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दिवालियापन कोड जैसे कई महत्त्वपूर्ण कानून बनाने में सीए लोगों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 
मैं सीए लोगों से आग्रह करता हूं कि भारत की आर्थिक विकास यात्रा में वे अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दें: प्रधानमंत्री 
जहां एक ओर स्वच्छ भारत अभियान हैं वहीं दूसरी तरफ देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का आंदोलन चल रहा है: पीएम मोदी
काला धन छिपाने में मदद करने वालों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी: प्रधानमंत्री

नमस्ते!

श्रीमान निलेश विक्रमसे, अध्यक्ष Institute of Chartered Accountant of India (ICAI) के सभी पदाधिकारी, वित्तमंत्री श्री अरुण जेटली जी, केन्द्र सरकार में मंत्री परिषद के मेरे सभी साथी बंधु यहां और देश भर में करीब करीब 200 स्थान पर उपस्थित Chartered Accountant Field के सभी महानुभाव , राज्यों में उपस्थित सभी आदरणीय मुख्यमंत्री, आप सबको दिल्ली में बारिश के बीच भी ये उमंग और उत्साह के साथ आप सबको मेरी तरफ से नमस्कार।

आज के शुभ अवसर पर जिनका Felicitation किया गया है। आज इस सभागृह और देश में अलग अलग स्थान पर इतनी बड़ी तादाद में आप लोग उपस्थित हैं उद्योग और व्यापार से जुड़े हुए महानुभाव, टीवी और रेडियो पर देखने और सुनने वाले सभी देशवासी, नौजवान दोस्तों, भाइयों और बहनों,

आज Institute of Charted Accountant of India (ICAI) का स्थापना दिवस है। मेरी तरफ से आप सबको बहुत–बहुत शुभकामनाएं। और ये शुभ संयोग है कि आज से ही आपका स्थापना दिवस और भारत के अर्थ जगत में एक नई राह का आरंभ दिवस। आज से ही भारत में GST यानी के Good and Simple Tax की शुरुआत भी हुई है। मेरे लिये ये खुशी का विषय है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं आप लोगों के बीच उपस्थित हूं, ये मेरे लिये सौभाग्य है।

नौजवानों, Chartered Accountant Field के साथ अनेक वर्षों से जुड़े हुए सभी महानुभाव, आपको देश की संसद ने एक पवित्र अधिकार दिया है। बही खातों में सही को सही और गलत को गलत कहने का, Certify करने का, Audit करने का, ये अधिकार सिर्फ और सिर्फ आपके पास है। जैसे डॉक्टर समाज के और व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य की चिंता करते हैं वैसे ही आप पर समाज के आर्थिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी होती है। और कोई डॉक्टर नहीं होगा ऐसा जो लोगों को ये कहे कि आप फलाना खाओ, ढीकना खाओ... ऐसा करो, वैसा करो क्योंकि आप बीमार हो जाओ और मेरी आमदनी बढ़ जाए। डॉक्टर को पता है कि कोई बीमार होगा तो मेरी रोजी रोटी कमाई बढ़ेगी, लेकिन फिर भी डॉक्टर कहता है कि आपको स्वस्थ रहने के लिये ये करना होगा। मेरे साथियों, समाज की आर्थिक व्यवस्थाएं स्वस्थ रहें उनमें गलत चीजों का प्रवेश न हो, ये आप देखते हैं। आप देश के अर्थतंत्र के बड़े स्तंभ हैं और इसलिये आप सबके बीच आना मेरे लिये स्वयं के लिये भी और एक शिक्षा और दीक्षा का भी बड़ा अवसर है।

दुनिया भर में भारत के Chartered Accountants को उनकी समझ और बेहतरीन Financial Skills के लिये जाना जाता है। आज मुझे अवसर मिला एक नये Chartered Accountancy Course Curriculum की शुरुआत करने का।

आपके Dynamic Course और Exam की Credibility की पहचान यही है। मुझे उम्मीद है कि नया Course इस Profession में आने वाले नए लोगों की Financial Skills को और मजबूत करेगा। और हमें अब हमारे Institutions और Human Recourse Development में जो Global BenchMark है Global Requirement हैं उसके अनुरूप हमारे Human Resource develop करने की दिशा में हमें लगातार Dynamic व्यवस्थाओं को विकसित करना होगा। हमारे Courses में Accountant Field की Technological चीजों को किस प्रकार से लाएं, हमारे कुछ Charted Neutral Firms, Technology में क्या Innovation करें, Accountant Filled Innovation. नए- नए Software वो भी अपने आप में एक बहुत बड़ा market आपका इंतजार कर रहा है।

Friends,

हमारे शास्त्रों में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं। हमारे शास्त्रों में चार पुरुषार्थ की चर्चा की गई है। धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष! आपने कभी सोचा है क्या जिस प्रकार से धर्म और मोक्ष की चर्चा करें तो ऋषि मुनि हमको दिखते हैं। उसी की बराबरी में अर्थजगत का कारोबार भी आपके हाथ में है। उसकी बराबरी में है। और इसलिये अगर आपको मैं अर्थजगत का ऋषिमुनि कहूंगा, तो गलत नहीं होगा। जितना महत्व उन ऋषिमुनियों का रहा है जो मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं। उतना ही महत्व मानव जीवन में अर्थव्यवस्था में आपके मार्गदर्शन का रहता है। अर्थ का सही आचरण क्या है कौन सा मार्ग सही है। ये दिशा दिखाने का दायित्व Chartered Accountant field के हर छोटे-मोटे व्यक्ति का है।

मेरे प्यारे साथियों जो प्यार मुझपे आप बरसा रहे हो, जिस प्रकार से आप मेरा हौसला बढ़ा रहे हो और ये आपका प्यार ही है, जो मुझे आज दिल खोलकर के कुछ बातें करने के लिये प्रेरित करता है। मेरी और आपकी देशभक्ति में कोई कमी नहीं है। जितना मैं देश आगे बढ़े चाहता हूं उतना आप भी ये देश आगे बढ़े ये चाहते हैं। लेकिन कुछ सच्चाइयां हैं। जो कभी – कभी सोचने के लिये मजबूर करती हैं। आप लोगों ने जो पुराने अनुभवी लोग हैं उनसे सुना होगा कि अगर किसी घर में आग लग जाए, उनकी सम्पत्ति पूरी जल जाए, कहते हैं वो परिवार स्वपुरुषार्थ से बहुत जल्द फिर से खड़ा हो जाता है। कष्ट होता है कभी कभी लेकिन वो फिर बैठकर के अपना कारोबार शुरू कर लेता है। समय रहते संकट से बाहर आ जाता है। लेकिन हमारे बुजुर्ग लोग कहते हैं आग लगने के बाद घर को खड़ा करना है तो परिवार कर देता है, लेकिन परिवार का एक सदस्य अगर चोरी करने की आदत रखता है, तो वो परिवार कभी खड़ा नहीं हो सकता है। भाइयों बहनों पूरा परिवार चोरी नहीं करता है। परिवार का एकाध सदस्य परिवार के नियमों को बीच बीच में से तोड़कर निकाल देता है, परिवार समाप्त हो जाता है।

बही को सही करने वाले मेरे साथियों, इसी तरह कोई भी देश बड़े से बड़े संकटों से खुद को उबार सकता है। बाढ़ हो, भूकम्प हो, कोई भी संकट हो देश की जनता जनार्दन में सामर्थ होता है, शासन व्यवस्था, जनता मिलकर के संकट से बाहर निकल आते हैं, लेकिन उस देश में कुछ लोगों को चोरी करने की आदत लग जाए, तो जैसे परिवार उठ खड़ा नहीं हो पाता है, वो देश वो समाज भी उठ खड़ा नहीं हो पाता है। सारे सपने टूट जाते हैं विकास रुक जाता है। कुछ ही लोग होते हैं जो इस प्रगति को रोकने का काम करते रहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई कड़े कदम उठाए हैं। नए कानून बनाए गए, पुराने कानूनों को और सख्त किया गया है। कितने ही देशों के साथ समझौते किये हैं। पुराने जो समझौते थे उनमें बदलाव किया गया है। विदेश में काले धन के कार्रवाई के खिलाफ क्या असर हो रहा है इसकी गवाही Swiss बैंकों के ताजा आंकड़ों से मिल रही है।

Swiss Bank ने बताया है कि भारतीयों द्वारा जमा राशि अब तक के record में सबसे नीचे स्तर पर पहुंच गई है। तीस साल पहले, 1987 में Swiss बैंकों ने बताना शुरू किया था कि किस देश के लोग कितना पैसा वहां जमा करा रहे हैं। पिछले साल की जो रिपोर्ट अब आई है उसके मुताबिक भारतीयों का जो पैसा वहां जमा है, उसमें नया नहीं पुराना, उसमें 45% कमी आई है। 2014 से जिस दिन मुझे आपने काम दिया, उस दिन से, 2014 से ही गिरावट का जो दौर शुरू हुआ था। वो और तेज हो गया है और आपको जानकर के दुख भी होगा कि आश्चर्य भी होगा 2013 का Swiss बैंक का record कहता है 42% Increase था। 42 प्रतिशत वृद्धि थी। और भाइयों बहनों अब से दो वर्ष बाद जब स्वीट्जरलैंड से real-time data मिलने लगेगा तब विदेश में कालाधन जमा करने वालों को और मुसीबत होने वाली है। आप के पैसे इस लायक नहीं होंगे मुझे विश्वास है, लेकिन आपके प्रति मेरा इतना प्यार है मैं बता देता हूं, उनको कान में बता दीजिए।

