​​​​​​​"ತಮಿಳುನಾಡಿನ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಮನೆಯಿಂದ ಪೊಂಗಲ್ ಘಮ ಹರಿಯುತ್ತದೆ, ನಾನು ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬರ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಸಂತೋಷ ಮತ್ತು ಸಮೃದ್ಧಿಯ ಹರಿವನ್ನು ಬಯಸುತ್ತೇನೆ"
"ಕುಟುಂಬ ಮತ್ತು ಸ್ನೇಹಿತರೊಂದಿಗೆ ಹಬ್ಬಗಳನ್ನು ಆಚರಿಸುವಂತೆಯೇ ಭಾವನೆ ಮೂಡಿದೆ"
"ಬೆಳೆಗಳು, ರೈತರು ಮತ್ತು ಹಳ್ಳಿಗಳು ಹಬ್ಬಗಳ ಪ್ರಮುಖ ಕೇಂದ್ರಬಿಂದುಗಳಾಗಿವೆ"
ರಾಗಿ ಪ್ರಚಾರವು ಸಣ್ಣ ರೈತರು ಮತ್ತು ಯುವ ಉದ್ಯಮಿಗಳಿಗೆ ಲಾಭದಾಯಕವಾಗಿದೆ
"ಪೊಂಗಲ್ ಹಬ್ಬವು ಏಕ್ ಭಾರತ್ ಶ್ರೇಷ್ಠ ಭಾರತ್ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಮನೋಭಾವವನ್ನು ಪ್ರತಿಬಿಂಬಿಸುತ್ತದೆ"
"ಈ ಏಕತೆಯ ಭಾವನೆಯು 2047 ರ ವೇಳೆಗೆ ವಿಕಸಿತ್ ಭಾರತವನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲು ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿಯಾಗಿದೆ"

ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಇಂದು ನವದೆಹಲಿಯಲ್ಲಿ ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವರಾದ ಶ್ರೀ ಎಲ್. ಮುರುಗನ್ ಅವರ ನಿವಾಸದಲ್ಲಿ ಪೊಂಗಲ್ ಹಬ್ಬದಲ್ಲಿ ಆಚರಣೆಯಲ್ಲಿ ಭಾಗವಹಿಸಿದರು.

 

ಈ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡಿದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಯವರು ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಪೊಂಗಲ್ ಹಬ್ಬದ ಶುಭಾಶಯಗಳನ್ನು ತಿಳಿಸಿದರು ಮತ್ತು ತಮಿಳುನಾಡಿನ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಮನೆಯಿಂದಲೂ ಹಬ್ಬದ ಸಂಭ್ರಮವನ್ನು ವೀಕ್ಷಿಸಬಹುದು ಎಂದು ಹೇಳಿದರು. 

ಎಲ್ಲಾ ನಾಗರಿಕರ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಸಂತೋಷ, ಸಮೃದ್ಧಿ ಮತ್ತು ಸಂತೃಪ್ತಿ ನಿರಂತರವಾಗಿ ಹರಿಯುತ್ತಿರಲಿ ಎಂದು ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಹಾರೈಸಿದರು. ನಿನ್ನೆ ನಡೆದ ಲೋಹ್ರಿ ಆಚರಣೆಗಳು, ಇಂದು ಮಕರ ಉತ್ತರಾಯಣದ ಹಬ್ಬದ ಸಂದರ್ಭ, ನಾಳೆ ಆಚರಿಸಲಾಗುವ ಮಕರ ಸಂಕ್ರಾಂತಿ ಮತ್ತು ಶೀಘ್ರದಲ್ಲೇ ಮಾಘ ಬಿಹು ಪ್ರಾರಂಭವಾಗುತ್ತದೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು. ದೇಶದಲ್ಲಿ ನಡೆಯುತ್ತಿರುವ ಹಬ್ಬದ ಋತುವಿಗೆ ಎಲ್ಲಾ ನಾಗರಿಕರಿಗೆ ತಮ್ಮ ಶುಭಾಶಯಗಳನ್ನು ತಿಳಿಸಿದರು.

 

ಕಳೆದ ವರ್ಷ ತಮಿಳು ಪುತಾಂಡು ಆಚರಣೆಯ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಭೇಟಿಯಾದವರನ್ನೇ ಮತ್ತೆ ಈ ವರ್ಷವೂ ಭೇಟಿಯಾಗಿದ್ದು ಖುಷಿ ತರಿಸಿದೆ ಎಂದು ಸ್ಮರಿಸಿದರು.

