Today, the youth of my village are social media heroes: PM Modi in Lohardaga
Congress’ policy gave rise to Naxalism's bloody violence in the country: PM Modi in Lohardaga

सब आयो बाबा, भाई-बहिन, दीदी, बुचु आउर बॉक्साइट नगरी लोहरदगा कर परिवारजन के मोर झारखंडी जोहार! भाई मैं यह तय नहीं कर पा रहा हूँ, कि यह चुनाव सभा है या विजय सभा है। सबसे पहले जितने लोग पंडाल में है, उससे ज्यादा लोग वहां धूप में खड़े हैं, और उससे भी ज्यादा वहां आ रहे हैं। मैंने हेलिकॉप्टर में से देखा, शायद मेरी सभा पूरी होने के बाद भी, लोग आते होंगे।

भाइयों, बहनों,

यह दृश्य, यह जागरूकता, यह अदभूत है। लेकिन जो इतनी बड़ा तादात में पीछे धूप में तप रहे हैं, शायद वो मुझे देख नहीं पाते होंगे, शायद मेरी आवाज भी पहुंचती होगी की नहीं पहुंचती होगी लेकिन वो तपस्या कर रहे हैं। मैं सबसे पहले, उनको जो ये असुविधा हो रही है, इसके लिए क्षमा मांगता हूँ। औऱ दूसरा मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ, कि आप जो ताप में तप रहे हैं, मोदी आपकी इस तपस्या को बेकार नहीं जाने देगा। मैं विकास करके, ये प्यार को सवाया करके लौटाऊंगा। मैं भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। पिछले वर्ष उनके जन्म दिवस पर ही, मुझे उनके गांव जाने का सौभाग्य मिला था। और मुझे वहां की मिट्टी, माथे पर चढ़ाने का गौरव प्राप्त हुआ था। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसे उनके गांव जाकर, उस मिट्टी को श्रद्धा पूर्वक नमन किया औऱ मुझे वो सौभाग्य मिला। भाइयों और बहनों, भगवान बिरसा मुंडा मेरे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं। वे मेरे लिए प्रेरणा हैं। भगवान बिरसा मुंडा के जीवन ने, उनके जीवन को जब याद करते हैं, तब मुझे हर चुनौती से जीतना सिखाया है। चुनौती से जीतने की प्ररेणा दी है। आप देखते हैं, मैं गरीबों के लिए, आदिवासियों के लिए काम करता हूं तो मुझे कितनी ही गालियां पड़ती हैं, लेकिन मैं सिर्फ आपकी सेवा में जुटा रहता हूं। आपको याद होगा, मैंने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया, तो कांग्रेस और इंडी गठबंधन वाले कहने लगे, झाड़ू लगाने से क्या होगा? शौचालय बनाने से क्या होगा? आज गांव-गांव में देखिए, हालात बदले हैं। मैंने जब मोबाइल का डेटा सस्ता किया। गांव-गांव में कॉमन सर्विस सेंटर खोले। जब हर गांव तक इंटरनेट पहुंचाने की ठानी, तो झामुमो वाले और कांग्रेस वाले कहते थे गांव वालों को क्या इसका फायदा? गांव वाला तो अनपढ़ है! आज मेरे गांव का युवा सोशल मीडिया का हीरो है। कांग्रेस वालों ने इंटरनेट को अमीरों की चीज बना दिया था। मैंने इंटरनेट को गरीबों के घर पहुंचा दिया है। गरीबों की ऊंगलियों पर नाच रहा है इंटरनेट।

