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India and Russia mark 70 years of very strong ties in a wide range of areas: PM Modi
We have adopted the St. Petersburg declaration which will not only improve our ties but also will be a benchmark of global stability: PM
Energy cooperation is a major area of our ties including cooperation in renewable and nuclear power: PM
Russian private sector can play active role to boost economic relations between our nations: PM
'Bridge to Innovation' programme will connect young scentists, promote start-ups and entrepreneurs: PM Modi

Your Excellency President Vladimir Putin,
Distinguished members of the Russian and Indian delegations,
Member of the Media

राष्ट्रपति पुतिन के खूबसूरत home town Saint Petersburg में आना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। राष्ट्रपति पुतिन तथा Saint Petersburg के लोगों द्वारा गर्मजोशी भरे स्वागत का मैं हार्दिक अभिनन्दन करता हूं। आप का स्वागत हमारे संबंधों की मधुरता का प्रतीक है।

मित्रों

इस वर्ष भारत तथा रूस अपने राजनयिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। संस्कृति से सुरक्षा तक; हमारे संबंधों की भाषा समान है।
जैसे कि रूसी भाषा में कहते हैः

मी गवारिम ना अद्नोम याज़ीके
(We speak one language)

पिछले 7 दशकों के क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल में यदि एक स्थिर सच्चाई रही है तो वह है भारत तथा रूस के बीच के सशक्त संबंध। हमारे संबंधों का मूलभूत आधार आपसी स्नेह, आपसी आदर ओर एक दूसरे में अटूट तथा मजबूत विश्वास है। इस सशक्त आधारशिला पर हमारी सहभागिता तथा सहयोग का चहुमुखी विकास हुआ है।

मित्रों

हमारे संबंधों के विकास के संपूर्ण स्वरूप पर मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने आज विस्तार से बातचीत की है। संबंधों की वर्तमान गति को और तेज करना तथा इसके उज्जवल भविष्य के लिए एक action plan बनाने पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसके मद्देनजर हमने आज Saint Petersburg एक ऐलान adopt किया है। एक ऐसा स्वरूप जो कि न केवल दोनों देशों के आर्थिक तथा राजनैतिक सुदृढ़ता का विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। बल्कि वैश्विक उथल-पुथल में स्थिरता का एक benchmark साबित होगा।

मित्रों

आज के Inter-depended तथा Inter-connected विश्व में बढ़ते आर्थिक सहयोग संबंधों के विकास के महत्वपूर्ण driver है। हमारे आर्थिक संबंधों में तीव्र प्रगति, मेरा तथा राष्ट्रपति पुतिन का एक अहम साझा उद्देश्य है। Saint Petersburg अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक फोरम में भारत का guest country के रूप में शामिल होना तथा मेरा इस फोरम की plenary में कल होने वाला वक्तव्य दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को और समीप लाएगा। इन्हीं प्रयासों के चलते द्विपक्षीय निवेश में काफी तीव्र प्रगति हुई है। तथा हम 2025 तक 30 billion US dollar के निवेश के लक्ष्य की उपलब्धि के समीप हैं। आर्थिक संबंधों की गहनता का एक मुख्य आधार है Energy Cooperation Nuclear, Hydrocarbon तथा Renewable Energy इसके प्रमुख भाग हैं। मुझे खुशी है कि आज कुडूकुनल- V तथा VI के finalization द्वारा हमारे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और घनिष्ठ होंगे। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत तथा रूस परस्पर लाभ से आगे तीसरे देशों में भी अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। हमारे व्यापारिक तथा वाणिज्यिक संबंधों के विकास में private sector का एक महत्वपूर्ण role है। इस संदर्भ में हम दोनों देशों के private sectors को एक proactive भूमिका के लिए निमंत्रित करते हैं। हमारा यह भी मानना है कि दोनों देशों के बीच अधिकाधिक physical तथा Institutional connectivity भी आर्थिक संबंधों की मजबूती के लिए अनिवार्य है। इस संदर्भ में International North-South Transport Corridor के अंतर्गत हमारा सहयोग हमारी सहभागिता को एक महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करेगा। आने वाली Eurasian Economic Union के साथ FTA negotiations भी हमारे आर्थिक सहयोग को और बल देगी। Scientific Industrial तथा तकनीकी सहयोग हमारे overall आर्थिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसके द्वारा उत्पन्न लाभ हमारे समाज तथा अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ता तथा समृद्धि प्रदान करता है। 'Bridge to Innovation' का हमारा साझा programme दोनों देशों के युवा वैज्ञानिकों, start-ups तथा युवा entrepreneurs के विकास में अत्यंत मददगार सिद्ध होगा। यह हमारे युवा पीढ़ियों के भविष्य को Innovation Economy की opportunities से सीधा जोड़ेगा। उम्मीद है कि इसके द्वारा job-seekers, job-creators में प्रवर्तित होंगे। इस माह के अंत में दोनों देश पहली बार द्विपक्षीय Science तथा Technology Commission का आयोजन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यह हमारी Scientific तथा Technical cooperation को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। 

