Amravati is on way to becoming people's capital. I congratulate people & Govt. Of Andhra Pradesh: PM
Appreciate Chandrababu Naidu for his efforts in forming the new capital & integrating whatever is best across the world: PM
Urban development should be taken up as an opportunity not as a challenge: PM Modi
Govt. Of India has taken a step to create 100 smart cities: PM
In the coming times, Amravati would lead the nation in urban development: PM Narendra Modi
Be it Andhra Pradesh or Telangana, the soul is Telegu; both the states must progress: PM Modi
In coming times, Andhra Pradesh would be an innovation & start-up hub: PM
I have got soil from the temple of democracy, the Parliament & water from the Yamuna river: PM

आज विजया-दशमी के इस पावन पर्व पर और नवरात्रि की शक्ति उपासना के बाद आंध्र प्रदेश एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आज आंध्र प्रदेश की राजधानी, जो राजधानी सदियों से अपनी एक सांस्कृतिक विरासत ले करके जी रही है, अपनी एक ऐतिहासिक विरासत को ले करके जी रही है, उस संस्कृति के साथ जोड़ते हुए, उस ऐतिहासि‍क विरासत के साथ जोड़ते हुए अमरावती नए रंग-रूप के साथ, नए आधुनिक साज-सज्जा के साथ आंध्र के आशा-अपेक्षा का केंद्र बिन्दु बनने जा रही है और एक प्रकार से सच्चे अर्थ में people’s capital बनने जा रही है। मैं यहां की सरकार को, यहां के नागरिकों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, अभिनंदन करता हूं।

सरकार बनने के इतने कम समय में चंद्रबाबू ने जिस गति से इस काम को हाथ में लिया और इसको दुनिया में जो कुछ श्रेष्ठ है उसको समाहित करने का प्रयास किया इसलिए मैं चंद्रबाबू जी को हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन देता हूं।

हमारा देश आजाद होने के बाद बहुत कम नए शहर बने हैं और उसके कारण भारत में नए शहर बनाना, ये विषय उतनी मात्रा में लोगों में प्रचलित नहीं है कि आज के युग में जितनी मात्रा में होना चाहिए था। दुर्भाग्य से पिछले कुछ दशकों में हमारे देश में एक ऐसी सोच बनी कि urbanization एक समस्या है और उसी के चलते हमने इस growth centre की तरफ अनदेखी की है। आज समय की मांग है कि urban development को हमें समस्या नहीं मानना चाहिए, उसे एक opportunity मानना चाहिए। और इसीलिए भारत सरकार ने, दुनिया जिस प्रकार से बदलती रही है, जिस प्रकार से technology का उपयोग हो रहा है, हमें एक आधुनिक शहरों की रचना की ओर जाना होगा और 100 smart city की दिशा में जाने का एक अहम कदम भारत सरकार ने उठाया है। और ये शहर economy activity के भी centre हो, आर्थिक growth के भी वो इंजन बनें, इस प्रकार के शहरों की एक रचना नए सिरे से करने की दिशा में हमारा प्रयास है और तब जा करके ये नए आधुनिक शहर जिसमें आधुनिक से आधुनिक technology का उपयोग हो, आधुनिक से आधुनिक transportation हो, walk to work की योजना हो, green हो, no wastage वाला city बने।

मैं आशा करता हूं कि देश के अंदर urban development की दिशा में जो नए कदम उठाए हैं, उसमें अमरावती, आंध्रप्रदेश एक सीमा चिन्ह के रूप में मार्गदर्शक काम करेगा, ऐसा मुझे विश्वास है।

अभी जापान के मंत्री श्री बता रहे थे कि नया शहर बनाना कितना कठिन होता है उसका जापान को भली-भांति अनुभव है। मेरे जीवन में भी ऐसा अवसर आया, जब 2001 में गुजरात में भयंकर भूकम्प आया, उसके बाद मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व आया, पूरा कच्छ् जिला हमारा और अन्य जिलों के महत्वपूर्ण शहर एक प्रकार से ध्वस्त हो चुके थे, हमारे सामने बड़ी चुनौती थी उन सभी गांवों को, शहरों को खड़ा करना। लेकिन जब political wheel हो, जनता-जनार्दन का समर्थन हो, स्पष्ट दृष्टि हो तो सिद्धियां प्राप्त हो के रहती हैं और आज वो जिला हिंदुस्तान के fastest गति से आगे बढ़ने वाले जिलों में अपनी जगह बना रहा है।

