'Pariwarwaadis' making hollow promises to people of UP: PM Modi

Published By : Admin | February 10, 2022 | 11:45 IST
I am seeing these days that some “Pariwarwaad” people are constantly making hollow promises to the public. Do not fall into their traps of hollowness: PM Modi
For the poor to get continuous free ration during the pandemic, for the poor to not face any problem in getting the free corona vaccine, the BJP government is an absolute necessity: PM Modi
Previous governments failed on the promise of delivering only 500 houses in Saharanpur while the current government has sanctioned 31,000 houses already: PM Modi

भारत माता की...भारत माता की...भारत माता की...

मां शाकुंभरी की भूमि सहारनपुर के समस्त भाईयों और बहनों को आदरपूर्वक नमस्कार। जहां मां दुर्गा के चार रूपों के एक जगह दर्शन होते हैं, ऐसी पावन जगह से मैं सभी माताओं, बहनों, बेटियों का भी अभिनंदन करता हूं। मुझे खुशी है कि इस चुनाव में प्रत्यक्ष, जनता जनार्दन के समक्ष, प्रचार की शुरुआत सहारनपुर से हो रही है और मैं आज यहां से प्रथम चरण का जो मतदान चल रहा है, वहां के मतदाताओं की भी क्षमा चाहता हूं।

मेरा ये फर्ज बनता था कि चुनाव घोषित होने के बाद उनके बीच जाऊं, लेकिन इलेक्शन कमीशन ने भी कुछ मर्यादाएं रखी थीं। वर्चुअल समिट में उनसे जरूर मिला था, लेकिन रूबरू जा करके दर्शन नहीं कर पाया था। तो मैं प्रथम चरण के मतदाताओं की क्षमा याचना के साथ, दूसरे चरण के मतदाताओं को प्रणाम करते हुए, आपके आशीर्वाद लेकर के आज चुनाव अभियान का आरंभ कर रहा हूं।

भाइयों-बहनों,

इस क्षेत्र के लोगों ने ठान लिया है, जो यूपी को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा, उसे वोट देंगे। जो यूपी को दंगामुक्त रखेगा, उसे वोट देंगे। सही है न, दंगा मुक्त होना चाहिए की नहीं होना चाहिए। ये दंगों के खेल फिर से आने नहीं देना है न। जो हमारी बहन-बेटियों को भयमुक्त रखेगा, उसे वोट देंगे। जो अपराधियों को जेल भेजेगा, उसे ही वोट देंगे।

आज पश्चिमी यूपी के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान चल रहा है। अभी रास्ते में किसी ने पहले ट्रेंड की खबर मुझे किसी ने दी, मुझे बहुत आनंद हुआ है कि ठंड में भी सुबह-सुबह लोग बहुत बड़ी-बड़ी कतारें लगाकर मतदान के लिए पहुंचे हैं। मैं चुनाव आय़ोग का, चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का और अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने के लिए कतार में खड़े रहकर आगे बढ़े हैं। ऐसे सभी मतदाताओं का मैं अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

भाजपा ने यूपी चुनावों के लिए अपना जो घोषणापत्र जारी किया है, ये घोषणापत्र लोक कल्याण का संकल्प पत्र है। डबल इंजन की सरकार जो काम कर रही है, उसके पीछे और उसके लिए यूपी में भाजपा सरकार जरूरी है। गरीबों को पीएम आवास योजना के घर मिलते रहें, इसके लिए यूपी में भाजपा सरकार बहुत जरूरी है।

गरीबों को अच्छे अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक के इलाज की मुफ्त सुविधा मिलती रहे, इसके लिए यूपी में भाजपा सरकार बहुत जरूरी है। छोटे किसानों के बैंक खाते में पीएम किसान योजना का पैसा जाता रहे, इसके लिए यूपी में भाजपा सरकार जरूरी है। गरीबों को इस महामारी के समय मुफ्त राशन मिलता रहे, इसके लिए यूपी में भाजपा सरकार जरूरी है। गरीबों को कोरोना की वैक्सीन मुफ्त लगने में दिक्कत ना हो, इसके लिए भी यूपी में भाजपा सरकार जरूरी है।

भाइयों-बहनों,

ये मैं इसलिए दोहरा रहा हूं। मैं ये इसलिए कह रहा हूं। क्योंकि ये घोर परिवारवादी लोग सरकार में होते तो शायद वैक्सीन रास्ते में ही कहीं बिक जाती। और आप कोरोना के भय से आतंकित होकर जीवन-मृत्यू की लड़ाई लड़ने को मजबूर हो जाते। डबल इंजन की सरकार यहां जो यूनिवर्सिटी बना रही है, सहारनपुर को आधुनिक सड़कों द्वारा दिल्ली और उत्तराखंड से जोड़ने का काम कर रही है, इस तरह के काम बेरोक-टोक चलते रहें, इसके लिए यूपी में भाजपा की सरकार जरूरी है।

साथियों,

सहारनपुर, खेती किसानी के साथ ही उद्यमियों का भी गढ़ है। यहां लकड़ी का, फर्नीचर का इतना काम होता है। आप सभी जानते हैं कि कोई भी सामान, समय पर पहुंचाना कितना जरूरी होता है। ऑर्डर मिले लेकिन समय पर सामान न पहुंचे, तो फिर ऑर्डर ही मिलना बंद हो जाता है। किसान भी जानते हैं कि उनकी उपज चाहे फल हो सब्जियां हों, फूल हों, जहां पहुंचाना है, वहां पहुंचाने में देर हो जाती ही।

तो उसमें से काफी मात्रा में उनकी पैदावार बर्बाद हो जाती है, सड़ जाती है। इसे समझते हुए ही योगी जी की सरकार, यूपी के अलग-अलग जिलों को, अच्छी सड़कों से जोड़ रही है, यूपी की कनेक्टिविटी बढ़ा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे, दिल्ली-सहारनपुर फोरलेन, सहारनपुर एयरपोर्ट, यूपी में इतनी तेजी से, इतने बड़े-बड़े काम पहले कभी नहीं हुए। पहले हुआ था क्या, पहले इतने काम होते थे क्या, इतनी जल्दी से होते थे क्या।

भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार का ये इतिहास है, ये परंपरा है, भाजपा सरकार जो संकल्प लेती है, उसे पूरा करके दिखाती है। ये हमारी ही सरकार है जिसने गन्ना किसानों को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा का भुगतान किया है। गन्ना किसानों को जितना पैसा पहले की सरकारों के 10 साल में मिला था, उससे ज्यादा राशि योगी जी की सरकार ने उन्हें दी है। हम गन्ना किसानों को एक और परेशानी से मुक्ति दिलाने का स्थाई उपाय भी कर रहे हैं। ऐसी समस्याएं हर बार आएं, राजनीति चलती रहे और किसान बेचारा राजनेताओं पर निर्भर रहे, हम किसान को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। गन्ना किसानों की ताकत बढ़ाना चाहते हैं।

