‘Punjabiyat’ is of umpteen importance to us: PM Modi

Published By : Admin | February 16, 2022 | 12:02 IST
Welfare of the poor is our government's top priority: PM Modi in Punjab
India has achieved milestone when it comes to fight against Covid-19 pandemic: PM Modi
Never got responsibility to serve Punjab, vote for BJP led NDA in the assembly election: PM Modi in Pathankot
‘Punjabiyat’ is of umpteen importance to us, while the Opposition views Punjab from the lens of 'Siyasat': PM Modi

जय श्री राम।

जय जय श्री राम।

जो बोले सो निहाल,

सत् श्री अकाल!

वाहेगुरु जी का खालसा-
वाहेगुरु जी की फतेह।

वाहेगुरु की फतेह के इस उद्घोष को लेकर हम ये फतेह रैली कर रहे हैं।

अपने गुरुओं,
अपने संतों की वाणी पर चलकर ही हम 21वीं सदी का
नवा पंजाब बनाएंगे।

और मैं जब नवा पंजाब कह रहा हूं मतलब

हसदा पंजाब,

वसदा पंजाब,

नच्चदा पंजाब,

चड़दा पंजाब।

यही हमारा संकल्प है।

मुझे विश्वास है, आपका ये जोश, ये हौसला 20 तारीख को नवा पंजाब के लिए बीजेपी और एनडीए की जीत सुनिश्चित कर देगा। सरकार बनाएंगे न...भाजपा की सरकार बनाएंगे न...पूरा पक्का विश्वास है। आपका ये जो दमखम हैं न उसमें ही मुझे विजय नजर आ रहा है।

साथियों,

मैं पठानकोट की इस पवित्र धरती से मुक्तेश्वर महादेव मंदिर और अमृतसर के दुर्गयांना मंदिर को प्रणाम करता हूं। ये धरती हरिमंदिर साहिब और करतारपुर साहिब की भी धरती है। इस पवितर धरती से मैं सभी गुरुओं को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। आज संत रविदास जी की जयंती भी है। यहां आने से पहले मैं दिल्ली में गुरु रविदास विश्रामधाम मंदिर होकर आया हूं। पंजाब से भी बड़ी संख्या में हमारे साथी, लाखों श्रद्धालु, उनकी जन्मस्थली, बनारस गए हुए हैं। यहां से जो यात्री और देशभर से जो यात्री बनारस गए हैं, उनकी सहूलियत के लिए जितना कुछ कर सकता हूं, मैने और योगी जी की सरकार ने करने का प्रयास किया है। यहां के मेरे सभी साथियों की सहूलियत के लिए रेलवे ने दो विशेष ट्रेनें भी चलाई हैं। बनारस का सांसद होने के नाते मेरी जिम्मेवारी बनती है कि जब आप मेरे मेहमान बने हो, तो मुझसे हो सके उतना श्रद्धालुओं की सेवा करूं, बनारस में उनको कोई तकलीफ न हो, उनको जरूरी सुविधाएं मिलें। ये मेरा सौभाग्य है कि काशी में संत रविदास मंदिर परिसर में हमने बहुत बड़ा भव्य लंगर हॉल, श्रद्धालुओं को अर्पित किया। मैं आप सभी को और बनारस गए श्रद्धालुओं को भी संत रविदास जयंती की शुभकामनायें देता हूं। मेरा ऐसा सौभाग्य है कि जब मैं यहां मंच पर आ रहा था तो मुझे वाल्मिकी समाज के सभी प्रमुख लोगों ने पवित्र माला पहना कर आशीर्वाद दिया। मैं वाल्मिकी समुदाय के सभी संतों को हृदय से प्रमाण करता हूं। आज मेरा ये भी सौभाग्य रहा कि कबीर परंपरा के अनुयायी भी आज यहां आकर मुझे आशीर्वाद दे रहे थे। ये भी मेरा बड़ा सौभाग्य है और मंच पर आते ही संत शिरोमणी पूज्य रविदास जी के चरणों में मुझे यहां भी माथा टेकने का मौका मिल गया।

साथियों,

संत रविदास जी का एक दोहा है, आप ध्यान से सुनिए और जब आप ध्यान से सुनोगे तो आपका भी पक्का विश्वास हो जाएगा कि मोदी की सरकार वही कर रही है जो संत रविदास जी कह कर गए हैं संत रविदास जी ने अपने दोहे में कहा है।