साथियों मैं देश में एक तरफ मैं स्वच्छता अभियान को भी चला रहा हूं और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में सफाई अभियान भी चला रहा हूं। इस देश में 8 नवम्बर आपको सबसे ज्यादा याद है। Demonetization का फैसला भी कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम था। और मैंने सुना है... सच है गलत है आप जानें। ये मैंने सुना है कि 8 नवम्बर के बाद आप लोगों को बहुत काम करना पड़ा है। आप लोगों को इतना काम करना पड़ा है, इतना काम करना पड़ा है शायद पूरी करियर में करने की नौबत नहीं आई। मैंने ये भी सुना कि बहुत Chartered Account पंथ के लोग दीवाली की छुट्टियां मनाने गए थे। होटल बुक थे, पैसे दे दिये थे। लेकिन सब कुछ cancel करके वापस आ गए। कहते थे कि कुछ Chartered Accountant के Offices रात–रात भर चलते थे। अब मुझे मालूम नहीं है कि वापसी के बाद आपने क्या काम किया? सही किया गलत किया! देश के लिये किया कि client के लिये किया! लेकिन किया जरूर था।

साथियों कालेधन के खिलाफ इस सफाई अभियान के दौरान मैं पहली बार कुछ बातें आज आपके सामने share कर रहा हूं। क्योंकि आप आप उस बात की ताकत बराबर समझते हैं। सरकार ने बैंकों में जो पैसे जमा हुए उसका Data Mining के लिये एक बहुत बड़ी व्य़वस्था खड़ी की। लगातार Data Mining चल रहा है। कहां से रुपया आए, कहां जमा हुए, कहां गए, कैसे गए? 8 नवम्बर के बाद क्या क्या हुआ, बहुत कुछ चल रहा है। ये जो Data Mining चला है अभी हमने किसी को पकड़ के पूछताछ नहीं की है। सिर्फ आंकड़े का अध्ययन किया है। मेरे प्यारे साथियों मैंने पहले ही कहा आपकी देश भक्ति मेरी देश भक्ति से जरा भी कम नहीं है। लेकिन आप देखिए तीन लाख से ज्यादा मैं आज पहली बार ये सारी बातें बता रहा हूं। देश ये सुनकर के चौंक जाएगा। तीन लाख से ज्यादा कंपनियां…रजिस्टर्ड कंपनियां ऐसी सामने दिखाई दी हैं, जिनकी सारी लेनी-देनी शक के घेरे में है। सवालों के घेरे में उन पर सवालिया निशान लगा है। और ये जितना Mining हुआ है उसमें से काफी Mining बाकि है।

ये तीन लाख से कहां बढ़ेगा मैं कह नहीं सकता। और जब उनकी जांच शुरू की तो कुछ चीजें गंभीर रूप में पाई गई है। एक आंकड़ा मैं बता रहा हूं, शायद हिंदुस्तान को इस सरकार की सोच क्या है? राजनेताओं में दम क्या है? उसकी एक पहचान हो जाएगी। एक तरफ पूरी सरकार, पूरा मीडिया, व्यापारी जगत सबका ध्यान तीस तारीख रात को 12 बजे क्या होगा उस पर था। एक जुलाई क्या होगा उस पर था। 48 घंटे पहले एक लाख कंपनियों को कलम के एक झटके से हताहत कर दिया। Registrar of Companies से इनका नाम हटा दिया है। ये मामूली निर्णय नहीं है दोस्तो राजनीति के हिसाब किताब करने वाले ऐसे फैसले नहीं ले सकते हैं| राष्ट्र हित के लिए जीने वाले ही ऐसे फैसले कर सकते हैं। एक लाख कंपनियों को कलम के एक झटके से खत्म करने की ताकत देश भक्ति की प्रेरणा से आ सकती है। जिन्होंने गरीब को लूटा है उन्हें गरीब को लौटाना ही पड़ेगा।

इसके अलावा सरकार ने 37000 से ज्यादा, 37 हजार से ज्यादा Shell Companies की पहचान already कर ली है। जो कालेधन को छुपाना, हवाला करना, न जाने क्या करना इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिये कदम उठाए जा रहे हैं। कानून तोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ आने वाले दिनों में और कठोर कार्रवाई की जाएगी। और मैं जानता हूं कालेधन के खिलाफ एक कार्रवाई का फर्जी कंपनियों को खत्म करने का किसी भी राजनीतिक दल को कितना नुकसान हो सकता है मुझे पूरा पता है। लेकिन किसी न किसी ने तो देश के लिये लेना है यह निर्णय।

Chartered Accountants के Field के मेरे साथियों, मैं आज आपके यहां बीच आया हूं, स्थापना दिवस पर आया हूं। मैं आपसे, हल्का सा सवाल पूछने का मन करता है मेरा। बही को सही करने का जिसके हाथ में ताकत है। Demonetization के बाद कोई तो होगा न जिसने इन कंपनियों की मदद की होगी। ये चोर-लुटेरे, ये कंपनियां किसी न किसी आर्थिक डॉक्टर के पास जरूर गई होंगी। मुझे पूरा पता है आप में से किसी के पास नहीं आई होंगी। लेकिन कहीं तो गई होगी, जिनके पास गई क्या उन्हें उनको पहचानने की जरूरत पड़ेगी। और जिन्होंने ऐसे लोगों की उंगली पकड़ी हो जिन्होंने ऐसे लोगों को सहारा दिया हो, जिन्होंने ऐसे लोगों को रास्ता दिखाया हो, क्या आप में ऐसे लोगों को भीतर बैठे हुए लोगों को पहचानने की जरूरत है कि नहीं? उनको जरा किनारे करने की जरूरत लगती है कि नहीं लगती है? साथियों मुझे बताया गया है कि हमारे देश में 2 लाख 72 हजार से ज्यादा Chartered Accountants हैं। आपके साथ ‘Articled Assistants’ भी और उनकी संख्या भी करीब करीब दो लाख के बराबर है। और अगर हम सारे Chartered Accountants, ‘Articled Assistants’ आपके साफ सुथरे कर्मचारी इन सभी को जोड़ दें तो मेरा मोटा-मोटा अनुमान है कि ये संख्या आठ लाख से भी ज्यादा है। आपका परिवार इस field का परिवार 8 लाख से ज्यादा है। यानी के सिर्फ आपके profession में...अब मैं आपके सामने कुछ और तथ्य रखता हूं क्योंकि आप आंकड़ों से बातें जल्दी समझ जाते हैं और समझा भी देते हैं।

अनुमान है कि हमारे देश में दो करोड़ से ज्यादा इंजीनियर और मैनेजमेंट के graduates हैं। 8 लाख से ज्यादा डॉक्टर हैं। यानी जिसे cream profession माना जाता है बहुत सम्मान से देखा जाता है। ऐसे लोगों की संख्या हमारे देश में करोड़ों में है। अगर देश के तमाम शहरों में बने बड़े बड़े आलिशान घरों को भी जोड़ा जाए तो उनकी संख्या भी करोड़ों में है। इतना ही नहीं एक आंकड़ा ये भी है कि last year भारत से विदेश में घूमने फिरने वाले जाने की संख्या 2 करोड़ 18 लाख लोग विदेश में सैर करने कगए थे। ये आंकड़े..अब आपको ताज्जुब होगा कि इसके बाद भी क्या कारण है कि हमारे देश में सिर्फ, सिर्फ, सिर्फ 32 लाख लोग ही ये कहते हैं कि उनकी Income, उनके Taxable Income में दस लाख से ज्यादा बताई जाती है। आप में से कोई इसमें विश्वास करेगा क्या। करेगा क्या। बही को सही करने वाले मैं आप लोगों से पूछ रहा हूं। क्या इस देश में 32 लाख लोग हैं जो दस लाख से ज्यादा कमाई करते हैं।

मेरे प्यारे साथियों देश की कड़वी सच्चाई यही है। ये संख्या देश के सिर्फ 32 लाख लोग अपनी आमदनी दस लाख रुपये से ज्यादा बताते हैं। मैं समझता हूं ये अपने आप में ज्यादातर देश जो है सैलरी का जिनकी फिक्स आय है जिनकी तनख्वाह निकलता है, सरकारी से तनख्वाह निकलता है। इसके सिवाए देश में क्या स्थिति है। और इसलिये भाइयों बहनों मैं और आंकड़ों में जाना नहीं चाहता हूं। लेकिन इससे आपको पता चलेगा कि देश में करोड़ों गाड़ियां हर वर्ष खरीदी जाती हैं। और फिर भी देश के खजाने में अपनी जिम्मेवारियां न भरी जाएं इससे बड़ा चिंता का विषय होता है।