साथियों,

हमारे गन्ना किसानों के सामने, ऐसी समस्या होती है कि चीनी की कीमतें कम हों या फिर चीनी मिलें बंद हों, तो गन्ना किसान सबसे पहले परेशान हो जाता है। दुनिया के बाजार में चीनी की पैदावार बढ़ जाए, तो भी भारत में चीनी कारखाने, चीनी की पैदावार से डरते हैं, कारखाने बंद करते हैं, गन्ना किसान को परेशानी होती है। अनेक प्रकार की चुनौतियां, चीनी का वैश्विक बाजार ऊपर-नीचे हो जाए तो मुसीबत गन्ना किसानों को, हमारे यहां के चीनी के उत्पादन कम-अधिक हो जाए, गन्ना किसान को परेशानी, हमारे चीनी के कारखाने चलें या बंद रहें, गन्ना किसान को परेशानी।

इस चुनौती से निपटने के लिए हमारी सरकार एक बड़े विजन के साथ काम कर रही है। स्थाई उपाय के रास्ते पर इस पूरे क्षेत्र को ले जाने के लिए काम कर रही है। गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, अब गन्ने से सिर्फ चीनी बने ऐसा नहीं, चीनी न बने तो गन्ना किसान परेशान हो जाए ऐसा नहीं। दुनिया में चीनी की मांग कम हो जाए और चीनी पैदा करने वाले चीनी पैदा करना बंद कर दें। तो गन्ना किसान परेशान हो जाए, ऐसी स्थिति से बाहर निकालने के लिए, गन्ने से जब जरूरत पड़ेगी तब चीनी बनाएंगे, जब जरूरत पड़ेगी तब इथेनॉल बनाएंगे।

लेकिन गन्ना किसान को परेशानी नहीं आने देंगे और इसके लिए बहुत बड़ा अभियान चला रहे हैं। ये गन्ना किसानों को लाभ भी दे रहा और उनकी आर्थिक व्यवस्था को एक गारंटी देता है, सुरक्षा देता है। मुझे खुशी है योगी जी ने ताबड़तोड़ इस काम में मदद की। और भारत सरकार जो मिशन लेकर चल रही थी, योगीजी कंधे से कंधा मिलाकर मेरे साथ चले और इतने कम समय में यूपी को 12 हजार करोड़ रुपए, गन्ने से जो इथेनॉल बना न, 12 हजार करोड़ रुपया इथेनॉल से मिले हैं। जो उत्तर प्रदेश के काम आ रहे हैं, गन्ना किसानों को सुरक्षा दे रहे हैं।

और मेरे गन्ना किसान भाइयों, मेरे उत्तर प्रदेश के नौजवानों मेरे शब्द लिख कर रखिए। आने वाले दिनों में ये मामला 12 हजार करोड़ पर अटकने वाला नहीं है। ये राशि और बढ़ने वाली है। इससे गन्ना किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी और उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान निकलेगा। यूपी में जो पहले सरकारें रहीं, वो इस तरह का विजन लेकर काम कर ही नहीं सकतीं थीं। कारण...कारण..., परिवारवाद। परिवार से बाहर देखना ही नहीं सोचना ही नहीं। आप की चिंता कभी करनी ही नहीं। सबकुछ माफियाओं के भरोसे चलाते रहना।

भाइयों-बहनों

हम स्थाई समाधान के लिए कदम उठाते हैं, हम स्थाई सामाधान के लिए रास्ते खोजते हैं। हम हिंदुस्तान के हर गांव को, हर किसान को, हर नागरिक को आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर देने के लिए काम कर रहे हैं।  

साथियों,

सहारनपुर में व्यापार-कारोबार बढ़े, हमारे दुकानदार साथी बिना चिंता के काम कर सकें, इसके लिए कानून का राज भी बहुत आवश्यक है। सहारनपुर के मेरे भाइयों-बहनों बताओ, जरा मुझे ताकत से जवाब देना। कानून का राज होना चाहिए या नहीं होना चाहिए, कानून का डंडा चलना चाहिए कि नहीं चलना चाहिए, हर बहन-बेटी को सुख चैन की जिंदगी मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए।

एक-एक नागरिक को सुरक्षा मिलनी चाहिए की नहीं मिलनी चाहिए। भाइयों-बहनों ये जो आप चाहते हैं, इसके लिए योगी जी काम कर रहे हैं, तो कहते हैं देखो योगी जी ने उसको जेल में डाल दिया, उसको जेल में डाल दिया। तो क्या उसको महल में भेजें क्या? उसको महल में भेजें क्या?

भाइयों-बहनों,

पहले यहां क्या स्थिति थी, ये आप लोग मुझसे ज्यादा जानते हैं। कानून व्यवस्था सुधरने पर यूपी में, निवेशकों में एक बार फिर औद्योगिक विकास का विश्वास आया है। भाजपा सरकार यूपी के हर जिले, हर क्षेत्र की ताकत, वहां की विशेषता को पहचानकर, उसे बढ़ाने में जुटी है। इसी सोच के साथ वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-प्रोडक्ट योजना शुरू की गई है। योगी जी की सरकार ने छोटे, लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर काम किया है।

साथियों,

आपका उत्साह-आपका प्यार मेरे सिर-आंखों पर, आप इतना प्यार दे रहे हो, मेरे प्यारे भाइयों-बहनों आपका ये प्यार, आपका ये आशीर्वाद, मैं आपको ब्याज समेत लौटाऊंगा। विकास करके लौटाऊंगा। आपका कल्याण करके लौटाऊंगा।

साथियों,

सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी तो विश्व भर में अपना डंका बजा रही है। हमारे कितने ही छोटे-मोटे परिवार, अनेक नौजवान, अनेक परिवार, इस कुटीर उद्योग से जुड़े हुए हैं। लेकिन इस लकड़ी की नक्काशी को, एक बड़े ब्रांड के तौर पर आगे बढ़ाने का काम भाजपा की सरकार ने किया। 2017 से पहले कोई इस उद्योग की सुध लेने वाला नहीं था।