ऐसा चाहूं राज मैं,
मिले सबन को अन्न।

छोट-बड़ो सब सम बसे,
रविदास रहे प्रसन्न।

संत शिरोमणि रविदास जी ने क्या कहा था, उन्होंने कहा था मैं ऐसा राजा चाहता हूं। देखिए रविदास जी ने कहा है मैं ऐसा राजा चाहता हूं, जिससे सभी को अन्न मिले। हर कोई एक समान, समरस होकर रहे और जब ऐसा होगा तो स्वभाविक है, रविदास जी प्रसन्न होंगे ही। ये संत रविदास जी ने कहा है।

साथियों,

सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को लेकर चल रही, भाजपा का भी आदर्श यही है। संत रविदास जी के शब्दों से प्रेरणा लेकर के हम आगे बढ़ते हैं। ऐसा होगा तो स्वाभाविक रूप, रविदास जी प्रसन्न होंगे ही। साथियों सबका साथ सबका विकास के मंत्र को लेकर चल रही भाजपा का आदर्श भी संत रविदास जी के शब्दों से प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़ते हैं। इसलिए हमारी सरकार के लिए गरीब का कल्याण सर्वोपरि है। आप देखिए पूरी दुनिया में एक ऐसी महामारी आई है, ऐसी महामारी आई है, 100 वर्षों में कभी ऐसी महामारी नहीं आई और पूरी दुनिया में फैली, लेकिन भाजपा सरकार ने संत रविदास जी की इस भावना को प्राथमिकता दी, मिले सबको अन्न। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में आज कोरोना की वजह से गरीब को हर तरह की दिक्कत आ रही है। खाने पीने की समस्या हो रही है। लेकिन इतने बड़े संकट में 100 साल की सबसे बड़ी महामारी में, इस काल में भारत करोड़ो देशवासियों को मुफ्त में राशन उपलब्ध करा रहा है। कोई भी ऐसा गरीब न हो, जिसके घर में चूल्हा न जलता हो भाई, ये काम करना मेरे लिए एक पवित्र सेवा का काम था। पंजाब के भी लाखों गरीबों को दो साल से मुफ्त राशन मुहैया कराया जा रहा है। हमने प्रयास किया है कि महामारी के इस समय में कोई गरीब भूखा न सो जाए। कोरोना की वैक्सीन भी हमारी सरकार ने मुफ्त मुहैया करवाई, गांव-गांव जा करके मेरे देशवासियों का जीवन बचाने के लिए रात दिन-काम किया और दुनिया जो नहीं कर पाई, वो काम हिंदुस्तान ने कर के दिखाया। करीब-करीब 95 परसेंट से ज्यादा लोगों को पहला डोज तो लग ही चुका है और दूसरा डोज भी लगने की दिशा में भी तेज गति से काम हो रहा है और वैक्सीन की वजह से लोगों को बहुत बड़ा सुरक्षा कवच मिला है, भाइयों आपने वैक्सीन लगवाई है न, मुझे बताओ, वैक्सीन लगवाई है न, आपको एक नए पैसे का खर्च हुआ है क्या, आपको कोई दिक्कत हुई है क्या, आप बताइए ऐसे संकट के समय मुझे ये पवित्र काम करना चाहिए था कि नहीं चाहिए था। देशवासियों को वैक्सीन लगनी चाहिए थी कि नहीं लगनी चाहिए थी। भाइयों और बहनों इसी वैक्सीन की वजह से पंजाब में स्थितियां थोड़ी बहुत सामान्य होने के कारण, आर्थिक गतिविधियों ने भी अपना जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।

साथियों,

पठानकोट में मैं देख रहा था कई परिवारों से मैं हाथ उठा -उठा करके सबको नमस्ते कर रहा था। सारे पुराने लोगों के चेहरे आज मेरे सामने थे, एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में कभी टू व्हीलर पर आता था, कभी रेल के डिब्बे से यात्रा करके पहुंचता था और आपके पठानकोट पहुंचता था, कभी जम्मू से दिल्ली जाता था, तो रात को स्टेशन पर पठानकोट के अनेक परिवार मेरे लिए खाना पहुंचाते थे, टिफिन का डब्बा लेकर आते थे, ऐसा महत्वपूर्ण समय मैंने जीवन का आप लोगों के बीच बिताया है। यहां की माताएं-बहनें अपने बच्चों को कहती हैं-

