It is my mission to make sure water reaches every house and farmer in the country: PM Modi in Rajasthan's Jalore
Congress hollowed the country by spreading the termite of 'Parivarwad' and corruption: PM Modi
We have to elevate the development of Rajasthan and the progress of the nation to new heights: PM Modi in Jalore

नमस्कार।
भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय

जालौर आना मतलब हम गुजरात वालों को लगता है अपने घर गए हैं। पार्टी का काम करता था तब भी और गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी आप सबके बीच आने का अवसर मिला है। कई परिवारों से भी मेरा परिचय रहा है, आज सब नजर आ रहे हैं आज, यहां सब नजर आ रहे हैं आज। मुझे याद है कि यहां के परिवारों से गप्प मारते थे तो बोलते थे, वे एक कहावत सुनाते थे। और बड़े गर्व के साथ कहते थे...
आभ फटै घर ऊलटै,
कटै बख्तरां कोर।
शीश कटै, धड़ लड़फड़ै,
जद छुटै जालौर।

यानि चाहे आसमान फट जाये, धरती पलट जाए, सुरक्षा का कवच फट जाए, शीश कटे, धड़ तड़पे, लेकिन जालौर नहीं छूटता। भाजपा और जालौर-सिरोही का रिश्ता भी इतना ही निकट है। आपने हर बार भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। और इस बार भी जालौर-सिरोही यही कह रहा है-फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

पहले चरण के मतदान में आधे राजस्थान ने कांग्रेस को बराबर की सजा दी है, उनको बराबर का सबक सिखाया है। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत राजस्थान ये जानता है कि कांग्रेस कभी मजबूत भारत नहीं बना सकती। देश को ऐसी कांग्रेस सरकार नहीं चाहिए, देश को 2014 से पहले जैसे हालात थे , वो हालात वापस नहीं चाहिए। कांग्रेस की कमज़ोर सरकार को आने-जाने वाले लोग भी धमकाते थे। और हर कोई देश को लूटने में जुटा था। प्रधानमंत्री को कोई पूछता ही नहीं था, सरकार रिमोट कंट्रोल से चला करती थी। कैबिनेट से पास हुए अध्यादेश, आप कल्पना करिए कैबिनेट ने जो निर्णय पास किया हो, देश की संवैधानिक संस्था ने जो निर्णय पास किया हो। उसको उनकी पार्टी के एक नेता मीडिया की मीटिंग बुला करके फाड़ के फेंक देते थे। क्या ऐसी दुर्बल अवस्था देश को मजबूत बना सकती है क्या। आप मुझे बताइए, अस्थिरता की प्रतीक कांग्रेस और उनका कुनबा देश चला सकता है क्या।

साथियों,

आज कांग्रेस पार्टी की जो हालत हुई है, उसकी गुनहगार वो खुद है। अब देखिए, आपके यहां से राज्यसभा में कांग्रेस के एक नेता दक्षिण के हैं उनको भेजा। क्या उन्होंने राजस्थान के लिए एक बार भी राजस्थान की बात कही है, नहीं कही है। आपने बड़ी उदारतापूर्वक भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के सम्मान में उनको भी राज्यसभा में भेजा। हलांकि काफी समय तक बीमार रहे। लेकिन क्या कभी राजस्थान में फिर से उनको देखा। और अब एक दूसरे नेता को पहुंचाने की कोशिश की आपने राज्यसभा में, जो लोग चुनाव नहीं लड़ सकते। चुनाव जीत नहीं सकते। मैदान से भाग गए। इस बार राजस्थान से राज्यसभा में आए हैं। कांग्रेस की हालत बहुत खराब है भाई। कांग्रेस ने देश पर 60 वर्षों तक राज किया। इसी कांग्रेस ने हमारी माताओं बहनों को शौचालय, गैस, बिजली, पानी बैंक अकाउंट जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए तरसाया।इसी कांग्रेस ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार का दीमक फैलाकर देश को खोखला कर दिया। इन्हीं पापों की सजा देश कांग्रेस को दे रहा है। और देश का युवा इतना गुस्से में है कि वो कांग्रेस का मुंह नहीं देखना चाहता। जिस पार्टी ने कभी 400 सीट जीती थी, देखिए उनकी हालत, उसके लिए आज 300 सीटों पर लड़ना भी मुश्किल हो रहा है। कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं। इन्होंने जो अवसरवादी इंडी अलायंस बना लिया है, उसकी पतंग उड़ने से पहले ही कट गई है। कहने को तो गठबंधन है, और की राज्य हैं ये गठबंधन वाले आपस में ही भिड़े हुए हैं। इस लोकसभा चुनाव में 25 प्रतिशत सीटें ऐसी हैं, जहां ये लोग एक दूसरे को मारने-काटने में जुटे हैं, एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव के पहले इतनी लड़ाई चल रही है , तो चुनाव के बाद लूट के लिए कितना लड़ाई लड़ेंगे, इसकी कल्पना कर सकते हैं। और इसलिए मैं फिर पूछूंगा, क्या ऐसे लोगों को इतना बड़ा देश सूपूर्द कर सकते हैं क्या। ऐसे लोगों को देश सूपूर्द कर सकते हैं क्या। अरे आप के घर में गाड़ी हो ना, तो भी किसी ऐरे-गैरे के हाथ में नहीं दे सकते हो भाई। देते हो क्या 50 बार सोचते हो ये कहां पहुंचाएगा।

