For Congress and RJD, the worship of Chhathi Maiyya is a drama and 'nautanki', says PM Modi while addressing a rally in Muzaffarpur
The development of this state is the topmost priority of our government, as Bihar’s development is essential for ‘Viksit Bharat’: PM Modi
Katta, krurta, katuta, kusashan and corruption, these are the five identities of RJD’s ‘jungle raj’ in Bihar: PM Modi in Muzaffarpur

भारत माता की... भारत माता की..

महान स्वतंत्रता सेनानी, खुदीराम बोस, जुब्बा साहनी के इ वीर भूमि अपने सब के अभिनंदन करै छी।

साथियों,

मुजफ्फरपुर आता हूं तो सबसे पहले यहां की मिठास ध्यान खींच लेती है। यहां की लीची जितनी मिठी होती है... इतनी बारिश के बावजूद भी, मैं देख रहा हूं, हुजूम आ ही रहा है। बिहार के मेरे भाई-बहनों बिहार के मेरे मालिकों मैं आपका बहुत बड़ा कर्जदार हूं...और
यहां तो इतनी बड़ी मात्रा में माताऔं और बहनों का दर्शन कर रहा हूं।

ये विशाल जन-सागर बता रहा है...

फिर एक बार...NDA सरकार !

फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार...

बिहार में फिर से...सुशासन सरकार !

साथियों,

छठ महापर्व के बाद, ये मेरी पहली जनसभा है। छठ महापर्व...बिहार और देश का गौरव है। देश-दुनिया में छठ महापर्व मनाया जाता है... हम छठ के गीत सुनते हैं तो भाव-विभोर हो उठते हैं। छठी मैया की पूजा में मां की भक्ति है… छठी मइया की पूजा में समता, ममता और सामाजिक समरसता है.. छठी मइया की पूजा ये हमारी साझी विरासत का उत्सव भी है... और इसलिए हमारी सरकार का प्रयास है... कि दुनिया भी, ये जरा सुनना, इन मूल्यों से सीखे..