जां लगेगी रज,
तां बढ़ेगा गज।

ये हमारे माझा इलाके में हम सुनते हैं....यानि जैसे-जैसे शरीर को मिट्टी लगेगी, कद भी बढ़ेगा। माझा की इस मिट्टी ने मुझे मां जैसा प्यार दिया है, मां जैसा स्नेह दिया है।
लेकिन जिस तरह से मुझे और भाजपा को, जरा सुनना पड़ेगा, आप के घर में आया हूं, बताएं न, कोई कड़वी बात बताऊंगा तो बुरा नहीं लगेगा न। ऐसा नहीं जोर से बताइए, थोड़ी कड़वी बात बताऊं तो बुरा नहीं लगेगा न..पक्का नहीं लगेगा न, तो बता दूं...बता दूं। आप देखिए आपके बीच मैं इतने साल रहा, आपकी रोटी खाकर मैं बढ़ा, लेकिन जिस तरह से मुझे और भाजपा को , हिंदुस्तान के अनेक राज्यों में सेवा करने को मिला, वैसा अवसर मुझे पंजाब की सेवा करने का नहीं मिला है। पहले भी हम यहां एक छोटे पार्टनर के रुप में छोटे दल के रुप में सरकार के साथ एक किनारे पर हासिए पर थे। पंजाब की शांति के लिए पंजाब की एकता के लिए, पंजाब के उज्ज्व भविष्य के लिए हमने हमारी पार्टी का नुकसान करके, पंजाब का भला करने को प्रथामिकता दी थी। लेकिन आज मैं आपसे मांगने आया हूं, मुझे पांच साल आप अपनी सेवा का मौका दीजिए। मैं आपको भरोसा देता हूं, किसानी, व्यापार, इंडस्ट्री नु लाहेबंद वणाया जाएगा। गरीबां अते मजदूरां नूं उन्हा दे हक दिते जाणगे, पंजाब नु महफूज अते चढ़दियां कलावां विच रखांगे।

साथियों,

जनता जब भाजपा को मौका देती है, फिर न जनता हमारा हाथ छोड़ती है, न जनता हमारा साथ छोड़ती है, न हम जनता की सेवा का काम छोड़ते हैं! हम इतने राज्यों को जहां-जहां सेवा का मौका मिला है, जरा देख लीजिए विकास का जो सिलसिला भाजपा की सरकार में शुरू होता है, जनता भी ऐसा साथ देती है कि कभी विकास का काम रुकता नहीं है। एक और बात भी आपने देश भर में देखी होगी,जहां एक बार भाजपा के पैर जम जाते हैं, तो वहां दिल्ली में बैठकर रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने वाले परिवार की छुट्टी हो जाती है।मतलब, जहां विकास आया, जहां विकास पहुंचा, वहां वंशवाद का हुआ सफाया ! जहां शांति और सुरक्षा आई, वहां तुष्टीकरणर भ्रष्टाचार की विदाई ! यही विदाई इस बार पंजाब में भी देनी है। भाजपा पंजाब के विकास और नवा पंजाब के लिए मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी, ये मेरा आपसे वायदा है।

