TMC is running a mobocracy, not a republic: PM Modi in Bolpur

Published By : Admin | May 3, 2024 | 10:45 IST
TMC is running a mobocracy, not a republic: PM Modi in Bolpur rally
The number of Institutes of National Importance has increased from 75 to around 150: PM Modi in Bolpur

नमोशकार,

वीर भोम माने लाल माटिर देश बोलपुर एबांग वीरभूम एरांगा माटिर मानुष बालो चिंता.. सबसे पहले पांचों शक्ति पीठों को मेरा सत-सत प्रणाम। यहां इतनी विशाल संख्या में जो हमारी शक्ति स्वरूपा माताएं-बहने आशीर्वाद देने आई है उन सब माताओं-बहनों को सर झुकाकर मेरा प्रणाम।

भाइयों और बहनों,

बोलपुर आकर एक अलग ही सुख मिलता है। ये भूमि विश्व शांति के लिए गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रयोगशाला रही है। यहां ऐतिहासिक विश्व भारती विश्वविद्यालय है और मुझे प्रधानमंत्री दायित्व के नाते इस महान संस्थान का चांसलर होने का सौभाग्य प्राप्त है। इसलिए वीरभूम से, बोलपुर से, मेरा आत्मीय और गहरा रिश्ता हो जाता है।

साथियों,

आज मैं यहां अलग ही मिजाज देख रहा हूं। जितने लोग यहां है ना, उससे चार गुना ज्यादा लोग हेलीपैड पर थे। मैं वहां चारों तरफ जाकर के सबको प्रणाम करके उनका आशीर्वाद लेने का प्रयास किया और अब आप सबका आशीर्वाद लेने के लिए आया हूं। साल 2014 में आपने मोदी को सिर्फ सरकार चलाने के लिए नहीं चुना था। प्रधानमंत्री पद पर रौब जमाने के लिए नहीं चुना था। आपने मुझे देश के लिए बड़े-बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए चुना था। जरा आप जो फोटो लेकर आई है मैं आपका बहुत आभारी हूं। जरा उनसे वो फोटो ले लीजिए और आप पीछे अपना एड्रेस ले लीजिए, मैं आपको चिट्ठी लिख दूंगा। आपने बढ़िया फोटो लेकर आई है। मैं आपका आभारी हूं। वो दे दीजिए मेरी टीम ले लेगी। आप अपना उस पर एड्रेस लिख लेना ताकि मैं चिट्ठी भेजूंगा आपको। हां ठीक है, धन्यवाद जी धन्यवाद। चलिए परमात्मा के आशीर्वाद बने रहे आप पर जी।

साथियों,

बीते 10 साल, मोदी ने उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। मैंने अपने समय का पल-पल आपकी सेवा में, देश की सेवा में, पूरे कर्तव्य भाव से, पूरी नम्रता से, मैंने समर्पित किया है। इसलिए आज देश ने वो उपलब्धियां भी हासिल की है जो कांग्रेस 60 साल में नहीं कर पाई थी। ये जो छोटा बालक एक तस्वीर लेकर आया है, बेटे थोड़ा आगे आ जाओ वो ले लेगा। वो तस्वीर उनसे ले लीजिए वो छोटे बालक से, आप बैठिए। बड़े बड़े बाबू बैठे जरा ये छोटा बालक इतने प्यार से आशीर्वाद लेकर आया है। हां वो, थैंक यू बेटा बहुत-बहुत धन्यवाद थैंक यू। अब ये कागज ऊपर करने वाले नीचे बैठ जाओ। मेहरबानी करके आप रख दो नीचे। आप रख दो नीचे। हो गया भाई अब मुझे इतने लोग इंतजार कर रहे हैं। आप वो तस्वीर नीचे रखो मैं आपके प्यार के लिए आपका आभारी हूं, नीचे रखो मैं आपको कह रहा हूं, नीचे रखो।

