Our resolve must be to always strengthen India’s unity: PM

Published By : Admin | January 24, 2020 | 16:19 IST

आप सभी साथियों का, यहां स्वागत है।

परसों आप सभी का बहुत बड़ा इम्तिहान है और मुझे मालूम है कि आप उसमें शानदार नंबरों से पास होंगे, सफल होंगे।

मैं गणतंत्र दिवस के लिए और गणतंत्र दिवस परेड के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

Friends,

यहां आप जितने भी साथी एकत्र हुए हैं, आप एक प्रकार से Mini India को शोकेस करने वाले लोग हैं। भारत असल में क्या है, ये हमारा देश और पूरी दुनिया आपके माध्यम से समझती है।

NCC और NSS के माध्यम से अनुशासन और सेवा की एक समृद्ध परंपरा जब राजपथ पर दिखती है, तो देश के करोड़ों युवा प्रेरित और प्रोत्साहित होते हैं। देश की समृद्ध कला-संस्कृति, भारत की धरोहर को प्रदर्शित करने वाली झांकियां लेकर जब आप राजपथ पर निकलते हैं, तो पूरी दुनिया मंत्रमुग्ध होकर देखती है। विशेषतौर पर हमारे आदिवासी साथी तो अपने प्रदर्शन से एक अद्भुत और अनूठी विरासत को देश और दुनिया के सामने लाते हैं।

इतनी ठंड के बावजूद इस तरह आपका मेहनत करना, लगातार जुटे रहना, बहुत प्रशंसनीय है।

इस बार जब मैं परेड में रहूंगा, तो ये तसल्ली जरूर रहेगी कि आप सभी, हर Tableau आर्टिस्ट से मिल सका, उनका आभार व्यक्त कर सका।

साथियों

आप सभी देश की विविधताओं को दिल्ली तक तो लाते ही हैं, दिल्ली में जो विविधता गणतंत्र दिवस पर देखते हैं, उसका संदेश भी अपने-अपने क्षेत्रों में लेकर जाते हैं। आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सोच को साकार करते हैं।

जब हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं, तो हमें ये भी याद रखना है कि भारत असल में है क्या। भारत क्या सिर्फ सरहदों के भीतर 130 करोड़ लोगों का घर भर ही है? नहीं, भारत एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है, एक विचार है, एक संस्कार है, एक विस्तार है।

भारत का मतलब - वसुधैव कुटुम्बकम्

भारत का मतलब - सर्व पंथ समभाव

भारत का मतलब - सत्यमेव जयते

भारत का मतलब - अहिंसा परमो धर्मः

भारत का मतलब - एकम सद विप्राः बहुधाः वदन्ति सत्य, यानि सच तो एक ही है, इसको देखने का नज़रिया अलग-अलग है।

भारत का मतलब - वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड परायी जाणे रे

भारत का मतलब है- पेड़-पौधों में ईश्वर का वास

भारत का मतलब है – अप्प दीपो भवः यानि दूसरे से उम्मीद लगाने के बजाय स्वप्रेरणा की तरफ बढ़ो।

भारत का मतलब – तेन त्यक्तेन भुन्जिथा यानि जो त्याग करते हैं वे ही भोग पाते हैं।

भारत का मतलब - सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

भारत का मतलब – जन सेवा ही प्रभु सेवा

भारत का मतलब - नर करनी करे तो नारायण हो जाए

भारत का मतलब - नारी तू नारायणी

भारत का मतलब है - जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी यानि माता और जन्मभूमि का स्थान स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है, महान है।

भारत ऐसे ही अनेक आदर्शों और विचारों से समाहित एक जीवन शक्ति है, ऊर्जा का प्रवाह है।

इसलिए जब भी भारत की एकता और श्रेष्ठता की बात करते हैं, तो अपनी भौगौलिक और आर्थिक श्रेष्ठता के साथ-साथ इन आदर्शों और मूल्यों की श्रेष्ठता भी उसमें शामिल है।

 

साथियों,

भारत की श्रेष्ठता की एक और शक्ति इसकी भौगोलिक और सामाजिक विविधता में ही है। हमारा ये देश एक प्रकार से फूलों की माला है, जहां रंग-बिरंगे फूल भारतीयता के धागे से पिरोए गए हैं।

हम कभी एकरूपता के नहीं, एकता के पक्षकार हैं। एकता के सूत्र को जीवंत रखना, एकता के सूत्र को बलवंत बनाना यही हम लोगों का प्रयास है और यही एकता का संदेश है।

राज्‍य अनेक राष्‍ट्र एक, समाज अनेक भारत एक, पंथ अनेक लक्ष्‍य एक, बोली अनेक स्‍वर एक, भाषा अनेक भाव एक, रंग अनेक तिरंगा एक, रिवाज अनेक संस्‍कार एक, कार्य अनेक संकल्‍प एक, राह अनेक मंजिल एक, चेहरे अनेक मुस्‍कान एक, इसी एकता के मंत्र को लेकर के यह देश आगे बढ़े, इसी विचार के साथ हमें निरंतर काम करते रहना है।