साथियों,

आपका प्यार मेरे सिर आंखों पर, जो दिल्ली में एयरकंडिशन कमरों में बैठे हैं न उन्हें पता नहीं है कि इस प्यार की ताकत क्या है। पठानकोट और माझा की ये धरती वीरों की धरती है... वीरों की धरती है... यहां घर-घर से नौजवान देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर सेवा दे रहे हैं। इसी माझा से गुरुओं ने सिख धर्म को भी विस्तार दिया था। लेकिन, सरकार अगर संस्कारों के खिलाफ चलने वालों की हो तो वो विरासत और पहचान दोनों को मिटाने के लिए लग जाती है। कांग्रेस ने पंजाब और देश की शान के खिलाफ क्या-क्या कुकृत्य नहीं किए! इसी पठानकोट पर जब पकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था, तब देश उस संवेदनशील मौके पर एकजुट था! लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेता क्या कर रहे थे ? आप मुझे बताइये, इन्होंने सेना के शौर्य पर सवाल उठाए थे या नहीं उठाए थे? हमारी सेना पर शक किया था कि नहीं किया था। मेरी इस धरती के लालों पर शक किया था कि नहीं किया था। इन्होंने शहीदों की शहादत पर कीचड़ उछालने का पाप किया था कि नहीं किया था। पुलवामा हमले की बरसी पर भी ये कांग्रेस के लोग अपनी पापलीला को बंद नहीं कर पाए। वे हमारी सेना की बहादुरी का फिर से सबूत मांगने लग गए हैं। मैं वीर जवानों और पूर्व सैनिकों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुंहतोड़ जवाब देकर का के कांग्रेस के मुंह पर ताले लगाने की कोशिश की है। अब आप लोग ये तय करिए, क्या पंजाब जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्य की सुरक्षा इन लोगों के हाथों में हम दे सकते हैं क्या ,ऐसे लोग आपको सुरक्षा दे सकते हैं क्या। ऐसे लोग आपका भला कर सकते हैं क्या। ये आप की चिंता कभी कर सकते हैं क्या। अगर इन्हें फिर मौका मिल गया तो ये पंजाब की सुरक्षा को खतरे में डालने से पीछे नहीं हटेंगे। पहले कभी कांग्रेस में कैप्टन साहब जैसे लीडर थे, उनको इस गलत रास्ते पर जाने से रोकते थे। इसलिए 20 फरवरी को पंजाब की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भाजपा को, एनडीए को वोट देना है। ढींढसा साहब और कैप्टन साहब की पार्टी आज हमारे साथ, पंजाब के उज्जल भविष्य के लिए हमारे साथ जुड़ी है, 20 फरवरी को पंजाब में शांति और अमन के लिए भाजपा को वोट देना है। 20 फरवरी को पंजाब के विकास के लिए भाजपा को वोट देना है।

साथियों,

देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार सेनाओं का लगातार आधुनिकीकरण कर रही है। जब सैनिक के पास आधुनिक साजो-सामान होता है, तो उसकी अपनी सुरक्षा भी बढ़ती है। भाजपा सरकार सेनाओं में महिलाओं को नए अवसर दे रही है। अब हमारी बहन-बेटियां भी सेना में देश की रक्षा करने के लिए कंधे से कंधा मिला कर खड़ी रहें, इसका भी प्रबंध मैंने किया है और ये तो वीरों की भूमि है। देखते ही देखते यहां कि बेटियां देश की रक्षा करने में आगे होंगी ऐसा मेरा विश्वास है। परमानेंट कमीशन देना हो, इतना ही नहीं हमने एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय किया है। हमने एक निर्णय किया है कि देश में सैकड़ों नए सैनिक स्कूल हम खोलेंगे। इतना ही नहीं उन सैनिक स्कूलों में बेटियों को भी एडमिशन दिया जाएगा, उनके लिए भी सैनिक स्कूल के दरवाजे खोल दिए जाएंगे। मुझे बताइए हमारी बहन-बेटियों को वीरता दिखाने का अवसर मिलेगा कि नहीं मिलेगा। उनका सामर्थ्य दिखाने का अवसर मिलेगा की नहीं मिलेगा। ऐसे कई कदम हमारी सरकार ने उठाए हैं। सीमावर्ती इलाकों के युवाओं को हमने जो सीमावर्ती स्कूल हैं और जो अच्छे स्कूल हैं, वहां पर स्कूलों में NCC का विस्तार करने का निर्णय किया है, देश में हजारों नए स्कूल, अब एनसीसी का केंद्र वहां भी उपलब्ध हो जाएगा, ताकि सीमा पर देशभक्ति का जो ज्वार हैं, उनको देश के लिए कुछ करने का अवसर मिलेगा और भाइयों और बहनों इस बजट में आपने देखा होगा, इस बजट में हमने बहुत बड़ा निर्णय किया है और उसका बहुत बड़ा लाभ हमारे पंजाब के गावों को मिलने वाला है। बजट में खोखले वादे नहीं है, बड़ी-बड़ी बातें नहीं है, बजट में प्रवाधान कर दिया गया है कि सीमावर्ती गांवों में एक वाइब्रेंट विलेज योजना लागू की जाएगी। और जो हमारे सीमा के गांव हैं उनको विशेष सुविधा दी जाएगी। वहां इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा, वहां स्कील डेवलपमेंट के लिए काम होगा वहां टूरिज्म डेवलप किया जाएगा, वहां उद्योगों को काम दिया जाएगा, एक नया पूरा सीमाक्षेत्र को बल देने का काम हम करने वाले हैं।

