The state which was infamous for naxal violence is today the state is famous for the unprecedented development done by the BJP’s efforts: PM Modi in Chhattisgarh
The Congress-led Chhattisgarh Government is based on a plank of false promises and has only indulged in corruption scandals: PM Modi
The Congress Party is replete of fake guarantees as even 50 years back they had the Mantra of ‘Garibi Hatao’ and even today they contest elections on the same fake guarantee: PM Modi
The egoistic I.N.D.I Alliance, indulging in divisive politics intends to eradicate Sanatan Dharma: PM Modi
All our policies have always been directed towards the development of the tribals: PM Modi

छत्तीसगढ़ के जम्मो. भाई-बहिनी, सियान महतारी मनल मोर जय जोहार।

आप सभी इतनी बारिश के बीच इतनी असुविधा होते हुए भी दूर-दूर से हमें आशीर्वाद देने आए हैं, और कई साथी तो शायद सुबह-सुबह घर से निकले होंगे, ये जो प्यार, ये जो स्नेह छत्तीसगढ़ के हर कोने में मुझे मिलता है, मेरे लिए ये बहुत बड़ा आशीर्वाद है आपकी सेवा करने की शक्ति देता है।

मेरे परिवारजनों,

पूरे देश में आजकल उत्सव का माहौल है। आज मैं यहां छत्तीसगढ़ में भी यही भाव, यही उमंग, यही उत्साह, यही उत्सव देख रहा हूं। उत्सवों के इस मौसम में हर खुशी इस बार डबल हो गई है। इस बार भारत अपनी उपलब्धियों का उत्सव भी मना रहा है। कुछ ही दिन पहले हमारे वैज्ञानिकों ने भारत को चांद पर पहुंचा दिया। भारत का चंद्रयान वहां पहुंचा, जहां दुनिया का कोई देश नहीं पहुंच पाया था। और जैसे हमारे छत्तीसगढ़ में लोग कहते हैं न- छत्तीसगढ़िया, सबसे बढ़िया, वैसे ही आज दुनिया के लोग कह रहे हैं- भारत का चंद्रयान, सबसे बढ़िया।

साथियों,

इन सफलताओं के बीच भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन किया। सफल जी-20 हर देशवासी की तपस्या का परिणाम है। ये 140 करोड़ भारतीयों के परिश्रम का परिणाम है। जी-20 की एक और बहुत बड़ी विशेषता रही है, एक और बड़ी सफलता रही है। जिन छोटे-छोटे देशों की आवाज़ वैश्विक मंचों तक नहीं पहुंच पाती थी, उनको पहली बार जी-20 में इतनी बड़ी भागीदारी मिली है। अपनी जड़ों से जुड़े रहने की वजह से आज भारत इतना बड़ा काम कर पाया है। जो वंचित है, उसे वरीयता देना यही आज के भारत की प्राथमिकता है। जिन गरीबों, वंचितों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों की आवाज़ दबी हुई थी, उनके सपनों को हमने संकल्पों में बदला है। और मुझे खुशी है कि जी-20 को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ की जनता की भी सीधी भागीदारी रही है। आपने नवा रायपुर में जी-20 की इतनी सफल बैठक कराई। आपने इतने अच्छे से मेहमानों का स्वागत किया। उनको छत्तीसगढ़ की संस्कृति, यहां के खान-पान, यहां की विशेषताओं, यहां के सामर्थ्य के बारे में बताया। इससे पूरी दुनिया में छत्तीसगढ़ की चर्चा हुई है, यहां का गौरव बढ़ा है। एक समय था जब छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सली हमलों औऱ हिंसा से ही हुआ करती थी। भाजपा सरकार के प्रयासों के बाद आज छत्तीसगढ़ की पहचान यहां के विकास कार्यों की वजह से हो रही है।