मैं और आंकड़ों की बजाय आगे अपनी बात आपसे कहना चाहता हूं। अगर हमारे CA भाई कोई भी व्यक्ति या clients तभी Tax देता है, जब उसका आस पास का पूरा माहौल सकारात्मक हो, उसे ईमानदारी से Tax चुकाने के लिये प्रेरित करें। अगर वो ये देखेगा कि उसको सलाह देने वाला सच्चाई छुपाने के लिये कह रहा है, तो फिर गलत रास्ते पर चलने से वो कभी डरेगा नहीं। और इसलिये गलत सलाह देने वाले ऐसे लोगों को पहचानना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना भी बहुत आवश्यक है। और इसके लिये आप लोगों को भी कठोर कदम उठाने होंगे।

CA एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें Human Resource Development (HR) का काम आप ही करते हैं Curriculum आप ही बनाते हैं, Exam आप ही Conduct करते हैं, Rules Regulations भी आप ही बनाते हैं और गुनाहगार को सजा भी आप ही की Institution देती है। अब सवाल ये उठता है कि भारत के लोकतंत्र के मंदिर ने, 125 करोड़ देशवासियों की संसद ने आपको इतने अधिकार दिये हैं फिर ऐसा क्या है कि पिछले 11 वर्ष में सिर्फ 25 Charted Accountants के खिलाफ कार्रवाई हुई है। क्या सिर्फ 25 लोगों ने ही गड़बड़ी की होगी? और मैंने सुना है कि आप के यहां 1400 से ज्यादा मामले कई वर्षों से लटके पड़े हुए हैं। एक एक केस का फैसला आने में सालों लग जाते हैं। इतने High Qualify Professionals के लिये मेरे साथियों बताइए ये चिंता का विषय है कि नहीं है?

भाइयों बहनों जब देश की स्वतंत्रता के लिये आन्दोलन चल रहा था। आजादी का आंदोलन देश के अनेक नौजवानों ने फांसी के तख्त को अपने गले लगा लिया था। देश के कई महापुरुषों ने अपनी जवानी जेलों में खपा दी थी। देश की आजादी के लिये और उस समय देश के कई Professionals थे जो आगे बढ़ कर के इस आजादी के आंदोलन में आगे आए। उसकी कमान संभाली वो सारे Professionals देखे, उसमें ज्यादातर जो वकील थे, वकालत करते थे, बैरिस्टर थे, वो बहुत बड़ी मात्रा में आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करते थे। वो कानून जानते थे। कानून के खिलाफ कानून के रहते कानून के खिलाफ लड़ना उसकी क्या सजा होगी उनको पूरा पता था। उसके बावजूद भी उस जमाने की पूरे वकील जिनकी वकालत अच्छी खासी चलती थी, अपनी वकालत छोड़कर के इस देश के लिये आगे आए। सिर्फ महात्मा गांधी, सरदार पटेल, डॉक्टर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू ही नहीं, बल्कि डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, पंडित मदन मोहन मालवीय, बाल गंगाधर तिलक, मोतीलाल नेहरू, सी राजगोपालाचारी, देशबंधु चितरंजन दास, सैफुद्दीन किचलू, भूलाभाई देसाई, लालालाजपत राय, तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, गोविंद वल्लभ पंत, कैलाश नाथ काटजू, अनगिनत नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जिंदगी खपा दी। जो वकालत के Profession में थे। देश भक्ति से प्रेरित होकर देश की आजादी अपनी जवानी खपा रहे थे। इनमें से कई leader थे जिन्होंने देश के संविधान के निर्माण में भी बहुत ही निर्णायक भूमिका निभाई थी। और भाइयों बहनों हम नहीं भूल सकते कि इन महापुरुषों के बिना देश का इतिहास अधूरा है।

साथियों आज हमारा देश आज हमारा देश इतिहास के एक और अहम पड़ाव पर है। 1947 में स्वतंत्रता के बाद देश की राजनीतिक एकीकरण के बाद, अब आज देश आर्थिक एकत्रीकरण के दौर से एक नई यात्रा को प्रारंभ कर रहा है। 2017 का ये वर्ष जब One Nation, One Tax, One Market का सपना साकार हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका Chartered Accountants की है। आप मेरी भावना को समझिये दोस्तों, आजादी के आंदोलन में वकील जगत के लोगों ने वकालत करने वाले लोगों ने हिन्दुस्तान की स्वतंत्रता उनके अधिकार के लिये अपनी जान की बाजी लगा दी थी। आज उस जमाने की तरह आपको जान की बाजी लगाने को नहीं बोल रहा हूं। आपको जेल के शिकंजे के पीछे जाने की आवश्यकता नहीं है। ये देश आपका है इस देश का आने वाला भविष्य आपके संतानों का भी है। और इसलिये इस नये दौर का नेतृत्व जैसे आजादी का नेतृत्व उन वकीलों ने किया था| आज आर्थिक विकास का नेतृत्व मेरी Chartered Accountant फौज ने करना होगा। और आप देखिये आप से बढ़कर आर्थिक क्षेत्र की ऊंचाई को पाने का रास्ता और कोई मजबूत नहीं बना सकता। कालेधन को खत्म करने के लिये भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये, अपने clients को, मैं फिर कहता हूं अपने clients को ईमानदारी के रस्ते पर ले चलने के लिये, आपको आगे बढ़कर के कमान संभालनी होगी।

साथियों Charted Accountants देश के Economic System के भरोसेमंद ambassador होते हैं। आप सरकार और Tax देने वाले नागरिकों और कंपनियों के बीच Interface का काम करते हैं। आपका Signature देश के प्रधानमंत्री की वो ताकत नहीं है, जो ताकत एक Chartered Accountant के Signature में होती है। आपका Signature सत्यता की भरोसे की गवाही देता है। कंपनी बड़ी हो या छोटी, आप जिस Account पर Signature कर देते हैं, उस पर सरकार भी भरोसा करती है और देश के लोग भी भरोसा करते हैं। और कभी आपने सोचा है कि जिसकी balance-sheet के साथ आपकी सही जुड़ गई है, इस account को उसकी कंपनी के कारोबार को balance-sheet को देख कर के फाइल वहां अटकती नहीं है, दोस्तों। उस Signature के बाद एक नई जिंदगी की शुरुआत होती है, दोस्तों। मैं आज उस नई जिंदगी की आपको दर्शन कराने आया हूं। आपने उस कंपनी के बही पर Signature कर दिया balance-sheet पर signature कर दिया सरकारी अफसरों ने उसको मान लिया। कंपनी फूली फली, आगे बढ़ रही है आप भी फूले फले आगे बढ़ रहे हैं। बात यहां अटकती नहीं है, दोस्तों। जब आप उस कंपनी की बही पर सही करते हैं और जब उस कंपनी का ब्यौरा लोगों के सामने आता है। तब कोई बुजुर्ग Mutual Funds में अपनी पैंशन का पैसा लगा देता है। कोई गरीब विधवा महिला अपनी महीने भर की बचत को शेयर मार्केट में लगा देती है। जब किसी कंपनी की सही रिपोर्ट नहीं दी जाती, तथ्यों को छुपाया जाता है और बाद में जब भेद खुलता है, वास्तव में कंपनी नहीं डूबती, मेरे प्यारे दोस्तों वो गरीब विधवा की जिंदगी डूब जाती है, उस बुजुर्ग की जिंदगी तबाह हो जाती है। उसने तो अपनी जिंदगी भर की कमाई सिर्फ आपके एक sign पर भरोसा करके निवेश किया था। इसलिये मेरी आपसे अपील है। आप सभी से मेरा आग्रह है हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ देशवासियों का आपके उस Signature पर भरोसा है। उस भरोसे को कभी टूटने मत दीजिये। उसको खरोंच भी मत आने दीजिए। अगर आप अपने मन मंदिर में ये महसूस करते हैं ये भरोसा टूटा है तो इसे फिर से बनाने के लिये आगे आइये पहल कीजिए 2017 जुलाई की पहली तारीख की आपकी स्थापना दिवस आपके लिये नया अवसर लेकर आई है मैं आपको निमंत्रण देता हूं। ईमानदारी के उत्सव में शरीक होने के लिये मैं आपको निमंत्रण देने आया हूं। अपने काम के महत्व को समझिये फिर उसी हिसाब से रास्ते तय करके देखिए। समाज आपको कितने गर्व से देखेगा। आपको खुद इसकी अनुभूति होगी।

