Mamata Didi did not respond to calls to discuss Cyclone Fani: PM Modi

Published By : Admin | May 6, 2019 | 14:29 IST
The entire country stands together with the people of West Bengal during these trying times of ‘Cyclone Fani’: PM Modi
I called Mamata Didi twice to enquire about the situation in West Bengal but both the times my call was refused by the egoistic administration of Didi: PM Modi in West Bengal
Didi’s arrogant behavior and corrupt governance are going to bring the end of TMC’s regime in West Bengal very soon: Prime Minister Modi

आप सभी का उत्साह हर चरण के चुनाव के बाद बढ़ता ही जा रहा है, बढ़ता ही जा रहा है। आपके इस प्यार और सत्कार को मैं अपना सौभाग्य मानता हूं और आप सब को प्रणाम करता हूं।

शहीद खुदीराम बोस, मातंगिनी हाजरा, सुशील चंद्र जैसे क्रांतिवीरों की माटी को भी मेरा कोटि-कोटि नमन। साथियो, दो-तीन दिन पहले ही आप सभी ने एक भयावह चक्रवात का सामना किया है। मैं भी उड़ीसा में इस चक्रवात से हुए नुकसान का जायजा लेकर यहां आया हूं। यहां पश्चिम बंगाल में भी जो हालात बने हैं, उससे मैं भी भली-भांति परिचित हूं। जिन साथियों ने इस आपदा में अपनों को खोया है, मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम सभी इस मुश्किल घड़ी में आप सभी के साथ हैं। पूरी भारत, केंद्र सरकार के तमाम विभाग पूरी मुस्तैदी से राहत और बचाव के काम में जुटे हुए हैं। लेकिन भाइयो-बहनो, हमारे पश्चिम बंगाल की स्पीड ब्रेकर दीदी, स्पीड ब्रेकर दीदी ने इस चक्रवात पर भी राजनीति करने की भरपूर कोशिश की है। चक्रवात के समय में मैंने ममता दीदी से फोन पर बात करने की कोशिश की थी लेकिन दीदी का अहंकार इतना ज्यादा है की उन्होंने मुझसे बात नहीं की। मैं इंतजार करता रहा की शायद दीदी वापस मुझे फोन करे लेकिन उन्होंने फोन नहीं किया। मैंने फिर भी उन्हें दोबारा फोन किया, मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए चिंता में था इसलिए ममता दीदी से बात करना चाहता था। वो यहां की मुख्यमंत्री हैं लेकिन दीदी ने दूसरी बार भी मुझसे बात नहीं की। आप अंदाजा लगा सकते हैं की दीदी को अपनी राजनीति की कितनी ज्यादा चिंता है, उन्हें पश्चिम बंगाल के लोगों की परवाह नहीं है। देश के लोगों के हितों के ऊपर राजनीति करने की इसी आदत ने हमेशा देश का नुकसान किया है। स्पीड ब्रेकर दीदी के इसी रवैये की वजह से पश्चिम बंगाल के विकास पर ब्रेक लगा हुआ है। चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए मैं आज सुबह भी यहां के प्रशासन के साथ बैठ कर के चीजें समझना चाहता था, भारत सरकार क्या मदद करे उसकी जानकारी लेना चाहता था लेकिन अहंकार से भरी ये स्पीड ब्रेकर दीदी ने उसको भी मना कर दिया।

 

साथियो, दीदी की इसी राजनीति के बीच मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को फिर से भरोसा देता हूं की केंद्र सरकार पूरी शक्ति से पश्चिम बंगाल की जनता के साथ खड़ी है और राहत के काम में राज्य सरकार का हर तरह से सहयोग कर रही है। भारत ने जिस तैयारी के साथ इस चक्रवात का मुकाबला किया है, आज उसकी पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। संगठित हो कर काम करने की, तकनीक और मानवीय संवेदना की यही शक्ति है जो भारत को महान बनाती है।

भाइयो और बहनो, देशवासियों की जान और संपत्ती की रक्षा के लिए आपदा प्रबंध से जुड़े हमारे तमाम साथी निस्वार्थ भाव से जुड़े रहते हैं। ये हमारा सौभाग्य रहा है, इन साथियों के लिए जो राष्ट्रीय पुरस्कार हमारी सरकार ने शुरू किया, वो नेता जी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ही किया है। राष्ट्र की रक्षा में जुटे हमारे वीरों का सम्मान देश की ताकत बढ़ाता है, ये बढ़ती हुई ताकत आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है। भाइयो और बहनो, तीन-चार दिन पहले भारत को आतंकवाद से लड़ाई में एक बहुत बड़ी जीत मिली है। पाकिस्तान के पाले-पोसे आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित किया है। भाइयो-बहनो, ये सुन कर के आपको गर्व हुआ? आपको खुशी हुई, आपका माथा ऊंचा हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ? देश की जब बढ़ती है तो आपको गर्व होता है?