 

ಈ ದಿನ ಆಚರಣೆಯಲ್ಲಿ ಪಾಲ್ಗೊಳ್ಳಲು ಆಹ್ವಾನ ನೀಡಿದ್ದಕ್ಕಾಗಿ ಕೇಂದ್ರ ಸಚಿವರಾದ ಶ್ರೀ ಎಲ್ ಮುರುಗನ್ ಅವರಿಗೆ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಯವರು  ಧನ್ಯವಾದ ಅರ್ಪಿಸಿದರು. ಕುಟುಂಬ ಮತ್ತು ಸ್ನೇಹಿತರೊಂದಿಗೆ ಹಬ್ಬವನ್ನು ಆಚರಿಸಿದ ಭಾವನೆ ಮೂಡಿಸಿದೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು.

ಮಹಾನ್ ಸಂತ ತಿರುವಳ್ಳುವರ್ ಅವರನ್ನು ಉಲ್ಲೇಖಿಸಿದ ಪ್ರಧಾನಿಯವರು, ವಿದ್ಯಾವಂತ ನಾಗರಿಕರು, ಪ್ರಾಮಾಣಿಕ ಉದ್ಯಮಿಗಳು ಮತ್ತು ರಾಷ್ಟ್ರ ನಿರ್ಮಾಣದಲ್ಲಿ ಕೈ ಜೋಡಿಸಿದರೆ, ಪೊಂಗಲ್ ಸಮಯದಲ್ಲಿ ಹೊಸ ಬೆಳೆಯನ್ನು ದೇವರಿಗೆ ಅರ್ಪಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ, ಇದು ಈ ಹಬ್ಬದ ಸಂಪ್ರದಾಯದ ಕೇಂದ್ರ ಬಿಂದುವಾಗಿ 'ಅನ್ನದಾತ ಕಿಸಾನ್'ಗಳಿರುತ್ತಾರೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು. 

 

ಭಾರತದ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಹಬ್ಬದ ವೇಳೆ ಗ್ರಾಮೀಣ, ಬೆಳೆ ಮತ್ತು ರೈತ ಸಂಪರ್ಕದ ಮಹತ್ವ ಹೊಂದಿದೆ. ಕಳೆದ ಬಾರಿ ರಾಗಿ ಮತ್ತು ತಮಿಳು ಸಂಪ್ರದಾಯಗಳ ನಡುವಿನ ಸಂಬಂಧದ ಬಗ್ಗೆ ಮಾತನಾಡಿದ್ದನ್ನು ನೆನಪಿಸಿಕೊಂಡರು. ಸೂಪರ್‌ಫುಡ್ ಶ್ರೀ ಅನ್ನದ ಬಗ್ಗೆ ಹೊಸ ಜಾಗೃತಿ ಮೂಡಿದೆ ಮತ್ತು ಅನೇಕ ಯುವಕರು ರಾಗಿ-ಶ್ರೀ ಅನ್ನದ ಮೇಲೆ ಸ್ಟಾರ್ಟಪ್ ಉದ್ಯಮಗಳನ್ನು ಆರಂಭಿಸಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ಸಂತೋಷ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು. ರಾಗಿ ಕೃಷಿ ಮಾಡುತ್ತಿರುವ 3 ಕೋಟಿಗೂ ಹೆಚ್ಚು ರೈತರು ರಾಗಿ ಪ್ರಚಾರದ ನೇರ ಲಾಭ ಪಡೆಯುತ್ತಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು.

 

