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This is an election between the 'maha jhooth' of Mahajot and 'maha vikas' of Double Engine: PM Narendra Modi in Kokrajhar
In Kokrajhar, PM Modi says Assam will show red card to Congress and its allies Yesterday, the entire state of Assam saw in a video how the identity of Assam, the symbol of the hardwork of the women of Assam 'Gamosa' was insulted publicly: PM
People of Assam trust NDA for development and peace, says PM Modi in Kokrajhar
Congress has handed over its 'hand' and fortune to leaders of that party which had pushed Kokrajhar into violence: PM Modi on Cong-AIUDF alliance

नमस्कार बंधुशकल, केने आसें अपुनआलुक ?
खुल्ंबई लोगोफ्फर, नोंग थंग मोनहा मा बोरोई दांग?

मैं पिछली बार यहां बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन के ऐतिहासिक समझौते के समय आया था। तब भी आपने भारी संख्या पहुंचकर न सिर्फ मुझे पूरे हिंदुस्तान को एक नया विश्वास दिया था और आज इतनी बड़ी तादाद में आप सभी आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे हैं। मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं। मैं देख रहा हूं कि वहां पीछे सारी जो कर्टेन बनाई थी हटानी पड़ी। बारिश आ गई सुबह, लेकिन आना लोगों का नहीं रुका, यही आपका प्यार है। इस पवित्र धरती पर बार-बार आना, आपके दर्शन करना, आपके आशीर्वाद प्राप्त करना इससे बड़ा जीवन का और सौभाग्य क्या हो सकता है। अभी प्रमोद जी ने कहा कि पीएम हमारे घर के सदस्य हैं। आप सभी का ये स्नेह आपका ये विश्वास मेरे लिए अमूल्य है, मुझे भावुक करने वाला है। और आपका मैं घर का ही सदस्य हूं तो आपका मुझ पर पूरा-पूरा अधिकार भी है।

हम मिलकर इस विश्वास को दोनों मिलकर के दिनोंदिन और मजबूत करेंगे, हम मिलकर इस क्षेत्र का विकास करेंगे, हम मिलकर यहां की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। मैं बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा जी को नमन करता हूं। मैं श्रीमंत शंकरदेव, गुरुदेव कालीचरण ब्रह्मा जी और गुरुदेव मादरराम ब्रह्मा जी जैसी संत आत्माओं से जुड़ी इस धरती का मैं वंदन करता हूं। इन्हीं के आशीर्वाद से एनडीए सरकार यहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास को आधार बनाकर, इसी मंत्र को लेकर के आप लोगों के कल्याण के लिए, आप लोगों के सपने पूरे करने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। इसलिए, पहले चरण की वोटिंग में असम के लोगों ने एनडीए को भरपूर आशीर्वाद दिया है। पहले चरण की वोटिंग ने असम में डबल इंजन की सरकार की भव्य विजय पर मुहर लगा दी है। और आज भी जो मतदान चल रहा है, सारी खबरें उत्साहजनक है, भाइयों-बहनों पूरा हिंदुस्तान इस बात को जानता है कि यहां के नौजवानों में फुटबॉल बहुत फेमस है। अगर मैं उन्हीं की भाषा में कहूं तो कांग्रेस और उसके महाझूठ को यहां के लोगों ने फिर ‘रेड कार्ड’ दिखा दिया गया है।

साथियो,
असम के विकास के लिए असम के लोगों का विश्वास एनडीए पर है। असम में शांति और सुरक्षा के लिए असम के लोगों का विश्वास एनडीए पर है। असम के सम्मान और संस्कृति की सुरक्षा के लिए असम के लोगों का विश्वास एनडीए पर है। और इसलिए, असम को दशकों तक लूटने वाले, असम की संस्कृति को तबाह करने का सपना देख रहे महाझूठ वाले बौखला रहे हैं। महाजोत वाले बड़े-बड़े झूठ बोलेंगे, अफवाहें फैलाएंगे, लेकिन असम के लोगों को उनसे सावधान रहना है, सतर्क रहना है। ये बातें कितनी ज़रूरी हैं, ये कोकराझार से बेहतर भला कौन समझ सकता है? ये चुनाव महाजोत के महाझूठ और डबल इंजन के महाविकास के बीच है। कांग्रेस ने हमारे सत्रों, हमारे नामघरों को अवैध कब्जा गिरोहों के हवाले किया, एनडीए ने उन्हें मुक्त किया। कांग्रेस ने बराक, ब्रह्मपुत्र, पहाड़, मैदान- सबको भड़काया, अंदर-अंदर टकराव करवाया, NDA ने इनको विकास के सेतु से जोड़ा है।