साथियों,

ये तो युवा सपनों को दिशा देने वाली नगरी है। मोदी ने ठाना है नए भारत की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। मोदी ने ठाना है नए भारत की शिक्षा व्यवस्था, गुणवत्ता युक्त हो। मोदी ने ठाना है देश में ज्यादा से ज्यादा शिक्षा संस्थान खुले। मैं नहीं चाहता हमारे बच्चे उच्च शिक्षा के लिए इधर-उधर भटके, उनके लिए सीटों की कमी हो। मैं आपसे जानना चाहता हूं पिछली शताब्दी की सोच पर चलने वाला इंडी गठबंधन कभी भविष्य के लिए सोच भी सकता है क्या? कभी ऐसा कर भी सकता है क्या? ये लोग तो तीन दशक तक नई एजुकेशन पॉलिसी तक नहीं ला पाए। ये काम आपके सेवक मोदी ने किया। मोदी देश की शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रहा है और आज देश इसके शुभ नतीजे भी देख रहा है। बीते 10 सालों में औसतन हर हफ्ते एवरी वीक एक नया यूनिवर्सिटी खुली है देश में, आपको खुशी होगी एवरी वीक वन न्यू यूनिवर्सिटी। बीते 10 सालों में एवरी डे, हर दिन दो नए कॉलेज खुले हैं। 60 सालों में जितने मेडिकल कॉलेज देश में बने उतने मेडिकल कॉलेज हमने 10 साल में बना कर के आपको दे दिए। 60 साल में कांग्रेस सिर्फ सात एम्स ही बना पाई थी सेवन, आज 22 एम्स 22 एम्स देश में बने। 2014 में देश में सिर्फ नाइन ट्रिपल आईटी थी 9 ट्रिपल आईटी आज 25 है। ये सब मोदी किसके लिए कर रहा है? आपके नौजवान बेटे बेटियों के लिए, आपके भविष्य के लिए, क्यों हमारे बच्चे विदेशों पर आश्रित हो? क्यों आपकी मेहनत की कमाई उसका बड़ा हिस्सा दूसरे देशों में चला जाए?

साथियों,

2014 में ग्लोबल यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के सिर्फ चार पांच इंस्टिट्यूट्स ही आते थे। इस वर्ष करीब 70 संस्थान टॉप 400 में है, 70 इन 400 और कई तो टॉप 50 में भी आ गए। इंस्टिट्यूट ऑफ नेशनल इंपॉर्टेंस की संख्या भी 75 से बढ़कर 150 के आसपास हो गई है। साथियो, ये काम मोदी ने सिर्फ 10 साल में करके दिखाए हैं और ये तो अभी ट्रेलर है। ये तो अभी ट्रेलर है। अभी तो मुझे बहुत काम करना है। एका तो शुदु ट्रेलर एखन तो अनेकी छु कोरा बाकी। इसलिए ही मैं आपसे तीसरे कार्यकाल के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। साथियों, मैंने लाल किले से कहा था यही समय है, सही समय है और इसलिए हर समय देश को आगे बढ़ाने में जुटा हूं। देश के लोगों ने 2004 में इंडी गठबंधन को भी मौका दिया था लेकिन इन लोगों ने क्या किया? इंडी गठबंधन ने अपने 10 साल में लाखों करोड़ रुपए घोटाला, घोटाला और घोटाला। करप्शन, करप्शन, करप्शन। जब देश को टेलीकॉम नेटवर्क बढ़ाना था इन लोगों ने 2जी घोटाला कर दिया। जब देश को अपनी सेनाएं मजबूत करनी थी, इन लोगों ने पनडुब्बी, सबमरीन घोटाला और हेलीकॉप्टर घोटाला कर दिया। जब देश को स्पोर्ट्स की दुनिया में छा जाना था, इन लोगों ने कॉमनवेल्थ घोटाला कर दिया। यहां टीएमसी भी यही कर रही है। टीएमसी के नेताओं ने यहां हर तरह के घोटाले करने का रिकॉर्ड बना दिया है। ऐसे- ऐसे घोटाले जो कोई सोच भी नहीं सकता, और आपने देखा नोटों के ढेर, चोरी का माल और बैंक के मशीन, नोटों के ढेर गिनते- गिनते थक जाते हैं। पोंजी स्कीम घोटाला, राशन घोटाला, भरती घोटाला, कोयला घोटाला, पशु तस्करी घोटाला और हर घोटाला, मामूली नहीं सैकड़ों करोड़ रुपए का घोटाला। इन लोगों ने हर तरह से आपको लूटा है। आपके जेब काटे हैं। आपके बच्चों के भविष्य के सामने खाई बना दी है, खाई।

