सीए समुदाय समाज के आर्थिक स्वास्थ्य की देख-रेख करता है: प्रधानमंत्री मोदी 
एक देश जहां कुछ लोग लूट का काम कर रहे हों, वो नई ऊंचाइयों को नहीं छू सकता, हमारी सरकार ने उन लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं: पीएम मोदी 
जहां एक ओर स्वच्छ भारत अभियान हैं वहीं दूसरी तरफ देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का आंदोलन चल रहा है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज चार्टर्ड एकाउंटेंट्स दिवस के अवसर नई दिल्ली में एक बड़े जनसमूह को संबोधित किया।

वस्तु एवं सेवा कर लागू होने के पहले दिन प्रधानमंत्री के इस संबोधन का देश में कई स्थानों पर सीधा प्रसारण हुआ। प्रधानमंत्री ने चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को समाज के कल्याण और आर्थिक स्वास्थ्य का डॉक्टर बताया। उन्होंने सीए की तुलना आर्थिक जगत के संतों एवं ऋषियों से की। उन्होंने कहा कि भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को उनके उत्कृष्ट वित्तीय कौशल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश में बड़े से बड़े संकट से उबरने की क्षमता होती है, लेकिन उसका विकास तब गंभीर रूप से प्रभावित होता है, जब लोगों का एक छोटा सा वर्ग भ्रष्ट प्रथाओं में शामिल होना शुरू कर देता है।

उन्होंने गत तीन वर्षों में मुद्रा के विमुद्रीकरण समेत कालेधन के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों और भ्रष्टाचार में लिप्त तत्वों पर की गई कार्रवाई का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद हुई डाटा माइनिंग की पड़ताल से तीन लाख से ज्यादा कंपनियां जांच के घेरे में आ गई हैं। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाली एक लाख कंपनियों का रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी से नाम हटा दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार राष्ट्रहित में साहसिक फैसले ले रही है।

प्रधानमंत्री ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से आत्मनिरीक्षण करने और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को अपनी बिरादरी से बाहर निकालने का आह्वान किया। रिटर्न भरने के दौरान लोगों द्वारा की जाने वाली आय घोषणाओं के आंकड़े देते हुए प्रधानमंत्री ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और अपने ग्राहकों को सही सलाह देने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को याद दिलाया कि आजादी की लड़ाई में वकीलों समेत बड़ी संख्या में पेशेवरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से उन्हीं के पदचिह्नों पर चलने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवाकर के साथ देश आर्थिक एकीकरण के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, ऐसे में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को अपने ग्राहकों को ईमानदारी के रास्ते पर चलने की सलाह देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा देश चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के प्रमाणीकरण पर विश्वास करता है, ये आस्था और विश्वास कभी नहीं टूटना चाहिए। उन्होंने समझाया कि कैसे करदाताओं द्वारा भुगतान किया जाने वाला टैक्स समाज के कल्याण और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से 2022 में अपने पेशे के लिए निर्धारित लक्ष्यों पर विचार करने का आग्रह किया। 2022 में भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। विश्व की चार बड़ी ऑडिट कंपनियों का जिक्र करते हुए उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से अगली चार बड़ी वैश्विक ऑडिट कंपनियों को भारत में तैयार करने का अनुरोध किया।

महान अर्थशास्त्री चाणक्य को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स से अनुरोध किया कि इस अवसर को अपने हाथ से न जाने दें। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

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प्रधानमंत्री 15 जनवरी को राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों की 28वीं कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
January 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 15 जनवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे संसद भवन परिसर, नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में राष्ट्रमंडल देशों के लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।

इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला करेंगे और इसमें विश्व के विभिन्न हिस्सों से 42 राष्ट्रमंडल देशों और 4 अर्ध-स्वायत्त संसदों के 61 लोकसभा अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी भाग लेंगे।

यह सम्मेलन समकालीन संसदीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर विचार-विमर्श करेगा, जिसमें मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों को बनाए रखने में लोकसभा अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, संसद सदस्यों पर सोशल मीडिया का प्रभाव, संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाने के लिए अभिनव कार्यनीतियां और मतदान से परे नागरिक भागीदारी आदि शामिल हैं।