Development, fast paced development and all round development is the BJP’s agenda: PM Modi 
PM Modi alleges the Congress for spreading lies and not being answerable to people for their works 
Congress only involved in dynastic politics, spreading lies and dividing people on the grounds of caste: PM Modi 
BJP believes in the mantras of ‘Ek Bharat, Shreshtha Bharat’ and ‘Sabka Saath, Sabka Vikaas’: PM Modi

कर्नाटक दा येल्ला भाग गड़ल्ली कार्य निरतराद कार्यकर्ता बंधु बड़िगे नमस्कार। तांत्रिक माध्यमत मुलका तंबोनड़े चर्चे नड्रे शुआ अवकाशा ननगे दो रती दे। इ चर्चगे तंबे लड़िगो स्वागताह।

कर्नाटक के मेरे साथियों, मैं क्षमा प्रार्थी हूं कि इच्छा होते हुए भी कन्नड़ नहीं सीख पाया। इसलिए बाकी का संवाद आपसे हिन्दी में, कभी बीच-बीच में अंग्रेजी में कर लूंगा।

कर्नाटक के विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी का तीन सूत्री एजेंडा है - डवलपमेंट, फास्ट पेस डवलपमेंट और आल राउंड डवलपमेंट। डवलपमेंट डवलपमेंट डवलपमेंट। विकास विकास विकास। भाजपा ने पॉलिटिक्स ऑफ डवलपमेंट को प्राथमिकता दी है। और चीजों में उलझने के बजाए डवलपमेंट पर ही ध्यान केंद्रित करके हम सरकार भी चलाते हैं, चुनाव के मैदान में भी जाते हैं और जनता के बीच भी डंके की चोट पर आंख में आंख मिलाकर के डवलपमेंट के मुद्दों की बात करते हैं। मैं जानता हूं कि पहले राजनीतिक दल, सरकारें, विकास के मुद्दों से कतराती थी, डरती थी, चर्चा करना पसंद नहीं करती थी। क्योंकि विकास ऐसी चीज है जिसको नापा जा सकता है, मेजरेबल होती है। पहले क्या था, अब क्या है। पहले गति कितनी थी, अब कितनी है। पहले कहां थे, अब कहां है। इसका लेखा जोखा होता है। ये उन राजनीतिक दलों को मंजूर नहीं है। जिन्होंने पूरी राजनीति जाति के आधार पर, पंथ के आधार पर, संप्रदाय के आधार पर, बिरादरियों के आधार पर, अगड़ों पिछड़ों के आधार पर, ना जाने कितने टुकड़े समाज के करते रहे।

ये चालाक लोग क्या करते हैं, ये लोग हर बार एक जाति समूह को एक ऐसा लॉलीपॉप पकड़ा देते हैं कि उस पूरे चुनाव में वो उसी के अंदर फंस जाता है और वो भावनावश वोट देने को प्रेरित हो जाता है। दूसरा चुनाव आता है तो उस समाज को छोड़करके एक दूसरे गुट को पकड़ लेते हैं। फिर उसको नया कोई लॉलीपाप पकड़ा देते हैं। आप पिछले पांच या दस चुनाव का विश्लेषण कीजिए। इन लोगों ने हर बार एक नए समाज, नए समूह को कुछ न कुछ झूठे वादे पकड़ा दिए। और चुनाव में जीतने के बाद, उनका उपयोग करने के बाद भूल गए और दूसरे गुट को पकड़ने में लग जाते हैं। मतदाता समूह को बदलते जाते हैं। लॉलीपाप नए-नए डालते जाते हैं। और अपनी राजनीति चलाते हैं। हिसाब देने को तैयार नहीं है। जवाब देने को तैयार नहीं है। कोई इनकार कर सकता है कि भारत के राजनीति की मुख्यधारा कांग्रेस के कुकर्मों और कांग्रेस के पाप से जुड़ी हुई है। कोई इनकार नहीं कर सकता है। और दलों में भी अगर कुछ बुराई आई है तो उसके पीछे भी राजनीतिक कल्चर कांग्रेस की मुख्यधारा के कारण आई है। जब तक कांग्रेस कल्चर को मुख्यधारा से मुक्ति नहीं दिलाएंगे। मैं नहीं मानता हूं कि हम देश में राजनीतिक शुद्धीकरण का काम नहीं कर पाएंगे।

कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

हम विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, हम संगठन की शक्ति पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। हम जनता का विश्वास जीत करके चुनाव जीतना चाहते हैं। हम जनता को गुमराह करके चुनाव के मैदान में जाने के पक्षकार नहीं हैं। हमें उनका दिल जीतना है, उनका विश्वास जीतना है। और जनता जनार्धन का दिल जीत लेते हैं, विश्वास जीत लेते हैं तो चुनाव में कोई पराजित नहीं कर सकता। और विकास की मैं बात करूं। इतना झूठ चलाया जा रहा है। और आपको चौकन्ना रहना पड़ेगा।

कांग्रेस पिछले दो-तीन चुनाव में लगातार पराजय के बाद, पहले कभी वो पचास चीजों के अंदर 5-10 झूठ डाल देते थे। अब पचास बातों में 40-45 झूठ होते हैं। और पांच का भी ठिकाना नहीं होता। और इसलिए आपको झूठ का भी मुकाबला करना है, दुष्प्रचार का भी मुकाबला करना है। गुमराह करने के अलग-अलग तरीके भी अपनाने होते हैं। विदेशी एजेंसियों को हायर करके गुमराह करने के षड्यंत्र चलने वाले हैं। ऐसे समय कार्यकर्ता डिगना नहीं चाहिए, उसका विश्वास डिगना नहीं चाहिए। और इनके झूठ में उलझना भी नहीं चाहिए। हमने अपने मुद्दों पर, अपने लगकर कामों पर हमें आगे बढ़ना है।