साथियों,

हम पंजाब को पंजाबियत की नज़र से देखते हैं, हमारे लिए पंजाबियत सबसे प्रमुख है ये जो हमारे विरोधी लोग है ना ये सिर्फ और सिर्फ पंजाब को सियासत के चश्मे से देखते हैं, हम पंजाबियत को गहराई से देखते हैं, भाईयों और इसीलिए, हमें करतारपुर साहिब कॉरिडॉर के विकास का सौभाग्य मिला मैं आज कांग्रेस सरकार के सामने कुछ गंभीर सवाल पूछना चाहता हूं और मैं पूरे पंजाब को, गुरूओं के आशीर्वाद लेकर जीने वाले हर पंजाबी को मैं कहना चाहता हूं। मैं जो सवाल पूछ रहा हूं, वो सवाल आप भी पूछिए। आप मुझे बताइए जब भारत विभाजन हुआ, तो नेता कौन थे। भई कांग्रेस के थे कि नहीं थे। देश के टुकड़े हुए तब कांग्रेस के लोग थे कि नहीं थे। क्या इनको इतनी समझ नहीं आई कि 6 किलोमीटर दूर सीमा से हमारे गुरू नानक देव जी की तपोभूमि है, क्या विभाजन के समय वो 6 किलोमीटर और गुरु नानक देव जी की पवित्र भूमि भारत में रख सकते थे कि नहीं रख सकते थे....। रखना चाहिए था कि नहीं रखना चाहिए था, जरा हिम्मत से बताओ, रखना चाहिए था कि नहीं रखना चाहिए था। ये पाप किया है कि नहीं किया है उन्होंने, हमारी भावनाओं को कुचला है कि नहीं कुचला है। दूसरी घटना 65 की लड़ाई हुई, भारत की सेना लाहौर में झंडा फहराने की ताकत के साथ आगे बढ़ रही थी, अगर 65 की लड़ाई में थोड़ा दो कदम आगे जाते तो गुरु नानक जी की तपोभूमि हमारे पास होती कि नहीं होती। वो पहला मौका चूक गए विभाजन के समय, दूसरा मौका चूक गए 65 की लड़ाई में और फिर बांग्लादेश की लड़ाई हुई, 90 हजार पाकिस्तान के सैनिकों ने हिंदूस्तान की सेना के सामने घुटने टेक दिए। 90 हजार सैनिक हमारी कैद में थे, हिंदुस्तान की कैद में थे। अगर दिल्ली में बैठी हुई सरकार में दम होता तो उनको कह देते कि 90 हजार सैनिक तुम्हें तब मिलेंगे जब हमें हमारे गुरु नानक देव की तपोभूमि वापस मिलेगी। ये काम उनको करना चाहिए था कि नहीं करना चाहिए था। तीन-तीन बार मौके मिले गंवा दिए।

भाईयो-बहनों.

मैं आज लड़ाई तो थी नहीं, कूटनीतिक ताकत से कॉरिडोर बनाया और कल तक जो दूरबीन से गुरू महाराज की तपोभूमि के दर्शन करते थे आज मेरे श्रृद्धालु वहां जाकर के दर्शन करके आ जाते है। मुझे बताइए ऐसे शासकों से सवाल बनता है कि नहीं बनता है। ऐसे लोगों पर कोई भरोसा कर सकते हैं क्या?

भाइयों और बहनों

हम तो समर्पित लोग हैं हमें विरासत पर भी गर्व है और विकास की जिम्मेवारी भी हमारे सामने है। हम गुरुओं के प्रकाश पर्व को पूरी आस्था से सिर्फ हिंदुस्तान में नहीं पूरी दुनिया में मनाते हैं और भारत की इस महान विरासत की दुनिया के लोगों की पहचान करवाते हैं। लेकिन इन लोगों का इतिहास क्या है? इन लोगों के नाम पर दरबार साहिब का अपमान, हिंसा और खून-खराबे का कलंक दर्ज है। हम सिख दंगों के आरोपियों को सजा दिलवाते हैं। ये उन्हें अपनी पार्टी में बड़े-बड़े ओहदे देते हैं। यही वो लोग हैं, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। काशी विश्वनाथ धाम बना, तो उस पुण्य काम का भी ये लोग विरोध कर रहे थे। काशी विश्वनाथ धाम बना तो उस पुण्य काम का भी ये लोग विरोध करते रहे। काशी विश्वनाथ मंदिर को..काशी विश्वनाथ मंदिर को सदियों पहले माझा की धरती से विशेष रिश्ता है। मंदिर के लिए सोना चढ़ाने का काम उस जमाने में महाराजा रणजीत सिंह जी ने ही किया था भाइयों-बहनों। हम अपनी इस विरासत को देश की एकता अखंडता से जोड़कर देखते हैं। इससे पर्यटन भी बढ़ता है, युवाओं को रोजगार भी मिलता है। लेकिन देश की आस्था और विरासत को सुनते ही उनके कान लाल हो चाते है, चिढ़ है उनको। पंजाब के लोगों ने दशकों तक ऐसे दलों को बर्दाश्त कर लिया। अब उन्हें इस बार भाजपा को मौका देना है। और मैं परसों जालंधर आया था मुझे याद है जो खबरें मिल रही है पंजाब ने पक्का कर लिया है कि इस बार परिवर्तन भाजपा की सरकार।

