India is scaling new heights of success and Meghalaya is making a strong contribution to it: PM Modi in Shillong
The love and blessings from the people of Meghalaya will be repaid by bringing development to Meghalaya, says PM Modi in Shillong

भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
Hello Shillong!
Hello Meghalaya!
It is amazing to be here. There is something special about this place. When I think of Meghalaya, I think of the talented people. I think of the vibrant traditions. I also think of the amazing natural beauty. The music of Meghalaya is lively. The passion for football is high. There is creativity in every corner of Meghalaya. We are all proud of Meghalaya’s culture. The famous rock band Queen had a famous song- We are the champions. Today I could say- Meghalaya, you are the champions! I am here with a message of hope and development. India is scaling new heights of success. And, Meghalaya is making a strong contribution to it. We want to build on this further and work for the state.

साथियो,
मुझे पहले भी कई बार आपके बीच आने का मौका मिला है। लेकिन आज जिस प्रकार से शानदार और जानदार ये रोड शो आपने किया है। मैं तो जा रहा था तुरा, लेकिन मुझे आज रूकना पड़ा आपके बीच शिलांग में।

भाइयों-बहनों,
आपका ये प्यार, आपके ये आशीर्वाद, मैं आपको भी इस कर्ज को जरूर चुकाउंगा। और इस प्यार का कर्ज, ये आशीर्वाद का कर्ज... मैं मेघालय का विकास करके चुकाउंगा। आप सबके कल्याण के कामों को गति देकर के चुकाउंगा। आपका ये प्यार, आपके ये आशीर्वाद कभी बेकार नहीं जाने दूंगा। युवा हों, बुजुर्ग हों...मैं देख रहा हूं इस बार यहां के रोड शो की गूंज, इसकी तस्वीरों ने देश के कोने-कोने में आपका संदेश पहुंचा दिया है। मेघालय में चारों तरफ बीजेपी ही बीजेपी दिख रही है। हिल्स हो या प्लेन, गांव हो या शहर कमल खिलता हुआ नजर आ रहा है। मैं देख रहा था कुछ लोग, जिनको देश ने नकार दिया है, जिन्हें देश अब स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है, जो निराशा की गर्त में डूब चुके हैं वो आजकल माला जपते हैं माला। और वो कह रहे हैं मोदी तेरी कबर खुदेगी। ये निराशा के गर्त में डूबे लोग, ये कह रहे हैं...माला जपते-जपते कह रहे हैं- मोदी तेरी कब्र खुदेगी। लेकिन देश कह रहा है, हिंदुस्तान की आवाज कह रही है, हिंदुस्तान का हर कोना कह रहा है- मोदी तेरा कमल खिलेगा..मोदी तेरा कमल खिलेगा। देश की जनता इस प्रकार के विकृत सोच वाले, विकृत भाषा बोलने वाले लोगों को करारा जवाब देगी। मेघालय और नागालैंड में भी देने वाली है।

भाइयों-बहनों,
युवा हों या बुज़ुर्ग, महिलाएं हों या फिर पुरुष, व्यापारी हों या फिर सरकारी कर्मचारी, किसान हों या फिर मज़दूर, सभी एक सुर में कह रहे हैं- मेघालय मांगे- बीजेपी सरकार ! मेघालय मांगे ! मेघालय मांगे ! मेघालय मांगे !

भाइयों और बहनों,
भाजपा के समर्थन में ये जो sentiment पूरे मेघालय में दिख रहा है, पूरे नॉर्थ ईस्ट में दिख रहा है उसके अनेक कारण हैं। लंबे समय तक मेघालय सहित इस पूरे रीजन को कुछ लोगों ने अपने परिवारों की, अपने स्वार्थ की पॉलिटिक्स के लिए प्रयोग किया। ये परिवारवाद जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? मेघालय को परिवारवाद से मुक्ति मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? इन लोगों ने नॉर्थ ईस्ट के हर स्टेट को... जैसे हमे पैसे की जरूरत पड़े तो ATM से निकालते हैं न। ये दिल्ली में ऐसी-ऐसी पॉलिटिकल पार्टियां रही हैं, यहां मेघालय में भी ऐसी-ऐसी पॉलिटिकल पार्टियों ने काम किया है। उन्होंने पूरे मेघालय को ATM बना दिया है। रुपये मार लेते हैं, अपनी जेब भर लेते हैं। आप लोगों को छोटे-छोटे मुद्दों पर बांटा गया। मेघालय के हितों को कभी भी प्राथमिकता नहीं दी गई। इसी पॉलिटिक्स ने मेघालय का बहुत नुकसान किया है, मेघालय के युवाओं का नुकसान किया है। लेकिन मुझे खुशी है कि मेघालय और नॉर्थ ईस्ट की जनता अब भाजपा के साथ है। कमल के साथ है। मेघालय एक मजबूत पार्टी के नेतृत्व में स्थिर और मज़बूत सरकार चाहता है। मेघालय आज फैमिली फर्स्ट के बजाय...ध्यान से सुनिए...फैमिली फर्स्ट के बजाय, पीपल फर्स्ट वाली सरकार चाहता है। चाहता है न?, चाहता है न?, इसीलिए कमल का फूल आज मेघालय की मज़बूती, मेघालय की स्थिरता, मेघालय में शांति का प्रतीक बन गया है।

भाइयों और बहनों,
पहले की सरकारों ने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी, मेघालय के हितों को नजरअंदाज किया है। अच्छी सड़कों का अभाव, रेल कनेक्टिविटी का अभाव, अच्छे एयरपोर्ट्स का अभाव। ऐसे में नॉर्थ ईस्ट का विकास कैसे होता? बीते 9 वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने नई परिस्थितियां बनाई हैं। अब मेघालय का, नॉर्थ ईस्ट का भाग्य बदल रहा है। बदलने वाला है। हम इस बदलाव के लिए आपके पास आए हैं। हमने मेघालय की, नॉर्थ ईस्ट के लोगों की बेसिक चुनौतियों को कम करने पर जोर दिया है। नॉर्थ ईस्ट आज भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मजबूत पिलर बनता जा रहा है। ये ट्रेड और टूरिज्म का बहुत बड़ा सेंटर बनता जा रहा है। इसलिए मेघालय के लोग कह रहे हैं- मेघालय के लोग कह रहे हैं- मेघालय मांगे-बीजेपी सरकार। मेघालय मांगे, मेघालय मांगे, मेघालय मांगे।

साथियों,
आज मैं शिलॉन्ग में एक नई शुरुआत का अनुभव कर रहा हूं। पूरे रास्ते भर मैंने देखा है। मेघालत में बीजेपी की सरकार होगी तो दिल्ली से मुझे आपकी सेवा करने में और आसानी होगी। क्या आप मुझे सेवा करने का मौका देंगे? आपकी सेवा करने का मौका देंगे? आपके कल्याण के लिए काम करने का मौका देंगे? मेघालय के विकास के लिए मौका देंगे? आप सभी इतनी बड़ी तादाद में यहां आए। मैं फिर से एक बार मेघालय का सर झुकाकर के प्रणाम करता हूं, नमन करता हूं। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of prudence and thoughtful decision-making
June 16, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi said that the doors to happiness and prosperity open through actions guided by patience, wisdom and foresight. He noted that every decision requires careful understanding, as success is built on steps taken with due thought and consideration.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”

The Subhashitam conveys that one should never undertake any task without thinking, for doing so without thinking can lead to great calamities. Conversely, success and prosperity automatically seek out and choose the person who thinks carefully.

The Prime Minister wrote on X;

“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”