अब आप देखिए। कर्नाटक में विकास की बात में करूं। नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया। आप कल्पना कर सकते हैं। किस प्रकार से हमने काम किया है। यूपीए में ...। इन दिनों। यूपीए के समय क्या होता था और एनडीए के समय में क्या होता है। आज भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में सरकार है। हमारे एनडीए के साथियों के साथ सरकार चला रहे हैं। अकेले कर्नाटक में 13 बड़े प्रोजेक्ट सड़क के चल रहे हैं, जो आने वाला शताब्दी तक कर्नाटक के भाग्य में बहुत बड़ा रोल अदा करेंगे। करीब-करीब 14 हजार करोड़ के काम आज वहां चल रहे हैं।

उसी प्रकार से, अगर मैं रोड का यूपीए और एनडीए की तुलना करूं। तो उनके पिछले चार वर्ष में रोड में कितना खर्चा हुआ और एनडीए के कार्यकाल में हमारी सरकार ने ...। मैं चार वर्ष का हिसाब देता हूं। जब कांग्रेस की सरकार थी दिल्ली में। सोनिया गांधी की सरकार चल रही थी। तब 8700 करोड़ रुपए चार साल में रोड के लिए लगाए थे। मुझे आज संतोष के साथ कहना है कि कर्नाटक में हमारी सरकार आऩे के बाद दिल्ली से 27 हजार करोड़ रुपया ...। कहां 8700 करोड़ और कहां 27 हजार करोड़। ये रोड बनने के लिए लोगों को रोजगार मिला है। रोड बनने से लोगों को सुविधाएं बढ़ी है। जब रास्ते बनते हैं तो विकास के नए रास्ते खुल जाते हैं। इस पर हमने बल दिया है।

नेशनल हाईवे। उनके जमाने में। मैं चार साल में हिसाब देता हूं। मेरे चार साल, उनके चार साल। नेशनल हाईवे कंस्ट्रक्शन उनके कार्यकाल में 1 हजार किमी भी नहीं पहुंच पाए थे। खींच-खींचकरके हिसाब लगाओ तो 950 किमी मुश्किल से होता है। हमने 4 साल के अंदर 1750 किमी यानि करीब-करीब डबल काम हमने किया। कर्नाटक की धरती पर किया। कर्नाटक की भावी पीढ़ी के कल्याण के लिए काम किया। विकास किसको कहते हैं। विकास कैसे करते हैं।

अब हमारा बैंगलुरू। अब आप मुझे बताइए। अर्बन। ये कर्नाटक का विकास कर्नाटक की जनता का लाभ करेगा ऐसा नहीं है। कर्नाटक में हम समझते हैं कि कर्नाटक का आगे बढ़ना मतलब पूरे हिन्दुस्तान की दुनिया में एक उत्तम छवि बनाने में सबसे बड़ा महत्वपूर्ण उत्तम स्थान हैं। अर्बन बॉडी, बैंगलुरू। कर्नाटक में कई बड़े-बड़े शहर डवलप हुए हैं। अगर उनका विकास करना है। अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में कांग्रेस के चार साल में 380 करोड़ रुपये खर्च किया गया। 400 करोड़ से भी कम। चार साल में 400 से भी कम। हमने अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में, चार गुणा, 1600 करोड़ रुपये खर्च किया। ये अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर बनता है। मध्यम वर्ग की आवश्यकताओं को पूर्ण करता है। गरीबों को जीवन जीने का एक अच्छा माहौल देता है। और ये काम होते हैं तो नौजवानों को रोजगार भी मिलता है। और ये काम हमने करके दिखाया है।

आज दुनिया क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल वार्मिंग सारे विषयों की चर्चा करती है। क्या आपने सोचा है कि हम लोगों ने रिन्यूयेबल पॉवर कैपेसिटी कितनी एड की है। और ये कर्नाटक का भाग्य बदलने के लिए मैं कह रहा हूं। कांग्रेस के शासनकाल में चार साल में रिन्यूयेबल इनर्जी कर्नाटक में 2000 मेगावाट जुड़ी। इसमें भी आप देखिए। हमने चार साल में गुणा काम करके दिखाया। उनकी चार साल में 2000 मेगावाट था, हमारा चार साल में 7800 मेगावाट है। आप देखिए किस प्रकार से ...। अब आप अकेला सौलर इनर्जी लीजिए। मैं मानता हूं हिन्दुस्तान का भाग्य बदलने में सौलर इनर्जी गरीब से गरीब के लिए काम आने वाली है। एक बहुत बड़ा मिशन मोड में काम को उठाया है। अब तो हम दुनिया को इसमें जोड़ कर रहे हैं। इंटरनेशनल सौलर एजेंसी बनाकरके आज भारत विश्व का नेतृत्व करने के लिए लगा हुआ है।

कर्नाटक में ...। मुझे बताइए। मोदी की सरकार बनने के बाद सूरज आने लगा है क्या ...। क्या पहले कर्नाटक में सूरज नहीं उगता था क्या ...। क्या सूरज का महात्म्य उनको समझ नहीं था क्या ...। लेकिन ये जात-पात की राजनीति करने में सूरज के प्रकाश को भी नहीं देख पाए थे। और इन्होंने ...।