साथियों,

आज देश में गरीब की चिंता, आपका ये गरीब का बेटा मोदी वही कर रहा है। कांग्रेस के राज में राशन सड़ता रहता था। आदिवासी क्षेत्रों में बच्चे भूख से मरते थे। और कांग्रेस अनाज गोदामों पर ताला लगाकर बैठ गई थी। और उस समय सोनिया जी के सरकार के डॉ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से प्रेस वालों ने पूछा कि अनाज भींग रहा है, सड़ रहा है। गरीबों को बांट दीजिए न, उन्होंने कहा इतने बड़े देश में ऐसा संभव नही है, नहीं दे सकते हैं। ये मोदी का कमाल देखिए, आपने मोदी को वोट दिया, मोदी को बिठाया, अनाज के सारे गोदाम खोल दिए, औऱ आज देश में मुफ्त राशन की योजना चल रही है। और मैंने गारंटी दी है आने वाले पांच साल औऱ बढाऊंगा, औऱ हैरानी देखिए ये कांग्रेस के शाही परिवार को, जो ये गरीब का चूल्हा जलता रहे, गरीब का बच्चा भूखा न रहे, इसलिए मुफ्त में आनाज दे रहा हूँ, तो उनको तकलीफ हो रही है। चिल्ला रहे हैं औऱ पूछ रहे हैं कि मोदी अपने आपको समझता क्या है? ये आदिवासियों को, गरीबों को मुफ्त में आनाज देता क्यों है? अरे! तुम कौन होते हो भाई? इस देश के मालिक यही हैं, इस देश का खजाना इन्हीं लोगों के लिए है। ये नहीं खाएगें तो कौन खाएगा? शाही परिवार कुछ भी कहे, लेकिन मोदी ने आपको मुफ्त राशन देने की गारंटी दे कर रखी है। धरती इधर की उधर हो जाए, आपको मुफ्त राशन मिलने से कोई रोक नहीं सकता। क्योंकि ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

कांग्रेस के पाप की लिस्ट बनाएं, तो कई दिन निकल जाएंगे। ये कांग्रेस ही है जिसने लोहरदग्गा, खूंटी, गुमला जैसे जिलों को पिछड़ा कहकर बदहाल छोड़ दिया था। ये ज्यादातर मेरे आदिवासी जिले हैं। यहां बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, ऐसा कोई भी काम ठीक से नहीं हुआ था। आपने मोदी को वोट दिया। मोदी ने इन जिलों को विकास को अपना मिशन बनाया। मैंने इनको पिछड़े नहीं, बैकवर्ड नहीं, मैंने इनको आकांक्षी जिले घोषित किया। यहां क्या-क्या काम चल रहा है, कौन सी सुविधा पहुंची? कौन सी सुविधा अभी नहीं मिली है? अफसर काम करते हैं कि नहीं करते हैं? मैं मेरे दिल्ली के कमरे में, स्क्रिन पर लगातार उसे देखता रहता हूँ, क्या चलता है। मॉनिटर करता हूं। आज ये आकंक्षी जिले, देश के बाकी जिलों से भी कहीं तेज़ी से विकास करने की राह पर आ गए हैं।

साथियों,

आदिवासियों में भी जो अतिपिछड़े हैं, उनको कोई पूछता ही नहीं था। मोदी उनके लिए पीएम जनमन योजना ले कर आया, इस योजना पर 24 हजार करोड़ रूपए खर्च किए जा रहे हैं। इससे आदिवासियों में भी अति पिछड़े साथियों के लिए भी, विशेषतौर पर घर, बिजली पानी जैसे काम किए जा रहे हैं। औऱ जानते हैं, इन योजना के लिए, मुझे सबसे ज्यादा सुझाव किसने दिया, इस पूरे विषय को विस्तार से मेरे सामने किसने रखा? हमारी आदरणीय राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी ने, ये योजना शुरू होने के पीछे राष्ट्रपति जी ने जो उड़ीसा में झारखंड में जो समय बिताया, उसकी बड़ी भूमिका रही है। लेकिन झारखंड के मेरे भाई औऱ बहनों, आपको याद रखना है, कि द्रौपदी मूर्मू जी को, एक आदिवासी बेटी को, राष्ट्रपति बनाने का सबसे ज्यादा विरोध इंडी गठबंधन ने किया था।