साथियों “Tax Return” शब्द की अलग अलग परिभाषा है। लेकिन मुझे जो लगता है देश को जो Tax मिलता है वो देश के विकास के काम में आता है यही Tax Return है। ये महंगाई को रोकने में अहम भूमिका निभाता है। इससे किसी ऐसी महिला को जिन्हें गैस connection मिलता है। जिसने पूरी जिंदगी लकड़ी पर ही खाना बनाया है। इन्ही पैसों से किसी ऐसे बुजुर्ग को पैंशन मिलती है। जिसके बच्चों ने उसका खर्च उठाने से इंकार कर दिया है। इन्हीं पैसों से नौजवान को स्वरोजगार मिलती है। जो दिन भर इसलिये मजदूरी करता है ताकि evening class में जा सके और अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। इन्हीं पैसों से किसी गरीब बीमार को सस्ती दवा मिलती है जिसके पास इलाज के लिये पैसे नहीं है, वो बीमार होने पर छुट्टी नहीं ले सकता, वो बीमारी में भी दिनभर काम करता रहता है ताकि शाम को उसके बच्चों को भूखा सोना न पड़े।

Tax से मिला पैसा देश के बहादुर सैनिकों के काम आता है। जो सीमा पर अपनी जान की परवाह न करते हुए हम सब की रक्षा करते हैं। ये पैसे उन घरों में बिजली पहुंचाने के लिये काम आते हैं जहां स्वतंत्रता के 70 साल के बाद भी बिजली नहीं पहुंची उनके घरों में आज तक एक बल्ब भी नहीं जला है, वो अंधेरे में डूबे हुए हैं। देश के गरीबों को उनके अधिकार दिलाने में मदद करना इससे बड़ी सेवा क्या हो सकती है। आपका एक Signature देश के गरीबों की कितनी मदद कर सकता है, इसकी शायद कभी आपने भी कल्पना नहीं की होगी। देश के सामान्य मानवी का सपना पूरा करने में आपका बहुत बड़ा दायित्व है, आप बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। जब आप लोग ठान लेंगे और मुझे विश्वास है एक जुलाई 2017 ICAI जीवन यात्रा का एक turning-point बन कर रहेगा, ये मेरी आत्मा की आवाज है।

और मेरे साथियों एक बार आप ठान लेंगे, तो मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि Tax चोरी करने की हिम्मत कोई नहीं कर पाएगा। इंसान अपराध तभी करता है जब उसे पता होता है कि कोई उसे बचाने वाला है। साथियों GST आपके सामने राष्ट्र निर्माण में सहयोग का एक माध्यम बनकर आया है। आप लोगों को, आप लोगों तक पहुँचिये लोगों से बात करिये, और मुझे जब मैं आ रहा था तो नीलेश मुझे बता रहे थे कि ताकि व्यापारियों को सहायता हो , उनकी हम समझने में मदद करने वाले हैं। मैं उनको बधाई देता हूं मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। आप लोगों के पास पहुँचिये उनको जागरूक करिए। ईमानदारी की मुख्य धारा में आने के लिये प्रेरित करिए। इसी तरह Chartered Accountant Field के लोगों के लिये एक नई Opportunity सरकार ने दी है। अभी से इसकी तैयारी कीजिये, खास करके मैं इस profession के नौजवानों को आमंत्रित करता हूं, आइए। सरकार ने पिछले दिनों जो कानून पास किये हैं Insolvency और Bankruptcy Code इसको सफल बनाने में सही तरीके से लागू करने में भी Chartered Accountant Field के लोगों की बहुत बड़ी भूमिका है। इस code के तहत जब भी कोई कंपनी दीवालिया होगी तो इसका निंयत्रण Insolvency Practitioner के पास आने वाला है। Chartered Accountant Insolvency Practitioner बनकर एक इस नये क्षेत्र में अपने कैरियर की शुरुआत कर सकता है। ये एक नया रास्ता है जो सरकार ने आपके लिये खोला है। लेकिन आज के बाद आज जो भी रास्ता चुनें उसमें CA का मतलब होना चाहिए Charter और Accuracy, Compliance और Authenticity.

साथियों, 2022 में हमारा देश अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा करेगा। इस वर्ष के लिये देश ने कुछ संकल्प किये हैं। नया भारत हम सबके परिश्रम की प्रतीक्षा कर रहा है। आप भी एक institution के नाते भी और एक Chartered Accountant व्यक्ति के नाते भी और देश के नागरिक के नाते भी। 2022 जब भारत की आजादी के 75 साल हों, हम इस देश को कैसा देखना चाहते हैं, ऐसा बनाने में हम अपना योगदान दें, अपनी भूमिका निभाएं और 2022 जब आजादी के 75 साल पूरे होंगे उसके ठीक दो साल के बाद Institute of Chartered Accountant of India को भी 75 वर्ष हो जाएंगे। आप अभी से 75 वर्ष का कार्यक्रम अभी से बनाईए। और इस Institution को उसके character को किस ऊंचाई पर ले जाना है उस ऐतिहासिक अवसर की प्रतीक्षा करते हुए अभी से अपना road-map बनाइए। और तय कीजिए आप देश को क्या देंगे। देश में आशा आकांक्षा लेकर के बैठे हुए कोटी कोटी नौजवानों के भविष्य के लिये क्या करेंगे। क्या आप देश को एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार रहित व्यवस्था देने में मदद नहीं कर सकते क्या। क्या आप ये कहेंगे क्या हिसाब किताब ये लगाएंगे कि आपने इतने लोगों को Tax देने से बचाया? क्या ये हिसाब किताब होगा कि मैंने अब इतने लोगों को Tax देकर के ईमानदारी की जिन्दगी जीने के लिये प्रेरित किया? फैसला आपको करना है। आपके लिये आप अपने लिये कुछ लक्ष्य तय करिए कि कितने लोगों को ईमानदारी से Tax चुकाने की मुख्य धारा में लाएंगे? इस लक्ष्य का आंकड़ा क्या होगा, ये आपसे बेहतर कौन बताएगा? इस बारे में सोचिए कि कैसे आप अपने profession में technology का इस्तेमाल बढ़ाएंगे? Institute of Chartered Accountant की Filed में Forensic Science का कितना बड़ा रोल हो सकता है? उसको कैसे care किया जाए, उसको कैसे cater किया जाए? इनसे जुड़े भी लक्ष्य संभव हो, ये तय करना चाहिए।

साथियों एक और मेरे मन में अपेक्षा है आपसे और ये अपेक्षा इसलिये है कि मुझे पूरा विश्वास है कि ये ताकत आप में है। आप में वो सामर्थ है। क्यों आप पीछे हैं मुझे समझ नहीं आता है भई। साथियों दुनिया में चार बड़ी ऐसी बड़ी Audit संस्थाएं हैं जो बेहद प्रतिष्ठित हैं। और बड़ी बड़ी कंपनियां और संस्थाएं अपनी audit का काम देती है। इन कंपनियों को Big Four कहा जाता है। इन Big Four में हम कहीं नहीं हैं। आप में क्षमता भी है योग्यता की कोई कमी नहीं है। क्या मेरे सारे साथी विश्व के अंदर हिन्दुस्तान को अपना नाम रौशन करना है तो, क्या आप उसका लक्ष्य तय कर सकते हैं कि 2022 जब आजादी के 75 साल देश मनाता होगा। Big four को Big Eight में बदल देंगे। और जो Big Eight होंगे उसमें बिग चार big चार यही मेरे सामने जो लोग हैं उन्हीं में से होंगे। दोस्तों ये सपना हम लोगों का हो रहा है। Big Eight में शामिल होने के लिये चार ऐसी हमारी कंपनियां, उनकी प्रतिष्ठा उनकी professionalism मुश्किल काम नहीं है। विश्व के अंदर Chartered Accountant की दुनिया में भी आपका डंका बजना चाहिए, मेरे साथियों।

आखिर में मैं आपको आपके क्षेत्र के सबसे पुराने और सबसे सम्मानित अर्थशास्त्री, चाणक्य की एक सलाह याद दिलाना चाहता हूं। चाणक्य ने कहा है:

कालाति क्रमात् काल एव फलम पिबति

यानी कर्तव्य का समय टल जाने के बाद, समय ही उसकी सफलता को खत्म कर देता है। और इसलिये समय को इस अवसर को हाथ से मत निकलने दीजिए।

अभी कुछ देर पहले अरुण जी आपसे बात कर रहे थे वो कुछ कह रहे थे। हिन्दुस्तान के जीवन में विश्व के अंदर ऐसा मौका पहले कभी नहीं आया। आपके जीवन में भी ऐसा अवसर पहले कभी नहीं आया। ये मौका हाथ से मत जाने दीजिए दोस्तों। मैं आपको राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जुड़ने के लिये निमंत्रित करने आया हूं। आप मत भूलिये ये एक ऐसा profession है जिस प्रोफेशन में समाज की पूरी अर्थव्यवस्था को बचाए रखना टिकाए रखने का सामर्थ है।

मैं एक बार फिर Institute को उसकी faculty को और यहां उपस्थित सभी Chartered Accountant को ICAI के स्थापना दिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं। और देश भर में इस कार्यक्रम को वीडियो के माध्यम से देश के कोने कोने में और दुनिया के भी कुछ देशों में हमारे Chartered Accountant जो देख रहे हैं, उनका भी मैं बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं।

आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद करते हुए 1 जुलाई 2017 नई दिशा, नई गति, नया उमंग, आओ हम चल पड़ें और देश के सामान्य मानवी को ईमानदारी के उत्सव में जोड़ें। इसी एक कामना के साथ, मैं आपका बहुत बहुत आभारी हूं।

बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों, बहुत बहुत धन्यवाद।

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'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी

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'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी
Narendra Modi ‘humbled’ to receive UAE's highest civilian honour

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निस्वार्थ सेवा का महत्व हो, ज्ञान का महत्व हो या फिर जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव के बीच मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने का महत्व हो, ये हम, भगवान कृष्ण के सन्देश से सीख सकते हैं: मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी
सत्य के साथ, गांधी का जितना अटूट नाता रहा है, सेवा के साथ भी गाँधी का उतना ही अनन्य अटूट नाता रहा है: मन की बात में पीएम मोदी
मैं समाज के सभी वर्गों से, हर गाँव, कस्बे में और शहर के निवासियों से अपील करता हूँ, करबद्ध प्रार्थना करता हूँ कि इस वर्ष गाँधी जयंती, एक प्रकार से हमारी इस भारत माता को प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के रूप में हम मनाये: मन की बात में प्रधानमंत्री
‘पोषण अभियान’ के अंतर्गत पूरे देशभर में आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से पोषण को जन-आन्दोलन बनाया जा रहा है, लोग नए और दिलचस्प तरीकों से कुपोषण से लड़ाई लड़ रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
अगले 3 वर्ष में, कम-से-कम 15 स्थान और भारत के अन्दर 15 स्थान और पूरी तरह 100% tourism के लिए ही ऐसे 15 स्थान पर जाएं, देखें, अध्य्यन करें, परिवार को लेकर जाएं, कुछ समय वहाँ बिताएं: पीएम मोदी
हमनें 2019 में ही अपने यहाँ tiger की संख्या दोगुनी कर दी, भारत में सिर्फ बाघों की संख्या ही नहीं बल्कि protected areas और community reserves की संख्या भी बढ़ी हैं: प्रधानमंत्री
महात्मा गाँधी के लिए व्यक्ति और समाज, मानव और मानवता, यही सब कुछ था: मनकीबात में प्रधानमंत्री मोदी

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | हमारा देश, इन दिनों एक तरफ वर्षा का आनंद ले रहा है, तो दूसरी तरफ, हिंदुस्तान के हर कोने में किसी ना किसी प्रकार से, उत्सव और मेले, दीवाली तक, सब-कुछ यही चलता है और शायद हमारे पूर्वजों ने, ऋतु चक्र, अर्थ चक्र और समाज जीवन की व्यवस्था को बखूबी इस प्रकार से ढाला है कि किसी भी परिस्थिति में, समाज में, कभी भी lullness ना आये | पिछले दिनों हम लोगों ने कई उत्सव मनाये | कल, हिन्दुस्तान भर में श्री कृष्ण जन्म-महोत्सव मनाया गया | कोई कल्पना कर सकता है कि कैसा व्यक्तित्व होगा, कि, आज हजारों साल के बाद भी, हर उत्सव, नयापन लेकर के आता है, नयी प्रेरणा लेकर के आता है, नयी ऊर्जा लेकर के आता है और हजारों साल पुराना जीवन ऐसा, कि जो आज भी समस्याओं के समाधान के लिए, उदाहरण दे सकता हो, प्रेरणा दे सकता हो, हर कोई व्यक्ति, श्री कृष्ण के जीवन में से, वर्तमान की समस्याओं का समाधान ढूंढ सकता है | इतना सामर्थ्य होने बावजूद भी कभी वो रास में रम जाते थे, तो कभी, गायों के बीच तो कभी ग्वालों के बीच, कभी खेल-कूद करना, तो कभी बांसुरी बजाना, ना जाने विविधताओं से भरा ये व्यक्तित्व, अप्रतिम सामर्थ्य का धनी, लेकिन, समाज-शक्ति को समर्पित, लोक-शक्ति को समर्पित, लोक-संग्राहक के रूप में, नये कीर्तिमान को स्थापित करने वाला व्यक्तित्व | मित्रता कैसी हो, तो, सुदामा वाली घटना कौन भूल सकता है और युद्ध भूमि में, इतनी सारी महानताओं के बावजूद भी, सारथी का काम स्वीकार कर लेना | कभी चट्टान उठाने का, कभी, भोजन के पत्तल उठाने का काम, यानी हर चीज में एक नयापन सा महसूस होता है और इसलिए, आज जब, मैं, आपसे बात कर रहा हूँ, तो, मैं, दो मोहन की तरफ, मेरा ध्यान जाता है | एक सुदर्शन चक्रधारी मोहन, तो दूसरे चरखाधारी मोहन |

सुदर्शन चक्रधारी मोहन यमुना के तट को छोड़कर के, गुजरात में समुन्द्र के तट पर जा करके, द्वारिका की नगरी में स्थिर हुए और समुन्द्र के तट पर पैदा हुए मोहन, यमुना के तट पर आकर के, दिल्ली में, जीवन के, आखिरी सांस लेते हैं | सुदर्शन चक्रधारी मोहन ने उस समय की स्थितियों में, हजारों साल पहले भी, युद्ध को टालने के लिए, संघर्ष को टालने के लिए, अपनी बुद्धि का, अपने कर्तव्य का, अपने सामर्थ्य का, अपने चिंतन का भरसक उपयोग किया था और चरखाधारी मोहन ने भी तो एक ऐसा रास्ता चुना, स्वतंत्रता के लिए, मानवीय मूल्यों के जतन के लिए, व्यक्तित्व के मूल तत्वों को सामर्थ्य दे - इसके लिए आजादी के जंग को एक ऐसा रूप दिया, ऐसा मोड़ दिया जो पूरे विश्व के लिए अजूबा है, आज भी अजूबा है | निस्वार्थ सेवा का महत्व हो, ज्ञान का महत्व हो या फिर जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव के बीच मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने का महत्व हो, ये हम, भगवान कृष्ण के सन्देश से सीख सकते हैं और इसीलिये तो श्रीकृष्ण, जगतगुरु के रूप में भी जाने गए हैं – “कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम” |

आज जब हम, उत्सवों की चर्चा कर रहे हैं, तब, भारत एक और बड़े उत्सव की तैयारी में जुटा है और भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में भी उसकी चर्चा है | मेरे प्यारे देशवासियो, मैं बात कर रहा हूँ महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती | 2 अक्टूबर, 1869, पोरबन्दर, समुद्र के तट पर, जिसे आज हम कीर्ति मंदिर कहते हैं, उस छोटे से घर में एक व्यक्ति नहीं, एक युग का जन्म हुआ था, जिसने, मानव इतिहास को नया मोड़ दिया, नये कीर्तिमान स्थापित करवा दिए | महात्मा गाँधी से एक बात हमेशा जुड़ी रही, एक प्रकार से उनके जीवन का वो हिस्सा बनी रही और वह थी - सेवा, सेवा-भाव, सेवा के प्रति कर्तव्य-परायणता | उनका पूरा जीवन देखें, तो, South Africa में उन समुदायों के लोगों की सेवा की जो नस्लीय भेद-भाव का सामना कर रहे थे | उस युग में, वो बात छोटी नहीं थी जी | उन्होंने उन किसानों की सेवा की जिनके साथ चम्पारण में भेद-भाव किया जा रहा था, उन्होंने उन मिल मजदूरों की सेवा की जिन्हें उचित मजदूरी नहीं दी जा रही थी, उन्होंने, ग़रीब, बेसहारा, कमजोर और भूखे लोगों की सेवा को, अपने जीवन का परम कर्तव्य माना | रक्त-पित्त के सम्बन्ध में कितनी भ्रमणाएँ थी, उन भ्रमणाओं को नष्ट करने के लिये स्वयं रक्त-पित्त से ग्रस्त लोगों की सेवा ख़ुद करते थे और स्वयं के, जीवन में, सेवा के माध्यम से, उदाहरण प्रस्तुत करते थे | सेवा, उन्होंने शब्दों में नहीं - जी करके सिखायी थी |

सत्य के साथ, गांधी का जितना अटूट नाता रहा है, सेवा के साथ भी गाँधी का उतना ही अनन्य अटूट नाता रहा है | जिस किसी को, जब भी, जहाँ भी जरुरत पड़ी, महात्मा गाँधी सेवा के लिए हमेशा उपस्थित रहे | उन्होंने ना केवल सेवा पर बल दिया बल्कि उसके साथ जुड़े आत्म-सुख पर भी जोर दिया | सेवा शब्द की सार्थकता इसी अर्थ में है कि उसे आनंद के साथ किया जाए - सेवा परमो धर्मः | लेकिन, साथ-साथ उत्कृष्ट आनंद, ‘स्वान्त: सुखायः’ इस भाव की अनुभूति भी’ सेवा में, अन्तर्निहित है | ये, बापू के जीवन से हम भली-भांति समझ सकते हैं | महात्मा गाँधी, अनगिनत भारतीयों की तो आवाज बने ही, लेकिन, मानव मूल्य और मानव गरिमा के लिए, एक प्रकार से, वे, विश्व की आवाज बन गये थे | महात्मा गाँधी के लिए, व्यक्ति और समाज, मानव और मानवता, यही सब कुछ था | चाहे, अफ्रीका में Phoenix Farm हो, या Tolstoy Farm, साबरमती आश्रम हो या वर्धा (Wardha ), सब स्थानों पर, अपने एक अनोखे अंदाज में, समाज संवर्धन community mobilisation पर उनका हमेशा बल रहा | ये मेरा बहुत ही सौभाग्य रहा है, कि, मुझे, पूज्य महात्मा गाँधी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जगहों पर जाकर के नमन करने का अवसर मिला है | मैं कह सकता हूँ कि गाँधी, सेवा-भाव से संगठन-भाव को भी बल देते रहते थे |