आप जानकरके दुखी होंगे। मैं कर्नाटक के बुद्धिजीवी भाइयों से मैं कहना चाहता हूं। जो बिजली, जो ऊर्जा हमें सौलर से मिलती है। उसके विषय में फायदे समझाने के लिए मुझे कोई समय लगाने की जरूरत नही है। आप सबको मालूम है। कांग्रेस की गुनाहित उदासीनता, चार साल में 31 मेगावाट याने करीब-करीब 30 मेगावाट, सोलर इनर्जी का काम किया। इसी कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी जब दिल्ली में बैठी तो हमने चार साल में 4800 मेगावाट याने कितना गुणा जरा हिसाब लगा दीजिए। ये काम उनके चार साल और हमारे चार साल। अगर वहां की सरकार रुकावटें न डालती, राजनीति न करती, विकास में भी इस प्रकार के शिगुफे न छोड़ती तो शायद आज कहीं और पहुंच जाते।

लेकिन भाइयो बहनो।

मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं। ये जो बदलाव का काम हम कर रहे हैं। उसको मुझे कर्नाटक में ज्यादा और तेजी से आगे बढ़ाना है। इसलिए आपकी मदद चाहता हूं। मुझे विकास के लिए आगे बढ़ना है। कर्नाटक को दुनिया के अग्रिम राज्यों की तरफ देखने का मन कर जाए, उस प्रकार की विकसित राज्य में खड़ा करना है। बैंगलुरू के नौजवानों ने अपनी अंगुली की ताकत से विश्व में बैंगलुरू में अपना नाम रौशन किया है। ये सरकारें हैं जो रूकावटें बनकर बैठी है।

इसलिए भाइयो बहनो।

कर्नाटक जैसा राज्य, संस्कारी लोग, शिक्षित लोग, मेहनतकश लोग, समाज जीवन में कभी कर्नाटक के लोगों की बुराई सामने नहीं आती है। इतना अच्छा जीवन लेकिन वहां भी माताओं बहनों को शौचालय से वंचित रखा गया है। चार साल में उन्होंने करीब 20 लाख शौचालय बनाए। हमने चार साल में उससे भी डबल करीब-करीब 34 लाख शौचालय बनाए। अब आप मुझे बताइए कि अगर काम करना है तो तेजी आती है कि नहीं आती है।  और पहले उन्होंने कितना खर्चा किया। करीब-करीब 350 करोड़ रुपए लगाया था। क्या ये गरीब के लिए काम है या नहीं है। शायद उनका हिसाब-किताब ऐसा है कि टॉयलेट बनाने का मतलब होता है, बड़े-बड़े धन्नासेठों के लिए टॉयलेट बनाए जाते हैं। इन सारे कामों के लिए वे आरोप लगाते हैं कि मोदी सिर्फ धन्यासेठों के लिए काम करता है। आप मुझे बताइए कि क्या कर्नाटक में 34 लाख टॉयलेट बनाता है भारत सरकार। मैं जरा पूछना चाहता हूं। जो धन्नासेठों के नाम पर राजनीति करते हैं, जहर उगलते रहते हैं। आपको किसने रोका था। चार साल में आपने टॉयलेट के पीछे सिर्फ 350 करोड़ लगाए। ये मोदी सरकार है जो चार साल में 2100 करोड़ रुपया लगाया। कहां 350 करोड़ और कहां 2100 करोड़। क्या ये भी धन्नासेठों के लिए बनाया है। कब तक झूठ बोलते रहोगे। कब तक कर्नाटक के भाग्य को रोकने का प्रयास करते रहोगे।

इसलिए कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

चुनाव के मैदान में डंके की चोट पर, हकीकतों के आधार पर, विकास के मुद्दे को लेकर ...। अब आप बताइए। एलपीजी कनेक्शन। हमारे देश में मध्यम वर्गीय परिवार गैस के चूल्हे के लिए तरसते थे। राजनेता गैस कनेक्शनों की संख्या पर राजनीति करते थे। चार साल में पूरे कर्नाटक में वो मुश्किल से 30 लाख गैस कनेक्शन दे पाए थे। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली में सरकार बनने के बाद, हम लोगों को सामने गए देने के लिए। हमने 50 लाख गैस कनेक्शन दिए। और उसमें 9 लाख वो परिवार हैं जो गरीबी रेखा के नीचे जीते हैं। जिन्होंने कभी सपना भी नहीं देखा था कि उनके घर में लकड़ी का चूल्हा बंद होकर के गैस का चूल्हा आएगा। 9 लाख परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन देने का काम किया है। किसने रोका था इनको। इनको ये जवाब नहीं देने है।

और इसलिए बड़े-बड़े शब्दों का प्रयोग करना, कोई भी गाली देना, कोई भी झूठ फैला देना, हल्के से हल्की बातें कर देना। और इसलिए कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