जब ये अमरावती का मुझे निमंत्रण मिला, मैंने बाबू को कहा था मैं जरूर आऊंगा लेकिन जब मैंने अखबार में पढ़ा कि चंद्रबाबू तेलंगाना के मुख्यमंत्री के घर गए जा करके उन्होंने उनको निमंत्रण दिया, ये जब समाचार मेरे पास आए तब मेरी खुशियों का पार नहीं रहा था और इसलिए मैं उनको विशेष बधाई देता हूं, इस काम के लिए।

कुछ लोगों के राजनीतिक स्वार्थ के कारण विचार-विमर्श की प्रक्रिया को पूर्ण किए बिना हड़बड़ में, जल्दबाजी में आंध्र और तेलंगाना विभाजन हुआ। लेकिन इस सारी प्रक्रिया में जो निर्दोष लोगों को जान गंवानी पड़ी, संपत्ति का अपरम्पार नुकसान हुआ, उसकी पीड़ा मुझे आज भी है। अंग्रेज कुछ ऐसी चीजें छोड़ करके गए कि उसके कारण आज भी हमारे देश में कभी-न-कभी कोई-न-कोई तनाव पैदा होता है। पिछली सरकार भी कुछ ऐसा करके गई है कि जिसके कारण आंध्र और तेलंगाना के बीच हर समय कोई न कोई तनाव के कारण बने रहते हैं। लेकिन अब समय की मांग है कि हम आंध्र और तेलंगाना, चाहे आंध्र हो, चाहे तेलंगाना हो, हमारी आत्मा तेलुगु है। और इस तेलुगु आत्मा की दो भुजाएं हैं एक तेलंगाना, एक आंन्ध्र और दोनों इतनी प्रगति करें, दोनों एक-दूसरे को इतने पूरक हों कि हिंदुस्तान की शान बढ़ाने में ये हमारी शक्ति बनी रहे।

मुझे विश्वास है कि भारत सरकार ने जो एक startup का अभियान चलाया है उस startup का सबसे ज्यादा लाभ लेने की किसी की ताकत है तो इस धरती की है। आंध्र के लाखों जवान दुनिया के अनेक देशों में professionals के नाते अपनी उत्तम जगह बनाई है। आंध्र प्रदेश के पास ऐसे प्रतिभावान नौजवान हों, बुद्धिमान youth हो वे innovation के लिए, startup के लिए एक पूरा नया साम्राज्य आंध्र की धरती पर खडा कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि इसके द्वारा आने वाले दिनों में आंध्र एक नई आर्थिक क्रान्ति का नेतृत्व करेगा। ये युवा केन्द्रित आर्थिक क्रान्ति होगी। जिस देश के पास eight hundred million 65 साल से कम आयु की उम्र के नौजवान हों, वो देश नई-नई आर्थिक शक्ति बन सकता है, नई आर्थिक क्रान्ति कर सकता है।

मुझे विश्वास है कि भले आंध्र और तेलंगाना अलग हुए हों लेकिन दोनों में आगे बढ़ने की शक्ति है और दोनों एक-दूसरे को पूरक बन करके आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे, उतना ही दोनों प्रदेशों को लाभ होगा।

जब अटल बिहारी वाजपेयी जी इस देश के प्रधानमंत्री थे तब इस देश में तीन नए राज्य बने थे, तीन राज्यों का विभाजन हुआ था लेकिन कोई कटुता नहीं थी, कोई संघर्ष नहीं हुआ, कोई लहु नहीं बहे और बाद में भी कोई संकट पैदा नहीं हुआ। मुझे आंध्र और तेलंगाना के बीच में भी वो ही स्थिति लाने का प्रयास करना है।

पिछली सरकार ने बहुत-सी ऐसी चीजें की हैं, जिसको ठीक करने में हमारी काफी ताकत जा रही है, काफी समय जा रहा है, लेकिन मैं इन दोनों प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत सरकार हर प्रकार से आपके साथ रहेगी और हर संभव सहायता करती रहेगी।

भारत सरकार और चंद्रबाबू के बीच में frequency इतनी match होती है, काम करने में एक-दूसरे को समझने में इतनी सुविधा है और उसके कारण सरकार बनने के बाद जो पहला ध्यान दिया गया वो हमने Human Resource Development पर दिया है। आंध्र के अंदर Human Resource Development का एक capital कैसे बने, उस दिशा में हमने ध्यान केन्द्रित किया है। Reorganization Act के तहत Human Resource Development को प्राथमिकता देकर के अब तक 11 शैक्षणिक संस्थानों के काम को आगे बढ़ाया गया है - Indian Institute of Technology (IIT), Indian Institute of Information Technology, Indian Institute of Management, All India Institute of Medical Science, NIT, Indian Institute of Science Education and Research, Central University, Petroleum University. ये सारी इकाईयां इतने कम समय में खड़ी करनी के दिशा में अहम कदम उठा लिए गए हैं।

