ಬಿಜೆಪಿಗೆ ದೇಶಕ್ಕಿಂತ ದೊಡ್ಡದು ಯಾವುದೂ ಇಲ್ಲ. ಆದರೆ ಕಾಂಗ್ರೆಸ್‌ಗೆ ಕುಟುಂಬವೇ ಮೊದಲು: ಮೊರೆನಾದಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಒಂದು ಶ್ರೇಣಿ-ಒಂದು ಪಿಂಚಣಿಯಂತಹ ಸೇನಾ ಸಿಬ್ಬಂದಿಯ ಬೇಡಿಕೆಗಳನ್ನು ಈಡೇರಿಸಲು ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಅನುಮತಿಸಲಿಲ್ಲ. ಸರ್ಕಾರ ರಚನೆಯಾದ ತಕ್ಷಣ ನಾವು OROP ಜಾರಿಗೆ ತಂದಿದ್ದೇವೆ: ಪ್ರಧಾನಿ
ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಅಧಿಕಾರಕ್ಕೆ ಬಂದರೆ, ಪಿತ್ರಾರ್ಜಿತ ತೆರಿಗೆ ಮೂಲಕ ನಿಮ್ಮ ಅರ್ಧಕ್ಕಿಂತ ಹೆಚ್ಚು ಆದಾಯವನ್ನು ಕಸಿದುಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಜನರ ಭವಿಷ್ಯದೊಂದಿಗೆ ಆಟವಾಡುವ ಮೂಲಕ ಹೇಗಾದರೂ ಕುರ್ಚಿ ಪಡೆಯಲು ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ವಿವಿಧ ಆಟಗಳಲ್ಲಿ ತೊಡಗಿದೆ: ಮೊರೆನಾದಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ

श्री रामजानकी की जय !

बाबा पटिया वाले की जय !

मैं वीरों की धरती को, मुरैना की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ। मुरैना ने हमेशा उन्हीं का साथ दिया है, जिनके लिए राष्ट्र प्रथम है। आप सबका उत्साह देखकर मैं कह सकता हूं, कि मुरैना आज भी न अपने संकल्प से डिगा है, न डिगेगा। मुरैना ने मन बना लिया है- फिर एक बार... मोदी सरकार! फिर एक बार... मोदी सरकार!

साथियों,

एमपी के लोग जानते हैं कि समस्या से एक बार पीछा छूट जाए तो फिर उस समस्या से उससे दूर ही रहना चाहिए।काँग्रेस पार्टी ऐसी ही विकास-विरोधी एक बहुत बड़ी समस्या है। चंबल के लोग काँग्रेस का वो दौर कैसे भूल सकते हैं! काँग्रेस ने चंबल की पहचान खराब कानून व्यवस्था वाले क्षेत्र के तौर पर बना दी थी। उस दौर में कांग्रेस ने एमपी को देश के बीमारू राज्यों की लाइन में खड़ा कर दिया था।

भाइयों-बहनों,

भाजपा की सरकार ने कांग्रेस के बनाए गड्ढों को भरने के बाद एमपी और चंबल को नई पहचान दिलाई है। गौरवपूर्ण पहचान दिलाई है। भाजपा सरकार में चंबल-कालीसिंध-पार्वती लिंक परियोजना से सिंचाई की समस्या दूर होगी। पानी की समस्या को दूर करने के लिए हम मूंझरी बांध जैसे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। ढ़ाई हजार करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर-श्योपुर रेलवे ट्रैक हो, आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर के ऐसे अनेक काम इस क्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं। यहां लेदर पार्क भी विकसित किया जा रहा है। हमारे साथी ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की देखरेख में ‘ब्रांड ग्वालियर’ को भी मजबूत किया गया है। भाजपा सरकार में हुये विकास को भिंड, मुरैना, ग्वालियर के वो लोग और ज्यादा अनुभव कर रहे हैं, जिन्होंने काँग्रेस का वो काला दौर देखा है। 4 जून के बाद हमारे तेजतर्रार मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का विकास और स्पीड पकड़ने जा रहा है।

