"ಡೆಹ್ರಾಡೂನ್ ನಲ್ಲಿ ಮೊದಲ ಉತ್ತರಾಖಂಡ್ ಹೂಡಿಕೆದಾರರ ಶೃಂಗಸಭೆಯನ್ನು ಉದ್ಘಾಟಿಸಿದ್ದಾರೆ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ "
ಸಂಭಾವ್ಯ, ನೀತಿ ಮತ್ತು ಕಾರ್ಯಕ್ಷಮತೆ ನಮ್ಮ ಪ್ರಗತಿಯ ಪ್ರಮುಖ ಮೂಲಗಳಾಗಿವೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
"ದಿವಾಳಿತನ ಮತ್ತು ದಿವಾಳಿತನ ಸಂಹಿತೆಯ ಕಾರಣದಿಂದ ವ್ಯಾಪಾರವನ್ನು ಮಾಡುವುದು ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಸುಲಭವಾಗಿದೆ . ಬ್ಯಾಂಕಿಂಗ್ ವ್ಯವಸ್ಥೆಯನ್ನು ಬಲಪಡಿಸಲಾಗಿದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ "
"ಎಲ್ಲರಿಗೂ ವಸತಿ , ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಅಧಿಕಾರ, ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಶುದ್ಧ ಇಂಧನ, ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಆರೋಗ್ಯ, ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಬ್ಯಾಂಕಿಂಗ್ ಮತ್ತು ಇತರ ಯೋಜನೆಗಳು ಗುರಿ ತಲುಪಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತಿದೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ "
"#AyushmanBharat ಹಂತ II ಮತ್ತು ಶ್ರೇಣಿ III ನಗರಗಳಲ್ಲಿ ಆಸ್ಪತ್ರೆಗಳನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲು ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ ಮತ್ತು ವೈದ್ಯಕೀಯ ಮೂಲಭೂತ ಸೌಕರ್ಯಗಳನ್ನು ಸುಧಾರಿಸುವಲ್ಲಿ ಸಹಾಯ ಮಾಡುತ್ತದೆ , ಹೇಳಿದ್ದಾರೆ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ "
"ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ ಭಾರತಕ್ಕೆ ಮಾತ್ರವಲ್ಲದೇ ಇಡೀ ವಿಶ್ವಕ್ಕೆ ಮೇಕ್ ಇನ್ ಇಂಡಿಯಾದಲ್ಲಿ ಹೂಡಿಕೆಗೆ ಹೂಡಿಕೆದಾರರಿಗೆ ಕರೆ "

उत्‍तराखंड के राज्‍यपाल, श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी, केन्‍द्रीय मंत्रीपरिषद के मेरे तमाम सहयोगी, प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्रीमान त्रिवेन्‍द्र सिंह जी रावत, उत्‍तराखंड केबिनेट के सभी सदस्‍यगण, सिंगापुर के सूचना प्रसारण मंत्री श्री एस.ईश्‍वरन जी, जापान एवं चैक रिपब्लिक के राजदूत, देश-विदेश से पधारे तमाम उद्यमी साथियो, देवियो और सज्‍जनों।

बाबा केदार की छत्रछाया में चार धाम की पवित्रता के लिए देवधरा उत्‍तराखंड में पधारे देश-विदेश के सभी सा‍थियों का बहुत-बहुत स्‍वागत और अभिवादन है। मुझे विश्‍वास है कि आप यहां भारत के economic environment के साथ-साथ हजारों वर्षों से चली आ रही हमारी cultural diversity को और prosperity से उसकी अनुभूति करेंगे, उसका परिचय करेंगे और एक नई चेतना प्राप्‍त करके यहां से लौटेंगे।

साथियो, उत्तराखंड की इस धरती पर हम सभी ऐसे समय पर एकत्र हुए हैं जब भारत में तेज गति से आर्थिक और सामाजिक बदलाव आ रहा है। देश बहुत बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। हम नए भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं। दुनिया की हर बड़ी संस्‍था कह रही है कि भारत आने वाले दशकों में world growth का प्रमुख engine बनने वाला है। आज भारत की अर्थव्‍यवस्‍थाऔर स्थिर हुई है।Fiscal deficit कम हुआ है, महंगाई दर नियंत्रण में है। हमारे यहां दुनिया में सबसे तेज गति से middle class का bulkmiddle class का प्रसार हो रहा है। 80 करोड़ से अधिक युवा, ये शक्ति demographic dividend,आकांक्षाओं और सामर्थ्‍य से भरपूर है।