मित्रों

रक्षा के क्षेत्र में

भारत तथा रूस के रक्षा संबंध अत्यंत सुदृढ हैं। वैश्विक संबंधों का चाहे कोई भी स्वरूप रहा हो, भारत तथा रूस की सुरक्षा partnership ने सदैव दोनों देशों के strategic हितों की रक्षा की है। हाल ही में भारत में हुई first Military Industry Conference रक्षा तथा सुरक्षा equipment की entire value chain में दोनों देशों की सहभागिता को गहन करने में एक महत्वपूर्ण कदम था। Kamov-226 हेलीकाप्टर के production का Joint Venture भी शुरू हो गया है। Frigates के joint manufacturing को भी implement किया जा रहा है। रक्षा संबंधी manufacturing सहयोग को नई दिशा मिल रही है। दोनों देशों के बीच Military to Military cooperation को नया आयाम देने के लिए इस वर्ष दोनों देश पहली Tri-Services Exercise INDRA -2017 का आयोजन करेगा।

मित्रों

हमारे मधुर संबंधों की एक प्रमुख ईकाई दोनों देशों के बीच people to people contact है। रूसी संस्कृति की भारत में प्रसिद्धि तथा Yoga, Ayurveda तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े हर पहलू की रूस में लोकप्रियता दोनों देशों के लिए संतोष का एक विषय है। मुझे विश्वास है कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष में हमारे रूसी मित्र International Day of Yoga को धूमधाम से मनाएंगे।

मित्रों

बदलते हुए क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप पर भी आज मैंने और राष्ट्रपति पुतिन ने विस्तार में चर्चा की। हम सहमत है कि चाहे आतंकवाद का मसला हो, strategic हितों की सुरक्षा का प्रश्न हो, या उभरती हुई नई चिंताओं से निपटने का मुद्दा हो, भारत तथा रूस सदैव एक दूसरे के समर्थन में खड़े रहेंगे। Cross border terrorism पर रूस के बिना शर्त संपूर्ण समर्थन का भारत अभिनंदन करता है। अफगानिस्तान, Middle East तथा Asia Pacific पर दोनों देशों की विचारधाराओं में समानता है। भारत तथा रूस, BRICS तथा G-20 में भी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। Shanghai Cooperation Organization में रूस के सुदृढ़ नेतृत्व में हम दोनों देश क्षेत्रीय सहयोग की नवरचना में संलग्न हैं।

मित्रों

हमारे संबंधों के विकास में राष्ट्रपति पुतिन के अद्वितीय नेतृत्व का मैं अभिनंदन करता हूं। हमारा संबंध एक ऐसा फलदायी पेड़ है जिसकी जड़ों को 7 दशकों से कई महानुभावों ने सींचा है। ऐसे ही एक व्यक्ति थे Ambassador एलेक्जेंडर कदाकीन। भारत के इस मित्र को हमने इस वर्ष खो दिया। रूस के इस गौरवशाली पुत्र की याद में नई दिल्ली में एक सड़क का नामकरण Ambassador कदाकीन के नाम पर आज किया गया है।