भाइयों-बहनों,

आप सब जानते हैं, मुझे भली भांति जानते हैं, मेरा बचपन जानते हैं। मैं भी आप ही की तरह एक सामान्य परिवार से आता हूं। मैंने भी परिवार में देखा है ना बिजली होती थी, ना पानी होता था। घर के रसोई का चूल्हा धुएं से भर जाता था। बचपन ऐसे ही बीता लेकिन आज यहां पहुंचा हूं तो मेरे दिल में यही रहता है की बचपन में जो मैंने अपनी मां को भुगतते देखा है। मैं ऐसी कठिनाई देश की एक भी माता-बहन को नहीं देखना चाहता। इसलिए मैं आपके बेटे की तरह, मेरी माताएं- बहने आपके एक भाई की तरह आपके दुख दर्द को मिटाने के लिए दिन-रात दौड़ रहा हूं। अभी तक राजस्थान के करीब 19 लाख गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों के पक्के घर बन चुके हैं। वो लोग पक्के घर में रहने चले गए हैं और इसमें से करीब 1 लाख पक्के घर यहीं जालौर-सिरोही में बने हैं। एक घर बनाना होता है तो कितनी तकलीफ होती है आप जानते हैं। अकेले इस इलाके में मोदी ने गरीबों के लिए 1 लाख पक्के घर बना कर दे दिए। इसलिए नहीं की पैसे है तो काम हो, दिल में एक दर्द पड़ा हुआ है, संवेदना पड़ी हुई है। इसलिए मोदी ये काम करने के लिए लालायित रहता है।

अब आपको मेरा एक काम करना है। ऐसे नहीं हाथ ऊपर कर बताइए, देखिए चुनाव में आप घर-घर मिलने जाते होंगे चुनाव की चर्चाएं होती होंगी। हमने इतने घर बनाए, नल से जल दिया, गैस का कनेक्शन दिया। लेकिन हो सकता है. कुछ लोगों को घर मिलना बाकी हो। कुछ लोग परिवार में पहले एक साथ रहते थे। अब अलग-अलग रहने लगे, उसके पास घर नहीं है। तो मेरा एक काम करना, आपको ऐसे जो लोग ध्यान में आए, जो इस योजना के हकदार हैं, लेकिन उनको अभी तक मिला नहीं है। मोदी की तरफ से उनको गारंटी दे देना मोदी तीसरी बार आएगा। घर पक्का मिलेगा। कह देंगे। कह देंगे। मेरे लिए तो आप ही मोदी हैं। आप बोल करके आ जाना, मोदी उसको पूरा करेगा। और आप यह भी कह देना माताओं-बहनों को यह जो 3 करोड़ में नए घर बनने वाले हैं, उनमें उनका नंबर लगेगा ही लगेगा। उस परीवार की माता-बहनों को कहना, मोदी जो घर देगा ना उस परिवार की माताओं या बहन के नाम पर देगा, यह भी बता देना।

साथियों,

आयुष्मान भारत के तहत मिल रहे मुफ्त इलाज का फायदा भी पूरे देश में मिलता है। अब मोदी ने गारंटी दी है कि हर परिवार में जो बुज़ुर्ग हैं, हर परिवार में कोई भी बाकी नहीं रहेगा। जो यहां बैठे हुए हैं उनका भी हर परिवार है, जिसके घर में 70 साल से ऊपर की आयु के लोग हैं। बुजुर्ग माता है, पिता है, दादा है, दादी है, नाना है, नानी है, चाचा है, चाची है। जो भी हो उनको कह देना की दिल्ली में आपका एक बेटा बैठा है। 70 साल से ऊपर के ऐसे सभी बुजुर्गों की बीमारी में इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का खर्च आपका बेटा करेगा। बता देना और यह मोदी की गारंटी। ये गारंटी भी मैंने इसलिए दी है, क्योंकि एक बेटे के रूप में मां-बाप की सेहत का ध्यान रखना, जैसे आपका दायित्व है ना मैं भी तो बुजुर्गों का बेटा हूं, मेरा भी दायित्व है। शुरुआती इलाज के लिए आपको ज्यादा दूर न जाना पड़े इसके लिए राजस्थान में 10 हज़ार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। सिरोही में मेडिकल कॉलेज बनने से बहुत फायदा हुआ है। जालौर में भी मेडिकल कॉलेज बनकर जल्द तैयार होगा। मोदी का मिशन है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो। हर जगह मेडिकल कॉलेज हो ताकि उस जगह के लोगों को पढ़ाई के लिए मौका मिले।

