শক্নাইরবশিং,

খুরুমজরি !

ঐনা অদোমবু ভোইস ওফ গ্লোবেল সাউথ সম্মিৎতা তরাম্না ওকচরি।

হৌখিবা নুমিৎ ২ অসিদা, গ্লোবেল সাউথকী খ্বাইদগী চাউবা ভর্চুএল মীফম অসিদা চাউৎলক্লিবা লৈবাক ১২০ হেন্না শরুক য়াবা উরে।

মসিগী লোইশিনবগী শরুক অসিদা অদোমগা লোয়ন্না শরুক য়াবা ফংবা অসি ঐগী খুদোংচাবনি।

শক্নাইরবশিং,
হৌখিবা চহি ৩ অসি চাউখৎলক্লিবা ঐখোয়গী লৈবাকশিং খুদোংথিবা কয়া থেংনখ্রে।

খুদোংথিবশিং অদুদি কোবিদ লাইচৎ, থাউ, হার অমসুং চীঞ্জাক্কী মমল হেনগৎলকপা অমসুং মালেমগী রাজনিতিগী মুক্নবশিংনা ঐখোয়গী চাউখৎ-থৌরাংগী থবকশিংদা অপনবা পীবা হেনগৎলকপা অসিনি।

অদুম ওইনমক, অনৌবা চহি অমা হৌরকপা অসি অনৌবা থাজবগী মতম অমনি। ঐনা ময়াম পুম্নমক অহানবদা নুংঙাইবা, হকচাং ফবা, শান্তি লৈবা, অশোই-অঙাম লৈতবা অমসুং মাইপাকপা ২০২৩গীদমক ঐগী য়াইফ-পাউজেল পীজরি।

শক্নাইরবশিং,
মালেম অসি অমতা ওইরকপগী ৱাখল্লোন অসি ঐখোয়না থাগৎলি। ভারতকী ৱাঙুলোন্দি মতম পুম্নমক্তা মালেম অসি ইমুং অমা ওইনা লৌরি।

অদুবু, চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংনা অইং-অশাগী খল কাইরকপগী অৱাবা লৈতবা নত্ত্রগা শেন্দোন শিংবা ঙমদবগী অৱাবা লৈতবা মালেম অমা পাম্লি।

তিকাশিং চাং মান্ননা য়েন্থোকপা নত্ত্রগা মালেমগী দরকার ওইবা পোৎচৈশিং মফম অমদা তুংশিন্দুনা লৈতবা মালেম অমা ঐখোয়না পাম্মী।

শক্নাইরবশিং,
মালেমগী ওইনা হৌজিক খাইবুং-খাইবুং তাবা হেনগৎলক্লিবা অসিদা ঐখোয় চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংশু নুঙনাংলে।

মালেমগী ওইনা মুক্নবশিং অসিনা ঐখোয়গী চাউখৎ-থৌরাংগী থবকশিংদগী ঐখোয় নাথৈহল্লে।

মখোয়না মরম ওইদুনা মালেমগী ওইনা চীঞ্জাক, থাউ, হার অমসুং অতোপ্পা পোৎলমশিংগী মমল হেনগৎহল্লে।

মসিগী মালেমগী ওইনা মুক্নবা অসি কোকহন্নবা, য়ুনাইতেদ নেসন্স সেকুরিতি কাউন্সিল অমসুং ব্রেত্তোন ৱুদস ইন্সতিতুৎশিং য়াওনা মালেমগী অচৌবা লুপশিং অওনবা অমা পুরকপা ঐখোয় তঙাইফদনা দরকার ওইরে।

হায়রিবা অওনবশিং অসি চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংগী অৱাবশিং খঙবা অমসুং ২১শুবা চহিচাগী অচুম্বশিং মমি তাবা ওইগদবনি।

ভারতনা জি-২০গী প্রসিদেন্দ ওইবদগী হায়রিবা মরুওইবা ৱাফমশিং অসিদা গ্লোবেল সাউথকী খোল্লাউ লাউনবা হোৎনগনি।
 

শক্নাইরবশিং,
চাউখৎ-থৌরাংগী মরুপ-মপাং ওইবদা, ভারতকী পান্দমদি মীয়ামগী য়াইফনবা থবক পায়খৎপা, মরুপ ওইরিবা লৈবাকশিংগী সোভরেন্তি ইকায়খুম্নবা, দরকার ওইবা থবকশিং লৌখৎপা অমসুং তাথোক-তাশিন তৌনবদা মীৎয়েং থম্লি।

