On June 10, Odisha will witness swearing-in of its first BJP CM: PM Modi in Mayurbhanj, Odisha
The land of Mayurbhanj is known for women empowerment: PM Modi in Mayurbhanj, Odisha
You trusted BJD for 25 years, but it broke your trust at every step: PM Modi in Mayurbhanj, Odisha

 

जय जगन्नाथ! जय जगन्नाथ! आयो बाबा, बहया मिसी सानम को जोहार गे! भंज भूमि मयूरभंज आपण मानंकु मध्य रे उपस्थित होई मते अत्यंत खुशी लागुची। मां किचकेश्वरी को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम! मैं महाराजा श्रीराम चंद्र भंजदेव और पंडित रघुनाथ मुर्मू जी को भी आदगर पुवर्क नमन करता हूं।

भाइयों और बहनों,

आज ओडिशा में ( ये आपका प्यार अच्छे-अच्छे लोगों को ओडिशा के विषय में पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। एक सज्जन जो शायद राम दरबार की तस्वीर ले करके आए हैं, कोई बहन ले कर आय़ी हैं, कौन हैं? हां वो बहन ले करके आयी है जरा ले लिजिए भाई, हमारे एसपीजी के लोग अगर पीछे आपने नाम पता लिखा होगा तो मैं आपको चिठ्ठी भेजूंगा। तो आप पूरा राम दरबार ले कर आए हैं। जय श्रीराम,जयश्रीराम। हां दे दिजिए भाई। बहुत बहुत धन्यवाद मुझे इतना उत्तम तोहफा देने के लिए। भारत माता की जय! भारत माता की जय!) आज चुनाव प्रचार का मेरा ये अंतिम दिन है। वैसे भी पूरे देश में कल शाम को पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। अभी-अभी मैं बंगाल से आ रहा हूं। मैं देख रहा हूं, चाहे मैं झारखंड जाऊं, चाहे बंगाल जाऊं या चाहे ओडिशा आऊं। मैं कल से दो तीन स्थान पर जा कर आया हूं। औऱ ये अद्भुत उमंग उत्साह ये पक्का कर रहा है तीसरी बार मजबूत, मजबूत मोदी सरकार बनना तय है। ( वहां भी एक बेटी तस्वीर ले कर आय़ी है उसके साथ अन्याय मत करो भाई, वो तो मेरी मॉ का चित्र बनाकर लायी है। थैंक्यू बेटा।थैंक्यू। थैंक्स ए लॉट) साथियों, 5 दशक के बाद लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का देश ने निर्णय कर लिया है। जो विकास लोगों ने दशकों में नहीं देखा था, वो पिछले 10 साल में देखा है। 2014 में 11वें नंबर की इकॉनॉमी में थे, आज हम दुनिया की 5वीं बड़ी आर्थिक ताकत बन गए हैं। 2014 से पहले देश के गांवों में स्वच्छता का दायरा हमारे देश में 40 प्रतिशत ही था।आजादी के इतने सालों बाद, स्वच्छता जैसा काम 40 परसेंट था। आज हम 100 प्रतिशत के लक्ष्य पर पहुंच रहे हैं। पहले एलपीजी कनेक्शन सिर्फ आधे देशवासियों के घरों में था, सिर्फ 50-55 प्रतिशत घरों में था। आज करीब-करीब 100 परसेंट, शत प्रतिशत घरों में महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिल चुकी है। 2014 तक देश के 75 प्रतिशत से ज्यादा ग्रामीण परिवारों में नल से जल नहीं आता था। आज करीब 75 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंच रहा है। कभी मुफ्त अनाज और मुफ्त इलाज भी मिल सकता है, ये किसी ने सोचा नहीं था। मोदी ने आज 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज भी दिया है और आने वाले पांच साल यह मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।

साथियों,

मैं ऐसी सैंकड़ों बातें बता सकता हूं। लेकिन ये सब तो ट्रेलर है, ट्रेलर है। ( उनको जरा पानी वानी दीजिए। पानी दीजिए, मेरी टीम के डॉक्टर हों तो जरा उनको मदद किजिए। पहले पानी दो उनको, और उनको वहां से बाहर ले जाने का प्रबंध करो भाई। खुले में लाओ जरा उनको। आऱाम से, हड़बड़ी मत करो। आऱाम से। थोड़ी जगह कर दो, उनको हवा मिले ऐसा कर दो। बेटा, तुम थक जाओगी, कब से हाथ हिला रही हो। बेटा मैं तेरे लिए मेहनत कर रहा हूं। जब तुम बड़ी हो जाओगी न तब विकसित भारत तुम्हारी ताकत होगा। मेरी टीम के डॉक्टर पहुंच गए हैं, उनको काम करने दीजिए जरा।बाकी लोग उनको परेशान मत कीजिए।) भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

