है। आज समंदर के भीतर जाकर मैंने उसी दृश्य को अपनी आंखों से देखा, उस पवित्र भूमि को स्पर्श किया। मैंने पूजन के साथ ही वहां मोर पंख को भी अर्पित किया। उस अनुभव ने मुझे कितना भाव विभोर किया है, ये शब्दों में बताना मेरे लिए मुश्किल है। समंदर के गहरे पानी में मैं यही सोच रहा था कि हमारे भारत का वैभव, उसके विकास का स्तर कितना ऊंचा रहा है। मैं समुद्र से जब बाहर निकला, तो भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के साथ-साथ मैं द्वारका की प्रेरणा भी अपने साथ लेकर लाया हूं। विकास और विरासत के मेरे संकल्पों को आज एक नई ताकत मिली है, नई ऊर्जा मिली है, विकसित भारत के मेरे लक्ष्य से आज दैवीय विश्वास उसके साथ जुड़ गया है।

साथियों,

आज भी यहां 48 हज़ार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स आपको, पूरे देश को मिले हैं। आज न्यू मुंद्रा-पानीपत पाइपलाइन प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे गुजरात से कच्चा तेल सीधे हरियाणा की रिफाइनरी तक पाइप से पहुंचेगा। आज राजकोट सहित पूरे सौराष्ट्र को रोड, उसके bridges, रेल लाइन के दोहरीकरण, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अनेक सुविधाएं भी मिली हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद, अब एम्स भी राजकोट को समर्पित है और इसके लिए राजकोट को, पूरे सौराष्‍ट्र को, पूरे गुजरात को बहुत-बहुत बधाई! और देश में जिन-जिन स्‍थानों पर आज ये एम्स समर्पित हो रहा है, वहां के भी सब नागरिक भाई-बहनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

आज का दिन सिर्फ राजकोट और गुजरात के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भी ऐतिहासिक है। दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था का हेल्थ सेक्टर कैसा होना चाहिए? विकसित भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर कैसा होगा? इसकी एक झलक आज हम राजकोट में देख रहे हैं। आज़ादी के 50 सालों तक देश में सिर्फ एक एम्स था और भी दिल्ली में। आज़ादी के 7 दशकें में सिर्फ 7 एम्स को मंजूरी दी गई, लेकिन वो भी कभी पूरे नहीं बन पाए। और आज देखिए, बीते सिर्फ 10 दिन में, 10 दिन के भीतर-भीतर, 7 नए एम्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसलिए ही मैं कहता हूं कि जो 6-7 दशकों में नहीं हुआ, उससे कई गुना तेजी से हम देश का विकास करके, देश की जनता के चरणों में समर्पित कर रहे हैं। आज 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 200 से अधिक हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इनमें मेडिकल कॉलेज हैं, बड़े अस्पतालों के सैटेलाइट सेंटर हैं, गंभीर बीमारियों के लिए इलाज से जुड़े बड़े अस्पताल हैं।

साथियों,

आज देश कह रहा है, मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी पर ये अटूट भरोसा क्यों है, इसका जवाब भी एम्स में मिलेगा। मैंने राजकोट को गुजरात के पहले एम्स की गारंटी दी थी। 3 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पंजाब को अपने एम्स की गारंटी दी थी, भटिंडा एम्स का शिलान्यास भी मैंने किया था और आज लोकार्पण भी मैं ही कर रहा हूं- आपके सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने यूपी के रायबरेली को एम्स की गारंटी दी थी। कांग्रेस के शाही परिवार ने रायबरेली में सिर्फ राजनीति की, काम मोदी ने किया। मैंने रायबरेली एम्स का 5 साल पहले शिलान्यास किया और आज लोकार्पण किया। आपके इस सेवक ने गारंटी पूरी की। मैंने पश्चिम बंगाल को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज कल्याणी एम्स का लोकार्पण भी हुआ-आपके सेवक ने गारंटी पूरी कर दी। मैंने आंध्र प्रदेश को पहले एम्स की गारंटी दी थी, आज मंगलगिरी एम्स का लोकार्पण हुआ- आपके सेवक ने वो गारंटी भी पूरी कर दी। मैंने हरियाणा के रेवाड़ी को एम्स की गारंटी दी थी, कुछ दिन पहले ही, 16 फरवरी को उसकी आधारशिला रखी गई है। यानि आपके सेवक ने ये गारंटी भी पूरी की। बीते 10 वर्षों में हमारी सरकार ने 10 नए एम्स देश के अलग-अलग राज्यों में स्वीकृत किए हैं। कभी राज्यों के लोग केंद्र सरकार से एम्स की मांग करते-करते थक जाते थे। आज एक के बाद एक देश में एम्स जैसे आधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। तभी तो देश कहता है- जहां दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती है, मोदी की गारंटी वहीं से शुरू हो जाती है।