आपको इतनी खुशी होती है, इतना गर्व होता है, पूरे हिंदुस्तान को हो रहा है। लेकिन आपने भारत की इतनी बड़ी सिद्धि को लेकर के एक बार भी दीदी को देश की तारीफ करते सुना क्या, सुना क्या? शायद डरती होंगी की मसूद अजहर, उस पर कुछ बोल दिया तो शायद उनकी वोट बैंक पर खतरा आ जाएगा, उनकी वोट बैंक नाराज हो जाएगी।

भाइयो-बहनो, वोट बैंक की इसी राजनीति ने दीदी की जमीन को खिसका दिया है। अब दीदी का राजनीतिक धरातल पर रुकना, टिकना मुश्किल हो गया है। दीदी इतनी बौखला गई है की अब उन्हें भगवान की बात करना भी खटक रहा है। हालत ये है की जय श्री राम कहने वालों को, ये देश को पता चलना चाहिए और अगर मीडिया अपने आप को न्यूट्रल कहने का दावा करता है तो देश को ये खबरें पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए। हालत तो ये है की जय श्री राम कहने वालों को दीदी गिरफ्तार करवा कर जेल भेज रही है।

साथियो, दीदी के इसी रवैये की वजह से पश्चिम बंगाल में लोगों को अपने हिसाब से पूजा-पाठ करने में पूरी आजादी के साथ अपने व्रत, अपने पर्व, अपने त्योहार मना पाने में डगर-डगर पर दिक्कत हो रही है। साथियो, आज यहां क्या स्थिति है इससे आप भली-भांति परिचित हैं। हल्दिया पोर्ट से लेकर कंथा तक कैसे माफिया राज यहां तक है, इसके आप सभी भुक्तभोगी हैं। टीएमसी के भ्रष्टाचार का मॉडल यहां स्पष्ट दिखता है। स्कूलों में टीचर तक की भर्ती के लिए युवा साथियों से लाखों रुपए वसूले जाते हैं। जहां पर पढ़ाई पर टैक्स लगाया जा रहा है, ट्रिपल-टी टैक्स। ये ट्रिपल-टी टैक्स, पश्चिम बंगाल का बच्चा-बच्चा, तृणमूल तोलाबीजी टैक्स से परिचित है। ये तृणमूल तोलाबीजी टैक्स, ये है ट्रिपल टी टैक्स। कॉलेज में एडमिशन हो, टीचर की भर्ती हो या ट्रांसफर हो, लोग बताते हैं की सब जगह तृणमूल तोलाबीजी टैक्स लगता है।

पश्चिम बंगाल के अनेक स्कूलों में टीचर नहीं है। ट्रिपल टी के चलते अनेक स्कूल में पढ़ाने के बजाए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बच्चों का भविष्य, पश्चिम बंगाल की आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद करने वाली सरकार को जब तक आप सजा नहीं देंगे, वो सुधरने वाली नहीं है। साथियो, जगाई-मथाई सिंडीकेट, ट्रिपल टी, इस कल्चर को चुनौती देने वाला आज तक कोई नहीं था। इसलिए पश्चिम बंगाल की परंपरा और महान संस्कृति से खिलवाड़ करने की उनको खुली छूट मिल गई लेकिन अब ये लंबा चलने वाला नहीं है। बीजेपी, सामान्य जन की, गरीब की, किसान की, कामगार की, बेटियों की और युवाओं की आवाज बन कर आपके साथ खड़ी है।