समाज-सेवा और समाज-संवर्धन community service और community mobilisation यह वो भावना जिसे हमें अपने व्यवाहारिक जीवन में लाना है | सही अर्थों में, यही महात्मा गाँधी को सच्ची श्रद्धांजलि है, सच्ची कार्यांजलि है | इस प्रकार के अवसर तो बहुत आते हैं, हम जुड़ते भी हैं, लेकिन क्या गाँधी 150 ? ऐसे ही आकर के चला जाये, हमें मंजूर है क्या ? जी नहीं देशवासियो | हम सब, अपने आप से पूछें, चिंतन करें, मंथन करें, सामूहिक रूप से बातचीत करें | हम समाज के और लोगों के साथ मिलकर के, सभी वर्गों के साथ मिलकर के, सभी आयु के लोगों के साथ मिलकर के – गाँव हो, शहर हो, पुरुष हो, स्त्री हो, सब के साथ मिलकर के, समाज के लिये, क्या करें – एक व्यक्ति के नाते, मैं उन प्रयासों में क्या जोडूं | मेरी तरफ से value addition क्या हो? और सामूहिकता की अपनी एक ताकत होती है | इस पूरे, गाँधी 150, के कार्यक्रमों में, सामूहिकता भी हो, और सेवा भी हो | क्यों ना हम मिलकर के पूरा मोहल्ला निकल पड़े | अगर हमारी फुटबाल की टीम है, तो फ़ुटबाल की टीम, फ़ुटबाल तो खेलेंगे ही लेकिन एक-आध गाँधी के आदर्शों के अनुरूप सेवा का काम भी करेंगे | हमारी ladies club है | आधुनिक युग के ladies club के जो काम होते हैं वो करते रहेंगे, लेकिन, ladies club की सभी सखियाँ मिलकर के कोई ना कोई एक सेवा कार्य साथ मिलकर के करेंगे | बहुत कुछ कर सकते हैं | किताबें इकट्ठी करें पुरानी, ग़रीबों को बांटें, ज्ञान का प्रसार करें, और मैं मानता हूँ शायद 130 करोड़ देशवासियों के पास, 130 करोड़ कल्पनायें हैं, 130 करोड़ उपक्रम हो सकते हैं | कोई सीमा नहीं है – जो मन में आये - बस सदइच्छा हो, सदहेतु हो, सदभाव हो और पूर्ण समर्पण भाव की सेवा हो और वो भी स्वांत: सुखाय: - एक अनन्य आनंद की अनुभूति के लिये हो |

मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ महीने पहले, मैं, गुजरात में दांडी गया था | आजादी के आंदोलन में ‘नमक सत्याग्रह’, दांडी, एक बहुत ही बड़ा महत्वपूर्ण turning point है | दांडी में, मैंने, महात्मा गाँधी को समर्पित अति-आधुनिक एक museum का उद्घाटन किया था | मेरा, आपसे जरूर आग्रह है, कि, आप भी, आने वाले समय में महात्मा गाँधी से जुड़ी कोई–न–कोई एक जगह की यात्रा जरूर करें | यह, कोई भी स्थान हो सकता है – जैसे पोरबंदर हो, साबरमती आश्रम हो, चंपारण हो, वर्धा का आश्रम हो और दिल्ली में महात्मा गाँधी से जुड़े हुए स्थान हो, आप जब, ऐसी जगहों पर जाएँ, तो, अपनी तस्वीरों को social media पर साझा जरुर करें, ताकि, अन्य लोग भी उससे प्रेरित हों और उसके साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त करने वाले दो-चार वाक्य भी लिखिए | आपके मन के भीतर से उठे हुए भाव, किसी भी बड़ी साहित्य रचना से, ज्यादा ताक़तवर होंगे और हो सकता है, आज के समय में, आपकी नज़र में, आपकी कलम से लिखे हुए गाँधी का रूप, शायद ये अधिक relevant भी लगे | आने वाले समय में बहुत सारे कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनियों की योजना भी बनाई गई है | लेकिन इस संदर्भ में एक बात बहुत रोचक है जो मैं आपसे साझा करना चाहता हूँ | Venice Biennale नाम का एक बहुत प्रसिद्ध art show है | जहाँ दुनिया भर के कलाकार जुटते है | इस बार Venice Biennale के India Pavilion में गाँधी जी की यादों से जुड़ी बहुत ही interesting प्रदर्शनी लगाई गई | इसमें हरिपुरा Panels विशेष रूप से दिलचस्प थे | आपको याद होगा कि गुजरात के हरीपुरा में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था जहाँ पर सुभाष चन्द्र बोस के president elect होने की घटना इतिहास में दर्ज है | इन art panels का एक बहुत ही खूबसूरत अतीत है |

कांग्रेस के हरिपुरा session से पहले 1937-38 में महात्मा गाँधी ने शांति निकेतन कला भवन के तत्कालीन Principal नन्द लाल बोस को आमन्त्रित किया था | गाँधी जी चाहते थे कि वे भारत में रहने वाले लोगों की जीवनशैली को कला के माध्यम से दिखाए और उनकी इस art work का प्रदर्शन अधिवेशन के दौरान हो | ये वही नन्द लाल बोस है जिनका art work हमारे संविधान की शोभा बढ़ाता है | संविधान को एक नई पहचान देता है | और उनकी इस कला साधना ने संविधान के साथ-साथ नन्द लाल बोस को भी अमर बना दिया है | नन्द लाल बोस ने हरिपुरा के आस-पास के गाँव का दौरा किया और अंत में ग्रामीण भारत के जीवन को दर्शाते हुए कुछ art canvas बनाये | इस अनमोल कलाकारी की Venice में जबरदस्त चर्चा हुई | एक बार फिर गाँधी जी की 150वीं जन्म जयंती पर शुभकामनाओं के साथ, हर हिन्दुस्तानी से कोई न कोई संकल्प की, मैं अपेक्षा करता हूँ | देश के लिए, समाज के लिए, किसी और के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए | यही बापू को अच्छी, सच्ची, प्रमाणिक कार्यांजलि होगी |

माँ भारती के सपूतों, आपको याद होगा कि पिछले कुछ सालों में हम 2 अक्टूबर से पहले लगभग 2 सप्ताह तक देशभर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाते है | इस बार ये 11 सितम्बर से शुरू होगा | इस दौरान हम अपने-अपने घरों से बाहर निकल कर श्रमदान के ज़रिये महात्मा गाँधी को कार्यांजलि देंगे | घर हो या गलियाँ, चौक-चौराहे हो या नालियाँ, स्कूल, कॉलेज से लेकर सभी सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता का महा अभियान चलाना है | इस बार प्लास्टिक पर विशेष जोर देना है 15 अगस्त को लाल किले से मैंने ये कहा कि जिस उत्साह व ऊर्जा के साथ सवा-सौ करोड़ देशवासियों ने स्वच्छता के लिए अभियान चलाया | खुले में शौच से मुक्ति के लिए कार्य किया | उसी प्रकार हमें साथ मिलकर Single use plastic के इस्तमाल को खत्म करना है | इस मुहीम को लेकर समाज के सभी वर्गों में उत्साह है | मेरे कई व्यापारी भाइयों-बहनों ने दुकान में एक तख्ती लगा दी है, एक placard लगा दिया है | जिस पर यह लिखा है कि ग्राहक अपना थैला साथ ले करके ही आये | इससे पैसा भी बचेगा और पर्यावरण की रक्षा में वे अपना योगदान भी दे पायेंगे | इस बार 2 अक्टूबर को जब बापू की 150वीं जयंती मनायेंगे तो इस अवसर पर हम उन्हें न केवल खुले में शौच से मुक्त भारत समर्पित करेंगे बल्कि उस दिन पूरे देश में प्लास्टिक के खिलाफ एक नए जन-आंदोलन की नींव रखेंगे | मैं समाज के सभी वर्गों से, हर गाँव, कस्बे में और शहर के निवासियों से अपील करता हूँ, करबद्ध प्रार्थना करता हूँ कि इस वर्ष गाँधी जयंती, एक प्रकार से हमारी इस भारत माता को प्लास्टिक कचरे से मुक्ति के रूप में हम मनाये |