साथियों,

बंगाल का टीचर भर्ती घोटाला तो टीएमसी नेताओं के चरित्र को उजागर करता है। मैं जरा एक उदाहरण देना चाहता हूं। मैंने कश्मीर के कुछ नेताओं को एक बार बुलाया था। घाटी के 100 के करीब गांवों के लोगों को बुलाया था। दिल्ली में प्रधानमंत्री के घर पर बुलाया था। मैंने कहा मैं एक काम के लिए आपकी मदद चाहता हूं। आतंकवाद जोरों पर था। गांव- गांव में स्कूलें जलाते थे। मैंने उनको बुला कर के कहा मुझे एक मदद चाहिए। बोले क्या? मैंने कहा मैं आतंकवाद से लड़ लूंगा, मैं आतंकवाद को जमीन पर से उखाड़ दूंगा लेकिन अभी मुझे एक मदद चाहिए। बोले क्या? मैंने कहा गांव में ये आतंकवादी स्कूल जलाते हैं, मुझे मदद कीजिए अब एक भी स्कूल जलना नहीं चाहिए। मैंने कहा जब वो स्कूल जलाते हैं तब एक इमारत नहीं जलाते, एक मकान नहीं जलाते, वो आपके गांव के बच्चों का भविष्य जला देते हैं। और आप भाई-बहन मुझे आशीर्वाद देंगे, कश्मीर के वो लोग और ये बात मैं करीब सात-आठ साल पहले की करता हूं तब तो मेरे सामने सवालिया निशान थे। लेकिन उन सभी नेताओं ने मुझे कहा कि साहब, काम कठिन है। लेकिन हम आपकी भावना को समझते हैं। हम इसके लिए कोशिश करेंगे और आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि कश्मीर के गांवों में स्कूलों को जलाना बंद हो गया। बच्चों के भविष्य को वो समझे लेकिन ये टीएमसी देखिए बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा रही है और शिक्षक भर्ती में घोटाला करके आपके बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा दिया। 25000 शिक्षक, आज अदालत ने उनको घर भेज दिया। वो शिक्षक तो गए सो गए आपके बच्चों के भविष्य पर ये भ्रष्टाचारियों ने ताला लगा दिया है। जो आपके बच्चों के भविष्य के साथ खेलते हैं, क्या ऐसे टीएमसी को माफ कर सकते हैं क्या? कर सकते हैं क्या? उनको सजा दोगे? इस बार कमल को वोट देकर के उनको सजा दीजिए।

भाइयो बहनों,

टीएमसी भ्रष्टाचार की दुकान खोल कर के बैठी है यहां हाईकोर्ट के आदेश पर एजेंसियां कारवाई कर रही है। कारवाई शुरू होते ही टीएमसी के नेताओं के घरों से करोड़ों रुपये मिलने लगे हैं। ये टीएमसी वालों के यहां से जो पैसे मिलते हैं वो पैसे किसके हैं भाई? किसके पैसे हैं? ये आपके है कि नहीं है? आपके मालिक के है कि नहीं? कि आपके घर में कोई चोरी कर जाए आप चोर को माफ करोगे क्या? करोगे क्या? आपके बंगाल में चोरी कर ले माफ करोगे क्या? ये पैसे बंगाल की जनता के हैं। चर्चा है एक एक पद के लिए चार चार, पांच पांच, छ-छ लाख रुपए की रिश्वत ली है। पैसे लेकर के ओएमआर सीट तक बदल रहे थे। टीएमसी ने बंगाल के युवाओं को खून के आंसू रोने पर मजबूर किया है। आप मुझे बताइए इनको सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? सब के सब मुझे बताइए सजा मिलनी चाहिए कि नहीं? कौन सजा दिलवा सकता है? इनको सजा कौन दिलवा सकता है? इनको सजा कौन दिलवा सकता है? मोदी तब दिलवा सकता है जब आपके सब के वोट मिलेंगे तब मुझे ताकत मिलेगी।