भाइयों और बहनों,

मोदी को आपकी भावनाओं की कद्र है, आपकी जरूरतों की चिंता है, इसका एक उदाहरण डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड भी है। ये क्षेत्र तो बॉक्साइट का बहुत बड़ा उत्पादक है। पहले खनिज निकलता था और जहां से निकला उस क्षेत्र को कोई नहीं पूछता था। मोदी ने कांग्रेस के जमाने की ये नीति भी बदल डाली। मोदी ने तय किया कि इस संपदा का एक हिस्सा स्थानीय विकास के लिए लगना चाहिए। इसके लिए हमने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाया। इससे झारखंड को भी 12 हजार करोड़ रुपए मिले हैं, जो पहले एक पाई नहीं मिलती थी। भाइयों और बहनों, जहां सरकारें भ्रष्ट हो, वहां बजट कितना भी हो, विकास संभव ही नहीं है। जिस बाल्टी में छेद किया हो, उसमें कितना ही पानी भरो, बाल्टी भरेगी क्या? बाल्टी भरेगी क्या? यहां भ्रष्टाचार का छेद ऐसा लगा हुआ है कि सीधा पाइप उनके घर में जाता है। ऊपर से रूपया डालो, नीचे से पाइप से उनके घर में पहुंच जाता है। झारखंड इन्हीं मुसीबतों से गुजरा है। आप देखिए, पेपर लीक का मामला। इस राज्य में कोई ऐसा एक्जाम नहीं है, कोई ऐसा पेपर नहीं है,जो लीक नहीं होता हो। मेरे नौजवानों का क्या होगा भाई, और मैंने देखा कि झारखंड सरकार में बैठे लोग सुधरने वाले नहीं है, तो मुझे दिल्ली से ही डंडा चलाना पड़ेगा। और इसलिए मोदी ने, ये जो पेपर लीक वाले माफिया हैं न, उनके विरुद्ध में एक बहुत कड़ा कानून बना दिया है। ये बच्चों के, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ेगी।

भाइयों-बहनों,

अगर हमारे पास, सौ रूपया, दो सौ रूपया, हजार रूपया हो, तो हम ऐसे बाँध करके रखते हैं, इतना संभाल करके रखते हैं, कि जरूरत पड़ेगी तो काम आएगा। हमारी माताएं, बहनें घर के अनाज के अंदर कपड़े में पैसे सोना, चांदी बांध करके रख देती हैं, ताकि जरूरत पड़े तो काम आ जाए। एक-एक रूपए की कीमत होती है लेकिन झारखंड में देखिए, कांग्रेस के सांसद के घर से नोटों के ढेर निकले, नोटों के ढेर। और नोटों के ढेर इतने बड़े थे कि बैंकों से मशीन लाए गिनने के लिए, तो ये मशीन भी हांफने लगे। मुझे बताइए, भाई बहन ये पैसा किसका है, ये आपका है कि नहीं है? ये पैसा आपका है कि नहीं है? ये पैसा आपके पसीने का है कि नहीं है? ये पैसा आपके हक का है कि नहीं है? किसने उनको चोरी करने का अधिकार दिया भाई। एक मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में जेल में बंद है। अब आप मुझे बताइए, कोई आपके घर में चोरी कर जाए, तो आप उसको सजा चाहेंगे की नहीं चाहेंगे? अगर आपके घर में कोई चोर घुस जाए, और आपका कुछ ले करके चला जाए तो आप उसको पकड़ना चाहते हैं कि नहीं चाहते हैं? आप चाहते हैं कि नहीं चाहते हैं कि उसे सजा मिले? चाहते हैं कि नहीं चाहते हैं? अगर आपके घर में कोई चोरी कर जाए, उसको जेल भेजना चाहते हैं तो ये झारखंड भी तो आपका घर ही है न, ये झारखंड आप ही का है न, उसमें कोई चोरी कर जाए, तो वो जेल जाना चाहिए की नहीं चाहिए? सजा होनी चाहिए की नहीं होनी चाहिए?