साथियो, आज भारत में जिस speed और skill पर आर्थिक सुधार हो रहे हैं, वो अभूतपूर्व हैं। पिछले दो वर्षों में ही केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों द्वारा दस हजार से ज्‍यादा कदम उठाए गए हैं। इन कदमों की वजह से भारत ने ease of doing business, इसमें 42 अंकों का सुधार किया है। उस सुधार की प्रक्रिया में हमने 1400 से ज्‍यादा कानून खत्‍म किए हैं। इसके अलावा भारत में टैक्‍स व्‍यवस्‍था में भी बहुत सुधार किए गए हैं। टैक्‍स से जुड़े मामलों के समाधान को और पारदर्शी और तेज करने का प्रयास किया जा रहा है।

Insolvency और bankruptcycode से आज कारोबार आसान हुआ है, banking system को भी ताकत मिली है। GST के तौर पर भारत ने स्‍वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा tax reform किया है।GST ने देश को single market में बदल दिया है और tax base बढ़ाने में भी बहुत बड़ी मदद की है।

हमारा infrastructure sector भी रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्ष ही भारत में करीब-करीब 10,000 किलोमीटर national highway का निर्माण हुआ है। यानी करीब-करीब 27 किलोमीटर daily निर्माण की गति से काम हो रहा है। ये पहले की सरकारों की तुलना में double है।

रेलवे लाइन के निर्माण में भी दोगुनी गति से काम किया जा रहा है। इसके अलावा अनेक शहरों में नई मेट्रो, high speed rail project, dedicated tradecorridor, इसके लिए भी काम चल रहा है।सरकार 400 रेलवे स्‍टेशनों का आधुनिकीकरण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

अगर मैं aviation sector की बात करूं, भारत में ये सैक्‍टर भी रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है। इस गति को और तेज करने के लिए देश में करीब-करीब 100 नए एयरपोर्ट और helipad बनाने पर काम किया जा रहा है।उड़ान योजना के माध्‍यम से देश के tier 2, tier 3 शहरों में हवाई connectivity मुहैया कराने की कोशिश जारी है। भारत में 100 से ज्‍यादा national waterways बनाने पर भी काम किया जा रहा है।

साथियो, इनके अलावा आज भारत में housing for all, power for all, clean fuel for all, health for all, banking for all, जैसी अलग-अलग अनेक योजनाएं अपने लक्ष्‍य को पूरा करने की तरफ तेज गति से बढ़ रही हैं। यानी कुल‍ मिलाकर देखें तो आज ये कहा जा सकता है कि चौतरफा परिवर्तन के इस दौर में आपके लिए, देश-विदेश के निवेशकों के लिए, भारत में सर्वोत्‍तम माहौल बना हुआ है।

अभी हाल ही में शुरू की गई ‘आयुष्‍मान भारत योजना’ की वजह से भी भारत में medical sector में निवेश की बहुत बड़ी संभावना बनी है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में tier 2, tier 3 शहरों में नए अस्‍पताल बनेंगे, medical collages बनेंगे, paramedical human resource development institutions बनेंगे, paramedical infrastructure मजबूत होगा। आप कल्‍पना कर सकते हैं कि आयुष्‍मान भारत योजना के तहत देश के 50 करोड़ से ज्‍यादा नागरिकों को, उस परिवार को पांच लाख रुपये तक health insurance assurance प्राप्‍त हो रहा है। मतलब अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको, उसकी total जनसंख्‍या से ज्‍यादा लोगों को benefit मिलेगा। पूरे यूरोप की जो जनसंख्‍या है, उससे ज्‍यादा लोगों को benefit मिलेगा। अब ये benefit देने के लिए कितने अस्‍पतालों की जरूरत पड़ेगी, कितने डॉक्‍टरों की जरूरत पड़ेगी। कितना बड़ा investment की संभावना है और patient के लिए payment अभी से ready है, and  इसलिए investment करने वाले के लिए भी return का assurance है। ये अपने-आप में health sector में भारत में पूंजी निवेश का एक बड़ा अवसर आया है, जो tier 2, tier 3 cities में उत्‍तम स्‍तर के अस्‍पताल बनाने की संभावना बनाता है।