साथियों,

आने वाले 5 साल भारत के विकास के लिए अभूतपूर्व उपलब्धियों के होंगे। आने वाले 5 साल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनने जा रहा है। आने वाले 5 साल में अनेक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत बनते देखेंगे। आने वाले 5 साल में शानदार हाईवे-शानदार एक्सप्रेसवे और रेलवे का पूरी तरह से कायाकल्प होते देखेंगे। इसका सीधा लाभ ओडिशा जैसे देश के हमारे पूर्वी हिस्से को होगा।

भाइयों और बहनों,

मुझे खुशी है कि ओडिशा ने भी BJD के 25 साल के राज को फुल स्टॉप लगाना तय कर लिया है। मैं यहां आपका आशिर्वाज लेने आया हूं, साथ साथ मैं आपको निमंत्रण भी देने आया हूं। 10 जून को भाजपा का ओडिशा का मुख्यमंत्री शपथ लेने वाला है। आज पूरा ओडिशा कह रहा है, आज पूरा ओडिशा कह रहा है ओडिशा सर मुख्यमंत्री ओडिया हैबे! ओडिशा सर मुख्यमंत्री ओडिया है! ओडिशा सर मुख्यमंत्री ओडिया है! ओडिशा कह रहा है दुइ थर पदम…दुइ गुण विकास ! ओडिशा के कोने-कोने में एक ही बात सुनाई दे रही है- ओडिशा लोको चाहांती…मोदी गारंटी !

भाइयों और बहनों,

मयूरभंज की ये धरती नारी सशक्तिकरण की धरती है। अभी तक मयूरभंज का जय-जयकार इसलिए होता था क्योंकि यहां मां सुभद्रा के रथ को केवल महिलाएं खींचती हैं। लेकिन अब मयूरभंज की बेटी,140 करोड़ लोगों के हमारे देश भारत का नेतृत्व कर रही हैं। भारत का नेतृत्व कर रही है। हमारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, देश की तीनों सेनाओं को कमांड करती हैं। और वो मयूरभंज की बेटी है। ये मयूरभंज के लिए, ओडिशा के लिए, पूरे देश की नारीशक्ति के लिए गौरव का विषय है।

भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार, आदिवासी गौरव, आदिवासी कल्याण इसके लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। ये अटल जी की सरकार थी, जब अलग आदिवासी मंत्रालय बना था। भाजपा ने ही संथाली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल किया था। भगवान बिरसा मुंडा के गांव जाने वाला अगर देश का कोई पहला प्रधानमंत्री भगवान बिरसा मुंडा के गांव गया था, औऱ उस मिट्टी को माथे पर लगाया था वो नरेन्द्र मोदी था। ये मोदी सरकार है, जिसने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। मोदी सरकार ने आदिवासी कल्याण का बजट 5 गुणा बढ़ा दिया। पहली बार उन जनजातियों की सुध ली, औऱ वो लेना वाला भी आपका सेवक मोदी ही है,जो सबसे पिछड़ी हुई हैं उनके लिए पहली बार, 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना बनाई है। इस योजना से ओडिशा में भी अति-पिछड़ी आदिवासी जातियों के लिए पक्के घर, स्कूल-अस्पताल, सड़कें ये सारे काम होंगे। बीते 10 सालों में आदिवासी क्षेत्रों में एकलव्य आवासीय विद्यालय का बड़ा नेटवर्क हमने बनाया है। मयूरभंज में भी अनेक एकलव्य आवासीय विद्यालय चल रहे हैं।

साथियों,

ओडिशा भाजपा की सुभद्रा योजना की भी बहुत चर्चा है। इसके तहत बहनों को बड़ी मदद दी जाएगी। मोदी की एक और गारंटी है। ये गारंटी 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की है। इससे भी ओडिशा की लाखों बहनों को सीधा लाभ होने जा रहा है। भाजपा सरकार, आपका बिजली का बिल ज़ीरो, सुना न बिजली बिल जीरो, इतना ही नहीं मोदी सरकार आपका बिजली बिल जीरो तो करेगी ही करेगी लेकिन साथ में आप बिजली बेचकर कमाई करने और बिजली से कमाई के लिए भी काम कर रही है। औऱ योजना कैसी है। योजना का नाम है पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना। आपके छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मोदी सरकार 75 हज़ार रुपए से ज्यादा आपको देने वाली है। उस 75 हजार से सोलर पैनल लगाएगें, बिजली पैदा होगी आपकी जरूरत की बिजली मुफ्त में मिलेगी औऱ ज्यादा बिजली सरकार खरीद करके सरकार आपको पैसे देगी। ( सज्जन आप कागज अपना नीचे रखिए) इससे आपको डबल फायदा होगा।