साथियों,

हम छठ महापर्व को... मानवता के महापर्व के रूप में, दुनिया की एक बहुत बड़ी संस्था है, दुनिया के सारे देश इससे जुड़े हुए हैं, उस संस्था का नाम है यूनेस्को, हमलोग कोशिश कर रहे हैं कि यूनेस्कों की जो विश्व विरासत की सूची है, पूरी दुनिया की महत्वपूर्ण संस्था यूनेस्को, और उसमें जो विश्व विरासत की सूची बनती है, बड़ी जांच पड़ताल के बाद बनती है, लंबी प्रक्रिया के बाद बनती है। हमारी सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि हमारे इस छठ महापर्व को भी यूनेस्को की उस सूची में नाम दर्ज हो जाए। मुझे बताइए, हर बिहारी को गर्व होगा कि नहीं होगा.. जरा पूरी ताकत से बताइए, जब दुनिया में इस महान विरासत के रूप में इसका नाम लिखा जाएगा, हर बिहारी को गर्व होगा कि नहीं होगा, हर हिंदुस्तानी को गर्व होगा कि नहीं होगा। छठ महापर्व की हमारी दिव्य परंपरा गीतों के माध्यम से भी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक निरंतर प्रवाहित होती रहे, इस दिशा में हम एक नए अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। साथियों, इसी दिशा में हम एक और अभियान भी शुरू करने जा रहे हैं। क्योंकि हम चाहते हैं कि नई पीढ़ी भी इस छठ महापर्व में गीतों की जो परंपरा है, गीतों के माध्यम से एक पीढ़ी को दूसरी पीढ़ी तक छठ महापर्व की संस्कार प्रक्रिया चलती रहे, उसको देशव्यापी ताकत देने के लिए हम पूरे देश में विभिन्न कलाकारों द्वारा छठ पूजा के भजनों की एक स्पर्धा करने वाले हैं । और छठ पूजा के पहले स्पर्धा कर लेंगे, ताकि नए ऩए कलाकार, नए-नए गीत, नई-नई भक्ति, नई-नई भावना इसको व्यक्त करने का देश की हर भाषा के लोगों को मौका मिले। इसमें जनता ही चुनेगी की उन्हें कौन-कौन से गीत सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं। जो टॉप के गीत चुने जाएंगे… उन्हें लिखने वाले, उन्हें गाने वाले गायकों का, वो गीत लिखने वालों का सम्मान किया जाएगा...उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। और ये विचार मुझे इसलिए आया कि मैं इस बार ट्रैवलिंग में जब होता था रात को सोने से पहले जब थोड़ा समय रहता था, सुबह जब योगा करता था, तो मैं छठी मैया के भजनों को सुनता था। और उसमें मैंने देखा, एक विदेशी महिला इतने बढ़िया तरीके से छठी मैया के गीत गाती थी। मैंने नागालैंड की एक बेटी को देखा, उसके लिए तो हिंदी बोलना भी मुश्किल था, लेकिन वो नागालैंड की बेटी छठी मैया का भजन इतने भावपूर्ण रूप से गाती थी, तो मेरे मन में विचार आया कि अब छठी मैया हिंदुस्तान के कोने-कोने में ही नहीं अब दुनिया के कोने-कोने में भक्ति का भाव जगा रही है। और इसमें से ये अभियान करने का मेरे मन में विचार आया। ये अभियान छठी मैया की पूजा से जुड़ी हमारी परंपरा के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाएगी। और नई पीढ़ी को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करेगी लेकिन साथियों, आपने देखा है...ये आपका बेटा तो छठी मइया का जयजयकार दुनिया में कराने में लगा है, दूसरी तरफ कांग्रेस और आरजेडी के लोग क्या कर रहे हैं... ये लोग छठी मइया का अपमान कर रहे हैं। क्या कर रहे हैं…क्या कर रहे हैं,....आप मुझे बताइए क्या कभी कोई चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मइया का अपमान कर सकता है क्या। क्या ऐसा अपमान बिहार सहन करेगा क्या? क्या ऐसा अपमान हिंदुस्तान सहन करेगा क्या। क्या मेरी माताएं जो निर्जला उफवास करती हैं, क्या वो सहन करेंगी क्या। RJD-कांग्रेस के लिए कैसी बेशर्मी से बोल रहे हैं। उनके लिए तो छठी मैया की पूजा...एक ड्रामा है। नौटंकी है। आप उनकी बातों से सहमत हैं क्या ऐसे लोगों को सजा दोगे की नहीं दोगे। जो माताएं-बहनें निर्जला इतना लंबा व्रत रखती हैं... जो गंगा जी में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं। वो RJD-कांग्रेस की नजर में वो तो ड्रामा करती हैं। क्या बिहार की माताएं-बहनें, सारी माताएं-बहनें हमें जवाब दीजिए ये छठी मैया का अपमान बर्दाश्त करेंगी क्या? साथियों, ये हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो छठी मइया में श्रद्धा रखता है। और मैं जानता हूं... छठ पूजा के इस अपमान को बिहार चुनाव नहीं आने वाले सैकड़ों सालों तक भूलने वाला नहीं है मैं छठी मैया की भक्ति को समझता हूं और इसलिए कहता हूं, सैकड़ों साल तक इस अपमान को छठी मैया की पूजा करने वाला कोई…कोई नहीं भूलेगा। साथियों, ये हमारा बिहार, ये हमारा बिहार तो ...स्वाभिमान की धरती है। जिन लोगों ने छठ पूजा को गाली देने का काम किया है... बिहार ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

बिहार का गौरव और बढ़ाना, बिहार की मीठी बोली, बिहार की संस्कृति इसे दुनिया के कोने कोने में ले जाना बिहार का विकास करना एनडीए-भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जब भारत समर्थ था आर्थिक रूप ज्ञान और विज्ञान की सबसे बड़ी ताकत था, तो उसमें बिहार की सबसे बड़ी भूमिका थी। इसलिए आज विकसित भारत बनाने के लिए भी बिहार का विकसित होना बहुत जरूरी है।