मेरे परिवारजनो,

दिल्ली की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। लेकिन यहां जो कांग्रेस की सरकार है, वो विकास के काम में नहीं बल्कि सिर्फ हवा-हवाई बातों और दावों में जुटी रहती है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार ना होने का बहुत बड़ा नुकसान, जबसे बीजेपी की सरकार गई, जबसे ये लोग बैठे हैं, सबसे बड़ा नुकसान मेरे छत्तीसगढ़ के भाइयों और बहनों को उठाना पड़ा है, मेरे नौजवानों को उठाना पड़ा है। केंद्र की भाजपा सरकार बीते 9 वर्षों में देशभर के गरीब परिवारों को करीब-करीब 4 करोड़ घर दे चुकी है। कितने ? जरो जोर से बोलिए कितने? चार करोड़ घर। हम चाहते थे कि छत्तीसगढ़ के गरीब परिवारों को भी पीएम आवास योजना का अधिक से अधिक लाभ मिले। लेकिन कांग्रेस की सरकार, यहां छत्तीसगढ़ में गरीबों के पक्के घर नहीं बनने दे रही है। महिला कल्याण हो, पीएम स्वनिधि योजना हो, हर घर जल योजना हो, गरीब कल्याण से लेकर युवा कौशल और रोज़गार की हर योजना में कांग्रेस ने, यहां की सरकार ने छत्तीसगढ़ को बहुत पीछे पहुंचा दिया है।

मेरे परिवारजनों,

कांग्रेस जिस तरह घोटालों की राजनीति करती है, उसमें सिर्फ उसके नेताओं की तिजोरी भरती है। भरती है ना.. भरती है ना.. लूट रहे हैं ना.. गरीब कल्याण में भले पीछे हो, लेकिन भ्रष्टाचार में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। आप कल्पना कीजिए, मैं तो सोच भी नहीं सकता हूं, देशवासी भी सोच नहीं सकते, गरीब से गरीब इंसान भी सोच नहीं सकता। आप कल्पना करिए कि अगर कोई गाय के गोबर में भी भ्रष्टाचार करे, तो उसकी मानसिकता क्या होगी। छत्तीसगढ़ की बहनों से वादा तो किया था शराबबंदी का, लेकिन कांग्रेस ने शराब की बिक्री में ही घोटाला कर दिया। छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से इतना समृद्ध राज्य है। केंद्र की भाजपा सरकार ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड योजना बनाई। हमारा मकसद था कि जिन जिलों से खनिज संपदा निकलती है, तो उसका एक हिस्सा उसी क्षेत्र में विकास के लिए खर्च किया जाए। हम चाहते थे, हमारे आदिवासी बहनों-भाइयों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिले। लेकिन यहां की भ्रष्ट कांग्रेस सरकार ने इसको भी नहीं छोड़ा। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को कांग्रेस के, ये जो पार्टी है न वो कांग्रेस के एटीएम की तरह उपयोग किया जा रहा है। झूठा प्रचार और आकंठ भ्रष्टाचार – यही छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार की पहचान है। और वो तो कहते हैं कि बहुत सालों के बाद मौका मिला है और इसके बाद मिलने वाला नहीं है, यही समय है जितना लूट सको लूटो।

मेरे परिवारजनों,

कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड और भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड आपके सामने है।
50 साल से भी पहले, कांग्रेस ने देश से गरीबी हटाने की गारंटी दी थी। दी थी कि नहीं दी थी भैया, इंदिरा जी के जमाने गरीबी हटाने की बातें कर रहे थे ना। कांग्रेस तब भी हर चुनाव इस गारंटी पर लड़ती थी, आज भी इसी गारंटी पर लड़ती है। अगर कांग्रेस अपने जमाने में अपना काम ठीक से करती, तो आज मोदी को इतनी मेहनत ना करनी पड़ती। मोदी ने गारंटी दी थी कि देश के गरीब को सशक्त बनाऊंगा। आज आप इसके परिणाम देख रहे हैं। सिर्फ 5 वर्षों में ही साढ़े 13 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर आए हैं। ये इसलिए हुआ क्योंकि भाजपा सरकार ने गरीब के हित में योजनाएं बनाईं। भाजपा ने गरीबों को गरीबी से लड़ने के लिए ज़रूरी साधन दिए सामर्थ्य दिया। भाजपा ने सरकारी योजनाओं से बिचौलियों को, कटकी कंपनी को लुटेरों को बाहर निकाला। हमने ये सुनिश्चित किया कि लाभार्थियों तक पूरा लाभ पहुंचे। आज आप देखिए, मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक, हर गरीब तक, बिना किसी घोटाले के पहुंच रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। जो कभी गैस सिलेंडर की कल्पना तक नहीं कर सकते थे, उनतक गैस कनेक्शन मुफ्त में पहुंचाया है। अभी कुछ दिन पहले ही उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर 400 रुपए सस्ता किया गया है। कल ही केंद्र सरकार ने 75 लाख नए उज्ज्वला कनेक्शन देने को मंजूरी दी है। जिन परिवारों में विस्तार हुआ है या परिवार में विभाजन हुआ है, वो भी रह न जाए उसकी चिंता अभी से शुरू कर दी है, इसका बहुत बड़ा लाभ हमारी छत्तीसगढ़ की बहनों-बेटियों को होने जा रहा है।