हम विकास के मुद्दे पर, न केवल धरातल पर, हकीकतों के आधार पर, चुनाव के अंदर मैदान में उतरे हैं। हम बच्चों की पढ़ाई, युवाओं की कमाई, बुजुर्गों को दवाई। हम स्टार्टअप को मदद करना चाहते हैं। हम मुद्रा योजना के द्वारा देश के नौजवानों को अपने पैरों पर आत्मसम्मान के साथ खड़े रहकरके दो चार नए लोगों को रोजगार देने का सामर्थ्य देना चाहते हैं। और इसलिए गरीबी से मुक्ति देश से लानी है तो गरीबों को इम्पावर करना पड़ेगा। और 2022। भारत की आजादी के 75 साल। आप जो आज सरकार चुनने वाले हो। वो सरकार, 2022 में आजादी के 75 साल मनाने वाली सरकार होने वाली है। आप ऐसी सरकार बनाइये जो भारत सरकार 2022 में भारत के सपने देख रही है, उसके अनुकूल हो। आप देखिए। हमने विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास किया है। चाहे रोजगार का मामला हो, किसान की भलाई का काम हो, महिलाओं की भागीदारी का विषय हो, चाहे नौजवानों के सपने को साकार करने का काम हो, चाहे गांव हो या शहर हो, हर क्षेत्र मे विकास के मुद्दे पर गए हैं।

और कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

मैंने पहले ही कहा है कि हमारा चुनाव। भारतीय जनता पार्टी को कोई एक बात में पराजित नहीं कर सकता है, ये दुनिया की ताकत लगा ले, वह है हमारी संगठन की शक्ति। बूथ लेवल का कार्यकर्ता, हमारे कार्यकर्ताओं के प्रयासों से हमारी चुनाव की रणनीति बनती है। वो धन के आधार पर मैदान में उतरते हैं, वो झूठ के आधार पर मैदान में उतरते हैं, वो परिवादवाद के आधार पर जुटते हैं, वो वंशवाद के आधार पर जुटते हैं, वो जातिवाद का जहर घुलाकरके माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। हम एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना लेकर चलते हैं। हम देश की एकता को केंद्र में लेकरके चलते हैं। हम सबका साथ सबका विकास इसी मंत्र को लेकरके चलते हैं।

और इसीलिए मेरे कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

मुझे पिछले दिनों आपके बीच आने का मौका मिला। और मैंने देखा कि जो उमंग उत्साह आपलोगों में आपमें देखा है। मुझे भी नई ऊर्जा मिलती है। कर्नाटक के दूर-सुदूर इलाके मे रैलियों को संबोधन करने का मौका मिला है। और मैंने देखा है कि कर्नाटक ने परिवर्तन का मन बना लिया है। लेकिन अब जब लोगों ने देख लिया है कि कर्नाटक में कांग्रेस हारने वाली है। तो कांग्रेस की भलाई चाहने वाले या कांग्रेस के माध्यम से खुद की भलाई की आदत जिनको लग गई है। उन्होंने एक नई चर्चा शुरू की है कि हंग असेंबली आएगी। त्रिशंकु असेंबली आएगी। किसी को बहुमत मिलेगा नहीं। अब वो ऊपर से नीचे पटकने के बाद भी झूठे आंकड़ों के सहारे भी कांग्रेस को आंकड़ों और अनुमानों के आधार पर जीता नहीं पा रहे हैं। तो इसलिए उन्होंने तरीका क्या खोजा है। हंग असेंबली। त्रिशंकु असेंबली। ऐसे झूठ चला रहे हैं।

आपने देखा होगा कि 2014 में भी नतीजे आने तक देश में एक ही हवा फैलाई गई कि किसी का बहुमत नहीं आएगा। किसी का बहुमत नहीं आएगा। और परिवर्तन की आशा को लेकर बैठे हुए मतदाताओं को निराश करके ताकि वो मतदान करने के लिए न जाएं। कर्नाटक के लोगों से मैं आग्रह करूंगा। कार्यकर्ताओं से आग्रह करूंगा। आप पूर्ण बहुमत की वकालत लगातार कीजिए। कर्नाटक का भाग्य बदलने के लिए पूर्ण बहुमत वाली सरकार बहुत जरूरत है। दुनिया में आज भारत में नाम रौशन हुआ, उसका कारण 30 साल बाद हिन्दुस्तान को पूर्ण बहुमत वाली सरकार मिली है। फैसले करती है, पॉलिसी पैरालिसिस नहीं है। कर्नाटक का भी भाग्य बदलने के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार, इसी एक मंत्र को लेकरके आगे चलना है। ये जो अपप्रचार कर करके कि पूर्ण बहुमत नहीं आएगा। पूर्ण बहुमत नहीं आएगा किसी को। भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी पार्टी तो बनेगी लेकिन वो अकेली बना नहीं पाएगी। ये चलाया गया है। ये षड्यंत्र जानबूझ करके चलाया गया है। क्योंकि उनको मालूम है कि कर्नाटक की जनता ने दिल्ली ने जो विकास की राह अपनाया है। उस विकास की राह में कर्नाटक को जोड़ने में कर्नाटक की जनता तैयार बैठी है। मैं विश्वास दिलाता हूं।

कर्नाटक के कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके कर्नाटक के लिए जो सपने हैं। उन सपनों को पूरा करने के लिए मैं भी आपकी तरह कर्नाटक का एक कार्यकर्ता हूं। मैं भी कन्नड़ी का हूं। ये मान करके चलिए। मैं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकरके काम करूंगा।