साथियों

RJD-कांग्रेस कभी भी बिहार को विकसित नहीं बना सकता। इन पार्टियों ने बरसों तक बिहार पर एकछत्र राज किया। लेकिन इन्होंने आपको सिर्फ विश्वासघात दिया है। आरजेडी और कांग्रेस वालों की पहचान पांच चीज़ों से है — अगर मेरी बात सच लगे तो मुझे आपका अनुमोदन चाहिए, मुझे आपका साथ चाहिए क्या किया है आरजेडी वालों ने क्या किया है कांग्रेस वालों ने, क्या किया है जंगलराज वालों ने, मैं पांच शब्दों में, पांच शब्दो में उनके कारनामों की कथा कहना चाहता हूं। ये पांच शब्द कौन से हैं? कट्टा, है कि नहीं है- कट्टा क्रूरता, है कि नहीं है कटुता, है कि नहीं है कुशासन- है कि नहीं है करप्शन। मैं दोबारा बोल देता हूं… कटा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन ये जंगलराज की पहचान है कि नहीं। उनके साथियों की पहचान बन गई है कि नहीं बन गई है। जहाँ कट्टा-क्रूरता का राज हो...वहाँ कानून दम तोड़ता है। जहां कटुता बढ़ाने वाली RJD-कांग्रेस हो, वहां समाज में सद्भाव मुश्किल होता है। जहां RJD-कांग्रेस का कुशासन हो...वहां विकास का नामों निशान नहीं होता। और जहाँ करप्शन हो...वहां सामाजिक न्याय नहीं मिलता...गरीब का हक लुट जाता है...सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। आप मुझे बताइए... ऐसे लोग क्या कभी भी, मैं आप से सुनना चाहता हूं क्या ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला कर सकते हैं क्या? बिहार का भला कर सकते हैं क्या? बिहार का भला कर सकते हैं क्या? साथियों, बिहार को आगे बढ़ाने के लिए उद्यम चाहिए, उद्योग चाहिए... और उद्योग के लिए... ज़मीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज चाहिए... अब सोचिए, जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का हो... वो किसी उद्योग को जमीन देंगे क्या? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, वो बिजली दे पाएंगे क्या? जिन्होंने रेल को लूटा... वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या? जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए... वो कानून का राज ला सकते हैं क्या? साथियों, बिहार ने भाजपा-एनडीए का सुशासन देखा है। आज बिहार में रेल के इंजन बन रहे हैं, डेयरी के बड़े-बड़े प्लांट लग रहे हैं, मखाना अब दुनिया भर में जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग हो, टेक्सटाइल क्ल्स्टर्स हों, लेदर पार्क हों, IT पार्क हों... ये सब हमारे बिहार की पहचान बन रहे हैं। कभी बिहार… अपनी जरूरत के लिए मछली बाहर से मंगाता था... आज बिहार अपनी जरूरतें तो पूरा करता है, लेकिन बिहार के मेरे भाई-बहन मछली दूसरे राज्यों को भी भेज रहे हैं। कमाई कर रहे हैं ये आत्मनिर्भरता का कितना बड़ा उदाहरण बना है। साथियों, NDA का संकल्प है... बिहार में पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई के भरपूर अवसर बनें। बिहार का बेटा-बेटी...अब पलायन नहीं करेगा.. बिहार में ही काम करेगा...बिहार का ही नाम करेगा।

