PM attends DGsP/IGsP Conference in Hyderabad

Published By : Admin | November 26, 2016 | 18:45 IST
QuotePM Modi attends DGsP/IGsP Conference in Hyderabad
QuotePM Modi recalls 26/ 11 Mumbai terror attacks, notes sacrifices of brave police personnel
QuoteAspects such as human psychology and behavioural psychology should be vital parts of police training: PM
QuoteTechnology and human interface are both important for the police force to keep progressing: PM
QuotePM Modi launches a mobile app – Indian Police at Your Call
QuotePrime Minister presents the President’s Police Medals for distinguished service to officers of the Intelligence Bureau

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today addressed the DGsP/IGsP Conference at the Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy in Hyderabad.

Speaking on the occasion, he recalled that today is 26th November – the day that a deadly terror attack had struck Mumbai, and police had bravely fought against terrorists. He also recalled the over 33,000 police personnel who have attained martyrdom.

|


The Prime Minister said that this annual conference has now undergone a transformation in the way it is conducted. He said it has become a platform for sharing experiences, which leads to good inputs for policy planning.

The Prime Minister laid emphasis on concrete outcomes out of the actionable points that have been finalised.

On training, the Prime Minister said the development of soft skills is now essential, and should become a part of the training drill. Aspects such as human psychology and behavioural psychology should be vital parts of training, he added.

|


The Prime Minister said leadership skills are important, and the onus lies on senior officers to inculcate these skills in the police personnel.

On the subject of law and order, the Prime Minister emphasised the importance of foot patrolling and constabulary Intelligence.

|


Shri Narendra Modi called for a qualitative change in the police force through a collective training effort. The Prime Minister said that technology and human interface are both important for the police force to keep progressing.

The Prime Minister launched a mobile app – Indian Police at Your Call. He presented the President’s Police Medals for distinguished service to officers of the Intelligence Bureau.

|


Earlier in the day, the Prime Minister laid a wreath at the Martyrs Column at the National Police Academy. He also offered floral tributes at the statue of Sardar Vallabhbhai Patel, and planted a sapling.

  • Pushpendra Singh January 04, 2024

    राम राम 🙏🏻
Explore More
২৭.০৪.২০২৫ দা শন্দোকখিবা মন কি বাতকী ১২১শুবা তাঙ্কক্ত প্রধান মন্ত্রীনা ফোঙদোকখিবা ৱারোল

Popular Speeches

২৭.০৪.২০২৫ দা শন্দোকখিবা মন কি বাতকী ১২১শুবা তাঙ্কক্ত প্রধান মন্ত্রীনা ফোঙদোকখিবা ৱারোল
Manufacturing, consumer goods lift India's July IIP growth to 3.5%

Media Coverage

Manufacturing, consumer goods lift India's July IIP growth to 3.5%
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
India is the springboard for Japanese businesses to the Global South: PM Modi in Tokyo
August 29, 2025

Your Excellency प्रधानमंत्री इशिबा जी,
भारत और जापान के बिज़नस लीडर्स,
देवियों और सज्जनों,
नमस्कार।

Konnichiwa!

मैं आज सुबह ही टोक्यो पहुंचा हूँ। मुझे बहुत ख़ुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिज़नस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है।

और उस प्रकार से बहुत लोग हैं जिनसे मेरा व्यक्तिगत परिचय रहा है। जब मैं गुजरात में था, तब भी, और गुजरात से दिल्ली आया तो तब भी। आप में से कई लोगों से निकट परिचय मेरा रहा है। मुझे खुशी है की आज आप सब से मिलने का अवसर मिला है।

मैं प्रधानमंत्री इशिबा का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ कि वे इस फोरम से जुड़े हैं। उनके बहुमूल्य वक्तव्यों के लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूँ ।

|

साथियों,

भारत की विकास यात्रा में, जापान हमेशा एक अहम पार्टनर रहा है। Metro से लेकर manufacturing तक, semiconductors से लेकर start-ups तक, हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी,आपसी विश्वास का प्रतीक बनी है।

जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। मात्र, पिछले दो वर्षों में 13 बिलियन डॉलर का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट हुआ है। JBIC कहता है कि भारत सबसे ‘promising’ destination है। JETRO बताता है कि 80 percent कंपनियाँ भारत में expand करना चाहती हैं, और 75 percent already मुनाफ़े में हैं।

यानि, in India, capital does not just grow, it multiplies !