भाइयों और बहनों,

जब यहां मैं आपसे बात करने के लिए आता हूं और यह सच है कि चुनाव है और मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूं। इतनी धूप में आप आए हैं तो आशीर्वाद देने में कोई कमी नहीं रखेंगे। यह तो मुझे पता है। इसलिए मोदी के गारंटी है कि आपका सपना ही मेरा संकल्प है। मेरा पल-पल आपके नाम, मेरा पल-पल देश के नाम। अब देखिए, कोरोना का महासंकट आया। एक तरफ हमने जीवन बचाने के लिए हर परिवार को मुफ्त टीका लगाया तो दूसरी तरफ, मुफ्त राशन की योजना लागू की। और आने वाले पांच बरस ये चलती रहेगी ताकि गरीब का चूल्हा जलता रहे, गरीब का बच्चा भूखा सो ना जाए। इसका बहुत बड़ा फायदा गरीब परिवार को हुआ है। हमने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना बनाई। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारे प्रवासी परिवार को हुआ है। हमारे राजस्थान में तो हर गांव से कोई नौकरी के लिए कोई बाहर रहता है। राशन कार्ड की समस्या रहती थी। बच्चा वहां चला जाए। मां-बाप यहां रहे कौन सा राशन कार्ड कहां चलेगा, तो हमने बना दिया, वन नेशन वन राशन कार्ड, वो जहां भी जाएगा, वहां से भी उसको राशन मिलेगा। उसका परिवार यहां होगा। उसको भी राशन मिलेगा। फिर परिवार का जो सदस्य गांव में है, उसको भी फायदा मिल रहा है और इस कार्ड पर प्रवासी कामगार के लिए भी कोई गया है। उसको भी लाभ मिल रहा है।

भाइयों बहनों.

राजस्थान मैंने जब से यहां आना शुरू किया, कोई भी ऐसा समय नहीं जब मैंने पानी के विषय में सुना ना हो। अभी मैं बैठा था, तो हमारे उम्मीदवार महोदय, तुरंत बोले, मोदी जी पानी मेरी पहली बड़ी काम है। और ये राजस्थान है, यहां तो पानी के लिए जीवन समर्पित करने वाले लाखा बंजारा की बात घर घर की जाती है। आपके इस सेवक ने भी किसान के हर खेत और हर बहन के घर तक पानी पहुंचाना अपना मिशन बनाया है। इतिहास में पहली बार जल जीवन मिशन जैसा कार्यक्रम चल रहा है। सिर्फ 5 वर्षों में ही देश में 11 करोड़ से अधिक नए परिवारों को नल से जल दिया जा चुका है। लेकिन अफसोस है कि इसी दौरान राजस्थान में 5 साल तक कांग्रेस की सरकार रही। उसने सिर्फ पानी की योजना में घोटाला किया, काम नहीं किया। अब हमारी भजनलाल जी की सरकार आई है तो वो इस घोटाले की जांच करा रही है। अगर यहां कांग्रेस सरकार न होती, तो अब तक हम हर घर जल के लक्ष्य के बहुत निकट पहुंच चुके होते। अब भजनलाल शर्मा जी के नेतृत्व में हम हर घर पाइप से पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस की कभी नीयत ही नहीं रही कि किसानों को, यहां के लोगों को पानी मिले, उनके जीवन का सबसे बड़ा संकट समाप्त हो। इसका एक उदाहरण ये सालगांव बांध परियोजना भी है। ये परियोजना साढ़े 4 दशक पहले तब बनी थी, जब हर जगह कांग्रेस ही कांग्रेस थी। लेकिन ये कभी ज़मीन पर नहीं उतर पाई। अगर ये बांध समय पर बनता तो 30 लाख रुपए से भी कम में बन जाता। आज इसकी लागत 250 करोड़ तक पहुंच चुकी है। अब भाजपा सरकार इसे तेजी से पूरा करने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