भाइयों बहनों,

कांग्रेस पार्टी की करतूतों का साथ देने के लिए अब उन्हें ‘पार्टनर- इन- क्राइम’ भी मिल गया है। आप देखिए, कितनी समानता है, दोनों दलों में। जब अयोध्या में राम मंदिर बनता है, तो दोनों मिलकर विरोध करते हैं। जब भारत के जांबाज अपना शौर्य दिखाते हैं, तो दोनों वही बोलते हैं, जो पाकिस्तान से बोला जाता है, पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हैं। एक ने पंजाब के युवाओं को नशे के जाल में धकेला, दूसरी पार्टी, दिल्ली के युवाओं को शराब का लती बनाने में लगी हुई है। इतना ही नहीं, एक ने पंजाब को लूटा, दूसरी दिल्ली में एक के बाद एक घोटाले कर रही है। ये दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे होने के बावजूद, अब ये दोनों पार्टियां मिलकर पंजाब में नुरा-कुश्ती कर रहे हैं। WWF आता है न ये कर रहे हैं जी, ये आमने-सामने होने का दिखावा कर रहे हैं। आप मुझे बताइए दिल्ली में पहली बार आप पार्टी की सरकार बनी थी। उसको पूर्ण बहुमत नहीं था, उनको किस पार्टी ने समर्थन दिया था, किसके समर्थन से वो दिल्ली में मुख्यमंत्री बने थे, तो एक ही चट्टे -बट्टे के लोग हैं कि नहीं है। ये जेरोक्स कॉपी है कांग्रेस की, चाल-चलन सब वही है। भाइयों-बहनों, सच्चाई ये है कि कांग्रेस अगर ओरिजनल है, दूसरी पार्टी उसकी फोटो कॉपी है। इन दिनों आपने ये भी देखा होगा, कांग्रेस के नेता प्रचार करने जाते हैं तो किसके विरोध में बोलते हैं भाइयों, इनका भाषण किसके खिलाफ होता है। सिर्फ और सिर्फ मोदी के खिलाफ बोलते हैं, सिर्फ और सिर्फ भाजपा के खिलाफ बोलते हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि आएगी तो भाजपा ही। ये हमला इसलिए मुझ पर कर रहे हैं , अगर हम जीतने वाले न होते , तो उतने बड़े-बड़े नेता आकर के हमें ही गालियां क्यों देते भाई, भाजपा को ही गालियां क्यों देते। ये इतनी गालियां देते हैं मतलब आप ज्यादा ताकतवर हो गए हो। आप ज्यादा ताकत से भाजपा के साथ खड़े हो, उन्हें बराबर पता है कि इस बार पंजाब के लोगों ने पक्का मन बना लिया है, इस बार भाजपा जैसी अनुभवी पार्टी, देशहित में पंजाब के हित में काम करने वाली पार्टी को मौका देना है।और मेरा आपसे ये वायदा है, हम मजबूर नहीं मजबूत पंजाब बनावांगे। पंजाब नू मुड़ खुशहाल बनावांगे।