भाइयों-बहनों,

मुझे बताइए, एक सवाल का जवाब देंगे आप। मुझ बताइए की योगी जी की सरकार बनने से पहले, ये नक्काशी का काम यहां होता था कि नहीं होता था। होता था कि नहीं होता था। उसके पहले जो सरकारें चलती थीं, तब भी होता था कि नहीं होता था। मोदी जी दिल्ली में आए उसके पहले भी होता था कि नहीं होता था। आपके दादा-परदादा भी करते थे कि नहीं करते थे।

लेकिन इतनी सरकारें आईं, इतने नेता आए, किसी ने आपको पूछा ही नहीं, ये भाजपा सरकार है, जिसने आपकी ताकत को पहचाना है और दुनिया में डंका बजाया है। आप देखिए, आज ये लकड़ी पर नक्काशी का जो काम है, उसको GI tag, ये डबल इंजन की सरकार ने ही दिया। ये दिलवाने का काम हमारी सरकार ने किया है। जब मैं वोकल फॉर लोकल बोलता हूं, वोकल फॉर... वोकल फॉर...तो उसमें भी सहारनपुर के स्थानीय उत्पादों के साथ, आपके उत्पादन की जो ताकत जुड़ी हुई है, उसका सामर्थ्य जुड़ा हुआ है।

भाइयों और बहनों,

मैं इन दिनों मैं देख रहा हूं कि कुछ घोर परिवारवादी लोग, ये पूरी पार्टी परिवारवादी, जनता से लगातार खोखले वायदे किए जा रहे हैं। वो इसी सोच पर चल रहे हैं क्योंकि उनको मालूम है कि उत्तर प्रदेश की जनता इनके पुराने कारनामों को याद करके, फिर से कभी उनको घुसने देने वाली नहीं है। उनके नसीब में सत्ता लिखी नहीं है, उत्तर प्रदेश की जनता ने उनको नकार दिया है।

और इसलिए बड़बोले वचन देना, कुछ भी वचन दे देना। हम ये करेंगे हम वो करेंगे, उनका क्या जाता है, आना तो है नहीं, करना तो है नहीं, बोलते जाओ, आप मान के चलिए, जब कोई बड़े-बड़े वादे करता है न, समझ लेना वो खोखले ही होंगे। गैर जिम्मेदार ही होंगे। और इसलिए।

मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

इन लोगों के बहकावे में नहीं आइएगा आप। इन लोगों को जब आपने मौका दिया, तो इन्होंने क्या किया, ये कभी मत भूलिएगा। आप याद करिए इन लोगों ने शहरों को 22 घंटे और गांवों को बिजली देने की बात कही थी। ऐसे वादे किए थे, लेकिन उन्होंने ऐसा पूरे उत्तर प्रदेश में नहीं किया। उत्तर प्रदेश को अंधेरे में रखा और किया तो कहां किया अपने परिवार के जिले में किया, परिवारवादी सोच बिजली में भी वहीं पर अटक गई।

सहारनपुर जैसे बाकी जिले ऐसे ही छोड़ दिए गए। ये लोग कभी यूपी के विकास के बारे में गरीबों के बारे में सोच ही नहीं सकते हैं। इन लोगों को गरीब का दर्द न दिखता है और न ही वे दुख दर्द को समझ पाते हैं। केंद्र सरकार जो घर बनाने की योजना चलाती है। उसमें भी हमारे गरीबों ने इस परिवारवादी लोगों की निर्दयता को झेला है।

भाइयों-बहनों,

मैं कुछ आंकड़े दूंगा, उसे आप बहुत गौर से सुनिएगा। बताऊं क्या, मैं आपको कुछ आंकड़े बताना चाहता हूं। ये आंकड़े सुनकर आप चौक जाएंगे, सिर्फ इतने आंकड़े सुनोगे न तो भी आपको लगेगा, ये भाजपा की सरकार हमेशा रहनी चाहिए, आप सुनिए।

साथियों,

जब यहां ये घोर परिवारवादी सत्ता में थे, सिर्फ परिवार के लिए जीने वाले लोग सत्ता में थे, तो सिर्फ यहां की लोकल बात करता हूं, बाहर कि नहीं करता हूं तकि आप चेक कर सकें। इन्होंने सहारनपुर के शहरी इलाकों में, हमारे सहारनपुर के शहरी इलाकों में 500 गरीबों के लिए घर बनाएंगे, उन्होंने स्वीकृति दी थी। कितने... कितने... कितने...सिर्फ 500।और इतनी बड़ी बातें करने वाले लोगों ने सिर्फ 500 घर भी बना नहीं पाए।

सिर्फ 200 घर बनाए, यानि 500 की बात की और बनाए कितने, आप देखिए 2017 में आपने, लोगों के लिए जीने वाली, उत्तर प्रदेश का भला करने वाली, उत्तर प्रदेश का कल्याण करने के लिए जी जान से जुटी हुई, उत्तर प्रदेश को गरीबी से बाहर निकालने के लिए काम करने वाली योगी जी की सरकार बनाई, जो बदलाव आया है, उसके आंकड़े भी सुनने जैसे हैं मैं बताऊं। पहले की सरकार ने 500 का लक्ष्य रखा, 200 कर पाए।

योगी जी ने क्या किया, भाइयों-बहनों सहारनपुर शहर की बात कर रहा हूं। 31 हज़ार, कहां 500 और कहां 31 हजार। 31 हजार घरों को स्वीकृति, यानि गरीब परिवार लखपति बनाने का लक्ष्य, इसमें से तो 18 हज़ार घर बनाने का काम पूरा कर दिया। 500 और 200 के बीच में भी जो लटके पड़े रहते हैं। उनकी जरूरत है या 31 हजार के लोगों की जरूरत है। सीधी समझ है, भाइयों काम करने वाली सरकार चाहिए, योजनाओं को जमीन पर लागू करने वाली सरकार चाहिए, यही होती है डबल इंजन की सरकार की ताकत।

सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार की सेवा में लगे रहने वाले ये लोग, अपने परिवार का भला सोचने वाले लोग, गरीब के लिए, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित के लिए, छोटे किसान के लिए, ये कभी भी सोच नहीं सकते हैं, काम कभी कर नहीं सकते हैं।

साथियों,

आपको याद होगा, इन लोगों के राशन माफिया, याद है न राशन माफिया, ये हमारे गरीबों का राशन भी खा जाते थे। डबल इंजन की सरकार ने इनके ये कारनामे भी देखे हैं, कारस्तानी भी देखी है, और हमारी सरकार ने उसको बंद कर दिया, अलीगढ़ का ताला लगा दिया। अब मुझे बताइए, जिन लोगों के खेल बंद हो गए, उनको गुस्सा आएगा कि नहीं आएगा, ये चोरी डकैती का काम बंद हो गए, वो लामबंद होंगे की नहीं होंगे। वो हमारे खिलाफ जहर उगलेंगे कि नहीं उगलेंगे। मुझे बताइए क्या मुझे इससे डर जाना चाहिए क्या।