इसलिए भाइयो बहनो।

मुझे अच्छा लगा कि आज नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वापसी की प्रक्रिया चल रही है। अब मैदान-ए-जंग में कौन कहां खड़ा है, वो तय हो चुका है। अब हमारा काम है, एक-एक मतदाता तक पहुंचना। बाकी प्रचार वैगरह जो चलता है, वो चलता रहेगा। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की फौज, पूरी तरह मतदाताओं के साथ ही जुड़े। यही मेरा यह आग्रह है। कुछ कार्यकर्ताओं से मैं जरूर सवाल पूछने की इजाजत दे रहा हूं। काफी लोग कब से वो टिक-टिक कर रहे हैं। सब सवाल तो नहीं ले पाउंगा। क्योंकि आप जानते हैं कि कल सुबह मुझे चीन पहुंच जाना है। कुछ कार्यक्रम और भी बने हुए हैं। लेकिन चीन के दौरे के बाद मैं कर्नाटक की जनता दर्शन के लिए कर्नाटक आऊंगा। कर्नाटक की जनता से आशीर्वाद खुद आकरके मागूंगा। लेकिन आज कार्यकर्ताओं से बात करने के लिए मेरे मन में विचार आया था। और मैं भारतीय जनता पार्टी की कर्नाटक की टीम का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से आप सब कार्यकर्ताओं के साथ, आप सब उम्मीदवारों के साथ, आप सब चुनाव इंचार्ज के साथ मुझे मिलने का अवसर दिया। और चुनाव मैदान में जाने से पहले पहले ही दिन आपसे ही बात करने का अवसर मिला।

ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं चाहूंगा कि आपमें से जो कार्यकर्ता कुछ सवाल पूछना चाहते हैं वो जरूर पूछे। लंबी बात तो नहीं कर पाऊंगा। क्योंकि मैं भी नहीं चाहता हूं कि चुनाव के समय। आपका समय बहुत कीमती होता है। मतदाताओं के बीच में ही आपको रहना होता है। और इसलिए आपका समय ज्यादा न लेते हुए आपकी शक्ति चुनाव के जंग में भारतीय जनता पार्टी को भव्य विजय, भाजपा का भव्य विजय, कर्नाटक के उज्जवल भविष्य का विजय है। इस सपने को लेकरके चलने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हम शुरू करेंगे आपकी तरफ बात करने के लिए। बताइए जी।

कर्नाटक से विधायक वी सुनील कुमार - हरि ओम।

प्रधानमंत्री – हां बताइए सुनील जी।

सुनील जी – नमस्ते मोदी जी।

प्रधानमंत्री – नमस्ते नमस्ते।

सुनील जी – नमस्ते। इस बार कर्नाटक के चुनाव में कमल खिलेगा। इधर बूथ का काम अच्छा चल रहा है मोदी। बूथ लेबल का कार्यकर्ता को पक्ष को जीतने के लिए क्या काम करना चाहिए। कार्यकर्ता का मंत्र क्या होना चाहिए आपका मार्गदर्शन चाहिए।

प्रधानमंत्री – देखिए चुनाव में अब मात्र 15 दिन बाकी है। जितने पुरुष कार्यकर्ता हो इतने ही महिला कार्यकर्ता होनी चाहिए। ये सबसे पहले नियम बना दीजिए। 10 अगर युवक है तो 10 युवतियां होनी चाहिए। पहले आपकी शक्ति डबल कर दीजिए। जितने पुरुष कार्यकर्ता है, उतनी ही महिला कार्यकर्ता होनी चाहिए। दूसरा - हर कार्यकर्ता को परिवार बांट दीजिए। किसी कार्यकर्ता को 10 परिवार, किसी कार्यकर्ता को पांच परिवार, किसी कार्यकर्ता को 15 परिवार। आने वाले 15 दिन वो उसी 10-15 परिवारों से संपर्क बनाए रखे, लगातार संपर्क बनाए रखे, मतदाता केंद्र तक ले जाना, उनका मतदान करने तक उसकी चिंता करे। आप देखिए चुनाव जीतने के लिए आपको किसी और चीज की जरूरत नहीं है। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि चुनाव हमें विधानसभा का नहीं जीतना है, चुनाव हमें एमएलए का नहीं जीतना है, चुनाव हमें बूथ का जीतना है। जो बूथ जीतेगा वो जंग जीतेगा। बूथ जीतने की योजना बनाइए। अगर आपके विधानसभा क्षेत्र में 150 बूथ है तो 150 बूथ में से कहां विजय प्राप्त कर सकते हैं। इसका आकलन कीजिए। और आप देखिए। आपको फायदा मिलेगा। लोगों के घरों में जाकरके 15-20 मिनट बात करने से फायदा होता है। भाषण से एक माहौल बनता है। चुनाव प्रचार से एक माहौल बनता है। लेकिन व्यक्तिगत रूप से बात करते हैं और मुद्दों पर आधारित बात करते हैं तो आप देखिए। आप दिल जीत लेते हैं, जन-जन को जीत लेते हैं। और फिर चुनाव जीतना बहुत आसान हो जाता है।

पीएम मोदी - नमस्ते जी। शशिकला जी नमस्ते।

निपानी से विधायक शशिकला जोले – प्रणाम आपको। बहुत खुश हो रही हूं। बहुत खुशनसीब समझती हूं।

पीएम मोदी – एक तो मुझे अच्छा लगा कि आपने भी मेरी तरह कमल लगा दिया। और मैं चाहूंगा कि हर भाजपा कार्यकर्ता के शरीर पर 12 तारीख मतदान तक कमल होना चाहिए चुनाव में। ये आदत डालनी चाहिए।