Excellency, Putin

वक्त की हर कसौटी पर, सामने आई हर चुनौती के सामने, अपने समाजों के विकास के लिए तथा पूरे विश्व के लाभ के लिए भारत तथा रूस की strategic partnership एक pillar of strength रही है। हमारी अडिग साझेदारी आगे आने वाले वर्षों में विश्व को एक संतुलन एवं स्थिरता प्रदान करेगी। आज की वार्ता में लिए गए निर्णय हमारे सहयोग के मार्ग को और अधिक प्रशस्त करेंगे। इन शब्दों के साथ, एक बार फिर, मैं आपका तथा Saint Petersburg की जनता का अभिनन्दन करता हूं।

धन्यवाद। 

 

 

 

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PM chairs high level meeting to review preparedness to deal with Cyclone Jawad
December 02, 2021
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PM directs officials to take all necessary measures to ensure safe evacuation of people
Ensure maintenance of all essential services and their quick restoration in case of disruption: PM
All concerned Ministries and Agencies working in synergy to proactively counter the impact of the cyclone
NDRF has pre-positioned 29 teams equipped with boats, tree-cutters, telecom equipments etc; 33 teams on standby
Indian Coast Guard and Navy have deployed ships and helicopters for relief, search and rescue operations
Air Force and Engineer task force units of Army on standby for deployment
Disaster Relief teams and Medical Teams on standby along the eastern coast

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired a high level meeting today to review the preparedness of States and Central Ministries & concerned agencies to deal with the situation arising out of the likely formation of Cyclone Jawad.

Prime Minister directed officials to take every possible measure to ensure that people are safely evacuated and to ensure maintenance of all essential services such as Power, Telecommunications, health, drinking water etc. and that they are restored immediately in the event of any disruption. He further directed them to ensure adequate storage of essential medicines & supplies and to plan for unhindered movement. He also directed for 24*7 functioning of control rooms.

India Meteorological Department (IMD) informed that low pressure region in the Bay of Bengal is expected to intensify into Cyclone Jawad and is expected to reach coast of North Andhra Pradesh – Odisha around morning of Saturday 4th December 2021, with the wind speed ranging upto 100 kmph. It is likely to cause heavy rainfall in the coastal districts of Andhra Pradesh, Odisha & W.Bengal. IMD has been issuing regular bulletins with the latest forecast to all the concerned States.

Cabinet Secretary has reviewed the situation and preparedness with Chief Secretaries of all the Coastal States and Central Ministries/ Agencies concerned.

Ministry of Home Affairs is reviewing the situation 24*7 and is in touch with the State Governments/ UTs and the Central Agencies concerned. MHA has already released the first instalment of SDRF in advance to all States. NDRF has pre-positioned 29 teams which are equipped with boats, tree-cutters, telecom equipments etc. in the States and has kept 33 teams on standby.

Indian Coast Guard and the Navy have deployed ships and helicopters for relief, search and rescue operations. Air Force and Engineer task force units of Army, with boats and rescue equipment, are on standby for deployment. Surveillance aircraft and helicopters are carrying out serial surveillance along the coast. Disaster Relief teams and Medical Teams are standby at locations along the eastern coast.

Ministry of Power has activated emergency response systems and is keeping in readiness transformers, DG sets and equipments etc. for immediate restoration of electricity. Ministry of Communications is keeping all the telecom towers and exchanges under constant watch and is fully geared to restore telecom network. Ministry of Health & Family Welfare has issued an advisory to the States/ UTs, likely to be affected, for health sector preparedness and response to COVID in affected areas.

Ministry of Port, Shipping and Waterways has taken measures to secure all shipping vessels and has deployed emergency vessels. The states have also been asked to alert the industrial establishments such as Chemical & Petrochemical units near the coast.

NDRF is assisting the State agencies in their preparedness for evacuating people from the vulnerable locations and is also continuously holding community awareness campaigns on how to deal with the cyclonic situation.

The meeting was attended by Principal Secretary to PM, Cabinet Secretary, Home Secretary, DG NDRF and DG IMD.