मुझे काम बंद करना चाहिए क्या। मुझे भाग जाना चाहिए क्या। मुझे आपकी भलाई के लिए काम करना चाहिए की नहीं करना चाहिए। जी जान से करना चाहिए की नहीं करना चाहिए। आपकी भलाई के लिए मेरी जिंदगी खपानी चाहिए की नहीं खपानी चाहिए। भाइयों और बहनों मैं ये तप करता हूं, क्योंकि आप मेरे साथ हैं। इसके कारण मुझे ताकत मिलती है।

भाइयों-बहनों,

100 साल के सबसे बड़े संकटकाल में, कोरोना वैश्विक महामारी में, गरीबों की सरकार ने किसी गरीब को भूखे नहीं सोने दिया। आज करोड़ों यूपी वासियों को मुफ्त राशन का डबल बेनिफिट मिल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में हमारे दलित भाई-बहन, पिछड़ा वर्ग के साथी भी हैं। गरीब के लिए यही सेवाभाव है, जो यूपी का गरीब, दलित, पिछड़ा आज साफ-साफ अनुभव कर रहा है, आंखों के सामने देख रहा है। डबल इंजन का डबल बेनिफिट, यही उत्तर प्रदेश आज चाहता है।

साथियों,

सबका साथ, सबका विकास ही यूपी के विकास का मूल मंत्र है। भाजपा के लिए विकास में बेटियों की सहभागिता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए आज हर सेक्टर को बेटियों के लिए खोला जा रहा है। मुस्लिम बहनें-बेटियां हमारी इस साफ नीयत को भलीभांति समझती हैं। हमने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के जुल्म से मुक्ति दिलाई है। हमने जो तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया है, उसने मुस्लिम बहनों को सुरक्षा का विश्वास दिया है।

लेकिन साथियों, जब मुस्लिम बहनों-बेटियों का समर्थन खुलेआम भाजपा को मिलने लगा, जब मुस्लिम बेटियां अपने एक एक दो मिनट के वीडियो डालने लगीं, भाजपा की सरकार की तारिफ करने लगीं, सदियों के बाद इतना सम्मान मिला। इसके लिए गौरवगान करने लगीं, तो जो कुछ वोटों के ठेकेदार होते हैं, उनकी नींद हराम हो गई, वो बेचैन हो गए, हमारी ही बहन-बेटी मोदी-मोदी करने लग गई।

उनके पेट में दर्द होने लगा। मोदी की तारीफ में मुस्लिम बहनों के बयान, उनके वीडियो देख कर इन ठेकेदारों को लगा कि इन बेटियों को रोकना होगा। ये मोदी की तरफ में चली जाएगी। तो घर में ही उनका राज आ जाएगा। इसलिए ये मुस्लिम बहनों-बेटियों का हक रोकने के लिए, उनके विकास की आकांक्षाओं को रोकने के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं। वो लोग मुस्लिम बहनों को बरगला रहे हैं ताकि मुस्लिम बेटियों का जीवन हमेशा पीछे ही रहे।

साथियों,

हमारी सरकार, हर मजलूम, हर पीड़ित मुस्लिम महिला के साथ खड़ी है। कोई मुस्लिम महिलाओं पर जुल्म ना कर सके, योगी जी की सरकार इसके लिए बहुत जरूरी है।

भाइयों और बहनों,

आपसे बात करते हुए, मैं एक और बात जरूर करूंगा। मुज़फ्फरनगर में जो हुआ, वो तो कलंक था ही, यहां सहारनपुर में जो कुछ हुआ था, वो भी खौफनाक था। था कि नहीं था, याद है कि नहीं है। राजनीतिक संरक्षण में कैसे लोगों को निशाना बनाया जाता है, सहारनपुर का दंगा इसका प्रमाण है। मेरे भाइयों-बहनों प्रमाण है। ऐसी ही करतूतों के कारण 2017 में आप लोगों ने दंगा-वादियों को ऐसा सबक सिखाया, ऐसा सबक सिखाया..और आज उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त करने में योगी जी को सफलता मिली।

लेकिन मेरे प्यारे भाइयों-बहनों आप ये मत सोचना कि ये दंगावादी लोग सुधर गए हैं। आप मत सोचना कि ये परिवारवादी सुधर गए हैं। ये तो मौके की तलाश में हैं। मौका मिल जाए इसके इंतजार में हैं। सहारनपुर के दंगों के बड़े गुनहगार को अब इन माफियावादियों ने इस चुनाव में अपना साथी बना लिया है।

और ये सिर्फ सहारनपुर की बात नहीं है। पूरे पश्चिमी यूपी में, इन लोगों ने चुन-चुन कर अपराधियों को मैदान में उतारा है। हालत तो ये है कि ये लोग अब राष्ट्र विरोधियों को अपना प्रस्तावक तक बना रहे हैं। इनका इरादा आप जरूर समझिए। योगी जी की सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की, उन्हें जेल भेजा, इसलिए इनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा हुआ है। ये लोग यूपी के लोगों से बदला देना चाहते हैं, आप से बदला लेना चाहते हैं। और मैं ये देखकर हैरान हूं, कि जो लोग उस समय दंगाइयों को कोस रहे थे, वो इस चुनाव में दंगावादियों के साथ गले मिल रहे हैं, उनके साथ खड़े हो गए हैं।

भाइयों और बहनों,

हम विकास भी करते हैं, अपनी विरासत पर भी उतना ही गर्व करते हैं। हम इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर भी बनवाते हैं और करतारपुर साहिब कॉरिडोर का भी निर्माण कराते हैं। ये हमारी ही सरकार है जिसने गुरू गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के तौर पर घोषित किया है। ये हमारी ही सरकार है जिसने 47 के बंटवारे में मारे गए अपने भाई-बहनों की याद में, 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस घोषित किया है। ये काम पहले की सरकारें भी कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने नहीं किया

। इसलिए आज देश की जनता सबसे ज्यादा भरोसा भाजपा पर करती है। उत्तर प्रदेश भरोसा भाजपा पर कर रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश भरोसा भाजपा पर कर रहा है। सहारनपुर का पूरा क्षेत्र भाजपा पर भरोसा कर रहा है। यूपी के विकास को जारी रखने के लिए इस बार आपको ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट करना है।

आजकल शादियों की सीजन चल रहा है। शादी में व्यस्त होना बड़ा स्वाभाविक है, लेकिन इतनी व्यस्तता में भी मैं आप से आग्रह करूंगा, शादी हो, बारात आने वाली हो, बारात आई हो तो भी वोट देने का काम जरूर कीजिए, करेंगे न, सुबह जल्दी जल्दी वोट करेंगे न औरों से भी वोट करवाएंगे न, वोट करने के लिए पूरे मोहल्ले के, सोसायटी के लोगों से मिलेंगे न, घर-घर जाएंगे न ।

ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे न, सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे न, आपके आशीर्वाद के लिए, आपके विश्वास के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता कि...