शशिकला - हमेशा ...। रहेगा सर। तो प्रश्न पूछूं। भारत किसान प्रधान देश समझते हैं। भारत का आधार स्तंभ किसान है। पिछले पांच साल में किसानों को बड़ा प्रोब्लम हो गया। बहुत सारे आत्महत्या हो गई। तो आपके गर्वमेंट ने आज तक किसानों के लिए क्या सोचा है, किसानों को इनकम डबल करने के लिए क्या सोचा है। और जब हमारी सरकार जब कर्नाटक में आएगी तो किसानों के लिए आप क्या करेंगे सर।

पीएम मोदी – देखिए आपने किसानों का सवाल पूछा है। और मैं मानता हूं कि ये महत्वपूर्ण सवाल है। आपने देखा होगा कि किसान को कम लागत से, कम खर्च से, उसका खर्चा कम हो और कमाई कैसे हो। आपके कर्नाटक में, बीच में आया था तो किसानों से मिलने का मौका मिला। और हमारे एक एमपी ने पीएम फसल बीमा योजना का फायदा उठा करके बहुत ही अच्छे ढंग से किसानों को फायदा पहुंचाने की दिशा में उन्होंने काम किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ये किसानों को एश्योरेंस देती है, गारंटी देती है। इसका हम ज्यादा प्रचार-प्रसार करेंगे। राज्य सरकार भी उसमें जुड़ेगी तो फायदा होगा।

दूसरा है एमएसपी। एमएसपी पहले भी कोशिश होती थी। लेकिन एमएसपी का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचता था क्योंकि सरकार खरीदी नहीं करती थी। हम राज्य सरकारों को और एफिशिएंसी ...। अब जैसे उत्तर प्रदेश में हमारे योगी जी ने बड़ा काम किया। पहले जहां गेहूं एमएसपी में डेढ़ लाख, दो लाख, तीन लाख टन की खरीदी होती थी। घोषणाएं हो जाती थी एमएसपी में ये दाम, लेकिन लेनी की व्यवस्था ही नहीं थी। किसानों को तो बेचारों को बाजार में जाकरके आधे दाम में बेचना पड़ता था। योगी जी ने इतनी बड़ी व्यवस्था कर दी। मुझे पिछली बार उन्होंने बताया। शायद 10 गुना धान एमएसपी में खरीदने में सफलता प्राप्त की है। अब आप मुझे बताइए। एमएसपी की घोषित करना एक बात है। इसके लिए राज्य सरकार को एफिसिएंस बनाना पड़ता है। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही ये क्षमता आएगी जो किसान को इसका फायदा मिलेगा। ई मंडी - आज हमने 500 ई-मंडी को हमने बल दिया है। उसका लाभ मिलने वाला है। पशुपालन – अतिरिक्त बल देना है हमें। हमने बांस की खेती करने की अनुमति दे दी है। अगर हमारे के खेत के किनारे पर हम बांस की खेती करते हैं। तो आप देखिए कितना बड़ा लाभ होता है। कर्नाटक के लोगों को मैं एक और खबर भी देना चाहता हूं। कर्नाटक प्रदेश जो चंदन की खेती के कारण जाना जाता था। चंदन की लकड़ी के कारण जाना जाता है। आपको पता है, ऑस्ट्रेलिया ने हमारे यहां कर्नाटक से चंदन का नमूना ले जाकर के बहुत बड़ा जंगल बना दिया है। दुनिया के बाजार में अब कर्नाटक को आस्ट्रेलिया से मुकाबला करना पड़े, ऐसी स्थिति पैदा हो गई है। सरकारें सोती रही भूतकाल में। हमें कर्नाटक की जो सबसे बड़ी ताकत है चंदन। उस पर बल देना है। और दुनिया में अग्रिम पंक्ति में हमारे कर्नाटक की चंदन की लकड़ी और उससे बड़ी हुई चीजें ...। जो लाखों लोगों को रोजगार देती है। हमारी अपनी शान है, पहचान है, उसको बल देना है। और इसलिए हम उस दिशा में काम कर रहे हैं।

स्वायल हेल्थ कार्ड - किसान को जिस धरती माता से अपना पेट भरता है, समाज का पेट भरता है, देश का पेट भरता है। बच्चों की शिक्षा-दीक्षा करता है। अगर वो धरती माता बीमार हो जाए तो क्या होगा। धरती माता इसलिए स्वॉयल हेल्थ कार्ड। हमारी धरती माता की तबियत कैसी है। वो कहीं बीमार तो नहीं हो गई। उसके अंदर कुछ कमियां तो नहीं तो आ गई। बिन जरूरी फ्रटिलाइजर तो नहीं डाल दिया। बिन जरूरी पानी तो नहीं डाल दिया। दवाई तो नहीं डाल दी। हमारे किसान को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर ले जाने के लिए ये काम करना है।

सोलर पंप – जैसे मैंने कहा कि सौलर रिवोल्यूशन के लिए कर्नाटक में बहुत काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हम किसान को सौलर पंप की ओर ले जाना चाहते हैं। सूर्य की शक्ति से चलने वाले पंप से ही पानी निकाले और ड्रिप एरिगेशन आदि से पानी पहुंचाए। उसका खर्चा कम हो जाएगा। हम वैल्यू एडिशन चाहते हैं।