साथियों,

भाजपा के लिए देश से बड़ा और कुछ नहीं है और कांग्रेस के लिए अपना परिवार ही सब कुछ है। काँग्रेस की पॉलिसी है- जो देश के लिए सबसे ज्यादा योगदान करे, सबसे ज्यादा मेहनत करे, सबसे ज्यादा समर्पण करे, उसे सबसे पीछे रखो। इसीलिए, काँग्रेस सरकार ने इतने वर्षों तक सेना के जवानों की वन रैंक, वन पेंशन जैसी मांग नहीं पूरी होने दी। हमने सरकार बनते ही OROP को लागू किया। हमने सीमा पर खड़े जवानों की सुविधा की भी चिंता की। काँग्रेस सरकार ने जवानों के जो हाथ बांध रखे थे, हमने उन्हें भी खुली छूट दी। हमने कहा अगर एक गोली आती है तो 10 गोली चलनी चाहिए, अगर एक गोला फेंकते हैं तो 10 तोपें चल जानी चाहिए।   

भाइयों बहनों,

आज हम देश में लाखो स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं की मदद कर रहे हैं। मोदी ने गांव-गांव में शौचालय बनवाकर माताओं-बहनों के सम्मान की रक्षा की है। अब अगले 5 वर्षों के लिए मोदी ने 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। 3 करोड़ महिलाएं जब लखपति दीदी बनती है तो उस परिवार की, उस गांव की सारी अर्थव्यवस्था तेज गति से दौड़ने लग जाती है। 

साथियों,

आप सब जानते हैं, आज़ादी के समय काँग्रेस ने धर्म के नाम पर देश का विभाजन स्वीकार किया था। मां भारती के हाथों की जंजीरें काटने के बजाय कांग्रेस ने मां भारती की भुजाएं ही काट दी थी। देश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे, लेकिन कांग्रेस सुधरने को तैयार नहीं है। कांग्रेस को लगता है कि यही उसके फायदे का रास्ता है, यही उसके फायदे का सरल रास्ता है। आज एक बार फिर काँग्रेस कुर्सी के लिए छटपटा रही है, भांति-भांति के लिए खेल-खेल रही है। देश के कोटि-कोटि नागरिकों की आंखों में धूल झोंककर आपके भविष्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है। ये लोग फिर से धार्मिक तुष्टीकरण को मोहरा बना रहे हैं।

साथियों,

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का राज है और उन्होंने क्या पाप किया है? आप हैरान हो जाओगे। मुझे बताइए कि आपके गांव में कोई आकर के कोई कह दे कि भाई इस गांव में सारे लोग अब ये नहीं, ये हो गए हैं। तो आपको मंजूर होगा क्या? कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक में जितने भी मुस्लिम समाज के लोग है, उच्च वर्ग के होंगे, धनी होंगे, व्यापारी होंगे, उद्योगपति होंगे, न्यायमूर्ति होंगे, कोई भी होंगे, बस सिर्फ वो मुसलमान होना चाहिए। अगर वो मुसलमान है तो उन्होंने रातों-रात एक कागज निकालकर हस्ताक्षर कर के उन सबको ओबीसी घोषित कर दिया। अब ओबीसी घोषित कर दिया तो बहुत बड़ा तूफान हो गया। यानि वहां कांग्रेस ने शिक्षा और सरकारी नौकरी में पहले जिन ओबीसी वर्गों को आरक्षण मिलता था। उस ओबीसी समाज में इतने सारे नए डाल दिए कि ओबीसी समाज को जो आरक्षण मिलता था, वो उनसे छीन लिया, चोरी-छीपे से छीन लिया। जिन मुसलमानों को नया ओबीसी बना दिया था, गैरकानूनी तरीके से बना दिया था। संविधान के विपरीत बना दिया था। बाबासाहेब अम्बेडकर की भावना के विरुद्ध बना दिया था। उस मुस्लिम समाज को, ओबीसी को जो मिलता था वो लूटकर के उनको दे दिया। आप सबको मालूम है कि जब देश का संविधान बना तो महीनों तक माथापच्ची हुई, चर्चाएं हुईं, देश के गणमान्य लोगों ने इस पर चर्चा की। बाबासाहेब अम्बेडकर ने इन चर्चाओं के आधार पर संविधान को लिखा। और सबने सोच-समझकर तय किया कि देश की एकता और अखंडता के लिए देश का संविधान किसी भी सूरत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देगा। बाबासाहेब अंबेडकर ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। और इसलिए कांग्रेस ने ये धोखेबाज़ी की, पिछले दरवाजे से किया। खुद बाबासाहेब अम्बेडकर की पीठ में छुरा भोंक दिया। लेकिन वोट बैंक और तुष्टिकरण में डूबी कांग्रेस कर्नाटक का यही मॉडल पूरे देश में लागू करना चाहती है।

