The TMC-Congress-Left alliance, where TMC is concerned about the nephew, Congress wants to promote the sons and daughters of their royal families: PM Modi
First the left did not listen to you & then the TMC also ignored you. They were busy looting the land of the poor: PM Modi in Siliguri
Whether it's a farmer, a youth, a woman, or someone from the poor background, they are the strong pillars of a Viksit Bharat: PM Modi
PM Modi says due to the continuous efforts for the poor, in the 10 years of the BJP government, 25 crore people have escaped poverty

भारत माता की।
आमार प्रियो मां, भाई, दादा, दीदी ऐबोन बोनेदेर शादोर नमोशकार जानाई
मेरो प्यारो आमा, बाबा, दाजु, भाई, दीदी, बैनी सबै लाई ढेरों-ढेरों नमस्कार
मोर प्यारा माय-बाप, दादा-भाई, दीदी-बहीन सबकोई के नमस्कार
चाय बगान में काम करने वाले सभी परिवारजनों को भी इस चायवाले का प्रणाम।

मैं जब भी नॉर्थ बंगाल आया हूं, तो आप सभी की तरफ से भरपूर आशीर्वाद मिला है। विशेष रूप से हमारी माताएं-बहनों-बेटियों की तरफ से जो स्नेह मिलता है, वो अद्भुत है। यहां तो जलपाईगुड़ी, कूच-बिहार, अलीपुर-दुआर, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर और मालदा तक से अनेक साथी यहां आए हैं। अपने परिवार के लोगों के बीच आकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैं सबसे पहले तो आप सबसे क्षमा चाहता हूं। मुझे आने में थोड़ा विलंब हो गया। आपको इंतजार करना पड़ा। आज सुबह मैं काजीरंगा में था। फिर अरुणाचल गया फिर आसाम में कार्यक्रम किया। फिर यहां आया हूं और यहां से अभी काशी जा रहा हूं। और यहां रास्ते में 12 किलोमीटर का रोड शो जो प्लान किया हुआ नहीं था अचानक। और उनके सम्मान में जरा गाड़ी धीरे चला रहा था। और उसके कारण मुझे यहां पहुंचने में विलंब हुआ। आप सबको दिक्कत हुई, इसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। मैं यहां कई बार आया हूं, इसी मैदान में कई बार आया हूं। लेकिन आज मैं देख रहा हूं उधर रोड भी पूरा भरा पड़ा है। चारों तरफ लोग ही लोग हैं। और जब यहां आते हैं न तो एक प्रकार से मिनी भारत के दर्शन होते हैं। लघु भारत नजर आता है। जितनी विविधता, जितनी वाइब्रेंसी इस क्षेत्र में दिखती है, वैसी कम ही जगह पर नजर आती है।

साथियों,
मैं जिस तरह का जीवन जीकर यहां आया हूं, मैंने देश की अनेकों माताओं को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए संघर्ष करते हुए देखा है। और इसलिए मैं शौचालय, नल से जल, मुफ्त बिजली कनेक्शन, बैंक का खाता, प्रेगनेंसी के समय आर्थिक मदद, ऐसी हर बात पर ध्यान रखता हूं जोर दे रहा हूं। और मेरी हर माता-बहन का जीवन, हर गरीब परिवार का जीवन सरल हो इसके लिए मैं कोशिश करता हूं। और हमारा ये तो पहाड़ी क्षेत्र है। ये तो हमारे चाय बागानों और चाय श्रमिकों का क्षेत्र है। यहां पानी और लकड़ी का प्रबंध करने में कितनी मुसीबतें हमारी बहनों को झेलनी पड़ती थी, ये समस्याएं सबको दिखती थीं। लेकिन पहले लेफ्ट ने आपकी नहीं सुनी और फिर TMC ने भी आपको नजरअंदाज कर दिया। ये तो गरीबों की जमीन हड़पने में जुटे थे। इसलिए जब आपने मुझे अवसर दिया, तो मैंने यही सुविधाएं, अपने परिवार के आप सभी सदस्यों तक पहुंचाई हैं। अब देखिए, हमने बहनों को उज्जवला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। लेकिन यहां की TMC सरकार, 14 लाख से ज्यादा बहनों को उज्जवला के गैस कनेक्शन भी नहीं देने दे रही। बीते कुछ समय में हमने उज्जवला की करोड़ों बहनों के लिए गैस सिलेंडर बहुत सस्ता किया है। कल, महिला दिवस पर बहनों के लिए एक और फैसला हमने लिया है। अब सभी बहनों के लिए गैस सिलेंडर 100 रुपए और सस्ता हो जाएगा।