साथियों,

जब सुशासन होता है...तो सब खिलते हैं... और जब जंगलराज होता है...तब सबका दम घुटता है। मैं इसका भी एक उदाहरण देता हूं। आजकल पूरा बिहार GST बचत उत्सव मना रहा है। इससे बिहार के हर परिवार को बचत हो रही है। हमारे नौजवान साथियों में से कोई नई बाइक खरीद रहा है... कोई नई स्कूटी खरीद रहा है। एक ताजा आंकड़ा आया है... आप इस आंकड़े को जरा याद रखना…ये सारे उत्साही नौजवानों को मैं देख रहा हूं जरा आंकड़ा याद रखना पिछले साल, यानी एक साल पहले, सितंबर-अक्टूबर के महीने में बिहार में 50 हजार मोटरसायकिल बिकी थी। 50 हजार मोटरसाइकिल की बिक्रि हुई थी , पिछले 12 महीने पहले इस साल GST बचत उत्सव में... इस वर्ष के सितंबर-अक्टूबर के महीने में बिहार में करीब डेढ़ लाख मोटरसायकिलें बिकी हैं। ये मेरे बिहार के युवा की ताकत है कि नहीं है, ये मेरे बिहार का युवा ताकतवर बन रहा है कि नहीं बन रहा है। यानि बिहार में तीन गुणा अधिक मोटरसाइकिल की खरीदारी हुई है। यानि नई बाइक भी आ गई...और हज़ारों रुपए भी बच गए। मैं आपसे पूछता हूं साथियों... कीमत कम होने से जरा हमें जवाब देना पड़ेगा माताओ-बहनों को भी, युवाओं को जरा जोर से देना पड़ेगा जरा आप बताइये कीमत कम होने से.. आप खुश हैं कि नहीं हैं? गांव वाले खुश हैं कि नहीं हैं… शहर वाले खुश हैं कि नहीं हैं… बिहार वाले खुश हैं कि नहीं हैं, देश वाले खुश हैं कि नहीं हैं। लेकिन साथियों, जंगलराज में ये काम संभव ही नहीं था। जंगलराज में तो गाड़ियों की दुकानें, गाड़ियों के शोरूम भी बंद हो गए थे। ये बंद इसलिए हुए...ऐसा नहीं कि विक्री नहीं थी, ये इसलिए बंद हुए क्योंकि RJD के नेता अपनी टोलियों को लेकर के शोरूम लुटवा लेते थे। गाड़ियां लुटवा लेते थे किसी ने नई गाड़ी खरीदी हो...तो उसके पीछे RJD के गुंडे लग जाते थे। बताइए...ऐसे जंगलराज में क्या कोई अपनी पूंजी लगाता... कोई अपना शोरूम लगाता? क्या कोई अपनी दुकाना लगाता क्या… कोई नहीं लगाता आरजेडी-कांग्रेस के ऐसे ही कुकर्मों ने लाखों नौजवानों को बेरोजगार कर दिया। पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया। साथियों, जंगलराज के दिनों को याद करते हैं तो अंदाजा लगता है कि हालात कितने खतरनाक थे। यहां आप मुजफ्फरपुर के लोग...RJD सरकार में हुए गोलू अपहरण कांड कभी नहीं भूल सकते। जो 20-25 साल उम्र तक के लोग हैं ना उन्हें शायद गोलू अपहरण कांड का पता नहीं होगा। जो पुराने लोग है वे जरा बताना कि क्या हुआ था। इसी शहर में...साल 2001 में...स्कूल जाते हुए एक छोटे से बच्चे को, एक बालक को अपराधियों ने दिन दहाड़े किडनैप कर लिया था। और बदले में ढेर सारे रुपये मांगे थे। और जब रुपये नहीं दे पाए तो इन आरजेडी के चट्टे-बट्टों ने उस गोलू को, उस छोटे से बच्चे को उसके टुकड़े कर दिए। मेरे भाइयों-बहनों उसके टुकड़े कर दिए, बेरहमी से उन्हें मार दिया गया। पूरे बिहार के जंगलराज में आए दिन ऐसी घटनाएं घटती थी। ऐसे हालात बना दिए गए थे। RJD के शासन में करीब-करीब 35 से 40 हजार से ज्यादा अपहरण हुए थे... आज के युवा कल्पना कर सकते हैं... कितनी खौफनाक स्थिति थी। साथियों, रोते बिलखते मां-बाप से RJD को ना कोई तब फर्क पड़ा था... और ना ही आज उन्हें आपके सुख-दुख से कोई लेना-देना है

...आपकी किसी चिंता से उसे कोई लेना देना नहीं है। RJD-कांग्रेस की नीयत क्या है, ये इनके ताजा प्रचार से ही पता चलता है। आप RJD कांग्रेस के खतरनाक नारे सुन रहे होंगे… इतना ही नहीं चुनाव प्रचार में इनकी बेशर्मी देखिए, इनकी हिम्मत देखिए चुनाव के मैदान में भी कैसे गाने बज रहे हैं। हम तो हाथ जोड़ के आपकी सेवा करने वाले गीत लेकर के आते हैं। और ये कैसे गाने बजा रहे हैं इनके गानों में छर्रा, कट्टा, दु-नाली.. मैं तो सोच नहीं सकता भाई .ये छर्रा, कट्टा, दु-नाली.. इसके गाने और चुनाव के मैदान में.. इनकी मंशा का ये प्रतिबिंब है इनकी सोच का प्रतिबिंब है। RJD-कांग्रेस वाले बहन-बेटियों को उठा ले जाने की धमकियां दे रहे हैं। ये बहन बेटियों को उठाने का खेल चल रहा है, डराया जा रहा है मेरे नौजवानों मुझे बताइये आप मुझे बताइए... क्या आपको ये सब स्वीकार है क्या? आपको मंजूर है क्या? क्या बिहार की धरती से उखाड़ फेंकना चाहिए कि नहीं चाहिए।