दिलों को दिलों से भी जोड़ा है। कांग्रेस ने, इन क्षेत्रों को पानी, बिजली, गैस, सड़क ऐसी सुविधाओं के लिए तरसाया, सालों तक तरसाया, एनडीए हर सुविधा घर तक पहुंचाने के लिए आज जी जान से जुटी हुई है। कांग्रेस ने टी गार्डन में काम करने वाले साथियों को कभी पूछा तक नहीं। ये एनडीए की ही सरकार है जिसने टी गार्डन्स में काम करने वाले मजदूर भाई-बहनों की हर चिंता के समाधान का प्रयास किया। सवा 3 लाख से ज्यादा परिवारों को भूमि के पट्टे देना हो, मजदूरी बढ़ाना हो, टी गार्डन्स में काम करने वाली बहनों-बेटियां का जीवन आसान बनाना हो, ये एनडीए की सरकार ने ही पूरी जीवटता के साथ, पूरी संवेदनशीलता के साथ और सबका साथ सबका विकास मंत्र को लेकर के पूर्ण करने का प्रयास किया है।

साथियो,
ऐसी कोई जनजाति नहीं जिससे कांग्रेस ने विश्वासघात नहीं किया। वहीं NDA सरकार, कोच, राजबोन्शी, मोरान, मोटोक, सूतिया, सभी जनजातियों के हित में कदम उठा रही है। इसके लिए नई डेवलपमेंट काउंसिल बनाने का काम यहां तेज़ी से चल भी रहा है। हमारी कोशिश है कि हर जनजाति को उसकी परंपरा, उसकी भाषा, उसके रोज़गार के लिए सुरक्षा भी मिले, सम्मान भी मिले। इस दिशा में निरंतर काम जारी है।

भाइयो और बहनो,
मुझे संतोष है कि 2016 में BTR में शांति और विकास का जो वादा हमने किया था, उसे लेकर हमने बहुत ईमानदार प्रयास किया है। कांग्रेस के लंबे शासन ने असम को बम, बंदूक और ब्लॉकेड में झोंक दिया था। NDA ने असम को शांति और सम्मान की सौगात दी है। आप याद कीजिए, ये अटल जी की ही एनडीए सरकार थी, जिसने Bodoland Territorial council का अधिकार आपको दिया था। और ये भी देखिए, NDA की वर्तमान केंद्र सरकार है, जिसने स्थाई शांति के लिए ऐतिहासिक बोडो अकॉर्ड पर मुहर लगाई है। आज BTR का विस्तार भी हुआ है और विकास की नई शुरुआत भी हुई है। बोडोलैंड के स्थायी विकास के लिए हमारा मंत्र है- Peace, Progress और Protection यानी, शांति, समृद्धि और सुरक्षा। बीते वर्षों में बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन के विकास के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए विशेष तौर पर दिए गए हैं। इसके तहत अनेक प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। कोकराझार में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य तेज़ गति से चल रहा है।

1500 करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया गया है, उसको भी तेज़ी से लागू करने की कोशिश की जा रही है। बोडोलैंड यूनिवर्सिटी, सेंट्रल इंस्टीट्यूट और टेक्नॉलॉजी, बिनेश्वर ब्रह्मा इंजीनियरिंग कॉलेज, बोडोलैंड भवन, ऐसे अनेक काम अब यहां की पहचान बन रहे हैं। बोडो समाज की संस्कृति, यहाँ की पहचान, यहाँ की भाषा, यहां की परंपराएं परम्पराएँ, इन सब की सुरक्षा ये भी हमारा पहला संकल्प है और इसको पूरा करना हम अपना दायित्व मानते हैं। थुलुंगापुरी में बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा जी के नाम से एक cultural Complex और Centre of Excellence यहां का गौरव और बढ़ाएगा। यही नहीं, बोडो भाषा को संविधान के 8th शैड्यूल में डालने का काम भी किया जा चुका है। बोडो समाज की पहचान को सुरक्षित रखने के लिए, और समृद्ध करने लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है।

साथियो,
शांति और विकास के इसी विश्वास के कारण BTR चुनावों में आपने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया, United People's Party Liberal के साथ हमारे गठबंधन को सेवा का अवसर दिया। जो प्यार आपने काउंसिल चुनावों में दिया है, उससे भी अधिक आशीर्वाद विधानसभा के लिए मिलेगा, ये मैं आज मेरी आंखों के सामने देख रहा हूं। कोई भी पोलिटिकल पंडित देख ले ये क्या नजारा है। मैदान छोटा पड़ गया… मैदान छोटा पड़ गया। मैं दूर-दूर ये जो बॉउंड्री बनाई है उसके पीछे भी लोगों को देख रहा हूं।