साथियों,

पंजाब ने हमेशा देश के विकास के लिए दिल्लीवाली सरकार के काम को देखा है, कभी पंजाब की पहचान देश के सबसे खुशहाल सूबे के रूप में होती थी। लेकिन आज हालात कुछ और हैं। राज्य पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। रोजगार के मौके हर दिन कम हो रहे हैं, युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है। अपनी छोटी-छोटी मांगों के लिए पुलिस के डंडे खाने पड़ रहे हैं। माझा को तो खासकर विकास से, उद्योगों से वंचित रखा गया। यहां केवल एक ही धंधा चल रहा है, खनन में लूट का धंधा! और आप जानते हैं कि आपके क्षेत्र को कौन लोग लूट रहे हैं। मैं आपसे जानना चाहता हूं- क्या इन रेत माफियाओं पर, खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई होती है ? सरकार के मुलाजिमों को मारने के लिए तो पुलिस का डंडा रखते हैं, लेकिन खनन माफिया को महलों में मौज मिलती है मेरे भाईयों। ये इसीलिए विधायक बनते और बनवाते हैं ताकि पूरे पंजाब की मिट्टी को खोदकर अपनी तिजोरियां भर लें। ये लोग अपनी मिट्टी से विश्वासघात कर रहे हैं। ये खेल तभी रुकेगा जब ईमानदार और काम करने वाली सरकार होगी, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार होगी। मैं डंके की चोट पर कहता हूं- माफिया पंजाब छड़ेगा, पंजाब दा नौजवान नहीं।

भाइयों बहनों,

अभी पंजाब में डबल इंजन की सरकार नहीं है। अभी केवल केंद्र सरकार का इंजन काम कर रहा है। इन स्थितियों में भी हमने पंजाब में नए हाइवेज बनाने, एक्सप्रेसवेज बनाने, यहां उद्योगों को बढ़ावा देने का पूरा प्रयास किया। दिल्ली कटरा एक्सप्रेसवे पंजाब से होकर गुजर रहा है। इससे पंजाब के विकास को गति मिलेगी, लोगों को सुविधा भी मिलेगी। नए उद्योगों के लिए पंजाब में रास्ते खुलेंगे। पंजाब में जो सामान बनता है,
उसकी सप्लाई बढ़ाने के लिए हम लुधियाना-पश्चिम बंगाल ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडॉर भी बना रहे हैं। एयरवेज के मामले में भी पंजाब पीछे न रहे, इसके लिए मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ-साथ और एयरपोर्ट पर भी काम किया गया है। पंजाब के हर नागरिक के स्वास्थ्य के लिए , उसकी सेवा के लिए, बीमारी में उसे दिल्ली तक दौड़ना न पड़े, इसके लिए एम्स का काम आपकी आंखों के सामने हैं। पीजीआई सैटिलाइट सेंटर भी केंद्र सरकार ने दिया है। हम पंजाब में manufacturing बढ़े, यहां के युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए भी काम कर रहे हैं।हमने पंजाब के किसानों के लिए कपूरथला, फ़ज़ीलका और लुधियाना में तीन फूड पार्क्स भी बनाए हैं। आज पंजाब के किसानों की फसल की MSP पर रिकॉर्ड खरीद हो रही है। जितना पैसा भाजपा सरकार ने सीधे पंजाब के किसानों के बैंक खातों में भेजा है, वो पहले कभी किसी ने भेजा नहीं है।

साथियों,

हमारे पास पंजाब के विकास के लिए नवा पंजाब का एक विज़न है। पठानकोट जैसे बार्डर इलाकों के विकास के लिए बार्डर एरिया डवलपमेंट अथॉरिटी का गठन होगा।पंजाब के विकास के लिए इनफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व खर्च होगा। ये हमारे लिए केवल घोषणाएं नहीं हैं, ये पंजाब के लिए हमारे दृढ संकल्प है। और हम संकल्प को प्रकल्प में बदलते हैं और प्रकल्प को हम परिवर्तन लाने का साधन बना कर सिद्धि तक पहुंचने वाले लोग हैं। इसलिए, इस बार 20 फरवरी को बीजेपी को, एनडीए को मौका आवश्य दीजिये। इस बार पंजाब के सपनों को मौका दीजिये। नवा पंजाब को मौका दीजिये। इसी अनुरोध के साथ, आप सभी को एक बार फिर संत रविदास जयंती की अनेक-अनके बधाई। अनेक-अनेक शुभकामनायें।

मेरे साथ बोलिए भारत माता की
दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए

भारत माता की...
भारत माता की...
इस चुनाव के जो सभी उम्मीदवार हैं उनसे मेरी रिक्वेस्ट है कि आगे आ जाएं। चुनाव लड़ रहे हैं वो आगे आ जाएं...जो उम्मीदवार हैं ...

भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...

बहुत बहुत धन्यवाद!

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।