साथियों,

इस क्षेत्र में साल पत्ता, सबाईग्रास और केंदुपत्ता जैसी वन उपज के काम से काफी परिवार जुड़े हैं। ओडिशा भाजपा ने केंदुपत्ता की खरीद 2 रुपया प्रति कैरी करने और बोनस देने की गारंटी दी है। हमारी सरकार आएगी तो यहां धान किसानों को, ओडिशा में जब आप बीजेपी की सरकार बनाएगें, 10 जून को बीजेपी के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे तो यहां धान किसानों को 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल MSP मिला करेगी। ये गांव गांव जा कर बताओगे? आप गांव गांव जा कर बताओगे? हर किसान को बताओगे? ये बहुत बड़ा निर्णय है, छोटा नही है। मोदी सरकार ने जो वनधन योजना चलाई है, यहां भाजपा सरकार बनते ही, उसको भी ठीक से लागू किया जाएगा।

भाइयों और बहनों,

BJD पर आपने 25 साल भरोसा किया, लेकिन BJD ने हर कदम पर आपके भरोसे को तोड़ा है। यही BJD सरकार आदिवासी बंधुओं की ज़मीन हड़पने के लिए ही कानून लेकर आई थी। भाजपा के दबाव में उसे वो कानून वापस लेना पड़ा। अब इस बार इन्हें मौका मिला, तो ये आदिवासियों की ज़मीन हड़पने का अवसर छोड़ेंगे नहीं। BJD ने आपकी खनिज संपदा को भी लूटा है। मोदी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाकर हज़ारों करोड़ रुपया ओडिशा को दिए। BJD ने इसमें भी घोटाला कर दिया। लोग कह रहे हैं कि ओडिशा का लुटा हुआ पैसा विदेशों तक जा रहा है। लूट का माल ये कहीं भी छिपा लें, मोदी पाई-पाई निकालेगा, ये मोदी की गारंटी है,जिसने जनता को लूटा है उसे लौटाना ही पड़ेगा। औऱ ये मोदी की गारंटी है। और लूटने वाले ज़िंदगी भर जेल की चक्की पिसेंगे, जेल की रोटी खा कर गुजारा करेंगे, जनता का द्रोह करने वालों के प्रति कोई सिमपैथी नहीं हो सकती है। जनता को लूटने वालो के प्रति कोई हमदर्दी नहीं हो सकती है। औऱ ये देश में बहुत जरूरी है।

भाइयों और बहनों,

BJD सरकार ने सबसे बड़ा धोखा तो महाप्रभु के श्री रत्न भंडार को लेकर किया है। आज ओडिशा ही नहीं, पूरा देश जानना चाहता है कि रत्न भंडार की चाबी गई कहां। जो जांच हुई थी, उसकी रिपोर्ट में किसका नाम है? मैं, मेरे ओडिशा वासियों को विश्वास दिलाता हूं, कि BJD सरकार जो छुपा रही है उसका खुलासा ओडिशा में भाजपा सरकार बनने के बाद हम करेंगे।