 मेरे परिवारजनों,

छत्तीसगढ़ में अच्छी सड़कों, अच्छी रेल व्यवस्था, बिजली ये सारी सुविधा बहुत जरूरी है। जब दिल्ली और रायपुर दोनों जगह भाजपा सरकार होती है तब ऐसी सुविधाएं तेजी से आखिरी गांवों तक पहुंचती है गरीब से गरीब तक पहुंचती है। आज मैं अभी सरकार कार्यक्रम से आ रहा हूं। उस सरकारी कार्यक्रम में मैंने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया वो सारी परियोजनाएं हमें छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाई पर ले जाने की ताकत देती है। छत्तीसगढ़ के गरीबों का कल्याण करने की ताकत देती है। थोड़ी देर पहले जो कार्यक्रम हुआ उसमें कुछ साथियों को सिकल सेल काउंसिलिंग कार्ड भी दिए गए हैं। सिकल सेल एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों तक जाती है आदिवास परिवारों में ये बहुत बड़ी चुनौती रही है। ये आदिवासी युवाओं के स्वास्थ्य और स्वाभाविक विकास को प्रभावित करता है। इसलिए भाजपा सरकार ने पहली बार इससे मुक्ति के लिए, सिकल सेल से मुक्ति के लिए मेरे आदिवासी भाइयों, बहनो, बच्चों को मदद करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसके तहत आने वाले तीन वर्षों में सात करोड़ साथियों की जांच की जाएगी। हमने संकल्प लिया है कि आदिवासी माताओं, बहनों और बच्चों को सिकल सेल की इस बीमारी से मुक्ति दिलाकर के ही रहेंगे।

मेरे परिवारजनो,

भाजपा की प्राथमिकता छोटे किसान हैं, आदिवासी किसान हैं। भाजपा का निरंतर प्रयास है कि छोटे किसानों की उपज और वनोपज उसको महत्व मिले। उन्हें अधिक से अधिक दाम मिले। अभी दिल्ली में जी-20 के लिए जो मेहमान आए थे, उनको हमारी राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी ने एक भोज दिया था। दुनिया के बड़े-बड़े नेता भोजन के लिए पधारे थे और हमारी राष्ट्रपति जी ने उनको क्या खिलाया? कोदो, कुटकी, रागी, हम जो अपने परिवारों में खाते हैं, जिसे मोटा अनाज कहते हैं, जिसको आजकल हम श्री अन्न कहते हैं और जो हमारे छोटे-छोटे किसान छोटी-छोटी जमीन के टुकड़ों पर उगाते हैं। जो मेरे आदिवासी भाई-बहन उगाते हैं, हमने इन मोटे अनाजों से बड़े-बड़े नेताओं का स्वागत किया है। भारत का श्री अन्न, आपके खेतों में उगने वाला श्री अन्न, विश्व की पोषण और पौष्टिक सुरक्षा का ब्रांड बने, ये मोदी का मिशन है। हमारे आदिवासी बहन-भाई जंगल से जो उत्पाद इकट्ठा करते हैं, ऐसे उत्पादों के बेहतर दाम देने के लिए भी भाजपा प्रतिबद्ध है। इसलिए बीते 9 वर्षों में दर्जनों वन उपजों को समर्थन मूल्य के दायरे में लाया गया है। जो सैकड़ों वनधन केंद्र बनाए गए हैं, इससे भी इन वन उत्पादों की भी अधिक कीमत मिलनी तय हुई है। मुझे खुशी है कि वनधन केंद्रों में बड़ी संख्या में आदिवासी बहन-भाइयों को रोज़गार मिला है। विशेष रूप से आदिवासी बहनों के सैकड़ों स्वयं सहायता समूह वनधन योजना से जुड़े हैं।