साथियों, 

कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का हक छीनने का षडयंत्र लंबे समय से कर रही है। 19 दिसंबर 2011 को, तबकी काँग्रेस की केंद्र सरकार धर्म के नाम पर आरक्षण देने का कैबिनेट नोट लेकर आई थी। इस कैबिनेट नोट में ये कहा गया था कि OBC समाज को जो 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, मंडल कमीशन के अनुसार जो आरक्षण मिलता है। 27 परसेंट में से एक हिस्सा काटकर मजहब के नाम पर दिया जाएगा। सिर्फ दो दिन बाद, 22 दिसम्बर 2011 को इसका आदेश भी निकाल दिया गया। बाद में आंध्र प्रदेश के हाइकोर्ट ने काँग्रेस सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया। ये सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन राहत नहीं मिली। तब 2014 में कांग्रेस ने घोषणापत्र में लिखा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देने के लिए कानून भी बनाना पड़े तो बनाएंगे। 2014 में ओबीसी और दलित समाज जग गया, आदिवासी समाज जग गया , तो उन्होंने तय किया कि अगर ये तो यह करेंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ियां बर्बाद हो जाएंगी। हमारे सपने चूर चूर हो जाएंगे। उसके बाद इन समाजों ने एक होकर के कांग्रेस के सपनों को मिट्टी में मिला दिया, सत्ता से बाहर कर दिया, फिर भी सुधरने को तैयार नहीं हैं। अब वो अधुरा काम पूरा करने के लिए फिर से नई चाल चलने लगे हैं। कांग्रेस की चली तो यहां MP में जो हमारे कुशवाहा, गुर्जर, यादव, गड़रिया, धाकड़ प्रजापति समाज को जो आरक्षण मिलता है, यहां हमारे कुम्हार, तेली, मांझी, नाई, सुनार समाज को जो आरक्षण मिलता है, काँग्रेस इन सभी OBC जातियों से उनका हिस्सा छीनकर अपने चहेते वोट बैंक को मजबूत करने के लिए उनके चरणों में देने का मन बना कर बैठी है। आप मुरैना के लोग मुझे बताइए, आप ऐसा पाप होने देंगे। पूरी ताकत से बताइए, उनको डर लगे ऐसा करिए। क्या ऐसा होने देंगे क्या? औबीसी का हक छीनने वालों को पूरी तरह से साफ कर देंगे चुन- चुन कर साफ कर देंगे। हर पोलिंग बूथ में साफ कर देंगें।  

साथियों,

भाजपा, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। भाजपा सरकार अगर जरुतमंदों को कोविंड के समय अगर राशन की जरूरत है तो कोई भेदभाव नहीं। ना जाती का भंदभाव, ना धर्म का भेदभाव, जरूरतमंद 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलता रहा है, क्या आपने कभी शिकायत सुनी है। क्या आपने सुना है कि हमारे गांव में वो मुसलमान भाई है. उसको मिलता नहीं है, सुना है!  

भाइयों-बहनों

भाजपा सरकार ने 4 करोड़ गरीबों को पक्के मकान दिये हैं। ये घर बिना भेदभाव, हर धर्म के लोगों को मिले हैं। क्या किसी गांव में शिकायत सुनी है क्या कि धर्म के आधार पर मकान नहीं मिला ऐसा सुना है क्या। यहां भाजपा सरकार है कि नहीं है, दिल्ली में भाजपा सरकार है कि नहीं है, कोई भेदभाव की खबर सुनी है क्या। भाजपा सरकार ने 11 करोड़ घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया है। कोई जातिवाद नहीं होने दिया, कोई धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं होने दिया। क्योंकि सबका साथ सबका विकास ये हमारा मंत्र है। हर धर्म को हर समाज को ये लाभ समान रूप से मिलना चाहिए। समान रूप से मिलना चाहिए कि नहीं मिलाना चाहिए, अगर सबको समान रूप से मिलता है तो आपकी कोई शिकायत होती है क्या। लेकिन, अगर काँग्रेस आती तो ये सारी सुविधाएं दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और सामान्य वर्ग के गरीबों को नहीं मिलतीं। कांग्रेस की चले तो वो गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ भी धर्म के आधार पर देती। क्योंकि कांग्रेस तो डंके की चोट पर यही कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है। मोदी कहता है कि देश के संसाधनों पर पहला हक इस देश के गरीबों का है, पिछड़ों का है, इस देश के आदिवासियों का है। 