साथियों,
जो परिवार का सदस्य होता है, वो आपके सुख-दुख का भी साथी होता है। मैं जानता हूं, कोरोना के दौरान मेरे गरीब परिवार कितनी बड़ी चिंता से घिरे हुए थे। इसलिए मोदी ने देश के अपने परिवारजनों को मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की। क्योंकि मेरा मकसद यही थी किसी भी गरीब का बच्चा रात को भूखा सोना नहीं चाहिए। किसी गरीब के घर का चूल्हा बुझना नहीं चाहिए। और अब इस योजना को मुफ्त राशन की योजना को मोदी ने 5 साल के लिए और बढ़ा दिया है। इसका बहुत बड़ा लाभ चाय बागान में काम करने वाले हमारे श्रमिक साथियों को मिलेगा। लेकिन साथियों, TMC-कांग्रेस-लेफ्ट का इंडी गठबंधन आपको मुफ्त राशन देने का भी विरोध कर रहा है। यहां बंगाल में तो भ्रष्ट TMC सरकार, दलित, ओबीसी, आदिवासी, महिला विरोधी TMC सरकार ने तो आपके राशन की योजना में ही घोटाला कर दिया। इनके नेता, इनके मंत्री, राशन घोटाले के मामले में जेल में हैं। मोदी ने अपने गरीब परिवारों को राशन के साथ-साथ मुफ्त इलाज की भी गारंटी दी है। लेकिन भ्रष्ट और गरीब विरोधी TMC सरकार, यहां आयुष्मान योजना लागू ही नहीं कर रही है। TMC सरकार आपको कदम-कदम पर लूट रही है। मोदी मनरेगा की मजदूरी का पैसा दिल्ली से भेजता है। लेकिन यहां की TMC सरकार ने अपने तोलाबाज़ों को फायदा पहुंचाने के लिए यहां 25 लाख फर्ज़ी जॉब कार्ड बनाकर लोगों को दे दिए। मोदी गरीब के घर के लिए पैसा भेजता है, तो TMC सरकार तोलाबाज़ों के चुने लोगों को आपका पैसा दे देती है। TMC को आपकी तकलीफ से, आपकी परेशानियों से कोई कष्ट नहीं होता। संदेशखाली में गरीब, दलित, आदिवासी, बहनों के साथ TMC के नेताओं ने क्या-क्या किया है, इसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। महिलाओं पर अत्याचार और गरीब की कमाई को लूटना, यही TMC के तोलाबाज़ों का काम रहा है।

और साथियों,
नॉर्थ बंगाल के साथ तो, TMC, कांग्रेस और लेफ्ट के इंडी-गठबंधन ने बहुत ज्यादा भेदभाव किया है। इन लोगों ने इस क्षेत्र को विकास से तो वंचित रखा ही, समाज के भीतर भी खाई पैदा की। लेकिन भाजपा के लिए...एक-एक गोरखा का उत्साह, एक-एक राजबंशी का साहस, एक-एक आदिवासी की दृढ़ता और बंगालियों की रचनात्मकता यही विकसित बंगाल से विकसित भारत के निर्माण की एक ऊर्जा है। भाजपा, शांति और सौहार्द से हर आकांक्षा, हर सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। तभी तो सैकड़ों सालों के इंतज़ार के बाद, अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 को हटाया गया है। ऐसे अनेक मुद्दे थे, जिनके हल की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। लेकिन मोदी ने ऐसे हर मुद्दे को हल किया है। हमारे गोरखा भाई-बहनों की जो समस्याएं रही हैं, जो चुनौतियां रही हैं, उनके प्रति भी बीजेपी हमेशा संवेदनशील रही है। बीजेपी ने आपकी चिंताओं को दूर करने का निरंतर प्रयास किया है। अब भी हम समाधान के नजदीक हैं। बीजेपी आपकी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी।

साथियों,
भाजपा के पास, नॉर्थ बंगाल के विकास के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है। हम यहां tea, tourism और timber से जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देने में जुटे हैं। इसके लिए यहां जरूरी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। कम क्षेत्र में चाय उगाने वाले बंगाल के करीब 40 हजार छोटे Tea Growers का हित भी भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। भाजपा ने, NDA ने छोटे Tea Growers को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा। भाजपा ने छोटे Tea Growers को PM फसल बीमा योजना के लाभ से जोड़ा। भाजपा सरकार ने यहां छोटे Tea Growers को सिंचाई की सुविधाओं के लिए आर्थिक मदद दी। चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों का पैसा सीधे उनके खाते में जाए, हमने इस दिशा में भी लगातार काम किया है।