सा‍थियो, आज भारत में infrastructure पर जितना खर्च किया जा रहा है, पहले कभी नहीं किया गया। इस वजह से निवेश की अपार संभावनाओं के साथ ही रोजगार के भी लाखों नए अवसर बन रहे हैं। Potential, policy और performance, यही progress का सूत्र है।

New Indiainvestment का बेहतरीन destination है और Destination Uttarakhand इस पृष्‍ठ का एक चमकता हुआ हिस्‍सा है। उत्‍तराखंड देश के उन राज्‍यों में है, जो New India हमारे demographic dividend को represent करते हैं। आज का उत्‍तराखंड युवा है, आकांक्षाओं से भरा है, ऊर्जा से ओत-प्रोत है। यहां मौजूद असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने के लिएत्रिवेन्‍द्र रावत की सरकार मैं समझता हूं, भरसक प्रयास कर रही है। Destination Uttarakhand का ये मंच इन्‍हीं प्रयासों की अभिव्‍यक्ति है। अब महत्‍वपूर्ण ये है कि इस मंच पर जो बातें हुई हैं, जो विश्‍वास प्रकट किया गया है, जो उत्‍साह प्रकट किया गया है; वो जल्‍द ही जल्‍द जमीन पर उतरे। जिससे उत्‍तराखंड के युवा साथियों को अधिक से अधिक रोजगार मिले।

साथियो, श्रध्येय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जब उत्‍तराखंड बनानेका फैसला लिया था, तब स्थितियां बहुत मुश्किल थीं। राजनीतिक अस्थिरता के साथ-साथ बेहतर भविष्‍य के लिए पहाड़ जितनी चुनौतियां भी हमारे सामने थीं। लेकिन आज उत्‍तराखंड विकास की पटरी पर तेज गति से दौड़ रहा है।

बीते चार वर्षों में micro small and medium enterprises यानी MSME, उसको बढ़ावा देने के लिए, उनको सशक्‍त करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। ज्‍यादा से ज्‍यादा लघु उद्योगों को higher credit, support capital, interest subsidy, lower tax और innovations पर ध्‍यान दिया जा रहा है।हाल में सरकार ने फैसला लिया है- अब MSME के लिए एक करोड़ रुपये तक का ऋण बहुत ही कम समय में स्‍वीकृत हो जाएगा।

उत्‍तराखंड में किसी भी project की clearance को लेकर निवेशक को सरकारी दफ्तरों के चक्‍कर न काटने पड़ें, इसके लिए अनेक व्‍यवस्‍थाओं को online किया गया है।परिवेश, इस परिवेश नाम से onlineforest clearance के लिए एक portal काम कर रहा है, जिससे प्रकिया आसान तो हुई है, तेज भी हुई है।

बीते चार वर्षों के दौरान उत्‍तराखंड में connectivity बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं। Highway, railway, airway, हर प्रकार से उत्‍तराखंड को connect किया जा रहा है। गांव-गांव में पक्‍की सड़कें पहुंच रही हैं। इतना ही नहीं, चार धाम all weather road  और ऋषिकेशकर्णप्रयागरेल लाइन का काम तीव्र गति से चल रहा है।

सा‍थियो, बेहतर connectivity का सबसे बड़ा लाभ यहां के tourism sector को मिलने जा रहा है। प्रकृति ने तो इस राज्‍य को समृद्ध किया ही है, साथ में आस्‍था और संस्‍कृति का भी वरदान दिया है।Nature हो, adventure हो,culture हो या फिर योगा, meditation हो, Uttarakhand tourism का एक complete package है, एक आदर्श गंतव्‍य है। अब तो उत्‍तराखंड सरकार ने अलग tourism policy बनाकर पर्यटन को industry का status दे दिया है, उद्योग का दर्जा दे दिया है। 18 सालों में पहली बार 13 जिलों में नए 13 destination, tourist destinations  को identify करके develop करने की पहल की गई है। इससे निश्चित रूप से राज्‍य के युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे।

