फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13-14 जून, 2026 को नीस तथा 16-19 जून, 2026 को एवियन और पेरिस में फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके अलावा, वह 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाकिया की भी यात्रा करेंगे। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसे इसी वर्ष स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया है। नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख इनोवेशन स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाएगा। इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के दौरान आयोजित किया जा रहा यह प्रमुख कार्यक्रम दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और वाइब्रेंट इनोवेशन पार्टनरशिप को और मजबूती प्रदान करता है।
यात्रा के दूसरे चरण में, स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाक गणराज्य की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा अप्रैल 2025 में माननीय राष्ट्रपति जी की स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा और फरवरी 2026 में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री फिको के साथ बातचीत करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ट्रेड, इन्वेस्टमेंट तथा ऑटोमोबाइल और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।
यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16-17 जून, 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भाग लेंगे। समिट के दौरान वह G7 नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। वह समिट के उन सत्रों में भाग लेंगे, जिनका विषय है - नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्स्थापित करना; सभी के लिए संतुलित, साझा और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ को पुनर्जीवित करना; तथा AI के सुरक्षित, तेज और प्रभावी रोलआउट को सुनिश्चित करना। समिट से इतर प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून, 2026 को आगे की द्विपक्षीय बैठकों के लिए पेरिस जाएंगे। वह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट VivaTech Summit में भी भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी संभावना है।
प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी। G7 समिट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति ग्लोबल साउथ की एक प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाती है। भारत इनोवेट्स और VivaTech Summit, दोनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के ग्लोबल हब के रूप में भारत को प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी तथा भारतीय, फ्रांसीसी और यूरोपीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम्स के बीच नई साझेदारियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। यह यात्रा यूरोपियन यूनियन के साथ अपनी व्यापक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।