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Text of of PM Modi’s speech at public rally in Guwahati, Assam
February 14, 2026
This year’s Budget places strong emphasis on making the North East economically self-reliant: PM Modi in Assam
Assam will continue to move ahead on the path of peace, security and rapid development: PM Modi
The Congress, frustrated after being out of power for ten years, wants to push Assam back into instability: PM’s strong jibe at the opposition
In 70 years of Congress rule, only 3 bridges were built over the Brahmaputra; in the last 10 to 11 years, BJP NDA has completed 5 major bridges: PM in Assam rally

होकोलुके नमोस्कार जोनाइशु….

की खोबोर आपुनलुकोर?…

भाले आसे?…

जॉय आई अहोम..

जॉय आई अहोम…

जॉय आई अहोम !

मैं असम भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का हृदय से बहुत-बहुत अभिवादन करता हूं अभिनंदन करता हूं। बड़ी-बड़ी आमसभाएं करने का तो बहुत अवसर मिलता है, जनता-जनार्दन का दर्शन करना उन्हें संबोधित करना, ये लगातार चलता रहता है। लेकिन असम के बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं का दर्शन करना, ये मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है। आज भारतीय जनता पार्टी जहां पहुंची है उसका श्रेय उसकी क्रेडिट अगर किसी को मिलती है तो वो सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं को मिलती है। हमारा विश्वास संगठन में है। हम राष्ट्र जीवन में परिवर्तन का आधार संगठन की शक्ति मानते हैं और इसलिए इतनी बड़ी तादाद में जमीन की जड़ों से जुड़े हुए कार्यकर्ताओं का दर्शन करना ये अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। साथियों हमलोग एक ही मंत्र लेकर जीए हैं। हमलोग एक मंत्र को साकार करने के लिए अपने आप को खपा रहे हैं। और वो मंत्र है भारत माता की जय.. दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे...वंदे ... वंदे...

यहां इस विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में आए हुए भाजपा के हरेक कार्यकर्ता का हृदय से मैं स्वागत करता हूं अभिनंदन करता हूं। भाजपा में रहते हुए आपने मां भारती की सेवा को...जनता की सेवा को अपना धर्म बनाया है। आप सभी भाजपा कार्यकर्ता ही भाजपा की प्राणवायु है ऑक्सीजन है। भाजपा का कार्यकर्ता...परिश्रम की पराकाष्ठा करता है, और उसके कारण भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ती है। साथियों मैं गर्व से कहता हूं अगर मेरा सबसे बड़ा क्वालिफिकेशन है, मेरी सबसे बड़ी गौरवपूर्ण जीवन की बात है वो यही है कि नरेंद्र मोदी भाजपा का कार्यकर्ता है। और एक भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर...मैं असम के अपने सभी कार्यकर्ता और भाइयों और बहनों को और संगठन की शक्ति को सर झुकाकर का नमन करता हूं।

साथियों,

मैं मां आदिशक्ति मां कामाख्या को भी कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं। मां कामाख्या की असम पर, असम वासियों पर बहुत कृपा रही है। उनके आशीर्वाद से असम ने, राष्ट्ररक्षा और देश की स्वतंत्रता, देश की संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली अनेक संतानें दी हैं। ऐसी ही एक महान संतान, कविन्द्र पुरकायस्थ जी को मैं आज प्रणाम करता हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन असम और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। इसी योगदान को नमन करते हुए...बीजेपी-NDA सरकार को उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने का सौभाग्य मिला है। वर्ष 2014 के बाद, नॉर्थ ईस्ट के सवा सौ से अधिक महान व्यक्तित्वों को पदम् पुरस्कार मिले हैं। सवा सौ से अधिक... ये दिखाता है कि असम की धरती का, नॉर्थ ईस्ट की धरती का सामर्थ्य कितना बड़ा है। नॉर्थ ईस्ट का यही सामर्थ्य अब विकसित भारत का बहुत बड़ा आधार है।

साथियों,

कुछ दिन पहले ही, देश का बजट आया है। बजट के बाद, असम का, नॉर्थ ईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है। जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया...हम उस नॉर्थ ईस्ट की भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है। इस वर्ष का बजट... अष्टलक्ष्मी के लिए बीजेपी-NDA के विजन को और मजबूती देने वाला है। बजट में बहुत अधिक फोकस... नॉर्थ ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है। इस साल असम को टैक्स की हिस्सेदारी के रूप में... लगभग पचास हज़ार करोड़ रुपए मिलने वाले हैं।

साथियों,

कांग्रेस सरकार के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था... वो भी आपको याद रखना है। कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हजार करोड़ रुपए मिलते थे। अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा रुपए मिल रहे हैं। अगर मैं पिछले 11 वर्ष की बात करूं..तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए....केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। ये आंकड़ा आपको याद रहेगा… मैं जो आंकड़ा बोल रहा हूं वो आपको याद रहेगा आपको… केंद्र सरकार से साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक मिले हैं। कितने… कितने.. पीछे से आवाज आनी चाहिए कितने… आप मुझे बताइए...जो कांग्रेस, असम के विकास के लिए पैसे देने से भी बचती हो...वो कांग्रेस क्या असम का विकास कर सकती है? असम का विकास कर सकती है, असम का विकास कर सकती है। आपका भला कर सकती है। … यहां के युवाओं का भला कर सकती है… यहां के किसानों का भला कर सकती है? यहां के गांवों का भला कर सकती है?