साथियों,

जिसने झारखंड को लूटा, उस पर कानून के तहत कार्रवाई हो रही है। और अदालत इस काम पर ठप्पे पर ठप्पा मार करके, अदालत डंके की चोट पर कह रहा है, हां चोरी की है। भाइयों-बहनों, मोदी का एक ही संकल्प है, भ्रष्टाचार हटाओ और ये इंडी अलायंस वाले कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। वे रैलियां करते हैं, वे किस के लिए करते हैं, नौ जवानों को रोजगार मिलेगा, इसके लिए रैली नहीं। कारखाना खुलेगा, इसके लिए रैली नहीं।किसानों का भला होगा उसके लिए रैली नहीं। महिलाओं का भला होगा, इसके लिए रैली नहीं। रैली करते हैं, कभी दिल्ली में करते हैं, कभी रांची में करते हैं, सारे इक्ट्ठे होते हैं हाथ ऊंचा करते हैं, क्यों भ्रष्टाचारी बचाओ, भ्रष्टाचारी बचाओ। अरे चुनाव के समय भी भ्रष्टाचारी बचाओं की रैलियां कर रहे हो, मतलब तुम्हें इस देश में कुछ लेना देना नहीं है। भाईयों-बहनों, मैं आपको गारंटी देता हूं-आने वाले 5 साल में ऐसे सभी भ्रष्टाचारियों पर कानून का डंडा चलेगा, चलेगा, चलेगा।

साथियों,

आपको भी पता है कि जब गरीब आगे बढ़ता है, तो उसके लाख दुश्मन हो जाते हैं। कांग्रेस-झामुमो और इंडी गठबंधन वालों को आज भी ये बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि एक गरीब मां का बेटा कैसे पीएम बन गया? और इसलिए ये लोग मोदी के खिलाफ नए-नए झूठ फैलाते रहते हैं। आजकल इनका नया झूठ है, मोदी आएगा तो आरक्षण खत्म कर देगा, दी आएगा संविधान बदल देगा। अरे!मुर्खों के सरदार, ये मोदी तो दस साल से आय़ा हुआ है भाई, ये दस साल से प्रधानमंत्री है। और शान से सरकार चला रहा है। औऱ दस साल में मैंने ये पाप नहीं किया है। क्योंकि मैं भारत के संविधान की भक्ति करता हूँ, मैं बाबा साहेब अंबेडकरकी पूजा करने वाले लोगों में से हूँ। सच्चाई ये है कि खुद इनके चेहरे से मोदी ने नकाब उतार दिया है। साथियों,अपने 60 साल के शासन में कांग्रेस ने देश को परिवारवाद दिया, भ्रष्टाचार दिया। इसके अलावा एक और रास्ते पर कांग्रेस चली, और रास्ता है तुष्टिकरण, appeasement, वोट बैंक पोलिटिक्स। कांग्रेस जो चश्मा पहनती है, उसमें एक ही वोटबैंक दिखता है, औऱ वो है मुस्लिम वोटबैंक। कांग्रेस की इस नीति का बहुत बड़ा नुकसान हर किसी ने उठाया है। जबकि भाजपा, सबका साथ-सबका विकास की बात करती है। भाजपा सरकार की नीतियों में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता। लेकिन कांग्रेस को ये करना ही नहीं है, समझने का तो सवाल ही नहीं उठता। आप देखिए,कैसे-कैसे खेल खेल रही है कांग्रेस। इंडी गठबंधन वाले खुद SC/ST/OBC को आरक्षण का जो हक मिला है न, उसमें डाका डालने का प्लान कर रहे हैं। उसमें से चोरी करने का खेल चल रहा है। जब संविधान बना था, 75 साल पहले तब सबने मिलकर यह तय किया, तब तो हमारे में से बहुत लोग हैं जो पैदा भी नहीं हुए थे, उस समय तय हुआ था, बाबा साहेब अंबेडकर ने तय किया था कि हमारे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। दलितों को, आदिवासियों को, पिछड़ों को संविधान के तहत आरक्षण मिलेगा। लेकिन कांग्रेस आपका हक छीनकर, संविधान को तोड़ मरोड़ कर, मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। आपका हक लूटना चाहती है, इसलिए आपको बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। साथियों, मैं आपके बीच आया हूँ तो एक गारंटी दे रहा हूँ। ये मोदी की गारंटी है। जब तक मोदी जिंदा है, जब तक मोदी जिंदा है, मैं दलित आदिवासी ओबीसी इस आरक्षण में से रत्ती भर भी उनको चोरी नहीं करने दूंगा, ये मेरी आपको गारंटी है।