प्रजा के इस राजधानी जब बन रही है तब आप लोग अपने-अपने गांव से पवित्र माटी और पानी लाए हैं और आपने सच्चे अर्थ में इसको प्रजा की पाट नगरी बनाने की दिशा में एक सफल आयोजन किया है। जब मुझे इस योजना का पता चला और आज मैं आ रहा था, तो मुझे भी विचार आया और मैं भी माटी और पानी साथ लेकर के आया। मैं माटी लाया हूं, भारत के लोकतंत्र का मंदिर - संसद के परिसर में से माटी लाया हूं और पानी यमुना जी नदी में से लाया हूं और यमुना जी, हमारे देश में कोई भी नदी सिर्फ नदी नहीं होती है, हमारे देश में नदी एक संस्कृति होती है। और जब मैंने चंद्रबाबू को ये दिया तो उनको आश्चर्य हुआ और वो मुझे कह रहे कि बड़ा emotional touch है मेरे मन को। लेकिन मैं आंध्रवासियों को कहना चाहता हूं कि ये सिर्फ संसद परिसर की मिट्टी या यमुना जी नदी का जल, इतना ही नहीं है ये तो एक प्रकार से देश की राजधानी अब अमरावती पहुंच गई है इसका संदेश है। ये प्रतीक इस बात का संदेश लेकर के आया है, ये symbol में वो ताकत है, वो विश्वास देता है कि आंध्र के विकास की यात्रा में दिल्ली कंधे से कंधा मिलाकर के चलेगा, हर समय साथ रहेगा और नई ऊंचाइयों को पार करके रहेगा।

जिन लोगों को आंध्र और तेलंगाना का विभाजन करने के साथ एक हमेशा की समस्या के बीज बोने का इरादा रहा है, वे आज भी विष पैदा करने के लिए उसमें खाद डाल रहे हैं। भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, नौजवानों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मैं आज इस अमरावती सांस्कृतिक नगरी से आंध्रवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि Reorganization Act के अंदर जो भी बातें कही गई है उसको Letter and Spirit के साथ भारत सरकार साथ रहेगी, लागू करेगी, ये मैं विश्वास दिलाने आया हूं।

आप विश्वास रखिए चंद्रबाबू और नरेन्द्र मोदी की जोड़ी, जो बातें तय हुई है उसको साकार करके रहेगी, समय सीमा में साकार करके रहेगी और आंध्र के सपनों को पूरा करके रहेगी। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय, बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Japan's expertise and investment combine with India's speed and scale, benefiting the entire world: PM Modi at India-Japan Joint Economic Forum
July 02, 2026

Your Excellency, मेरी छोटी बहन, प्रधानमंत्री ताकाइची जी

दोनों देशों के business leaders,

नमस्कार,

कोनिचि वा

भारत-जापान जॉइन्ट इकनॉमिक फोरम में आप सभी के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।

आप में से कई कम्पनियाँ भारत के साथ लंबे अरसे से जुड़ी हुई हैं। कुछ तो सौ साल से पहले से हैं।

और जो नए साथी इस फोरम के साथ जुड़ रहें हैं,

मैं उन्हे भारत-जापान सक्सेस स्टोरी का भाग बनने पर हार्दिक बधाई देता हूँ।

Friends,

भारत-जापान संबंध वाकई बहुत स्पेशल हैं।

हमारी इकनॉमिक पार्ट्नर्शिप की सफलता के कई उज्ज्वल उदाहरण हैं।

अभी अभी हमने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुज़ुकी के नए प्लांट का उद्घाटन किया।

आज पूरे विश्व में सुजुकी की दो-तिहाई cars भारत में बनती हैं, और 100 से अधिक देशों को एक्सपोर्ट होने जा रहीं हैं।

प्रधानमंत्री ताकाइची, मुझे बताया गया है कि आपको मोटर बाइक का बहुत शौक है।

हमें बहुत खुशी है कि कावासाकी, यामाहा और होंडा की बाइक्स भी भारत में आज विश्व भर में एक्सपोर्ट होती हैं।