साथियों,

इस साल के बजट में...नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूती देने का काम किया गया है। कनेक्टिविटी बढ़ती है, तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इसलिए असम में हाइवे और अन्य रोड प्रोजेक्ट्स के लिए...करीब हज़ारों करोड़ रुपए देना तय हुआ है। बजट में जो घोषणा हुई है, उससे असम में टूरिज्म का भी विस्तार होगा। अभी आपने देखा होगा...परीक्षा पे चर्चा का कार्यक्रम गुवाहाटी में हुआ था। हमने ब्रह्मपुत्र नदी में क्रूज पर विद्यार्थियों से चर्चा की थी। आने वाले समय में ब्रह्मपुत्र पर ऐसे ही रिवर टूरिज्म को और बढ़ाया जाएगा। मैं ऐसे ही वहां नहीं गया था। मैं देश को बताना चाहता था कि टूरिज्म के लिए इससे बेहतर जगह नहीं है। आओ ये मेरा आसाम है, ये मेरी ब्रह्मपुत्र है, आइए.. इस बार के बजट में, इसके लिए भी व्यवस्था की गई है।

साथियों,

आज के दिन देश की नज़रें असम पर हैं... सबने देखा कि असम का, नॉर्थ ईस्ट का सामर्थ्य क्या है। थोड़ी देर पहले जब मैं वायुसेना के विमान से मोरान के हाईवे पर उतरा... रनवे पर नहीं, हाईवे पर विमान से उतरा, तो एक नया इतिहास बन गया। कभी नॉर्थ ईस्ट का नाम आते ही लोग सोचते थे… अरे यार छोड़ो.. टूटी फूटी सड़कें, कोई ठिकाना नहीं, निकलें तो पता नहीं कब पहुंचेंगे वो भी एक वक्त था, ये भी एक वक्त है। और आज यहां ऐसे हाईवे बनकर तैयार हो रहे हैं.. जहां सिर्फ गाड़ियां ही नहीं चलतीं… बल्कि हवाई जहाज भी लैंड करते हैं।

साथियों,

आप मुझे बता दीजिए आपके हाईवे पर विमान लैंड हो, ये आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व हुआ कि नहीं हुआ… तो अब अपना मोबाइल निकालिए और अपना फ्लैश लाइट ऑन कीजिए आपको गर्व हुआ है ना....? मोबाइल फोन निकालिए और फ्लैश लाइट ऑन कीजिए सबके सब दूर-दूर तक ये गर्व का पल है ये असम का बदलता हुआ मिजाज है हाथ बढ़ाकर ऊपर कर के दिखाइए। आपको गर्व हुआ कि नहीं हुआ… गर्व से मन भर गया कि नहीं भर गया बोलिए भारत माता की…

साथियों,

असम का इतना विकास इसलिए हो रहा है... क्योंकि यहां आप सभी की मेहनत से बीजेपी सरकार बनी है... यहां के नागरिकों ने भाजपा पर भरोसा किया है। आपने मेरा बूथ-सबसे मजबूत … मेरा बूथ- सबसे मजबूत, मेरा बूथ- सबसे मजबूत, की भावना से बूथ बूथ जाकर, एक-एक परिवार को मिलकर, एक-एक मतदाता को मिलकर बीजेपी के हर समर्थक को अपने साथ जोड़ा उन्हें उनके वोट की ताकत का परिचय करवाया । और इस प्रयास से ही, असम में बीजेपी की सरकार बनी। असम के इसी आशीर्वाद के कारण, असम के नागरिकों के वोट के कारण.. यहां लाखों गरीबों के घर बने लाखों परिवारों में शौचालय की व्यवस्था हुई। पीने का साफ पानी उनके घर तक पहुंचा। आप मुझे बताइए… गरीबों को घर मिलता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। गरीब के घर टॉयलेट बनता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है… गरीब के घर में पीने का पानी पहुंचता है तो पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। इस पुण्य का हकदार कौन है…इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का हकदार कौन है… इस पुण्य का अधिकार भारतीय जनता पार्टी के बूथ का कार्यकर्ता है। गरीबों को आय़ुष्मान योजना का लाभ मिला, उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास मिला... इसलिए... इस बार भी आपको ऐसे ही अपने बूथ पर एक-एक वोट पर ध्यान रखना है...रखोगे… अब और कुछ मत करो बस पूरी ताकत बूथ पर लगा दो.. आपका बूथ विजयी होगा...तो बीजेपी विजयी होगी कि नहीं होगी। आपको विजय पाना है तो कहां पाना है, बूथ में विजय पाना है।

साथियों,

आज देश को सिर्फ एक और इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप नहीं मिली है... ये इस बात का भी प्रमाण है कि नया भारत, अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह से तैयार हो रहा है। आज का भारत ना सिर्फ अपनी सीमाओं को सशक्त कर रहा है, बल्कि देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब भी देता है। साथियों, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। और कुछ लोग तो आज भी कांप रहे हैं। अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है। लेकिन साथियों, मैं आपसे जानना चाहता हूं... क्या कभी कांग्रेस से हम देशहित के लिए इतनी हिम्मत के साथ फैसले करने की ताकत थी क्या ? वो कर सकते थे क्या। वो ज्यादा से ज्यादा बयान दे सकते हैं। कुछ नहीं कर सकते। जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो... जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती। इसलिए कांग्रेस ने कभी देश की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी। कांग्रेस की सरकारों के इसी नकारेपन से.... पूरा नॉर्थ ईस्ट, डर और असुरक्षा में जीता था। कांग्रेस ने हमेशा देश को खतरे में डा के रखा। कांग्रेस के समय में जब भी सेना के लिए हथियार खरीदे गए... उसका मतलब होता था- हजारों करोड़ का घोटाला।

साथियों,

आज देश अपनी सेनाओं को मजबूत कर रहा है... भारत अपनी सीमाओं पर शानदार हाईवे, शानदार टनल्स, ऊंचे-ऊंचे ब्रिज, आधुनिक एयरफील्ड्स... ये सब बना रहा है... देश की सुरक्षा बढ़ा रहा है... और इसलिए कांग्रेस बौखलाई हुई है। उनको यही हो रहा है कि मोदी सब कैसे कर लेता है उन बेचारों को नींद नहीं आती… नींद नहीं आती । और जब नींद नहीं आती दो दिन में कुछ भी बोलते रहते हैं। साथियों, आज की कांग्रेस हर उस विचार.. हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है... जो देश का बुरा सोचता है। जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं... जो लोग, नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं... वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं। आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया... अब आज की कांग्रेस... मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस बनकर फिर देश बांटने में जुट गई है। ये एमएमसी है- माओवादी मुस्लिमलीगी कांग्रेस इसलिए आपको कांग्रेस से सावधान रहना है... और असम की जनता को भी सावधान करना है।