साथियों,

कांग्रेस की कुनीतियों ने ही देश को नक्सलवाद की खूनी हिंसा दी। माओवाद ने हमारी कितनी ही माताओं के लाड़लों का जीवन बरबाद कर दिया, 10 सालों में मोदी ने माओवादी हिंसा के देश के एक बड़े हिस्से को मुक्त कराया है। लेकिन कांग्रेस आज भी माओवादी, नक्सलियों का समर्थन कर रही है। अपना वोटबैंक बचाने के लिए कांग्रेस आतंकवादियों पर भी कार्रवाई नहीं करती। बहुत मेहनत के बाद आतंकवादियों के स्लीपर सेल को हम तोड़े पाए हैं। लेकिन झारखंड में जो किया जा रहा है, वो खतरनाक है। यहां घुसपैठियों को बढ़ावा देने का और आदिवासी परिवारों की ज़मीन हड़पने का खेल हो रहा है। संथाल में PFI जैसे प्रतिबंधित संगठन कैसे अपना रैकेट चला रहे हैं? कैसे आदिवासियों के साथ ठगी कर रहे हैं? कैसे आदिवासी बेटियों के साथ अत्याचार कर रहे हैं। जमीन के लिए आदिवासी बेटियों के साथ क्या क्या नहीं किया जा रहा है। आदिवासी बेटियों को विशेष तौर पर टारगेट किया जा रहा है। जब लोग इसके खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो इंडी-गठबंधन वाले कहते हैं- मोदी के खिलाफ वोट जिहाद करो, वोट जिहाद। पहले हमने लव जिहाद सुना था, फिर हमने लैंड जिहाद सुना था, अब वोट जिहाद,ये अब कुछ भी कर लें, कितनी जिहाद कर लें, अब ये देश पीछे हटने वाला नही है। और मोदी डरने वाला नहीं है। मोदी के रहते कोई मेरे आदिवासी भाई-बहनों के जीवन से खिलवाड़ नहीं कर पाएगा। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

ये चुनाव एक मज़बूत देश के लिए मजबूत सरकार बनाने के लिए है। इसलिए, लोहरदगा से हमारे समीर ओरान जी और खूंटी के कुछ लोग भी यहां आए हैं, वहां हमारे अर्जुन मुंडा जी चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी औऱ एनडीए, हमारे महतो जी हम साथ मिल करके झारखंड का भविष्य बना रहे हैं। साथियों, 13 मई को इनको मिला, एक-एक वोट सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आपका वोट जैसा ही कमल दबाया, तो समझ लिजिए मोदी को मिल गया। अच्छा मेरा एक काम करेंगे? मेरा एक काम करेंगे? जरा हाथ ऊपर कर के बताइए, मेरा काम करेंगे? देखिए, घर-घर जाइएगा और हर घर में जा कर कहना कि मोदी जी आए थे, मोदी जी ने जोहार कहा है, जय श्री राम कहा है। बोलिए! भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय,
बहुत बहुत धन्यवाद।

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!