इसी तरह, एयर-कन्डिशनर्स हो या पावर-ग्रिड इक्विप्मेन्ट प्रिसिशन मैन्युफैक्चरिंग हो या मेडिकल टेक्नॉलजी जब जापान की एक्स्पर्टीज़ और इनवेस्टमेंट भारत के स्पीड और स्केल के साथ जुड़ती है, तो पूरी दुनिया को फायदा होता है।

Friends,

आज आर्थिक दुनिया सप्लाइ चेन में रुकावटें, ट्रेड में अनिश्चितता और ग्लोबल डिमांड में गिरावट से जूझ रही है।

लेकिन जैसे कहा जाता है-

“when the going gets tough, the tough get going”

भारत विश्व की fastest growing मेजर ईकानमी है।

पिछले फाइनैन्शल ईयर में भारत की GDP ग्रोथ 7.7 पर्सेन्ट रही।

इतना ही नहीं, पिछले 12 वर्षों में हम भारत में “काइ-ज़ेन” फिलासफी, यानि continuous improvement अपनाते हुए, अपनी इकनॉमिक DNA को ट्रांसफॉर्म कर रहें हैं।

कुछ ही महीने पहले, हमने टैक्सेशन, गवर्नेन्स और Ease Of Doing Business के लिए नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स किए।

हम हर क्षेत्र को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल रहे हैं।

और कई महत्वपूर्ण सेक्टर्स में इंसेंटिव्स दे रहे हैं, जिसका लाभ आप सभी उठा सकते हैं।

और यही कारण है कि, लगातार पिछले 4 वर्षों से, Japan Bank for International Cooperation (जे. बी. आई. सी.) का सर्वे दिखाता है, कि भारत जापानी बिजनस के लिए most ‘promising’ destination रहा है।

आज मैं आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूँ, मेरा ऑफिस, यानी PMO का दफ़्तर, एक dedicated japan business week का आयोजन करेगा। इसमें PMO के वरिष्ठ अफसर, आपके साथ विचार-विमर्श करेंगे,बैठेंगे, आपकी समस्याओं को समझने के लिए, और ease of doing business और बढ़ाने के लिए आपसे पूरे मन से चर्चा करेंगे।

Friends,

आज प्राइम मिनिस्टर ताकाइची और मैंने अपने साझेदारी को और भी गतिशील और और भी गहरा करने का निर्णय लिया।

हमने इकनॉमिक सिक्युरिटी, AI, डिफेन्स, हेल्थ जैसे अनेक विषयों पर एग्रीमेंट किए, जिससे यह पार्ट्नर्शिप फ्यूचरिस्टिक और limitless बन जाएगी।

हमारी सरकारों के बीच स्ट्रेटीजिक सिनर्जी है, confidence है और सबसे बड़ी बात, क्लेरिटी है।

अब इसे outcomes में बदलने की जिम्मेदारी आप सभी पर है।

Friends,

आप सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना है, कि अगले एक दशक में जापान से भारत में निवेश 10 trillion येन के टार्गेट को भी पार करे।

और भारत में जापानी कम्पनीस की संख्या भी 10 वर्ष में डबल हो जाए।

Friends,

मैं आपके समक्ष एक vision रखना चाहता हूँ।

मैं एक ऐसा विश्व देखता हूँ,

जहां जापान की टेक्नॉलजी और भारत का market potential मिलकर, सेमीकन्डक्टर, फार्मा और क्रिटिकल मिनेरल्स में, दुनिया को रिज़िल्यन्ट सप्लाइ चेन्स प्रस्तुत करें, दे।

जहां जापान का कैपिटल और भारत की ऐम्बिशन मिलकर, शिपबिल्डिंग, मोबिलिटी और क्लीन एनर्जी में नई ग्लोबल लीडर्शिप तैयार करें।

जहाँ भारत और जापान के स्टार्टअप्स से, AI, quantum और बाइओ-टेक में, विश्व के नेक्स्ट जनरेशन सोल्युशंस आयें।

और एरोस्पेस और डिफेन्स में अभूतपूर्व सहयोग से हम ग्लोबल सिक्युरिटी में योगदान मजबूत करें।

Friends,

आइए, ट्रस्ट और ऑप्टिमिज़म से भरी इस साझेदारी से,

म्यूचूअल ग्रोथ और ग्लोबल गुड का मार्ग प्रशस्त करें।

जैसे टोयोटा वाले कहते हैं, आइए मिलकर

“Let’s go places”

बहुत-बहुत धन्यवाद।