साथियों,

यहां जो नौजवान हैं, जो अभी 20-25 वर्ष के हैं... उन्हें कांग्रेस का कुशासन शायद पता नहीं होगा… याद नहीं होगा... कांग्रेस की सरकारें चाहे असम में रही हों या फिर दिल्ली में... उन्होंने असम को अपने हाल पर छोड़ दिया था। आज जब मैं यहाँ ब्रह्मपुत्र के तट पर खड़ा हूं... तो इस महान नदी का ही उदाहरण देता हूं। असम के विकास में... असम के लोगों के जीवन को आसान बनाने में... ब्रह्मपुत्र की बहुत बड़ी भूमिका है। लेकिन कांग्रेस के सत्तर साल के शासन में ब्रह्मपुत्र को पार करना हमेशा बड़ी चुनौती रहा। आज़ादी के बाद से लेकर 2014 तक… और उनके तो प्रधानमंत्री यहां से चुनकर गए थे यानी लगभग सात दशक में कांग्रेस सरकारों ने ब्रह्मपुत्र पर सिर्फ़ तीन पुल बनवाए थे। इतने दशकों में कितने पुल… कितने… आप कल्पना कर सकते हैं कि इतनी विशाल नदी पर, असम की इतनी बड़ी जनसंख्या को जीवन देने वाली नदी पर, सिर्फ तीन पुल बने थे। क्या ऐसी हालत में असम का तेज विकास संभव था ?

मेरे कार्यकर्ता साथियों,

2014 में आपकी मेहनत का परिणाम था कि मुझे भारत सरकार में देश की सेवा का अवसर मिला। उसके 2-3 साल बाद, आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां डबल इंजन सरकार बनाई। और इसका नतीजा क्या हुआ? बीते 10-11 वर्षों में... बीजेपी-NDA सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी पर 5 बड़े पुल पूरे कर लिए हैं। ये आंकड़े याद रहेंगे ना? कांग्रेस की 70 साल की सत्ता में, सिर्फ तीन पुल बने थे... लेकिन हमने सिर्फ 10 वर्षों में 5 पुल बनाए हैं... यानि कांग्रेस ने असम को सिर्फ समस्याएं दीं... जबकि बीजेपी ने असम को समाधान दिए हैं।

साथियों,

आज गुवाहाटी के दो हिस्सों को जोड़ने वाले शानदार पुल का भी लोकार्पण हो गया है। इस सेतु का नाम, प्राचीन कामरूप के महाप्रतापी सम्राट... कुमार भास्कर वर्मन जी के नाम पर रखा गया है। ये लोग होते तो अपने परिवार के नाम पर ही चढ़ा देते। यानि ये भास्कर सेतु, असम के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और असम के समृद्ध इतिहास का संगम है। ये इस बात का प्रमाण है... कि बीजेपी तेज़ विकास करती है, और विरासत को भी आगे बढ़ाती है।

साथियों,

इस नए सेतु के बनने से... गुवाहाटी देश का एक बड़ा ग्रोथ सेंटर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा... सिक्स लेन के इस ब्रिज से... नौजवान हो या बुजुर्ग... किसान हो या उद्यमी... सबको फायदा होगा। और मैं आपको एक और बात बता दूं... यहां अभी ऐसे कई सारे पुलों पर काम चल रहा है। जब ये सभी तैयार हो जाएंगे, तो असम और नॉर्थ ईस्ट के विकास को बहुत तेज गति मिलने वाली है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस के दशकों के कुशासन की सबसे बड़ी वजह रही है- कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति...वोट बैंक पॉलिटिक्स। कांग्रेस ने असम को हमेशा वोट के चश्मे से ही देखा... कांग्रेस ने हर वो काम किया, जिससे तुष्टिकरण को बढ़ावा मिले… और हर वो काम रोका, जिससे असम का विकास हो। कांग्रेस के समय..केंद्र सरकार की योजनाओं को असम तक पहुंचने में भी बरसों लग जाते थे। लेकिन साथियों, बीजेपी ने असम के विकास को, नॉर्थ ईस्ट के विकास को...हमेशा प्राथमिकता दी है। बीते 11 वर्षों में देखिए... जब भी कोई नई शुरुआत देश में हुई, तो तुरंत उसका लाभ नॉर्थ ईस्ट को भी मिला। कोई भी विलंब के बिना मिला। देश में सेमी-हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेनें लॉन्च हुई... तो असम और नॉर्थ ईस्ट भी इससे शुरुआत में ही कनेक्ट हो गया। अभी कुछ समय पहले देश की पहली स्लीपर वंदेभारत ट्रेन असम से ही शुरू हुई है। जब देश ने तय किया... कि अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से काम करना है। और असम इस सेक्टर में भी ग्रोथ इंजन बन रहा है... और वो दिन दूर नहीं जब असम की चाय की तरह ही... असम की चाय की तरह ही...असम में बनी चिप्स की भी पूरी दुनिया में चर्चा होगी। चाय से लेकर के चिप्स तक असम की विकास यात्रा दिखाई देती है।

साथियों,

असम का ये प्यार मैं कैसे भूल सकता हूं। लेकिन मैं असम से वादा करता हूं कि आपने जो मुझे प्यार दिया है, उसे ब्याज समेत लौटाउंगा और विकास करके लौटाउंगा। मैं आपको डिजिटल कनेक्टिविटी का भी उदाहरण दूंगा। आप देखिए... कांग्रेस के समय में 3G और 4G टेक्नोलॉजी आई.. .ये टूजी के घोटाले भी आए लेकिन नॉर्थ ईस्ट तक, असम तक उसे तेजी से पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने मेहनत ही नहीं की... और जब भाजपा सरकार में 5G टेक्नॉलॉजी आई तो हमने क्या किया? हमने इस टेक्नॉलजी को पूरे असम में, पूरे नॉर्थ ईस्ट में... गांव गांव तक पहुंचाने के लिए काम किया। इस सैचुरेशन अप्रोच के कारण, आज गुवाहाटी के युवाओं को हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ मिल रहा है। और अब असम में NIC डेटा सेंटर की भी शुरुआत हुई है, ये डेटा सेंटर, यहां के नौजवानों को बहुत बड़ा लाभ देने वाला है।

साथियों,

एक और उदाहरण स्वास्थ्य सेवाओं का भी है। कांग्रेस ने दशकों तक AIIMS के विस्तार पर ध्यान नहीं दिया। जब अटल जी की सरकार बनी तो एम्स की संख्या बढ़ाई गई। इसके बावजूद हालत ये थी कि 2014 में देश में सिर्फ 6 एम्स थे। आपने 2014 में मोदी को देश की सेवा का अवसर दिया... और आज देश में एम्स की संख्या बढ़कर 20 से ज्यादा हो चुकी है। बीजेपी सरकार ने एम्स गुवाहाटी का भी निर्माण किया है। इसके अलावा असम में कई मेडिकल कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल भी खोले गए हैं। और कल ही, हमने पीएम राहत स्कीम को भी मंजूरी दी है... देश के किसी भी हिस्से में, अगर कोई भी व्यक्ति किसी दुर्घटना में घायल होता है... तो केंद्र की सरकार की ओर से, उसका डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में कराया जाएगा। एक्सीडेंट के बाद तुरंत मदद मिलने से जान बच जाती है।