साथियों,

मैंने बंगाल बीजेपी के लोगों से कहा है, एक लीगल सेल और एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म बनाइए। मैंने बंगाल बीजेपी को कहा है एक लीगल सेल और एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म बताइए। इससे उन युवाओं की मदद होगी जो इस घोटाले के शिकार हुए हैं, निर्दोष है। वो अपने मेरिट पे शिक्षक बने हैं। मैं आज बंगाल के युवाओं को गारंटी देता हूं। जिसने हमारे बंगाल के युवाओं को रुलाया है, उन्हें मोदी चैन से नहीं बैठने देगा। बेटी, बेटी आप थक जाओगी, मुझे तुम पर दया आ रही है। भाई ये बेटी एक फोटो लेकर आई है और कब से, आप मेहरबानी करके बंद कीजिए मुझे परेशान मत कीजिए। इस बच्ची को, उनकी फोटो ले लीजिए बेचारी आधे घंटे से खड़ी है। थैंक यू बेटा, थैंक यू। खुश? खुश? आर यू हैप्पी? शाबाश बैठिए अब बैठिए।

साथियों,

ये, जिन्होनें आपको लूटा है ना मोदी उनको छोड़ेगा नहीं। भ्रष्टाचारी देर के छोरबोनाश ये छा मोदी गारंटी।
भाइयो और बहनों टीएमसी हो या कांग्रेस इन्हें आपके भविष्य की चिंता नहीं है। इन्हें सिर्फ अपने वोट बैंक से मतलब है आप भी जानते हैं कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का बंटवारा किया तब बहुत सारे हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी दूसरी तरफ रह गए थे। उनके साथ वायदा किया गया था कि भारत उनकी रक्षा करेगा लेकिन ये वादा करके कांग्रेस उन लोगों को भूल गई। उनके साथ सीमा पार अत्याचार होता रहा। वो खत्म होने की कगार पर आ गए, आज सीएए के माध्यम से मोदी कांग्रेस सरकारों को उस गलती को सुधार रहा है और ये लोग अपनी गलती मानने के बजाय झूठ फैला रहे हैं। मैं हर शरणार्थी परिवार को कहूंगा, टीएमसी के झूठ पर बिल्कुल ध्यान मत दीजिए।


साथियों,

टीएमसी, लेफ्ट और इंडी एलायंस की नियत देश को तबाह करने की है। बीते तीन-चार महीने में कितने उदाहरण सामने आए हैं, कांग्रेस के अध्यक्ष राम भक्तों और शिव भक्तों को लड़ाने में जूटे हैं। कांग्रेस के शहजादे शक्ति का विनाश करने में जुटे हैं। ये सारे मिलकर संविधान की भावना को तार-तार करने में जुटे हैं। बाबा साहेब आंबेडकर की पीठ में छुरा भोंक रहे हैं। ये लोग संविधान को बदलना चाहते हैं ताकि एससी, एसटी, ओबीसी के हक का आरक्षण धर्म के आधार पर बांट दें। कांग्रेस का घोषणा पत्र तो ये तक कहता है कि सरकारी टेंडर में भी माइनॉरिटी को कोटा देंगे और मैं उनको घेर रहा हूं, सवाल पूछ रहा हूं, 10 दिन हो गए मुंह पे ताला लगा के बैठ गए हैं। मैंने कांग्रेस को, इंडी गठबंधन को तीन चुनौतियां दी है। मैंने कहा है कि कांग्रेस लिख कर के दें वो संविधान नहीं बदलेगी। धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देंगी। ओबीसी कोटा कम नहीं करेंगी। लेकिन इन चुनौतियों का आज तक जवाब नहीं आया। मैं जवाब नहीं देने और मुझे मालूम है वो जवाब नहीं देंगें इनकी नियत में खोट है।