साथियों,

गुजरात में सरदार सरोवर बांध नर्मदा नदी पर पंडित नेहरू ने उसका शिलान्यास किया था। फिर कांग्रेस ने ऐसे लटकाए रखा, ऐसे लटकाए रखा, कि मोदी ने आकर पूरा किया। कितने साल हो गए। मुझे उपवास पर बैठना पड़ा था। मैं मुख्यमंत्री था। मुझे मनमोहन जी की सरकार के सामने नर्मदा बांध को लेकर उपवास पर बैठना पड़ा था, क्योंकि मुझे मेरे गुजरात को भी पानी देना था। मेरे राजस्थान को भी पानी देने थे। इसलिए मैंने उपवास किए थे और तब मैं वहां सुजलाम-सुफलाम योजना चलाई थी। कोशिश यही थी कि कडाना बांध से पानी किसान के खेतों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि हमारे प्रयासों से आज नर्मदा का पानी बाड़मेर और जालौर जिले के भी डेढ़ हजार से अधिक गांवों तक पहुंचा है। फर्क देखिए यह भारतीय जनता पार्टी के चरित्र का फर्क है। हिंदुस्तान में बहुत सारे राज्य हैं, जो पानी के लिए एक दूसरे से लड़ाई लड़ रहा है और पानी समुद्र में जाता है। राजस्थान में पानी पहुंचा क्योंकि गुजरात में भाजपा की सरकार थी। राजस्थान को कोई आंदोलन नहीं करना। राजस्थान को आवेदन पत्र देने के लिए गांधीनगर नहीं आना पड़ा कि मैं अपना कर्तव्य मानता था। पानी की जरूरत गुजरात को है तो राजस्थान भी तो मेरा है। उसे भी तो पानी मिलना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री था, तब प्रधानमंत्री नहीं था। तभी राजस्थान मुझे मेरा लगता था। इसलिए जालौर-बाड़मेर के किसानों में किसानों के खेत में पानी पहुंचाया गया। लगभग 2 लाख हेक्टर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली है। हम सिंचाई के लिए ड्रीप और स्प्रिंकलर जैसी नई टेक्नॉलॉजी पर काम कर रहे हैं। मेरी किसानों से प्रार्थना है आप ड्रीप और स्प्रिंकलर पर आएंगे तो जो पानी है , जितने परिवारों को मिलता है ना उससे डेढ़ गुना तक पहुंच जाएगा। ये बहुत बड़ा पुण्य का काम हो जाएगा। ये बनासकांठा ने करके दिखाया है, ये आपके देवी भाई को पूरा पता है। वहां पर पानी बचा करके पानी पहुंचाया है। यहां भी पहुंचाया जा सकता है। इससे यहां एक बहुत बड़े क्षेत्र में जीरा, सौंफ, इसबगोल जैसी अनेक कैश क्रॉप्स की पैदावार हो सकती है।

साथियों,

कांग्रेस ने तो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना और यमुना के पानी को पहुंचाने में भी अड़चनें पैदा की थीं। ये भाजपा ही है जिसने इसके समाधान के लिए भी प्रयास किया, हरियाणा में भाजपा सरकार, राजस्थान में भाजपा सरकार हमारे भजनलाल जी बराबर मैदान में उतर गए मामला निपटा दिया काम आगे बढ़ रहा है। हमारे प्रत्याशी आदरणीय लुंबाराम जी तपस्वी कार्यकर्ता हैं, जीवन खपा देने वाले कार्यकर्ता हैं। पानी की समस्या की बारिकियों को जानते हैं और उसके समाधान के लिए समर्पित हैं। मुझे खुशी है कि ऐसे ही कर्मठ मुख्यमंत्री हमें राजस्थान को मिले हैं। इस सारे अधूरे प्रोजेक्ट को तेज़ी से पूरा करने के लिए कमर कसके काम शुरू कर दिया।

साथियों,

इस क्षेत्र में खेती-किसानी को मुनाफेदार बनाना मोदी का लक्ष्य है। मोदी ने छोटे किसानों के मोटे अनाज यानि श्री अन्न को भी दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचाने का मिशन शुरु किया है। हमारा बाजार अमेरिका के व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बाइडेन के साथ भोजन में थाली में राजस्थान का बाजार भरोसा गया था। सारी दुनिया में मैं समझता हूं। यह हमारे छोटे-छोटे किसानों ने कम पानी की लागत से यह पैदा किया हुआ फसल है। मैं दुनिया में पहुंचा कर रहने वाला हूं और इसका फायदा यहां के मेरे सभी छोटे-छोटे किसानों को होगा।
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत भी जालौर और सिरोही जिले के किसानों के खाते में 800 करोड़ से ज्यादा भेजे गए हैं। ये क्षेत्र गौमाता की जय करने वाला क्षेत्र है। मोदी ने गोमाता को, हमारे पशुधन का भी मुफ्त में टीकाकरण करने की गारंटी दी है। भाजपा सरकार ने खुरपका-मुंहपका बीमारी को खत्म करने के लिए अकेले राजस्थान में करीब एक करोड़ पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कराया है। यहां जालौर में भी डेढ़ लाख और सिरोही में करीब 80 हजार पशुओं का टीकाकरण हुआ है। इसके अलावा हम गोबरधन, बायोगैस और जैविक खाद के जरिए एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जो गोपालकों को औऱ समृद्ध करेगा।