साथियों,

यहां आए भाजपा कार्यकर्ताओं में बड़ी संख्या में मेरे युवा बेटे-बेटियों की है...आप याद रखिए...देश में जब मैनेजमेंट और उच्च शिक्षा की बात होती थी...तो असम और नॉर्थ ईस्ट के युवाओं के पास सिर्फ पलायन का ही विकल्प होता था। लेकिन आज देखिए...IIM पालसबारी का नया कैंपस शुरू हो चुका है। IIT गुवाहाटी का भी आधुनिकीकरण हो रहा है। इसके अलावा असम में IARI की भी स्थापना की गई है। ये संस्थान, असम में नए टेक्नॉलजी लीडर्स को तैयार करेगी।

साथियों,

आज केंद्र की बीजेपी-NDA सरकार...देश के छोटे-छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का जाल बिछा रही है। आज ही, मुझे गुवाहाटी में हंड्रेड, सौ इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाने का अवसर मिला है। इस वर्ष के बजट में भी पूर्वोदय स्कीम के तहत चार हज़ार इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा की गई है। इससे आने वाले समय में बहुत बड़ी संख्या में असम को भी इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के साथ एक और बहुत बड़ा अन्याय किया है। कांग्रेस ने असम को अशांत रखा...हिंसा और अलगाव में रखा। आज़ादी के बाद से ही असम, बम-बंदूक, बंद-ब्लॉकेड और कर्फ्यू की चपेट में रहा। और इसकी गुनहगार कांग्रेस ही थी। मुझे याद है जब मैं यहां संगठन का काम करता था तो मैं वापस जाने का भी कार्यक्रम बना के आता था। लेकिन यहा मैं कार्यक्रम नहीं कर पाता था क्यों, क्योंकि कहीं ब्लॉकेड है, कहीं जा नहीं सकते, रास्ते बंद हैं। तो मुझे तो कभी -कभी तो तीन दिन के लिए आया था सात दिन तक वापस नहीं जा पाता था। काम ही नहीं कर पाता था, ये हालत करके रखी थी। लेकिन साथियों भाजपा-एनडीए सरकार, असम में शांति बहाली और तेज विकास का संकल्प लेकर चल रही है। इसलिए जो असम कभी बम धमाकों से गूंजता था...उसी असम में अब शांति की स्थापना हो रही है। जिस असम में हर साल औसतन एक हज़ार से ज़्यादा लोग हिंसा में मारे जाते थे...आज वहां हिंसा की घटनाएं बंद हो रही हैं। पहली बार असम में बोडो, कार्बी, आदिवासी, DNLA, उल्फा ऐसे हर सगंठन से जुड़े साथियों ने बंदूक छोड़कर...देश के संविधान का रास्ता चुना है...शांति और विकास की राह पकड़ी है। लेकिन मेरे कार्यकर्ता साथियों, आपको भूलना नहीं है...10 वर्ष सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हो गई है। उनके टॉप लीडर से नीचे तक उनकी जुबान से जहर ही निकलता है। कांग्रेस असम को फिर से अशांति और अराजकता में झोंकना चाहती है। कांग्रेस...असम को घुसपैठियों के हवाले करना चाहती है। आप इनके दिल्ली के नेताओं को देखिए...यहां जो इनके नेता हैं, उनको देखिए...ये सब घुसपैठियों को बचाने में ही लगे हुए हैं। कांग्रेस, असम की असल पहचान को मिटाना चाहती है।

साथियों,

आने वाले पांच साल असम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान ऐसे अनेक प्रोजेक्ट पूरे होने वाले हैं...जो असम की ग्रोथ को नए पंख लगाएंगे...इसलिए यहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार बहुत जरूरी है। इसलिए बीजेपी के हर कार्यकर्ता को याद रखना है... असम के तेज विकास के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार। असम के युवाओं को रोजगार के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की बेटियों को नए अवसरों के लिए... आको एबार,बीजेपी सोरकार। असम की पहचान बचाने के लिए... आको एबार, बीजेपी सोरकार।

साथियों,

आज यहां आप सब का ये जोश देखकर, असम की महाविजय का मेरा विश्वास और मजबूत हो गया है। मुझे पूरा भरोसा है, कि इस बार और बड़े बहुमत से…असम में हमारी सरकार की वापसी होने वाली है। लेकिन साथियों, याद रखिएगा... हमें सिर्फ चुनाव ही नहीं जीतना है, हमें निरंतर असम के लोगों का मन भी जीतना है...उनका दिल भी जीतना है। और इसके लिए असम के एक-एक भाजपा कार्यकर्ता को... एक एक पदाधिकारी को, सभी पदाधिकारी को पूरे परिश्रम से काम करना है। जब तक असम में वोटिंग का काम नहीं होता है। जब तक काउंटिंग नहीं होता है, जब तक भाजपा की नई सरकार की शपथ नहीं होती है तब तक, हमें हर दिन अपने क्षेत्र के हर घर में जाना है।.हर घर में, लोगों को मिलकर उनकी आकांक्षा अपेक्षा सुननी है। लोगों को अपने काम बताने हैं, उनके काम आना है। एक एक पन्ना प्रमुख, एक एक बूथ वर्कर को अगले 2 महीने खूब मेहनत करनी है। अगले 2 महीने एक एक घर में, एक-एक असमिया भाई बहन तक...अपनी सरकार के विजन को पहुंचाना है...

साथियों,

असम में तीसरी बार बीजेपी-एनडीए सरकार...असम के तीन गुना विकास का रास्ता बनाएगी। इसलिए हर एक कार्यकर्ता का एक ही मंत्र होना चाहिए- मेरा बूथ...मेरा बूथ... मेरा बूथ.. सबसे मजबूत...मोर बूथ.. मोर बूथ... मोर बूथ

साथियों,

आप मेरा एक और काम करेंगे...? पक्का करेंगे ?... ये सारी बातें याद रखेंगे? पूरी तरह लागू करेंगे ? एक-एक मतदाता तक पहुंचेंगे? उनको बताना मोदी जी आपके लिए ही जी रहे हैं... बताएंगे? बताएंगे? बोलिए भारत माता की... भारत माता की...भारत माता की... बहुत-बहुत धन्यवाद...