साथियों,

यहां बंगाल में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं है। लेकिन आपको कांग्रेस के इरादों से जरूर परिचित रहना है। कांग्रेस के शहजादे एक्सरे मशीन लेकर के आए हैं। कहते हैं, आपके पास घर, दुकान, खेत, सोना, चांदी, मंगलसूत्र जो भी है उसकी जांच कराएंगे। और जांच के बाद ज्यादा है ले लेंगे और उसका एक हिस्सा अपने वोट बैंक को बांट देंगे। क्या आप आपकी संपत्ति जाने देंगे क्या? आपका सोना- चांदी जाने देंगे क्या? आपका घर जाने देंगे क्या? आपका खेत जाने देंगे क्या? इसलिए कांग्रेस से सावधान रहो। टीएमसी से सावधान रहो। लेफ्ट वालों से सावधान रहो।

साथियों,

कुछ ही दिनों में कोची से बैशाख के दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की जन्मजयंती है और आज से जब मैं पहली बार प्रधानमंत्री बना था, तो उस समय रवींद्रनाथ टागोर जी की जन्मजयंती पर यहां आया था और बंगाल में आकर के मैंने सामाजिक सुरक्षा की योजना लॉन्च की थी। 90 पैसे में इंश्योरेंस, ये योजना लॉन्च की थी मैंने। और आज देश के करोड़ों गरीबों को इसका लाभ हो रहा है। मैं बोलपुर के इस मंच से गुरुदेव के चरणों में प्रणाम करता हूं। उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। मैं जब भी बंगाल आता हूं, कई सवाल मेरे मन में चलते हैं। आज जो पश्चिम बंगाल की स्थिति है, क्या ऐसी ही बंगाल की कल्पना हमारे पूर्वजों ने की थी? बीते अनेक दशकों में जैसी खूनी राजनीति, भ्रष्ट राजनीति यहां चली है वो देखकर हमारे पूर्वज क्या सोचते होंगे। गुरुदेव की इस धरती पर टीएमसी ने असामाजिक तत्वों को लोगों का शोषण करने की खुली छूट दे रखी है। गांवों पर टीएमसी का कब्जा, अस्पतालों पर टीएमसी का कब्जा, थानों पर टीएमसी का कब्जा, खदानों पर टीएमसी का कब्जा, ऐसे कोई पोलिटिकल पार्टी जो ऐसे गिरोह की तरह काम करती है क्या? माफिया चलाती है क्या? ये संदेश खाली में बहनों के साथ जो कुछ भी हुआ वो ऐसे ही माफिया राज का परिणाम है। ऐसे न जाने कितने संदेशखाली यहां अभी भी दबे पड़े हैं। जब जांच एजेंसी अपना काम करने आती है तो उन पर हमले किये जाते हैं और सरकार के लोग हमलावरों का साथ देते है। बंगाल में टीएमसी भीड़ तंत्र चला रही है गणतंत्र की उसने कब्र खोद ली है। आए दिन कोर्ट को छोटी-छोटी बातों के लिए यहां सरकार को फटकार लगानी पड़ती है। देश को लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध चलने वाले ऐसे कारनामों पर लगाम लगानी जरूरी है और इसके लिए आपको मोदी को मजबूत करना है।

भाइयो और बहनों,

बीजेपी को दिया गया हर एक वोट टीएमसी के शोषण के खिलाफ दिया वोट होने वाला है। बीजेपी को दिया हर एक वोट बंगाल की शांति के लिए दिया वोट होगा। आपको बोलपुर से हमारी छोटी बहन पिया साह को और वीरभूम से बायदेव तनु भट्टाचार्य जी को संसद में भेजना है। मेरे साथी के रूप में भेजना है। आपका एक-एक वोट जब आप इनको वोट देंगे ना वो सीधा-सीधा मोदी को पहुंचेगा। मोदी की ताकत बढ़ाएगा। अब मेरा एक और काम है करेंगे? मेरा एक और काम करेंगे? सब के सब करेंगे? घर- घर जाइएगा और सबको कहिएगा, अपने मोदी जी आए थे आप सबको नमस्कार कहा है। मेरा नमस्कार पहुंचाएंगे?

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.