साथियों,

बिहार, आत्मनिर्भर भारत अभियान की धुरी बनने जा रहा है। बिहार के हर जिले में कुछ न कुछ ऐसा है, जो दुनिया के बाज़ार में छा सकता है। और साथियों, मेरा सपना है कि दुनिया की हर रसोई में कोई न कोई खाने का ऐसा पैकेट ज़रूर हो...जो मेड इन इंडिया हो..मेड इन बिहार हो। ये काम बिहार का किसान और नौजवान कर सकता है। शाही लिची हो, ज़रदालु आम हो, हमारा मगही पान हो, मिथिला मखाना हो...ऐसे अनेक उत्पाद बिहार में पैदा होते हैं। यहां के किसान, कतरनी और मर्चा चावल उगाते हैं। हमारी सरकार ने इन सभी को GI टैग दिया है। यानि दुनिया में इन उत्पादों के साथ अब बिहार का ही नाम आएगा। साथियों, NDA की डबल इंजन सरकार... बिहार में कृषि आधारित उद्योगों पर, फूड प्रोसेसिंग पर बल दे रही है। इसके लिए भी हमारी सहकारी समितियों को मदद दे रहे हैं। और हम छोटे किसानों के हितों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं इसका प्रमाण है। इस योजना के तहत, सिर्फ मुजफ्फरपुर के किसानों के खाते में ही करीब डेढ़ हज़ार करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। यहां के किसानों… मैं बिहार और देश की बात नहीं कर रहा हूं…सिर्फ इस इलाके की बात कर रहा हूं, डेढ़ हजार करोड़ रुपया किसानों के खाते में पहुंचा है,

साथियों,

मुजफ्फरपुर का विकास होता है तो पूरे उत्तर बिहार के लोग आगे बढ़ते हैं। आप याद करिए जब कुशासनवालों और जंगलराजवालों की सरकार थीं, जब अस्पताल नहीं मिलते थे। बड़े-बड़े डॉक्टर बिहार छोड़ कर चले गए थे। और अब आज यही मुजफ्फरपुर में सैकड़ों करोड़ का कैंसर अस्पताल बना है। मुजफ्फरपुर, मोतिहारी एलपीजी पाइपलाइन इस प्रोजेक्ट के कारण अब बहनों की रसोई तक पाइप से सस्ती गैस पहुंच रही है। साथियों मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पटना और छपरा के साथ कनेक्टिविटी सुधर गई है, हमारा सफर आसान भी हुआ है और दूरी भी कम हुई है। वो दिन दूर नहीं जब मुजफ्फरपुर का रेलवे स्टेशन, …एक्सपोर्ट यहां की नई पहचान बनेंगे।