ಪೊಂಗಲ್ ಆಚರಣೆಯ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ತಮಿಳು ಸಮುದಾಯದ ಮಹಿಳೆಯರು ಮನೆಗಳ ಮುಂದೆ ರಂಗೋಲಿ ಬಿಡಿಸುವ ಸಂಪ್ರದಾಯ ನಿಜಕ್ಕೂ ವಿಶೇಷ ಕಲಾಪ್ರಕಾರವಾಗಿದೆ. ರಂಗೋಲಿ ಪುಡಿಯ ಮೂಲಕ ಅನೇಕ ಚುಕ್ಕೆಗಳನ್ನು ಮಾಡಿ ರಂಗೋಲಿ ಬಿಡಿಸುವುದು ವಿಶೇಷ ಮತ್ತು ಸಾಂಪ್ರದಾಯಿಕ ಕಲೆಯಾಗಿದೆ. ಪ್ರತಿಯೊಂದೂ ವಿಭಿನ್ನ ಮಹತ್ವವನ್ನು ಹೊಂದಿದೆ. ಆದರೆ ಈ ಎಲ್ಲಾ ಚುಕ್ಕೆಗಳು ಸೇರಿಕೊಂಡು ದೊಡ್ಡ ಕಲಾಕೃತಿಯನ್ನು ರಚಿಸಲು ಬಣ್ಣದಿಂದ ತುಂಬಿದಾಗ ರಂಗೋಲಿಯು ಅತ್ಯಂತ ಸುಂದರವಾಗಿ ಮನಕ್ಕೆ ಮುದ ನೀಡುತ್ತದೆ. ನೈಜ ನೋಟವು ಹೆಚ್ಚು ಭವ್ಯವಾಗುತ್ತದೆ. ರಂಗೋಲಿಯೊಂದಿಗೆ ಭಾರತದ ವೈವಿಧ್ಯತೆಗೆ ಸಾಮ್ಯತೆಗಳನ್ನು ಚಿತ್ರಿಸಿದ ಪ್ರಧಾನಿ, ದೇಶದ ಪ್ರತಿಯೊಂದು ಮೂಲೆಯು ಪರಸ್ಪರ ಭಾವನಾತ್ಮಕವಾಗಿ ಸಂಪರ್ಕಿಸಿದಾಗ, ರಾಷ್ಟ್ರದ ಶಕ್ತಿಯು ಹೊಸ ರೂಪದಲ್ಲಿ ಕಾಣಿಸಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ ಎಂದು ಹೇಳಿದರು. "ಪೊಂಗಲ್ ಹಬ್ಬವು ಏಕ್ ಭಾರತ್ ಶ್ರೇಷ್ಠ ಭಾರತದ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಮನೋಭಾವವನ್ನು ಪ್ರತಿಬಿಂಬಿಸುತ್ತದೆ" ಎಂದು ಶ್ರೀ ಮೋದಿ ಹೇಳಿದರು. 

ಕಾಶಿ-ತಮಿಳು ಸಂಗಮಮ್ ಮತ್ತು ಸೌರಾಷ್ಟ್ರ-ತಮಿಳು ಸಂಗಮಂ ಆರಂಭಿಸಿದ ಸಂಪ್ರದಾಯದಲ್ಲಿ ಅದೇ ಮನೋಭಾವವನ್ನು ವೀಕ್ಷಿಸಬಹುದು. ತಮಿಳು ಸಮುದಾಯದ ಜನರು ಹೆಚ್ಚಿನ ಸಂಖ್ಯೆಯಲ್ಲಿ ಉತ್ಸಾಹದಿಂದ ಭಾಗವಹಿಸುತ್ತಿದ್ದಾರೆ ಎಂದು ತಿಳಿಸಿದರು.

“ಈ ಏಕತೆಯ ಭಾವನೆಯು 2047 ರ ವೇಳೆಗೆ ವಿಕಸಿತ ಭಾರತವನ್ನು ನಿರ್ಮಿಸಲು ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿಯಾಗಿದೆ. ನಾನು ಕೆಂಪು ಕೋಟೆಯಿಂದ  ಪಂಚಪ್ರಾಣದ ಮುಖ್ಯ ಅಂಶದ ಬಗ್ಗೆ ಕರೆ ನೀಡಿದಾಗ, ದೇಶದ ಏಕತೆಯನ್ನು ಶಕ್ತಿಯುತಗೊಳಿಸುವುದು ಮತ್ತು ಏಕತೆಯನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುವುದು ಮುಖ್ಯವಾಗಿತ್ತು. ಪೊಂಗಲ್ ಹಬ್ಬದ ಈ ಶುಭ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ರಾಷ್ಟ್ರದ ಐಕ್ಯತೆಯನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುವ ಸಂಕಲ್ಪಕ್ಕೆ ನಮ್ಮನ್ನು ನಾವು ಪುನಃ ಸಮರ್ಪಿಸಿಕೊಳ್ಳೋಣ. ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಹಬ್ಬದ ಶುಭಾಶಯಗಳು ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ತಿಳಿಸಿದರು.

 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।