2 अक्टूबर विशेष दिवस के रूप में मनायें | महात्मा गाँधी जयंती का दिन एक विशेष श्रमदान का उत्सव बन जाए | देश की सभी नगरपालिका, नगरनिगम, जिला-प्रशासन, ग्राम-पंचायत, सरकारी-गैरसरकारी सभी व्यवस्थाएँ, सभी संगठन, एक-एक नागरिक हर किसी से मेरा अनुरोध है कि प्लास्टिक कचरे के collection और storage के लिए उचित व्यवस्था हो | मैं corporate sector से भी अपील करता हूँ कि जब ये सारा plastic waste इकठ्ठा हो जाए तो इसके उचित निस्तारण हेतु आगे आयें, disposal की व्यवस्था हो | इसे recycle किया जा सकता है | इसे ईंधन बनाया जा सकता है | इस प्रकार इस दिवाली तक हम इस प्लास्टिक कचरे के सुरक्षित निपटारे का भी कार्य पूरा कर सकते है | बस संकल्प चाहिए | प्रेरणा के लिए इधर-उधर देखने की जरुरत नहीं है गाँधी से बड़ी प्रेरणा क्या हो सकती है |

मेरे प्यारे देशवासियों, हमारे संस्कृत सुभाषित एक प्रकार से ज्ञान के रत्न होते हैं | हमें जीवन में जो चाहिए वो उसमे से मिल सकता है | इन दिनों तो मेरा संपर्क बहुत कम हो गया है लेकिन पहले मेरा संपर्क बहुत था | आज मैं एक संस्कृत सुभाषित से एक बहुत महत्वपूर्ण बात को स्पर्श करना चाहता हूँ और ये सदियों पहले लिखी गई बातें हैं, लेकिन आज भी, इसका कितना महत्व है | एक उत्तम सुभाषित है और उस सुभाषित ने कहा है –

“ पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम् |
मूढैः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा प्रदीयते” ||

यानि कि पृथ्वी में जल, अन्न और सुभाषित – यह तीन रत्न है | मूर्ख लोग पत्थर को रत्न कहते हैं | हमारी संस्कृति में अन्न की बहुत अधिक महिमा रही है | यहाँ तक कि हमने अन्न के ज्ञान को भी विज्ञान में बदल दिया है | संतुलित और पोषक भोजन हम सभी के लिए जरुरी है | विशेष रूप से महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए, क्योंकि, ये ही हमारे समाज के भविष्य की नींव है | ‘पोषण अभियान’ के अंतर्गत पूरे देशभर में आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से पोषण को जन-आन्दोलन बनाया जा रहा है | लोग नए और दिलचस्प तरीकों से कुपोषण से लड़ाई लड़ रहे हैं | कभी मेरे ध्यान में एक बात लाई गई थी | नाशिक के अन्दर ‘मुट्ठी भर धान्य’ एक बड़ा आन्दोलन हो गया है | इसमें फसल कटाई के दिनों में आंगनवाड़ी सेविकाएँ लोगों से एक मुट्ठी अनाज इकठ्ठा करती हैं | इस अनाज का उपयोग, बच्चों और महिलाओं के लिए गर्म भोजन बनाने में किया जाता है | इसमें दान करने वाला व्यक्ति एक प्रकार से जागरुक नागरिक समाज सेवक बन जाता है | इसके बाद वो इस ध्येय के लिए खुद भी समर्पित हो जाता है | उस आन्दोलन का वो एक सिपाही बन जाता है | हम सभी ने परिवारों में हिंदुस्तान के हर कोने में अन्न प्राशन संस्कार के बारे में सुना है | ये संस्कार तब किया जाता है जब बच्चे को पहली बार ठोस आहार खिलाना शुरू करते हैं | Liquid food नही Solid food | गुजरात ने 2010 में सोचा कि क्यूँ न ‘अन्न प्राशन संस्कार’ के अवसर पर बच्चों को complimentary food दिया जाये ताकि लोगों को, इसके बारे में जागरुक किया जा सके | यह एक बहुत ही शानदार पहल है जिसे, हर कहीं, अपनाया जा सकता है |

कई राज्यों में लोग तिथि भोजन अभियान चलाते हैं | अगर परिवार में जन्मदिन हो, कोई शुभदिन हो, कोई स्मृति दिवस हो, तो परिवार के लोग, पौष्टिक खाना, स्वादिष्ट खाना बनाकर के आंगनवाड़ी में जाते हैं, स्कूलों में जाते हैं और परिवार के लोग खुद बच्चों को परोसते हैं, खिलाते हैं | अपने आनंद को भी बाँटते हैं और आनंद में इज़ाफा करते हैं | सेवाभाव और आनंदभाव का अद्भुत मिलन नज़र आता है | साथियों, ऐसी कई सारी छोटी-छोटी चीजें हैं जिससे हमारा देश कुपोषण के खिलाफ़ एक प्रभावी लड़ाई लड़ सकते हैं | आज, जागरूकता के आभाव में, कुपोषण से ग़रीब भी, और संपन्न भी, दोनों ही तरह के परिवार प्रभावित हैं | पूरे देश में सितम्बर महीना ‘पोषण अभियान’ के रूप में मनाया जाएगा | आप जरुर इससे जुड़िये, जानकारी लीजिये, कुछ नया जोड़ियें | आप भी योगदान दीजिये | अगर आप एकाध व्यक्ति को भी कुपोषण से बाहर लाते हैं मतलब हम देश को कुपोषण से बाहर लाते हैं |

“हेलो सर, मेरा नाम सृष्टि विद्या है और मैं 2nd year की student हूँ | सर मैंने twelve august को आपका episode देखा था Bear Grylls के साथ, जिसमें आप आये थे | तो सर मुझे वो आपका episode देखकर बहुत अच्छा लगा | First of all तो ये सुनकर अच्छा लगा कि आपको हमारे nature, wild life and environment की कितनी ज्यादा फ़िक्र है, कितनी ज्यादा care है और सर मुझे बहुत अच्छा लगा आपको इस नये रूप में, एक adventurous रूप में देख के | तो सर, मैं जानना चाहूंगी कि आपको इस episode के दौरान experience कैसा रहा और sir last में एक बात और add करना चाहूंगी कि आपका fitness level देख कर हम जैसे youngster बहुत ज्यादा impress और बहुत ज्यादा motivate हुए हैं आपको इतना fit and fine देखकर |”


सृष्टि जी आपके फ़ोन कॉल के लिए धन्यवाद् | आपकी ही तरह हरियाणा में, सोहना से, के.के.पाण्डेय जी और सूरत की ऐश्वर्या शर्मा जी के साथ, कई लोगों ने Discovery Channel पर दिखाये गये ‘Man vs. Wild’ episode के बारे में जानना चाहा है | इस बार जब ‘मन की बात’ के लिए मैं सोच रहा था तो मुझे पक्का भरोसा था कि इस विषय में बहुत सारे सवाल आयेंगे और हुआ भी ऐसा ही और पिछले कुछ हफ़्तों में मैं जहाँ भी गया लोगों से मिला हूँ वहाँ ‘Man vs. Wild’ का भी ज़िक्र आ ही जाता है | इस एक episode से मैं न सिर्फ हिंदुस्तान दुनिया भर के युवाओं से जुड़ गया हूँ | मैंने भी कभी सोचा नही था कि युवा दिलों में इस प्रकार से मेरी जगह बन जायेगी | मैंने भी कभी सोचा नही था कि हमारे देश के और दुनिया के युवा कितनी विविधता भरी चीजों की तरफ ध्यान देते हैं | मैंने भी कभी सोचा नही था कि कभी दुनिया भर के युवा के दिल को छूने का मेरी ज़िन्दगी में अवसर आयेगा | और होता क्या है ? अभी पिछले सप्ताह मैं भूटान गया था | मैंने देखा है कि प्रधानमंत्री के रूप में मुझे जब से जहाँ भी जाने का अवसर मिला और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण से स्थिति ये बन गई है कि दुनिया में जिस किसी के पास जाता हूँ बैठता हूँ तो कोई - न - कोई पाँच-सात मिनट तो योग के संबंध में मेरे से सवाल-जवाब करते ही करते हैं | शायद ही दुनिया का कोई बड़ा ऐसा नेता होगा जिसने मेरे से योग के संबंध में चर्चा न की हो और ये सारी दुनिया में मेरा अनुभव आया है | लेकिन इन दिनों एक नया अनुभव आ रहा है | जो भी मिलता है, जहाँ भी बात करने का मौका मिलता है | वे Wildlife के विषय में चर्चा करता है, Environment के सम्बन्ध में चर्चा करता है | Tiger, Lion, जीव-सृष्टि और मैं हैरान हूँ कि लोगों की कितनी रूचि होती है | Discovery ने इस कार्यक्रम को 165 देशों में उनकी भाषा में प्रसारित करने की योजना बनाई है |