साथियों,

ये धरती, राजेंद्र बाबू, जे वी कृपलानी, जॉर्ज फर्नांडिस, और कैप्टेन जयनारायण निषाद की कर्मभूमि रही है... जानकी बल्लभ शास्त्री, बाबू देवकी नंदन खत्री, रामवृक्ष बेनीपुरी और रामधारी सिंह दिनकर जी ने...यहां अपने साहित्य को धार दी है। बिहार की इन महान संतानों की प्रेरणा...आज NDA सरकार के काम में दिखती है। आपको पता ही है... NDA सरकार ने...मुज़फ्फरपुर की ‘किसान चाची’...किसान चाची का नाम आप जानते हैं, मुजफ्फरपुर का ही नहीं बिहार की गौरव हैं। किसान चाची राजकुमारी देवी जी को हमने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया । कांग्रेस-RJD के राज में तो सम्मान भी उन्हीं को मिलता था...जो इनके दरबार में हाज़िरी लगाते थे। क्या ऐसे लोग गरीबों को आगे बढ़ा सकते हैं? साथियों, सामाजिक न्याय के नाम पर भी RJD-कांग्रेस ने आपको सिर्फ धोखा ही दिया है। सच्चाई ये है कि ये लोग डॉक्टर बाबा-साहेब आंबेडकर का अपमान करने में गर्व करते हैं। जिन बाबा साहेब की तस्वीर को करोड़ों भारतीय सिर-माथे पर रखते हैं…अपनी पूजा में रखते हैं ये RJD वाले लोग उसको पैरों के पास जगह देते हैं। दलितों को लेकर RJD-कांग्रेस के मन में यही भावना है… साथियों, बाबा साहेब का सम्मान, उनका विजन...हमारी सरकार की बहुत बड़ी प्रेरणा है। हमारी सरकार ने बाबा साहेब से जुड़े स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया है। बहुत कम लोगों को पता होगा कि बाबा साहेब ने जब PHD की पढ़ाई की थी...तो उनका विषय था- रुपया… रुपी वो अर्थव्यवस्था के बहुत बड़े जानकार थे। इसलिए ही भाजपा-NDA की सरकार ने जो डिजिटल लेन-देन वाला प्लेटफॉर्म है ना, आप जो मोबाइल से पैसे देते हैं.. आपको पता है हमने उसका नाम भीम. रखा हुआ है .. आज भीम एप ने डिजिटल लेन-देन में अमीरी गरीबी का भेद मिटा दिया है। आज लाखों की गाड़ियों में चलने वाला भी भीम एप का इस्तेमाल करता है... और ठेले पर सामान बेचने वाला मेरा गरीब भाई भी भीम एप से लेन-देन करता है। बाबा साहेब की प्रेरणा ने असंभव को भी संभव कर दिखाया है। साथियों, ये हमारी सरकार ही है...जिसने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। हमने ही मुजफ्फरपुर की संतान, डॉक्टर भगवान लाल सहनी को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया। सबको अवसर मिले, सबको सम्मान मिले... यही सच्चा सामाजिक न्याय है... और ये भाजपा-एनडीए सरकार में ही संभव है। साथियों, बिहार की बहनों-बेटियों, में अद्भुत हुनर है। मां सरस्वती की...आप बहनों-बेटियों पर बहुत कृपा है। यहां की शानदार सुजनी कला से गांव-गांव में कई सारी बहनें जुड़ी हैं। लहठी चूड़ियां तो मुज़फ्फपुर की पहचान है... अब ये परंपरा से आगे...फैशन में भी आ रही हैं। आप मुझे बताइए बहनों... आपकी जो ये कला है, ये जो कौशल है... ये पूरी दुनिया तक पहुंचनी चाहिए कि नहीं पहुंचनी चाहिए, आपकी कला पूरी दुनिया में जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए? पूरी ताकत से बताइए कि जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए आप मुझे बताइए ये काम कौन करेगा? ये काम कौन करेगा? ये काम कौन करेगा? …ये काम, भाजपा-NDA को दिया आपका एक वोट करने वाला है । साथियों, नरेंद्र हो या नीतीश जी... बहनों का सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता रही है। हमने गरीबों को पक्के घर दिए...तो रजिस्ट्री बहनों के नाम पर की। हमने नल दिया...हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिया...मुफ्त अनाज दिया... ताकि, बहनों की परेशानी कम हो। साथियों, अभी यहां नीतीश जी की सरकार ने, बहनों के स्वरोजगार के लिए बहुत बड़ी योजना चलाई है। एक करोड़ 30 लाख बहनों के खाते में...हर एक के खाते में...दस-दस हज़ार रुपए पहुंच चुके हैं। देखिए सुनते ही बहनों में कैसी चेतना दिखती है। इस पैसे से बिहार की बहनें खुद का कोई ना कोई व्यवसाय काम शुरु कर रही हैं। और मैं आज आपको विश्वास दिलाता हूं.. हम यहीं पर नहीं रुकेंगे। जब फिर से NDA सरकार बनेगी... तो इन बहनों को अपना काम बढ़ाने के लिए और अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।