साथियों,

राजपथ पर आपके प्रदर्शन से पूरी दुनिया भारत की इस शक्ति के भी दर्शन करती है। इसका असर भारत की सॉफ्ट पावर के प्रचार-प्रसार में भी होता है और भारत के टूरिज्म सेक्टर को भी इससे मजबूती मिलती है। इसी भावना को हमारे यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम से और मजबूती मिलती है।

साथियों,

मुझे बताया गया है कि इस वर्ष NCC और NSS के युवा साथियों ने खेल से लेकर आपदाओं में राहत और बचाव कार्यों में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई है। NSS देश की सबसे बड़ी ब्लड डोनेशन ऑर्गेनाइज़ेशन तो है ही, फिट इंडिया अभियान के लिए हुए साइक्लाथोन में भी 8 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया।

इसी तरह NCC के कैडेट्स ने गांधी जी की 150वीं जयंति पर देशभर में, 8 हज़ार किलोमीटर की स्वच्छता यात्रा निकालकर, प्रशंसनीय काम किया है। यही नहीं बिहार, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और महाराष्ट्र में आई बाढ़ और दूसरी आपदाओं में 1 लाख से अधिक NCC कैडेट्स ने राहत और बचाव के काम में मदद की।

ये आंकड़े मैं इसलिए बता रहा हूं कि देश में बाकी हलचल के बीच इन सराहनीय कार्यों की उतनी चर्चा नहीं हो पाती। लेकिन आपका ये परिश्रम और देश के लिए किया गया काम, मेरे लिए भी बहुत बड़ी प्रेरणा बनता है।

 

साथियों,

ये हमारा 71वां गणतंत्र दिवस है। बीते 70 साल से हमने एक रिपब्लिक के रूप में, पूरे विश्व के सामने एक उत्तम उदाहरण रखा है।

ऐसे में हमें देश के संविधान के एक ऐसे पहलू पर ध्यान देने की ज़रूरत है जिसकी चर्चा बीते 7 दशक में उतने विस्तार से नहीं हो पाई। हमें नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को प्रमुखता और प्राथमिकता देनी होगी। अगर अपने कर्तव्यों को हम ठीक से निभा पाएंगे, तो हमें अपने अधिकार के लिए लड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

यहां जितने भी युवा साथी आए हैं, मेरा आपसे आग्रह रहेगा कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें। चर्चा ही नहीं बल्कि खुद अमल करके, उदाहरण पेश करें। हमारे ऐसे ही प्रयास न्यू इंडिया का निर्माण करेंगे।

साथियों,

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने मेरे सपनों का भारत नाम से एक आर्टिकल लिखा था। उसमें उन्होंने लिखा, कि सर्वोच्च आकांक्षाएं रखने वाले किसी व्यक्ति को अपने विकास के लिए जो कुछ भी चाहिएवह सब उसको भारत में मिल सकता है।

आप सभी साथी गांधी जी के इसी सपने, इसी भावना का हिस्सा है। हम जिस न्यू इंडिया की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, वहां यही आकांक्षाएं, यही सपने हमें पूरे करने हैं। भारत का कोई भी व्यक्ति, कोई भी क्षेत्र पीछे ना रह जाए, ये हमें सुनिश्चित करना है। गणतंत्र दिवस की परेड के पीछे भी यही ध्येय है।

साथियों,

हम सभी को राष्ट्र के सामूहिक संकल्पों के साथ खुद को जोड़ना होगा। देश के एक-एक साथी के जीवन को आसान बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। आप में से अनेक साथी, कुछ समय बाद परीक्षाओं में भी बैठने वाले हैं। ये आपके लिए महत्वपूर्ण समय है।

मैं आने वाले एग्ज़ाम्स के लिए आपको शुभकामनाएं देता हूं। इसके साथ-साथ गणतंत्र दिवस की परेड में आपके श्रेष्ठ प्रदर्शन की भी फिर से कामना करता हूं।

आप यहां मुझसे मिलने आए, इसके लिए बहुत-बहुत आभार।

धन्यवाद !!!

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Prime Minister shares a Sanskrit Subhashitam highlighting fundamental causes of progress
April 28, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today highlighting that effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory, and initiating any task with thoughtful consideration are the fundamental causes of progress.

The Prime Minister remarked that hard work performed with patience and dedication can yield remarkable success, further pointing out that it also infuses the nation's prosperity and strength with fresh vigor.

The Prime Minister wrote on X:

"संयम और समर्पण के साथ किया गया परिश्रम अद्भुत सफलता दे सकता है। इससे राष्ट्र की समृद्धि और सामर्थ्य को भी एक नई ऊर्जा मिलती है।

उत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृतिः स्मृतिः।

समीक्ष्य च समारम्भो विद्धिमूलं भवस्य तु॥"

Effort, self-control, skill, vigilance, patience, memory and initiating any task with thoughtful consideration, these are all the fundamental causes of progress.