গ্লোবেল সাউথকী লৈবাকশিংনা লৈবাক অমগী চাউখৎ-থৌরাংগী থবকশিংগী লৌশিং অমনা অমদগী য়াম্না তম্নগনি হায়না ঐনা চেৎনা থাজৈ।

ভারতনা “গ্লোবেল-সাউথ সেন্তর ওফ এক্সলেন্স” অমা লিংখৎকনি হায়না লাউথোকপদা ঐ হরাওই।  

মসিগী ইন্সতিতুৎ অসিনা চাউখৎ-থৌরাংগী উপায়শিং নত্ত্রগা ঐখোয়গী লৈবাক অমগী খ্বাইদগী ফবা থবকশিংগী মতাংদা থিজিনগনি, মদু গ্লোবেল সাউথকী অতোপ্পা মেম্বর লৈবাকশিংদা থবক ওইনা পায়খৎকনি।

খুদম অমা ওইনা, হিরম কয়াদা ভারতনা পুথোকপা সরকারগী দিজিতেলগী পোৎথোকশিং হায়বদি ইলেকত্রোনিক-পেমেন্তশিং, হকশেল, লাইরিক-লাইশু নত্ত্রা ই-গভর্নান্স অসি অতোপ্পা চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংনা শীজিন্নবা য়াগনি।

স্পেস তেক্নোলোজি অমসুং নিউক্লিয়ার ইনর্জিগী লমদা ভারতনা শিংথানিঙাই ওইবা থবক কয়া পাংথোক্লে। ঐখোয়গী অফবা থবকশিং অতোপ্পা চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংদা পীনবা ঐখোয়না “গ্লোবেল-সাউথ সাইন্স এন্দ তেক্নোলোজি ইনিসিএতিপ” অমা হৌদোক্লগনি।

কোবিদ লাইচৎ মনুংদা, ভারতকী ‘ভেক্সিন মাইত্রি’ থবক্কী মখাদা ভারতনা শুংবা তিকাশিং লৈবাক ১০০ হেনবদা পীখি।

অনৌবা ‘অরোগ্যা মাইত্রি’ প্রোজেক অমা হৌজিক ঐনা লাউথোকপা পাম্মী। মসিগী প্রোজেক অসিগী মখাদা, চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিং মহৌশানা থোকহনবা অমাং-অতাশিং নত্ত্রগা মীওই কয়া অৱা-অনা থেংনবা মতমদা ভারতনা তঙাইফদনা চংদবা য়াদ্রবা হিদাক-লাংথকশিং পীগনি।

শক্নাইরবশিং,

ঐখোয়গী কুতনিতীক্কী খোঞ্জেল মপাঙ্গল কনখৎহন্নবা, ঐখোয়গী ফোরেন মিনিস্ত্রিশিংগী নহা ওইরিবা ওফিসারশিংগা শম্নবা ঙম্নবা ‘গ্লোবেল-সাউথ য়ং দিপ্লোমেতস ফোরম’ অমা শেম্নবা ঐনা হৌদোক্লি।

চাউখৎলক্লিবা লৈবাকশিংগী মহৈরোয়শিং ভারত্তা অৱাংবা থাক্কী মহৈ-মশিং তম্নবা ‘গ্লোবেল-সাউথ স্কোলারসিপস’ ভারতনা লিংখৎকনি।

শক্নাইরবশিং,

ঙসিগী সেসনগী থিম অসি ভারতকী মমাংঙৈগী লৌশিংনা ইথিল পীবনি।

মীওইবা খুন্নাইগী খ্বাইদগী লিরবা লাইরিক-রিগ বেদাদগী লাইশোল অমনা হায়রি:

संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्

মসিনা হায়রি মদুদি : ঐখোয় পুনসি, পুন্না ঙাংসি অমসুং ঐখোয়গী ৱাখলশিং নুংঙাইগনি।
 

নত্ত্রগা অতোপ্পা ৱাহৈশিংদা,  ‘অপুনবা খোল্লাউ, পান্দম অমগীদমক অপুনবা’।

মসিগী ৱাখল্লোন অসিদা, অদোমগী ৱাখল্লোনশিং অমসুং পাউতাকশিং তানবা ঐনা ঙাইরি।

অদোমবু থাগৎচরি !

 

 

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!