साथियों,

बिहार के चुनावी संग्राम में अब दो युवकों की जोड़ी ने जो अपने आप को युवराज ही मानते हैं इन दो युवराजों ने झूठे वायदों की दुकान खोल ली है। एक भारत के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज... दूसरा...बिहार के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज... ये दोनों ही हजारों करोड़ के घोटाले में जमानत पर हैं। और गांव में जो जमानत पर आता है ना उसका कोई सम्मान नहीं करता है इन दोनों ने कल भर-भर के मोदी को गालियां दी हैं। भर-भर के गालियां दी हैं… अब जो लोग नामदार हैं...वो इस कामदार को गालियां तो देंगे ही। कामदार को गाली दिए बिना इन नामदारों का खाना हजम नहीं होता है। दलित को, पिछड़े को गाली देना तो नामदार अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। और इसलिए ही तो ये लोग मुझे चौबीसों घंटे दुत्कारते रहते हैं... नफरत करते हैं.. गालियां देते रहते हैं। गंदी-गंदी गालियां देते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि इन्हें बर्दाश्त नहीं होता कि एक पिछड़ा...एक गरीब घर से निकला एक चाय बेचने वाले व्यक्ति आज यहां पहुंच गया है। जो गालियां देते हैं वो जरा कान खोलकर के सुनो, ये आपकी कृपा से यहां नहीं पहुंचा है। ये तो जनता जनार्दन के आशीर्वाद से और बाबा साहब आंबेडकर के संविधान से यहां पहुंचा है साथियों, इस चुनाव में असली खबर मुझे दी गई गालियां नहीं है...बल्कि आरजेडी-कांग्रेस में हो रहा झगड़ा है। आरजेडी-कांग्रेस का रिश्ता तेल और पानी की तरह दिख रहा है। एक ग्लास मे होते हैं, शीशे का ग्लास होता है तो दिखते तो ग्लास में हैं, लेकिन पानी और तेल का मेल ही नहीं होता है। बिहार में हर तरफ से खबरें आ रही हैं कि कैसे RJD कार्यकर्ता...कांग्रेस के लोगों को नीचे घसीट रहे हैं। वहीं कांग्रेस के कार्यकर्ता भी RJD के लोगों से पूरी दुश्मनी निकाल रहे हैं। जमानत पर चल रहे दोनों युवराजों ने, इन दोनों युवराजों ने ये दिखाने की बड़ी कोशिश की है... कि उनके बीच कोई मनमुटाव नहीं है...कोई झगड़ा नहीं है... लेकिन इन्हीं लोगों के लिए कहा गया है... उपर से तो दिल मिला..भीतर फांके तीन.. साथियों, इन्हें जो चीज एक साथ ले आई है... वो है- सत्ता का लालच.. इन्हें किसी भी तरह बिहार की सरकार पर कब्जा करना है... ताकि ये भ्रष्ट परिवार मिलकर फिर से बिहार को लूट सके। मुझे आप बताइए... क्या आप RJD-कांग्रेस को फिर से, मुझे आपका जवाब चाहिए, जनता का जवाब चाहिए, आप मेरे मालिक है... आप जो कहेंगे वो मुझे मंजूर होगा... आप मुझे बताइए.. ये जमानत पर निकले युवराजों को हम फिर से बिहार लूटने की इजाजत देंगे क्या.. बिहार लूटने देंगे क्या? इन लोगों को बिहार लूटने का हक दे देंगे क्या.. साथियों, आज हर सर्वे में एक बात खुलकर सामने आ रही है। इस चुनाव में RJD-कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार होने जा रही है। सारे सर्वे बता रहे हैं.. और सारे सर्वे ये भी बता रहे हैं इस चुनाव में NDA की सबसे बड़ी जीत होने वाली है। और इसी चुनाव में RJD-कांग्रेस को अब तक की सबसे कम सीटें मिलने वाली है। ये एक नया इतिहास बिहार के युवा, बिहार की महिला, बिहार का किसान बिहार का मछुआरा बना रहा है। और इसी से RJD-कांग्रेस वाले बुरी तरह घबरा गए हैं। अपने घोषणापत्र में ये लोग ऐसी-ऐसी बातें बोल रहे हैं जो सिर्फ और सिर्फ झूठ हैं। ये लोग इतना फेंक रहे हैं...इतना फेंक रहे हैं... कि इनके समर्थकों तक को हजम नहीं हो पा रहा। मैं देख रहा था... बिहार के युवा कैसे सोशल मीडिया पर इस लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं। ये RJD-कांग्रेस वाले बिहार के लोगों की बौद्धिक क्षमता को कम आंकने का पाप कर रहे हैं। मैं जानता हूं- बिहार के लोग RJD-कांग्रेस के झांसे में नहीं आएंगे... फिर एक बार NDA सरकार बनाएंगे।