साथियो, आज की स्थिति में देखें तो भारत में चार अलग-अलग तरह की राजनीतिक परंपराएं चल रही हैं। ये चार परंपराएं ही तय करती हैं की देश किस दिशा की ओर जाएगा। पहली है नामपंथी, दूसरी है वामपंथी, तीसरी दाम और दमनपंथी और चौथी विकासपंथी। नामपंथी यानी जिसके लिए उसका वंशवादी नेता ही उसका हाई कमान हो और पार्टी में बाकी लोग उस हाई कमान के दरबारी, वामपंथी यानी एक ऐसी विदेशी विचारधारा जिसे पूरी दुनिया ठुकरा चुकी है, जिसके नेताओं ने हमेशा गरीबों के सपनों का फायदा उठाया और तीसरी है दाम-दमनपंथी यानी जो धन बल, गन बल, बाहुबल के दम पर सत्ता पर काबिज है। पश्चिम बंगाल में पहले नामपंथी आए, फिर वामपंथी आए, फिर दाम-दमनपंथी आए। भाइयो-बहनो, हम लेकर आए हैं विकासपंथी यानी भाजपा जैसे दल जिनके लिए सत्ता सेवा का माध्यम है और देश का चौतरफा विकास सर्वोच्च प्राथमिकता। साथियो, पश्चिम बंगाल में आपने नामपंथियों को देखा, वामपंथियों को देखा, दाम-दमन पंथियों को आज देख रहे हैं, भुगत रहे हैं। एक अवसर विकासपंथियों को दे कर देखिए, इस लोकसभा चुनाव में आपका एक वोट विकासपंथियों को मजबूत करेगा। भाइयो-बहनो, भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता, स्वामी विवेकानंद के एक-एक शब्द, एक-एक वाक्य को जीवन का मंत्र मानकर चलता है। बीजेपी के मूल में वही जनसंध है, जिसका प्रणेता, डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, हमारा गौरव पुरुष, इसी मिट्टी की संतान थे।

भाइयो-बहनो, हमारी सरकार के पांच वर्षों से पश्चिम बंगाल के गरीब से गरीब को विकास का विश्वास मिला है। जिसको अपना पक्का घर मिला है, जिस बहन को गैस का कनेक्शन मिला है, जिसके घर में शौचालय बना है वो कह रहा है, फिर एक बार… मोदी सरकार, फिर एक बार… मोदी सरकार, फिर एक बार… मोदी सरकार।

पश्चिम बंगाल के हर गरीब साथी को ये भरोसा मिला है की ये चौकीदार घुसपैठियों की पहचान करेगा, घुसपैठ पर लगाम लगाएगा। गरीब को ये भरोसा जगा है, पूजा-पाठ करने वाले लाखों साथियों को जिन्हें अपने ही देश में पराया बनाने की कोशिश की जा रही है उनको भारत की नागरिकता मिलेगी। भाइयो-बहनो, टीएमसी सरकार आज किसानों के खाते में पैसा पहुंचाने की योजना, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए पहुंचाने की योजना को रोक कर के बैठ गई है। उनकी राजनीति चलनी चाहिए, गरीब का भला नहीं होना चाहिए, ऐसी विकृत मानसिकता हिंदुस्तान में कभी किसी ने देखी नहीं है।

साथियो, कमल के निशान को आपका एक वोट स्पीड ब्रेकर दीदी पर दबाव बनाएगा। आपका एक वोट नामपंथियो, वामपंथियों, दाम-दमनपंथियों की महामिलावट के होश ठिकाने लगाएगा। आपका एक वोट हल्दिया को फिर से अपना पुराना गौरव दिलाएगा। आप भी साक्षी हैं की आजादी के इतिहास में पहली बार हल्दिया को गंगा जी के रास्ते वाराणसी से जोड़ा गया और वाराणसी से जुड़ने का मतलब होता है, मैं वहां का एमपी हूं। आप हल्दिया में बीजेपी का एमपी चुन लीजिए, मैं सीधा-सीधा वाराणसी-हल्दिया जुड़ने से आपके साथ जुड़ जाता हूं। इनलैंड वॉटर-वे का ये रास्ता और सुगम रास्ता यहां के विकास को नई गति देने वाला है। हल्दिया और वाराणसी की विकास यात्रा अब आपस में जुड़ गई है। स्पीडब्रेकर दीदी पश्चिम बंगाल के युवाओं की आकांक्षाओं को ज्यादा दिन तक कुचल नहीं पाएगी। इसलिए आज पूरा पश्चिम बंगाल कह रहा है, पूरे पश्चिम बंगाल से आवाज उठी है, हर कोई कह रहा है- चुपचाप कमलछाप, चुपचाप कमलछाप और आगे है, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ, बूथ-बूथ से टीएमसी साफ।

बिना किसी डर से आप कमल छाप पर बटन दबाइए। आपका वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। कमल खिलाने के आपके संकल्प के लिए और इतनी बड़ी तादाद में यहां आ कर हम सब को आशीर्वाद देने के लिए। और मैं देख रहा था हेलीपैड, चारों तरफ ऐसा जन सैलाब था भाइयो-बहनो, बंगाल एक नई क्रांति की ओर चल पड़ा है।

आप इतनी तादाद में हिम्मत के साथ हमारे साथ खड़े हैं, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए…

भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, भारत माता की… जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।



 

Explore More
প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা

Popular Speeches

প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা
Jo khelega woh khilega, always cheer for Bharat: PM Modi meets India's CWG medallists

Media Coverage

Jo khelega woh khilega, always cheer for Bharat: PM Modi meets India's CWG medallists
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।