साथियों,
गरीबों के लिए निरंतर काम की वजह से भाजपा सरकार के 10 साल में 25 करोड़ लोग, गरीबी से बाहर निकले हैं। जिनको पहले किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूछता है। मोदी हर गरीब के लिए ज्यादा से ज्यादा अवसर बना रहा है। लेकिन ये बात उन परिवारवादियों को बिल्कुल पसंद नहीं आती जो राजनीति में सत्ता पाने के लिए ही आए हैं। इसलिए वो अपने परिवार को सत्ता के शीर्ष पर रखने के लिए साजिशें करते हैं। ये TMC-कांग्रेस-लेफ्ट का इंडी गठबंधन भी तो यही करता है। TMC वालों को भतीजे की चिंता है। कांग्रेस वालों को अपने शाही परिवार के बेटे-बेटी को आगे बढ़ाना है। लेफ्ट वालों को इन दोनों के साथ तालमेल बनाए रखना है, ताकि उसकी भी गाड़ी चलती रहे। इन लोगों को आपके बच्चों की परवाह नहीं है। आपके बच्चों के भविष्य की चिंता करने वाला अगर कोई है तो वो मोदी है, बीजेपी है, NDA का गठबंधन है। इसलिए आज बंगाल का जन-जन कह रहा है, देश का जन-जन कह रहा है, हर परिवार कह रहा है- मैं हूं मोदी का परिवार। मैं हूं …मैं हूं … मैं हूं …मैं हूं …मैं हूं …मुझे किसी के लिए कोई बैंक बैलेंस नहीं छोड़ना है, कोई बंगला-गाड़ी नहीं छोड़नी है। मुझे तो संतोष तभी होता है, जब आप जैसे मेरे परिवार के सदस्यों को मैं पक्के घर में, सारी सहूलियत के साथ जीवन जीते देखता हूं।

साथियों,
भाजपा सरकार, यहां कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। थोड़ी देर पहले ही, यहां रेल, रोड जैसी अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी के चौड़े हाईवे और यहां बायपास बनने से आना-जाना और आसान होगा। आज नॉर्थ बंगाल की रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है, हर किसी की इच्छा है कि यहां से आधुनिक ट्रेनें चलें। आने वाले 5 वर्षों में यहां की आधुनिक कनेक्टिविटी नई बुलंदी पर पहुंचने वाली है।

साथियों,
किसानों का कल्याण भी हमारी प्राथमिकता है। दो दिन पहले ही जूट किसानों के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जूट का समर्थन मूल्य 285 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। इससे पश्चिम बंगाल के, नॉर्थ ईस्ट के लाखों जूट किसानों को लाभ होगा। 10 वर्ष पहले जूट का MSP 2400 रुपए था और आज ये 5300 (तिरेपन सौ) रुपए यानि दोगुने से भी अधिक हो चुका है। किसान हो, नौजवान हो, नारीशक्ति हो, गरीब हो, ये विकसित भारत के मज़बूत स्तंभ हैं। इसलिए मोदी की हर गारंटी, इन सभी को सशक्त करने के लिए है। तभी आज देश कह रहा है, गांव-गांव से आवाज उठ रही है, बंगाल के कोने-कोने से आवाज उठ रही है - अबकी बार...400 पार ! अबकी बार...अबकी बार...अबकी बार...अबकी बार...अबकी बार...और आप याद रखिएगा, गरीब विरोधी, दलित, आदिवासी, महिला विरोधी TMC को हटाने का दरवाज़ा, लोकसभा चुनाव से खुलेगा। इसलिए, नॉर्थ बंगाल की सभी लोकसभा सीट, सभी पोलिंग बूथ हरेक जगह पर कमल खिलना चाहिए। खिलेगा न। खिलेगा न।

मेरा एक काम और आपको करना है। आप करेंगे मेरा एक काम। जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे। आप घर-घर जाकर कहिएगा- कि मोदी जी आए थे, मोदी जी ने आपको नमस्कार भेजा है ! इतना मेरा काम कर देंगे। देखिए हमारा संकल्प है विकसित भारत। होना चाहिए न। भारत विकसित होना चाहिए न। उसके लिए बंगाल भी विकसित होना चाहिए न। तो विकसित भारत के संकल्प के लिए आप अपना मोबाइल फोन बाहर निकालिए उसकी फ्लैश लाइट चालू कीजिए। और विकसित भारत के संकल्प को आप सब प्रकट कीजिए। आपके मोबाइल पर…जो वहां ऊपर रोड पर खड़े हैं, वो भी निकालें। सबके मोबाइल फोन, फ्लैशलाइट चालू करके, ये विकास का संकल्प है। ये विकसित भारत का संकल्प है। ये विकसित बंगाल का संकल्प है। हम आन बान शान के साथ भारत को विकसित बनाएंगे।

मेरे साथ बोलिए…भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।