साथियों,

भारत ने कोरोना को कैसे हराया, इसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में होती है। हम ये इसलिए कर पाए, क्योंकि बीते 10 वर्षों में भारत का हेल्थ केयर सिस्टम पूरी तरह से बदल गया है। बीते दशक में एम्स, मेडिकल कॉलेज और क्रिटिकल केयर इंफ्रास्ट्रक्चर के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। हमने छोटी-छोटी बीमारियों के लिए गांव-गांव में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं, डेढ़ लाख से ज्यादा। 10 साल पहले देश में करीब-करीब 380-390 मेडिकल कॉलेज थे, आज 706 मेडिकल कॉलेज हैं। 10 साल पहले MBBS की सीटें लगभग 50 हज़ार थीं, आज 1 लाख से अधिक हैं। 10 साल पहले मेडिकल की पोस्ट ग्रेजुएट सीटें करीब 30 हज़ार थीं, आज 70 हज़ार से अधिक हैं। आने वाले कुछ वर्षों में भारत में जितने युवा डॉक्टर बनने जा रहे हैं, उतने आजादी के बाद 70 साल में भी नहीं बने। आज देश में 64 हज़ार करोड़ रुपए का आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन चल रहा है। आज भी यहां अनेक मेडिकल कॉलेज, टीबी के इलाज से जुड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर, PGI के सैटेलाइट सेंटर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। आज ESIC के दर्जनों अस्पताल भी राज्यों को मिले हैं।

साथियों,

हमारी सरकार की प्राथमिकता, बीमारी से बचाव और बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाने की भी है। हमने पोषण पर बल दिया है, योग-आयुष और स्वच्छता पर बल दिया है, ताकि बीमारी से बचाव हो। हमने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति और आधुनिक चिकित्सा, दोनों को बढ़ावा दिया है। आज ही महाराष्ट्र और हरियाणा में योग और नेचुरोपैथी से जुड़े दो बड़े अस्पताल और रिसर्च सेंटर का भी उद्घाटन हुआ है। यहां गुजरात में ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ा WHO का वैश्विक सेंटर भी बन रहा है।

साथियों,

हमारी सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि गरीब हो या मध्यम वर्ग, उसको बेहतर इलाज भी मिले और उसकी बचत भी हो। आयुष्मान भारत योजना की वजह से गरीबों के एक लाख करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। जन औषधि केंद्रों में 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवा मिलने से गरीबों और मध्यम वर्ग के 30 हजार करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। यानि सरकार ने जीवन तो बचाया, इतना बोझ भी गरीब और मिडिल क्लास पर पड़ने से बचाया है। उज्ज्वला योजना से भी गरीब परिवारों को 70 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की बचत हो चुकी है। हमारी सरकार ने जो डेटा सस्ता किया है, उसकी वजह से हर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले के करीब-करीब 4 हजार रुपए हर महीने बच रहे हैं। टैक्स से जुड़े जो रिफॉर्म्स हुए हैं, उसके कारण भी टैक्सपेयर्स को लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की बचत हुई है।