भाइयो और बहनो,
लंबे समय के बाद असम में शांति लौटी है। जो साथी बंदूक छोड़कर लौटे हैं, उनकी हर संभव सहायता के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है। अभी भी जो साथी नहीं लौटे हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि शांति और विकास के इस मिशन से आप भी जुड़ जाइए। साथियो, कांग्रेस के कुशासन ने कैसे कोकराझार को सालों-साल तक हिंसा में झुलसने दिया, ये आप और हम कभी भी भूल नहीं सकते। कोकराझार के युवा, कोकराझार की बहनें, कोकराझार का हर नागरिक हिंसा का वो दौर भूला नहीं है। उस दौर में दिल्ली से लेकर गोवाहाटी तक कांग्रेस की सरकारें, चुपचाप तमाशा देखती रहीं। और आज हिम्मत देखिए, कांग्रेस एक महाझूठ बनाकर, एक बार फिर कोकराझार सहित पूरे बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन को छलने निकले हैं। जिस दल के नेताओं ने कोकराझार को हिंसा की आग में झोंका था, आज कांग्रेस ने अपना हाथ और अपना भाग्य उन लोगों को थमा दिया है। जिन लोगों को कांग्रेस ने तब अपने वोटबैंक की खातिर बचाया था, उन्हीं के सहारे आज कांग्रेस असम में सत्ता हासिल करने के लिए सपने देख रही है।

भाइयो और बहनो,
कल एक वीडियो में पूरे असम ने देखा है कि कैसे असम की पहचान, असम की बहनों के श्रम के प्रतीक, यहां की एक पहचान, गमोसा, गमोसा का सरेआम अपमान किया गया। असम को प्यार करने वाला हर व्यक्ति, इन तस्वीरों को देखकर बहुत आहत है, बहुत गुस्से में है। कांग्रेस के नेता बार-बार कहते हैं कि ये ताला-चाबी वाले असम की पहचान है। कांग्रेस के झूठ, उसकी साजिश को समझिए। सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस इन लोगों के सामने समर्पण कर चुकी है। इस अपमान की सज़ा कांग्रेस को तो मिलेगी ही, इस पूरे महाझूठ को मिलेगी। साथियों, असम की ये शांति, हम सभी ने बहुत मुश्किल से हासिल की है। इसको अब किसी भी हालत में कांग्रेस और उसके साथियों के हाथों लुटने नहीं देना है। कोकराझार, BTR सहित पूरे असम के विकास से कांग्रेस का कोई सरोकार नहीं है। इनको सिर्फ अपनी जेब भरने से, अहम की संस्कृति को तबाह करने से मतलब है। इसी कोशिश में ये महाजोत नाम का महाझूठ यहां लगा हुआ है।

भाइयो और बहनो,
असम के निरंतर विकास के लिए डबल इंजन की सरकार बहुत जरूरी है। यानि, केंद्र में भी एनडीए सरकार, राज्य में भी एनडीए सरकार। जब दोनों की ताकत लगती है, तो और तेजी से काम होता है। आज रेल हो, रोड हो या हवाई कनेक्टिविटी, इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है। गरीब को अपना पक्का घर मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ही कोकराझार में हजारों गरीबों के लिए घर बनाए गए हैं। इसी तरह टॉयलेट की सुविधा से भी हर गरीब परिवार को जोड़ा गया है। घर और टॉयलेट के बाद, अब हर घर जल पहुंचाने का काम तेज़ी से चल रहा है। अभी तक करीब साढ़े 4 लाख नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। 2 मई के बाद घर-घर पाइप से पानी पहुंचाने के इस अभियान को तेज़ किया जाएगा। इसका बहुत बड़ा लाभ हमारी बहनों को होगा, बेटियों को होगा।

साथियो,
असम में महिला सशक्तिकरण के लिए एनडीए सरकार तेजी से काम कर रही है। केंद्र की योजनाओं को यहां की सरकार ने ना सिर्फ लागू किया बल्कि उनमें अपनी तरफ से भी काफी मदद जोड़ी है। गर्भवती महिलाओं को विशेष मदद हो, टीकाकरण हो, टीकाकरण की व्यवस्था हो, ऐसे अनेक प्रयास यहां तेजी से किए गए हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से महिलाओं को रोज़गार से जोड़ने में भी असम की एनडीए सरकार आगे रही है। कनकलता महिला सबलीकरण योजना की प्रशंसा चारों तरफ हो रही है, बहुत हो रही है। इसके तहत सैकड़ों करोड़ रुपए, बहनों के समूहों को दिए गए हैं। लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अनेक महिला कॉलेज भी खोले गए हैं।