साथियो, उत्‍तराखंड में organic state बनने की पूरी संभावनाएं हैं। मुझे प्रसन्‍नता है कि cluster based organic farming के तहत राज्‍य को organic state बनाने की दिशा में काम काम शुरू कर दिया गया है।Organic farming को मार्केट उपलब्‍ध कराने के लिए केंद्र सरकार भी अनेक प्रयास कर रही है।

साथ ही देश में food processing को भी महत्‍व दिया जा रहा है।Food processing sector को मजबूत करने के लिए सरकार ने food processing में hundred percent 100 प्रतिशतforeign direct investment को,FDI को भी मंजूरी दे दी है।Food processing के मामले में भी आज भारत दुनिया के अग्रणी देशों में है। चाहे अन्‍न का उत्‍पादन हो, फल और सब्‍जी का उत्‍पादन हो, दूध का उत्‍पादन हो; अनेक क्षेत्रों में भारत दुनिया में पहले तीन स्‍थानों में है। हमारे किसानों की पैदावारwaste न हो, उनको उसका अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए Food processing पर हमारा focus है। इसमें भी उत्‍तराखंड का भविष्‍य स्‍वर्णिम है।

मैं आप सभी से agriculture में, agri-business में निवेश और बनाने का विशेष आग्रह करूंगा। Agriculture में होने वाला value addition  किसानों की आय को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। और मैं मानता हूं कि हम जितना ज्‍यादा investment, private investment, agriculture sector में करेंगे, हम processing हो, value addition  हो, cold storage हो, warehousing हो, transportation के लिए विशेष टाइप के स्‍पेशल टाइप के carriagesहों, ये सारी संभावनाएं हिन्‍दुस्‍तान की ग्रामीण economy की ताकत, और जो भारत के आर्थिक सामर्थ्‍य को एक नया आयाम देने की संभावनाओं से भरी पड़ी है।

साथियो, आज renewable energy के मामले में भारतworld leader बनने की तरफ अग्रसर है। दुनिया का नेतृत्‍व करने की ताकत आज हिन्‍दुस्‍तान में है। हमने तय किया है कि twenty-thirty तक, 2030 तकहमारी 40 प्रतिशत बिजली की क्षमता non fossil fuel basedसंसाधनों से पैदा होगी। इतना ही नहीं, twenty-twenty two, 2022, जब भारत की आजादी के 75 साल होंगे, 2022 तक 175 GW renewable energy का लक्ष्‍य ले करके हम आगे बढ़ रहे हैं1 इसमें भी solar power का एक बहुत बड़ा हिस्‍सा होने वाला है।International Solar Alliance यानी ISA के पीछे भी यही अवधारणा है। दुनिया की ऊर्जा की जरूरतें भी पूरी हों और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे, इसके लिए हमारा तो एक ही मंत्र है-One World, One Sun, One Grid. उत्‍तराखंड में भी renewable energy के प्रसार के लिए राज्‍य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।Hydel power तो इस राज्‍य की ताकत है ही, अब solar energy जैसे नए माध्‍यम की शक्ति जुड़ जाने से उत्‍तराखंड energy surplus state बनने की पूरी क्षमता रखता है। उत्‍तराखंड हिन्‍दुस्‍तान को ऊर्जावान बना सकता है, इतना potential उत्‍तराखंड में पड़ा हुआ है।

साथियो, बीते चार वर्षों में Make In India एक बहुत बडा ब्रांड बना है। हमारा आग्रह है Make In Indianot only for India but for the whole world. दुनिया ने हमारे इस आमंत्रण को स्‍वीकार किया है, जिसके चलते information technology के साथ-साथ अब electronic manufacturing का भी भारत hub बनता जा रहा है। आज दुनिया की सबसे बड़ी mobile phone manufacturing unit, उसके साथ-साथ 120 से अधिक फैक्‍टरियां भारत में काम कर रही हैं। दुनिया के अनेक बड़े ब्रांड आज Make In India का हिस्‍सा हैं।