साथियों,

काँग्रेस, एक के बाद एक ऐसी घोषणाएं कर रही है, जो देश को भी कमजोर करेगी और आपके परिवार को भी कमजोर करेगी। आपने सुना होगा, इन दिनों कांग्रेस के शहजादे आजकल वो जरा चिंतित हैं। आए दिन उनको मोदी के अपमान में मजा आता है। मोदी के लिए भला-बुरा कहना उनको मजा आ रहा है, कुछ भी बोलते जा रहे हैं, और मैं देख रहा हूं, सोशल मीडिया टीवी पर कई लोग चिंता जताते हैं कि ये भाषा अच्छी नहीं है , ऐसी भाषा देश के प्रधानमंत्री के लिए बोलना ठीक नहीं है। ऐसा लोग सोशल मीडिया में कहते हैं, कुछ लोग बहुत दुखी हो जाते हैं कि मोदी जी को ऐसा क्यों बोला। देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग क्यों किया, देश के प्रधानमंत्री को कोई ऐसा बोलता है क्या। मेरी सबसे विनती है की कृपा करके आप दुखी मत होईए, गुस्सा मत कीजिए। आपको पता है वे नामदार हैं, हम तो कामदार हैं। नामदार तो कामदार को सदियों से ऐसे गाली-गलौज करते हुए आए हुए हैं। ऐसे ठोकर मारते हुए आए हुए हैं। भाई मैं तो आपमें से आता हूं। गरीबी से निकला हूं। 5-50 गालियां पड़ जाएंगी तो पड़ जाएंगी। आप गुस्सा मत होईए, मैं सबको कहता हूं कि आप लोग नाराजगी मत व्यक्त कीजिए। वे इतने निराश हैं कि आगे-आगे अभी बहुत कुछ बोलेंगे आप आपना समय खराब मत कीजिए। सोशल मीडिया और टीवी पर बहुत लोग नाराजगी से बहुत कुछ कहते रहते हैं। उनसे मेरी करबद्ध प्रार्थना की है कि इन नामदारों को कुछ मत कहो, हम कामदार सहन करने के लिए पैदा हुए हैं। हम सहन भी करेंगे और मां भारती की सेवा भी करेंगे, हम जरा भी पीछे नहीं हटेंगे दोस्तों जरा भी रूकेंगे नहीं। ये मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं। इस शाही परिवार के शहजादे पूरे देश में बढ़ चढ़के कह रहे हैं कि आप की संपत्ति का एक्स रे होगा, एक्स रे। और आपकी अलमारी में क्या पड़ा है। किसी माता बहन ने कुछ बचत अनाज के डिब्बे में दबा करके रखी है। एक्स रे करके खोजा जाएगा। लॉकर में क्या पड़ा है, एक्स रे करके खोजा जाएगा।  आप जो कमाई करते हैं, हमारी माताओं बहनों के पास जो स्त्री धन होता है। जो बहुत पवित्र होता है, कोई हाथ नहीं लगाता है। कोई उसको छूता नहीं है। मंगलसूत्र हो, छोटा मोटा गहना हो, इसे पवित्र माना जाता है। कांग्रेस उसे जब्त करके अपनी वोट बैंक मजबूत करने के लिए उस बांटने की सार्वजनिक घोषणा कर रही है। मेनिफेस्टो में बता रही है। और मैंने तो पहले दिन ही कहा था कि इनका मेनिफेस्टो पूरी तरह मुस्लिम लीग की सोच का ही प्रतिबिम्ब है।   

साथियों,

ये एक्स रे करके आपको लूटने की योजना बना रहे हैं। क्या आप उनको अपनी संपत्ति छीनने का अधिकार देंगे क्या। इनको चुनाव में जीतने देंगे क्या। इतना ही नहीं ये इससे भी संतुष्ट नहीं है। वो जीते जी तो छोड़िए, स्वर्गवास के बाद भी ,मृत्यु के बाद भी आपकी जो बची हुई संपत्ति है, जो स्वाभाविक रूप से आपके बेटे-बेटी को मिलनी चाहिए। वो भी आप नहीं दे पाओगे। आप कितनी ही मेहनत करके इकट्ठा किया होगा। कांग्रेस वाले कहते हैं कि उनकी सरकार आएगी तो वो भी डिब्बे में से गुल कर दिया जाएगा। ऑफिसियली कहते हैं आपकी कमाई का आधे से ज्यादा काँग्रेस अगर सरकार में आती है, तो ये सरकार छीन लेगी। इसके लिए कांग्रेस आप पर इनहेरिटेंस टैक्स-आपकी विरासत पर टैक्स लगाना चाहती है।