भाइयो और बहनो,
असम में पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई की सुविधाएं मिले, इसके लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। यहां के हज़ारों किसान हमारे हजारों किसान साथियों को पीएम किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ मिल रहा है। कोकराझार में खेती और खेती से जुड़े व्यापार के लिए बहुत संभावनाएं हैं। इसके लिए भंडारण से लेकर ट्रांसपोर्ट से जुड़ा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए केंद्र सरकार, छोटे किसानों के किसान उत्पादक संघ बना रही है और उनको विशेष फंड से मदद भी दे रही है। बैंबू को लेकर हमारी सरकार ने जो नियम बदला है, उससे बैंबू के ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा और आसान हो गई है। इसी तरह, यहां जैसे-जैसे कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होता जाएगा, वैसे-वैसे टूरिज्म, विशेष रूप से इको-टूरिज्म इसका भी लाभ अहम सेंटर बनता जाएगा। आने वाले 5 सालों के लिए हमारे हर काम के लिए असम भाजपा ने संकल्प पत्र सामने रखा है। शांति और विकास का ये डबल इंजन मज़बूत हो, इसके लिए NDA के हर उम्मीदवार को जिताना है। प्रमोद जी जैसा नेतृत्व, जिसमें आत्मविश्वास भरा है, जिसमें विजन भरा है, ऐसे नेतृत्व को लेकर के हम आगे बढ़ना चाहते हैं। मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए… मैं कहूंगा फिर एक बार, आप पूरी ताकत से बोलिए NDA सरकार !
फिर एक बार…
फिर एक बार…
फिर एक बार…
फिर एक बार…
असम में होगी महाजोत के महाझूठ की महा हार!
आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद! मेरे साथ बोलिए
भारत माता की…
भारत माता की…
भारत माता की…

 

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PM to bring home 157 artefacts & antiquities from the US
September 25, 2021
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Artefacts include cultural antiquities and figurines related to Hinduism, Buddhism and Jainism
Endeavour embodies continuous efforts by the Modi Government to bring back our antiquities & artefacts from across the world
Most of the items belong to the period of 11th CE to 14th CE as well as historic antiquities belonging to Before Common Era

157 artefacts & antiquities were handed over by the United States during Prime Minister Modi’s visit. PM conveyed his deep appreciation for the repatriation of antiquities to India by the United States. PM Modi & President Biden committed to strengthen their efforts to combat the theft, illicit trade and trafficking of cultural objects.

The list of 157 artefacts includes a diverse set to items ranging from the one and a half metre bas relief panel of Revanta in sandstone of the 10th CE to the 8.5cm tall, exquisite bronze Nataraja from the 12th CE. The items largely belong to the period of 11th CE to 14th CE as well as historic antiquities such as the copper anthropomorphic object of 2000 BC or the terracotta vase from the 2nd CE. Some 45 antiquities belong to the Before Common Era.

While half of the artifacts (71) are cultural, the other half consists of figurines which relate to Hinduism (60), Buddhism (16) and Jainism (9).

Their make spreads across metal, stone and terracotta. The bronze collection primarily contains ornate figurines of the well-known postures of Lakshmi Narayana, Buddha, Vishnu, Siva Parvathi and the 24 Jain Tirthankaras and the less common Kankalamurti, Brahmi and Nandikesa besides other unnamed deities and divine figures.

The motifs include religious sculptures from Hinduism (Three headed Brahma, Chariot Driving Surya, Vishnu and his Consorts, Siva as Dakshinamurti, Dancing Ganesha etc), Buddhism (Standing Buddha, Boddhisattva Majushri, Tara) and Jainism (Jain Tirthankara, Padmasana Tirthankara, Jaina Choubisi) as well as secular motifs (Amorphous couple in Samabhanga, Chowri Bearer, Female playing drum etc).

There are 56 terracotta pieces (Vase 2nd CE, Pair of Deer 12th CE, Bust of Female 14th CE) and an 18th CE sword with sheath with inscription mentioning Guru Hargovind Singh in Persian).

This continues the efforts by the Modi Government to bring back our antiquities & artefacts from across the world.