वहीं automobile sector में भी भारत बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है। इसevent में जापान उत्‍तराखंड का पार्टनर है। दोस्‍तों आपको जान करके खुशी होगी, जापान की कंपनी, जापान के प्रॉडक्‍ट; वो कार आज हिन्‍दुस्तान में बनती है और उस कार को जापान import करता है।

साथियो, आज इस कार्यक्रम के माध्‍यम से आप सभी को इन तमाम sectors में निवेश करने, उत्‍तराखंड और New India की growth story का हिस्‍सा बनने के लिए मैं आपको आम‍ंत्रित करता हूं।

मुझे पूरा विश्‍वास है कि आने वाले दो दिनों में जो MOU sign होंगे, वो बहुत ही शीघ्र फलीभूत भी होंगे और मुझे विश्‍वास है भारत की प्रगति हमारे राज्‍यों के potential को maximum उसको अगर channelizeकरें तो इस देश की विकास यात्रा को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। और ये खुशी की बात है कि आज राज्‍यों के बीच एक तंदुरुस्‍त स्‍पर्धा आरंभ हुई है। हर राज्‍य दूसरे राज्‍य से आगे बढ़ना चाहता है, innovative करना चाहता है। अपने राज्‍य की क्षमताओं के आधार पर करना चाहता है। और जब राज्‍य अपनी क्षमताओं को ले करके चलता है तो मैं नहीं मानता हूं वो राज्‍य पीछे होता है।दुनिया के कई देशों से हमारे राज्‍यों की ताकत ज्‍यादा है, हमारे राज्‍यों का सामर्थ्‍य ज्‍यादा है। दुनिया के कई छोटे देशों की तुलना में हमारे राज्‍यों में potential बहुत पड़ा हुआ है।

हर राज्‍य सपना देखे, मुझे बराबर याद है मैं पहली बार जब गुजरात का मुख्‍यमंत्री बना और वो भी 7 अक्‍तूबर थी, 2001, अभी मेरा तो कोई अनुभव नहीं था, मैं सरकार क्याहोतीहैकुछजानतानहींथा, मैंने कोई दफ्तर नहीं देखा था, बिल्‍कुल नया था। पत्रकार पहुंच गए, वो मुझे नोचने लगे। कोई ऐसी गलती कर दूं, ऐसा कोई जवाब दे दूं ताकि मेराtake offहीन हो पाए, भरपूर कोशिश चल रही थी। तो मुझे पूछा गया कि आप ये, आप गुजरात बनाना चाहते हैं, आपका आदर्श कौन है, किसको देख करके आप ऐसा बनाना चाहते हैं। आमतौर पर कोई ऐसा पूछे तो लोगों को लगता है कि ये जवाब आएगा, मैं अमेरिका जैसा बनाना चाहता हूं, इंगलैंड जैसा बनाना चाहता हूं, ऐसा ही आएगा जवाब। मैंने उनको अलग जवाब दिया, मैंने कहा मैं इसे साउथ कोरिया जैसा बनाना चाहता हूं। तो उनको कुछ मालूम ही नहीं था।फिर मैंने कहा, अपना कैमरा बंद कीजिए, मैं आराम से समझाता हूं, आपको तकलीफ न हो। मैंने कहा गुजरात की जनसंख्‍या साउथ कोरिया की जनसंख्‍या समान है। वहां का समुद्री तट, हमारा समुद्री तट, वहां की विकास यात्रा का मैप, यहां की‍ विकास यात्रा का मैप, मैंने कहा मैंने इतना बारीकी से study किया है कि मुझे लगता है कि हम उस रास्‍ते पर चलेंगे तो हम आगे बढ़ जाएंगे, हम रुकेंगे नहीं।

मैं मानता हूं हिन्‍दुस्‍तान के हर राज्‍य में ये ताकत पड़ी है। वो दुनिया के ऐसे कई देशों से मुकाबला करके आगे निकल सकते हैं। अगर हिन्‍दुस्‍तान का एक-एक राज्‍य इस सामर्थ्‍य के साथ आगे निकल सकता है, हमारे नौजवानों में वो ताकत है, सामर्थ्‍य है जी।