साथियों,

आज नवीन बाबू के सभी शुभचिंतक बहुत चिंता में हैं। वो ये देखकर बहुत परेशान कि पिछले एक साल में अचानक नवीन बाबू की तबीयत इतनी कैसे बिगड़ गई। बरसों से नवीन बाबू के करीबी रहे लोग अब जब मुझसे मिलते हैं तो जरूर नवीन बाबू की तबियत की चर्चा करते हैं। वो बताते हैं कि नवीन बाबू अब खुद से कुछ कर नहीं पा रहे हैं। अरसे तक नवीन बाबू के करीबी रहे लोगों का मानना है कि उनकी तबीयत बिगड़ने के पीछे कोई साजिश भी हो सकती है। सवाल ये कि नवीन बाबू की तबीयत खराब होने के पीछे क्या कोई षड़यंत्र है क्या? ये उड़ीसा के लोगों को जानने का अधिकार है। कहीं इसमें, उस लॉबी का हाथ तो नहीं है, जो नवीन बाबू के नाम पर पर्दे के पीछे ओडिशा में सत्ता भोग रहे हैं? इस रहस्य से पर्दा उठना जरूरी है, उठना चाहिए न? पर्दा उठना चाहिए न? इसका पर्दा उठना चाहिए, इसका जांच आवश्यक है। इसलिए दस जून के बाद, ओडिशा में भाजपा के विजय होने के बाद, हमारी सरकार, ओडिशा की भाजपा सरकार एक स्पेशल कमेटी का गठन करेगी। और ये जांच करेगी कि अचानक नवीन बाबू की तबियत क्यों गिरती जा रही है। उनकी तबियत के साथ ये क्या हो रहा है। सारे तथ्य खोजकर निकाले जाएंगे।

साथियों,

ओडिशा के पास पानी है, आदिवासी क्षेत्रों से होकर पानी बहता है। लेकिन आपको सिंचाई की सुविधा नहीं मिलती। BJD सरकार ने 25 सालों में सिंचाई के लिए यहां कोई बड़ा काम नहीं किया। केंद्र में भी ऐसी सरकारें रही हैं, जिन्होंने सिंचाई के प्रोजेक्ट लटकाए, अटकाए और भटकाए ही हैं। ये सुबर्णरेखा प्रोजेक्ट 1970 से लटका हुआ था। आपने मोदी को सेवा करने का मौका दिया तो कृषि सिंचाई योजना बनाई और ओडिशा के 8 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरु किया। इनमें से 5 पूरे भी हो चुके हैं। डबल इंजन सरकार यहां सिंचाई के कार्यों को भी तेजी से पूरा कराएगी।

साथियों,

ये मोदी सरकार ही है जिसने बादामपाहाड़ क्षेत्र में 100 साल बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरु किया। लेकिन यहां BJD सरकार रेल प्रोजेक्ट्स को आगे नहीं बढ़ने दे रही है। भाजपा सरकार बनते ही, यहां रेल कनेक्टिविटी और सशक्त होगी।

भाइयों और बहनों,

आने वाला समय ओडिशा का समय है, आने वाला समय पूर्वी भारत का समय है। आपको भाजपा के सभी साथियों को, हमारे जितने भी MLA के उम्मीदवार हैं उन सब को जीताकर, सारे कमल आपको भुवनेश्वर भेजना, इसलिए आशिर्वाद मांगने आया हूं। (मैं अपने सभी MLA साथियों को कहूंगा कि वो आगे आ जाऐं, MLA के जो उम्मीदवार हैं वो एकदम आगे आ जाऐं, MLA के उम्मीदवार आगे आ जाऐं।) मयूरभंज से हमारे साथी नब चरण माझी जी को भी रिकॉर्ड वोटों से जिताकर दिल्ली भेजना है। ( मैं एक मिनट इन सबके बीच फोटो निकाल करके फिर अपना भाषण करता हूं) इनको मिला हर वोट सीधा मोदी को मजबूत करेगा। एमएलए को मिला वोट, ओडिशा के भाग्य को बदलेगा। तो आप ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएगें? जरा दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बताइए, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएगें? सभी पोलिंग बूथों में बीजेपी को जिताएगें? भाजपा की सरकार ओडिशा में बनाएगें? मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाएगें? अच्छा मेरा एक काम औऱ करेंगे? अरे ठंडे हो गए आपलोग,,जरा हाथथ ऊफर करके बताइए न मेरा एक काम करेंगे? ये चुनाव वाला काम नहीं है करेंगे? ये बीजेपी बीजेडी कुछ नही है,ये मेरा अपना काम है, करेंगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे? देखिए यहां से जाने केबाद, गांव गांव में जो देवस्थान होते हैं, जो पूजा घर होते हैं, जो तीर्थस्थान होते हैं वहां जरूर जाना और मोदी की तरफ से परमात्मा के सामने माथा टेकना, ये काम करेंगे? करेंगे? लेकिन मोदी के लिए कुछ भ नहीं मांगना है, मोदी के परिवार के लिए भी कुछ नहीं मांगना है। वहां जाकर परमात्मा से विकसित भारत के लिए आशिर्वाद मांगिए, करेंगे? हमारे भारत के लिए आशिर्वाद मांगेगे? हर तीर्थस्थान में जाएगें? बोलिए, भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!