भाइयों और बहनों,

जालौर-सिरोही का ये पूरा क्षेत्र अद्भुत संभावनाओं का क्षेत्र है। हमारे पास माउंट आबू है। यहां बड़े-बड़े मंदिर हैं, ऋषियों और मनीषियों की ये तपोस्थली है।यहां नौजवानों को लिए पर्यटन सेक्टर में रोजगार-स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं हैं। अंबाजी में जो सुविधाएं तैयार हो रही हैं, उसका लाभ राजस्थान को भी मिलने जा रहा है। पर्यटन को अच्छी कनेक्ट्निविटी से बहुत लाभ होता है। इसलिए हम इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ा रहे हैं। ये क्षेत्र को तो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ा है। इससे यहां के ग्रेनाइट उद्योग को बहुत बल मिलेगा।

साथियों,

10 सालों में आपके आशीर्वाद से ऐसे अनेक काम पूरे हुए हैं। लेकिन अभी तो मोदी के लिए ये ट्रेलर है। अभी हमें राजस्थान के विकास को, देश के विकास को नई बुलंदी देनी है। और ये संकल्प लेकर मैं चल पड़ा हूं। भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक ताकत बनाना है, विकसित भारत-विकसित राजस्थान बनाना है। इस काम में हमें आपका साथ चाहिए। आपको 26 अप्रैल को लुंबाराम जी को कमल के निशान वाले बटन को दबाकर संसद भेजना है। आप देखिए मेरा नाता ऐसा है। आप लुंबाराम जी को एक वोट देंगे, जैसे ही कमल के बटन पर आपकी उंगली दबेगी। सीधा-सीधा वो मोदी के खाते में जमा हो जाएगा। यानि लुंबाराम जी को वोट यानि मोदी को मजबूत बनाने की गारंटी। और यह गारंटी देश के मतदाताओं की है। आपकी गारंटी है। आपके एक-एक वोट से मोदी की ताकत बढ़ेगी। आपके एक-एक वोट से मोदी को काम तेज करने की ताकत मिलेगी। आपके एक-एक वोट से मोदी को देश को विकसित बनाना और राजस्थान को विकसित बनाने का काम करने में और आसानी होगी और इसलिए आज मैं आपसे लुंबाराम जी के लिए ही नहीं, आज मेरे लिए भी आपसे वोट मांगने आया हूं।

देखिए इसके लिए आपको एक मेरा एक काम करना होगा। एक भी मतदाता ऐसा ना हो जिसके पास आप मेरी बात लेकर पहुंचे ना हो घर-घर जाएंगे, हर मतदाता को मिलेंगे। उनको बताएंगे। मोदी को वोट देना है बताएंगे। दूसरा काम हम जालौर लोकसभा तो जीतेंगे। हम देश भी जीत जाएंगे। लेकिन मुझे बताइए मेरा कोई कार्यकर्ता पोलिंग बूथ हार जाए। जो मुझे दुख होगा कि नहीं होगा। हर कार्यकर्ता हर नागरिक के मन में रहना चाहिए। हमारे पोलिंग बूथ में भाजपा का झंडा झुकने नहीं देंगे। हर पोलिंग बूथ को जितना है हर पोलिंग बूथ को जीतने के लिए मुझे विशेष रूप से माताओं और बहनों के आशीर्वाद चाहिए। फर्स्ट टाइम वोटर्स के आशीर्वाद चाहिए और मेरा एक तीसरा काम है। जिस दिन मतदान होना, एक तो जलपान से पहले मतदान, क्योंकि तेज धूप है। सुबह-सुबह जितना ज्यादा मतदान हो जाए, अच्छा। तुम जलपान से पहले मतदान करोगे। सुबह-सुबह ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे। दूसरा एक काम कभी-कभी हम किसी काम के लिए जाते हैं। रास्ते में खड़े हैं, वोट देकर निकल गए। ऐसा नहीं। यह लोकतंत्र का उत्साह है। जैसे परिवार में कोई अवसर होता है तो कैसे धूम-धाम से निकलते हैं। मैं तो पूरे राजस्थान से प्रार्थना करूंगा। पूरे देश से प्रार्थना करूंगा। 15-15, 20-20 लोग जुलूस निकाल करके, भारत माता की जय बोलते-बोलते लोकतंत्र का उत्साह, लोकतंत्र का जय जयकार करते हमें मतदान के लिए जाना चाहिए, जाओगे अरे गाजेबाजे के साथ जाना चाहिए, हम देश की सरकार बनाने के लिए जा रहे हैं। मामूली काम के लिए नहीं जा रहे हैं। जब इसको गर्व में पलट देंगे तो गर्मी कितनी भी क्यों ना हो मतदान के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे।