अभी परसों Russia के राष्‍ट्रपति यहां थे, पहले हमने एक अलग सा कार्यक्रम किया। वहां एक education institute से उनका बड़ालगाव है, मुझे देखने के लिए ले गए थे। तो मैंने उनको आग्रह किया था, उन बच्‍चों को एक बार हिन्‍दुस्‍तान लाइए। और मैंने कहा, मैं चाहता हूं कि हिन्‍दुस्‍तान से भी बच्‍चों को कभी मैं आपके यहां भेजूं। तो वो इस बार आए थे तो 20 बच्‍चों को लेकर आए थे। भारत के बच्‍चेऔर उनके बच्‍चे, 20-20 बच्‍चे, पांच-छह दिन साथ में काम किया। और पांच-छह दिन के भीतर-भीतर Russian mind और Indian mind के बच्‍चों ने मिल करके ऐसी कमाल की चीजें बनाई थीं, मैं और Russia के राष्‍ट्रपति उसको देख करके हैरान हो गए कि कितना potential है हमारे बच्‍चों में। उनको अवसर मिलना चाहिए, उनको exposureमिलना चाहिए। आज उत्‍तराखंड ने उस काम में एक कदम बढ़ाया है।

18 साल की उम्र का बड़ा महत्‍व होता है। उत्‍तराखंड चिर-पुरातन है, लेकिन उत्‍तराखंड सरकार की उम्र 18 साल है। 18 साल की ऊर्जा, 18 साल के सपने, 18 साल का अपना एक कुछ नया कर गुजरने का इरादा अद्भुत होता है। ये उत्‍तराखंड का काम है कि इस 18 साल को बेकार न जाने दे, ये बड़ा मूल्‍यवान समय है।

आर्थिक विकास की दुनिया में Special Economic Zone, SEZ, ये हम कई दशकों से सुनते आए हैं। लेकिन उत्‍तराखंड में एक अलग SEZ है और सदियों की हमारे ऋषि-मुनियों की तपस्‍या के कारण, माँगंगा के कारण है, देवाधिदेव हिमालय के कारण है। और वो ऐसी जगह है Spiritual Eco Zone और ये Special Economic ZoneसेSpiritual Eco Zoneकी ताकत लाखों गुना ज्‍यादा है। उत्‍तराखंड ने उस पर भी ध्‍यान केन्द्रित करके अपनी योजनाओं का विस्‍तार और विकास करना चाहिए।

मुझे विश्‍वास है कि रावत जी के नेतृत्‍व में ये 18 साल की सरकार, 18 साल की ऐसी ऊर्जावान उम्र में ये राज्‍य नई ऊंचाइयों को प्राप्‍त करेगा और 2025 में जब आप 25 वर्ष मनाते होंगे, तब आपके सारे सपने साकार हुए होंगे। एक शुभ शुरूआत इस महाभगीरथ प्रयास से हुई है। मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और भारत सरकार की तरफ से आपको पूरा सहयोग मिलेगा, इसका विश्‍वास दिलाता हूं।

बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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Prime Minister hails India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement as a historic milestone for bilateral relations
June 17, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, has expressed delight that the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement will enter into force on 15 July 2026.

The Prime Minister said that the agreement will significantly boost bilateral trade and investment.

Shri Modi stated that the agreement will unlock numerous opportunities for Indian farmers, workers, MSMEs, startups and innovators and contribute meaningfully to the realisation of Viksit Bharat 2047.

The Prime Minister noted that both he and UK Prime Minister Keir Starmer, who are in Evian for the G7 Summit, are very happy with the significant momentum being added to India-UK economic ties.

The Prime Minister wrote on X;

“A historic milestone for India-UK relations.

Delighted to note that the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement will enter into force on 15th July 2026.

This agreement will significantly boost our bilateral trade and investment.

It will also unlock numerous opportunities for Indian farmers, workers, MSMEs, startups and innovators and contribute meaningfully to the realisation of Viksit Bharat 2047.

Both PM Starmer and I, who are in Evian for the G7 Summit, are naturally very happy with the significant momentum being added to our economic ties.

@Keir_Starmer”