साथियों,

अब हमारी सरकार एक और ऐसी योजना लेकर आई है, जिससे आने वाले वर्षों में अनेक परिवारों की बचत और बढ़ेगी। हम बिजली का बिल ज़ीरो करने में जुटे हैं और बिजली से परिवारों को कमाई का भी इंतजाम कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर- मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से हम देश के लोगों की बचत भी कराएंगे और कमाई भी कराएंगे। इस योजना से जुड़ने वाले लोगों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और बाकी बिजली सरकार खरीदेगी, आपको पैसे देगी।

साथियों,

एक तरफ हम हर परिवार को सौर ऊर्जा का उत्पादक बना रहे हैं, तो वहीं सूर्य और पवन ऊर्जा के बड़े प्लांट भी लगा रहे हैं। आज ही कच्छ में दो बड़े सोलर प्रोजेक्ट और एक विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। इससे रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में गुजरात की क्षमता का और विस्तार होगा।

साथियों,

हमारा राजकोट, उद्यमियों का, श्रमिकों, कारीगरों का शहर है। ये वो साथी हैं जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से अनेक साथी हैं, जिन्हें पहली बार मोदी ने पूछा है, मोदी ने पूजा है। हमारे विश्वकर्मा साथियों के लिए देश के इतिहास में पहली बार एक राष्ट्रव्यापी योजना बनी है। 13 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम विश्वकर्मा योजना से अभी तक लाखों लोग जुड़ चुके हैं। इसके तहत उन्हें अपने हुनर को निखारने और अपने व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। इस योजना की मदद से गुजरात में 20 हजार से ज्यादा लोगों की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इनमें से प्रत्येक विश्वकर्मा लाभार्थी को 15 हजार रुपए तक की मदद भी मिल चुकी है।

साथियों,

आप तो जानते हैं कि हमारे राजकोट में, हमारे यहाँ सोनार का काम कितना बड़ा काम है। इस विश्वकर्मा योजना का लाभ इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी मिला है।

साथियों,

हमारे लाखों रेहड़ी-ठेले वाले साथियों के लिए पहली बार पीएम स्वनिधि योजना बनी है। अभी तक इस योजना के तहत लगभग 10 हज़ार करोड़ रुपए की मदद इन साथियों को दी जा चुकी है। यहां गुजरात में भी रेहड़ी-पटरी-ठेले वाले भाइयों को करीब 800 करोड़ रुपए की मदद मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि जिन रेहड़ी-पटरी वालों को पहले दुत्कार दिया जाता था, उन्हें भाजपा किस तरह सम्मानित कर रही है। यहां राजकोट में भी पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार से ज्यादा लोन दिए गए हैं।

साथियों,

जब हमारे ये साथी सशक्त होते हैं, तो विकसित भारत का मिशन सशक्त होता है। जब मोदी भारत को तीसरे नंबर की आर्थिक महाशक्ति बनाने की गारंटी देता है, तो उसका लक्ष्य ही, सबका आरोग्य और सबकी समृद्धि है। आज जो ये प्रोजेक्ट देश को मिले हैं, ये हमारे इस संकल्प को पूरा करेंगे, इसी कामना के साथ आपने जो भव्‍य स्‍वागत किया, एयरपोर्ट से यहां तक आने में पूरे रास्ते पर और यहां भी बीच में आकर के आप के दर्शन करने का अवसर मिला। पुराने कई साथियों के चेहरे आज बहुत सालों के बाद देखे हैं, सबको नमस्ते किया, प्रणाम किया। मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं बीजेपी के राजकोट के साथियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इतना बड़ा भव्य कार्यक्रम करने के लिए और फिर एक बार इन सारे विकास कामों के लिए और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए हम सब मिलजुल करके आगे बढ़ें। आप सबको बहुत-बहुत बधाई। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

डिस्क्लेमर: प्रधानमंत्री के भाषण का कुछ अंश कहीं-कहीं पर गुजराती भाषा में भी है, जिसका यहाँ भावानुवाद किया गया है।