अच्छा मेरा एक काम करोगे। यह मेरा पर्सनल काम है इसलिए भाजपा का काम नहीं है। मेरे पर्सनल काम करोगे। ऐसे ढीले पड़ गए आप, करोगे एक काम करना और घर-घर जाना और कहना मोदी जी जालौर आए थे और मोदी जी ने राम-राम कहां है, मेरा राम-राम पहुंचा दोगे। देखिए इसमें मेरा स्वार्थ है, बता दूं। मेरे स्वार्थ यह है कि जब आप किसी परिवार में राम राम कहेंगे तो सब बड़े बुजुर्ग माताएं मन से मुझे आशीर्वाद देंगे और जब बिना स्वार्थ के इतने पवित्र भाव से हर परिवार से आशीर्वाद मिलता है तो ये आशीर्वाद मेरे लिए पूजा का काम करता है। मेरे लिए नई ताकत बन जाता है और फिर मुझे आपके लिए दौड़ने का मेरा हौसला बुलंद हो जाता है। इसलिए मुझे आशीर्वाद चाहिए तो मेरा राम-राम पहुंचाएंगे। पक्का पहुंचाएंगे। मेरे साथ बोलिए

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Text of PM’s speech during the 45th anniversary celebrations of The Art of Living in Bengaluru
May 10, 2026

श्रद्धेय श्री श्री रविशंकर जी, यहां उपस्थित अन्य सभी संतजन, भाइयों और बहनों, एल्लारिगू नमस्कारा।

आज की ये सुबह एक अलग अनुभूति लेकर आई है। बच्चों के वैदिक मंत्रों से स्वागत, भगवान श्री गणेश के दर्शन, श्री श्री रविशंकर जी के 70 वर्ष, और Art of Living के 45 वर्ष, ये ऐसे पल हैं, जो हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेंगे। इस अद्भुत समारोह में आमंत्रित करने के लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।

अभी गुरूदेव ने बहुत कुछ बताया, आपको लगता होगा वो मेरी तारीफ कर रहे थे, लेकिन मुझे लग रहा था कि वो मुझे काम बता रहे थे। आपने सही कहा कि मेरा धन्यवाद नहीं हो सकता, आप ही का हूँ, आप ही के बीच आया और आप ही के लिए आया हूँ, और जहां हूँ वहां भी आप ही के कारण हूं। आज गुरूदेव के 70 साल का ये कार्यक्रम है, लेकिन मैं चाहूंगा जब मैं घर का ही हूं तो सामने से कह देता हूं, कि जब आपका शताब्दी समारोह होगा तब मैं भी फिर से एक बार आऊंगा।

आज दिव्य और भव्य, ध्यान मंदिर का लोकार्पण हुआ है। जब संकल्प स्पष्ट हो और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो हर प्रयास का सुखद परिणाम मिलता है। बाकि कुछ हो या न हो, हम सब लोटस की छत्रछाया में हैं। जैसे जैसे समझ आता जाए, ताली बजाते जाइये। और गुरू देव के आशीर्वाद हैं, तो फिर लोटस की छत्रछाया ही देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगी। मैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार को इस ध्यान मंदिर के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

बेंगलुरू का माहौल, यहां का वातावरण, कुछ अलग ही होता है। ये शहर software और services के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। लेकिन भारत की सांस्कृतिक पहचान, Spirituality, आध्यात्मिक चेतना को भी इस शहर ने नई ऊंचाई दी है। योग, ध्यान, प्राणायाम, भारत के संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। और जैसा गुरूजी ने कहा, आज दुनिया भर के लोग भारत के इन आध्यात्मिक संस्कारों से प्रभावित हैं, और इन्हीं पुरातन संस्कारों से भारत की भी अनेक संस्थाओं को प्रेरणा मिलती रही है।