आपको मालूम होगा। मैं कर्नाटक में बहुत पहले जब नई-नई सरकार बनाई। और उसके कुछ ही महीनों में कर्नाटक में आकरके मैंने एक बहुत बड़ा एग्रीकल्चर में फूड प्रोसेसिंग का पार्क का उद्घाटन किया था। अब पूरे देश में उसका नेटवर्क बना रहे हैं। हमने एक पूरा ग्लोबल लेबल का वेल्यू एडिशन के लिए, प्रोसेसिंग के लिए, दुनिया के लोगों को बुलाया था। कर्नाटक में इसकी बहुत संभावनाएं हैं। कर्नाटक में ऐसे उत्पादन हैं जिनका प्रोसेसिंग के द्वारा हम दुनिया के अंदर स्थान पैदा कर सकते हैं। ऐसी अनेक चीजें हैं जिस पर हम बल देना चाहते हैं। और किसान को एक ...।

यूरिया में नीम कोटिंग किया। यूरिया की चोरी बंद हो गई। और नीम कोटिंग के कारण उत्पादन में 5-7 प्रतिशत का सुधार हो गया। डेयरी में बल देना चाहते हैं। पशुपालन पर बल देने चाहते हैं। हम स्वीट रिवोल्यूशन करना चाहते हैं याने मधु का उत्पादन, शहद का उत्पादन, हनी का उत्पादन। हमारा किसान अगर 50 पेटी भी रख ले अपने खेत में। फसल को फायदा तो करती ही करती है मधुमक्खी। डेढ़-दो लाख रुपये आराम से शहद से कमा सकता है। और शहद को रख दो। ये खराब भी नहीं होता है। जब अच्छा दाम मिले, तब बेच सकते हो। बोतल में भरकर रख लो। जरूरत पड़ी जाकर बेचकरके आ जाओ। कमाई कर सकते हैं। ये सारी संभावनाएं है। इन संभावनाओं को लेकरके आगे बढ़ना चाहते हैं।

हमारा समुद्री तट - हम नीली क्रांति की ओर जाना चाहते हैं। हमारे कर्नाटक का समुद्री तट है। हमारे मछुआरे भाई-बहनों की जिंदगी बदलना चाहते हैं। हम समुद्री तट पर समुद्र के पानी से सी-बिड की खेती करके उसमें से फ्रटलाइजर के बदले फार्मा के लिए दवाई। आज उस पर हम बल देना चाहते हैं। तो ऐसी चीजें जो आराम से कर सके। उन चीजों को लेकर आना चाहते हैं। टेक्नोलॉजी का उपयोग करना चाहते हैं। आधुनिकता का उपयोग करना चाहते हैं। मुझे विश्वास है कि हम किसानों की जिंदगी बदलने में सफल होंगे।

राजाजी नगर, विधायक, सुरेश कुमार एस – नमस्कार मोदी जी।

पीएम मोदी – सुरेश जी कैसे हो।

सुरेश – बैंगलुरू विश्व विख्यात शहर है लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर ढहने से क्राइम बढ़ गया, विकास ठप हो गया, ट्रैफिक समस्या बन गई। इन समस्याओं से कैसे मुक्ति मिलेगी।

पीएम - सुरेश जी। मुझे अच्छा लगा। कई दिनों के बाद आपसे बात करने का मौका मिला। सुरेश जी मैं पहले तो बैंगलुरू के सभी विधायकों का आभार व्यक्त करता हूं। सभी काउंसलरों का ...। क्योंकि मैं जब संगठन का काम करता था। तो आपलोगों के साथ बैठकरके बातें करने का मौका मिलता था। और मुझे ...। तब तो मैं राजनीति में भी, कोई चुनाव में नहीं था, पद पर नहीं था। लेकिन मैं बैंगलुरू की जो खासकरके आईटी रिवोल्यूशन था। उसके कारण मैं बड़ा आकर्षित होता था। आप लोगों को याद होगा। मैं आता था। वहां की हर छोटी-छोटी चीजें, आपलोगों से पूछता था। मैं सीखने का प्रयास होता था। मुझे बड़ा गर्व होता था लेकिन जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना। और मैं बारिकी से देखने लगा। धीरे-धीरे करके बैंगलुरू की दुर्दशा देखने लगा तो वो सिर्फ बैंगलुरू की जनता की दुर्दशा नहीं है। वो सिर्फ कर्नाटक की दुर्दशा नहीं है। ये पूरे हिन्दुस्तान के लिए चिंता का विषय है। विश्व पूरा बैंगलुरू को एक बड़ी आशाभरी नजर से देखता है। उस बैंगलुरू का आगे जाने का मतलब हिन्दुस्तान का आगे जाना। बैंगलुरू का भला होना मतलब हिन्दुस्तान का भला होना है। मेरे लिए बैंगलुरू ये सिर्फ कर्नाटक नहीं है, मेरे लिए बैंगलुरू हिन्दुस्तान का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए हम उसके विकास के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए ...।अब हुआ क्या है। हमारी सरकारों ने राजनीति के तहत अर्बन की विकास की बात करे तो यही करा दिया कि ये अमीरों के लिए बना दिया। अगर गांव की बात करते हो तो लगता है कि गरीब की बात करते हो। ये जो साइकोलॉजी बन गई। उसके कारण सरकारों ने भी अर्बन डवलपमेंट जनता पर छोड़ दिया।