मेरे परिवारजनो,

छत्तीसगढ़ की ये भूमि, भगवान श्री राम का ननिहाल है। माता कौशल्या का भव्य मंदिर यहां है। आज इस पवित्र भूमि पर मैं आप सभी को आप सभी भाई-बहनों को हमारी आस्था, हमारे देश के खिलाफ जो साजिश हो रही है उसके प्रत जागरूक करना चाहता हूं। जिन लोगों को आप सभी ने पिछले 9 साल से केंद्र सरकार से बाहर कर रखा है, जो लोग लगातार चुनाव हार रहे हैं, वे लोग अब आपसे इतनी नफरत से भर गए हैं कि उन्होंने आपकी पहचान, आपकी संस्कृति के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। इन लोगों ने मिलकर एक इंडी गठबंधन बनाया है। कुछ लोग इसे घमंडिया गठबंधन भी कहते हैं। अब इंडी गठबंधन ने तय किया है कि वो भारत की सनातन संस्कृति को समाप्त करके रहेगा। यानि जो संस्कृति हजारों साल से भारत को एक किए हुए है, सत्ता के लालच में ये लोग अब उसे तोड़ना चाहते हैं। सनातन संस्कृति वो है- जिसमें भगवान् राम सबरी को माँ कहकर उनके जूठे बेरों को खाने का आनंद लेते हैं। सनातन संस्कृति वो है- जहां राम वनवासियों को, निषादराज गुहु को अपने भाई से भी बढ़कर बताते हैं। सनातन संस्कृति वो है- जहां राम, नाव चलाने वाले केवट को गले लगाकर धन्य हो जाते हैं। सनातन संस्कृति वो है जिसमें वानरों की सेना श्रीराम की शक्ति बढ़ाकर, लंका विजय का कारण बनती है। सनातन संस्कृति वो है- जो किसी परिवार में हुए जन्म को नहीं, बल्कि व्यक्ति के कर्म उसको प्रधानता देती है।गांधी जी से लेकर स्वामी विवेकानंद तक, देवी मां अहिल्याबाई होल्कर से लेकर मीरा बाई तक, हजारों हजार साल से ये सनातन धर्म, सनातन संस्कृति हर किसी को प्रेरित करती रही है। ये सनातन संस्कृति है जो रविदास और कबीरदास को संत शिरोमणि कहकर अपना गौरव बढ़ाती है। हमारे यहां छत्तीसगढ़ में ही बहुत बड़े स्वतंत्रता सेनानी हुए थे, श्याम लाल सोम जी। उन्हें प्रथम जंगल सत्याग्रही कहा जाता है। श्याम लाल सोम जी का जीवन सनातन से ही प्रेरित था। हमारे छत्तीसगढ़ के ही शहीद रामाधीन गोंड का तो नाम ही सनातन का प्रतिबिंब रहा है। ऐसी सनातन संस्कृति को समाप्त करने का ऐलान इंडी अलायंस के लोगों ने किया है। छत्तीसगढ़ के लोगों को, देश के लोगों को इनसे बहुत सतर्क रहना है। ये भारत की हजारों साल से चली आ रही संस्कृति को मिटाना चाहते हैं, ये भारत को मिटाना चाहते हैं।

मेरे परिवारजनो,

पूरी दुनिया में भारत की धूम है, दुनिया भारत में निवेश की हर संभावना को तलाश रही है, लेकिन यहां कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार केंद्र के काम में रोड़े अटकाने वाली सरकार रहेगी तो छत्तीसगढ़ को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। छत्तीसगढ़ के युवाओं को यहीं पर बेहतर रोजगार मिले, छत्तीसग़ढ़ निवेश आकर्षित करने में अग्रणीय हो इसके लिए यहां भाजपा की सरकार बनना आवश्यक है। ये जो समय आया है इसको छत्तीसगढ़ को चूकना नहीं है। छत्तीसगढ़ को अटल जी ने जिस भाव के साथ बनाया है अब मोदी को उसी भाव के साथ विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का अवसर देना यही मैं आपलोगों से प्रार्थना करता हूं। छत्तीसगढ़ के पास अपार संपदा है अब इसे भाजपा का कमल खिलाकर समर्पण और संकल्प से जोड़ना है। आप इतनी बड़ी संख्या में इतनी बारिश के बावजूद भी हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए इसके लिए हम सभी आप सबका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करते हैं।


मेरे साथ बोलिए, भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की.. बहुत-बहुत धन्यवाद।

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!