साथियों,

इसी प्रेरणा से श्री श्री रविशंकर जी ने, 45 वर्ष पहले आर्ट ऑफ लिविंग के रूप में एक बीज बोया था। आज वो एक विशाल वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने है। इस वटवृक्ष की हजारों शाखाएं दुनिया भर में अनगिनत लोगों के जीवन को स्पर्श कर रही हैं। और मुझे विदेश में जहां-जहां जाना पड़ता है सरकारी काम के लिए, तो कोई न कोई आप वाला मिल ही जाता है।

साथियों,

हमारा भारत विविधताओं से भरा देश है। इतनी भाषाएं, इतनी परंपराएं, अलग रीति-रिवाज, उपासना के अलग-अलग तरीके, जब हम इसे देखते हैं तो एक स्वाभाविक प्रश्न हम सबके मन में आता है। आखिर इन सभी सुंदर विविधताओं को जोड़ने वाला मूल तत्व क्या है? इसका उत्तर है- स्वयं के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीना। हमारे यहां कहा गया है, अष्टादश पुराणेषु व्यासस्य वचनद्वयम्। परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम्॥ अर्थात, दूसरों की सेवा करना पुण्य है, और पीड़ा देना पाप है। सेवा परमो धर्म है, ये हमारे समाज का स्वाभाविक चरित्र है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये संस्कार सरिता हम सबको संस्कारित करती है, प्रेरित करती है, ऊर्जावान बनाती है। भारत के अनेक आध्यात्मिक आंदोलनों ने अंततः स्वयं को मानव सेवा के माध्यम से ही अभिव्यक्त किया है। मुझे खुशी है कि Art of Living के हर प्रयास में सेवा की इसी भावना का प्रतिबिंब नजर आता है। अभी जो वीडियो दिखाया गया, सेवा ही सेवा है उसमें, लोगों का ही कल्याण है। मैं आर्ट ऑफ लिविंग की यात्रा से जुड़े हर volunteer को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

कोई भी अभियान तब सफल होता है, जब उसके साथ समाज की शक्ति जुड़ जाती है। इसलिए, ऐसे हर महत्वपूर्ण मिशन के लिए समाज की शक्ति को जागृत करना बहुत आवश्यक है। मेरा हमेशा से ये विश्वास रहा है कि समाज, राजनीति और सरकारों से भी अधिक शक्तिशाली होता है। और कोई भी सरकार तभी सफल हो सकती है, जब समाज स्वयं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाता है। अब जैसे हमारा स्वच्छ भारत अभियान है। ये सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि, ये लोगों के जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन चुका है। अब ये समाज की शक्ति से ही आगे बढ़ रहा है।

साथियों,

जब समाज सक्रिय हो जाता है, तब देश की सबसे बड़ी चुनौतियों का भी सामूहिक समाधान निकाला जा सकता है। ये देखना बहुत सुखद है कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था भी, हमेशा से, समाज की इस शक्ति को साथ लेकर चलती है। आप सभी ने विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सोशल अप्रोच को बहुत महत्व दिया है। चाहे वृक्षारोपण अभियान हो, या rural smart village centres हों, महिलाओं और जनजातीय समाज को सशक्त बनाने वाले कार्यक्रम हों, या फिर कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाला अभियान हो, ये सभी प्रयास देश और समाज की विकास यात्रा के, उसमें महत्वपूर्ण योगदान देने वाले होते हैं।

साथियों,

मैं एक और बात के लिए यहां उपस्थित हर व्यक्ति की प्रशंसा करूंगा, और वो है, युवा शक्ति पर फोकस। आज की दुनिया में बहुत तेजी से बड़े-बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। हर दिन साइंस, नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। नए नए इनोवेशन, पूरी की पूरी इकॉनॉमीज को बदल रहे हैं। भारत इस बदलाव में केवल भागीदारी नहीं कर रहा, वो कई क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रहा है। हमारी डिजिटल क्रांति ने भारत को डिजिटल पेमेंट में ग्लोबल लीडर बनाया है। आज इंफ्रास्ट्रक्चर भी अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है और futuristic विजन के साथ आगे बढ़ रहा है। स्टार्ट अप में भारत बहुत तेजी से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बना है। हमारे युवा आज स्पेस में अपनी सैटेलाइट्स भेज रहे हैं, देश की ऐसी सभी उपलब्धियों का सबसे बड़ा कारण है, हमारे युवा हैं, और आर्ट ऑफ लिविंग है। युवाओँ को, आज के आधुनिक युग की चुनौतियों के समाधान पाने में गुरूदेव और आर्ट ऑफ लिविंग बहुत सहायता कर रहा है।