आप हैरान होंगे कि मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री बना तब ध्यान में आया कि हमारे पूरे देश में अर्बन हेल्थ पर कोई योजना ही नहीं थी। आज जब बहुत तेजी से भारत में अर्बनाइजेशन हो रहा है। गांव से गरीबी शहर की ओर शिफ्ट हो रही है। गांव से बीमारी शहर की ओर शिफ्ट हो रही है। गांव से अशिक्षा शहर की ओर शिफ्ट हो रही है। तो हमने शहर में पहले की तुलना में व्यापक काम करने होंगे। ताकि जो भी इस प्रकार से नए लोग रोजी-रोटी के लिए आते हैं, उनकी सुख-सुविधा के लिए ध्यान दे सके। उसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता। 20 साल 30 साल के बाद कितना पानी लगेगा, उसका प्रबंध आज करना पड़ेगा। 20 साल 30 के बाद कितनी स्कूलें लगेगी, उसका प्रबंध आज करना होगा। 20 साल 30 साल के बाद हमारा ड्रेनेज की व्यवस्था कितनी जरूरत होगी, कितना ड्रेन करना पड़ेगा, उसकी व्यवस्था आज करना होगी। और अनाप-शनाप अनप्लान्ड रूप जब शहर विकसित होती है तो थोड़ी भी बारिश आ जाए, पानी भर जाता है और पूरी व्यवस्था तबाह हो जाती है। और इसीलिए हमने स्मार्ट सिटी पर बल दिया है।

और मैं मानता हूं कि बैंगलुरू की जो दुर्दशा हुई है। उसमें बैंगलुरू की जनता का कोई दोष नहीं है। बैंगलुरू देश को आगे बढ़ाने में मदद करने वाला शहर है। उसका विकास देश को आगे ले जाने के लिए है। और भारत सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। आपने देखा होगा कि आपके ट्रैफिक के जो प्रोब्लम थे। हमने करीब 7 हजार करोड़ रुपए इस बजट में इस व्यवस्था से डाला है ताकि आपके यहां रेलवे का नया नेटवर्क, आउटर खड़ा हो जाए जो आपकी व्यवस्था को करे। रोड का काम हो, नए-नए ओवर ब्रिज बनाने का काम हो, मेट्रो का काम हो, इस सबमें वैज्ञानिक दृष्टि से प्रगति करना, उस दिशा को लेकरके चल रहे हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि बैंगलुरू हमने जो स्मार्ट सिटी की कल्पना की है, स्वच्छता की कल्पना की है। स्वच्छता की कल्पना की है, उन सारी चीजों को लेकरके, उसे आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।

फिर मैं एक बार आप सबको शुभकामनाएं देता हूं। जब मैं यहां आपके बीच आ रहा था, उसी समय मुझे उत्तर प्रदेश से मुझे एक दुखद समाचार मिले हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जो हमारे बच्चे स्कूल वैन में जा रहे थे, रेलवे से टकरा गए। काफी बच्चों की मृत्यु हो गई। बहुत बड़ा दुखद समाचार यहां आते ही मुझे मिला। मुझे बहुत पीड़ा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी। रेलवे विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा।

लेकिन मैं फिर एक बार कर्नाटक के प्यारे भाइयो बहनो। मेरे कार्यकर्ता भाइयो बहनो।

ये चुनाव आपके ताकत पर लड़ना है, आपके विश्वास पर जीतना है। आप आने वाले 12 मई तक एक पल भी किसी और काम के लिए नहीं खपाएंगे। इसी काम के लिए लगाएंगे। और मतदाताओं के बीच में जितना जाता है वो देखिए। कार्यकर्ताओं के बीच में कितना समय जाता है वो आज महत्व का नहीं है। मतदाता के बीच कितना जाता है वो महत्व का है। हमें मत को सक्रिय को करना चाहिए। हमें मत को परिवर्तन करना चाहिए। हमें मत को मतदान बूथ तक ले जाना चाहिए। इन सारी बातों पर आप ध्यान केंद्रित करिए। मैं रूबरू आऊंगा। विस्तार से बहुत सी बातें बताऊंगा। आज मेरा इरादा कार्यकर्ताओं से मिलने का था, उम्मीदवारों से मिलने का था। उन सभी कार्यकर्ताओं से मिलने का था जो टिकट चाहते थे। लेकिन आप तो जानते हैं कि सबको तो टिकट मिल नहीं सकता है। लेकिन हम सबने भारतीय जनता पार्टी को विजय के लिए, कमल खिलाने के लिए और कर्नाटक का भाग्य बदलने के लिए पूरी ताकत से काम करना है। पूरे विश्वास के साथ आगे बढ़ना है। अपप्रचार की आंधी के बीच सत्य को लेकरके चलना है। बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM to launch ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August
August 01, 2026
Launch to mark Beginning of 100-Week Nationwide Jan Bhagidari Campaign against Substance Abuse

Prime Minister Shri Narendra Modi will launch the ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ on 2nd August 2026 at 11 AM through video conferencing. The initiative aims to inspire youth to stay away from substance abuse and encourage them to become ambassadors of positive social change in their communities

The launch will mark the beginning of a 100-week nationwide Jan Bhagidari campaign against substance abuse. Under this campaign, weekly activities will be organised every Sunday across the country to promote awareness and encourage public participation in building a drug-free society. The activities will include sports events, walkathons, meditation sessions, cultural programmes, awareness campaigns, nukkad nataks, discussion forums, art competitions and community engagement programmes.

The initiative seeks to further strengthen community participation by bringing together educational institutions, youth organisations, civil society groups, industry bodies and spiritual organisations on a common platform to create a collective movement against substance abuse.

The programme will witness participation from youth across the country from over 10,000 locations. MY Bharat Volunteers, MY Bharat National Service Scheme volunteers, youth clubs, schools, colleges, universities, NGOs, youth wings of industry associations and more than 125 partner spiritual organisations will participate in the programme virtually.