आज जब पर्यावरण, Global Warming, Climate Change एक वैश्विक मंथन का दौर चल रहा है | मुझे आशा है कि ऐसे में यह कार्यक्रम भारत का सन्देश, भारत की परंपरा, भारत के संस्कार यात्रा में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, इन सारी बातों से विश्व को परिचित कराने में ये Discovery Channel का ये episode बहुत मदद करेगा ऐसा मेरा पक्का विश्वास बन गया है और हमारे भारत में climate justice और clean environment की दिशा में उठाये गए कदमों को अब लोग जानना चाहते हैं | लेकिन एक और interesting बात है कुछ लोग संकोच के साथ भी मुझे एक बात जरुर पूछते हैं कि मोदी जी बताइये आप हिन्दी बोल रहे थे और Bear Grylls हिंदी जानते नहीं हैं तो इतना तेजी से आपके बीच सवांद कैसे होता था ? ये क्या बाद में edit किया हुआ है ? ये इतना बार-बार shooting हुआ है ? क्या हुआ है ? बड़ी जिज्ञासा के साथ पूछते हैं | देखिये, इसमें कोई रहस्य नहीं है | कई लोगों के मन में ये सवाल है, तो मैं इस रहस्य को खोल ही देता हूँ | वैसे वो रहस्य है ही नहीं | Reality तो यह है कि Bear Grylls के साथ बातचीत में technology का भरपूर इस्तेमाल किया गया | जब मैं कुछ भी बोलता था तो तुरंत ही अंग्रेजी में simultaneous अनुवाद होता था | simultaneous interpretation होता था और Bear Grylls के कान में एक cordless छोटा सा instrument लगा हुआ था | तो मैं बोलता था हिंदी लेकिन उसको सुनाई देता था अंग्रेजी और उसके कारण संवाद बहुत आसान हो जाता था और technology का यही तो कमाल है | इस show के बाद बड़ी संख्या में लोग मुझे जिम कॉर्बेट, नेशनल पार्क के विषय में चर्चा करते नजर आए हैं | आप लोग भी nature और wild life प्रकृति और जन्य-जीवों से जुड़े स्थलों पर जरुर जाएं | मैंने पहले भी कहा है, मैं जरुर कहता हूँ आपको |

अपने जीवन में north-east जरुर जाइये | क्या प्रकृति है वहाँ | आप देखते ही रह जायेंगें | आपके भीतर का विस्तार हो जाएगा | 15 अगस्त को लाल किले से मैंने आप सभी से आग्रह किया था कि अगले 3 वर्ष में, कम-से-कम 15 स्थान और भारत के अन्दर 15 स्थान और पूरी तरह 100% tourism के लिए ही ऐसे 15 स्थान पर जाएं, देखें, अध्य्यन करें, परिवार को लेकर जाएं, कुछ समय वहाँ बिताएं | विविधिताओं से भरा हुआ देश आपको भी ये विविधिताएं एक शिक्षक के रूप में, आपको भी, भीतर से विविधिताओं से भर देंगे | आपका अपने जीवन का विस्तार होगा | आपके चिंतन का विस्तार होगा | और मुझपे भरोसा कीजिए हिंदुस्तान के भीतर ही ऐसे स्थान हैं जहाँ से आप नई स्फूर्ति, नया उत्साह, नया उमंग, नई प्रेरणा ले करके आएंगें और हो सकता है कुछ स्थानों पर तो बार-बार जाने का मन आपको भी होगा, आपके परिवार को भी होगा |

मेरे प्यारे देशवासियो, भारत में पर्यावरण की care और concern यानि देखभाल की चिंता स्वाभाविक नजर आ रही है | पिछले महीने मुझे देश में tiger census जारी करने का सौभाग्य मिला था | क्या आप जानते हैं कि भारत में कितने बाघ हैं ? भारत में बाघों की आबादी 2967 है | Two thousand nine hundred sixty seven | कुछ साल पहले इससे आधे भी बड़ी मुश्किल से थे हम | बाघों को लेकर 2010 में रूस के saint Petersburg में Tiger summit हुआ था | इसमें दुनिया में बाघों की घटती संख्या को लेकर चिंता जाहिर करते हुए एक संकल्प लिया गया था | यह संकल्प था Twenty Twenty Two 2022 तक पूरी दुनिया में बाघों की संख्या को दोगुना करना | लेकिन यह New India है हम लक्ष्यों को जल्दी से जल्द पूरा करते हैं | हमनें 2019 में ही अपने यहाँ tiger की संख्या दोगुनी कर दी | भारत में सिर्फ बाघों की संख्या ही नहीं बल्कि protected areas और community reserves की संख्या भी बढ़ी हैं | जब मैं बाघों का data release कर रहा था तो मुझे गुजरात के गीर के शेर की भी याद आई | जब मैंने वहाँ मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला था | तब गीर की जंगलों में शेरों का habitat सिकुड़ रहा था | उनकी संख्या कम होती जा रही थी | हमनें गीर में एक के बाद एक कई कदम उठाए | 2007 में वहाँ महिला guards को तैनात करने का फैसला लिया | पर्यटन को बढ़ाने के लिए infrastructure में सुधार किए | जब भी हम प्रकृति और वन्य-जीवों की बात करते हैं तो केवल conservation की ही बात करते हैं | लेकिन, अब हमें conservation से आगे बढ़ कर compassion को लेकर सोचना ही होगा | हमारे शास्त्रों में इस विषय में भी बहुत अच्छा मार्गदर्शन मिला है | सदियों पहले हमारे शास्त्रों में हमनें कहा है :-

निर्वनो बध्यते व्याघ्रो, निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम |
तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेत्, वनं व्याघ्रं न पालयेत् ||

अर्थात, यदि वन न हों तो बाघ मनुष्य की आबादी में आने को मजबूर हो जाते हैं और मारे जाते हैं और यदि जंगल में बाघ न हों तो मनुष्य जंगल काटकर उसे नष्ट कर देता है इसलिए वास्तव में बाघ वन की रक्षा करता है, न कि, वन बाघ की - कितने उत्तम तरीके से विषय को हमारे पूर्वजों ने समझाया है | इसलिए हमें अपने वनों, वनस्पतियों और वन्य जीवों का न केवल संरक्षण करने की आवश्यकता है बल्कि ऐसा वातावरण भी बनाना होगा जिससे वे सही तरीके से फल-फूल सकें |

मेरे प्यारे देशवासियो, 11 सितम्बर, 1893 eighteen ninety three स्वामी विवेकानंद जी का ऐतिहासिक भाषण कौन भूल सकता है | पूरे विश्व की मानव जाति को झकझोर करने वाला भारत का ये युवा सन्यासी दुनिया के अन्दर भारत की एक तेजस्वी पहचान छोड़ करके आ गया | जिस गुलाम भारत की तरफ दुनिया बड़ी विकृत भाव से देख रही थी | उस दुनिया को 11 सितम्बर, 1893 स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष के शब्दों ने दुनिया को भारत की तरफ देखने का नज़रिया बदलने के लिए मजबूर कर दिया | आइये, स्वामी विवेकानंद जी ने जिस भारत के रूप को देखा था | स्वामी विवेकानंद जी ने भारत के जिस सामर्थ्य को जाना था | हम उसे जीने की कोशिश करें | हमारे भीतर है, सबकुछ है | आत्मविश्वास के साथ चल पड़ें |

मेरे प्यारे देशवासियो, आप सभी को याद होगा कि 29 अगस्त को ‘राष्ट्र खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है | इस अवसर पर हम देश भर में ‘FIT INDIA MOVEMENT’ launch करने वाले हैं | खुद को fit रखना है | देश को fit बनाना है | हर एक के लिए बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिला सब के लिए ये बड़ा interesting अभियान होगा और ये आपका अपना होगा | लेकिन उसकी बारीकियां आज मैं बताने नहीं जा रहा हूँ | 29 अगस्त का इंतजार कीजिये | मैं खुद उस दिन विस्तार से विषय में बताने वाला हूँ और आपको जोड़े बिना रहने वाला नहीं हूँ | क्योंकि आपको मैं fit देखना चाहता हूँ | आपको fitness के लिए जागरूक बनाना चाहता हूँ और fit India के लिए देश के लिए हम मिल करके कुछ लक्ष्य भी निर्धारित करें |

मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे आपका इंतजार रहेगा 29 अगस्त को fit India में | सितम्बर महीने में ‘पोषण अभियान’ में | और विशेषकर 11 सितम्बर से 02 अक्टूबर ‘स्वच्छता अभियान’ में | और 02 अक्टूबर totally dedicated plastic के लिए | Plastic से मुक्ति पाने के लिए हम सब, घर, घर के बाहर सब जगह से पूरी ताकत से लगेंगे और मुझे पता है ये सारे अभियान social media में तो धूम मचा देंगे | आइये, एक नए उमंग, नए संकल्प, नई शक्ति के साथ चल पड़ें |

मेरे प्यारे देशवासियो, आज ‘मन की बात’ में इतना ही | फिर मिलेंगे | मैं आपकी बातों का, आपके सुझावों का इंतजार करूँगा | आइये, हम सब मिल करके आजादी के दीवानों के सपनों का भारत बनाने के लिए गांधी के सपनों को साकार करने के लिए चल पड़ें – ‘स्वान्त: सुखाय:’ | भीतर के आनंद को सेवा भाव से प्रकट करते हुए चल पड़ें |

बहुत-बहुत धन्यवाद |
नमस्कार |