साथियों,

आज टेक्नॉलॉजी की वजह से दूर बैठे लोग एक पल में एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। लेकिन जरूरी है, हम दुनिया से जुड़े या न जुड़े, स्वयं से तो जुड़ें। और ये स्वयं से जुड़ने की क्षमता को, चाहे बीजारोपण करना हो, उसको सिंचन करना हो, या उसको सक्षम बनाना हो, ये महान परंपरा से संभव होता है। विकसित भारत का निर्माण ऐसे युवाओं से ही होगा, जो युवा मानसिक रूप से शांत हों, जो सामाजिक रूप से जिम्मेदार हों, और जो समाज के प्रति संवेदनशील हों। इसीलिए, spiritual well being, मेंटल हेल्थ, योग, मेडिटेशन, इस पर काम करने वाली आपकी ये महत्वपूर्ण गतिविधि और इस प्रकार से काम करने वाली अन्य संस्थाएं भी, इन सबकी भूमिका बहुत-बहुत अहम है। ऐसी संस्थाएं लोगों में जुड़ाव, अपनापन और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव मजबूत करती हैं। साथ ही, ऐसे संस्थानों में लोगों को अपनी संस्कृति को जानने और समझने का अवसर भी मिलता है। मुझे विश्वास है कि आज जिस ध्यान मंदिर का उद्घाटन हुआ है, वो आने वाली अनेक पीढ़ियों को, हजारों लोगों के लिए शांति और उपचार का केंद्र बनेगा।

साथियों,

आप सभी देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभा रहे हैं। लेकिन मैं जब भी आपके बीच आता हूं, तो कुछ आग्रह करने से खुद को रोक नहीं पाता। अब ये मेरे बोलने से पहले ही गुरू जी ने कह दिया कि आपके नौ आग्रह हमें मंजूर हैं, तो बोलने के लिए कुछ बचा नहीं, लेकिन आदत जाती नहीं। भारत के होलिस्टिक डेवलपमेंट के लिए कई स्तरों पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। इनमें Art of Living जैसे संगठन महत्वपूर्ण भूमिका और ज्यादा शक्ति से इस परिवर्तन के प्रहरी बन सकते हैं। आपमें से बहुत से लोग किसानों और ग्रामीण समुदायों के साथ जुड़कर काम करते हैं। जैसा यहां फिल्म में भी बताया गया कि किसानों को नैचुरल फार्मिंग से जोड़ने की दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। आज बीमारी में भी इंसान नैचुरल हिलिंग के रास्ते खोज रहा है, तो ये हमारी धरती मां, उसे भी नैचुरल हिलिंग की जरूरत है। केमिकल फर्टिलाइजर ने हमारे खेत को, हमारी धरती मां को उजाड़ दिया है। इस हमारी धरती मां को केमिकल से बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। एक पेड़ मां के नाम अभियान को और व्यापक बनाने में आप बहुत ताकत दे सकते हैं, उसको और विस्तार कर सकते हैं। क्योंकि पर्यावरण की रक्षा, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग है। इकोलॉजी और इकोनॉमी हम अलग नहीं कर सकते हैं। पर ड्रॉप मोर क्रॉप के माध्यम से किसानों को पानी का बेहतर उपयोग बताया जा रहा है। इसमें आपके सहयोग से और बेहतर परिणाम मिलेंगे। क्योंकि पानी की हर बूंद बचाना, ये भी आर्ट ऑफ लिविंग तो है। कुछ ही हफ्ते में मानसून आने वाला है। ये सही समय है, जब जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। इसी तरह, बिजली बचाना, सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाना, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना, ये सभी आर्ट ऑफ लिविंग ही है। आज देश Mission LiFE पर भी जोर दे रहा है। ये जीवन को अधिक जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ जीने का एक जीवंत अभियान है। इसमें एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आग्रह है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चले। और मेरे हिसाब से मिशन लाईफ भी एक प्रकार से आर्ट ऑफ लिविंग का एक प्रकट रूप है। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में आप सभी, जो हमेशा आप करते आए हैं, आर्ट ऑफ लिविंग के भिन्न-भिन्न पहुलओं को आपने विस्तार भी दिया है, विकास भी किया है। समाज के एक बड़े वर्ग को जोड़ने के लिए आप ज्यादा प्राथमिकता देंगे, और गुरूजी की शताब्दी जब हम मनाएं तब इन सारे लक्ष्यों को हम पूरा करके रहें। मैं एक बार फिर श्री श्री रविशंकर जी को, गुरूदेव को अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं Art of Living परिवार के हर volunteer का, उनकी सेवा भावना और समर्पण के लिए हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। फिर एक बार आप सबने मुझे यहां आपके बीच आने का अवसर दिया, इस पवित्र वातावरण में कुछ पल बिताने का मौका दिया, लोटस की छत्रछाया में सोचने का मौका दिया, इसके लिए मैं फिर से आप सबका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। जय गुरूदेव।