साथियों,

बिहार अब विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। यहां इस क्षेत्र में 6 नवंबर को मतदान है.. मतदान कब है? मतदान कब है? मतदान कब है?. छह नवंबर याद रखें आपको अपना वोट बिहार की समृद्धि का रास्ता बनाने के लिए करना है। मेरी बात याद रखिएगा पहले मतदान, फिर जलपान। आप इतनी बड़ी संख्या में, NDA के इन सभी उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने के लिए आए... एक बार फिर आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं सभी उम्मीदवारों से चाहूंगा कि वे सब यहां आकर खड़े हो जाएं, सारे उम्मीदवार, सारे वहां खड़े हो जाएं सब मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की...भारत माता की...

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Cabinet approves Ahmedabad Metro Rail project Phase 2A (Koteshwar Road to Airport corridor)
June 10, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi has approved Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project with corridor for a length of 6.032 Km with 05 stations (04 Elevated and 01 underground). On operationalisation of Phase 2(A), Ahmedabad-Gandhinagar will have 77.63 Km of active Metro Rail Network. The names of stations in the Phase 2(A) Corridor are- Ashram Road, Koteshwar Prachin Mandir, Sabarmati River, Sardar Nagar and Airport.

The total completion cost including IDC (Interest during Construction) for the project will be Rs.2,169.04 crore.

Benefits and Bolstering Growth:

The Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project represents a significant advancement in the city’s infrastructure development. Phase 2(A) acts as a major expansion of the Metro Rail Network in the city.

Enhanced Connectivity:

Phase 2(A) of the Ahmedabad Metro Project envisages the development of approximately 6.032 km of new metro corridor, aimed at substantially enhancing public transportation by providing seamless connectivity to the airport and linking key residential and commercial areas that presently lack efficient transit access.

This phase aims to seamlessly integrate key zones, including residential & Commercial hubs with existing Ahmedabad-Gandhinagar corridor. Further, likelihood of sports facilities also being developed in the vicinity for the World Police Games 2029 and Commonwealth Games 2030.

By bridging these vital areas with the metro network, Phase 2(A) will not only enhance connectivity but also stimulate economic activity, tourism, and ease urban mobility for both residents and visitors.

Reduction in Traffic Congestion: Metro Rail as an efficient alternate road transport and with Phase 2(A) as an extension of the Metro Rail network to the Airport, will be particularly impactful inside Ahmedabad. Reduction in road traffic can lead to smoother movement of vehicles, reduction in travel time, increasing overall road safety etc.

Environmental Benefits: With the addition of Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project and increase in overall Metro Rail Network in Ahmedabad & Gandhinagar cities, can significantly reduce carbon emissions compared to traditional fossil fuel-based transport.

Economic Growth: Reduced travel times and improved access to different parts of the city such as Airport, Railway Stations and Bus Depots can enhance productivity by allowing individuals to reach their workplaces and destinations more efficiently. Also, the enhanced connectivity can stimulate local businesses, especially in areas near new metro stations which can also attract investment and development in previously less accessible regions.

Social Impact: The expansion of Phase 2(A) Metro Rail network in Ahmedabad will provide more equitable access to public transport, benefiting diverse socio-economic groups and reducing transport disparities which will contribute to a higher quality of life by reducing commute times and improving access to essential services.
The Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project is set to be a transformative development for the city. It promises to deliver enhanced connectivity, reduced traffic congestion, environmental benefits, economic growth, and improved quality of life. By addressing key urban challenges and providing a foundation for future expansion, Phase 2(A) will play a crucial role in shaping the city's development trajectory and sustainability.

The Ahmedabad Metro Phase 2A will generate employment of around 2,000 persons during the peak period of construction activity and 500 persons are likely to work during Operation & Maintenance of the system.

Route Map: