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प्रधानमंत्री मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति डॉ मोहम्मद अशरफ घानी ने बहु-पक्षीय भारत-अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की
अशरफ घानी ने पीएम मोदी को संघर्ष प्रभावित अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया की स्थिति के बारे में जानकारी दी, भारत हमेशा से अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने के लिए उस देश के नेतृत्व में शांति प्रक्रिया की वकालत करता रहा है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद अशरफ गनी आज 19 सितंबर, 2018 को भारत के दौरे पर आए।

दोनों नेताओं ने बहुआयामी भारत-अफगानिस्तान रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और सकारात्मक आकलन किया। नेताओं ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी पर संतोष जताया जो एक अरब डॉलर को पार कर चुका है। दोनों नेताओं ने मुम्बई में 12 सितंबर से 15 सितंबर, 2018 तक चले भारत-अफगान व्यापार एवं निवेश कार्यक्रम के सफल समापन की प्रशंसा की और चाहबहार बंदरगाह एवं हवाई मार्ग से ढुलाई के लिए कॉरिडोर के जिरिए संपर्कों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। अफगानिस्तान में इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन विकास और अन्य क्षमता निर्माण परियोजनाओं के क्षेत्र में नई विकास साझेदारी को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

अफगान राष्ट्रपति श्री गनी ने प्रधानमंत्री मोदी को शांति और सामंजस्य के साथ ही अफगानिस्तान पर लादे गए आतंकवाद और अतिवाद की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान के नेतृत्व में चल रही शांति एवं सामंजस्य प्रक्रिया को भारत के समर्थन देने की बात एक बार फिर दोहराई ताकि अफगानिस्तान एक संगठित, शांतिपूर्ण, समेकित और लोकतांत्रिक राष्ट्र बना रहे और आर्थिक रुप से उभरता देश बन सके। उन्होंने अफगानिस्तान में आतंकी हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में उन्होंने अफगान नागरिकों और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता जताई।

विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर संयोजन और सलाह-मशविरा पर संतोष जताते हुए दोनों पक्ष इस सहयोग को और मजबूत करने और विकास, शांति, स्थायित्व एवं प्रगति के लिए अपने-अपने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ और नजदीक से काम करने पर सहमत हुए।

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प्रधानमंत्री तीन दिसंबर को ‘इनफिनिटी-फोरम’ का उद्घाटन करेंगे
November 30, 2021
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फोरम ‘बियॉन्ड’ विषय पर ध्यान केंद्रित करेगा; ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज’, ‘फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’ और ‘फिन-टेक बियॉन्ड नेक्सट’ जैसे उप-विषय शामिल होंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तीन दिसंबर, 2021 को सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इनफिनिटी फोरम का उद्घाटन करेंगे। इनफिनिटी फोरम, फिन-टेक पर एक विचारशील नेतृत्वकारी मंच है।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में गिफ्ट-सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) और ब्लूमबर्ग कर रहे हैं। कार्यक्रम तीन और चार दिसंबर, 2021 को होगा। फोरम के पहले आयोजन में इंडोनीशिया, दक्षिण अफ्रीका और यूके साझीदार देश हैं।

इनफिनिटी-फोरम के जरिये नीति, व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व की जानी-मानी प्रतिभायें एक साथ आयेंगी तथा इस बात पर गहन विमर्श करेंगी कि कैसे प्रौद्योगिकी और नवाचार को फिन-टेक उद्योग में इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि समावेशी विकास हो तथा बड़े पैमाने पर सबकी सेवा हो।

फोरम का एजेंडा ‘बियॉन्ड’ (सर्वोच्च) विषय पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न उप-विषय शामिल हैं, जैसे ‘फिन-टेक बियॉन्ड बाऊंड्रीज,’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च सीमा तक), जिसके तहत सरकारें और व्यापार संस्थायें वित्तीय समावेश को प्रोत्साहित करने के लिये भौगोलिक सरहदों के परे ध्यान देंगी, ताकि वैश्विकसमूह का विकास हो सके;‘फिन-टेक बियॉन्ड फाइनेन्स’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च वित्त तक), जिसके तहत स्पेस-टेक, ग्रीन-टेक तथा एग्री-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में एकरूपता लाई जा सके और सतत विकास हो सके; और‘फिन-टेक बियॉन्ड नेक्सट’(वित्त-प्रौद्योगिकी सर्वोच्च अग्रिम तक), जिसके तहत इस बात पर ध्यान दिया जायेगा कि कैसे क्वॉन्टम कंप्यूटिंग, भावी फिन-टेक उद्योग तथा नये अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिये प्रभावी हो सकता है।

फोरम में 70 से अधिक देश हिस्सा लेंगे। मुख्य वक्ताओं में मलेशिया के वित्तमंत्री श्री तेंगकू ज़फरुल-अज़ीज़, इंडोनेशिया की वित्तमंत्री सुश्री मुल्यानी इंद्रावती, इंडोनेशिया के संरचनात्मक अर्थव्यवस्था के मंत्री श्री सैनडियागा एस. ऊनो, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी, सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री मासायोशी सून, आईबीएम कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री अरविन्द कृष्ण, कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री उदय कोटक और अन्य गणमान्य शामिल हैं। इस वर्ष के फोरम में नीति आयोग, इनवेस्ट इंडिया, फिक्की और नैसकॉम मुख्य साझीदारों में से हैं।

आईएफएससीए के बारे में –

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी) का मुख्यालय गिफ्ट-सिटी, गांधीनगर, गुजरात में स्थित है। इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019 के तहत की गई थी। यह संस्था भारत में वित्तीय उत्पादों, वित्तीय सेवाओं और वित्तीय संस्थानों के नियमन तथा विकास के लिये एक एकीकृत प्राधिकार के रूप में काम करती है। इस समय गिफ्ट-आईएफएससी भारत में पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।