साथियों,

पिछले ग्यारह वर्षों में भारत के अभूतपूर्व ट्रांसफॉर्मेशन से आप सब भली भांति परिचित हैं। आज भारत में political स्टेबिलिटी है। इकनॉमिक स्टेबिलिटी है। पॉलिसी में पारदर्शिता है, प्रीडिक्ट-अबिलिटी है। आज भारत विश्व की सबसे तेज grow करने वाली major इकॉनमी है। और, बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने जा रहा है।

वैश्विक ग्रोथ में भारत 18% योगदान दे रहा है। भारत की Capital Markets में अच्छे return मिल रहे हैं। एक मजबूत बैंकिंग सेक्टर भी है। Low Inflation और, low Interest Rates हैं। करीब 700 बिलियन डॉलर के Forex Reserve हैं ।

साथियों,

इस बदलाव के पीछे हमारी- "reform, perform और transform” की अप्रोच है। 2017 में हमने one nation-one tax की शुरुआत की थी। अब इसमें नए और बड़े रिफार्म लाने पर काम चल रहा है।

कुछ हफ्ते पहले, हमारे संसद ने नए और simplified Income Tax code को भी मंजूरी दी है।

हमारे रिफॉर्म्स, केवल टैक्स प्रणाली तक सीमित नहीं हैं। हमने ease of doing business पर बल दिया है। बिजनेस के लिए single digital window अप्रूवल की व्यवस्था की है। हमने 45,000compliances rationalise किये हैं। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए de-regulation पर एक उच्च-स्तरीय कमेटी बनाई गई है।

Defence, और space जैसे सेन्सिटिव क्षेत्रों को private sector के लिए खोल दिया गया है। अब हम nuclear energy sector को भी खोल रहे हैं।

|

साथियों,

इन रिफॉर्म्स के पीछे हमारा विकसित भारत बनाने का संकल्प है। हमारा कमिटमेंट है, कन्विक्शन है,और स्ट्रैटिजी है। और विश्व ने इसे recognise ही नहीं appreciate भी किया है।

S&P Global ने,दो दशक बाद, भारत की Credit Rating Upgrade की है।

The world is not just watching India, it is counting on India.

साथियों,

अभी भारत-जापान बिज़नेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। कंपनियों के बीच हुई बिज़नस deals, इसका बहुत विस्तार से वर्णन दिया गया। इस प्रगति के लिए मैं आप सभी का बहुत बहुत अभिनंदन करता हूँ।

हमारी साझेदारी के लिए, मैं भी कुछ सुझाव बड़ी नम्रतापूर्वक आपके समक्ष रखना चाहूँगा।

पहला है, Manufacturing. Autosector में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है। और प्रधानमंत्री ने इसका बहुत विस्तार से वर्णन दिया। हम साथ मिलकर, वही magic,बैटरीज़, रोबाटिक्स, सेमी-कन्डक्टर, शिप-बिल्डिंग और nuclear energy में भी दोहरा सकते हैं। साथ मिलकर, हम ग्लोबल साउथ, विशेषकर अफ्रीका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।

मैं आप सबसेआग्रह करता हूँ- Come, Make in India, Make for the world.‘सुज़ुकी’ और ‘डाइकिन’ की success stories, आपकी भी success stories बन सकती हैं।

दूसरा है, Technology और Innovation. जापान "टेक पावरहाउस” है। और, भारत एक " टैलेंट पावर हाउस”। भारत ने AI, सेमीकन्डक्टर, क्वांटम कम्प्यूटिंग, biotech और space में bold और ambitious initiatives लिए हैं। जापान की टेक्नोलॉजी और भारत का talent मिलकर इस सदी के tech revolutionका नेतृत्व कर सकते हैं।

तीसरा क्षेत्र है Green Energy Transition. भारत तेजी से 2030 तक 500 गीगावाट renewable energy के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का भी लक्ष्य रखा है। Solar cells हो या फिर green hydrogen, साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं।

|

भारत और जापान के बीच Joint Credit Mechanism पर समझौता हुआ है। इसका लाभ उठा कर clean और ग्रीन फ्यूचर के निर्माण में सहयोग किया जा सकता है।

चौथा है,Next-Gen Infrastructure. पिछले एक दशक में, भारत ने next जेनेरेशन मोबिलिटी ओर logistics infrastructure में अभूतपूर्व प्रगति की है। हमारे ports की क्षमता दोगुनी हुई है। 160 से ऊपर Airports हैं। 1000 किलोमीटर लंबी मेट्रो line बनी है। जापान के सहयोग से Mumbai और Ahmedabad हाई स्पीड रेल पर काम चल रहा है।

लेकिन हमारी यात्रा यहीं नहीं रूकती। Japan’s excellence and India’s scale can create a perfect partnership.

पांचवां है, Skill Development और People-to-People Ties. भारत का स्किल्ड युवा talent, वैश्विक ज़रूरतें पूरी करने की क्षमता रखता है। इसका लाभ जापान भी उठा सकता है। आप भारतीय talent को जापानी भाषा और soft skills में ट्रेनिंग दें, और मिलकर एक "Japan-ready" workforce तैयार करिए। A shared workforce will lead to shared prosperity.

साथियों,

अंत में मैं यही कहना चाहूँगा - India and Japan’s partnership is strategic and smart. Powered by economic logic, we have turned shared interests into shared prosperity.

India is the springboard for Japanese businesses to the Global South. Together, we will shape the Asian Century for stability, growth, and prosperity.

इन्हीं शब्दों के साथ, मैं प्रधानमंत्री इशिबा जी और आप सभी का आभार प्रकट करता हूं।

Arigatou Gozaimasu!
बहुत-बहुत धन्यवाद।