भाइयों बहनों,

ये इनहेरिटेंस टैक्स से जुड़े जो तथ्य अब निकलकर सामने आ रहे हैं, वो देश की आंखे खोलने वाले हैं। जरा ध्यान से सुना जाए, आप भी ध्यान से सुन लें, देश के दिग्गज पत्रकार भी सुन लें , मीडिया वाले भी सुन लें। और उनकी इको सिस्टम है ना, जो हर रोज मोदी की बाल की खाल उतारने में लगी ही है। वो भी सुन ले जरा कान खोल कर देश के साथ कैसा कैसा पाप हुआ है। एक और दिलचस्प तथ्य मैं देश को बताना चाहता हूं। जब देश की एक प्रधानमंत्री बहन इंदिरा जी नहीं रहीं, तो उनकी प्रॉपर्टी थी, वो उनकी संतानों को मिलनी थी। लेकिन पहले ऐसा ऐसा कानून था कि उनको मिलने से पहले एक हिस्सा सरकार ले लेती। कांग्रेस ने पहले ऐसा कानून बनाया था। तब चर्चा थी और व्यापक रूप से चर्चा थी कि जब इंदिरा जी नहीं रहीं और उनके बेटे राजीव गांधी जी को ये प्रॉपर्टी मिलने की थी, लिख करके गई थी, तो सरकार का पैसा चला ना जाए, प्रॉपर्टी को बचाना था। तो इन्होंने उस प्रॉप्रर्टी को बचाने के लिए उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पहले जो इनहेरिटेंस कानून था उसको समाप्त किया और खुद के पैसे बचा लिए। अपने पर बात आई तो कानून हटा दिया। और अब वहां मामला निपट गया तो आज फिर सत्ता पाने के लालच में ये लोग वही कानून ज्यादा कड़ाई से वापस लाना चाहते हैं। बिना टैक्स के अपने परिवार की 4-4 पीढ़ियों की अकूत धन-दौलत हासिल करने के बाद अब ये लोग आप जैसे सामान्य मानवी की विरासत, आपकी मेहनत की कमाई उस पर टैक्स लगा करके आधी संपत्ति लूटना चाहते हैं। इसलिए ही तो देश कह रहा है-कांग्रेस की लूट- जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी।

साथियों,

आपके साथ खिलवाड़ करने के उनके जो इरादे हैं। और काँग्रेस के इन खतरनाक इरादों के बीच आपके हकों की रक्षा के लिए मोदी दीवार बनकर खड़ा है। ये गाली गलौच इसलिए हो रहा है कि मोदी 56 इंच का सीना तान करके खड़ा हो गया है। इनके मंसूबे सफल नहीं होंगे- ये मोदी की गारंटी है।

लेकिन इसमें आपकी भी बड़ी भूमिका है। मुरैना से संगठन में जिन्होंने हमारे साथ वर्षों काम किया। जब मैं संगठन महासचिव होता था तो हमारे शिवमंगल जी यहां महासचिव हुआ करते थे। मुरैना से हमारे शिवमंगल सिंह जी तोमर, भिंड से हमारी बहन संध्या राय जी, और ग्वालियर से भरत सिंह कुशवाहा जी, 7 मई को इनको जितनी ज्यादा संख्या में वोट मिलेंगे, मोदी उतना ही मजबूत होगा। आपका एक-एक वोट मोदी को जाएगा। कमल पर आप बटन दबाएंगे आपका वोट सीधा-सीधा मोदी को जाएगा और इसलिए मोदी आपसे आशीर्वाद मांगने आया है, मोदी आपसे कमल के निशान पर बटन दबाने की प्रार्थना करने के लिए आया है। इसलिए आप घर घर जाएंगे। मतदान करवाएंगे। हमारे साथियों को जिताएंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे , पक्का करेंगे। अच्छा मेरा एक काम करोगे, मेरा आपसे अनुरोध है कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है, मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे। 

बोलिए 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

 

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting complete devotion in the service of nation and humanity
February 11, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam highlighting complete devotion in the service of nation and humanity.

"यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"

The Subhashitam conveys, "To the nation, whose greatness is sung by the Himalayas, whose glory flows with the rivers to the ocean, and to whom the directions bow like mighty arms, we offer our entire being in dedication."

Shri Modi stated that the pioneer of Antyodaya, Pandit Deendayal Upadhyaya, also dedicated his life with this very spirit to empower every individual in the country.

The Prime Minister wrote on X;

“सर्वस्व समर्पण उस चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होती है। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी इसी भावना से देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।

यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥"